प्राचीन भारत की मंदिर निर्माण कला ऐहोल किस शासन की थी?

  • चालुक्य
  • मौर्यकाल
  • चोल वंश
  • नंद वंश

थानेश्वर में वर्धन वंश/ पुष्यभूति वंश की स्थापना किसने की ?

  • राज्यवर्धन
  • आदित्यवर्धन
  • पुष्यभूतिवर्धन
  • नरवर्धन

पाल वंश की स्थापना किसने की ?

  • महिपाल
  • गोपाल
  • धर्मपाल
  • देवपाल

मौखरि वंश की स्थापना किसने की ?

  • ईशान वर्मा
  • गोपाल
  • विंध्यशक्ति
  • भटार्क

वाकाटक वंश की स्थापना किसने की ?

  • ईशान वर्मा
  • गोपाल
  • विंध्यशक्ति
  • भटार्क

मैत्रक वंश की स्थापना किसने की ?

  • ईशान वर्मा
  • गोपाल
  • विंध्यशक्ति
  • भटार्क

कदम्ब राज्य की स्थापना किसने की ?

  • ईशान वर्मा
  • मयूरशर्मन
  • विंध्यशक्ति
  • भटार्क

इनमें से कौन सा नगर वर्धन वंश का राजधानी था ?

  • थानेश्वर
  • कन्नौज
  • पुरिका
  • वल्लभी

इनमें से कौन सा नगर मौखरि वंश का राजधानी था ?

  • थानेश्वर
  • कन्नौज
  • पुरिका
  • वल्लभी

इनमें से कौन सा नगर वाकाटक वंश का राजधानी था ?

  • थानेश्वर
  • कन्नौज
  • पुरिका
  • वल्लभी

इनमें से कौन सा नगर मैत्रक वंश का राजधानी था ?

  • थानेश्वर
  • कन्नौज
  • पुरिका
  • वल्लभी

इनमें से कौन सा नगर कदम्ब राज्य का राजधानी था ?

  • थानेश्वर
  • वैजयन्ती या वनवासी
  • पुरिका
  • वल्लभी

निम्नलिखित में वह अंतिम बौद्ध राजा कौन था जो संस्कृत का महान विद्वान और लेखक था? [SSC 2002]

  • कनिष्क
  • अशोक
  • बिम्बिसार
  • हर्षवर्धन

‘हर्षचरित’ किसके द्वारा लिखी गई थी? [SSC 2002; BPSC 2005]

  • कालिदास
  • बाणभट्ट
  • बाल्मीकि
  • व्यास

हर्षवर्धन के समय में कौन-सा चीनी तीर्थयात्री भारत आया था ? [SSC 2001; RRB राँची ASM/GG 2004, UPPCS (M) 2012; BPSC 2015]

  • फाह्यान
  • इत्सिंग
  • मेगास्थनीज
  • ह्वेनसांग

चालुक्य राजा पुलकेशिन II को किसने पराजित किया था ? [SSC 2001]

  • महेन्द्रवर्मन I
  • नरसिंहवर्मन I
  • परमेश्वरवर्मन I
  • परांतक I

किस व्यक्ति को ‘द्वितीय अशोक’ कहा जाता है ? [SSC 1999]

  • समुद्रगुप्त
  • चन्द्रगुप्त मौर्य
  • स्कंदगुप्त
  • हर्षवर्धन

बाणभट्ट किस सम्राट के राजदरबारी कवि थे? [SSC 1999]

  • विक्रमादित्य
  • कुमारगुप्त
  • हर्षवर्धन
  • कनिष्क

गुप्तोत्तर काल में सबसे शक्तिशाली राजवंश कौन सा था?

