science
‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ का प्रतिपादन किया? RPSC 2005
- लैमार्क
- डार्विन
- डी. ब्रीज
- पाश्चर
Explanation:
उत्परिवर्तन का सिद्धान्त के द्वारा प्रस्तावित किया गया था । UP TET (1-V) 23 Feb., 2014
- लैमार्क
- डार्विन
- ह्यूगो डिब्रिज
- पाश्चर
Explanation:
‘प्रजातियों की उत्पत्ति’ एक रचना है- UP TET (I-V) 15 Oct., 2017
- लैमार्क की
- चार्ल्स डार्विन की
- ह्यूगो डिब्रिज की
- पाश्चर की
Explanation:
————-विकास के सिद्धान्त से संबंधित है। RRB Group D 15.11.2018 (Shift-III) RRB Group D 04.10.2018 ( Shift-II)
- लैमार्क
- चार्ल्स डार्विन
- ह्यूगो डिब्रिज
- पाश्चर
Explanation:
जीवों के विकास (इवॉल्यूशन) के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा अनुक्रम सहीहैं?ITI 2004, IAS Pre 2009
- ऑक्टोपस-डॉल्फिन- शार्क
- पैगोलि – कच्छ – बाज
- सैलामैन्डर – अजगर-कंगारू
- मेंढ़क – केकड़ा-झींगा
Explanation:
जीवन की उत्पति की दिशा में बनने वाले यौगिक थे? डाक विभाग सहायक 2014
- यूरिया तथा केन्द्रक अम्ल
- अमीनो अम्ल तथा यूरिया
- प्रोटीन्स तथा केन्द्र अम्ल
- प्रोटीन्स तथा अमीनो अम्ल
Explanation:
लारवा के कुछ उग्र-परिवर्तनों द्वारा वयस्क में बदलने की प्रक्रिया क्या कहलाती है? [Bihar Police Constable 22.10.2017]
- 1.वृद्धि
- 2.कायान्तरण
- 3.दोनों (1) और (2)
- 4.उपरोक्त में से कोई नहीं
Explanation:
ऐसे अंग जो विभिन्न कार्यों में उपयोग होने के कारण काफी असमान हो सकते हैं, लेकिन उनकी मूल संरचना एवं भ्रूणीय प्रक्रिया में समानता रहती है, कहलाते हैं? Raj B.Ed 2003
- अवशेषी अंग
- असमजात अंग
- समरूप अंग
- समजात अंग
Explanation:
कुछ डायनोसोरों के पर थे, यद्यपि वे उड़ नहीं पाते थे परन्तु पक्षियों के पर होते हैं जो उड़ने में हायता करते हैं। विकास के सन्दर्भ में इसका अर्थ यह है कि: [ CTET Nov. 2012]
- सरीसृपों एवं पक्षियों के बीच कोई विकासीय संबंध नहीं है।
- दोनों ही जीवों में पर समजात अंग हैं।
- सरीसृपों का विकास पक्षियों से हुआ है।
- पक्षियों का विकास सरीसृपों से हुआ है।
Explanation:
दो जीव सबसे अच्छे मित्र है और साथ- साथ रहते है। इनमें से एक आवास, जल तथा पोषक तत्त्व प्रदान करता है, जबकि दूसरा भोजन बनाता एवं प्रदान करता है। जीवों के इस प्रकार के संबंध को कहते हैं : CTET July 2013|
- स्वपोषण
- परजीवता
- विषमपोषण
- सहजीवन
Explanation:
बगुला भैंस पर बैठता है, क्योंकि- CTET ( I-V) 21 Feb, 2016
- बगुला तथा भैंस में सहजीवी का संबंध है
- बगुला मनोरंजन के लिए भैंस पर बैठता है
- भैंस बगुले को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में मदद करती हैं।
- बगुला भैंस को डराना चाहता है
Explanation:
शैक (लाइकेन) है-… UP TET (I-V) 27 June, 2013
- रसायन स्वपोषी
- परजीवी
- अपघटक
- सहजीवी
Explanation:
‘आर्कियोप्टेरिक्स’ किन वर्गों के प्राणियों के बीच की योजक कड़ी हैं? R.A.S./R.T.S. (Pre) 2008
- उभयचर व पक्षी
- सरीसृप व पक्षी
- सरीसृप व स्तनधारी
- पक्षी व स्तनधारी
Explanation:
. आधुनिक मनुष्य के हाल का पूर्वज है- 39th B.P.S.C. (Pre) 1994
- जावा मनुष्य
- क्रो-मैगनॉन मानुष
- नियंडरथल मानुष
- पेकिग मानुष
Explanation:
विकास का मुख्य कारक है- 39th B.P.S.C. (Pre) 1994
- उत्परिवर्तन
- हासिल किए हुए गुण
- लैंगिक जनन
- प्राकृतिक वरण
Explanation:
जीव विकास (Evolution) को सर्वप्रथम किसने समझाया ? 43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
- न्यूटन
- आइन्सटीन
- चार्ल्स डार्विन
- लैमार्क
Explanation:
जैव विकास के संदर्भ में, सांपों में अंगों का लोप होने को स्पष्ट किया जाता है- I.A.S. (Pre) 2002
- अंगों का उपयोग तथा अनुप्रयोग किए जाने से
- बिलों में रहने के प्रति अनुकूलन से
- प्राकृतिक चयन से
- उपार्जित लक्षणों की वंशागति से
Explanation:
पृथ्वी पर सबसे पुराना जीव कौन-सा हैं? U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008
- नील हरित शैवाल
- कवक
- अमीबा
- युग्लीना
Explanation:
डाइनोसोर थे- U.P.U.D.A./L.D.A. (Pre) 2001 (1912) 2005. U.P. Lower Sub. (Pre) 1998
- सीनोजोइक सरीसृप
- मेसोजोइक पक्षी
- पैलियोजोइक एम्फीबिया
- मेसोजोइक सरीसृप
Explanation:
भारत की विशाल वन्य बिल्लियों में किसके बारे में कहा जाता है कि वह हाल ही में विलुप्त हो गई हैं? R.A.S./R.T.S. (Pre) 1992
- चीता
- बाघ
- तेंदुआ
- सिंह
Explanation:
आर्कियोप्टेरिक्स है- 40th B.P.S.C. (Pre) 1995
- जुरैसिक युग का सर्वपुरातन पक्षी
- जुरैसिक काल का सरीसृप
- ट्राइएसिक काल का सरीसृप
- ट्राइएसिक तथा जुरैसिक दोनों कालों का सरीसृप
Explanation:
वर्तमान प्रमाण के अनुसार, पृथ्वी पर जीव का उद्गम हुआ है, लगभग- 40th BPSC (Pre) 1995
- 20,000 वर्ष पूर्व
- 2,00,000 वर्ष पूर्व
- 20,00,000 वर्ष पूर्व
- 2,000,000,000 वर्ष पूर्व
Explanation:
मैमथ पूर्वज है R. A. S. / R. T.S. (Pre) 2008
- कुत्ते का
- ऊट का
- घोड़े का
- हाथी का
Explanation:
डार्विन द्वारा प्रस्तुत प्राकृतिक वरणवाद निम्न में से किस पर आधारित हैं? M.P.P.C.S. (Pre) 1997
- ओवरप्रोडक्शन
- स्ट्रगल फॉर एक्जिस्टेन्स एण्ड वेरिएशन्स
- सरवाइवल ऑफ द फिटेस्ट
- उपर्युक्त सभी
Explanation:
उत्परिवर्तन (Mutation) को सर्वप्रथम किसने समझाया ?
