दिल्ली सल्तनत की दरबारी भाषा थी? [SSC 2002; RAS/RTS 1994-95]
- उर्दू
- हिन्दी
- अरबी
- फारसी
आगरा नगर की स्थापना किसके द्वारा की गई थी? NDA 1999, BPSC 2001, SSC-2002, UPPCS 2004 , 2011]
- फिरोज तुगलक
- मुहम्मद बिन तुगलक
- अलाउद्दीन खल्जी
- सिकंदर लोदी
निम्नलिखित में से वह दिल्ली का सुल्तान कौन था जिसकी मृत्यु ‘चौगान’ (पोलो) खेलते हुए हुई थी? [SSC 2002; UPSC 2003]
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- अलाउद्दीन खल्जी
- फिरोजशाह तुगलक
- गयासुद्दीन तुगलक
कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण किसके द्वारा किया गया था ? [SSC 2002]
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- अलाउद्दीन खल्जी
- फिरोजशाह तुगलक
- गयासुद्दीन तुगलक
निम्नलिखित में से किस खल्जी शासक ने दिल्ली के राजसिंहासन पर बैठने के लिए अपने ससुर की हत्या कर दी थी ? [SSC 2002]
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- अलाउद्दीन खल्जी
- फिरोजशाह तुगलक
- गयासुद्दीन तुगलक
रजिया सुल्तान किसकी बेटी थी ? [SSC 2002, RRB CC 2003]
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- अलाउद्दीन खल्जी
- फिरोजशाह तुगलक
- इल्तुतमिश
मुहम्मद गोरी विजित प्रदेशों की देखभाल के लिए निम्नलिखित में से किस विश्वसनीय जनरल को छोड़कर गया था ? [SSC 2002]
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- नासिरुद्दीन
- मलिक काफूर
- इल्तुतमिश
तराइन की पहली लड़ाई (1191 ई.) निम्नलिखित में से किनके बीच हुई थी? [SSC 2002]
- अलाउद्दीन खल्जी और पृथ्वीराज चौहान
- मुहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान
- महमूद गजनवी और पृथ्वीराज चौहान
- मुहम्मदशाह और पृथ्वीराज चौहान
दिल्ली सल्तनत की स्थापना किसने की?
- इल्तुतमिश
- बलबन
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- रजिया सुल्तान
Explanation:
- कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में दिल्ली सल्तनत की स्थापना की और वह इसका पहला सुल्तान बना।
- इल्तुतमिश ऐबक का दामाद और उत्तराधिकारी था।
- बलबन और रजिया सुल्तान बाद के शासक थे।
गुलाम वंश का अंतिम शासक कौन था?
- नासिरुद्दीन महमूद
- कैकुबाद
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- इल्तुतमिश
Explanation:
- कैकुबाद गुलाम वंश का अंतिम शासक था, जिसे जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 में हटाकर खिलजी वंश की स्थापना की।
- नासिरुद्दीन महमूद गुलाम वंश का एक शासक था।
- कुतुबुद्दीन ऐबक और इल्तुतमिश वंश के संस्थापक थे।
चालीसा (तुर्कान-ए-चिहालगानी) का गठन किसने किया?
- अलाउद्दीन खिलजी
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- इल्तुतमिश
- बलबन
Explanation:
- इल्तुतमिश ने 40 तुर्की अमीरों के एक समूह ‘चालीसा’ या ‘तुर्कान-ए-चिहालगानी’ का गठन किया, जो सल्तनत के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
- अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण नीति लागू की।
- बलबन ने रक्त और लौह की नीति अपनाई।
किस सुल्तान ने ‘सिकंदर-ए-सानी’ (द्वितीय सिकंदर) की उपाधि धारण की?
- इल्तुतमिश
- मुहम्मद बिन तुगलक
- अलाउद्दीन खिलजी
- फिरोज शाह तुगलक
Explanation:
- अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विजयों के बाद ‘सिकंदर-ए-सानी’ की उपाधि धारण की।
- इल्तुतमिश ने अपने सिक्कों पर ‘सुल्तान-ए-आजम’ खुदवाया।
- मुहम्मद बिन तुगलक ने कई सैद्धांतिक प्रयोग किए।
दिल्ली सल्तनत का सबसे लंबे समय तक शासन करने वाला वंश कौन-सा था?
