Overall
ई कोन रकमेक गीत लागे-
- आम पतइ पाताई-पाताई
- गुवा पानी सुपारी साजाइ
- सहिया के करवइ मान हो । “
- सहियारी
- श्रम
- छठिआरी
- ऋतु
ई कोन रकमेक गीत लागे ।
- कोना मासे फूले, झांटी टोक टोयां रे
- कोना मासे फूले धवइया
- आसिन मासे फूले, झांटी टोक टोयां
- चइत मासे फुललइ धवइया ।
- सहियारी
- श्रम
- छठिआरी
- ऋतु
ई कोन महिनाञ गावल जाइक गीत लागे-
- आसा देले सावरों, देले ना भरोसवा
- नीमा छांही राखतों डांडाइ
- नीमा पतइ झरी गेल, आसा मोर टुटी गेल आबे सांवरो नखो रे बिसुआस ।
- जेठ
- सावन
- भादो
- आसाढ
ई कइसन गीत लागइ
- रोद पानी रोद पानी
सियार के बिहा
- एक चुटकी अन नाञ
- कइसे देबइ बिहा’
- सहियारी गीत
- छठीआरी गीत
- खेल (बाल) गीत
- ऋतु गीत
ई. कइसन गीत लागे-
- अलपे बसिएरा लेले. तो जनमवा
- अंगे अंगे बांधे तरवाइर
- रे मुंडि आहि गोंजे, सोने के कलगिया हे
- दइया! मांझे पेटे मिसी फरकाइ । “
- सहियारी गीत
- हाराबादिया (चांचइर)
- खेल (बाल) गीत
- ऋतु गीत
जे बइरखा रितु में गावल जाहें, ऊ कोंन गीत कहे हे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- झुमटा
- खेमटा
- भदरिया
- फगुआ
आसाढ़ महिनाञ गावल गीत के कोन गीत कहल जाहे? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- आसाढ़ी गीत
- झुमटा
- खेमटा
- डमकच
झुमइर कोन पहर गावल जाहे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- बिहा पहर
- करम परबे
- सोहराय परबे
- पूस परबे
बिहा गीत के हेंठेक कोन गीत मे राखल जाइ सके हे । JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- संसकार गीत
- किसानी गीत
- सिकारी गीत
- परब तिहारेक गीत
बेटीक बिदाइ पहर कोन गीत गावल जाहे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- बिदाइ गीत
- लगनाही गीत
- समधीयारी गीत
- सभे गीत
रोपनी गीत कोन रकमेक गीत लागे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- किसानी गीत
- बिहा गीत
- सोहराय गीत
- कोइ नाञ
लोकगीतेक रचनाकार रह हे – JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- ग्यात
- अग्यात
- दूइयो
- कोइ नाञ
चांचइर गीत कोन पहर गावल जाहे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- बिहाक पहर
- करम परबे
- पुस परबे
- सोहराय परबे
झुमइर कोन पहर गावल जाहे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- बिहाक पहर
- करम परबे
- पुस परबे
- सोहराय परबे
‘एक टोकी फूल’ कइसन किताब लागे? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- लोककथा संगरह
- लोकगीत संगरह
- कविता संगरह
- कहनी संगरह
लोक गीत में सासतरीय नियम के अनुसरन नाञ करल जा हइ । ई केकर कहना हक ।
- डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी
- डॉ. परमार
- डॉ. देवन्द्र शास्त्री
- डॉ. फडके
खोरठा लोक गीत के बारे सही उतर छांटा:-
- झारखंडी संस्कृति के वाहक लागे ।
- एकर परम्परा बड़ी ढांगा ओसार ह ।
- एकरा समुहिक रूपे गावल जा हइ ।
- ई सभे
खोरठा लोक गीत सही बात छांटा:-
- खांट – खुट – संक्षिप्त रहो हइ ।
- गावेक के बेरा एक कडी के कई बार पुनरावृति के प्रवृति करल जाहे ।
- अलांकरिक नाञ रहो हइ ।
- ई सभे
खोरठा लोक गीत के बारे गलत बात छांटा: –
- अपरूपीय
- मोखिक परम्परा रहो हइ