- न्यूटन
- डी ब्रीज
- चार्ल्स डार्विन
- लैमार्क
Explanation:
विकास का सिद्धांत को सर्वप्रथम किसने समझाया ?
- न्यूटन
- डी ब्रीज
- चार्ल्स डार्विन
- लैमार्क
Explanation:
ओपेरॉन अवधारणा को सर्वप्रथम किसने समझाया ?
- जैकब और मोनोड
- डी ब्रीज
- चार्ल्स डार्विन
- लैमार्क
Explanation:
एक जीन एक एंजाइम की परिकल्पना को सर्वप्रथम किसने समझाया ?
- जैकब और मोनोड
- डी ब्रीज
- चार्ल्स डार्विन
- बीडल और टैटम
Explanation:
वैसे अंग जिनकी मौलिक संरचना तो एक समान होती है परन्तु उनके द्वारा किया जाने वाला कार्य भिन्न होता है, क्या कहे जाते हैं? RRB ALP & Tec (30.08.2018)
- जीवाश्म
- जात्यावृति नियम
- समरूप अंग
- समजात अंग
Explanation:
जीवन की उत्पति के बारे में ओपेरिन का सिद्धान्त किससे संबंधित है? RRB ALP & Tec (20.08.2018)
- रासायनिक विकास
- भौतिक विकास
- जैविक विकास
- कृत्रिम विकास
Explanation:
मानवीय विकास के संबंध में हाल ही में खोज की गई कड़ीं, कौन से जीवाश्म की खोज है? RRB NTPC 10.04.2016
- लूसी
- होमो नलेडी
- होमो सैपियन्स
- ऑस्टियोपिथोलीन्स
Explanation:
मनुष्य की आनुवांशिकी का पता लगाया जा सकता है? RRB Group D 28.09.2018
- अफ्रीका मूल
- अमेरिकी मूल
- दक्षिणी एशियाई मूल
- पूर्वी एशियाई मूल
Explanation:
किस युग के दौरान डायनासोर फले-फूले ? RRB NTPC Stage 1st 29.04.2016
- प्रोटेरोजोईक इरा
- पालेओजोईक इरा
- सेनोजाइक इरा
- मेसोजोइक इरा
Explanation:
जैविक विकास को ——– के तौर पर परिभाषित किया गया है। RRB Group D 26.10.2018
- जीन बहाव
- उपार्जित गुणों की वंशागति
- प्राकृतिक चयन
- आनुवांशिक अपहाव
Explanation:
उन्नीसवीं शताब्दी में,———— ने प्राकृतिक चयन द्वारा प्रजातियों के विकास का सिद्धांत प्रस्तुत किया था । RRB Group D 15.10.2018
- जोहान मेंडेल
- चार्ल्स डार्विन
- जॉन डाल्टन
- जोहान डॉबेराइनर
Explanation:
प्रजातियों की व्यक्तिगत संख्या को बनाए रखने और उनके विलोपन को रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा आवश्यक है ? RRB ALP & Tec (20.08.2018) (Shift-II) RRB Group D 13.12.2018
- श्वसन
- पचाव
- प्रजनन
- प्रसार
Explanation:
विकास का सिद्धांत किसके द्वारा प्रस्तावित किया गया था। RRB NTPC 28.03.2016 (Shift-III)
- चार्ल्स डार्विन
- चार्ल्स डिकेन्स
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- आइजैक न्यूटन
Explanation:
———– विकासवादी संबंधों के प्रमाण प्रदान करता है। RRB Group D 01.11.2018 (Shift-II)
- नदी तल
- जीवाश्म
- समुद्री तल
- चट्टान
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन सा एक एन्थ्रोपॉइड के तीन सुपर फैमिली में से एक नहीं है? RRB NTPC 04.04.2016
- नए जमाने के बंदर
- पुराने जमाने के बंदर
- होमिनॉइड्स
- एन्थ्रोपिथेकस
Explanation:
प्रारंभिक पृथ्वी का वातावरण मुख्य रूप से बना था। RRB Group D 10.10.2018 ( Shift-III)
- NH3,CH4, H2S
- NH3, H2S,O2,
- NH3, CH4 , O2,
- CH4, H2S ,O2
Explanation:
————गैस उस समय अपनी मुक्त अवस्था में मौजूद नहीं थी जब पृथ्वी पर जीवन उत्पन्न हुआ था । RRB Group D 02.11.2018
- ऑक्सीजन
- मीथेन
- अमोनिया
- हाइड्रोजन
Explanation:
ट्रैकिग्लोसस————– के बीच की एक ‘संयोजक कडी है RRB Group D 03.12.2018 ( Shift-II)
- उभयचरों और सरीसृपों
- पक्षियों और स्तनधारियों
- सरिसृपों और पक्षियों
- सरसृिपों और स्तनधारियों
Explanation:
…….. समरूप अंग है RRB Group D 20.09.2018
- लॉबस्टर की पूँछ और व्हेल के फाल
- चमगादड़ का पंख और व्हेल का पंख
- कुत्ते का पैर और डॉल्फिन के फ्ल्पिर
- मानव हाथ और बैल का पैर
Explanation:
जैविक विविधता का आधारभूत स्त्रोत ————- है । RRB Group D 31.10.2018 (Shift-I)
- उत्परिवर्तन
- कॉस्मिक विकास
- वंशानुक्रम
- किण्वक क्रिया
Explanation:
जिन अंगों की मूल संरचना भिन्न होती है लेकिन दिखने में एक जैसे होते है ओर उनके कार्य भी समान होते है उन्हें कहा जाता है। RRB Group D 16.10.2018 (Shift-III)
- बायोजेनेटिक नियम
- जीवाश्म
- समजात अंग
- समरूप अंग
Explanation:
किस वैज्ञानिक ने द थ्योरी ऑफ इवोलूशन का प्रतिपादन किया ? RRB JE 23.05.2019 ( Shift-III)
- अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
- आइजेक न्यूटन
- अरस्तु
- चार्ल्स डार्विन
Explanation:
किसने सुझाव दिया था कि जीवन सरल अकार्बनिक (अजैवी) अणुओं से विकसित हुआ है? RRB Group D 05.11.2018
- डार्विन
- मरे
- हाल्डेन
- मेंडल
Explanation:
……. लाखों वर्षों से आदिम जीवों में क्रमिक परिवर्तनों का अनुक्रम है, जिसके परिणामस्वरूप नई प्रजातियों का गठन होता है। RRB Group D 16.10.2018
- एनालॉस ऑर्गन
- होमोलोगस ऑर्गन.
