अम्ल वर्षा मुख्य रूप से किन गैसों के कारण होती है?
- SO₂ और NOx
- CO₂ और O₂
- CH₄ और NH₃
- O₃ और CFC
Explanation:
- SO₂ और NOx – सही उत्तर (सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड)
- CO₂ और O₂ – कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन अम्ल वर्षा का कारण नहीं
- CH₄ और NH₃ – मीथेन और अमोनिया ग्रीनहाउस गैसें हैं
- O₃ और CFC – ओजोन और क्लोरोफ्लोरोकार्बन
2. अम्ल वर्षा में मुख्य रूप से कौन से अम्ल पाए जाते हैं?
- H₂SO₄ और HNO₃
- HCl और H₂CO₃
- H₃PO₄ और HF
- CH₃COOH और HCOOH
Explanation:
- H₂SO₄ और HNO₃ – सही उत्तर (सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल)
- HCl और H₂CO₃ – हाइड्रोक्लोरिक और कार्बोनिक अम्ल
- H₃PO₄ और HF – फॉस्फोरिक और हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल
- CH₃COOH और HCOOH – एसिटिक और फॉर्मिक अम्ल
3. अम्ल वर्षा का pH मान सामान्यतः कितना होता है?
- 4.0 से 5.6
- 6.0 से 7.0
- 7.0 से 8.0
- 2.0 से 3.0
Explanation:
- 4.0 से 5.6 – सही उत्तर (सामान्य वर्षा का pH 5.6 होता है)
- 6.0 से 7.0 – तटस्थ या थोड़ा अम्लीय
- 7.0 से 8.0 – क्षारीय प्रकृति
- 2.0 से 3.0 – अत्यधिक अम्लीय (दुर्लभ मामलों में)
अम्ल वर्षा का सबसे हानिकारक प्रभाव किस पर पड़ता है?
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र
- मरुस्थलीकरण
- समुद्र का जल स्तर
- वायु प्रदूषण
Explanation:
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र – सही उत्तर (झीलों और नदियों का pH कम होना)
अम्ल वर्षा को नियंत्रित करने के लिए क्या उपाय किया जा सकता है?
- फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन
- कार्बन कैप्चर तकनीक
- वृक्षारोपण में वृद्धि
- सौर ऊर्जा का उपयोग
Explanation:
- फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन – सही उत्तर (उद्योगों से SO₂ उत्सर्जन कम करना)
- कार्बन कैप्चर तकनीक – CO₂ कम करने के लिए
- वृक्षारोपण में वृद्धि – अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर सकता है
- सौर ऊर्जा का उपयोग – दीर्घकालिक समाधान
अम्ल वर्षा के कारण मूर्तियों के क्षय का मुख्य कारण क्या है?
- संगमरमर में कैल्शियम कार्बोनेट का अम्लों से अभिक्रिया
- धातुओं का जंग लगना
- पेंट का छिलना
- सूक्ष्मजीवों की क्रिया
Explanation:
- संगमरमर में कैल्शियम कार्बोनेट का अम्लों से अभिक्रिया – सही उत्तर (CaCO₃ + H₂SO₄ → CaSO₄ + H₂O + CO₂)
निम्न में से कौन सा देश अम्ल वर्षा से सबसे अधिक प्रभावित है?
- चीन
- ब्राजील
- ऑस्ट्रेलिया
- दक्षिण अफ्रीका
Explanation:
- चीन – सही उत्तर (कोयले के व्यापक उपयोग के कारण)
अम्ल वर्षा के कारण मृदा में क्या परिवर्तन होता है?
- pH में कमी और पोषक तत्वों का नुकसान
- जल धारण क्षमता में वृद्धि
- कार्बनिक पदार्थों में वृद्धि
- सूक्ष्मजीव गतिविधि में वृद्धि
Explanation:
- pH में कमी और पोषक तत्वों का नुकसान – सही उत्तर (मृदा अम्लीकरण)
- कार्बनिक पदार्थों में वृद्धि – विपरीत प्रभाव होता है
- सूक्ष्मजीव गतिविधि में वृद्धि – सूक्ष्मजीव प्रभावित होते हैं
अम्ल वर्षा के कारण झीलों में किस धातु की सांद्रता बढ़ जाती है?