- खिलजी वंश
- सैय्यद वंश
- लोदी वंश
- तुगलक वंश
Explanation:
- तुगलक वंश ने 1320 से 1414 ई. तक, लगभग 94 वर्षों तक शासन किया, जो सबसे लंबा कार्यकाल है।
- खिलजी वंश: 1290-1320 (30 वर्ष)
- सैय्यद वंश: 1414-1451 (37 वर्ष)
- लोदी वंश: 1451-1526 (75 वर्ष)
किस सुल्तान ने ‘दाग’ (घोड़ों पर निशान) और ‘चहरा’ (सैनिकों की पंजीकरण) प्रणाली शुरू की?
- गयासुद्दीन तुगलक
- अलाउद्दीन खिलजी
- बलबन
- इल्तुतमिश
Explanation:
- अलाउद्दीन खिलजी ने एक स्थायी सेना बनाने और वेतन नियंत्रण के लिए ‘दाग’ (घोड़ों पर निशान) और ‘चहरा’ (सैनिकों का हुलिया रजिस्टर) प्रणाली शुरू की।
- बलबन ने सैन्य शक्ति पर जोर दिया।
- इल्तुतमिश ने इक्ता प्रणाली को संगठित किया।
दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाली पहली और एकमात्र महिला शासक कौन थी?
- महम अनगा
- नूरजahan
- रजिया सुल्तान
- मुमताज महल
Explanation:
- रजिया सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थी और 1236-1240 ई. तक दिल्ली की सुल्तान रही।
- महम अनगा अकबर की संरक्षिका थी।
- नूरजahan मुगल बादशाह जहांगीर की पत्नी थी।
किस सुल्तान ने सिंचाई कर (हक-ए-शर्ब) लगाया?
- अलाउद्दीन खिलजी
- मुहम्मद बिन तुगलक
- फिरोज शाह तुगलक
- सिकंदर लोदी
Explanation:
- फिरोज शाह तुगलक ने किसानों से सिंचाई पर 10% का अतिरिक्त कर (हक-ए-शर्ब) वसूला।
- उसने जजिया कर को भी फिर से लागू किया।
- अलाउद्दीन खिलजी ने भू-राजस्व दर को बढ़ाकर उपज का 50% कर दिया।
किसने ‘दीवान-ए-कोही’ (कृषि विभाग) की स्थापना की?
- फिरोज शाह तुगलक
- मुहम्मद बिन तुगलक
- अलाउद्दीन खिलजी
- इल्तुतमिश
Explanation:
- मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘दीवान-ए-कोही’ (कृषि विभाग) की स्थापना की, लेकिन यह योजना असफल रही।
- फिरोज शाह ने 1200 बाग लगवाए।
- अलाउद्दीन ने बाजार नियंत्रण व्यवस्था लागू की।
किस सुल्तान को ‘न्यायप्रिय शासक’ (लाख बख्श) कहा जाता था?
- इल्तुतमिश
- अलाउद्दीन खिलजी
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- बलबन
Explanation:
- कुतुबुद्दीन ऐबक को उदारता के कारण ‘लाख बख्श’ (लाखों देने वाला) कहा जाता था।
- इल्तुतमिश ने सल्तनत को संगठित किया।
- बलबन एक कठोर शासक था।
दिल्ली सल्तनत की राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित करने का आदेश किसने दिया?
- फिरोज शाह तुगलक
- गयासुद्दीन तुगलक
- मुहम्मद बिन तुगलक
- इब्राहिम लोदी
Explanation:
- मुहम्मद बिन तुगलक ने 1327 ई. में दिल्ली की पूरी आबादी को दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित करने का विवादास्पद आदेश दिया, जो एक बड़ी भूल साबित हुआ।
- बाद में उसे राजधानी वापस दिल्ली लानी पड़ी।
किस सुल्तान ने ‘जिजिया कर’ को गैर-मुसलमानों पर फिर से लागू किया?