- जीवाश्म
- क्रमागत उन्नति
Explanation:
निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने अपनी पुस्तक ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज में कार्बनिक विकास के लिए एक क्रियाविधि का सुझाव दिया है? RRB Group D 19.09.2018
- एनालॉस हेकेल
- एर्न्स्ट हेकेल
- रॉबर्ट व्हिटकर
- चार्ल्स डार्विन
Explanation:
….. एक अंग्रजी प्रकृतिवादी, भूवैज्ञानिक और जीवविज्ञानी है जो विकास से संबंधित विज्ञान में उनके योगदान के लिए जाने जाने जाते जाते है ? RRB Group D 10.10.2018
- एनालॉस हेकेल
- एर्न्स्ट हेकेल
- रॉबर्ट व्हिटकर
- चार्ल्स डार्विन
Explanation:
इन अंगों में से कौन सा अवशोषी अंग नहीं है? RRB JE 26.05.2019
- मस्तिष्क
- अक्ल दाढ़ (बुद्धि दाँत)
- एपेन्डिक्स
- कान की माँसपेशियाँ
Explanation:
‘होमो सेपियन्स’ किसका वैज्ञानिक नाम है ? R. R. B. भोपाल (C.C.) परीक्षा, 2003
- बाघ
- मेंढक
- मनुष्य
- गुलाब
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन सा अंडे देने वाला स्तनपायी है? RRB Group D 15.11.2018 (Shift-I)
- खरगोश
- कंगारू
- बतख
- प्लैटिपस
Explanation:
बायोलॉजी शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था? R.R.B. कोलकाता (T.A.) परीक्षा, 2008
- लैमार्क
- मेंडल
- डार्विन
- अरस्तू
Explanation:
सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत सिद्धान्तों में से एक के अनुसार पृथ्वी पर जीवन की उत्पति से पहले पृथ्वी के वायुमंडल में ————– मिश्रण शामिल था । RRB Group D 20.09.2018 ( Shift-III)
- H2, CO2, NH3, और CH4
- H2S, CH4 , NH4,
- O2, NH3, और जलवाष्प
- ओजोन, CH4, O2, और जलवाष्प
Explanation:
————–विकास का सिद्धांत हमें बताता है, कि कैसे जीवन सरल से अधिक जटिल रूपों से विकसित हुआ। RRB Group D 28.09.2018
- लैमार्क
- डार्विन
- वालेस
- मेंडल
Explanation:
2015 में जीनस होमो की एक नई प्रजाति की खोज राइजिंग स्टार केद सिस्टम, क्रेडल ऑफ ह्यूमनकांइड दक्षिण अफ्रीका के दीनालेडी चैबर में की गई थी | RRB NTPC 02.04.2016
- होमो नलेड़ी
- होमो इरेक्टस
- होमो हैबिलिस
- होमो रूडोलफेंसिस
Explanation:
विविधता….. है RRB Group D 02.11.2018
- एक ही प्रजाति के व्यक्तियों के बीच अंतर
- एक ही माता-पिता की संतानों की बीच अंतर
- माता-पिता और संतानों के बीच अंतर
- उपरोक्त सभी
Explanation:
आमतौर पर मेडेलियन कारक क्या कहलाते हैं? RRB Group D 15.11.2018
- सेंट्रोजोम
- जीन
- डीएनए
- क्रोमोजोम
Explanation:
———–वैज्ञानिक जीजे मेंडल का निधन कब हुआ RRB Group D 01.11.2018
- 1884
- 1879
- 1874
- 1901
Explanation:
वंशानुक्रम की इकाई है? RRB Group D 24.09.2018
- फेनोटाइप
- जेनोटाइप
- RNA
- जीन
Explanation:
विश्वास और प्रथाओं का एक संग्रह जिसका उद्देश्य मानव-आबादी की आनुवांशिक गुणवत्ता में सुधार लाना होता है, यह किस आनुवांशिकी के क्षेत्र को कहा जाता है? RRB NIEC 31.03.2016
- आनुवांशिक इंजीनियरिंग
- क्लोनिंग
- भ्रूण चयन
- यूजीनिक्स
Explanation:
आधुनिक आनुवांशिकी का जनक (father of modern genetics) किसे माना जाता है? RRB NTPC 06.04.2016
- चार्ल्स डार्विन
- ग्रेगर मेंडल
- अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
- ओटो हैन
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता मटर के एक पौधे में अप्रभावी होती है? RRB Group D 09.10.2018
- झुर्रीदार बीज
- हरी फली
- गोल बीज
- पीले बीज
Explanation:
………. प्रयोग हमें गुणों की विरासत को एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी में ले जाने के लिए तंत्र प्रदान करते है? RRB Group D 15.11.2018
- स्टेनली मिलर के
- डार्विन के
- मेंडल के
- हैरोल्ड उरे के
Explanation:
इनमें से कौन सा गुणसूत्र पुरुषों में पाया जाता है ? RRB Group D 26.09.2018
- XY गुणसूत्र
- 2X गुणसूत्र
- 2X गुणसूत्र
- XX गुणसूत्र
Explanation:
इनमें से कौन सा लिंग संबंधित निर्धारण के बारे में गलत है RRB Group D 26.11.2018 (Shift-III)
- एक पुरूष में एक X गुणसूत्र और एक Y गुणसूत्र होता है
- बच्चे का लिंग, निषेचन के समय निर्धारित किया जाता है जब नर और मादा युग्मक मिलकर एक युग्मनज बनाते है।