- एल्युमिनियम
- लोहा
- सोना
- चाँदी
Explanation:
- एल्युमिनियम – सही उत्तर (मृदा से निकलकर जल में घुलता है)
- लोहा – सीमित मात्रा में बढ़ता है
- सोना – असंबंधित
- चाँदी – असंबंधित
अम्ल वर्षा के प्रभाव से बचाने के लिए झीलों में क्या डाला जाता है?
- चूना (लाइम)
- नमक
- बालू
- लकड़ी का कोयला
Explanation:
- चूना (लाइम) – सही उत्तर (pH संतुलित करने के लिए)
- नमक – जल की कठोरता बढ़ाता है
- बालू – निस्पंदन के लिए
- लकड़ी का कोयला – अप्रभावी
अम्ल वर्षा से सबसे अधिक क्षति किस प्रकार के पौधों को होती है?
- कोणधारी वन (कॉनिफर)
- उष्णकटिबंधीय वर्षा वन
- मरुस्थलीय पौधे
- समुद्री शैवाल
Explanation:
- कोणधारी वन (कॉनिफर) – सही उत्तर (पत्तियों की संरचना के कारण)
भारत में अम्ल वर्षा का सर्वाधिक खतरा किस क्षेत्र में है?
- औद्योगिक क्षेत्र और कोयला खनन क्षेत्र
- हिमालयी क्षेत्र
- तटीय क्षेत्र
- मरुस्थलीय क्षेत्र
Explanation:
- औद्योगिक क्षेत्र और कोयला खनन क्षेत्र – सही उत्तर (SO₂ उत्सर्जन के कारण)
- हिमालयी क्षेत्र – कम औद्योगीकरण
- तटीय क्षेत्र – समुद्री प्रभाव के कारण कम खतरा
- मरुस्थलीय क्षेत्र – कम वर्षा
अम्ल वर्षा के कारण इमारतों के किस पदार्थ को सबसे अधिक क्षति होती है?
- संगमरमर
- ईंट
- लकड़ी
- काँच
Explanation:
- संगमरमर – सही उत्तर (कैल्शियम कार्बोनेट की अभिक्रिया)
- ईंट – सीमित प्रभाव
- लकड़ी – अप्रत्यक्ष प्रभाव
- काँच – अम्ल प्रतिरोधी
अम्ल वर्षा को मापने के लिए किस इकाई का उपयोग किया जाता है?
- pH स्केल
- डेसीबल
- पीपीएम
- माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
Explanation:
- pH स्केल – सही उत्तर (अम्लीयता मापने के लिए)
- डेसीबल – ध्वनि प्रदूषण की इकाई
- PPM– प्रदूषक सांद्रता की इकाई
- माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर – वायु प्रदूषण मापन
अम्ल वर्षा के प्रभाव से झीलों में क्या होता है?
- जलीय जीवों की मृत्यु
- जल स्तर में वृद्धि
- शैवालों की वृद्धि
- जल रंगहीन हो जाता है
Explanation:
- जलीय जीवों की मृत्यु – सही उत्तर (pH में कमी के कारण)
- जल स्तर में वृद्धि – असंबंधित
- शैवालों की वृद्धि – pH बढ़ने पर होता है
- जल रंगहीन हो जाता है – भौतिक परिवर्तन
अम्ल वर्षा के कारण वायुमंडल में क्या परिवर्तन होता है?
- दृश्यता कम होना
- ओजोन परत का क्षय
- वायु दाब में वृद्धि
- आर्द्रता में कमी
Explanation:
- दृश्यता कम होना – सही उत्तर (सल्फेट एरोसोल के कारण)
- ओजोन परत का क्षय – CFC के कारण होता है
- वायु दाब में वृद्धि – असंबंधित
- आर्द्रता में कमी – असंबंधित
अम्ल वर्षा से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला जलीय जीव कौन सा है?
- ट्राउट मछली
- झींगा
- कछुआ
- फाइटोप्लांकटन
Explanation:
- ट्राउट मछली – सही उत्तर (अम्लीय जल के प्रति संवेदनशील)
- झींगा – मध्यम प्रभाव
- कछुआ – कम प्रभाव
- फाइटोप्लांकटन – कुछ प्रजातियाँ लाभान्वित होती हैं
अम्ल वर्षा के कारण पत्तियों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- पत्तियों का मुरझाना
- पत्तियों का आकार बढ़ना
- पत्तियों का रंग गहरा होना
- पत्तियों की संख्या बढ़ना
Explanation:
- पत्तियों का मुरझाना – सही उत्तर (क्लोरोफिल का नष्ट होना)
- पत्तियों का आकार बढ़ना – विपरीत प्रभाव
- पत्तियों का रंग गहरा होना – पोषक तत्वों की कमी से ऐसा नहीं होता
- पत्तियों की संख्या बढ़ना – वृद्धि प्रभावित होती है
अम्ल वर्षा से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय समझौता कौन सा है?
