JharkhandGK
सूची-I (पड़ोसी राज्य) और सूची-II (दिशा) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
| सूची-I (पड़ोसी राज्य)
a. बिहार |
सूची-II (दिशा)
1. दक्षिण |
- a-3, b-4, c-1, d-2
- a-4, b-2, c-3, d-1
- a-3, b-1, c-4, d-2
- a-2, b-4, c-1, d-3
Explanation:
- बिहार राज्य झारखंड के उत्तर दिशा में स्थित है (a-3)।
- ओडिशा राज्य झारखंड के दक्षिण दिशा में स्थित है (b-1)।
- उत्तर प्रदेश राज्य झारखंड के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है (c-4)।
- छत्तीसगढ़ राज्य झारखंड के पश्चिम दिशा में स्थित है (d-2)।
सूची-I (जिला) और सूची-II (सटे पड़ोसी राज्य) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (जिला): a. गढ़वा, b. सिमडेगा, c. साहिबगंज, d. पूर्वी सिंहभूम
सूची-II (सटे पड़ोसी राज्य): 1. पश्चिम बंगाल और ओडिशा, 2. बिहार और पश्चिम बंगाल, 3. बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़, 4. ओडिशा और छत्तीसगढ़
- a-4, b-3, c-2, d-1
- a-3, b-4, c-2, d-1
- a-2, b-1, c-4, d-3
- a-1, b-2, c-3, d-4
Explanation:
- गढ़वा जिला 3 राज्यों (बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़) की सीमा को छूता है (a-3)।
- सिमडेगा जिला 2 राज्यों (ओडिशा और छत्तीसगढ़) की सीमा को छूता है (b-4)।
- साहिबगंज जिला 2 राज्यों (बिहार और पश्चिम बंगाल) की सीमा को छूता है (c-2)।
- पूर्वी सिंहभूम जिला 2 राज्यों (पश्चिम बंगाल और ओडिशा) की सीमा को छूता है (d-1)।
सूची-I (पड़ोसी राज्य) और सूची-II (सटा जिला) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (पड़ोसी राज्य): a. बिहार, b. पश्चिम बंगाल, c. ओडिशा, d. उत्तर प्रदेश
सूची-II (सटा जिला): 1. पश्चिमी सिंहभूम, 2. गढ़वा, 3. कोडरमा, 4. जामताड़ा
- a-3, b-4, c-1, d-2
- a-1, b-2, c-3, d-4
- a-4, b-3, c-2, d-1
- a-2, b-1, c-4, d-3
Explanation:
- कोडरमा जिला बिहार की सीमा से सटा हुआ है (a-3)।
- जामताड़ा जिला पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है (b-4)।
- पश्चिमी सिंहभूम जिला ओडिशा की सीमा से सटा हुआ है (c-1)।
- गढ़वा जिला उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है (d-2)।
सूची-I (पड़ोसी राज्य) और सूची-II (सटा जिला) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (पड़ोसी राज्य): a. छत्तीसगढ़, b. बिहार, c. पश्चिम बंगाल, d. ओडिशा
सूची-II (सटा जिला): 1. सरायकेला-खरसावां, 2. लातेहार, 3. चतरा, 4. धनबाद
- a-3, b-4, c-2, d-1
- a-4, b-3, c-1, d-2
- a-2, b-3, c-4, d-1
- a-2, b-3, c-4, d-1
Explanation:
- लातेहार जिला छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को स्पर्श करता है (a-2)।
- चतरा जिला बिहार राज्य की सीमा को स्पर्श करता है (b-3)।
- धनबाद जिला पश्चिम बंगाल राज्य की सीमा को स्पर्श करता है (c-4)।
- सरायकेला-खरसावां जिला ओडिशा राज्य की सीमा को स्पर्श करता है (d-1)।
सूची-I (जिला) और सूची-II (सीमावर्ती राज्य) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (जिला): a. दुमका, b. गुमला, c. बोकारो, d. गिरिडीह
सूची-II (सीमावर्ती राज्य): 1. पश्चिम बंगाल, 2. बिहार, 3. छत्तीसगढ़, 4. बिहार और पश्चिम बंगाल
- a-1, b-3, c-2, d-4
- a-4, b-2, c-1, d-3
- a-2, b-3, c-1, d-4
- a-4, b-3, c-1, d-2
Explanation:
- दुमका जिला बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों की सीमा से सटा है (a-4)।
- गुमला जिला छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से सटा है (b-3)।
- बोकारो जिला पश्चिम बंगाल राज्य की सीमा से सटा है (c-1)।
- गिरिडीह जिला बिहार राज्य की सीमा से सटा है (d-2)।
सूची-I (पड़ोसी राज्य) और सूची-II (विशेषता) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (पड़ोसी राज्य): a. उत्तर प्रदेश, b. ओडिशा, c. बिहार, d. पश्चिम बंगाल
सूची-II (विशेषता):
1. राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित है,
2. केवल 1 जिला (गढ़वा) छूता है,
3. राज्य के पूर्वी हिस्से में स्थित है,
4. राज्य के दक्षिणी हिस्से में स्थित है
- a-3, b-4, c-1, d-2
- a-2, b-1, c-4, d-3
- a-2, b-4, c-1, d-3
- a-1, b-3, c-2, d-4
Explanation:
- उत्तर प्रदेश राज्य को झारखंड का केवल 1 जिला (गढ़वा) स्पर्श करता है (a-2)।
- ओडिशा राज्य झारखंड के दक्षिणी भाग में स्थित है (b-4)।
- बिहार राज्य झारखंड के उत्तरी भाग में स्थित है (c-1)।
- पश्चिम बंगाल राज्य झारखंड के पूर्वी भाग में स्थित है (d-3)।