- एक स्त्री में दो एक समान X गुणसूत्र और XY होते है
- द्विगुणित जीवों, जिन में अलग-अलग लिंग होते हैं प्रत्येक द्विगुणित कोशिका में, गुणसूत्रों का एक विशिष्ट जोड़ा, जिसे लिंग गुणसूत्र कहते है, व्यक्ति का लिंग निर्धारित करता है ।
Explanation:
पुनर्जनन का अर्थ ————-है? RRB Group D 31.10.2018
- खोए हिस्से का प्रतिस्थापन
- छोटे खण्ड से जीव के पूरे शरीर का निर्माण
- कलियों का निर्माण
- उपरोक्त सभी विकल्प
Explanation:
मनुष्यों में पुरुषों के यौन गुणसूत्रों में —————— समूह होता है? RRB Group D 01.12.2018
- YY
- XY
- XX
- XXY
Explanation:
डॉ. हरगोविंद खुराना को किसके लिए नोबेल पुरस्कार मिला? R.R.B. महेन्द्रघाट, पटना (A.S.M.) परीक्षा, 2004
- जेनेटिक कोड (Genetic Code) की खोज के लिए
- रक्त के समूहन के लिए 500
- डी. एन. ए. की खोज के लिए
- एड्स के विषाणु की पहचान के लिए
Explanation:
महिला रोगाणु कोशिका (Germ cell) में गुणसूत्रों की संख्या है? RRB Group D 12.10.2018
- 23
- 46
- 48
- 24
Explanation:
डी.एन.ए. का मूल मात्रक है- R.R.B. चेन्नई (A.S.M.) परीक्षा, 2001
- विटामिन
- वसा
- न्यूक्लिओटाइड्स
- न्यूक्लिओसाइड्स
Explanation:
मेंडल ने मटर के पौधों को चुना क्योंकि RRB Group D 02.11.2018
- वे सस्ते थे ।
- वे आसानी से उपलब्ध थे।
- उनमें विषम दिखने वाले गुण थे
- उपरोक्त सभी विकल्प
Explanation:
डी.एन.ए. संरचना का मॉडल किसने दिया? R.R.B. कोलकाता (G.G.) परीक्षा, 2008
- प्रीस्टले
- मार्गन
- हरगोविंद खुराना
- वाटसन और क्रिक
Explanation:
मेंडल ने किस आधार पर युग्मकों की शुद्धता का नियम दिया? RRB Group D 30.10.2018 ( Shift-1)
- पश्व संकरण (बैक क्रॉस)
- द्विसंकर संकरण (di हाईब्रिड क्रॉस)
- परीक्षण संकरण (टेस्ट क्रॉस)
- एक संकर संकरण ( mono हाईब्रिड क्रॉस)
Explanation:
एकल स्ट्रैंडेड वाले डी.एन.ए. अणु कहाँ मिलते हैं? R.R.B. अजमेर (GG) परीक्षा, 2006
- टोबैको मोजैक वायरस में
- स्मालपॉक्स वायरस में
- सरकोमा वायरस में
- Φ × 174 बैक्टीरियोफेज में
Explanation:
क्लोनिंग पद निम्नलिखित से संबंधित होता है R.R. B. गुवाहाटी (G.G.) परीक्षा, 2006
- पर्यावरण
- जनन विज्ञान
- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
- व्यापार
Explanation:
लैंगिक प्रजनन में ———– के / का ——– शामिल होते है । RRB Group D 12.10.2018 ( Shift-II)
- समान लिंग, दो जनक
- विपरीत लिंगों, एक जनक
- विपरीत लिंगों, दो जनक
- कोई भी लिंग, एक जनक
Explanation:
एक मादा युग्मक में ——— क्रोमोसोम्स होते है । RRB NTPC Stage 1st 26.04.2016 (Shift-III)
- 46
- 24
- 23
- 48
Explanation:
‘पौधा कोशिका का पॉवर हाउस’ किसे कहा जाता है? R.R. B. इलाहाबाद (A.S.M.) परीक्षा, 2007
- लाइसोसोम
- सेन्ट्रोसोम
- राइबोसोम
- माइटोकॉण्ड्रिया
1. जैविक विकास (Organic Evolution) का अर्थ क्या है?
- एक जीव के जीवनकाल में होने वाले परिवर्तन
- आनुवंशिक लक्षणों में पीढ़ी दर पीढ़ी होने वाला परिवर्तन
- पृथ्वी का भूवैज्ञानिक इतिहास
- जीवों द्वारा पर्यावरण के अनुकूल ढलना
Explanation:
- जैविक विकास आनुवंशिक लक्षणों में समय के साथ होने वाला परिवर्तन है, न कि किसी एक जीव के जीवनकाल में होने वाला परिवर्तन।
- यह पूरी आबादी (Population) पर लागू होता है।
- यह प्रक्रिया प्राकृतिक वरण (Natural Selection) जैसी ताकतों से संचालित होती है।
- यह भूविज्ञान से अलग है, हालांकि जीवाश्म रिकॉर्ड इसके प्रमाण प्रदान करते हैं।
2. प्राकृतिक वरण (Natural Selection) के सिद्धांत को किसने प्रस्तावित किया था?
- जीन-बैप्टिस्ट लैमार्क
- चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड रसेल वालेस
- ग्रेगर मेंडल
- चार्ल्स लाइल
Explanation:
- चार्ल्स डार्विन और अल्फ्रेड रसेल वालेस ने स्वतंत्र रूप से 1858 में प्राकृतिक वरण के सिद्धांत का प्रस्ताव रखा।
- लैमार्क ने वंशागति के एक गलत सिद्धांत (अर्जित लक्षणों की विरासत) का प्रस्ताव रखा था।
- मेंडल ने आनुवंशिकी (Genetics) की नींव रखी, जो विकास के सिद्धांत को समझने में मदद करती है।
- चार्ल्स लाइल एक भूवैज्ञानिक थे जिन्होंने डार्विन को प्रभावित किया।
3. ‘उत्तरजीविता के लिए संघर्ष’ (Struggle for Existence) से क्या तात्पर्य है?