- जेनेवा कन्वेंशन
- क्योटो प्रोटोकॉल
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
- सोफिया प्रोटोकॉल
Explanation:
- जेनेवा कन्वेंशन – सही उत्तर (1979 का अम्ल वर्षा समझौता)
- क्योटो प्रोटोकॉल – जलवायु परिवर्तन से संबंधित
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल – ओजोन परत संरक्षण
- सोफिया प्रोटोकॉल – NOx उत्सर्जन पर नियंत्रण
अम्ल वर्षा के कारण मृदा में किस तत्व की कमी हो जाती है?
- कैल्शियम
- कार्बन
- सिलिकॉन
- सोडियम
Explanation:
- कैल्शियम – सही उत्तर (अम्लों से अभिक्रिया कर घुल जाता है)
- कार्बन – जैविक पदार्थों में मौजूद
- सिलिकॉन – स्थिर तत्व
- सोडियम – अधिकांश मृदाओं में कम मात्रा
अम्ल वर्षा के कारण ऐतिहासिक स्मारकों को होने वाली क्षति को क्या कहते हैं?
- पत्थर का कैंसर
- संरचनात्मक क्षय
- वायु अपक्षय
- रासायनिक अपरदन
Explanation:
- पत्थर का कैंसर – सही उत्तर (संगमरमर के क्षय के लिए प्रयुक्त शब्द)
- संरचनात्मक क्षय – सामान्य शब्द
- वायु अपक्षय – भौतिक प्रक्रिया
- रासायनिक अपरदन – सामान्य शब्द
अम्ल वर्षा के प्रभाव को कम करने वाला प्राकृतिक कारक कौन सा है?
- चूना पत्थर की मृदा
- वनों का घनत्व
- समुद्री हवाएँ
- उच्च तापमान
Explanation:
- चूना पत्थर की मृदा – सही उत्तर (अम्लों को बफर करती है)
- वनों का घनत्व – अप्रत्यक्ष प्रभाव
- समुद्री हवाएँ – लवणीय प्रभाव
- उच्च तापमान – असंबंधित
अम्ल वर्षा के कारण मानव स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- श्वसन संबंधी समस्याएँ
- त्वचा कैंसर
- हृदय रोग
- मधुमेह
Explanation:
- श्वसन संबंधी समस्याएँ – सही उत्तर (SO₂ और NOx के कारण)
- त्वचा कैंसर – UV विकिरण से संबंधित
- हृदय रोग – अप्रत्यक्ष संबंध
- मधुमेह – असंबंधित
भारत में अम्ल वर्षा निगरानी कार्यक्रम किस संस्थान द्वारा संचालित किया जाता है?
- भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM)
- भारतीय मौसम विभाग (IMD)
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)
- राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी संस्थान (NEERI)
Explanation:
- भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) – सही उत्तर (पुणे स्थित)
- भारतीय मौसम विभाग (IMD) – मौसम पूर्वानुमान
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) – प्रदूषण मानक निर्धारित करता है
- राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी संस्थान (NEERI) – प्रदूषण शोध संस्थान
ओजोन परत मुख्यतः किस वायुमंडलीय स्तर में पाई जाती है?
- समतापमंडल (स्ट्रेटोस्फीयर)
- क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फीयर)
- मध्यमंडल (मेसोस्फीयर)
- तापमंडल (थर्मोस्फीयर)
Explanation:
- समतापमंडल – सही उत्तर (15-30 किमी की ऊंचाई पर)
- क्षोभमंडल – धरातल से 10-15 किमी तक
- मध्यमंडल – 50-85 किमी की ऊंचाई
- तापमंडल – 85 किमी से ऊपर
ओजोन परत किस प्रकार की किरणों को अवशोषित करती है?