- अलाउद्दीन खिलजी
- मुहम्मद बिन तुगलक
- फिरोज शाह तुगलक
- सिकंदर लोदी
Explanation:
- फिरोज शाह तुगलक ने गैर-मुसलमानों पर जिजिया कर फिर से लागू किया, जिसे कुछ समय के लिए हटा दिया गया था।
- अलाउद्दीन खिलजी ने जिजिया नहीं लगाया, बल्कि भू-राजस्व (खराज) लगाया।
किस सुल्तान ने ‘अशोक स्तंभ’ को टोपरा (अंबाला) से दिल्ली लाने का आदेश दिया?
- इल्तुतमिश
- अलाउद्दीन खिलजी
- फिरोज शाह तुगलक
- बलबन
Explanation:
- फिरोज शाह तुगलक ने प्राचीन वस्तुओं में गहरी रुचि के कारण टोपरा (अंबाला) और मेरठ के अशोक स्तंभों को दिल्ली लाने का आदेश दिया।
- उसने अपनी आत्मकथा ‘फतुहात-ए-फिरोजशाही’ लिखी।
दिल्ली सल्तनत में सर्वप्रथम किसने ‘शुद्ध अरबी सिक्के’ चलवाए?
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- इल्तुतमिश
- रजिया सुल्तान
- अलाउद्दीन खिलजी
Explanation:
- इल्तुतमिश ने दिल्ली सल्तनत में पहली बार शुद्ध अरबी सिक्के ‘टंका’ (चांदी) और ‘जीतल’ (तांबा) चलवाए।
- उसने सल्तनत को खलीफा की मान्यता भी दिलवाई।
किस सुल्तान ने ‘सजदा’ (झुककर प्रणाम) और ‘पाबोस’ (पैर चूमना) की प्रथा शुरू की?
- अलाउद्दीन खिलजी
- मुहम्मद बिन तुगलक
- बलबन
- फिरोज शाह तुगलक
Explanation:
- बलबन ने फारसी परंपरा के अनुसार ‘सजदा’ (झुककर प्रणाम) और ‘पाबोस’ (पैर चूमना) की प्रथा शुरू करके सुल्तान की गरिमा को बढ़ाया।
- उसने ‘रक्त और लौह’ की नीति अपनाई।
पहला तुर्क सुल्तान कौन था जिसने उलेमा वर्ग को नियंत्रण में रखा?
- इल्तुतमिश
- अलाउद्दीन खिलजी
- बलबन
- मुहम्मद बिन तुगलक
Explanation:
- अलाउद्दीन खिलजी पहला सुल्तान था जिसने यह घोषणा की कि “राज्य की नीतियां शरियत द्वारा नहीं बल्कि राज्य की आवश्यकताओं (जरूरत/जवाब-ए-जमानत) द्वारा निर्धारित की जाएंगी,” इस प्रकार उलेमा को नियंत्रित किया।
किस सुल्तान ने ‘दीवान-ए-अमीर कोही’ (कृषि मंत्रालय) की स्थापना की?
- फिरोज शाह तुगलक
- मुहम्मद बिन तुगलक
- अलाउद्दीन खिलजी
- सिकंदर लोदी
Explanation:
- मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘दीवान-ए-अमीर कोही’ (कृषि मंत्रालय) की स्थापना की, लेकिन यह असफल रही।
- फिरोज शाह ने किसानों के लिए कई सुधार किए।
किस सुल्तान ने ‘बाजार नियंत्रण नीति’ लागू की?
- इल्तुतमिश
- अलाउद्दीन खिलजी
- बलबन
- फिरोज शाह तुगलक
Explanation:
- अलाउद्दीन खिलजी ने एक मजबूत स्थायी सेना बनाए रखने के लिए वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने हेतु बाजार नियंत्रण नीति लागू की।
- उसने ‘दीवान-ए-रियासत’ (वाणिज्य विभाग) की स्थापना की।
दिल्ली सल्तनत का अंतिम शासक वंश कौन-सा था?
- सैय्यद वंश
- तुगलक वंश
- लोदी वंश
- खिलजी वंश
Explanation:
- लोदी वंश दिल्ली सल्तनत का अंतिम शासक वंश था, जिसका अंत 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम लोदी की हार के साथ हुआ।
- इसके बाद भारत में मुगल साम्राज्य की शुरुआत हुई।
किस सुल्तान ने ‘हौज-ए-शम्सी’ या ‘शम्सी झील’ का निर्माण करवाया?
