राज्य विधान सभा तथा लोक सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण बिल में कितने आरक्षण की बात कही गई है? [SSC 2015]
- 30%
- 36%
- 25%
- 33%
भारत के निम्नलिखित राज्यों में से किस राज्य की विधान सभा की सीटों की संख्या सर्वाधिक है? CDS 2018)
- पश्चिम बंगाल
- बिहार
- मध्य प्रदेश
- तमिलनाडु
राज्य विधान सभाओं में आंग्ल भारतीय समुदाय के लिए प्रतिनिधित्व का प्रावधान भारत के संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा किया गया है ? [UPPCS 2015]
- अनुच्छेद-330
- अनुच्छेद-331
- अनुच्छेद-332
- अनुच्छेद-333
विधान सभा में किसी दल के निर्वाचित सदस्यों के दल-बदल पर निम्नलिखित में से किसने प्रतिबन्ध लगाया है ? [UPPCS 1996]
- संविधान का 52वाँ संशोधन कानून
- जनता के प्रतिनिधित्व का कानून
- संविधान का 42वाँ संशोधन कानून
- संविधान का 44वाँ संशोधन
राज्यों में मनी बिल प्रस्तुत किया जा सकता है
- दोनों सदनों में से किसी सदन में
- दोनों सदनों में परस्पर एक साथ
- केवल विधान सभा में
- केवल उच्च सदन में
किसी विधान सभा में कोई धन विधेयक निम्न में से किसकी अनुमति के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है? [IAS 1989 UPPCS 2012]
- राज्यपाल
- मुख्यमंत्री
- वित्त मंत्री
- स्पीकर
यदि किसी राज्य विधान सभा के निर्वाचन में निर्वाचित घोषित होने वाला प्रत्याशी अपना क्षिप्त राशि खो देता है तो उसका अर्थ है कि [IAS 1995]
- मतदान बहुत कम हुआ ।
- बहुसदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्वाचन था
- निर्वाचित प्रत्याशी की अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी पर विजय बहुत कम मतों से बनी ।
- निर्वाचन लड़नेवाले प्रत्याशियों की संख्या बहुत अधिक थी
भारत में विधान सभा चुनाव किस आधार पर होते हैं ?
- एकल हस्तांतरीय मत
- सीमित मताधिकार
- आनुपातिक प्रतिनिधित्व
- वयस्क मताधिकार
राज्यों की विधान सभा को कितनी समयावधि के अंदर संवैधानिक सशोधन विधेयक को स्वीकार अथवा अस्वीकार करना पड़ता है ?
- 14 दिन
- 30 दिन
- 6 माह
- कोई निश्चित सीमा नहीं
राज्य विधानमंडल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- राज्यपाल विधानसभा का अध्यक्ष होता है।
- राज्य विधानमंडल में राज्यपाल और एक या दो सदन हो सकते हैं।
- सभी राज्यों में दो सदन होते हैं।
- विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।
Explanation:
- राज्य विधानमंडल में राज्यपाल और एक या दो सदन (विधानसभा और विधान परिषद) हो सकते हैं। केवल 6 राज्यों में द्विसदनीय व्यवस्था है।
- राज्यपाल सदन का अध्यक्ष नहीं होता।
- विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष नहीं, बल्कि स्थायी होता है।
विधान परिषद (विधानसभा) के सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?
- 500
- 450
- 500 से अधिक नहीं और 60 से कम नहीं
- इसमें कोई निश्चित सीमा नहीं है
Explanation:
- अनुच्छेद 170 के अनुसार, विधानसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 500 और न्यूनतम 60 हो सकती है। छोटे राज्यों (जैसे सिक्किम, गोआ) के लिए अपवाद है।
- 450 और 500 गलत विकल्प हैं।
विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव कितने समय के लिए होता है?
- 3 वर्ष
- 4 वर्ष
- 6 वर्ष (स्थायी सदन)
- 5 वर्ष
Explanation:
- विधान परिषद एक स्थायी सदन है, जिसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक 2 वर्ष बाद सेवानिवृत्त होते हैं। इसलिए किसी एक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।
- 5 वर्ष विधानसभा का कार्यकाल है।
राज्य विधानमंडल का कोई सदन गैर-वित्तीय विधेयक पारित करने में विफल रहता है, तो क्या होता है?
- विधेयक समाप्त हो जाता है
- राष्ट्रपति हस्तक्षेप करते हैं
- राज्यपाल दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुला सकता है
- मुख्यमंत्री निर्णय लेता है
Explanation:
- अनुच्छेद 197 के अनुसार, गैर-वित्तीय विधेयकों पर गतिरोध की स्थिति में राज्यपाल दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुला सकता है।
- राष्ट्रपति का हस्तक्षेप इस मामले में नहीं होता।
- विधेयक स्वतः समाप्त नहीं होता।
राज्य विधानसभा के निर्वाचन के लिए निम्न में से कौन योग्य है?