  • गुर्जर-प्रतिहार
  • वर्धन
  • पाल
  • राष्ट्रकूट

Explanation:

  • वर्धन – हर्षवर्धन का साम्राज्य सबसे विस्तृत और शक्तिशाली था।
  • गुर्जर-प्रतिहार – उत्तरी भारत में एक प्रमुख शक्ति थे।
  • पाल – बंगाल और बिहार में शासन करते थे।
  • राष्ट्रकूट – दक्कन के शक्तिशाली शासक थे।

हर्षवर्धन की राजधानी कहाँ थी?

  • पाटलिपुत्र
  • कन्नौज
  • स्थानेश्वर (थानेसर)
  • उज्जैन

Explanation:

  • स्थानेश्वर (थानेसर) – हर्षवर्धन की मूल राजधानी।
  • कन्नौज – हर्ष ने बाद में इसे अपनी राजधानी बनाया।
  • पाटलिपुत्र – गुप्त साम्राज्य की राजधानी थी।
  • उज्जैन – गुप्तोत्तर काल में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था।

ह्वेनसांग किसके शासनकाल में भारत आया था?

  • चंद्रगुप्त द्वितीय
  • समुद्रगुप्त
  • हर्षवर्धन
  • धर्मपाल

Explanation:

  • हर्षवर्धन – चीनी यात्री ह्वेनसांग 630 ई. में हर्ष के शासनकाल में भारत आया।
  • चंद्रगुप्त द्वितीय – फाह्यान इसके शासनकाल में आया था।
  • समुद्रगुप्त – इलाहाबाद प्रशस्ति से इसके बारे में जानकारी मिलती है।
  • धर्मपाल – पाल वंश का शासक था।

त्रिपक्षीय संघर्ष किन तीन राजवंशों के बीच हुआ था?

  • गुप्त, वर्धन, मौखरि
  • चोल, चेर, पांड्य
  • गुर्जर-प्रतिहार, पाल, राष्ट्रकूट
  • सातवाहन, कुषाण, शक

Explanation:

  • गुर्जर-प्रतिहार, पाल, राष्ट्रकूट – ये तीनों राजवंश कन्नौज पर अधिकार के लिए लड़े।
  • चोल, चेर, पांड्य – दक्षिण भारत के राजवंश थे।
  • गुप्त, वर्धन, मौखरि – उत्तर भारत के अलग-अलग काल में शासन करने वाले वंश।
  • सातवाहन, कुषाण, शक – प्राचीन भारत के राजवंश थे।

नालंदा विश्वविद्यालय का संरक्षक कौन था?

  • गुर्जर-प्रतिहार
  • राष्ट्रकूट
  • पाल
  • चंदेल

Explanation:

  • पाल – पाल वंश के शासकों ने नालंदा विश्वविद्यालय को भारी दान दिया।
  • गुर्जर-प्रतिहार – इनका संघर्ष मुख्यतः राजनीतिक था।
  • राष्ट्रकूट – इन्होंने दक्कन में कई मंदिर बनवाए।
  • चंदेल – इन्होंने खजुराहो के मंदिर बनवाए।

हर्षवर्धन ने किस धार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया था?

  • तृतीय बौद्ध संगीति
  • प्रयाग सम्मेलन
  • राजसूय यज्ञ
  • वैष्णव सम्मेलन

Explanation:

  • प्रयाग सम्मेलन – हर्ष हर 5 साल में प्रयाग में एक धार्मिक सम्मेलन आयोजित करता था।
  • तृतीय बौद्ध संगीति – अशोक के शासनकाल में आयोजित हुई थी।
  • राजसूय यज्ञ – प्राचीन काल में राज्याभिषेक के समय किया जाने वाला यज्ञ।
  • वैष्णव सम्मेलन – यह एक सामान्य शब्द है, कोई विशिष्ट ऐतिहासिक घटना नहीं।

गुप्तोत्तर काल में सर्वाधिक प्रसिद्ध खगोलशास्त्री कौन था?