सूची-I (जिला) और सूची-II (सटे राज्य) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (जिला): a. पाकुड़, b. पलामू, c. सिमडेगा, d. गढ़वा
सूची-II (सटे राज्य): 1. बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़, 2. केवल पश्चिम बंगाल, 3. बिहार, 4. ओडिशा और छत्तीसगढ़
- a-3, b-2, c-4, d-1
- a-4, b-3, c-1, d-2
- a-1, b-4, c-2, d-3
- a-2, b-3, c-4, d-1
Explanation:
- पाकुड़ केवल पश्चिम बंगाल राज्य की सीमा को स्पर्श करता है (a-2)।
- पलामू केवल बिहार राज्य की सीमा को स्पर्श करता है (b-3)।
- सिमडेगा ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों की सीमा को स्पर्श करता है (c-4)।
- गढ़वा बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों की सीमा को स्पर्श करता है (d-1)।
सूची-I (जिला) और सूची-II (सटा हुआ पड़ोसी राज्य) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (जिला): a. गोड्डा, b. रांची, c. लातेहार, d. पश्चिमी सिंहभूम
सूची-II (सटा हुआ पड़ोसी राज्य): 1. छत्तीसगढ़, 2. ओडिशा, 3. बिहार, 4. पश्चिम बंगाल
- a-4, b-1, c-2, d-3
- a-3, b-4, c-1, d-2
- a-2, b-3, c-4, d-1
- a-1, b-2, c-3, d-4
Explanation:
- गोड्डा जिला बिहार राज्य की सीमा से सटा हुआ है (a-3)।
- रांची जिला पश्चिम बंगाल राज्य की सीमा से सटा हुआ है (b-4)।
- लातेहार जिला छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से सटा हुआ है (c-1)।
- पश्चिमी सिंहभूम जिला ओडिशा राज्य की सीमा से सटा हुआ है (d-2)।
सूची-I (राज्य की सीमा) और सूची-II (सटा पड़ोसी राज्य) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (राज्य की सीमा): a. उत्तरी सीमा, b. पूर्वी सीमा, c. दक्षिणी सीमा, d. पश्चिमी सीमा
सूची-II (सटा पड़ोसी राज्य): 1. छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश, 2. ओडिशा, 3. पश्चिम बंगाल, 4. बिहार
- a-2, b-4, c-1, d-3
- a-3, b-1, c-4, d-2
- a-4, b-3, c-2, d-1
- a-4, b-3, c-2, d-1
Explanation:
- झारखंड की उत्तरी सीमा बिहार राज्य से स्पर्श करती है (a-4)।
- झारखंड की पूर्वी सीमा पश्चिम बंगाल राज्य से स्पर्श करती है (b-3)।
- झारखंड की दक्षिणी सीमा ओडिशा राज्य से स्पर्श करती है (c-2)।
- झारखंड की पश्चिमी सीमा छत्तीसगढ़ तथा उत्तर प्रदेश से स्पर्श करती है (d-1)।
सूची-I (जिला) और सूची-II (सीमा साझा करने वाला राज्य) का सही मिलान करने वाले विकल्प का चयन करें:
सूची-I (जिला): a. हजारीबाग, b. पूर्वी सिंहभूम, c. सिमडेगा, d. गढ़वा
सूची-II (सीमा साझा करने वाला राज्य): 1. छत्तीसगढ़ और ओडिशा, 2. बिहार, 3. उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़, 4. पश्चिम बंगाल और ओडिशा
- a-2, b-4, c-1, d-3
- a-1, b-3, c-4, d-2
- a-4, b-2, c-3, d-1
- a-3, b-1, c-2, d-4
Explanation:
- हजारीबाग जिला केवल बिहार राज्य से सीमा साझा करता है (a-2)।
- पूर्वी सिंहभूम जिला पश्चिम बंगाल और ओडिशा दो राज्यों से सीमा साझा करता है (b-4)।
- सिमडेगा जिला छत्तीसगढ़ और ओडिशा दो राज्यों से सीमा साझा करता है (c-1)।
- गढ़वा जिला उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों से सीमा साझा करता है (d-3)।
निम्न में से कौन-सा कथन हारगढ़ी चोकाहातु (मेगालिथ की भूमि)/Hargaddi Chokahatu (The Land of Megaliths) के संदर्भ में सत्य है?
1.झारखंड का सबसे बड़ा मेगालिथ स्थल है।।
2. यह स्थल गुमला में स्थित है।
3. यह जीवित दफन स्थल प्राचीन काल से मुंडा जनजाति द्वारा उपयोग में है।
- 1 व 2 दोनों असत्य हैं।
- 1 , 2 सत्य है।
- 1 , 3 सत्य है।
- 1 ,2, 3 दोनों सत्य हैं।
Explanation:
- Hargaddi Chokahatu झारखंड का सबसे बड़ा मेगालिथ स्थल है।
- Chokahatu का यह जीवित दफन स्थल प्राचीन काल से मुंडा जनजाति द्वारा उपयोग में है।
- यह स्थल Ranchi से लगभग 70 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
- झारखंड के जनजातीय लोग दाह-संस्कार के बाद अस्थियों पर डोलमेन बनाते हैं।
- इन डोलमेनों को स्थानीय रूप से ‘ससंदिरिस (Sasandiris)’ कहा जाता है।
- Chokahatu के दफन स्थल को स्थानीय भाषा में ‘हर्गढ़ी (Hargarhi)’ कहा जाता है।
- Hargaddi Chokahatu लगभग 8 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
- यहाँ लगभग 8,000 पत्थर पाए जाते हैं, जिनमें दफन स्लैब व डोलमेन शामिल हैं।
निम्न में से कौन-सा कथन झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के संदर्भ में सत्य है?