- भाव के लयात्मक प्रवृति हकइ
- ई सभे
खोरठा लोक गीत के बारे गलत बात छांटा: –
- खोरठा लोक गीत भाग्य भगवान के पावल जा हइ ।
- असलिलता नायं पावल जा हइ।
- जेने मरदे मांझे भेदभाव कम पावल जा हइ।
- ई सभे
खोरठा लोक गीत के बारे गलत बात छांटा: –
- सोझ सरल सबदेक लड़ी हक ।
- परकिरति सुंदरइ के बरनन बेसी पावल जा हइ ।
- एकर में असलिता खुब पावल जा हइ
- खोरठा समाज के सुख दूख के गीत हक ।
खोरठा लोक गीत के बारे गलत बात छांटा: –
- मानसिक शांति आर शक्ति मिलो हइ
- अलग-अलग खोरठा गीत गावेक भिनु अवसर रहो हइ।
- सामुहिकता के भावना के नायं बढावो ह ।
- जीनगीक उतार-चढ़ाव के बरनन रहो ह ।
खोरठा लोक गीत के बारे सही उतर छांटा:-
- समुहिकता के भावना के बढावो ह
- मानसिक, शांति, शक्ति मिलो हइ ।
- अलग-अलग खोरठा गीत के गावेक के अवसर भी भिन्नु रहो ह ।
- ई सभे
खोरठा लोक गीत के बारे गलत उतर छांटा:-
- ई मउखिक रहो ह ।
- लोक कंठे बइसल रहो ह ।
- कंठे – कंठे परचारित परसारित होवो ह ।
- लोक गीत के रचनाकार के साफ पता चलो हइ ।
खोरठा लोक गीत के बारे सही बात छांटा:-
- अलिखित या मौखिक रहो ह ।
- सोझ सरल सबदेक लडी हक ।
- लोक मानुस के गीतामक अभिवेकतिक हक ।
- सभे
लोक गीत के मुख्य काम की हकइ सही उतर छांटा:-
- लोक के मनोरंजन करेक
- लोक कल्याण, समुहिकता के बोध करावेक
- लोक मन से आगुबढेक खातिर हुब पैदा करो हइ।
- ई सभे
लोक गीत के संबंध में गलत बात छांटा:-
- लोक गीत अपौरूपेय गीत हकइ / लोक गीत के आदमी नायं बनवल जा हइ ।
- आम जनता में सामुहिक रूप से पावल जा हइ ।
- वइसन गीत जे अज्ञात काल से परम्परागत रूप से गावल जा हइ।
- ई सभे
लोक गीत के वेदिकेतर सभ्यता के बेद कहलइ हइ ?
- डॉ. देवेन्द्र सत्यार्थि
- डॉ.कुंजबिहार दास
- डॉ.श्याम परमार
- हजारी प्रसाद द्विवेदी
लोक गीत के सही माने छांटा:-
- वइसन गीत जे लोक बाटले बनवल रहो हइ ।
- वइसन गीत जेकर बिषय लोक के सुख-दुःख हाँसी ठाठ रह-हइ।
- वइसन गीत जे लोक कण्ठे बसल रहे ह ।
- सभे
हजारी प्रसाद द्विवेदी के मत में लोक गीत के सही माने बतावा?
- ई वेदिकेतर सभयता के बेद हकइ
- ई श्रुति आर स्मृति हकइ
- ई ग्रामिण जनता के गीत हकइ
- ई सभे
लोक गीत के ग्राम गीत के कहले ह ।
- डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी
- डॉ. फडके
- पं. राम नरेश त्रिपाठी
- डॉ. श्याम परमार
लोक गीत केकरा कहल जा हइ । सही उतर दा?
- लोक विषय में बनवल गीत
- लोक समाजें परचलित गीत
- लोक समाज बनवल गीत
- ई सभे
लोक सहितेक सही माने छांटा:-
- आम जनता का साहित
- ग्रामिण जनता के साहित
- जन साधारन के साहित
- ई सभे
लोक सबदेक सही माने छांटा :-
- आम जनता
- जन साधारण
- ग्रामीण जनता
- ई सभे
उबटन केकरा कहल जा हइ?
- क्रीम पाउडर के
- केमिकल सौन्दर्य वर्धक लेप
- देशी जोगाड़ से बनवल सौन्दर्य वर्धक लेप
- एकर में कोई नायं
उबटन केकरा लगवल जा हइ ? दूल्हा के
- दुल्हन के
- दुल्हन के बहिन के
- दुल्हन के मायं के
- सही उत्तर छांटा –
- a आर b
- b आर c
- b आर d
- c आर d
उबटन की ले लगवल जा हइ । गलत उत्तर छांटा –
- चेहराक सुंदर बने खातिर
- छुछे एगो नेग हकइ
- गोर बने खातिर
- नजर-गुजर से बचवेक खातिर
उबटन कोन कोन चीज से तइयार करल जा हइ ?