- शिकारी और शिकार के बीच केवल लड़ाई
- अस्तित्व बनाए रखने और प्रजनन के लिए संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा
- एक प्रजाति द्वारा दूसरी प्रजाति का सफाया
- जीवों के बीच सहयोग
Explanation:
- यह एक केंद्रीय अवधारणा है जिसका अर्थ है कि जीव सीमित संसाधनों (भोजन, पानी, साथी) के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
- यह केवल शिकारी-शिकार संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ही प्रजाति के सदस्यों के बीच भी होता है।
- यह प्राकृतिक वरण को चलाने वाला एक मुख्य कारक है।
- सहयोग (Cooperation) भी विकासवादी रणनीति हो सकती है, लेकिन यह इसकी मुख्य परिभाषा नहीं है।
4. ‘योग्यतम की उत्तरजीविता’ (Survival of the Fittest) से क्या अभिप्राय है?
- सबसे मजबूत जीव का बच जाना
- सबसे अच्छे रूप से अनुकूलित जीवों का प्रजनन में सफल होना
- सबसे तेज जीव का बच जाना
- सबसे बुद्धिमान जीव का बच जाना
Explanation:
- ‘योग्यतम’ से तात्पर्य उन जीवों से है जो अपने पर्यावरण के लिए सबसे अच्छा अनुकूलन (Adaptation) रखते हैं और सबसे अधिक संतान पैदा करते हैं।
- यह जीवन भौतिक शक्ति या गति के बारे में नहीं है, बल्कि प्रजनन सफलता (Reproductive Success) के बारे में है।
- एक छोटा, छिपने में माहिर जीव एक बड़े, मजबूत जीव से अधिक ‘योग्य’ हो सकता है अगर वह अधिक संतानें छोड़ता है।
- यह प्राकृतिक वरण का एक संक्षिप्त विवरण है।
5. विकासवादी सिद्धांत के अनुसार, नई प्रजातियाँ कैसे उत्पन्न होती हैं?
- एक पीढ़ी के भीतर ही अचानक उत्परिवर्तन से
- पृथक् populations के बीच जननिक अंतरों के जमा होने से (विशेषण)
- जीवों के जीवनकाल में होने वाले व्यक्तिगत Adaptations से
- केवल प्राकृतिक आपदाओं के कारण
Explanation:
- विशेषण (Speciation) तब होता है जब एक population के समूह अलग-थलग हो जाते हैं और अलग-अलग दबावों के कारण, उनके बीच जननिक अंतर इतने बढ़ जाते हैं कि वे अंतर-प्रजनन नहीं कर सकते।
- यह एक धीमी प्रक्रिया है जिसमें कई पीढ़ियाँ लगती हैं, न कि एक अचानक परिवर्तन।
- व्यक्तिगत Adaptations वंशागत नहीं होते हैं और इसलिए नई प्रजातियों का निर्माण नहीं करते हैं।
- प्राकृतिक आपदाएँ जनसंख्या को विभाजित करके विशेषण को ट्रिगर कर सकती हैं, लेकिन यह एकमात्र तरीका नहीं है।
6. जीवाश्म (Fossils) जैविक विकास के प्रमाण कैसे प्रदान करते हैं?
- वे साबित करते हैं कि पृथ्वी युवा है
- वे विलुप्त जीवों के अवशेष दिखाते हैं जो आधुनिक जीवों से मिलते-जुलते हैं
- वे दिखाते हैं कि सभी जीव हमेशा से एक जैसे रहे हैं
- वे केवल पौधों के विकास को दर्शाते हैं
Explanation:
- जीवाश्म समय के साथ होने वाले परिवर्तनों का एक रिकॉर्ड प्रदान करते हैं। पुरानी चट्टानों में पाए जाने वाले जीवाश्म सरल और प्राचीन होते हैं, जबकि नई चट्टानों में पाए जाने वाले जीवाश्म अधिक जटिल और आधुनिक जीवों से मिलते-जुलते होते हैं।
- यह पुरानी पृथ्वी और विकास के अनुरूप है, न कि एक युवा पृथ्वी के सिद्धांत के।
- कई जीवाश्म “Transitional Forms” (जैसे आर्कियोप्टेरिक्स – सरीसृप और पक्षी के बीच) दिखाते हैं, जो विकास के लिए मजबूत सबूत हैं।
- जीवाश्म पौधों और जानवरों दोनों के होते हैं।
7. समजात अंग (Homologous Organs) क्या हैं?
- वे अंग जो दिखने और कार्य में समान हैं
- वे अंग जो आंतरिक संरचना में समान हैं लेकिन बाह्य रूप और कार्य में भिन्न हो सकते हैं
- वे अंग जो केवल कार्य में समान हैं
- वे अंग जो केवल कीटों में पाए जाते हैं
Explanation:
- समजात अंग समान भ्रूणीय उत्पत्ति और मूल संरचना साझा करते हैं, लेकिन विभिन्न कार्यों के लिए अनुकूलित हो सकते हैं (जैसे मनुष्य का हाथ, बिल्ली का पंजा, व्हेल का फ्लिपर, चमगादड़ का पंख)।
- ये एक सामान्य पूर्वज (Common Ancestor) से उत्पत्ति का संकेत देते हैं।
- विपरीत विचार (Analogous Organs) है – अंग जो कार्य में समान हैं लेकिन उत्पत्ति और संरचना में भिन्न हैं (जैसे पक्षी का पंख और तितली का पंख)।
- यह अवधारणा जंतुओं और पौधों दोनों पर लागू होती है।
8. मेंडल के आनुवंशिकता के नियम किसके लिए महत्वपूर्ण हैं?
- प्राकृतिक वरण की खोज के लिए
- विकास के लिए आनुवंशिक आधार प्रदान करने के लिए
- जीवाश्मों की आयु निर्धारित करने के लिए
- अर्जित लक्षणों की विरासत की व्याख्या करने के लिए
Explanation:
- ग्रेगर मेंडल के कार्य ने दिखाया कि लक्षण ‘विविक्त इकाइयों’ (जीन) के माध्यम से विरासत में मिलते हैं और ये इकाइयाँ पीढ़ी दर पीढ़ी बनी रह सकती हैं।
- यह विकास के लिए आवश्यक आनुवंशिक भिन्नता (Variation) के लिए एक तंत्र प्रदान करता है।
- प्राकृतिक वरण की खोज मेंडल से पहले डार्विन और वालेस ने की थी, लेकिन उन्हें विरासत का तंत्र नहीं पता था।
- मेंडल के नियमों ने लैमार्क के ‘अर्जित लक्षणों की विरासत’ के सिद्धांत को गलत साबित कर दिया।
9. उत्परिवर्तन (Mutation) विकास में क्या भूमिका निभाता है?