- कुतुबुद्दीन ऐबक
- इल्तुतमिश
- अलाउद्दीन खिलजी
- फिरोज शाह तुगलक
Explanation:
- इल्तुतमिश ने दिल्ली में ‘हौज-ए-शम्सी’ या ‘शम्सी झील’ का निर्माण करवाया, जो पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत था।
- उसने कुतुब मीनार का भी निर्माण पूरा करवाया।
किस सुल्तान ने ‘चांदी का टंका’ और ‘तांबे का जीतल’ सिक्के चलाए?
- अलाउद्दीन खिलजी
- बलबन
- इल्तुतमिश
- मुहम्मद बिन तुगलक
Explanation:
- इल्तुतमिश ने दिल्ली सल्तनत में पहली बार मानक ‘चांदी का टंका’ और ‘तांबे का जीतल’ सिक्के चलाए, जो व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुए।
किस सुल्तान को ‘मिस्टर नंबर वन’ (रैय्यत-ए-आजम) की उपाधि दी गई?
- बलबन
- अलाउद्दीन खिलजी
- मुहम्मद बिन तुगलक
- फिरोज शाह तुगलक
Explanation:
- मुहम्मद बिन तुगलक को अपनी जनता के कल्याण के लिए किए गए (असफल) प्रयासों के कारण ‘रैय्यत-ए-आजम’ (मिस्टर नंबर वन) कहा जाता था।
- वह एक विद्वान था लेकिन उसकी नीतियां अव्यावहारिक थीं।
किस सुल्तान ने ‘दीवान-ए-खairat’ (दान विभाग) की स्थापना की?
- अलाउद्दीन खिलजी
- मुहम्मद बिन तुगलक
- फिरोज शाह तुगलक
- सिकंदर लोदी
Explanation:
- फिरोज शाह तुगलक ने गरीबों, विधवाओं और अनाथों की मदद के लिए ‘दीवान-ए-खairat’ (दान विभाग) की स्थापना की।
- उसने ‘दीवान-ए-बंदगान’ (गुलाम विभाग) भी बनाया।
दिल्ली सल्तनत की स्थापना कब हुई?
- 1192 ई.
- 1206 ई.
- 1210 ई.
- 1220 ई.
Explanation:
- 1206 ई. में मुहम्मद गोरी की मृत्यु के बाद उसके गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली सल्तनत की स्थापना की।
- 1192 ई. में तराइन का द्वितीय युद्ध हुआ था।
- 1210 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु हुई।
किस सुल्तान ने ‘सीरी’ नामक नए शहर की स्थापना की?
- इल्तुतमिश
- अलाउद्दीन खिलजी
- गयासुद्दीन तुगलक
- मुहम्मद बिन तुगलक
Explanation:
- अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली के निकट ‘सीरी’ नामक एक नए शहर की स्थापना की और वहां एक किला बनवाया।
- गयासुद्दीन तुगलक ने तुगलकाबाद शहर बसाया।
- मुहम्मद बिन तुगलक ने दौलताबाद को बसाने का प्रयास किया।
दिल्ली सल्तनत के विघटन का प्रमुख कारण क्या था?
- विदेशी आक्रमण
- आर्थिक संकट
- कमजोर उत्तराधिकारी और अमीरों की स्वार्थपरता
- जनता का विद्रोह
Explanation:
- कमजोर उत्तराधिकारी और अमीरों की स्वार्थपरता दिल्ली सल्तनत के पतन का मुख्य आंतरिक कारण था।
- विदेशी आक्रमण (जैसे तैमूर का आक्रमण) ने सल्तनत को कमजोर जरूर किया, लेकिन यह प्रमुख कारण नहीं था।
- आर्थिक संकट एक परिणाम था, मूल कारण नहीं।
- जनता का विद्रोह उतना प्रभावी कारक नहीं था।
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की?