- पराबैंगनी (UV) किरणें
- अवरक्त (IR) किरणें
- दृश्य प्रकाश
- रेडियो तरंगें
Explanation:
- पराबैंगनी – सही उत्तर (मुख्यतः UV-B को अवशोषित करती है)
- अवरक्त – ग्रीनहाउस प्रभाव से संबंधित
- दृश्य प्रकाश – ओजोन द्वारा अवशोषित नहीं
- रेडियो तरंगें – वायुमंडल से आसानी से गुजरती हैं
ओजोन परत के क्षरण के लिए मुख्य रूप से कौन सी गैस उत्तरदायी है?
- क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)
- कार्बन डाइऑक्साइड
- मीथेन
- नाइट्रस ऑक्साइड
Explanation:
- CFCs – सही उत्तर (रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर में प्रयुक्त)
- CO₂ – ग्लोबल वार्मिंग के लिए उत्तरदायी
- CH₄ – ग्रीनहाउस गैस
- N₂O – कृषि गतिविधियों से उत्सर्जन
ओजोन परत संरक्षण से संबंधित मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कब लागू हुआ?
- 1 जनवरी 1989
- 16 सितंबर 1987
- 5 जून 1992
- 22 अप्रैल 1990
Explanation:
- 1 जनवरी 1989 – सही उत्तर (1987 में हस्ताक्षरित)
- 16 सितंबर – विश्व ओजोन दिवस
- 5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस
- 22 अप्रैल – पृथ्वी दिवस
विश्व ओजोन संरक्षण दिवस कब मनाया जाता है?
- 16 सितंबर
- 5 जून
- 22 अप्रैल
- 21 मार्च
Explanation:
- 16 सितंबर – सही उत्तर (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की वर्षगांठ)
- 5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस
- 22 अप्रैल – पृथ्वी दिवस
- 21 मार्च – विश्व वन दिवस
ओजोन परत में ‘ओजोन छिद्र’ सबसे पहले कहाँ देखा गया था?
- अंटार्कटिका के ऊपर
- आर्कटिक के ऊपर
- भारत के ऊपर
- यूरोप के ऊपर
Explanation:
- अंटार्कटिका – सही उत्तर (1985 में खोजा गया)
- आर्कटिक – बाद में छिद्र देखा गया
- भारत – ओजोन परत पतली होने की रिपोर्ट
- यूरोप – प्रदूषण के कारण ओजोन समस्या
निम्न में से कौन सा पदार्थ ओजोन परत को नुकसान नहीं पहुँचाता?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- क्लोरोफ्लोरोकार्बन
- मिथाइल ब्रोमाइड
- हैलोन
Explanation:
- CO₂ – सही उत्तर (ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार)
- CFCs – ओजोन क्षरण का मुख्य कारक
- मिथाइल ब्रोमाइड – ओजोन क्षरण करता है
- हैलोन – अग्निशामक यंत्रों में प्रयुक्त
ओजोन परत के संरक्षण के लिए भारत में कौन सी योजना चलाई जा रही है?
- ओजोन सेल
- ग्रीन इंडिया मिशन
- नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम
- स्वच्छ भारत अभियान
Explanation:
- ओजोन सेल – सही उत्तर (पर्यावरण मंत्रालय के अंतर्गत)
- ग्रीन इंडिया – वन संरक्षण योजना
- NCAP – वायु प्रदूषण नियंत्रण
- स्वच्छ भारत – स्वच्छता अभियान
ओजोन अणु किन तीन परमाणुओं से मिलकर बना होता है?
- ऑक्सीजन
- नाइट्रोजन
- हाइड्रोजन
- कार्बन
Explanation:
- ऑक्सीजन – सही उत्तर (O₃)
- नाइट्रोजन – N₂ वायुमंडल की मुख्य गैस
- हाइड्रोजन – H₂O में पाया जाता है
- कार्बन – CO₂ का घटक
‘बुरी ओजोन’ कहाँ पाई जाती है?
- क्षोभमंडल
- समतापमंडल
- मध्यमंडल
- तापमंडल
Explanation:
- क्षोभमंडल – सही उत्तर (धरातल के निकट, स्मॉग बनाती है)
- समतापमंडल – ‘अच्छी ओजोन’ का स्थान
- मध्यमंडल – ओजोन की मात्रा कम
- तापमंडल – ओजोन अनुपस्थित
ओजोन परत के क्षरण से कौन सा रोग बढ़ने की संभावना है?
