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Updated on 27/03/26 by Mananjay Mahato
इलेक्ट्रॉन | Electron
- खोज जे.जे. थॉमसन (J.J. Thomson) द्वारा 1897 में की गई थी।
- इलेक्ट्रॉन का आवेश (e⁻) = –1.602 × 10-19 C
- इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.109 × 10-31 kg
- बोर का मॉडल (Bohr’s model) बताता है कि इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं (orbits) में घूमते हैं।
- इलेक्ट्रॉन के आवेश-से-द्रव्यमान का अनुपात (e/m) सबसे पहले जे.जे. थॉमसन द्वारा मापा गया था।
- इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति (Wave nature) की खोज लुई डी ब्रोगली (Louis de Broglie) द्वारा (1924) में की गई थी।
- इलेक्ट्रॉन विवर्तन (diffraction) की प्रयोगात्मक रूप से पुष्टि डेविसन और जर्मर (1927) द्वारा की गई थी।
- इलेक्ट्रॉन रासायनिक बंधन (chemical bonding) में भाग लेते हैं और किसी तत्व के रासायनिक गुणों को निर्धारित करते हैं।
- इलेक्ट्रॉन का स्पिन (Spin) ½ (फर्मिऑन) है।
- क्वांटम संख्याएं (Quantum numbers) परमाणु में इलेक्ट्रॉन की स्थिति को परिभाषित करती हैं।
प्रोटॉन | Proton
- खोज अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford) द्वारा 1917 में की गई थी।
- इस पर + 1.602 × 10-19 C का धनात्मक आवेश होता है।
- द्रव्यमान = 1.6726 × 10-27 kg
- यह इलेक्ट्रॉन की तुलना में लगभग 1836 गुना भारी होता है।
- परमाणु क्रमांक (Atomic number) = परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या
- हाइड्रोजन एकमात्र ऐसा तत्व है जिसमें एक प्रोटॉन है और कोई न्यूट्रॉन नहीं है।
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को मिलाकर न्यूक्लियॉन (nucleons) कहा जाता है।
- प्रबल नाभिकीय बल (Strong nuclear force) प्रोटॉन को नाभिक के अंदर बांधे रखता है।
- प्रोटॉनों की संख्या बदलने से तत्व स्वयं बदल जाता है।
- प्रोटॉन स्थिर कण होते हैं और सामान्य परिस्थितियों में इनका क्षय (decay) नहीं होता है।
न्यूट्रॉन | Neutron
- इसमें कोई विद्युत आवेश नहीं (उदासीन/neutral) होता है।
- इसका द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान से थोड़ा अधिक होता है (≈ 1.675 × 10-27 kg)।
- खोज जेम्स चैडविक (James Chadwick) द्वारा 1932 में की गई थी।
- न्यूट्रॉन प्रोटॉनों के बीच प्रतिकर्षण को कम करके नाभिक को स्थिर करते हैं।
- मुक्त न्यूट्रॉन अस्थिर होते हैं और एक प्रोटॉन, इलेक्ट्रॉन और एंटीन्यूट्रिनो (बीटा क्षय) में बदल जाते हैं।
- एक मुक्त न्यूट्रॉन का औसत जीवनकाल लगभग 15 मिनट होता है।
- न्यूट्रॉन का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में श्रृंखला अभिक्रियाओं (chain reactions) को बनाए रखने के लिए किया जाता है।
- किसी तत्व के समस्थानिकों (Isotopes) में केवल न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।
- न्यूट्रॉन संख्या = द्रव्यमान संख्या – परमाणु क्रमांक
- न्यूट्रॉन की खोज बेरिलियम विकिरण प्रयोगों का उपयोग करके की गई थी।
- न्यूट्रॉन परमाणु विखंडन (fission) और संलयन (fusion) प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण है।
परमाणु | Atom
- किसी तत्व (element) की सबसे छोटी इकाई।
- यह ग्रीक शब्द “Atomos” से बना है, जिसका अर्थ है ‘अविभाज्य/indivisible‘।
- इसकी खोज जॉन डाल्टन ने अपने ‘परमाणु सिद्धांत/Atomic Theory’ (1803) में की थी।
- परमाणु, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है।
- नाभिक/Nucleus धनावेशित होता है, जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन, नाभिक के चारों ओर कोशों/कक्षाओं (shells/orbits) में चक्कर लगाते हैं (बोर का मॉडल/Bohr’s model)।
- परमाणु क्रमांक (Atomic number) = प्रोटॉनों की संख्या
द्रव्यमान संख्या (Mass number) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
- समस्थानिक (Isotopes): एक ही तत्व के ऐसे परमाणु जिनका atomic number समान होता है, लेकिन mass numbers भिन्न होती है (उदाहरण: कार्बन-12, कार्बन-14)।
- परमाणु त्रिज्या (Atomic radius), किसी परमाणु के नाभिक से उसके सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन कक्ष तक की कुल दूरी होती है;
- पिकोमीटर (pm) या नैनोमीटर (nm) में मापा जाता है।
- 1 nm = 10-9 m
- 1 pm = 10−12 m
- 1 Ångströms (Å) = 10−10 m.

तत्व | Element
- पदार्थ का वह सरलतम रूप जिसे रासायनिक विधियों द्वारा सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता।
- प्रतीकों (H, O, Na, Fe आदि) द्वारा दर्शाया जाता है।
- 118 ज्ञात तत्व, 92 प्राकृतिक और शेष कृत्रिम (synthetic) हैं।
- उदाहरण: हाइड्रोजन ब्रह्मांड का सबसे हल्का और सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है।
- कमरे के तापमान पर पारा (Mercury) और ब्रोमीन (Bromine) ही एकमात्र तरल तत्व हैं।
- द्रव्यमान के अनुसार पृथ्वी की पपड़ी (crust) में ऑक्सीजन सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है।
यौगिक | Compound
- वे पदार्थ जो तब बनते हैं जब दो या दो से अधिक तत्व एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से मिलते हैं।
- रासायनिक सूत्र (जैसे, H2O, CO2, NaCl) द्वारा दर्शाया जाता है।
- यौगिकों के गुण उनके घटक तत्वों के गुणों से भिन्न होते हैं।
- जल (H2O) को सार्वभौमिक विलायक (universal solvent) कहा जाता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) के लिए आवश्यक है।
- साधारण नमक (NaCl) का उपयोग खाद्य संरक्षण में किया जाता है।
- यौगिकों को रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा तत्वों में तोड़ा जा सकता है।