- कृष्णदेव राय
- देव राय प्रथम
- हरिहर और बुक्का
- सदाशिव राय
Explanation:
- हरिहर और बुक्का ने 1336 ई. में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की।
- कृष्णदेव राय साम्राज्य के सबसे प्रसिद्ध शासक थे, संस्थापक नहीं।
- देव राय प्रथम और सदाशिव राय बाद के शासक थे।
बहमनी साम्राज्य की स्थापना किसने की?
- महमूद गवान
- फिरोज शाह बहमनी
- अलाउद्दीन हसन बहमन शाह
- अहमद शाह
Explanation:
- अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने 1347 ई. में दिल्ली सल्तनत से स्वतंत्र होकर बहमनी साम्राज्य की स्थापना की।
- महमूद गवान बहमनी साम्राज्य का एक प्रसिद्ध वजीर था।
- फिरोज शाह और अहमद शाह बहमनी वंश के बाद के शासक थे।
तालीकोटा का युद्ध (1565 ई.) किसके बीच लड़ा गया था?
- दिल्ली सल्तनत और विजयनगर
- बहमनी और गुजरात
- विजयनगर और दक्कन की सल्तनतों का संगठित गठबंधन
- पुर्तगाली और विजयनगर
Explanation:
- विजयनगर और दक्कन की सल्तनतों (बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा, बीदर) के गठबंधन के बीच तालीकोटा का निर्णायक युद्ध हुआ।
- दिल्ली सल्तनत का इस युद्ध में कोई योगदान नहीं था, क्योंकि तब तक उसका पतन हो चुका था।
- बहमनी साम्राज्य भी तब तक पांच छोटी सल्तनतों में बंट चुका था।
विजयनगर साम्राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार क्या था?
- औद्योगिक उत्पादन
- सोने का व्यापार
- कृषि और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
- चंदन की लकड़ी का व्यापार
Explanation:
- कृषि और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विजयनगर की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ थे।
- उनके पास उन्नत सिंचाई व्यवस्था थी और वे मसालों, कपास आदि का निर्यात करते थे।
- सोना और चंदन का व्यापार महत्वपूर्ण था लेकिन मुख्य आधार नहीं था।
बहमनी साम्राज्य की राजधानी कहाँ थी?
- बीजापुर
- गोलकुंडा
- पहले गुलबर्गा (अहसनाबाद) और बाद में बीदर
- हम्पी
Explanation:
- बहमनी साम्राज्य की राजधानी पहले गुलबर्गा और बाद में अहमदशाह वली ने बीदर स्थानांतरित कर दी।
- बीजापुर और गोलकुंडा बहमनी के बाद बनी सल्तनतों की राजधानियाँ थीं।
- हम्पी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी।
कृष्णदेव राय किस साम्राज्य के शासक थे?
- बहमनी साम्राज्य
- मराठा साम्राज्य
- विजयनगर साम्राज्य
- मुगल साम्राज्य
Explanation:
- कृष्णदेव राय विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान शासक थे, जिन्होंने 1509-1529 ई. तक शासन किया।
- वे तुलुव वंश से संबंधित थे।
- उनके शासनकाल को विजयनगर साम्राज्य का स्वर्ण काल माना जाता है।
बहमनी साम्राज्य के पतन का तात्कालिक कारण क्या था?
- तालीकोटा का युद्ध
- पुर्तगालियों का आक्रमण
- केंद्रीय सत्ता का कमजोर होना और प्रांतीय गवर्नरों का शक्तिशाली बनना
- अकाल
Explanation:
- केंद्रीय सत्ता के कमजोर होने और प्रांतीय गवर्नरों (जैसे बीजापुर, अहमदनगर के) के स्वतंत्र होने के कारण बहमनी साम्राज्य टूट गया।
- तालीकोटा का युद्ध विजयनगर के पतन का कारण था, बहमनी का नहीं।
विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक इकाई ‘नाडु’ क्या थी?
- राजधानी
- सेना का एक दल
- ग्रामों का समूह या जिला
- कर व्यवस्था
Explanation:
- नाडु विजयनगर साम्राज्य की एक प्रशासनिक इकाई थी, जो ग्रामों के समूह या जिले को दर्शाती थी।
- यह स्थानीय प्रशासन का आधार था।
महमूद गवान कौन था?