- जौ, गेहूं के आटा
- राय या सइरसा तेल
- हरदी
- ई सभे
उबटन तइयार करे खातिर केकर-केकर जोगदान रहो हइ ?
- सधवा जेठी
- सधवा काकी
- सधवा जेनी
- ई सभे
उबटन बनवे खातिर कइसन जेनी के दरकार हवो हइ?
- सधवा
- बिधवा
- रांडी
- छांडी
उबटन भुंजेक बेरा जेठी काकी बावा हांथ से केकरा बुलावो हथि?
- नउवाइन के
- धोबिन के
- खुसराइन के
- केकरो नायं
उबटन भुंजेक बेरा सुमधुर आवाज कहाँ से आवो हइ ?
- उबटन भुंजेक बरतन से
- बिआह घरेंक बाजेत बाजा से
- हाँथेक कंगना डोलल से
- कोई आवाज नायं
उबटन कखन लगवल जा हइ ?
- लगन धराइल के बाद से बिआह तक
- लगन धराइल के पहिले
- पान चन्दन के बाद से
- सभ दिनें
दूल्हा के उबटन के के लगावो हथि?
- आजी
- भौजाई
- जेठी / बहिन
- ई सभे
दूल्हा के गोड़ में उबटन के लागवो ह ?
- बहिन
- आजी
- जेठी काकी
- भौजी
दूल्हा के हाँथ में उबटन के लागवो हइ ?
- बहिन
- आजी
- जेठी काकी
- भौजी
दूल्हा के चेहरा में उबटन के लगावो हइ ?
- बहिन
- आजी
- जेठी काकी
- भौजी
कनियाँ के उबटन लगावेक बेरा के के, की करो हथि ?
- राधा जइसन जेनी गावो हइ
- रुकमनी जइसन बजावो हइ
- पद्मिनी जइसन जेनी कनियाँ के चुलें कंघी करो हइ
- सभे
उबटन बनावे के खातिर तेल केकरा मांगो हथि?
- पड़ोस से
- दुकानदार से
- तेली से
- केकरो से ना
उबटन गीत में तेली से तेल पेरने के एवज में की दिएक बात कहल गेल हइ ?
- रुपया पइसा
- चांदी-सोना
- धान – चाउर
- बर के भउजी
कलशा स्थापना करे खातिर कलशा में पानी के भरो हइ?
- बर के बहिन
- बर के मायं
- बर के जेठी
- बर के भउजी
कलशा में पानी भरे खातिर बहिन भाई से की की मांगो हइ?
- सोना के चूड़ी
- सोना के चाइन
- सुंदर साड़ी
- ई सभे
मड़वा के दिन बर-कनियाँ के आपन आपन घरें हरदी चढ़ावे-नभावे काम हवो हइ । एकर में केकर भूमिका रहो हड़
- आजा के
- आजी के
- दोसरो रिसतेदार
- ई सभे
दूल्हा-दुल्हन के हल्दी चढ़ावेक काम के करो हइ ?
- आजा
- दोसर मरद रिसतेदार
- पास-पड़ोस के मरद बेटा
- ई सभे
दूल्हा-दुल्हन के हरदी नभावेक काम के करो हइ ?
- आजी
- दोसर – तेसर रिसतेदार जेनी बेटी
- पास-पड़ोस के जेनी बेटी
- ई सभे
मड़वा के दिन बोर-कनियाँ के नहाइ खातिर कुआं डाडी से पानी के लानो हइ?
- बोर- कनियाँ के बहनोंइ
- बोर- कनियाँ के बहिन
- दोसर महिला भी साथ में
- ई सभे
नहाई खातिर पानी लानेक नेग के की कहल जा हइ ?
- पानी साहा गीत
- पानी काटा गीत
- बोर नाहा गीत
- कनियाँ नहा गीत
कलशा थापेक खातिर कलशा में पानी भइर लानेक बेरा गावल गीत के की कहल जा हइ ? कलशा धारा गीत
- पानी काटा गीत
- पानी साहा गीत
- ई सभे
- सही उत्तर छांटा –
- a आर b
- a आर c
- b आर c
- b आर d
पानी साहा गीत में पानी लानेक बेरा बेटी बाप से की मांग करो हइ ?