- यह विकास का एकमात्र चालक है
- यह आनुवंशिक भिन्नता (Variation) का प्राथमिक स्रोत है
- यह हमेशा जीव के लिए हानिकारक होता है
- यह केवल मनुष्यों में होता है
Explanation:
- उत्परिवर्तन डीएनए (DNA) में यादृच्छिक परिवर्तन हैं जो नए एलील (Alleles) बना सकते हैं, जो प्राकृतिक वरण के लिए कच्चा माल (Raw Material) प्रदान करते हैं।
- प्राकृतिक वरण, जेनेटिक ड्रिफ्ट (Genetic Drift), और जीन प्रवाह (Gene Flow) जैसी अन्य प्रक्रियाएँ भी विकास को चलाती हैं।
- अधिकांश उत्परिवर्तन तटस्थ (Neutral) या हानिकारक (Harmful) होते हैं, लेकिन कुछ लाभकारी (Beneficial) हो सकते हैं और चयनित किए जा सकते हैं।
- उत्परिवर्तन सभी जीवों में होते हैं।
10. प्राकृतिक वरण (Natural Selection) के परिणामस्वरूप क्या होता है?
- व्यक्ति अपने जीवनकाल में बदल जाते हैं
- Population में अनुकूलनशील लक्षणों की आवृत्ति बढ़ जाती है
- जीव और अधिक जटिल बनने की इच्छा रखते हैं
- सभी हानिकारक उत्परिवर्तन समाप्त हो जाते हैं
Explanation:
- प्राकृतिक वरण एक population में आनुवंशिक भिन्नता पर कार्य करता है। जो व्यक्ति पर्यावरण के लिए बेहतर अनुकूलित होते हैं, वे अधिक संतान पैदा करते हैं, जिससे अगली पीढ़ी में उनके अनुकूली लक्षणों की आवृत्ति बढ़ जाती है।
- यह व्यक्तिगत परिवर्तन (Lamarckism) नहीं है, बल्कि population-स्तरीय परिवर्तन है।
- विकास एक लक्ष्यहीन प्रक्रिया है, इसमें ‘इच्छा’ शामिल नहीं है।
- हानिकारक उत्परिवर्तन अक्सर समाप्त हो जाते हैं, लेकिन छिपे (Recessive) रह सकते हैं।
11. आनुवंशिक बहाव (Genetic Drift) क्या है?
- जीनों का उद्देश्यपूर्ण परिवर्तन
- छोटी populations में यादृच्छिक घटनाओं के कारण एलील आवृत्तियों में परिवर्तन
- प्राकृतिक वरण का दूसरा नाम
- नए जीन का प्रवेश
Explanation:
- आनुवंशिक बहाव एक यादृच्छिक प्रक्रिया है जहाँ महज संयोग से कुछ individuals के जीन अगली पीढ़ी में पारित हो जाते हैं, जबकि अन्य नहीं होते। यह छोटी populations में विशेष रूप से प्रभावशाली होता है।
- यह प्राकृतिक वरण के विपरीत है, जो अनुकूली (Adaptive) और यादृच्छिक नहीं है।
- यह संस्थापक प्रभाव (Founder Effect – जब एक नई population की स्थापना कुछ ही individuals से होती है) और अंतर्प्रजनन (Inbreeding) का कारण बन सकता है।
- यह विकास का एक महत्वपूर्ण तंत्र है, खासकर जहाँ प्राकृतिक वरण कमजोर हो।
12. जीवाश्म रिकॉर्ड में अचानक परिवर्तन को किससे समझाया जा सकता है?
- लैमार्कवाद
- विस्पंदन सिद्धांत (Punctuated Equilibrium)
- अर्जित लक्षणों की विरासत
- जीन प्रवाह
Explanation:
- विस्पंदन सिद्धांत (स्टीफन जे गोल्ड और नाइल्स एल्ड्रेज द्वारा प्रस्तावित) के अनुसार, विकास लंबे समय तक स्थिरता (Stasis) की अवधि और फिर तेजी से परिवर्तन की छोटी अवधि से होकर गुजरता है, जो जीवाश्म रिकॉर्ड में ‘अंतराल’ की व्याख्या करता है।
- यह फाइलेटिक ग्रेडुअलिज्म (Phyletic Gradualism – धीरे-धीरे निरंतर परिवर्तन) के विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया गया था।
- लैमार्कवाद और अर्जित लक्षणों की विरासत वैज्ञानिक रूप से गलत सिद्ध हो चुकी है।
- जीन प्रवाह आबादी के बीच जीन के आदान-प्रदान को संदर्भित करता है, यह जीवाश्म रिकॉर्ड के पैटर्न की व्याख्या नहीं करता है।
13. ‘अपूर्ण अंग’ (Vestigial Organs) क्या हैं?
- वे अंग जो बहुत छोटे हैं
- वे अंग जो पूर्वजों में कार्यात्मक थे लेकिन वर्तमान जीवों में कम विकसित या अनुपयोगी हैं
- वे अंग जो भविष्य में विकसित होंगे
- वे अंग जो केवल जंतुओं में पाए जाते हैं
Explanation:
- अपूर्ण अंग विकासवादी इतिहास के अवशेष हैं और एक सामान्य पूर्वज का सबूत प्रदान करते हैं। उदाहरण: मनुष्य में अपेंडिक्स (Appendix), कॉकरोच में अवशेषी पंख, अजगर में हिंड-लिम्ब की हड्डियाँ।
- ये अंग अक्सर छोटे और कम विकसित होते हैं क्योंकि उनकी कोई कार्यात्मक आवश्यकता नहीं रह गई है।
- यह दर्शाता है कि प्रजातियाँ समय के साथ बदलती हैं और नई आवश्यकताओं के अनुकूल होती हैं, जबकि पुरानी विशेषताएँ गायब हो सकती हैं।
- ये जंतुओं और पौधों दोनों में पाए जा सकते हैं।
14. जैव-भूगर्भिक प्रमाण (Biogeographical Evidence) क्या दर्शाता है?
