Q1. सूफी संतों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- राजनीतिक शक्ति प्राप्त करना
- ईश्वर से प्रेम और भक्ति
- सैन्य संगठन बनाना
- विदेशी शिक्षा फैलाना
व्याख्या:
- सूफी संतों का उद्देश्य ईश्वर से सीधा प्रेम स्थापित करना था।
- उन्होंने बाहरी आडंबर, जाति और पाखंड का विरोध किया।
- उन्होंने मानवता, प्रेम और भाईचारे पर जोर दिया।
- उनका लक्ष्य राजनीतिक या सैन्य शक्ति नहीं था।
Q2. चिश्ती सिलसिले के संस्थापक कौन थे?
- निजामुद्दीन औलिया
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- शेख सलीम चिश्ती
- कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी
व्याख्या:
- चिश्ती सिलसिले की स्थापना 12वीं सदी में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने की।
- उन्होंने अजमेर में अपना केंद्र बनाया।
- यह सिलसिला प्रेम, सेवा और भक्ति पर आधारित था।
- भारत में सूफी आंदोलन का यह सबसे प्रसिद्ध सिलसिला है।
Q3. सूफी संतों का प्रमुख साधना स्थल क्या कहलाता था?
- धाम
- मंदिर
- खानकाह
- गुरुद्वारा
व्याख्या:
- सूफी संत खानकाह में रहते थे।
- यह स्थान साधना, सेवा और लोगों की भलाई का केंद्र था।
- यहीं भक्तों और अनुयायियों का जमावड़ा होता था।
- खानकाह सामाजिक समानता और भाईचारे का प्रतीक थी।
Q4. ‘हजरत निजामुद्दीन औलिया’ किस सिलसिले से संबंधित थे?
- कादरी सिलसिला
- सहरवर्दी सिलसिला
- चिश्ती सिलसिला
- नक्शबंदी सिलसिला
व्याख्या:
- निजामुद्दीन औलिया चिश्ती सिलसिले के प्रमुख संत थे।
- उनका केंद्र दिल्ली था।
- उन्होंने अमीर खुसरो जैसे शिष्यों को मार्गदर्शन दिया।
- उनकी शिक्षा प्रेम, सहिष्णुता और समानता पर आधारित थी।
Q5. अमीर खुसरो किस संत के शिष्य थे?
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- निजामुद्दीन औलिया
- शेख सलीम चिश्ती
- कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी
व्याख्या:
- अमीर खुसरो, निजामुद्दीन औलिया के प्रिय शिष्य थे।
- वे एक महान कवि, गायक और संगीतज्ञ थे।
- उन्होंने कव्वाली की परंपरा को लोकप्रिय बनाया।
- उनका योगदान भारतीय संस्कृति और संगीत में अमूल्य है।
Q6. भक्ति आंदोलन की शुरुआत किसके द्वारा मानी जाती है?
- कबीर
- गुरु नानक
- आलवार और नयनार संत
- मीराबाई
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन की शुरुआत दक्षिण भारत में हुई।
- आलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संत इसके प्रवर्तक थे।
- बाद में यह आंदोलन पूरे भारत में फैल गया।
- इस आंदोलन ने प्रेम और समानता का संदेश दिया।
Q7. कबीर किस भक्ति परंपरा से जुड़े थे?
- वल्लभ संप्रदाय
- रामानुज संप्रदाय
- निर्गुण भक्ति परंपरा
- सगुण भक्ति परंपरा
व्याख्या:
- कबीर निर्गुण भक्ति धारा से जुड़े थे।
- उन्होंने मूर्ति पूजा और जाति प्रथा का विरोध किया।
- उनकी वाणी ‘बीजक’ में संकलित है।
- उन्होंने कहा – “सद्गुरु मिलें तो सब दुख दूर हो जाए।”
Q8. गुरु नानक ने किस धर्म की स्थापना की?