- सोना-चांदी
- रूपइया-पइसा
- सोना के नेठों (लेठोंन)
- कुछ मांइग नायं करो हइ
मड़वा के छारो हइ ?
- आजा
- बाप
- आजी
- भाई
“आजीक पोसल लागइ हो बाबा हंसा जोड़ी रे परेवा ।” ई गीत में ‘परेवा ‘ केकर परतिक हक ?
- बेटा के
- बेटा-बेटी के
- बेटी के
- केकरो नायं
बिहाक सेसें कोन चीज टूइट- फुइट जा हइ? मड़वा छारा गीत के आधारें सही उत्तर छांटा –
- घर-दुरा
- मंडप
- बारी – झारी
- कोई नायं
सादी – बिहा घरें राइत बेरा बेटी छउआ कोन गीत गाई के नाचों गावो हथ ?
- झुमटा
- खेमटा
- डमकच
- ई सभे
केकर पोंखरिएं रेह कतला मछरी हथि। पढ़ल झुमटा गीत के आधारें सही उतर छांटा
- ससुर पोंखरिएं
- भैंसुर पोंखरिएं
- सइयाँक पोंखरिएं
- सभेक पोखरिएं
सहिया सबदेक सही माने बतावा-
- हिरदय से
- हिरदय के साथ
- हियाखलास
- ई सभे
सहिया पतउला घरें – घरें के गलत अरथ बतावा
- घर – घर सहिया जोरइला
- पइत घर सहिया बनला
- घरे – घरे सहिया के पता करला
- घर – घर सहिया बनइला
कोन कोन लाल रंगेक जिनिस ले बेसी सहियाक रंग लाल हइ ?
- सिंदूर जइसन लाल
- गेरू जइसन लाल
- आरो दोसर – तेसर लाल रंग
- ई सभले बेसि
दुओ सहिया कइसन डोरा से आपस में बंधाई जा हथ?
- रेशम के डोरायं
- मुंग के डोरायं
- पटुवाक डोरायं
- प्रेमरूपी डोरायं
अपन – उतिक सुरें, पियारेक डोरें ! जनी – मरद सभे जाथ, जइसन चले बरियात ! ई कइसन गीत के टुकड़ा हकइ?
- विवाह गीत
- सोहराय गीत
- करम गीत
- सहियारी गीत
हामें तोहर, तोहें हामर ! भाभा इटा मनेक भीतर ! ई कइसन गीत के टुकड़ा हकइ । पढ़ल लोक गीत के आधारें सही उत्तर छांटा
- विवाह गीत
- सोहराय गीत
- करम गीत
- सहियारी गीत
सहिया के कोन कोन सामाजिक महत्व हइ ?
- जाइत – पाईत के भेद-भाव नायं
- धरम सम्परदाय के भेद-भाव नायं
- सामाजिक समरसता स्थापित हवो हइ
- ई सभे
सहिया बनेक कोन कोन शर्त हइ । गलत उत्तर छांटा-
- अलग-अलग जाइत के हवेक चाही
- एक समान जाइत के हवेक चाही
- एक समान बाल-बच्चा हवेक चाही
- दुइयो के बाल बच्चा के गिनती एक समान हवेक चाही
सहिया बने के की की शर्त हइ ?