1.वार्ड पार्षद बनने हेतु न्यूनतम आयु 21 वर्ष है।
2. मेयर बनने हेतु न्यूनतम आयु 25 वर्ष निर्धारित है।
- 1 व 2 दोनों असत्य हैं।
- केवल 1 सत्य है।
- केवल 2 सत्य है।
- 1 व 2 दोनों सत्य हैं।1
Explanation:
- झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 – झारखंड में शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) के प्रशासन, चुनाव, वित्त एवं नागरिक सेवाओं का मूल कानून।
- बिहार नगरपालिका अधिनियम, 1922 के स्थान पर लागू।
- अधिनियम को प्रभावी बनाने हेतु 2015, 2017 और 2021 में संशोधन।
- वार्ड समिति (Ward Committee):
- परिषद के निर्वाचन के 2 माह के भीतर प्रत्येक वार्ड के लिए गठन अनिवार्य।
- संरचना:
- संबंधित वार्ड का पार्षद – अध्यक्ष
- वार्ड क्षेत्र के क्षेत्र सभा प्रतिनिधि
- वार्ड से अधिकतम 10 सिविल सोसाइटी प्रतिनिधि (परिषद द्वारा नामित)
- न्यूनतम आयु सीमा:
- वार्ड पार्षद: 21 वर्ष
- मेयर: 30 वर्ष
निम्न में से कौन-सा कथन झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के संदर्भ में सत्य है?
1.यह अधिनियम बिहार नगरपालिका अधिनियम, 1920 के स्थान पर लागू किया गया
2.इस अधिनियम में 2015, 2017 एवं 2021 में संशोधन किए गए हैं।
- 1 व 2 दोनों असत्य हैं।
- केवल 1 सत्य है।
- केवल 2 सत्य है।
- 1 व 2 दोनों सत्य हैं।1
Explanation:
- झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 – झारखंड में शहरी स्थानीय निकायों (नगरपालिकाओं) के प्रशासन, चुनाव, वित्त एवं नागरिक सेवाओं का मूल कानून।
- बिहार नगरपालिका अधिनियम, 1922 के स्थान पर लागू।
- अधिनियम को प्रभावी बनाने हेतु 2015, 2017 और 2021 में संशोधन।
- वार्ड समिति (Ward Committee):
- परिषद के निर्वाचन के 2 माह के भीतर प्रत्येक वार्ड के लिए गठन अनिवार्य।
- संरचना:
- संबंधित वार्ड का पार्षद – अध्यक्ष
- वार्ड क्षेत्र के क्षेत्र सभा प्रतिनिधि
- वार्ड से अधिकतम 10 सिविल सोसाइटी प्रतिनिधि (परिषद द्वारा नामित)
- न्यूनतम आयु सीमा:
- वार्ड पार्षद: 21 वर्ष
- मेयर: 30 वर्ष
‘दामिन-ए-कोह’ की घोषणा कब हुई?
- 1824
- 1835
- 1825
- 1821
Explanation:
- 1832 में OR 1824 में ईस्ट इंडिया कंपनी की सरकार ने राजमहल की पहाड़ियों के तलहटी वाले इलाकों को दामिन ए कोह के नाम से सीमांकित कर दिया
महाभारत में झारखण्ड को किस नाम से जाना जाता था? ?
- I.पशुभूमि
- II.पुंडरीक देश
- III.मत्स्य देश
- IV. I ,II उपरोक्त दोनों
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
झारखण्ड का नाम झारखण्ड क्यों पड़ा?
- वन एवं झाड़ियों की बहुलता के कारण
- पहाड़ियों की बहुलता के कारण
- पठार की बहुलता के कारण
- जनजाति की बहुलता के कारण
Explanation:
- झारखंड –झार/झाड़ (वन)+ खण्ड (प्रदेश) ,झारखंड का अर्थ है- वन प्रदेश
- इस क्षेत्र का प्रथम साहित्यिक उल्लेख ‘ऐतरेय ब्राह्मण’ में पुण्ड/ पुण्ड्र नाम से मिलता है।
- इस क्षेत्र का प्रथम पुरातात्विक उल्लेख 13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में झारखंड नाम से मिलता है।
- जनजातियों की अधिकता के कारण झारखण्ड को ‘कर्कखण्ड’ भी कहा जाता है।
झारखण्ड का प्रथम साहित्यिक उल्लेख मिलता है
- ऐतरेय ब्राह्मण
- ऋगवेद
- अथर्ववेद
- वायु पुराण
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
झारखण्ड शब्द का सर्वप्रथम पुरातात्विक उल्लेख कब किया गया?
- ऐतरेय ब्राह्मण
- ऋगवेद
- 13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में
- वायु पुराण
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
ऋग्वेद में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- कुक्कुट लाड
- झारखण्ड
- कीकाटानाम देशो अनार्थ
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
ऐतरेय ब्राह्मण में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- कुक्कुट लाड
- झारखण्ड
- कीकाटानाम देशो अनार्थ
- पुण्ड्र या पुण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
अथर्ववेद में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- कुक्कुट लाड
- व्रात्य
- कीकाटानाम देशो अनार्थ
- पुण्ड्र या पुण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
वायु पुराण में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- कुक्कुट लाड
- व्रात्य
- कीकाटानाम देशो अनार्थ
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- कुक्कुट लाड
- मुरुण्ड
- कीकाटानाम देशो अनार्थ
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
विष्णु पुराण में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- कुक्कुट लाड
- मुरुण्ड
- मुण्ड
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
टॉलमी द्वारा झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- कुक्कुट लाड
- मुरुण्ड
- मुण्डल
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
भागवत पुराण में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- किक्कट प्रदेश
- मुरुण्ड
- मुण्डल
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
कौटिल्य का अर्थशास्त्र में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- किक्कट प्रदेश
- मुरुण्ड
- कुकुटदेश
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
- कौटिल्य का अर्थशास्त्र – कुकुट / कुकुटदेश
- पूर्वमध्यकालीन संस्कृत साहित्य – कलिंद देश
पूर्वमध्यकालीन संस्कृत साहित्य में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- किक्कट प्रदेश
- कलिंद देश
- कुकुटदेश
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
- कौटिल्य का अर्थशास्त्र – कुकुट / कुकुटदेश
- पूर्वमध्यकालीन संस्कृत साहित्य – कलिंद देश
कबीर के दोहे में में झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- किक्कट प्रदेश
- झारखण्ड
- कुकुटदेश
- मुरण्ड
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
- कौटिल्य का अर्थशास्त्र – कुकुट / कुकुटदेश
- पूर्वमध्यकालीन संस्कृत साहित्य – कलिंद देश
- झारखण्ड
- 13वीं सदी के ताम्रपत्र में
- तारीख-ए-फिरोजशाही
- तारीख-ए-बंग्ला
- सियार-उल-मुतखरीन
- कबीर के दोहे में
- मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा (पद्मावत में)
- अकबरनामा
- नरसिंहदेव द्वितीय के ताम्रपत्र में
इनमें से किस में झारखंड का नाम झारखंड के रूप में ही उल्लेख किया गया है ?
