1. मुद्रास्फीति क्या है?
- मुद्रा की क्रय शक्ति में वृद्धि
- मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी
- वस्तुओं की कीमतों में कमी
- ब्याज दरों में कमी
Explanation:
- मुद्रास्फीति मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी है जो वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि के कारण होती है।
- यह अर्थव्यवस्था में मांग और आपूर्ति के असंतुलन के कारण उत्पन्न होती है।
2. भारत में मुद्रास्फीति की गणना किसके आधार पर की जाती है?
- उत्पादन सूचकांक
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)
- सकल घरेलू उत्पाद
- ब्याज दरें
Explanation:
- भारत में मुद्रास्फीति की गणना मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर की जाती है जो आम उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे गए सामानों और सेवाओं के औसत मूल्य को मापता है।
- पहले थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का उपयोग किया जाता था, लेकिन 2014 के बाद से CPI को प्राथमिकता दी जाती है।
3. मांग-जनित मुद्रास्फीति किस कारण होती है?
- उत्पादन लागत में वृद्धि
- मांग में वृद्धि
- करों में कमी
- आयात में वृद्धि
Explanation:
- मांग-जनित मुद्रास्फीति तब होती है जब मांग, आपूर्ति से अधिक हो जाती है जिसके कारण कीमतें बढ़ जाती हैं।
- यह आमतौर पर तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में देखी जाती है जब उपभोक्ताओं के पास खर्च करने के लिए अधिक धन होता है।
4. लागत-जनित मुद्रास्फीति किस कारण होती है?
- मांग में कमी
- उत्पादन लागत में वृद्धि
- निर्यात में वृद्धि
- ब्याज दरों में कमी
Explanation:
- लागत-जनित मुद्रास्फीति तब होती है जब उत्पादन लागत (कच्चे माल, श्रम, कर आदि) में वृद्धि होती है जिसके कारण वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ जाती हैं।
- यह मांग में परिवर्तन के बिना भी हो सकती है।
5. स्टैगफ्लेशन क्या है?
- मुद्रास्फीति के साथ आर्थिक विकास
- मुद्रास्फीति के साथ आर्थिक मंदी
- मुद्रास्फीति के बिना आर्थिक मंदी
- मुद्रास्फीति में तेज गिरावट
Explanation:
- स्टैगफ्लेशन एक आर्थिक स्थिति है जहाँ उच्च मुद्रास्फीति और उच्च बेरोजगारी के साथ आर्थिक विकास की दर धीमी होती है।
- यह 1970 के दशक में तेल संकट के दौरान कई देशों में देखा गया था।
6. मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए RBI कौन-सी monetary policy का उपयोग करता है?
- राजकोषीय नीति
- ब्याज दरों में परिवर्तन
- कर नीति
- सार्वजनिक व्यय
Explanation:
- RBI मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों (रेपो रेट) में परिवर्तन करता है।
- उच्च ब्याज दरें उधार लेने की लागत बढ़ाकर मुद्रास्फीति को कम करती हैं, जबकि निम्न ब्याज दरें आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देती हैं।
7. कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) क्या है?
- केवल खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि
- खाद्य और ईंधन को छोड़कर मुद्रास्फीति
- केवल ईंधन की कीमतों में वृद्धि
- निर्यात मुद्रास्फीति
Explanation:
- कोर इन्फ्लेशन में खाद्य और ईंधन जैसे अस्थिर items को छोड़कर मुद्रास्फीति की गणना की जाती है क्योंकि इनकी कीमतों में अक्सर उतार-चढ़ाव होता रहता है।
- यह मुद्रास्फीति की दीर्घकालिक प्रवृत्ति को बेहतर ढंग से दर्शाती है।
8. हाइपरइन्फ्लेशन क्या है?
- धीमी मुद्रास्फीति
- बहुत उच्च और तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति
- ऋणात्मक मुद्रास्फीति
- स्थिर मुद्रास्फीति
Explanation:
- हाइपरइन्फ्लेशन एक अत्यधिक उच्च और तेजी से बढ़ने वाली मुद्रास्फीति है जो आमतौर पर प्रति माह 50% से अधिक होती है।
- यह आर्थिक संकट की स्थिति में होता है और मुद्रा की value को तेजी से नष्ट कर देता है, जैसे 1920 के दशक में जर्मनी में हुआ था।
9. मुद्रास्फीति के कारण किस वर्ग को सबसे अधिक नुकसान होता है?
- उधारदाताओं को
- निश्चित आय वर्ग को
- उद्योगपतियों को
- सरकार को
Explanation:
- निश्चित आय वर्ग (जैसे पेंशनभोगी, वेतनभोगी कर्मचारी) को मुद्रास्फीति से सबसे अधिक नुकसान होता है क्योंकि उनकी आय स्थिर रहती है जबकि खर्चे बढ़ जाते हैं।
- मुद्रास्फीति उधार लेने वालों के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि वे कम value की मुद्रा में चुकाते हैं।
10. डिसइन्फ्लेशन (Disinflation) क्या है?