  • चरक
  • सुश्रुत
  • आर्यभट्ट
  • वराहमिहिर

Explanation:

  • आर्यभट्ट – यह गुप्तोत्तर काल के प्रमुख खगोलशास्त्री और गणितज्ञ थे।
  • वराहमिहिर – यह गुप्त काल के विद्वान थे।
  • चरक – प्राचीन आयुर्वेदाचार्य थे।
  • सुश्रुत – शल्य चिकित्सा के जनक माने जाते हैं।

गुप्तोत्तर काल में भूमिदान की प्रथा किसके लिए प्रचलित थी?

  • सैनिकों को
  • व्यापारियों को
  • ब्राह्मणों और धार्मिक संस्थाओं को
  • किसानों को

Explanation:

  • ब्राह्मणों और धार्मिक संस्थाओं को – इस काल में भूमिदान का मुख्य उद्देश्य धार्मिक और सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करना था।
  • सैनिकों को – यह प्रथा प्राचीन काल में थी, गुप्तोत्तर काल में नहीं।
  • व्यापारियों को – भूमि दान का यह उद्देश्य नहीं था।
  • किसानों को – किसान भूमि जोतते थे, उन्हें दान में नहीं दी जाती थी।

गुप्तोत्तर काल में सामंतवाद की प्रथा का क्या प्रभाव पड़ा?

  • केंद्रीय शक्ति मजबूत हुई
  • आर्थिक व्यवस्था समतावादी हुई
  • राजनीतिक विखंडन बढ़ा
  • व्यापार में वृद्धि हुई

Explanation:

  • राजनीतिक विखंडन बढ़ा – सामंतों के शक्तिशाली होने से केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई।
  • केंद्रीय शक्ति मजबूत हुई – यह गुप्त काल की विशेषता थी।
  • आर्थिक व्यवस्था समतावादी हुई – सामंतवाद से सामाजिक-आर्थिक असमानता बढ़ी।
  • व्यापार में वृद्धि हुई – गुप्तोत्तर काल में व्यापार में गिरावट आई थी।

हर्षचरित के रचयिता कौन हैं?

  • विष्णुशर्मा
  • बाणभट्ट
  • बाणभट्ट
  • कालिदास

Explanation:

  • बाणभट्ट – बाणभट्ट हर्षवर्धन के दरबारी कवि थे और उन्होंने हर्षचरित की रचना की।
  • विष्णुशर्मा – इन्होंने पंचतंत्र की रचना की थी।
  • कालिदास – यह गुप्त काल के महाकवि थे।

गुप्तोत्तर काल में नालंदा विश्वविद्यालय कहाँ स्थित था?

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • बंगाल
  • मध्य प्रदेश

Explanation:

  • बिहार – नालंदा विश्वविद्यालय आधुनिक बिहार राज्य में स्थित था।
  • उत्तर प्रदेश – यह कन्नौज और प्रयाग जैसे केंद्रों के लिए जाना जाता था।
  • बंगाल – पाल वंश का मुख्य क्षेत्र था।
  • मध्य प्रदेश – गुर्जर-प्रतिहारों का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र था।

कादंबरी के रचयिता कौन हैं?

  • हर्षवर्धन
  • कालिदास
  • बाणभट्ट
  • दंडी

Explanation:

  • बाणभट्ट – बाणभट्ट ने हर्षचरित और कादंबरी दोनों की रचना की।
  • हर्षवर्धन – इन्होंने नाटक लिखे, कादंबरी नहीं।
  • कालिदास – इनकी प्रमुख रचनाएँ अभिज्ञानशाकुंतलम आदि हैं।
  • दंडी – इन्होंने दशकुमारचरित की रचना की।

गुप्तोत्तर काल में सबसे प्रसिद्ध वास्तुकला का नमूना क्या है?

  • साँची स्तूप
  • अजंता की गुफाएँ
  • देवगढ़ का दशावतार मंदिर
  • महाबलीपुरम के रथ

Explanation:

  • देवगढ़ का दशावतार मंदिर – यह गुप्तोत्तर काल की वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है।
  • साँची स्तूप – यह मौर्य काल और शुंग काल से संबंधित है।
  • अजंता की गुफाएँ – इनका निर्माण गुप्त काल से पहले और बाद में भी हुआ था।
  • महाबलीपुरम के रथ – ये पल्लव वंश द्वारा बनवाए गए थे।

हर्षवर्धन के बाद उत्तरी भारत में किसने शक्ति प्राप्त की?