- सभी महाद्वीपों पर जीव समान हैं
- अलग-थलग क्षेत्रों में विशिष्ट और संबंधित प्रजातियाँ पाई जाती हैं
- जीवों का पर्यावरण से कोई संबंध नहीं है
- जीवाश्म केवल एक ही स्थान पर पाए जाते हैं
Explanation:
- जैव-भूगर्भिकी (Biogeography) अध्ययन करती है कि प्रजातियाँ भौगोलिक रूप से कैसे वितरित हैं। अलग-थलग स्थानों (जैसे ऑस्ट्रेलिया, द्वीप) पर अद्वितीय प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जो एक सामान्य पूर्वज से विकसित हुई हैं। यह विकास का एक मजबूत प्रमाण है।
- यह दर्शाता है कि प्रजातियाँ एक ही स्थान पर उत्पन्न होती हैं और फिर फैलती हैं, न कि हर जगह स्वतंत्र रूप से उत्पन्न होती हैं।
- महाद्वीपीय विस्थापन (Continental Drift) ने भी प्रजातियों के वितरण को प्रभावित किया है।
- यह विकास के सिद्धांत की भविष्यवाणी के अनुरूप है।
15. ‘प्रजनन अलगाव’ (Reproductive Isolation) क्या है?
- प्रजनन करने में असमर्थता
- वह तंत्र जो विभिन्न प्रजातियों के सदस्यों के बीच संकरण (Interbreeding) को रोकता है
- एक ही प्रजाति के सदस्यों के बीच संकरण
- अलैंगिक प्रजनन
Explanation:
- प्रजनन अलगाव नई प्रजातियों (Speciation) के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह तब होता है जब populations अलग हो जाती हैं और अंतर-प्रजनन नहीं कर सकती हैं, भले ही वे भौगोलिक रूप से फिर से मिल जाएँ।
- यह Pre-zygotic (युग्मक बनने से पहले, जैसे- व्यवहारिक, समयिक अंतर) या Post-zygotic (युग्मक बनने के बाद, जैसे- संकर (Hybrid) बंध्यता) barriers के कारण हो सकता है।
- यह प्रजाति की परिभाषा (Biological Species Concept) का आधार है।
- यह आनुवंशिक रूप से अलग population के निर्माण की अनुमति देता है।
16. ‘अभिसारी विकास’ (Convergent Evolution) क्या है?
- संबंधित प्रजातियों का विभिन्न रूपों में विकसित होना
- असंबंधित प्रजातियों का समान रूप विकसित करना क्योंकि वे समान पर्यावरणीय निचे (Niche) में रहते हैं
- एक सामान्य पूर्वज से विकास
- प्रजातियों का विलुप्त होना
Explanation:
- अभिसारी विकास में, जीव समान चुनौतियों का सामना करने के लिए समान अनुकूलन (Adaptations) विकसित करते हैं, भले ही वे दूर से संबंधित हों। उदाहरण: शार्क (मछली), इचथ्योसॉर (सरीसृप), और डॉल्फिन (स्तनपायी) की Torpedo आकार की Body।
- इसके परिणामस्वरूप समरूप अंग (Analogous Organs) बनते हैं, जो कार्य में समान होते हैं लेकिन संरचना और उत्पत्ति में भिन्न होते हैं।
- यह अपसारी विकास (Divergent Evolution – जहाँ संबंधित प्रजातियाँ अलग-अलग रूप विकसित करती हैं) के विपरीत है।
- यह प्राकृतिक वरण की शक्ति को दर्शाता है।
17. ‘जीन पूल’ (Gene Pool) से क्या अभिप्राय है?
- जीनों का भंडारण स्थान
- किसी population में उपस्थित सभी एलील्स (Alleles) का कुल योग
- एक व्यक्ति के सभी जीन
- जीन थेरेपी में प्रयुक्त जीन
Explanation:
- जीन पूल एक population में सभी individuals में मौजूद सभी जीनों और उनके विभिन्न रूपों (एलील्स) का संपूर्ण सेट है। यह विकास की मूल इकाई है।
- विकास को जीन पूल में एलील आवृत्तियों में परिवर्तन के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
- एक बड़ा जीन पूल आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) को दर्शाता है, जो प्राकृतिक वरण के लिए अधिक सामग्री प्रदान करता है।
- यह व्यक्तिगत जीनोम से अलग, population-स्तरीय अवधारणा है।
18. ‘सहविकास’ (Coevolution) का सबसे अच्छा उदाहरण कौन सा है?
- शिकारी और शिकार
- परागण के लिए फूल और कीट (जैसे अमरबेल और हawk मoth)
- दो असंबंधित शिकारी
- एक परजीवी और उसका मेजबान
Explanation:
- सहविकास तब होता है जब दो या दो से अधिक प्रजातियाँ एक-दूसरे पर इतनी निकटता से निर्भर होती हैं कि एक का विकास दूसरे के विकास को प्रभावित करता है। फूलों और उनके परागणकर्ताओं (जैसे अमरबेल और हॉक मoth) के बीच का रिश्ता इसका एक क्लासिक उदाहरण है।
- शिकारी-शिकार और परजीवी-मेजबान संबंध भी सहविकास के उदाहरण हैं, लेकिन परागण संबंध अक्सर पारस्परिक (Mutualistic) और बहुत विशिष्ट होते हैं।
- यह एक ‘Evolutionary Arms Race’ का निर्माण कर सकता है, जहाँ प्रत्येक प्रजाति दूसरे के against लगातार अनुकूलन विकसित करती है।
- यह प्राकृतिक वरण की जटिलता को दर्शाता है।
19. ‘अनुकूलन’ (Adaptation) क्या है?
- एक जीव का अपने जीवनकाल में पर्यावरण के अनुसार ढलना
- वह विशेषता जो प्राकृतिक वरण द्वारा चयनित होती है और जीव की प्रजनन सफलता बढ़ाती है
- एक हानिकारक उत्परिवर्तन
- एक जीव की बीमारी से लड़ने की क्षमता
Explanation:
- अनुकूलन एक ऐसी विशेषता है जो कई पीढ़ियों में प्राकृतिक वरण के माध्यम से विकसित होती है और एक विशिष्ट पर्यावरणीय चुनौती के जवाब में जीव की फिटनेस (Fitness) को बढ़ाती है।
- यह एक अर्जित विशेषता (Acquired Character) नहीं है, बल्कि एक आनुवंशिक रूप से विरासत में मिली विशेषता है।
- उदाहरण: रेगिस्तान में जानवरों का रेतीले रंग, कैक्टस का मोटा तना जो पानी जमा करता है।
- यह विकासवादी प्रक्रिया का एक प्रमुख परिणाम है।
20. ‘विकासवादी सफलता’ का सबसे अच्छा माप क्या है?