- त्वचा कैंसर
- हृदय रोग
- मधुमेह
- टीबी
Explanation:
- त्वचा कैंसर – सही उत्तर (UV-B किरणों के कारण)
- हृदय रोग – अप्रत्यक्ष संबंध
- मधुमेह – कोई संबंध नहीं
- टीबी – बैक्टीरिया जनित रोग
ओजोन परत की मोटाई मापने की इकाई क्या है?
- डॉबसन यूनिट
- पारसेक
- नैनोमीटर
- डेसीबल
Explanation:
- डॉबसन – सही उत्तर (1 DU = 0.01 mm मोटी ओजोन)
- पारसेक – खगोलीय दूरी की इकाई
- नैनोमीटर – तरंगदैर्ध्य की इकाई
- डेसीबल – ध्वनि की इकाई
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का संबंध किससे है?
- ओजोन क्षरणकारी पदार्थों का उन्मूलन
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी
- वायु प्रदूषण नियंत्रण
- जलवायु परिवर्तन
Explanation:
- ओजोन क्षरणकारी पदार्थ – सही उत्तर (CFCs पर प्रतिबंध)
- ग्रीनहाउस गैस – क्योटो प्रोटोकॉल का विषय
- वायु प्रदूषण – अन्य समझौतों का विषय
- जलवायु परिवर्तन – पेरिस समझौता
ओजोन परत के संरक्षण के लिए CFCs के स्थान पर क्या प्रयोग किया जाता है?
- HFCs
- LPG
- CNG
- CO₂
Explanation:
- HFCs – सही उत्तर (हाइड्रोफ्लोरोकार्बन, ओजोन अनुकूल)
- LPG – ईंधन के रूप में
- CNG – वाहन ईंधन
- CO₂ – रेफ्रिजरेंट के रूप में अप्रभावी
ओजोन परत के क्षरण से पौधों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- प्रकाश संश्लेषण दर कम होना
- पत्तियों का आकार बढ़ना
- फलों का स्वाद मीठा होना
- तने की लंबाई बढ़ना
Explanation:
- प्रकाश संश्लेषण दर कम – सही उत्तर (UV किरणों के प्रभाव से)
- पत्तियों का आकार – आनुवंशिक कारकों पर निर्भर
- फलों का स्वाद – UV से संबंध नहीं
- तने की लंबाई – प्रकाश की मात्रा पर निर्भर
ओजोन परत के संरक्षण हेतु भारत ने कब तक HCFCs का उपयोग बंद करने का लक्ष्य रखा है?
- 2030
- 2025
- 2040
- 2050
Explanation:
- 2030 – सही उत्तर (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत)
- 2025 – CFCs का उन्मूलन पहले ही हो चुका
- 2040 – विकासशील देशों के लिए अंतिम लक्ष्य
- 2050 – दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्य
ओजोन परत के क्षरण से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- फाइटोप्लांकटन की वृद्धि प्रभावित
- समुद्री जल का तापमान बढ़ना
- लवणता में वृद्धि
- जल स्तर में गिरावट
Explanation:
- फाइटोप्लांकटन प्रभावित – सही उत्तर (खाद्य श्रृंखला का आधार)
- जल तापमान – ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित
- लवणता – वाष्पीकरण से संबंधित
- जल स्तर – ग्लेशियर पिघलने से संबंधित
ओजोन परत के संरक्षण के लिए किस अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने मुख्य भूमिका निभाई?
- संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP)
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
- संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP)
- विश्व बैंक
Explanation:
- UNEP – सही उत्तर (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के लिए मुख्य संगठन)
- WHO – स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे
- UNDP – विकास कार्यक्रम
- विश्व बैंक – वित्तीय सहायता
ओजोन परत के क्षरण से किस प्रकार के विकिरण में वृद्धि होती है?
- UV-B
- अवरक्त
- दृश्य प्रकाश
- रेडियो तरंगें
Explanation:
- UV-B – सही उत्तर (280-315 nm तरंगदैर्ध्य)
- अवरक्त – गर्मी के रूप में
- दृश्य प्रकाश – मानव आँख द्वारा देखा जा सकता है
- रेडियो तरंगें – संचार के लिए प्रयुक्त
भारत में ओजोन परत संरक्षण अधिनियम कब पारित हुआ?
