Updated on 11/04/26 by Mananjay MahatoShare on WhatsApp

बॉयल का नियम (दाब-आयतन संबंध) – Boyle’s Law

  • यदि तापमान को स्थिर (constant) रखा जाए, तो गैस का दाब (Pressure) उसके आयतन (Volume) के व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) होता है।
    • इसका अर्थ है
      • गैस पर दबाव बढ़ाएंगे, तो उसका आयतन घट जाएगा
      • दबाव कम करेंगे, तो आयतन बढ़ जाएगा।
  • दैनिक जीवन के उदाहरण
    • साइकिल का पंप: जब आप पंप के हैंडल को नीचे धकेलते हैं, तो आप हवा का आयतन कम कर रहे होते हैं, जिससे दाब बढ़ जाता है और हवा टायर के अंदर चली जाती है।
    • मानव श्वसन: जब हमारे फेफड़े फैलते हैं (आयतन बढ़ता है), तो अंदर का दाब कम हो जाता है, जिससे बाहर की हवा अपने आप अंदर आ जाती है।
    • गोताखोरी (Scuba Diving): पानी के नीचे जैसे-जैसे गोताखोर गहराई में जाता है, दाब बढ़ता है। यदि वह अपनी सांस रोककर ऊपर आए, तो फेफड़ों की हवा का आयतन तेजी से बढ़ेगा, जो खतरनाक हो सकता है।

चार्ल्स का नियम (तापमान-आयतन संबंध) – Charles’ Law

  • यदि दाब (Pressure) को स्थिर रखा जाए, तो गैस का आयतन (Volume) उसके परम ताप (Absolute Temperature) के सीधे समानुपाती होता है।
    • सरल शब्दों में: जैसे-जैसे आप तापमान बढ़ाएंगे, गैस का आयतन बढ़ेगा (गैस फैलेगी), और तापमान कम करने पर आयतन घटेगा।

 V ∝ T (जब P स्थिर हों)

  • चार्ल्स के नियम में तापमान हमेशा केल्विन (Kelvin) में मापा जाना चाहिए। यदि तापमान सेल्सियस ( ∘  C) में है, तो उसमें 273.15 जोड़कर उसे केल्विन में बदलें।
  • वास्तविक जीवन के उदाहरण
    • गर्म हवा का गुब्बारा (Hot Air Balloon): जब गुब्बारे के अंदर की हवा को गर्म किया जाता है, तो चार्ल्स के नियम के अनुसार उसका आयतन बढ़ जाता है। हवा फैलने के कारण कम घनी (less dense) हो जाती है, जिससे गुब्बारा ऊपर की ओर उठता है।
    • सर्दियों में टायर का पिचकना: ठंडे मौसम में टायर के अंदर की हवा का तापमान कम हो जाता है, जिससे उसका आयतन घट जाता है और टायर थोड़े पिचके हुए नजर आते हैं।
  • चार्ल्स के नियम का ग्राफ एक सीधी रेखा (Straight Line) होती है जो मूल बिंदु (Origin) से होकर गुजरती है (यदि तापमान केल्विन में हो)। इसे Isobar कहा जाता है क्योंकि यह स्थिर दाब पर खींचा गया ग्राफ है।

गे-लुसाक का नियम (दाब-तापमान संबंध) – Gay-Lussac’s Law

  • यदि आयतन (Volume) को स्थिर रखा जाए, तो किसी गैस का दाब (Pressure) उसके परम ताप (Absolute Temperature) के सीधे समानुपाती होता है।

    • सरल शब्दों में: जैसे-जैसे आप गैस को गर्म करेंगे, उसके अणुओं की गति बढ़ेगी और वे बर्तन की दीवारों पर ज्यादा जोर से टकराएंगे, जिससे दबाव बढ़ जाएगा।
    • सूत्र (Formula): P ∝ T (जब V  स्थिर हों)
  • वास्तविक जीवन के उदाहरण
    • प्रेशर कुकर (Pressure Cooker): कुकर का आयतन निश्चित होता है। जब पानी गर्म होता है, तो भाप का तापमान बढ़ता है। गे-लुसाक के नियम के अनुसार, तापमान बढ़ने से कुकर के अंदर का दबाव बहुत बढ़ जाता है, जिससे खाना जल्दी पकता है।
    • टायर का फटना: गर्मियों में सड़कें बहुत गर्म होती हैं। तेज चलने पर घर्षण और बाहरी गर्मी से टायर के अंदर की हवा का तापमान बढ़ जाता है। चूंकि टायर का आयतन लगभग स्थिर रहता है, अंदर का दबाव इतना बढ़ सकता है कि टायर फट जाए।
    • एयरोसोल कैन (Aerosol Cans): परफ्यूम या पेंट के स्प्रे कैन पर लिखा होता है कि इन्हें आग से दूर रखें। ऐसा इसलिए क्योंकि तापमान बढ़ने पर अंदर की गैस का दाब इतना बढ़ सकता है कि कैन विस्फोट के साथ फट जाए।
  • चार्ल्स के नियम की तरह ही, दाब और तापमान (Kelvin) के बीच का ग्राफ एक सीधी रेखा होती है। इस ग्राफ को Isochore कहा जाता है क्योंकि यह स्थिर आयतन पर बनाया जाता है।