- 25 वर्ष से कम आयु का कोई भी भारतीय नागरिक
- कम से कम 25 वर्ष आयु का भारतीय नागरिक
- केवल स्नातक
- कम से कम 30 वर्ष आयु का भारतीय नागरिक
Explanation:
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 173 के अनुसार, विधानसभा का उम्मीदवार होने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए।
- 30 वर्ष की आयु विधान परिषद के लिए है। शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है।
विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव कौन करता है?
- सीधे जनता
- राज्यपाल
- निर्वाचक मंडल (जिसमें स्थानीय निकाय, शिक्षक, विधानसभा सदस्य आदि शामिल होते हैं)
- राष्ट्रपति
Explanation:
- विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें स्थानीय निकायों के सदस्य, विधानसभा सदस्य, शिक्षक और स्नातक शामिल होते हैं।
- राज्यपाल और राष्ट्रपति सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं, लेकिन चुनाव नहीं करते।
राज्य विधानसभा को भंग करने की शक्ति किसमें निहित है?
- मुख्यमंत्री
- राष्ट्रपति
- उच्च न्यायालय
- राज्यपाल
Explanation:
- राज्यपाल के पास मुख्यमंत्री की सलाह पर विधानसभा को भंग करने की शक्ति होती है।
- राष्ट्रपति राज्य सभा को भंग नहीं कर सकते।
- मुख्यमंत्री के पास सीधी शक्ति नहीं है।
राज्य विधानमंडल द्वारा पारित धन विधेयक पर सबसे पहले किसकी सहमति आवश्यक है?
- विधान परिषद की
- मुख्यमंत्री की
- राज्यपाल की
- विधानसभा अध्यक्ष की
Explanation:
- कोई भी धन विधेयक राज्यपाल की पूर्व सिफारिश के बिना पेश नहीं किया जा सकता है। यह अनुच्छेद 207 में वर्णित है।
- विधान परिषद इसे केवल 14 दिनों के लिए रोक सकती है।
विधान परिषद को समाप्त करने या गठित करने का अधिकार किसे है?
- राज्य विधानसभा
- राज्यपाल
- संसद (संसदीय अधिनियम द्वारा)
- राष्ट्रपति
Explanation:
- अनुच्छेद 169 के अनुसार, संसद एक साधारण बहुमत से कानून पारित करके किसी राज्य में विधान परिषद का गठन कर सकती है या उसे समाप्त कर सकती है।
- इसके लिए राज्य विधानसभा का एक संकल्प पारित होना आवश्यक है।
राज्य विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) का चुनाव कौन करता है?
- राज्यपाल
- मुख्यमंत्री
- विधानसभा के सदस्य
- राष्ट्रपति
Explanation:
- विधानसभा के सदस्य अपने में से ही एक अध्यक्ष (स्पीकर) और एक उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) का चुनाव करते हैं।
- राज्यपाल या राष्ट्रपति इस चुनाव में हस्तक्षेप नहीं करते।
किसी राज्य में विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या विधानसभा के सदस्यों की संख्या से कितनी होनी चाहिए?
- आधी
- बराबर
- एक-तिहाई से अधिक नहीं
- दो-तिहाई
Explanation:
- अनुच्छेद 171 के अनुसार, किसी राज्य की विधान परिषद की सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती।
- यह न्यूनतम 40 सदस्यों से कम भी नहीं हो सकती (कुछ छोटे राज्यों को छोड़कर)।
राज्य विधानमंडल की समितियों के संबंध में कौन सा कथन सही है?
- इनकी स्थापना संविधान द्वारा की गई है
- ये विधानमंडल के कार्यों में सहायता करती हैं
- इनके पास न्यायिक शक्तियाँ होती हैं
- इनके सदस्य केवल विपक्ष दल से होते हैं
Explanation:
- विधानमंडल की स्थायी और तदर्थ समितियाँ (जैसे PAC, Estimates Committee) विधानमंडल के कार्यों में दक्षता और गहन जाँच के लिए सहायता करती हैं।
- ये संविधान द्वारा स्थापित नहीं, बल्कि सदन के नियमों के तहत गठित की जाती हैं।
राज्य विधानसभा का सत्र कौन बुलाता है?
- मुख्यमंत्री
- स्पीकर
- राज्यपाल
- राष्ट्रपति
Explanation:
- राज्यपाल विधानसभा का सत्र बुलाता है (अनुच्छेद 174) और उसका सत्रावसान करता है। यह मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर किया जाता है।
- स्पीकर सदन की बैठकों का संचालन करता है, सत्र नहीं बुलाता।
विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) अपना इस्तीफा किसे addressed करके देता है?
- मुख्यमंत्री
- राज्यपाल
- उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर)
- विधानसभा के सचिव
Explanation:
- स्पीकर अपना इस्तीफा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) को संबोधित करके देता है।
- इसी तरह, उपाध्यक्ष अपना इस्तीफा स्पीकर को देता है।
राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी विधेयक पर राज्यपाल क्या कार्रवाई कर सकता है?