- 2000
- 1995
- 1989
- 2005
Explanation:
- 2000 – सही उत्तर (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को लागू करने हेतु)
- 1995 – पर्यावरण संरक्षण नियमों का वर्ष
- 1989 – मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल लागू हुआ
- 2005 – जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय योजना
ओजोन परत के संरक्षण के लिए किसे नोबेल पुरस्कार मिला?
- मोलिना, रोलैंड और क्रुटजेन
- अल्बर्ट गोर
- राजेंद्र पचौरी
- मारियो मोलिना अकेले
Explanation:
- मोलिना, रोलैंड और क्रुटजेन – सही उत्तर (1995 में रसायन का नोबेल)
- अल्बर्ट गोर – जलवायु परिवर्तन पर कार्य
- राजेंद्र पचौरी – IPCC के अध्यक्ष
ओजोन परत की सुरक्षा के लिए किस वर्ष CFCs का उत्पादन पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया?
- 2010
- 2000
- 1996
- 2020
Explanation:
- 2010 – सही उत्तर (विकसित देशों में 1996 तक प्रतिबंधित)
ओजोन परत के पुनर्जीवन के संकेत सबसे पहले किस वर्ष देखे गए?
- 2014
- 2000
- 2005
- 2020
Explanation:
- 2014 – सही उत्तर (UNEP की रिपोर्ट)
- 2000 – प्रारंभिक सुधार के संकेत
- 2005 – वैज्ञानिक अध्ययन जारी
- 2020 – महत्वपूर्ण सुधार दर्ज
ओजोन परत संरक्षण के लिए भारत सरकार के किस मंत्रालय की मुख्य भूमिका है?
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- रसायन और उर्वरक मंत्रालय
Explanation:
- पर्यावरण मंत्रालय – सही उत्तर (ओजोन सेल इसके अंतर्गत)
- विज्ञान मंत्रालय – अनुसंधान कार्य
- नवीकरणीय ऊर्जा – वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत
- रसायन मंत्रालय – औद्योगिक रसायन नियंत्रण
ग्रीनहाउस प्रभाव में सबसे अधिक योगदान देने वाली प्राकृतिक गैस कौन सी है?
- जलवाष्प
- कार्बन डाइऑक्साइड
- मीथेन
- नाइट्रस ऑक्साइड
Explanation:
- जलवाष्प – सही उत्तर (प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रभाव का 60% योगदान)
- CO₂ – मानवजनित ग्लोबल वार्मिंग में प्रमुख
- CH₄ – शक्तिशाली लेकिन कम मात्रा में
- N₂O – कम सांद्रता वाली गैस
मानवजनित ग्लोबल वार्मिंग में सबसे अधिक योगदान किस गैस का है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- मीथेन
- क्लोरोफ्लोरोकार्बन
- नाइट्रस ऑक्साइड
Explanation:
- CO₂ – सही उत्तर (जीवाश्म ईंधन दहन से 65% योगदान)
- CH₄ – 16% योगदान
- CFCs – ओजोन क्षरण के लिए प्रमुख
- N₂O – 6% योगदान
वैश्विक तापन का सबसे खतरनाक प्रभाव क्या है?
- समुद्र स्तर में वृद्धि
- वायु प्रदूषण
- मृदा अपरदन
- ज्वालामुखीय गतिविधि
Explanation:
- समुद्र स्तर वृद्धि – सही उत्तर (ग्लेशियर पिघलने से तटीय क्षेत्र डूबेंगे)
- वायु प्रदूषण – अप्रत्यक्ष प्रभाव
- मृदा अपरदन – जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
- ज्वालामुखी – प्राकृतिक प्रक्रिया
भारत में मीथेन उत्सर्जन का प्रमुख स्रोत क्या है?
- धान के खेत
- जीवाश्म ईंधन दहन
- कारखाने
- जंगल की आग
Explanation:
- धान के खेत – सही उत्तर (भारत में 20% मीथेन उत्सर्जन)
- जीवाश्म ईंधन – CO₂ का मुख्य स्रोत
- कारखाने – विभिन्न गैसों का उत्सर्जन
- जंगल की आग – CO₂ और कालिख का स्रोत
क्योटो प्रोटोकॉल किससे संबंधित है?