- दुइयो सहिया के एक समान बाल-बच्चा हवेक चाही
- दुइयो के अलग-अलग जाइत के हवेक चाही
- दुइयो के उमइर लगभग समान हवेक चाही
- ई सभे
‘सहिया’ सबदेक पर्यायवाची सबद छांटा
- दोस्त
- फुल
- फुलिन
- ई सभे
अम्बा मंजरे मधु मतलय हो……… तइसने पिया छोड़लय हो । ई गीत में कोन रस हइ
- करुण रस
- शांत रस
- वात्सल्य रस
- श्रृंगार रस
अम्बा मंजरे मधु मतलय हो………. तइसने पिया छोड़लय हो । ई गीत में कइसन श्रृंगार रस हइ –
- संयोज श्रृंगार
- वियोग श्रृंगार
- संयोग आर वियोग दुइओ
- एकर में कोई नायं
अम्बा मंजरे मधु मतलय हो, तइसने पिया मातल जाइ । ई गीत में नायिका के पिया की पी के मतवाला भेल हइ –
- आम मंजर के रस
- मधु रस
- सोम रस
- युवती के सुंदरता रूपी रस
रीतु बसंत भेल, पिया मोरा तेजि देल । ई कोन रस के गीत हकइ
- वियोग श्रृंगार
- संयोज श्रृंगार
- करुण रस
- वात्सल्य रस
घने-घने मन मोर भाँसे, छोड़ि राखला दूर देसें । ई पंक्ति में ‘घने – घने मन मोर भाँसे’ के सही माने छांटा –
- हर घरी मन में इयाद हवेक
- बेर – बेर इयाद हवेक
- खने-खने मन में इयाद हवेक
- ई सभे
बाल गीत मुझ्ख रुपे के गावो हइ । गलत बात छांटा –
- बालक के पालक
- बालक के बहिन
- बालक के मायं
- बालक
बाल गीत में मुइख रुपें कोन रस पावल जा हइ?
- करुण रस
- हास्य रस
- वात्सल्य रस
- श्रृंगार रस
बाल गीत में कइसन सबदेक परजोग हवो हइ?
- सरल – सहज
- कोमल
- कर्ण प्रिय
- ई सभे
बाल गीत के लेताइरें कोन बात गलत हइ ?
- सरल सबद
- कोमल सबद
- कठोर सबद
- कर्ण प्रिय सबद
बाल गीत की ले गावल जा हइ ?
- छउवा के फुसलावे ले
- छउवा के जिद के मनावे ले
- छउवा सुतावे ले
- ई सभे
लोरी गीत कखन गावल जा हइ ?
- छउवा खेलावेक बेरा
- छउवा के टहलावेक बेरा
- छउवा के सुतावेक बेरा
- छउवा के नहावेक बेरा
सामाजिक जीवनें कोन हट्ठ प्रसिध्द आर प्रिय हइ ?
- नारी हट्ट
- गुरु हट्ठ
- पुरोहित हट्ठ
- बाल हट्ठ
बाल गीतें प्रायः बालक के खुस करे खातिर मामु के इयाद करल जा हइ । एकर की वजह ह
- मायं के भाई हकइ
- भइगना के मामु प्रिय हइ
- मामु के भइगना प्रिय हइ
- ई सभे
बाल गीतें चंदा के मामु की ले कहल गेल ह ?
- मामु के पियार लखे सीतल हइ
- चाँद लखे तिले-तिले बाबु बाढ़ो ह
- चाँद लखे मामु मनोरम हइ
- ई सभे
बाल गीत के बारे में गलत उत्तर छांटा.
- बालक के मायं, दादी, नानी, आजा आजी के रचल/ बनवल गीत
- परम्परा ले चलल आवल गीत
- बालक के पालक के बनवल गीत
- बालक बाट ले बनवल गीत
श्रम गीत हइ
- काम करेक बेरा गावल गीत
- जे गीत के गावे में सरम/लाज लागो
- जे गीत के गावें में परिश्रम करे परों हइ
- ई सभे
श्रम गीत के मुझ्ख बिषय की रहो हइ ?
- काम धाम के परेसानी
- सामाजिक बिषय
- जिनगीक सुख-दुःख
- ई सभे
एकर में से कोन श्रम गीत नायं हकइ ?
- रोपनी गीत
- पोखर कोड़ा गीत
- डोहा गीत
- कटनी गीत
श्रम गीत के गावल से की लाभ हवो हइ?
- काम करनिहार के मने एगो नावां हुब / उत्साह जागो हड़
- कठिन से कठिन से काम सहजें निघइर जा हइ
- काम करनिहार के मने एगो संगठित प्रयास के भाव पइदा करो ह
- सभे
श्रम गीत के गावो हइ ?