- केवल स्वीकृति दे सकता है
- केवल राष्ट्रपति के पास भेज सकता है
- स्वीकृति दे सकता है, राष्ट्रपति के पास भेज सकता है, या वापस लौटा सकता है (सिवाय धन विधेयक के)
- केवल अस्वीकार कर सकता है
Explanation:
- राज्यपाल एक साधारण विधेयक को स्वीकार कर सकता है, राष्ट्रपति की सहमति के लिए आरक्षित कर सकता है, या इसे (सिवाय धन विधेयक के) पुनर्विचार के लिए विधानमंडल को वापस भेज सकता है।
विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुने जाने के लिए न्यूनतम आयु क्या है?
- 21 वर्ष
- 25 वर्ष
- 30 वर्ष
- 35 वर्ष
Explanation:
- अनुच्छेद 173 के अनुसार, विधान परिषद का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए।
- विधानसभा के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।
राज्य विधानमंडल का संयुक्त अधिवेशन कौन बुलाता है?
- मुख्यमंत्री
- विधानसभा अध्यक्ष
- राज्यपाल
- राष्ट्रपति
Explanation:
- द्विसदनीय व्यवस्था वाले राज्य में, दोनों सदनों के बीच गतिरोध की स्थिति में राज्यपाल संयुक्त अधिवेशन बुला सकता है (अनुच्छेद 197)।
- केंद्र में यह शक्ति राष्ट्रपति के पास है।
किसी राज्य विधानसभा सदस्य (MLA) की सदस्यता किस आधार पर समाप्त हो जाती है?
- अनुपस्थिति के आधार पर
- दसवीं अनुसूची (दल-बदल कानून) के तहत अयोग्यता
- मुख्यमंत्री के आदेश से
- राज्यपाल के आदेश से
Explanation:
- दसवीं अनुसूची (जिसे दल-बदल विरोधी कानून भी कहा जाता है) के तहत, यदि कोई सदस्य अपने दल के Whip का उल्लंघन करता है या दल बदलता है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
- अनुपस्थिति के आधार पर भी सदस्यता जा सकती है, लेकिन यह प्राथमिक कारण नहीं है।
राज्य विधानमंडल की विधायी शक्तियाँ किसके अधीन हैं?
- केवल राज्य सूची
- राज्य सूची, समवर्ती सूची और अवशिष्ट विषय
- केवल समवर्ती सूची
- केवल संघ सूची
Explanation:
- राज्य विधानमंडल राज्य सूची और समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बना सकता है। समवर्ती सूची पर संसद के कानून को प्राथमिकता मिलती है। अवशिष्ट विषयों पर कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है।
विधानसभा में ‘अनुपस्थिति मतदान’ (Proxy Voting) की अनुमति है?
- हाँ, सभी सदस्यों के लिए
- नहीं, भारत में यह प्रथा नहीं है
- केवल मंत्रियों के लिए
- केवल विपक्ष के नेता के लिए
Explanation:
- भारतीय संसद और विधानसभाओं में अनुपस्थिति मतदान (Proxy Voting) की अनुमति नहीं है। प्रत्येक सदस्य को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मतदान करना होता है।
राज्य विधानसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बाद, यह किसके पास जाता है?
- सीधे राष्ट्रपति के पास
- केन्द्रीय मंत्रिमंडल के पास
- राज्यपाल के पास स्वीकृति के लिए
- उच्च न्यायालय के पास
Explanation:
- राज्य विधानमंडल द्वारा पारित कोई भी साधारण विधेयक राज्यपाल के पास उनकी स्वीकृति के लिए जाता है (अनुच्छेद 200)। राज्यपाल इसे स्वीकार कर सकता है, राष्ट्रपति के पास भेज सकता है, या वापस लौटा सकता है।
राज्य विधानसभा के सदस्य (MLA) का वेतन और भत्ता कौन निर्धारित करता है?
- केंद्र सरकार
- राज्यपाल
- राज्य विधानमंडल
- भारत का नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG)
Explanation:
- राज्य विधानमंडल स्वयं अपने सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन को निर्धारित करने के लिए कानून बना सकता है।
- इसे संसद द्वारा निर्धारित नहीं किया जाता है।
राज्य विधानमंडल की प्रक्रिया में ‘करेंसी ऑफ़ बिल’ से क्या अभिप्राय है?
- विधेयक की वित्तीय लागत
- वह विधेयक जो सदन में पेश किए जाने के लिए तैयार और वैध है
- विदेशी मुद्रा से संबंधित विधेयक
- कराधान से संबंधित विधेयक
Explanation:
- पार्लियामेंटरी प्रक्रिया में, ‘करेंसी ऑफ़ बिल’ एक ऐसा विधेयक होता है जो किसी सदन में पेश किए जाने के लिए उपयुक्त और वैध माना जाता है, और जिस पर चर्चा की जा सकती है।
- यह वित्तीय लागत या कराधान से संबंधित नहीं है।
किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राज्य विधानमंडल का क्या Status होता है?
- यह स्वतः भंग हो जाता है
- इसकी शक्तियाँ बढ़ जाती हैं
- इसे निलंबित या भंग किया जा सकता है
- यह केवल नाममात्र का रह जाता है
Explanation:
- अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू होने पर, राज्यपाल राष्ट्रपति के नाम पर कार्य करता है और राज्य विधानमंडल या तो निलंबित रहता है या भंग कर दिया जाता है। संसद राज्य के लिए कानून बनाती है।