अवोगाद्रो का नियम (आयतन-मात्रा संबंध) – Avogadro’s Law

  • यह नियम बताता है कि यदि तापमान (Temperature) और दाब (Pressure) समान रहें, तो गैस के आयतन (Volume) और उसमें मौजूद अणुओं की संख्या (moles) के बीच सीधा संबंध होता है।
    • सरल शब्दों में: यदि आप गैस की मात्रा (अणुओं की संख्या) बढ़ाएंगे, तो वह अधिक जगह घेरेगी (आयतन बढ़ेगा), बशर्ते तापमान और दबाव न बदले।
    • स्थिर तापमान और दाब पर, गैस का आयतन मोलों की संख्या के अनुक्रमानुपाती होता है।
    • सूत्र (Formula): V ∝ n (जब P और T स्थिर हों)
      •  T और P की समान परिस्थितियों में, सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।
      • n = गैस के मोलों की संख्या (Amount of substance/moles)
  • मोलर आयतन (Molar Volume): STP (0°C, 1 atm) पर, किसी भी गैस का 1 मोल 22.4 लीटर स्थान घेरता है।
  • वास्तविक जीवन के उदाहरण
    • गुब्बारा फुलाना: जब आप गुब्बारे में फूँक मारते हैं, तो आप उसमें हवा के अधिक अणु (moles) डाल रहे होते हैं। जैसे-जैसे हवा की मात्रा बढ़ती है, गुब्बारे का आयतन भी बढ़ता जाता है।
    • साँस लेना: जब हम साँस अंदर लेते हैं, तो फेफड़ों में हवा के अणुओं की संख्या बढ़ती है, जिससे फेफड़े फैलते हैं (आयतन बढ़ता है)। साँस छोड़ते समय अणुओं की संख्या कम होती है और आयतन घट जाता है।

आदर्श गैस समीकरण (The Ideal Gas Equation)

  • सूत्र (Formula): PV = nRT
    • जहाँ:
      • P = दाब (Pressure)
      • V = आयतन (Volume)
      • n = मोलों की संख्या (Number of moles)
      • R = सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant)
      • T = तापमान (केल्विन में)
इकाइयाँ (Units) R का मान
L·atm / (K·mol)  0.0821 
J / (K·mol) (SI Unit)  8.314 
cal / (K·mol)  1.987 
  • व्युत्पन्न रूप (Derived Forms):
    • PM = dRT (जहाँ M = मोलर द्रव्यमान, d = घनत्व)
    • PV = (m/M)RT (जहाँ m = गैस का द्रव्यमान)
  • ‘आदर्श गैस’ एक काल्पनिक अवधारणा है। वास्तविक गैसें (जैसे Oxygen, Nitrogen) केवल उच्च तापमान और कम दाब पर ही इस समीकरण का पूरी तरह पालन करती हैं।

घनत्व और मोलर द्रव्यमान (Density and Molar Mass)

  • घनत्व (d): d = Mass/Volume = m/V
  • आदर्श गैस समीकरण से: PV = (m/M)RT
  • घनत्व के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर: P × M = (m/V)RT = dRT
  • मुख्य सूत्र (Key Formula): M = dRT/P
  • महत्वपूर्ण: स्थिर T और P पर, घनत्व मोलर द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होता है (d ∝ M)।

डाल्टन का आंशिक दाब का नियम (Dalton’s Law of Partial Pressure)

  • कथन (Statement): अक्रिय गैसों के मिश्रण द्वारा लगाया गया कुल दाब, व्यक्तिगत गैसों के आंशिक दाब के योग के बराबर होता है।
    •  जॉन डाल्टन ने 1801 में यह निष्कर्ष निकाला कि एक मिश्रण का कुल दबाव उसकी घटक गैसों के व्यक्तिगत दबावों का योग होता है।
    • सूत्र (Formula): Ptotal = P1 + P2 + P3 + …
  • आंशिक दाब (Partial Pressure): मिश्रण में किसी व्यक्तिगत गैस द्वारा लगाया गया दाब। P1 = x1 × Ptotal
    • मोल अंश (Mole Fraction – x1): x1 = n1/ntotal
  • अनुप्रयोग (Application): जल के ऊपर एकत्रित शुष्क गैस के दाब की गणना करने के लिए: Pdry = Ptotal – Pwater vapour
  • उदाहरण और उपयोग
    • गोताखोरी (Scuba Diving): गोताखोरों के टैंकों में गैसों का मिश्रण (जैसे Nitrox या Trimix) डाल्टन के नियम के आधार पर तैयार किया जाता है। गहराई में बढ़ने वाले दबाव के साथ प्रत्येक गैस का आंशिक दाब बढ़ता है, जो शरीर के लिए घातक हो सकता है, इसलिए इसे संतुलित करना जरूरी है।
    • वायुमंडलीय दाब: हमारा वायुमंडल नाइट्रोजन (78%), ऑक्सीजन (21%) और अन्य गैसों का मिश्रण है। समुद्र तल पर कुल दाब 1 atm होता है, जिसमें नाइट्रोजन का आंशिक दाब लगभग 0.78 atm और ऑक्सीजन का 0.21 atm होता है।

