JharkhandGK

झारखंड राज्य के कुल सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और अर्थव्यवस्था में सबसे प्रमुख योगदान देने वाला प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector) कौन-सा है?

  • खनन एवं उत्खनन (Mining & Quarrying) तथा कृषि
  • केवल आईटी और सॉफ्टवेयर विकास
  • केवल समुद्री मत्स्य पालन और जहाजरानी
  • केवल बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएँ

Explanation:

  • झारखंड एक खनिज समृद्ध राज्य है, इसलिए इसके प्राथमिक क्षेत्र में खनन (Mining) एवं कृषि का सबसे महत्वपूर्ण योगदान है ।
  • भारत के कुल खनिज भंडार का लगभग 40% हिस्सा अकेले झारखंड में पाया जाता है ।

भारत के कुल खनिज संसाधनों (Mineral Wealth) का लगभग कितना प्रतिशत भंडार अकेले झारखंड राज्य में संचित है?

  • लगभग 40%
  • लगभग 10%
  • लगभग 75%
  • लगभग 25%

Explanation:

  • झारखंड को ‘भारत का रूर’ (Ruhr of India) कहा जाता है क्योंकि यहाँ देश के कुल खनिज संसाधनों का लगभग 40% भंडार मौजूद है ।
  • यहाँ कोयला, लौह अयस्क, तांबा, अभ्रक, यूरेनियम और बॉक्साइट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ।

झारखंड के जमशेदपुर में स्थित ‘टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी’ (TISCO / Tata Steel) की स्थापना किस वर्ष हुई थी, जो भारत का पहला निजी एकीकृत इस्पात संयंत्र है?

  • वर्ष 1907
  • वर्ष 1947
  • वर्ष 1951
  • वर्ष 1920

Explanation:

  • TISCO (अब Tata Steel) की स्थापना जमशेदजी टाटा द्वारा 1907 में जमशेदपुर (साक्षी) में की गई थी ।
  • इसमें वर्ष 1911 में लोहे का उत्पादन और 1912 में इस्पात (Steel) का उत्पादन प्रारंभ हुआ, जो झारखंड की औद्योगिक पहचान का मुख्य स्तंभ है ।

झारखंड का कौन-सा शहर देश की ‘कोयला राजधानी’ (Coal Capital of India) के रूप में जाना जाता है?

  • धनबाद (Dhanbad)
  • बोकारो
  • रांची
  • हजारीबाग

Explanation:

  • धनबाद को भारत की ‘कोयला राजधानी’ कहा जाता है क्योंकि यहाँ झरिया कोयला क्षेत्र स्थित है, जो देश में प्राइम कोकिंग कोल (Coking Coal) का सबसे बड़ा स्रोत है ।

झारखंड का ‘बोकारो स्टील प्लांट’ (BSL) किस देश के सहयोग से स्थापित किया गया था और यह किस पंचवर्षीय योजना के दौरान बना था?

  • सोवियत संघ (पूर्व USSR) के सहयोग से; तीसरी पंचवर्षीय योजना
  • ब्रिटेन के सहयोग से; दूसरी पंचवर्षीय योजना
  • जर्मनी के सहयोग से; प्रथम पंचवर्षीय योजना
  • अमेरिका के सहयोग से; चौथी पंचवर्षीय योजना

Explanation:

  • बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना 1964 में पूर्व सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से की गई थी ।
  • यह भारत का चौथा सार्वजनिक क्षेत्र का इस्पात संयंत्र है और इसकी शुरुआत तीसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान हुई थी ।

झारखंड की राजधानी रांची में स्थित ‘Heavy Engineering Corporation’ (HEC) को किस उपनाम से जाना जाता है?

  • मशीनों का कारखाना / ‘उद्योगों का मंदिर’ (Mother of Industries)
  • सॉफ्टवेयर हब ऑफ ईस्ट
  • कॉटन टेक्सटाइल हब
  • इलेक्ट्रॉनिक्स वैली

Explanation:

  • 1958 में स्थापित HEC को ‘उद्योगों का उद्योग’ या ‘Mother Plant’ कहा जाता है क्योंकि यह देश के अन्य बड़े भारी उद्योगों (जैसे इस्पात संयंत्रों, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र) के लिए भारी मशीनें और उपकरण बनाता है ।

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित ‘जादूगोड़ा’ (Jaduguda) की खानें किस दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिज के खनन के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध हैं?

  • यूरेनियम (Uranium)
  • सोना (Gold)
  • थोरियम (Thorium)
  • हीरा (Diamond)

Explanation:

  • UCIL (Uranium Corporation of India Limited) द्वारा संचालित जादूगोड़ा खान भारत की पहली यूरेनियम खदान है, जो देश की परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है ।

झारखंड में कुटीर और ग्रामीण उद्योग के रूप में ‘लाह’ (Lac / रेशम) उत्पादन के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

  • झारखंड भारत में कुल ‘लाह’ (Lac) उत्पादन में प्रथम स्थान पर है
  • झारखंड में लाह का उत्पादन बिल्कुल नहीं होता है
  • लाह केवल समुद्र तटीय क्षेत्रों में उत्पादित होता है
  • झारखंड केवल कृत्रिम सिंथेटिक लाह का आयात करता है

Explanation:

  • झारखंड देश के कुल लाह (Lac) उत्पादन का लगभग 50% से अधिक हिस्सा अकेले उत्पादित करता है और भारत में प्रथम स्थान पर है ।
  • खूंटी और सिमडेगा जिले लाह उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं ।

झारखंड की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और सिंचाई सुविधाओं के संदर्भ में मुख्य चुनौती क्या है?

  • पठारी भू-भाग और मानसूनी वर्षा पर अत्यधिक निर्भरता के कारण कुल कृषि भूमि का केवल सीमित हिस्सा ही सिंचित है
  • झारखंड में साल भर अत्यधिक बाढ़ आने के कारण खेती नहीं हो पाती
  • यहाँ की मिट्टी पूरी तरह से मरुस्थलीय है
  • यहाँ कोई भी कृषि कार्य करने की अनुमति नहीं है

Explanation:

  • झारखंड की कृषि ‘मानसून का जुआ’ मानी जाती है क्योंकि पठारी/पथरीली संरचना के कारण यहाँ भूजल संचयन और नहरों का विस्तार कठिन है, जिससे सिंचाई क्षमता काफी सीमित है ।

झारखंड में ‘तसर रेशम’ (Tasar Silk) के उत्पादन के संदर्भ में भारत में झारखंड का स्थान कौन-सा है?

  • प्रथम स्थान (देश के कुल तसर रेशम उत्पादन का 70% से अधिक)
  • तृतीय स्थान
  • पाँचवाँ स्थान
  • अंतिम स्थान

Explanation:

  • झारखंड देश में तसर रेशम (Tasar Silk) उत्पादन में प्रथम स्थान पर है ।
  • झारखंड का आर्गेनिक तसर रेशम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है और यह ग्रामीण व जनजातीय परिवारों के लिए आजीविका का बड़ा साधन है ।
झारखण्ड की विशिस्ट पहचान आर्थिक स्थिति – 1 JPSC PT C1 Question Bank #16