- जीवन की लंबाई
- शारीरिक शक्ति
- प्रजनन सफलता (Reproductive Success) – एक जीव द्वारा छोड़ी गई VIable संतानों की संख्या
- शिकार करने की क्षमता
Explanation:
- विकासवादी दृष्टिकोण से, ‘Fitness’ का अर्थ है अगली पीढ़ी में अपने जीनों को पारित करने की क्षमता। इसलिए, सबसे अधिक प्रजनन करने वाला जीव सबसे ‘योग्य’ (Fittest) माना जाता है।
- लंबा जीवन प्रजनन के अवसर बढ़ा सकता है, लेकिन यह सीधा मापदंड नहीं है।
- शक्ति और शिकार करने की क्षमता जैसे गुण केवल तभी फायदेमंद हैं जब वे अंततः अधिक संतान पैदा करने में मदद करते हैं।
- यह प्राकृतिक वरण की केंद्रीय अवधारणा है।
21. ‘वंशावली’ (Phylogeny) से क्या तात्पर्य है?
- एक व्यक्ति का पारिवारिक इतिहास
- प्रजातियों के बीच विकासवादी संबंधों का इतिहास और पैटर्न
- जीवों का वर्गीकरण
- जीवाश्मों का अध्ययन
Explanation:
- वंशावली (Phylogeny) एक ऐसा Tree है जो दर्शाता है कि प्रजातियाँ (या अन्य समूह) एक सामान्य पूर्वज से कैसे विकसित हुई हैं। यह विकासवादी इतिहास को दर्शाता है।
- वंशावली वृक्ष (Phylogenetic Trees) DNA अनुक्रमण (Sequencing), रूपविज्ञान (Morphology), और जीवाश्म रिकॉर्ड जैसे डेटा का उपयोग करके बनाए जाते हैं।
- यह वर्गीकरण (Taxonomy) का आधार बनाता है, जिसका लक्ष्य विकासवादी संबंधों को दर्शाना है।
- यह समजात और समरूप अंगों की पहचान करने में मदद करता है।
22. ‘आणविक घड़ी’ (Molecular Clock) की अवधारणा क्या है?
- DNA Replication की गति मापना
- तटस्थ उत्परिवर्तन की निरंतर दर का उपयोग करके प्रजातियों के विभाजन के समय का अनुमान लगाना
- कोशिका विभाजन की दर
- प्रोटीन संश्लेषण की गति
Explanation:
- आणविक घड़ी परिकल्पना यह मानती है कि डीएनए में उत्परिवर्तन एक लगभग निरंतर दर से जमा होते हैं। दो प्रजातियों के डीएनए में अंतर की तुलना करके, वैज्ञानिक उनके सामान्य पूर्वज से अलग होने के अनुमानित समय की गणना कर सकते हैं।
- यह जीवाश्म रिकॉर्ड के साथ विकासवादी समयरेखा (Timeline) को कैलिब्रेट (Calibrate) करने में मदद करता है।
- यह मुख्य रूप से तटस्थ उत्परिवर्तन (Neutral Mutations) पर आधारित है, जो प्राकृतिक वरण से प्रभावित नहीं होते हैं।
- यह विकासवादी जीव विज्ञान में एक शक्तिशाली उपकरण है।
23. ‘अर्जित लक्षणों की विरासत’ का सिद्धांत किससे संबंधित है?
- चार्ल्स डार्विन
- जीन-बैप्टिस्ट लैमार्क
- अल्फ्रेड रसेल वालेस
- ग्रेगर मेंडल
Explanation:
- लैमार्क का सिद्धांत (Lamarckism) प्रस्तावित करता है कि एक जीव के जीवनकाल में अर्जित किए गए लक्षण (जैसे एक जिराफ की लंबी गर्दन हरीतियों तक पहुँचने के लिए लगातार खिंचाव के कारण) उसकी संतानों को विरासत में मिल सकते हैं। यह सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से गलत साबित हो चुका है।
- डार्विन और वालेस ने प्राकृतिक वरण का सिद्धांत दिया, जो आनुवंशिक विरासत पर आधारित है।
- मेंडल के कार्य ने आनुवंशिकता के नियम दिए, जो लैमार्कवाद का खंडन करते हैं।
- आधुनिक epigenetics कुछ पर्यावरणीय प्रभावों को दर्शाता है, लेकिन यह लैमार्कवाद जैसा नहीं है।
24. ‘जीन प्रवाह’ (Gene Flow) क्या है?
- एक कोशिका के भीतर जीन की Movement
- आबादी के बीच जीनों का आदान-प्रदान (उदाहरण: परागण, प्रवास)
- उत्परिवर्तन की प्रक्रिया
- DNA Replication
Explanation:
- जीन प्रवाह तब होता है ज individuals या गैमेट्स (जैसे पराग) एक population से दूसरी population में जाते हैं और संकरण (Interbreed) करते हैं, जिससे नए एलील्स का आदान-प्रदान होता है।
- यह आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) को बढ़ा सकता है और पड़ोसी populations के बीच के अंतरों को कम कर सकता है।
- यह प्रजाति-निर्माण (Speciation) को रोक सकता है क्योंकि यह populations को आनुवंशिक रूप से समान बनाए रखता है।
- यह प्राकृतिक वरण और आनुवंशिक बहाव के साथ विकास का एक और तंत्र है।
25. ‘विकास’ (Evolution) की सबसे संक्षिप्त और सटीक परिभाषा क्या है?
- जीवों का सरल से जटिल की ओर बढ़ना
- अर्जित लक्षणों की विरासत
- समय के साथ जनसंख्या में आनुवंशिक विशेषताओं की आवृत्ति में परिवर्तन
- नई प्रजातियों का निर्माण
Explanation:
- यह आधुनिक विकासवादी संश्लेषण (Modern Evolutionary Synthesis) की मानक परिभाषा है। यह बताती है कि विकास population-स्तर पर होता है, न कि individual-स्तर पर, और यह आनुवंशिक परिवर्तनों के बारे में है।
- विकास हमेशा ‘जटिलता’ की ओर नहीं जाता है; कई परजीवी सरल रूपों में विकसित हुए हैं।
- नई प्रजातियों का निर्माण (Speciation) विकास का एक परिणाम है, न कि परिभाषा स्वयं।
- यह परिभाषा प्राकृतिक वरण, आनुवंशिक बहाव, उत्परिवर्तन और जीन प्रवाह सहित सभी तंत्रों को शामिल करती है।