- मुद्रास्फीति में वृद्धि
- मुद्रास्फीति की दर में कमी
- ऋणात्मक मुद्रास्फीति
- मुद्रा का अवमूल्यन
Explanation:
- डिसइन्फ्लेशन मुद्रास्फीति की दर में कमी की प्रक्रिया है, लेकिन यह अभी भी सकारात्मक होती है।
- यह डिफ्लेशन (deflation) से भिन्न है जहाँ मुद्रास्फीति की दर ऋणात्मक हो जाती है और कीमतें वास्तव में गिरने लगती हैं।
11. हेडलाइन इन्फ्लेशन (Headline Inflation) क्या है?
- केवल खाद्य कीमतों में परिवर्तन
- सभी वस्तुओं और सेवाओं को शामिल करने वाली कुल मुद्रास्फीति
- निर्यात मुद्रास्फीति
- आयात मुद्रास्फीति
Explanation:
- हेडलाइन इन्फ्लेशन कुल CPI को दर्शाती है जिसमें खाद्य, ईंधन और अन्य सभी items शामिल होते हैं।
- यह कोर इन्फ्लेशन से भिन्न है जो खाद्य और ईंधन जैसे अस्थिर components को हटाकर गणना की जाती है।
12. भारत में मुद्रास्फीति की गणना कौन करता है?
- भारतीय रिजर्व बैंक
- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO)
- वित्त मंत्रालय
- योजना आयोग
Explanation:
- भारत में मुद्रास्फीति की गणना राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा की जाती है जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
- RBI मौद्रिक नीति बनाते समय इस डेटा का उपयोग करता है।
13. मुद्रास्फीति का मुख्य कारण क्या है?
- बचत में वृद्धि
- मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि
- निर्यात में कमी
- आयात में वृद्धि
Explanation:
- मुद्रास्फीति का मुख्य कारण अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि है जो मांग को बढ़ाती है।
- फिशर के समीकरण (MV = PT) के अनुसार, मुद्रा आपूर्ति (M) और कीमत स्तर (P) के बीच सीधा संबंध होता है।
14. क्रेपिंग इन्फ्लेशन (Creeping Inflation) क्या है?
- अति उच्च मुद्रास्फीति
- धीमी गति से बढ़ने वाली मुद्रास्फीति
- ऋणात्मक मुद्रास्फीति
- अस्थिर मुद्रास्फीति
Explanation:
- क्रेपिंग इन्फ्लेशन एक धीमी गति से बढ़ने वाली मुद्रास्फीति है जो आमतौर पर 3% प्रतिवर्ष से कम होती है।
- यह आर्थिक विकास के लिए अनुकूल मानी जाती है क्योंकि यह निवेश को प्रोत्साहित करती है।
15. गलोबल इन्फ्लेशन (Global Inflation) क्या है?
- केवल एक देश की मुद्रास्फीति
- दुनिया भर में मुद्रास्फीति की सामान्य प्रवृत्ति
- आयातित मुद्रास्फीति
- निर्यात मुद्रास्फीति
Explanation:
- ग्लोबल इन्फ्लेशन दुनिया भर में मुद्रास्फीति की सामान्य प्रवृत्ति को दर्शाता है जो वैश्विक आर्थिक स्थितियों से प्रभावित होती है।
- COVID-19 महामारी के बाद की आर्थिक सुधार प्रक्रिया और रूस-यूक्रेन युद्ध ने 2022-23 में वैश्विक मुद्रास्फीति को बढ़ाया।
16. मुद्रास्फीति का सीधा प्रभाव क्या है?
- ब्याज दरों में कमी
- मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी
- निर्यात में वृद्धि
- आयात में कमी
Explanation:
- मुद्रास्फीति का सीधा प्रभाव मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी है क्योंकि समान amount की मुद्रा से कम वस्तुएँ और सेवाएँ खरीदी जा सकती हैं।
- यह बचत को हतोत्साहित करती है और खपत को प्रोत्साहित करती है।
17. फिस्कल पॉलिसी (राजकोषीय नीति) के माध्यम से मुद्रास्फीति को कैसे नियंत्रित किया जाता है?
- ब्याज दरें बढ़ाकर
- कर बढ़ाकर और सरकारी खर्च कम करके
- मुद्रा आपूर्ति बढ़ाकर
- निर्यात बढ़ाकर
Explanation:
- राजकोषीय नीति के माध्यम से मुद्रास्फीति को कर बढ़ाकर और सरकारी खर्च कम करके नियंत्रित किया जाता है जिससे अर्थव्यवस्था में मांग कम होती है।
- यह वित्त मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है, जबकि मौद्रिक नीति RBI द्वारा।
18. बिल्ट-इन इन्फ्लेशन (Built-in Inflation) क्या है?