  • पाल वंश
  • राष्ट्रकूट वंश
  • गुर्जर-प्रतिहार वंश
  • सेन वंश

Explanation:

  • गुर्जर-प्रतिहार वंश – हर्ष के बाद गुर्जर-प्रतिहार उत्तरी भारत की प्रमुख शक्ति बने।
  • पाल वंश – यह पूर्वी भारत में शक्तिशाली था।
  • राष्ट्रकूट वंश – यह दक्कन में शक्तिशाली था।
  • सेन वंश – यह बंगाल में बाद में शासन करने वाला वंश था।

गुप्तोत्तर काल में भू-राजस्व की दर क्या थी?

  • छठा भाग
  • चौथा भाग
  • छठा से बढ़कर चौथा या तीसरा भाग
  • आधा भाग

Explanation:

  • छठा से बढ़कर चौथा या तीसरा भाग – इस काल में राजस्व की दर में वृद्धि हुई।
  • छठा भाग – यह मौर्य काल और गुप्त काल में प्रचलित दर थी।
  • चौथा भाग – यह एक सामान्य दर थी, लेकिन इसमें वृद्धि हुई।
  • आधा भाग – यह दर बहुत अधिक थी और सामान्यतः नहीं ली जाती थी।

गुप्तोत्तर काल में सबसे प्रमुख व्यापारिक गतिविधि क्या थी?

  • वस्त्र व्यापार
  • मसाले का व्यापार
  • कृषि उत्पादों का व्यापार
  • हथियारों का व्यापार

Explanation:

  • कृषि उत्पादों का व्यापार – अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित थी, इसलिए इसका व्यापार प्रमुख था।
  • वस्त्र व्यापार – यह महत्वपूर्ण था लेकिन कृषि जितना प्रमुख नहीं।
  • मसाले का व्यापार – यह दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों में अधिक था।
  • हथियारों का व्यापार – यह एक विशिष्ट व्यापार था, सामान्य नहीं।

गुप्तोत्तर काल में जाति व्यवस्था की क्या स्थिति थी?

  • यह लचीली हो गई
  • यह और अधिक कठोर हो गई
  • इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ
  • इसे समाप्त कर दिया गया

Explanation:

  • यह और अधिक कठोर हो गई – सामंतवाद और भूमिदान के कारण सामाजिक रूढ़िवादिता बढ़ी।
  • यह लचीली हो गई – गुप्त काल में एक सीमा तक लचीलापन था, लेकिन गुप्तोत्तर काल में नहीं।
  • इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ – इस काल में महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन हुए।
  • इसे समाप्त कर दिया गया – जाति व्यवस्था समाप्त नहीं हुई।

हर्षवर्धन ने किस भाषा में नाटकों की रचना की?

  • पालि
  • प्राकृत
  • संस्कृत
  • अपभ्रंश

Explanation:

  • संस्कृत – हर्षवर्धन ने ‘रत्नावली’, ‘प्रियदर्शिका’ और ‘नागानंद’ जैसे नाटक संस्कृत में लिखे।
  • पालि – यह बौद्ध धर्म की भाषा थी।
  • प्राकृत – यह जनसामान्य की भाषा थी।
  • अपभ्रंश – यह मध्यकालीन भारत की भाषा है।

गुप्तोत्तर काल में मंदिर निर्माण की किस शैली का विकास हुआ?

