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नागवंशी शासन व्यवस्था का प्रारंभ किस शताब्दी में हुआ था तथा इसके प्रथम शासक (प्रथम नागवंशी राजा) कौन थे?

  • प्रथम शताब्दी / फणी मुकुट राय
  • द्वितीय शताब्दी / दुर्जनशाल
  • तीसरी शताब्दी / प्रताप राय
  • चतुर्थ शताब्दी / मेदिनी राय

Explanation:

  • नागवंशी शासन व्यवस्था की शुरुआत प्रथम शताब्दी (64 ई.) में मुण्डा राज के बाद हुई थी ।
  • इसके संस्थापक एवं प्रथम शासक फणी मुकुट राय थे, जिन्हें ‘नागवंश का आदि पुरुष’ भी कहा जाता है ।

प्रथम नागवंशी राजा फणी मुकुट राय ने अपनी पहली राजधानी कहाँ स्थापित की थी?

  • सुतियाम्बे
  • चुटिया
  • खुखरा
  • दोईसा

Explanation:

  • फणी मुकुट राय ने अपनी नागवंशी राज्य की पहली राजधानी सुतियाम्बे को बनाया था ।
  • उन्होंने मुण्डा शासन व्यवस्था के प्रशासनिक ढाँचे में अनुकूल परिवर्तन करते हुए इसे विस्तृत करने का प्रयास किया था ।

नागवंशी राजाओं ने शुरुआती दौर में किस पूर्ववर्ती शासन व्यवस्था की कर-व्यवस्था एवं प्रशासनिक व्यवस्था को यथावत बनाए रखा?

  • मुण्डा शासन व्यवस्था
  • पढ़ा पंचायत व्यवस्था
  • ढोकलो सोहोर व्यवस्था
  • मांझी परगना व्यवस्था

Explanation:

  • नागवंशी शासकों ने आरंभ में मुण्डा शासन व्यवस्था में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया ।
  • पूर्व से चली आ रही भू-व्यवस्था, कर-व्यवस्था और प्रशासनिक संचालन को ही आगे बढ़ाया गया ।

मुगलों के आक्रमण के पश्चात् नागवंशी राजाओं द्वारा मुगल सेना/बादशाहों को दिया जाने वाला कर (Tax) शुरुआती समय में किस नाम से जाना जाता था?

  • नजराना (पेशकश)
  • मालगुजारी
  • पोतदार
  • जज़िया

Explanation:

  • मुगल आक्रमणों के बाद नागवंशी राजाओं से शुरुआत में अनियमित रूप से कर लिया जाता था, जिसे नजराना या पेशकश कहा जाता था ।
  • बाद में जब यह एक नियमित कर-व्यवस्था के रूप में स्थापित हो गया, तो इसे मालगुजारी कहा जाने लगा ।

नागवंशी शासन में जब आम जनता से मालगुजारी वसूलना प्रारंभ किया गया, तो पड़हा के प्रमुख ‘मानकी’ को कर वसूलने की जिम्मेदारी दी गई। नागवंशी शासन में इन मानकियों को क्या कहा गया?

  • भुइँहर
  • जागीरदार
  • जमींदार
  • कोतवार

Explanation:

  • आम रैयतों से कर वसूलने के लिए पड़हा प्रमुख मानकियों को अधिकृत किया गया, जिन्हें नागवंशी शासन में भुइँहर कहा जाने लगा ।
  • आरंभ में आम जनता से कर नहीं लिया जाता था, परंतु मुगलों के कर भार को कम करने के लिए नागवंशी राजाओं ने यह व्यवस्था लागू की ।

मुगलों को नियमित मालगुजारी (कर) न देने के कारण किस नागवंशी शासक को मुगलों (जहाँगीर) द्वारा गिरफ्तार कर कैद कर लिया गया था?

  • दुर्जनशाल
  • फणी मुकुट राय
  • रघुनाथ शाह
  • शिवनाथ शाह

Explanation:

  • नियमित मालगुजारी न चुका पाने के कारण नागवंशी राजा दुर्जनशाल को मुगल सम्राट जहाँगीर की सेना द्वारा बंदी बनाकर ग्वालियर के किले में 12 वर्षों तक कैद रखा गया था ।
  • बाद में हीरे की सही परख करने के कारण इन्हें मुक्त कर दिया गया था ।

नागवंशी राजाओं द्वारा मालगुजारी वसूलने के लिए बाद में भुइँहरों के स्थान पर किन्हें नियुक्त किया गया, जो मांग किए जाने पर ही राजा को कर देते थे?

  • जागीरदार
  • दीवान
  • अहलकार
  • चौधरी

Explanation:

  • नागवंशी राजाओं ने कर व्यवस्था को संचालित करने हेतु अलग से जागीरदार रखे थे ।
  • यह व्यवस्था भी अनियमित थी और जब मुगल बादशाहों द्वारा माँग की जाती थी, तभी जागीरदारों से मालगुजारी एकत्र कर भेजी जाती थी ।

1765 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिलने के बाद नागवंशी शासक प्रशासनिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी हो गए?

  • पटना काउंसिल
  • कलकत्ता काउंसिल
  • भागलपुर काउंसिल
  • ढाका काउंसिल

Explanation:

  • 1765 ई. में अंग्रेजों को दीवानी अधिकार मिलने के पश्चात् झारखंड क्षेत्र पर भी ब्रिटिश प्रभाव स्थापित हो गया ।
  • इसके तहत नागवंशी शासकों को पटना काउंसिल के प्रति उत्तरदायी और कर देने के लिए जवाबदेह बना दिया गया ।

अंग्रेजों द्वारा नियमित कर वसूली हेतु 1793 ई. में लागू की गई ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) प्रणाली के तहत नागवंशी राजाओं की स्थिति में क्या बदलाव आया?

  • उन्हें जागीरदार से ‘जमींदार’ बना दिया गया
  • उन्हें कर-मुक्त कर दिया गया
  • उन्हें दीवान घोषित कर दिया गया
  • उन्हें पूरी तरह पदच्युत कर दिया गया

Explanation:

  • 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा लागू स्थायी बंदोबस्त प्रणाली के तहत पुरानी जागीरदारी व्यवस्था समाप्त कर दी गई ।
  • नागवंशी राजाओं को अंग्रेजों का जमींदार बना दिया गया और वे महज कर वसूलने वाले एजेंट बनकर रह गए ।

किस प्रशासनिक एवं भू-राजस्व व्यवस्था के लागू होने के साथ ही पारंपरिक नागवंशी शासन व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो गई?

  • 1793 की स्थायी बंदोबस्त एवं अंग्रेजी शासन व्यवस्था
  • मुगल मालगुजारी व्यवस्था
  • मानकी-मुण्डा व्यवस्था
  • ढोकलो शासन प्रणाली

Explanation:

  • 1793 ई. में अंग्रेजों द्वारा स्थायी बंदोबस्त लागू करने के बाद पारंपरिक नागवंशी शासन व्यवस्था समाप्त हो गई ।
  • इसके स्थान पर अंग्रेजों की औपनिवेशिक कानून, पुलिस और जमींदारी व्यवस्था स्थापित हो गई ।
नागवंशी शासन व्यवस्था – 1 JPSC PT C1 Question Bank #2