- नरसिंहदेव द्वितीय के ताम्रपत्र में
- आईने-अकबरी
- तुजुक-ए-जहाँगीरी
- पूर्वमध्यकालीन संस्कृत साहित्य
Explanation:
- ऐतरेय ब्राह्मण (प्रथम साहित्यिक उल्लेख) – पुण्ड्र या पुण्ड
- प्रथम पुरातात्विक उल्लेख (13वीं सदी ई. के एक ताम्रपत्र में) – झारखंड
- वेद
- ऋगवेद – कीकाटानाम देशो अनार्थ
- अथर्ववेद – व्रात्य
- पुराण
- वायु पुराण – मुरण्ड
- मुरुण्ड-समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
- विष्णु पुराण – मुण्ड
- मुण्डल-टॉलमी द्वारा
- भागवत पुराण – किक्कट प्रदेश
- वायु पुराण – मुरण्ड
- महाभारत
- (दिग्विजय पर्व में) – पुण्डरीक
- पशुभूमि
- कौटिल्य का अर्थशास्त्र – कुकुट / कुकुटदेश
- पूर्वमध्यकालीन संस्कृत साहित्य – कलिंद देश
- झारखण्ड
- 13वीं सदी के ताम्रपत्र में
- तारीख-ए-फिरोजशाही
- तारीख-ए-बंग्ला
- सियार-उल-मुतखरीन
- कबीर के दोहे में
- मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा (पद्मावत में)
- अकबरनामा
- नरसिंहदेव द्वितीय के ताम्रपत्र में
फाहियान ने झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- किक्कट प्रदेश
- कुक्कुटलाड
- कुकुटदेश
- मुरण्ड
Explanation:
- आईने-अकबरी – कोकरा / खंकराह
- मुगल काल – खुखरा / कुकरा
- तुजुक-ए-जहाँगीरी – खोखरा
- फाहियान ( यात्रा-वृतांत ‘फो-को-क्वी’) – कुक्कुटलाड
- ह्वेनसांग (यात्रा-वृतान्त ‘सी-यू-की’ )– की-लो-ना-सु-का-ला-ना / कर्णसुवर्ण
- ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में – छोटानागपुर
ह्वेनसांग ने झारखण्ड का उल्लेख किस नाम से किया गया है?
- किक्कट प्रदेश
- कुक्कुटलाड
- कुकुटदेश
- की-लो-ना-सु-का-ला-ना
Explanation:
- आईने-अकबरी – कोकरा / खंकराह
- मुगल काल – खुखरा / कुकरा
- तुजुक-ए-जहाँगीरी – खोखरा
- फाहियान ( यात्रा-वृतांत ‘फो-को-क्वी’) – कुक्कुटलाड
- ह्वेनसांग (यात्रा-वृतान्त ‘सी-यू-की’ )– की-लो-ना-सु-का-ला-ना / कर्णसुवर्ण
- ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में – छोटानागपुर
ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन काल में झारखंड किस नाम से जाना जाता था ?
- झारखण्ड
- खोखरा
- छोटानागपुर
- की-लो-ना-सु-का-ला-ना
Explanation:
- आईने-अकबरी – कोकरा / खंकराह
- मुगल काल – खुखरा / कुकरा
- तुजुक-ए-जहाँगीरी – खोखरा
- फाहियान ( यात्रा-वृतांत ‘फो-को-क्वी’) – कुक्कुटलाड
- ह्वेनसांग (यात्रा-वृतान्त ‘सी-यू-की’ )– की-लो-ना-सु-का-ला-ना / कर्णसुवर्ण
- ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में – छोटानागपुर
1833 में स्थापित दक्षिण-पश्चिमी फ्रंटियर 1839 एजेंसी का मुख्यालय कहाँ था, जिसे बाद में राँची के नाम से जाना गया?
- मैक्लुस्कीगंज
- विशुनपुर
- किसुनपुर
- वीरभूम
Explanation:
- आईने-अकबरी – कोकरा / खंकराह
- मुगल काल – खुखरा / कुकरा
- तुजुक-ए-जहाँगीरी – खोखरा
- फाहियान ( यात्रा-वृतांत ‘फो-को-क्वी’) – कुक्कुटलाड
- ह्वेनसांग (यात्रा-वृतान्त ‘सी-यू-की’ )– की-लो-ना-सु-का-ला-ना / कर्णसुवर्ण
- ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में – छोटानागपुर
- 1834 (1833)ई. में अंग्रेजों ने इसे दक्षिण-पश्चिमी सीमांत एजेंसी (South-Western Frontier Agency-SWFA) के रूप में गठित किया जिसका मुख्यालय विलिकिंसनगंज या विशुनपुर (बाद का राँची) को बनाया।
अशोक के 13वें शिलालेख में झारखण्ड को किस नाम से संबोधित किया गया है?