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी
- ओजोन परत संरक्षण
- जैव विविधता संरक्षण
- विषैले अपशिष्ट प्रबंधन
Explanation:
- GHG उत्सर्जन कमी – सही उत्तर (1997 में अपनाया गया)
- ओजोन संरक्षण – मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
- जैव विविधता – CBD
- विषैले अपशिष्ट – बेसल कन्वेंशन
ग्लोबल वार्मिंग के कारण प्रवाल भित्तियों (कोरल रीफ) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- प्रवाल विरंजन
- अत्यधिक वृद्धि
- रंग में गहराई
- आकार में वृद्धि
Explanation:
- प्रवाल विरंजन – सही उत्तर (समुद्री तापमान बढ़ने से)
- वृद्धि – तापमान वृद्धि से रुकती है
- रंग – विरंजन से फीका पड़ता है
- आकार – प्रतिकूल प्रभाव
ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को मापने की इकाई क्या है?
- कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य (CO₂e)
- डॉबसन यूनिट
- पार्ट्स पर मिलियन
- जूल
Explanation:
- CO₂e – सही उत्तर (सभी GHG को CO₂ के रूप में व्यक्त)
- डॉबसन – ओजोन मापने की इकाई
- ppm – सांद्रता मापने की इकाई
- जूल – ऊर्जा की इकाई
ग्लोबल वार्मिंग के संदर्भ में ‘2°C लक्ष्य’ क्या है?
- पूर्व-औद्योगिक स्तर से तापमान वृद्धि को 2°C तक सीमित करना
- वायुमंडलीय CO₂ को 200 ppm तक कम करना
- समुद्र तल को 2 मीटर से अधिक न बढ़ने देना
- 2% प्रतिवर्ष GHG उत्सर्जन कम करना
Explanation:
- तापमान सीमा – सही उत्तर (पेरिस समझौते का लक्ष्य)
- 200 ppm – वर्तमान स्तर 420 ppm
- समुद्र तल – दीर्घकालिक प्रभाव
- 2% कमी – अपर्याप्त लक्ष्य
भारत में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का सबसे बड़ा क्षेत्र कौन सा है?
- ऊर्जा क्षेत्र
- कृषि
- विनिर्माण
- अपशिष्ट
Explanation:
- ऊर्जा – सही उत्तर (कुल उत्सर्जन का 68%)
- कृषि – 18% योगदान (मुख्यतः CH₄)
- विनिर्माण – 7% योगदान
- अपशिष्ट – 5% योगदान
निम्न में से कौन सा देश सबसे अधिक CO₂ उत्सर्जन करता है?
- चीन
- अमेरिका
- भारत
- रूस
Explanation:
- चीन – सही उत्तर (वैश्विक उत्सर्जन का 28%)
- अमेरिका – दूसरा स्थान (15%)
- भारत – तीसरा स्थान (7%)
- रूस – चौथा स्थान (5%)
कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए भारत की प्रमुख पहल क्या है?
- राष्ट्रीय सोलर मिशन
- स्वच्छ गंगा मिशन
- स्मार्ट सिटी मिशन
- मेक इन इंडिया
Explanation:
- सोलर मिशन – सही उत्तर (2022 तक 100 GW सौर ऊर्जा लक्ष्य)
- गंगा मिशन – नदी संरक्षण
- स्मार्ट सिटी – शहरी विकास
- मेक इन इंडिया – विनिर्माण पहल
ग्लोबल वार्मिंग का समुद्री जीवों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- समुद्री अम्लीकरण
- लवणता में वृद्धि
- ऑक्सीजन स्तर में वृद्धि
- जल स्तर में कमी
Explanation:
- समुद्री अम्लीकरण – सही उत्तर (CO₂ अवशोषण से pH कम होना)
- लवणता – स्थानीय स्तर पर प्रभाव
- ऑक्सीजन – वास्तव में कमी होती है
- जल स्तर – बढ़ता है न कि घटता
‘कार्बन फुटप्रिंट’ क्या मापता है?
- एक इकाई द्वारा उत्पादित कुल GHG उत्सर्जन
- वनों द्वारा अवशोषित CO₂ की मात्रा
- वायुमंडल में ऑक्सीजन स्तर
- जीवाश्म ईंधन भंडार
Explanation:
- GHG उत्सर्जन – सही उत्तर (व्यक्ति, उत्पाद या संगठन द्वारा)
- वन अवशोषण – कार्बन सिंक संबंधी
- ऑक्सीजन – असंबंधित
- जीवाश्म भंडार – ऊर्जा संसाधन
ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमालयी ग्लेशियरों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
- तेजी से पिघलना
- मोटाई बढ़ना
- स्थिर रहना
- केवल सर्दियों में पिघलना
Explanation:
- तेजी से पिघलना – सही उत्तर (प्रति वर्ष 1.5% की दर से)
- मोटाई – वास्तव में घट रही है
- स्थिर – ग्लोबल वार्मिंग के कारण असंभव
- सर्दियों में – वर्षभर पिघलाव
भारत की जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPCC) कब शुरू की गई?