ग्राहम का विसरण/निसरण का नियम (Graham’s Law of Diffusion/Effusion)

  • विसरण (Diffusion): गैसों का स्वतः फैलना और मिलना।
    • गैस के अणुओं का उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर प्राकृतिक रूप से फैलना (जैसे: कमरे के एक कोने में परफ्यूम छिड़कने पर पूरे कमरे में खुशबू फैलना)।
  • निसरण (Effusion): एक छोटे छेद से गैस के अणुओं का बाहर निकलना।
    • गैस के अणुओं का एक बहुत ही छोटे छिद्र (Pin-hole) से होकर कम दबाव वाले क्षेत्र या निर्वात (Vacuum) में निकलना (जैसे: पंक्चर हुए टायर से हवा का निकलना)।
  • कथन (Statement): निश्चित तापमान और दाब पर, किसी गैस के विसरण (Diffusion) या निसरण (Effusion) की दर उसके मोलर द्रव्यमान (Molar Mass) या घनत्व (Density) के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होती है। 
    • ग्राहम का विसरण और निसरण का नियम (Graham’s Law) गैसों के फैलने की गति को उनके द्रव्यमान से जोड़ता है।
    • थॉमस ग्राहम ने पाया कि हल्की गैसें (जैसे H2, He) , भारी गैसों (जैसे O2, CO2) की तुलना में अधिक तेजी से फैलती हैं।

  • Time taken for diffusion / Rate of diffusion ∝ √M
  • वास्तविक जीवन के उदाहरण और उपयोग
    • गैसों का पृथक्करण: यूरेनियम के समस्थानिकों (Isotopes) को अलग करने के लिए इस नियम का उपयोग किया जाता है। हल्का  235 U भारी  238 U की तुलना में झिल्ली (Membrane) से थोड़ा तेज निकलता है।
    • गुब्बारे की हवा निकलना: हीलियम से भरा गुब्बारा सामान्य हवा वाले गुब्बारे की तुलना में जल्दी पिचक जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हीलियम के अणु बहुत हल्के और छोटे होते हैं, जिससे वे रबर के सूक्ष्म छिद्रों से तेजी से ‘निसरित’ (Effuse) हो जाते हैं।
    • गैस रिसाव का पता लगाना: खदानों में जहरीली गैसों के विसरण की दर जानकर सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं।

महत्वपूर्ण मान और नियतांक (Important Values and Constants)

  • सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant – R):
    • R = 0.0821 L atm mol-1 K-1 (सबसे सामान्य)
    • R = 8.314 J mol-1 K-1 (SI मात्रक)
    • R = 8.314 Pa m3 mol-1 K-1
    • R = 1.987 cal mol-1 K-1
  • मानक तापमान और दाब (Standard Temperature and Pressure – STP):
    • तापमान = 0°C = 273 K
    • दाब = 1 atm = 760 mm Hg = 760 torr
    • STP पर मोलर आयतन = 22.4 L mol-1
  • सामान्य तापमान और दाब (Normal Temperature and Pressure – NTP):
    • तापमान = 20°C = 293 K
    • दाब = 1 atm
  • परम शून्य (Absolute Zero): 0 K = -273.15°C (वह तापमान जहाँ आदर्श गैस का आयतन और दाब शून्य हो जाता है)।

फॉर्मूला शीट

  • बॉयल का नियम: P1V1 = P2V2
  • चार्ल्स का नियम: V1/T1 = V2/T2
  • गे-लुसाक का नियम: P1/T1 = P2/T2
  • अवोगाद्रो का नियम: V ∝ n
  • आदर्श गैस समीकरण: PV = nRT
  • घनत्व संबंध: M = dRT/P, d = PM/RT
  • डाल्टन का नियम: Ptotal = P1 + P2 + P3 + …, P1 = x1 · Ptotal
  • ग्राहम का नियम: r1/r2 = √(M2/M1)
  • मोल अंश: x1 = n1/ntotal
  • मोलों की संख्या (n): n = mass/molar mass = m/M
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गैस नियम (Gas law) : CHEMISTRY