- अटावी
- खोखरा
- मुण्ड
- की-लो-ना-सु-का-ला-ना
Explanation:
- अशोक के 13वें शिलालेख में – अटावी
- आईने-अकबरी – कोकरा / खंकराह
- मुगल काल – खुखरा / कुकरा
- तुजुक-ए-जहाँगीरी – खोखरा
- फाहियान ( यात्रा-वृतांत ‘फो-को-क्वी’) – कुक्कुटलाड
- ह्वेनसांग (यात्रा-वृतान्त ‘सी-यू-की’ )– की-लो-ना-सु-का-ला-ना / कर्णसुवर्ण
- ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में – छोटानागपुर
झारखण्ड को कर्कखण्ड के नाम से क्यों जाना जाता है?
- वनों की अधिकता के कारण
- जनजातियों की अधिकता के कारण
- कर्क रेखा के गुजरने के कारण
- जंगली जानवरों की अधिकता के कारण
Explanation:
- संथाल परगना, का प्राचीनतम नाम नरीखंड है।
- बाद में इसे कांकजोल कहा जाने लगा।
- ह्वेनसांग ने संथाल परगना के मुख्य क्षेत्र राजमहल का उल्लेख कि-चिंग-कोई-लो के नाम से किया है।
- राजमहल नामकरण मध्य काल में हुआ।
- संथाल परगना के एक भाग को दामिन-ए-कोह (अर्थात पहाड़ी अंचल) कहा जाता था।
- कैप्टन टैनर के सर्वेक्षण के आधार पर 1824(1832) ई. में दामिन-ए-कोह की स्थापना हुयी थी।
- वैदिक साहित्य में झारखण्ड की जनजातियों के लिए असुर शब्द का प्रयोग किया गया है।
- ऋग्वेद में असुरों को ‘लिंग पूजक’ या ‘शिशनों का देव‘ कहा गया है।
- बुकानन ने बनारस से लेकर बीरभूम तक के पठारी क्षेत्र को झारखण्ड के रूप में वर्णित किया है।
- महाभारत काल में झारखण्ड सम्राट जरासंध के अधिकार क्षेत्र में था।
निम्न में से कौन-सा राज्य झारखण्ड का पड़ोसी नहीं?
- मध्य प्रदेश
- बिहार
- उड़ीसा
- छत्तीसगढ़
Explanation:
- झारखंड की सीमा 5 राज्यों से सटी हुई है:
- उत्तर – बिहार
- दक्षिण – उड़ीसा (ओडिशा)
- पूर्व – पश्चिम बंगाल
- पश्चिम – छत्तीसगढ़
- उत्तर-पश्चिम – उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश झारखंड का पड़ोसी राज्य नहीं है।
- मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के पश्चिम में स्थित है।
- छत्तीसगढ़ झारखंड और मध्य प्रदेश के बीच स्थित है।
झारखण्ड के उत्तर में कौन-सा जिला स्थित है?
- साहेबगंज
- राँची
- पलामू
- सिंहभूम
Explanation:
- झारखंड के उत्तर में साहेबगंज जिला स्थित है।
- साहेबगंज संथाल परगना प्रमंडल का एक जिला है।
- यह बिहार राज्य की सीमा से सटा हुआ है।
- झारखंड के उत्तरी सीमा पर स्थित जिले:
- साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, गढ़वा आदि।
- ये जिले बिहार की सीमा से सटे हैं।
झारखण्ड राज्य अपनी दक्षिणी सीमा किस राज्य के साथ बांटता है?
- पश्चिम बंगाल
- उत्तर प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- उड़ीसा
Explanation:
- झारखंड की दक्षिणी सीमा उड़ीसा (ओडिशा) राज्य के साथ बंटी हुई है।
- ओडिशा के 3 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- झारखंड के 4 जिले ओडिशा की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- दक्षिणी सीमा पर स्थित जिले:
- पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा आदि।
झारखण्ड में उत्तर से दक्षिण के लिए जिला का क्रम निम्न में से कौन सा है?
- चतरा, गुमला, लातेहार, सिमडेगा
- कोडरमा, राँची, गिरिडीह, बोकारो
- चतरा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा
- गुमला, सिमडेगा, कोडरमा, रॉची
Explanation:
- झारखंड में उत्तर से दक्षिण के लिए जिलों का सही क्रम चतरा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा है।
- चतरा – उत्तरी भाग में (बिहार सीमा से सटा)
- लातेहार – मध्य-उत्तरी भाग में
- गुमला – मध्य-दक्षिणी भाग में
- सिमडेगा – दक्षिणी भाग में (ओडिशा सीमा से सटा)
- अक्षांशीय स्थिति:
- उत्तरी अक्षांश – 21°58’10” से 25°19’15”
- उत्तर से दक्षिण लंबाई – 380 किमी
झारखण्ड के उत्तर में कौन-सा राज्य स्थित है?
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
Explanation:
- झारखंड के उत्तर में बिहार राज्य स्थित है।
- बिहार के 10 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- झारखंड के 10 जिले बिहार की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- यह सर्वाधिक जिलों वाली सीमा है।
- बिहार से सटे झारखंड के जिले:
- साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, गढ़वा
झारखण्ड के दक्षिण में कौन-सा राज्य स्थित है?
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
Explanation:
- झारखंड के दक्षिण में ओडिशा राज्य स्थित है।
- ओडिशा के 3 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- झारखंड के 4 जिले ओडिशा की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- ओडिशा से सटे झारखंड के जिले:
- पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा
झारखण्ड के पूर्व में कौन-सा राज्य स्थित है?
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
Explanation:
- झारखंड के पूर्व में पश्चिम बंगाल राज्य स्थित है।
- पश्चिम बंगाल के 6 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- झारखंड के 10 जिले पश्चिम बंगाल की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- पश्चिम बंगाल से सटे झारखंड के जिले:
- साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम
झारखण्ड के पश्चिम में कौन-सा राज्य स्थित है?