- 2008
- 2010
- 2015
- 2020
Explanation:
- 2008 – सही उत्तर (8 मिशनों के साथ)
- 2010 – सौर मिशन लॉन्च
- 2015 – पेरिस समझौता
- 2020 – अद्यतन लक्ष्य
ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम पैटर्न में क्या बदलाव आया है?
- अत्यधिक मौसमी घटनाओं में वृद्धि
- मौसम का अधिक अनुमानित होना
- वर्षा का समान वितरण
- तापमान में कमी
Explanation:
- अत्यधिक घटनाएं – सही उत्तर (बाढ़, सूखा, चक्रवात)
- अनुमानित – वास्तव में अप्रत्याशित
- समान वितरण – क्षेत्रीय असमानता बढ़ी
- तापमान कमी – वैश्विक तापमान बढ़ रहा
कार्बन क्रेडिट प्रणाली का उद्देश्य क्या है?
- उत्सर्जन में कमी को आर्थिक मूल्य देना
- जीवाश्म ईंधन उत्पादन बढ़ाना
- वनों की कटाई को प्रोत्साहित करना
- औद्योगिक विकास को रोकना
Explanation:
- उत्सर्जन कमी को मूल्य – सही उत्तर (क्योटो प्रोटोकॉल तंत्र)
- जीवाश्म ईंधन – विपरीत उद्देश्य
- वन कटाई – कार्बन सिंक घटाती है
- औद्योगिक विकास – सतत विकास को बढ़ावा
ग्लोबल वार्मिंग के संदर्भ में ‘टिपिंग पॉइंट’ क्या है?
- जलवायु प्रणाली में अपरिवर्तनीय बदलाव की सीमा
- वायुमंडलीय CO₂ का अधिकतम स्तर
- ग्लेशियर पिघलने की अधिकतम दर
- वैश्विक तापमान रिकॉर्ड
Explanation:
- अपरिवर्तनीय बदलाव – सही उत्तर (जैसे अमेजन का सवाना में बदलना)
- CO₂ स्तर – निरंतर बदलता रहता है
- ग्लेशियर दर – टिपिंग पॉइंट का हिस्सा
- तापमान रिकॉर्ड – डेटा बिंदु
ग्लोबल वार्मिंग से भारतीय कृषि पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
- गेहूं उत्पादन में कमी
- धान उत्पादन में भारी वृद्धि
- सिंचाई जल की आवश्यकता कम होना
- कीटों में कमी
Explanation:
- गेहूं उत्पादन कमी – सही उत्तर (तापमान वृद्धि से)
- धान वृद्धि – अस्थिर प्रभाव
- सिंचाई जल – वास्तव में आवश्यकता बढ़ेगी
- कीटों में कमी – बल्कि बढ़ेंगे
‘नेट जीरो’ का क्या अर्थ है?
- उत्सर्जन = अवशोषण
- शून्य उत्सर्जन
- शून्य जीवाश्म ईंधन उपयोग
- शून्य औद्योगीकरण
Explanation:
- उत्सर्जन = अवशोषण – सही उत्तर (कार्बन तटस्थता)
- शून्य उत्सर्जन – असंभव लक्ष्य
- शून्य जीवाश्म ईंधन – आंशिक रूप से संभव
- शून्य औद्योगीकरण – अवास्तविक
ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए भारत की प्रमुख रणनीति क्या है?
- अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा
- कोयला उत्पादन बढ़ाना
- वनों की कटाई
- औद्योगीकरण रोकना
Explanation:
- अक्षय ऊर्जा – सही उत्तर (500 GW नवीकरणीय ऊर्जा 2030 तक)
- कोयला उत्पादन – अस्थायी आवश्यकता
- वन कटाई – वास्तव में वनीकरण बढ़ाया जा रहा
- औद्योगीकरण रोकना – विकास आवश्यक