- विजयनगर का शासक
- बहमनी साम्राज्य का एक प्रसिद्ध वजीर
- दिल्ली सुल्तान
- एक पुर्तगाली यात्री
Explanation:
- महमूद गवान बहमनी साम्राज्य का एक योग्य और प्रसिद्ध वजीर (प्रधानमंत्री) था, जो फारस का रहने वाला था।
- उसने सैन्य और प्रशासनिक सुधार किए।
- उसकी लोकप्रियता से ईर्ष्या करने वाले अमीरों ने उसे मृत्युदंड दिलवा दिया।
विजयनगर के किस शासक ने ‘अष्टदिग्गज’ दरबारी कवियों को संरक्षण दिया?
- देव राय प्रथम
- हरिहर द्वितीय
- कृष्णदेव राय
- सदाशिव राय
Explanation:
- कृष्णदेव राय के दरबार में तेलुगु साहित्य के आठ महान कवि (अष्टदिग्गज) रहते थे, जिनमें तेनालीराम सबसे प्रसिद्ध हैं।
- वे स्वयं एक विद्वान और लेखक थे, उन्होंने ‘आमुक्तमाल्यद’ की रचना की।
बहमनी साम्राज्य के बाद दक्कन में कितनी स्वतंत्र सल्तनतें अस्तित्व में आईं?
- 2
- 3
- 5
- 7
Explanation:
- बहमनी साम्राज्य के विघटन के बाद दक्कन में पाँच स्वतंत्र सल्तनतें बनीं: बीजापुर, अहमदनगर, गोलकुंडा, बीदर और बरार।
- बाद में बरार को अहमदनगर में मिला लिया गया।
विजयनगर साम्राज्य के सैन्य बल का महत्वपूर्ण अंग क्या था?
- हस्ति सेना (हाथी)
- तोपखाना
- अश्वारोही सेना (घुड़सवार सेना)
- पैदल सेना
Explanation:
- विजयनगर की सेना में अश्वारोही सेना (घुड़सवार सेना) सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली अंग थी।
- हाथी और पैदल सेना भी थी, लेकिन घुड़सवार सेना मुख्य थी।
- तोपखाने का विकास बाद में हुआ।
दिल्ली सल्तनत के पतन के बाद दक्षिण भारत की राजनीतिक स्थिति कैसी थी?
- एकीकृत
- मुगलों के अधीन
- विभाजित (विजयनगर और बहमनी/दक्कन सल्तनतों के रूप में)
- शांतिपूर्ण
Explanation:
- दिल्ली सल्तनत के पतन के बाद दक्षिण भारत विजयनगर (हिन्दू) और बहमनी (मुस्लिम) साम्राज्यों के बीच विभाजित हो गया, जिनमें निरंतर संघर्ष चलता रहा।
- मुगल बहुत बाद में दक्षिण में पहुँचे।
विजयनगर के शासकों ने किस धर्म को संरक्षण दिया?
- केवल वैष्णव धर्म
- केवल शैव धर्म
- सभी धर्मों (वैष्णव, शैव, जैन आदि) को
- ईसाई धर्म
Explanation:
- विजयनगर के शासक सहिष्णु थे और उन्होंने वैष्णव, शैव, जैन सहित सभी धर्मों को संरक्षण दिया।
- उनके काल में सभी धर्मों के लिए मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों का निर्माण हुआ।
बहमनी साम्राज्य में ‘तरफ’ व्यवस्था क्या थी?
- कर व्यवस्था
- सैन्य व्यवस्था
- प्रशासनिक विभाग
- न्यायिक व्यवस्था
Explanation:
- बहमनी साम्राज्य को चार प्रशासनिक इकाइयों (तरफों) में बाँटा गया था: गुलबर्गा, दौलताबाद, बीदर और बरार।
- इनका प्रमुख ‘तरफदार’ कहलाता था।
विजयनगर साम्राज्य की मुद्रा क्या थी?
- रुपया
- टका
- वराह (सोने का सिक्का) और पगोडा
- दीनार
Explanation:
- विजयनगर साम्राज्य की मुख्य मुद्रा सोने का ‘वराह’ या ‘होन’ और ‘पगोडा’ थी।
- ताँबे और चाँदी के सिक्के भी प्रचलन में थे।
- रुपया और टका मुस्लिम सल्तनतों की मुद्रा थी।
किस विजयनगर शासक ने पुर्तगालियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित किए?