- उत्तर प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों
- ओडिशा
Explanation:
- झारखंड के पश्चिम में उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ दोनों राज्य स्थित हैं।
- उत्तर-पश्चिम में उत्तर प्रदेश स्थित है।
- पश्चिम में छत्तीसगढ़ स्थित है।
- उत्तर प्रदेश से सटा हुआ एकमात्र जिला – गढ़वा।
- छत्तीसगढ़ से सटे 4 जिले – गढ़वा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा।
झारखण्ड राज्य की आकृति कैसी है?
- त्रिभुजाकार
- वर्गाकार
- चतुर्भुजाकार
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- झारखंड राज्य की आकृति चतुर्भुजाकार है।
- यह भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है।
- भौगोलिक विस्तार:
- उत्तर से दक्षिण लंबाई – 380 किमी
- पूर्व से पश्चिम लंबाई – 463 किमी
- क्षेत्रफल – 79,714 वर्ग किमी (भारत का 2.42%)
- क्षेत्रफल की दृष्टि से 15वाँ सबसे बड़ा राज्य।
झारखंड की सीमा कितने राज्यों से सटा हुआ है ?
- 5
- 6
- 4
- 3
Explanation:
- झारखंड की सीमा 5 राज्यों से सटी हुई है:
- 1. बिहार (उत्तर)
- 2. उड़ीसा/ओडिशा (दक्षिण)
- 3. पश्चिम बंगाल (पूर्व)
- 4. छत्तीसगढ़ (पश्चिम)
- 5. उत्तर प्रदेश (उत्तर-पश्चिम)
झारखण्ड अवस्थित है?
- पूर्वी गोलार्द्ध में
- उत्तरी गोलार्द्ध में
- उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में
- दक्षिणी गोलार्द्ध में
Explanation:
- झारखंड उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में अवस्थित है।
- अक्षांश – 21°58’10” से 25°19’15” उत्तरी अक्षांश
- देशांतर – 83°19’50” से 87°57′ पूर्वी देशांतर
- यह उत्तरी गोलार्द्ध एवं पूर्वी गोलार्द्ध दोनों में स्थित है, इसलिए उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध सही है।
निम्न में से किस राज्य की सीमा झारखण्ड राज्य के साथ संबंधित नहीं है?
- उत्तर प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- मध्य प्रदेश
Explanation:
- मध्य प्रदेश झारखंड का पड़ोसी राज्य नहीं है।
- झारखंड के पड़ोसी राज्य: बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के पश्चिम में स्थित है, जो झारखंड और मध्य प्रदेश के बीच है।
निम्न में से किस राज्य के साथ झारखण्ड के सर्वाधिक जिलों की सीमाएँ लगती हैं?
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- मध्यप्रदेश
Explanation:
- बिहार के साथ झारखंड के सर्वाधिक (10) जिलों की सीमाएँ लगती हैं।
- बिहार के 10 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- झारखंड के 10 जिले बिहार की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- अन्य राज्यों से सटे जिलों की संख्या:
- पश्चिम बंगाल – 10 जिले (झारखंड की ओर से)
- छत्तीसगढ़ – 4 जिले
- ओडिशा – 4 जिले
- उत्तर प्रदेश – 1 जिला (गढ़वा)
निम्न में से किस राज्य के साथ झारखण्ड के सर्वाधिक जिलों की सीमाएँ लगती हैं?
- उत्तरप्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
Explanation:
- पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड के 10 जिलों की सीमाएँ लगती हैं।
- बिहार के साथ भी 10 जिलों की सीमाएँ लगती हैं।
- पश्चिम बंगाल के 6 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- पश्चिम बंगाल से सटे झारखंड के जिले:
- साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम
किस जिले की सीमा 3 राज्यों से सटा हुआ है ?
- पूर्वी सिंहभूम
- गढ़वा
- पश्चिमी सिंहभूम
- गुमला
Explanation:
- गढ़वा जिले की सीमा 3 राज्यों से सटी हुई है:
- उत्तर प्रदेश (उत्तर-पश्चिम)
- छत्तीसगढ़ (पश्चिम)
- बिहार (उत्तर)
- गढ़वा उत्तर प्रदेश की सीमा को स्पर्श करने वाला एकमात्र जिला है।
- यह पलामू प्रमंडल का एक जिला है।
- यहाँ सोन नदी बहती है।
झारखंड का कौन सा जिला पूरी तरह से स्थलबद्ध (Landlocked) है ?
- खूटी
- गढ़वा
- पश्चिमी सिंहभूम
- गुमला
Explanation:
- खूटी झारखंड का स्थलबद्ध (Landlocked) जिला है।
- स्थलबद्ध जिला – जिसकी सीमा किसी अन्य राज्य से नहीं लगती।
- झारखंड के स्थलबद्ध जिले (2):
- खूटी
- लोहरदगा
- खूटी का गठन 12 सितंबर, 2007 को राँची जिले से अलग करके किया गया था।
झारखंड का कौन सा जिला पूरी तरह से स्थलबद्ध (Landlocked) है ?
- लोहरदगा
- गढ़वा
- पश्चिमी सिंहभूम
- गुमला
Explanation:
- लोहरदगा झारखंड का स्थलबद्ध (Landlocked) जिला है।
- लोहरदगा – झारखंड का दूसरा स्थलबद्ध जिला।
- इसे ‘बॉक्साइट नगरी’ भी कहा जाता है।
- स्थलबद्ध जिलों की संख्या:
- 2 – खूटी और लोहरदगा
झारखण्ड के स्थलबद्ध (Landlocked) जिलों की संख्या है ?