  • द्रविड़ शैली
  • नागर शैली
  • बेसरा शैली
  • वेसर शैली

Explanation:

  • नागर शैली – उत्तरी भारत में मंदिर निर्माण की नागर शैली का विकास इसी काल में हुआ।
  • द्रविड़ शैली – इसका विकास दक्षिण भारत में हुआ।
  • बेसरा शैली – यह दक्कन की शैली है।
  • वेसर शैली – यह नागर और द्रविड़ शैली का मिश्रण है।

गुप्तोत्तर काल में सबसे प्रचलित सिक्का किस धातु का था?

  • सोना
  • चाँदी
  • ताँबा
  • कांस्य

Explanation:

  • ताँबा – आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण ताँबे के सिक्के सबसे अधिक प्रचलित थे।
  • सोना – गुप्त काल में सोने के सिक्के प्रचलित थे, गुप्तोत्तर काल में नहीं।
  • चाँदी – इसके सिक्के कम मिलते हैं।
  • कांस्य – इसके उपयोग सीमित था।

हर्षवर्धन के दक्षिण के अभियान को किसने विफल किया?

  • पुलकेशिन प्रथम
  • पुलकेशिन द्वितीय
  • विक्रमादित्य प्रथम
  • कृष्ण प्रथम

Explanation:

  • पुलकेशिन द्वितीय – चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा के तट पर हर्ष को हराया।
  • पुलकेशिन प्रथम – यह चालुक्य वंश का संस्थापक था।
  • विक्रमादित्य प्रथम – यह बाद का चालुक्य शासक था।
  • कृष्ण प्रथम – इसने एलोरा के कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण करवाया।

गुप्तोत्तर काल में बंगाल में किस वंश का उदय हुआ?

  • सेन वंश
  • पाल वंश
  • वर्मन वंश
  • चंदेल वंश

Explanation:

  • पाल वंश – गोपाल के नेतृत्व में पाल वंश की स्थापना बंगाल में हुई।
  • सेन वंश – यह पाल वंश के बाद बंगाल में आया।
  • वर्मन वंश – यह कामरूप (असम) में शासन करता था।
  • चंदेल वंश – यह बुंदेलखंड में शासन करता था।

गुप्तोत्तर काल में किस देश के साथ सांस्कृतिक संपर्क बना रहा?

  • रोम
  • ईरान
  • चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया
  • यूनान

Explanation:

  • चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया – ह्वेनसांग जैसे यात्रियों के आदान-प्रदान और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय संस्कृति के प्रसार के कारण।
  • रोम – गुप्त काल के बाद रोम के साथ व्यापारिक संपर्क कम हो गए।
  • ईरान – संपर्क थे लेकिन चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया जितने प्रमुख नहीं।
  • यूनान – प्राचीन काल में संपर्क थे, गुप्तोत्तर काल में नहीं।

गुप्तोत्तर काल में भूमिदान के पत्रों को क्या कहा जाता था?

  • शासन
  • अभिलेख
  • ताम्रपत्र
  • प्रशस्ति

Explanation:

  • ताम्रपत्र – भूमिदान का विवरण ताम्रपत्रों पर अंकित किया जाता था।
  • शासन – यह एक सामान्य शब्द है, दान पत्र के लिए विशिष्ट नहीं।
  • अभिलेख – यह शिलाओं पर उत्कीर्ण लेख होते थे।
  • प्रशस्ति – यह राजाओं की प्रशंसा में लिखा गया गद्य या पद्य होता था।

गुप्तोत्तर काल में किसकी पूजा का सबसे अधिक प्रचलन था?

  • बुद्ध
  • शिव
  • विष्णु
  • शक्ति

Explanation:

  • विष्णु – इस काल में वैष्णव धर्म का बहुत अधिक प्रचलन था।
  • बुद्ध – बौद्ध धर्म का प्रभाव था लेकिन हिंदू धर्म के मुकाबले कम हो रहा था।
  • शिव – शैव धर्म भी प्रचलित था लेकिन वैष्णव धर्म अधिक लोकप्रिय था।
  • शक्ति – शक्ति पूजा का प्रचलन बाद में तांत्रिक प्रभावों के साथ हुआ।
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