- महिला श्रमिक
- पुरुष श्रमिक
- जनि मरद दुइओ
- कोई नायं
नीमा पतइ झरि गेल, भँउरा गुंजरि गेल । एकर सही माने बतावा
- प्रतीक्षा करते लम्बा समय बीत गेलइ
- लम्बा समय तइक प्रतीक्षा करे नायं भेलइ
- नीम फुल के रस चुइस के भंउरा चइल गेलइ
- एकर में सभे सही
प्रीत के पोषण कइसे हवो हइ ? पढ़ल गीत के आधारें बतावा-
- एक-दुसर पर विश्वास करल से
- एक-दुसरे के अविश्वास कराल से
- रोज मिलले जुलले
- कहियो-कहियो मिलले जुलले
पइते-पइते, पोसाए पीरित ! पढ़ल गीत के आधारें माने बतावा
- बड़ी मुश्किल से पियार मिलो हइ
- रोज-रोज प्रीत के पोषण हवो हइ
- विश्वास प्रीत के आधार हकइ
- अविश्वास प्रीत के आधार हकइ
आसा जे देलें साँवरो, देले’ ना भोरोसवा । ई गीत के मुइख बिषय की हइ
- श्रृंगार रस
- करुण रस
- हास्य रस
- वात्सल्य रस
सिसु समऍ नूनी गे ! सुपली ना बियनी, जुवानी समएं फूलहार रे ! ई गीत के जइर भाव बतावा
- उमइर के आधारें जरुरत बदइल जा ह
- उमइर के आधारें मानुस के इच्छा बदइल जा हइ
- कोन्हो चीज आपन समय के अनुसार सोभा दे हइ
- ई सभे
गढ़ के भीतर रानी की ले कांदो हइ?
- राजा, रानी से रुसल हइ
- राजा लड़ाई में मराइ गेल हइ
- राजा अपमानित करले हइ
- एकर में से कोई नायं
राजा कइसन बोन उजाइर के गढ़ – किला बनवल हइ ?
- सखुवाक बोन
- परास बोन
- केंदबोन
- कोई बोन नायं
कोन समान से राजा गढ़ – बोन बनवल हइ ?
- इंटा – सीमेंट से
- पखन फ़ोइरक जोड़कर
- माटी के
- सभे से
राजाक घोड़ा की ले हिंछो हइ ? अपसगुण के संकेत करो हइ
- लड़ाई ले तइयार हवो हइ
- लड़ाई नायं करेक संकेत करो हइ
- 1-2
- 2-3
- 1-3
- एकर में कोई नायं
गढ़ के भितरें रानी की करो हइ ?
- सुता काटो हइ
- राजा के पगड़ी बनावे हइ
- राजा के पगड़ी पिंघावो हइ
- ई सभे
‘सोहराय ‘ परबे गावल गीत के की कहल जाहय
- झूमर
- झुमटा
- चांचर
- खेमटा
‘चांचइर’ गीते के पर्यायवाची नाम छांटा
- बरदखुटा गीत
- गोवार माँगा गीत
- बांदना गीत
- ई सभे
. ‘सोहराय ‘ परबेक पर्यायवाची नाम छांटा
- बरदखुटा परब
- बांदना
- गोहाइल पूजा
- ई सभे
सोहराय पर केकर पूजा करल जा हइ ?
- सिंगबोंगा
- महादेव बाबा
- गोरइया
- कृष्णा
सोहराय गीत के के गावो हइ ?
- किसान
- गोरखिया
- किसानेक घरनी
- गोरखियाक घरनी
सही उतर छांटा –
- a आर b
- b आर c
- b आर d
- a, b, c आर d
चांचइर गीत के संगे कोन कोन बाजा बजवल जा हइ?
- ढ़ोल
- सहनाई
- नगरा
- ई सभे
सोहराय गीत के बिषय की रहो हइ ?
- किसानेक सुख-दुःख
- चरवाहाक सुख – दुःख
- डांगरेक सुख-दुःख
- ई सभे
सोहराय के दिन गरु-डांगर के की करल जा हइ ?
- नचावल जा हइ
- सिंघ में तेल आर सेंदुर लगवल जा हइ
- नहावल-धोवावल जा हइ
- ई सभे
सोहराय परब कधिया मनवल जा हइ-
- दिवाली से पहिले
- दिवाली से लेके दू-तीन दिन बाद तक
- कारतिक इन्जोरिया पहिल, दोसर, तेसर दिन
- अघन महिनाएं (संताल – सोहराय )
बाबु हो, सिंदुरें सजइबोउ दुयो सिंग ! काजरे सजइबोउ काड़वा, तोरी दुयो आँइख ! ई कइसन गीत हकइ?