- आयातित मुद्रास्फीति
- मजदूरी-कीमत सर्पिल के कारण मुद्रास्फीति
- करों के कारण मुद्रास्फीति
- सरकारी खर्च के कारण मुद्रास्फीति
Explanation:
- बिल्ट-इन इन्फ्लेशन मजदूरी-कीमत सर्पिल के कारण होती है जहाँ मजदूरी बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ती है और कीमतें बढ़ती हैं, जिससे फिर से मजदूरी बढ़ाने की मांग होती है।
- यह एक दुष्चक्र बनाती है जो मुद्रास्फीति को बनाए रखती है।
19. आयातित मुद्रास्फीति (Imported Inflation) क्या है?
- निर्यात के कारण मुद्रास्फीति
- आयातित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति
- मुद्रा के अवमूल्यन के कारण मुद्रास्फीति
- विदेशी निवेश के कारण मुद्रास्फीति
Explanation:
- आयातित मुद्रास्फीति तब होती है जब आयातित वस्तुओं (जैसे कच्चे तेल, सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स) की कीमतों में वृद्धि होती है जिससे घरेलू कीमत स्तर बढ़ जाता है।
- वैश्विक वस्तु कीमतों में वृद्धि और मुद्रा के अवमूल्यन से यह प्रभावित होती है।
20. मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (Inflation Targeting) क्या है?
- मुद्रास्फीति को शून्य करने की नीति
- मुद्रास्फीति को एक निश्चित सीमा में रखने की नीति
- मुद्रास्फीति को अधिकतम करने की नीति
- मुद्रास्फीति को नजरअंदाज करने की नीति
Explanation:
- मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण एक मौद्रिक नीति ढाँचा है जहाँ केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को एक पूर्वनिर्धारित सीमा (भारत में 2-6%) में रखने का लक्ष्य रखता है।
- भारत ने 2016 में फ्लेक्सिबल इन्फ्लेशन टार्गेटिंग फ्रेमवर्क अपनाया था।
21. डिफ्लेशन (Deflation) क्या है?
- मुद्रास्फीति में मामूली कमी
- वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य कमी
- मुद्रा का अवमूल्यन
- मुद्रा का पुनर्मूल्यन
Explanation:
- डिफ्लेशन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य कमी की स्थिति है जहाँ मुद्रास्फीति की दर ऋणात्मक हो जाती है।
- यह आर्थिक मंदी का संकेत है और आर्थिक विकास के लिए हानिकारक मानी जाती है क्योंकि यह उपभोक्ता खर्च को स्थगित करती है।
22. मुद्रास्फीति और बेरोजगारी के बीच संबंध को किस वक्र से दर्शाया जाता है?
- लॉरेंज वक्र
- फिलिप्स वक्र
- लाफर वक्र
- गिनी वक्र
Explanation:
- फिलिप्स वक्र मुद्रास्फीति और बेरोजगारी के बीच व्युत्क्रम संबंध को दर्शाता है – उच्च मुद्रास्फीति कम बेरोजगारी के साथ और कम मुद्रास्फीति उच्च बेरोजगारी के साथ जुड़ी होती है।
- हालाँकि, 1970 के दशक में स्टैगफ्लेशन ने इस संबंध को चुनौती दी थी।
23. मुद्रास्फीति के नियंत्रण के लिए RBI किस tool का उपयोग करता है?
- कर दरों में परिवर्तन
- पॉलिसी रेपो रेट में परिवर्तन
- सरकारी खर्च में परिवर्तन
- आयात शुल्क में परिवर्तन
Explanation:
- RBI मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पॉलिसी रेपो रेट (जिस दर पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है) में परिवर्तन करता है।
- उच्च मुद्रास्फीति की स्थिति में RBI रेपो रेट बढ़ाता है जिससे उधार लेना महंगा हो जाता है और मांग कम होती है।
24. विनिमय दर और मुद्रास्फीति के बीच क्या संबंध है?
- विनिमय दर बढ़ने से मुद्रास्फीति बढ़ती है
- मुद्रा का अवमूल्यन होने से मुद्रास्फीति बढ़ती है
- मुद्रा का पुनर्मूल्यन होने से मुद्रास्फीति बढ़ती है
- विनिमय दर और मुद्रास्फीति के बीच कोई संबंध नहीं है
Explanation:
- मुद्रा का अवमूल्यन (मूल्य में कमी) होने से आयात महंगा हो जाता है जिससे आयातित मुद्रास्फीति बढ़ती है।
- दूसरी ओर, मुद्रा का पुनर्मूल्यन (मूल्य में वृद्धि) आयात को सस्ता करके मुद्रास्फीति को कम कर सकता है।
25. मुद्रास्फीति का सबसे महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव क्या है?
- निर्यात में वृद्धि
- आय की असमानता में वृद्धि
- ब्याज दरों में कमी
- विनिमय दर में स्थिरता
Explanation:
- मुद्रास्फीति का सबसे महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव आय की असमानता में वृद्धि है क्योंकि यह गरीबों और निश्चित आय वर्ग को अधिक प्रभावित करती है।
- यह आर्थिक अनिश्चितता पैदा करती है, बचत को हतोत्साहित करती है और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को नुकसान पहुँचा सकती है।