- हरिहर प्रथम
- देव राय द्वितीय
- कृष्णदेव राय
- विरुपाक्ष द्वितीय
Explanation:
- कृष्णदेव राय ने गोवा में बसे पुर्तगालियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए।
- उन्होंने पुर्तगालियों से घोड़ों का आयात किया और उनके साथ व्यापारिक संबंध स्थापित किए।
बहमनी सुल्तान फिरोज शाह बहमनी किस लिए प्रसिद्ध था?
- सैन्य विजयों के लिए
- विद्वानों का संरक्षक होने के लिए
- धार्मिक कट्टरता के लिए
- मंदिरों को तोड़ने के लिए
Explanation:
- फिरोज शाह बहमनी एक विद्वान और वैज्ञानिक व्यक्ति था। उसने फारसी और अरबी के विद्वानों, कवियों, दार्शनिकों को अपने दरबार में संरक्षण दिया।
- वह खुद भी विज्ञान और गणित का ज्ञाता था।
विजयनगर साम्राज्य में ‘अमरनायक’ कौन थे?
- राजपरिवार के सदस्य
- मंदिर के पुजारी
- सैन्य कमांडर/गवर्नर जिन्हें भू-अनुदान मिलता था
- विदेशी व्यापारी
Explanation:
- अमरनायक विजयनगर साम्राज्य के सैन्य कमांडर और प्रशासक थे, जिन्हें राज्य की ओर से भूमि अनुदान (अमरम) मिलता था।
- वे सेना रखते थे और कर एकत्र करते थे। यह व्यवस्था मुगलों के जमींदारी व्यवस्था जैसी थी।
बहमनी और विजयनगर के बीच संघर्ष का एक मुख्य कारण क्या था?
- धार्मिक मतभेद
- व्यक्तिगत दुश्मनी
- रायचूर दोआब (कृष्णा-तुंगभद्रा नदियों के बीच की उपजाऊ भूमि) पर अधिकार
- समुद्री व्यापार पर नियंत्रण
Explanation:
- रायचूर दोआब (कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के बीच की उपजाऊ भूमि) पर अधिकार को लेकर बहमनी और विजयनगर के बीच लगातार संघर्ष होते रहे।
- यह क्षेत्र आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण था।
विजयनगर स्थापत्य कला की मुख्य विशेषता क्या थी?
- मीनारें
- गुम्बज
- विशाल गोपुरम (मंदिरों के ऊँचे प्रवेश द्वार) और स्तंभों वाले मंडप
- मकबरे
Explanation:
- विजयनगर की वास्तुकला की प्रमुख विशेषताएँ विशाल और अलंकृत गोपुरम (प्रवेश द्वार), विशाल स्तंभों वाले मंडप और कल्याणमंडप थे।
- मीनारें, गुम्बज और मकबरे इस्लामिक वास्तुकला की विशेषताएँ हैं।
बहमनी साम्राज्य के किस शासक ने दक्कन में फारसी संस्कृति को प्रोत्साहन दिया?
- अलाउद्दीन हसन
- महमूद शाह
- फिरोज शाह बहमनी
- अहमद शाह
Explanation:
- फिरोज शाह बहमनी ने फारसी भाषा, साहित्य और संस्कृति को व्यापक संरक्षण दिया और उसे दक्कन में प्रोत्साहित किया।
- उसने फारस और मध्य एशिया से विद्वानों को आमंत्रित किया।
विजयनगर साम्राज्य के पतन के बाद किस नए राज्य का उदय हुआ?
- मराठा साम्राज्य
- मैसूर राज्य
- आरकाट का नवाब (कर्नाटक) और अन्य छोटी रियासतें
- सिक्ख साम्राज्य
Explanation:
- विजयनगर साम्राज्य के पतन के बाद दक्षिण में आरकाट का नवाब, मैसूर का वोडेयार राजवंश, इक्केरी के नायक, मदुरै के नायक जैसी छोटी रियासतें उभरीं।
- मराठे पश्चिम भारत में और सिक्ख उत्तर भारत में शक्तिशाली हुए।