- झुमइर
- झुमटा
- चांचइर
- खेमटा
बइसें ले जे देल बाबु उँचा – नीचा मचिया, खायले जे देलथ बीड़ा पान ! ई कोन गीत के टुकड़ा हकइ?
- झुमइर
- झुमटा
- चांचइर
- खेमटा
सोहराय परबें डांगर के की की करल जा हइ ?
- डांगरेक सिंघेक तेल माखेक
- डांगरेक सेंदूर लगवेक
- डांगरेक नहाई-धोवाई
- ई सभे
मुड़ली गाय काहे कांदो हइ ? पढ़ल हित के आधारें सही उत्तर के छांटा –
- गोरखिया मारले हलइ
- किसान मारले हलइ
- किसान खाई – पीएल नाइ देल हलइ
- किसान परदेश गेल हलइ
काड़ा के दुइयो आँइख कइसन सोभायमान हवो हइ ? पढ़ल गीते के आधारें सही उत्तर छांटा सुरुज लखे
- चाँद लखे
- गुलाब फुल लखे
- तारा रकम
- सही उत्तर बतावा
- a आर b
- b आर c
- c आर d
- b आर d
काड़ा के कोन कोन चीज से सजावेक बात कहल गेल हइ ? पढ़ल गीते के आधारें सही उत्तर छांटा
- अरिपन से
- सेंदुर से
- काजर से
- इ सभे में
संतान जनम के अवसरें गावल गीत के की नामें जानल जा हइ ? झाँझन
- सोहर
- झुमटा
- झुमर
- सही उत्तर छांटा –
- a आर b
- a आर d
- b आर c
- b आर d
सोहर गीतें कोन रस पावल जा हइ ?
- श्रृंगार
- वात्सल्य
- शांत रस
- करुण रस
संतान जनम भेल पर मानुस के कोन ऐषणा- कामना- इच्छा पूरा हवो हइ?
- बाल-बच्चा कामना/पुत्रैषना
- धन संपइतेक के इच्छा
- जस कीरति के इच्छा
- ई सभे
झारखण्डे संतान जनम पर कोन बात झूठ हइ तकरा छांटा –
- बेटा-बेटीके मइधें भेद-भाव नायं करल जा हइ
- बेटा-बेटी इथें दमें भेद-भाव करल जा हइ
- बेटा -बेटिक जनमे समान रुपें खुसी मनवल जा हइ
- एकर में कोई नायं
झारखण्डे सोहर गीत कर सबंध में सही बात के छांटा
- ढ़ेरी परचलन हइ
- बहुत कम परचलन हइ
- एकदम परचलन नखइ
- सोहर गीत प्रचलन आरो जोर पकड़ले हइ
प्रसउति होवेक बेरा प्रसउति जेनी के के मदद करो हइ ?
- डंगरिन
- प्रसउतिक मायं / प्रसउतिक सास
- संबंधी जन
- ई सभे
सोना के खड़म पिंधी बइजकऽ हथ छोटका ददा चलें गो-चलें गो मइया हामर घरा गो अगे, मोर धनिया दरद से बेयाकुल गो! ई गीतें छोटका ददाक धनि (पत्नी) कइसन दरदें ब्याकुल हइ?
- पेट दरद से
- मुड़बथा से
- गतर बथा से
- परसउतिक दरद से
आपन धनि के प्रसउति बेरा छोटका दादा केकर-केकर से मदद मांगो हइ ? सही क्रम छांटा – डांगरिन
- आपन भाऊजी
- आपन मायं
- ई सभे से
- मायं -भउजी -डंगरिन
- भउजी -मायं -डंगरिन
- डंगरिन – मायं – भउजी
- मायं – डंगरिन – भउजी
आपन धनि के प्रसउति बेरा छोटका दादा केकर-केकर से मदद मांगो हइ ? गलत उत्तर छांटा
- डांगरिन
- आपन मायं
- आपन भाऊजी
- डागडरनी
आपन धनि के प्रसउति बेरा छोटका दादा के घर के जाइले तैयार हवो हइ?
- मायं
- भउजी
- डंगरिन
- सभे
छोटका दादा के घर प्रसउति बेरा डंगरिन की ले जाइले तैयार हवो हइ ? प्रसवउति के मरेक डर से
- आपन कर्तब्य बोध से
- पइसाक लालच से
- छोटका दादाक डर से
- सही उत्तर छांटा
- a आर c
- a आर d
- a आर b
- c आर d
प्रसउतिक बेरा छोटका ददाक घर कोइ की ले नाय जाई खोजों हथि?