- 4
- 3
- 2
- 1
Explanation:
- झारखंड में 2 स्थलबद्ध (Landlocked) जिले हैं:
- खूटी
- लोहरदगा
- इन दोनों जिलों की सीमा किसी अन्य राज्य से नहीं लगती है।
- ये राँची, गुमला, सिमडेगा आदि जिलों से घिरे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा को स्पर्श करने वाला राज्य का एकमात्र जिला है ?
- खूटी
- लोहरदगा
- गढ़वा
- पलामू
Explanation:
- गढ़वा उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा को स्पर्श करने वाला एकमात्र जिला है।
- गढ़वा की सीमा 3 राज्यों से सटी हुई है:
- उत्तर प्रदेश (उत्तर-पश्चिम)
- छत्तीसगढ़ (पश्चिम)
- बिहार (उत्तर)
- गढ़वा की सीमा 3 राज्यों से सटी हुई है:
- गढ़वा पलामू प्रमंडल का एक जिला है।
- यहाँ सोन नदी बहती है।
- यहाँ चूना पत्थर के भंडार हैं।
छत्तीसगढ़ की सीमा को झारखण्ड के कितने जिले स्पर्श करते हैं?
- 4
- 10
- 1
- 5
Explanation:
- 4 जिले छत्तीसगढ़ की सीमा को स्पर्श करते हैं:
- गढ़वा
- लातेहार
- गुमला
- सिमडेगा
- छत्तीसगढ़ झारखंड के पश्चिम में स्थित है।
उड़ीसा की सीमा को झारखण्ड के कितने जिले स्पर्श करते हैं?
- 4
- 10
- 1
- 5
Explanation:
- 4 जिले उड़ीसा (ओडिशा) की सीमा को स्पर्श करते हैं:
- पश्चिमी सिंहभूम
- पूर्वी सिंहभूम
- सरायकेला-खरसावां
- सिमडेगा
- ओडिशा झारखंड के दक्षिण में स्थित है।
- ओडिशा के 3 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
पश्चिम बंगाल की सीमा को झारखण्ड के कितने जिले स्पर्श करते हैं?
- 4
- 10
- 1
- 5
Explanation:
- 10 जिले पश्चिम बंगाल की सीमा को स्पर्श करते हैं:
- साहेबगंज
- पाकुड़
- दुमका
- जामताड़ा
- देवघर
- गोड्डा
- गिरिडीह
- बोकारो
- धनबाद
- पूर्वी सिंहभूम
- पश्चिम बंगाल के 6 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
बिहार की सीमा को झारखण्ड के कितने जिले स्पर्श करते हैं?
- 4
- 10
- 1
- 5
Explanation:
- 10 जिले बिहार की सीमा को स्पर्श करते हैं:
- साहेबगंज
- पाकुड़
- गोड्डा
- देवघर
- जामताड़ा
- दुमका
- गिरिडीह
- कोडरमा
- चतरा
- गढ़वा
- बिहार के 10 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा को झारखण्ड के कितने जिले स्पर्श करते हैं?
- 4
- 10
- 1
- 5
Explanation:
- 1 जिला उत्तर प्रदेश की सीमा को स्पर्श करता है:
- गढ़वा
- उत्तर प्रदेश झारखंड के उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
पश्चिम बंगाल के कितने जिले झारखण्ड की सीमा को स्पर्श करते हैं?
- 4
- 10
- 1
- 6
Explanation:
- पश्चिम बंगाल के 6 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं:
- बीरभूम
- बर्दवान (पूर्वी/पश्चिमी)
- पुरुलिया
- बाँकुड़ा
- मुर्शिदाबाद
- मालदा
- जबकि झारखंड के 10 जिले पश्चिम बंगाल की सीमा को स्पर्श करते हैं।
ओडिशा के कितने जिले झारखण्ड की सीमा को स्पर्श करते हैं?
- 4
- 10
- 3
- 6
Explanation:
- ओडिशा के 3 जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं:
- मयूरभंज
- क्योंझर (Keonjhar)
- सुंदरगढ़
- जबकि झारखंड के 4 जिले ओडिशा की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- ओडिशा झारखंड के दक्षिण में स्थित है।
छत्तीसगढ़ के कितने जिले झारखण्ड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- 4
- 10
- 3
- 2
Explanation:
- छत्तीसगढ़ के दो जिले (जशपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज) झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं, जबकि झारखंड के गढ़वा, लातेहार, गुमला और सिमडेगा जिले छत्तीसगढ़ के साथ सीमा साझा करते हैं
- झारखंड का सिमडेगा जिला छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों की सीमा पर है, और छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला भी झारखंड और ओडिशा से सटा है, जो इन तीनों राज्यों के मिलन बिंदु को दर्शाता है
उत्तर प्रदेश के कितने जिले झारखण्ड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- 1
- 10
- 3
- 2
Explanation:
- उत्तर प्रदेश का केवल एक जिला, सोनभद्र, झारखंड की सीमा को स्पर्श करता है; यह एकमात्र जिला है जो उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों की सीमाएँ साझा करता है
बिहार के कितने जिले झारखण्ड की सीमा को स्पर्श करते हैं।
- 8
- 10
- 13
- 9
Explanation:
- बिहार के आठ जिले झारखंड की सीमा को स्पर्श करते हैं, जो हैं: कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद और रोहतास;
- ये सभी जिले दक्षिण दिशा में झारखंड के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं, जिसमें रोहतास बिहार का एकमात्र जिला है जो झारखंड और उत्तर प्रदेश दोनों के साथ सीमा बनाता है।
झारखण्ड का राजकीय पक्षी है ?