- भक्ति धर्म
- इस्लाम
- सिख धर्म
- जैन धर्म
व्याख्या:
- गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक थे।
- उनका जन्म 1469 ई. में तलवंडी (ननकाना साहिब) में हुआ।
- उन्होंने “एक ओंकार” का संदेश दिया।
- उन्होंने समानता, सेवा और भाईचारे पर जोर दिया।
Q9. मीराबाई किसकी भक्ति में लीन थीं?
- शिव
- कृष्ण
- राम
- विष्णु
व्याख्या:
- मीराबाई कृष्ण भक्त थीं।
- उनकी भक्ति भावपूर्ण और व्यक्तिगत प्रेम पर आधारित थी।
- उन्होंने कई भजन लिखे।
- उनका जीवन सगुण भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
Q10. रामानुज किस भक्ति धारा से जुड़े थे?
- निर्गुण भक्ति
- विशिष्टाद्वैत वेदांत (सगुण भक्ति)
- अद्वैत वेदांत
- सिख धर्म
व्याख्या:
- रामानुज ने विशिष्टाद्वैत वेदांत का प्रचार किया।
- वे विष्णु के उपासक थे।
- उनका विचार था कि आत्मा और ईश्वर अलग होते हुए भी जुड़े हैं।
- उन्होंने भक्तिमार्ग को सरल और सुलभ बनाया।
Q11. सूफी संतों का सिद्धांत क्या कहलाता था?
- निर्गुण भक्ति
- वहदत-उल-वजूद (सर्वेश्वरवाद)
- अद्वैत वेदांत
- विशिष्टाद्वैत
व्याख्या:
- सूफी संतों का सिद्धांत “वहदत-उल-वजूद” कहलाता है।
- इसका अर्थ है – ईश्वर एक है और सबमें व्याप्त है।
- यह हिंदू अद्वैत से मिलता-जुलता है।
- सूफी संत इसी विचार पर जोर देते थे।
Q12. ‘अलवार’ संत किस देवता के उपासक थे?
- शिव
- विष्णु
- गणेश
- कृष्ण
व्याख्या:
- अलवार संत विष्णु के उपासक थे।
- वे भक्ति आंदोलन के प्रारंभिक प्रवर्तक थे।
- उन्होंने विष्णु की स्तुति में भक्ति काव्य लिखा।
- इनकी भाषा तमिल थी।
Q13. ‘नयनार’ संत किस देवता के उपासक थे?
- शिव
- विष्णु
- राम
- कृष्ण
व्याख्या:
- नयनार संत शिव के उपासक थे।
- वे तमिल भाषा में भक्ति गीत लिखते थे।
- उन्होंने भक्ति को जन-जन तक पहुँचाया।
- ये भक्ति आंदोलन की महत्वपूर्ण धारा थे।
Q14. कबीर ने किस धार्मिक ग्रंथ का सबसे अधिक विरोध किया?
- गीता
- वेद
- कुरान और वेद दोनों की रूढ़ियों का
- रामायण
व्याख्या:
- कबीर ने धार्मिक ग्रंथों की रूढ़ियों का विरोध किया।
- उन्होंने कर्मकांड और पाखंड को व्यर्थ बताया।
- उनका संदेश था – “सच्ची भक्ति ईश्वर से सीधे प्रेम में है।”
- वे हिंदू-मुस्लिम एकता के पक्षधर थे।
Q15. सूफी संतों की भाषा क्या थी?
- संस्कृत
- स्थानीय बोलियाँ
- अंग्रेज़ी
- फारसी
व्याख्या:
- सूफी संत स्थानीय बोलियों में उपदेश देते थे।
- इससे आम लोग उनसे जुड़ते थे।
- उन्होंने लोकभाषा में भक्ति को लोकप्रिय बनाया।
- इसका प्रभाव हिंदी साहित्य पर पड़ा।
Q16. कबीर की वाणी किस ग्रंथ में संग्रहीत है?
- रामचरितमानस
- गुरु ग्रंथ साहिब
- बीजक
- गीतावली
व्याख्या:
- कबीर की वाणी “बीजक” नामक ग्रंथ में संग्रहीत है।
- इसमें उनके दोहे और साखियाँ