- की ले कि छोटका दादा बेस लोक नाय
- की ले कि छोटका दादाक बहुक बेवहार बेस नाय
- छोटक दादा घमंडी हकइ
- ई सभे
करम परब कोन महिनाञ मनवल जा हइ-
- भादो एकादसी के
- सावन एकादसी के
- आसार एकादसी के
- एकर में कोन्हो नाञ
करम पुजाञ कोन फूल के परजोग नाञ हवो हइ-
- बेलंदरी बेलोंजोर फूल
- धान पतइ-फूल
- सालुक फूल
- कांसी फूल
सही उतर छांटा- करम परबे-
- लडका सब पुजारी हवो हय
- लडकी सब पुजारी हवो हय
- बुढ़ा सब पुजारी हवो हय
- बुढ़ी सब पुजारी हवो हय
बांका पीठा कोन परवे बनवल जा हइ?
- सोहराय
- सरहुलें
- करम परब
- बाउड़ी परबें
करम परब करबइया लड़की के की कहल जाइ ?
- परवइतिन
- परबइती
- करमइतिन
- ई सभे
करम परबे कोन गाछ के पूजा हवो हइ ?
- केउंद गाछेक
- करम गाछेक
- कंदब गाछेक
- भेलवा गाछेक
करम परबेक सूत्र वाइक मंत्र की हइ ?
- बेटिक करम बापेक धरम
- भइयाक करम आपन धारम
- आपन करम भइयाक धरम
- बापेक करम बेटि धरम
करम परबें कोन कथा कहल जाहे?
- करमा-धरमा, राजा- परजा के
- करमा-करनी, दू भाइ बहीन के
- करमा-धरमा, दू भाई के
- ई सब में केऊ नाञ
करम परबें कोन फूल लोकके भेंट कर के करमइतिन आसिरबाद ले हय
- सालुक फूल
- धान फूल
- कादो
- जावा फूल
करम परवें गावल अनुष्ठानिक गीत के की कहल जा हे?
- झुमर गीत
- जावा गीत
- डोमकच गीत
- झुमरा गीत
करम परबैक कोन गीतें बाजा-ताजा नाञ बजवल जा हे?
- पहिल संझिया झुमइर
- झींगफूलिया गीते
- भदरिया झुमर
- करम- जावा गीत
आनली करम काटी, अखरा ही गाड़ली नाचय-गावथ करमइति आहा रे करमेक राती।
- झुमइर गीत
- झुमरा गीत
- जावा गीत
- डमकच गीत
कोन गीतें नाच नात्र चलो हे?
- डमकच
- झुमइर गीत
- भदरिया गीत
- जावा गीत
कहां जे हले भंवरा, कहां हले राइत रे। , अरे भंवरा, निसि से भेलक परभात रे।। ई कोन गीत हकइ आर कोन रसेक गीत हक ।
- खेमटा वात्सल्य रस
- झुमइर- – सिंगार रस
- झुमटा-सिंगार रस
- डमकच शांति रस
झुमर गीतेक लोताइरें कोन बात सही नाञ हइ ?
- झुमइर संगे नाच चलो हइ
- झुमइर संगे बाजा चलो हइ
- झुमर संगे नाच नाञ चलो हइ
- झुमर लड़का-लड़की दुइओ गाय हय
संगी जोगी मिली मिसी, फूल लोरइलो सखी, सेहो फूल राती फूटी जाइ अइसन पिरिती लगाइ । ई गीते ‘राती फूटी गेलइ’ के की माने हइ ।
- राइतें फूल प्रस्फुटित भेलइ
- राइतें फूल टुइट-फुइट गेलइ
- राइतें फूल मरूआइ गेलइ
- ई सब में केउ नाञ
कुरथी रे बांका कुरथी, भुनजे बइठल छोटकी ननद कुरथी भुनजइते नगद पोइड़ गेल, लाजहु गेलइ ससुराइर। ई कोन गीत हकई ?
- जावा जगावेक गीत
- भुमइर गीत
- झुमरा गीत
- डमकच
जा हो जा हो करम गोसांय, भादर मासे आनबो घुराय हो । ई कोन बेराक गीत हकई ?
- करम थापन
- अखड़ा बंदना
- करम विदाई
- करम से असिरवाद