- मोर
- कौआ
- मैना
- कोयल
Explanation:
- राजकीय फूल – पलाश (Palash – (Butea monosperma)) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
- राजकीय पक्षी – एशियाई कोयल (Asian Koel- Eudynamys scolopaceus है।
- राजकीय पशु – भारतीय हाथी– Elephas maximus indicus)
- राजकीय वृक्ष – साल या सखुआ (Sakhua) (Shorea robusta)
झारखण्ड का राजकीय वृक्ष है
- बरगद
- साल
- आम
- पलाश
Explanation:
- राजकीय फूल – पलाश (Palash – (Butea monosperma)) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
- राजकीय पक्षी – एशियाई कोयल (Asian Koel- Eudynamys scolopaceus है।
- राजकीय पशु – भारतीय हाथी– Elephas maximus indicus)
- राजकीय वृक्ष – साल या सखुआ (Sakhua) (Shorea robusta)
झारखण्ड राज्य के पुराने राजचिह्व का डिजाइन किसने तैयार किया है?
- प्रभात पाण्डेय
- अनमोल पाण्डेय
- अमिताभ पाण्डेय
- झारखण्ड सरकार
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- लागू- Feb 2002
- डिजाइन – National institute of design,अहमदाबाद केअमिताभ पाण्डेय ने तैयार किया था.
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
झारखण्ड राज्य के पुराने राजचिह्व का डिजाइन कब तैयार किया गया था ?
- 2002
- 2003
- 2001
- 2000
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- लागू- Feb 2002
- डिजाइन – National institute of design,अहमदाबाद केअमिताभ पाण्डेय ने तैयार किया था.
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का
- राजकीय फूल – पलाश (Palash – (Butea monosperma)) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
- राजकीय पक्षी – एशियाई कोयल (Asian Koel- Eudynamys scolopaceus है।
- राजकीय पशु – भारतीय हाथी– Elephas maximus indicus)
- राजकीय वृक्ष – साल या सखुआ (Sakhua) (Shorea robusta)
झारखण्ड का राजकीय वृक्ष का वैज्ञानिक नाम क्या है ?
- Shorea Robusta
- Elephas Maxumus
- Butea Monosperma
- Eudynamys Scolopaceus
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का
- राजकीय फूल – पलाश (Palash – (Butea monosperma)) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
- राजकीय पक्षी – एशियाई कोयल (Asian Koel- Eudynamys scolopaceus है।
- राजकीय पशु – भारतीय हाथी– Elephas maximus indicus)
- राजकीय वृक्ष – साल या सखुआ (Sakhua) (Shorea robusta)
झारखण्ड का राजकीय पुष्प का वैज्ञानिक नाम क्या है ?
- Shorea Robusta
- Elephas Maxumus
- Butea Monosperma
- Eudynamys Scolopaceus
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का
- राजकीय फूल – पलाश (Palash – (Butea monosperma)) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
- राजकीय पक्षी – एशियाई कोयल (Asian Koel- Eudynamys scolopaceus है।
- राजकीय पशु – भारतीय हाथी– Elephas maximus indicus)
झारखण्ड का राजकीय पशु का वैज्ञानिक नाम क्या है ?
- Shorea Robusta
- Elephas Maxumus
- Butea Monosperma
- Eudynamys Scolopaceus
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का
- राजकीय फूल – पलाश (Palash – (Butea monosperma)) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
- राजकीय पक्षी – एशियाई कोयल (Asian Koel- Eudynamys scolopaceus है।
- राजकीय पशु – भारतीय हाथी– Elephas maximus indicus)
झारखण्ड का राजकीय पक्षी का वैज्ञानिक नाम क्या है ?
- Shorea Robusta
- Elephas Maxumus
- Butea Monosperma
- Eudynamys Scolopaceus
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का
- राजकीय फूल – पलाश (Palash – (Butea monosperma)) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
- राजकीय पक्षी – एशियाई कोयल (Asian Koel- Eudynamys scolopaceus है।
झारखण्ड सरकार द्वारा नए राजचिह्न को कब आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की गयी?
- 15 अगस्त 2020
- 26 जनवरी 2020
- 15 अगस्त 2021
- 15 अगस्त 2022
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का राजकीय फूल पलाश (Palash) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल कितने वृताकार घेरे है।
- 4
- 6
- 5
- 7
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का राजकीय फूल पलाश (Palash) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को कितने दिनों में तैयार किया गया है।
- 400
- 365
- 205
- 207
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का राजकीय फूल पलाश (Palash) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह से कौन सा कथन गलत है ?
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 48 पलाश के फूल है ।
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का राजकीय फूल पलाश (Palash) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह से कौन सा कथन सही है ?
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- दूसरे गोल घेरे में 48 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 24 मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 60 पलाश के फूल है ।
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया, झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह को 205 दिनों में तैयार किया गया है।
- झारखंड राज्य के नए प्रतीक चिन्ह में कुल 7 वृताकार घेरे है।
- पहले गोल घेरे में अशोक स्तंभ हैं।
- दूसरे गोल घेरे में 60 सफेद गोल घेरे हैं।
- तीसरे गोल घेरे में 48 (24 जोड़ी) मानव है।
- चौथे गोल घेरे में 24 पलाश के फूल है ।
- पांचवे गोल घेरे में 24 सफेद हाथी है।
- छठे गोल घेरे में Government of Jharkhand (झारखंड सरकार) लिखा हुआ है।
- झारखंड का राजकीय फूल पलाश (Palash) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
झारखण्ड का राजकीय फूल कौन-सा है?
- गुलाब
- कमल
- पलाश
- गेंदा
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया
- झारखंड का राजकीय फूल पलाश (Palash) है, जिसे टेसू, छूल, परसा, ढाक, किंशुक, और ‘जंगल की आग’ (Flame of the Forest) के नाम से भी जाना जाता है
झारखण्ड राज्य के पुराने लोगो (Logo) में कितने ‘J’ का उपयोग किया गया है?
- 3
- 4
- 5
- 6
Explanation:
- झारखंड राज्य के पुराने लोगो (logo) में चार (4) अंग्रेजी के ‘J’ अक्षर का उपयोग किया गया था
- 15 अगस्त 2020 से झारखंड का नया लोगो लागू किया गया
