राज्य प्रशासनः राज्य सचिवालय, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय

1. राज्य सचिवालय (The State Secretariat)

अवधारणा एवं अर्थ (Concept and Meaning)

राज्य सचिवालय राज्य स्तर पर शासन का प्रमुख नौकरशाही तंत्र है। यह मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के नीतिगत निर्णयों को कार्यान्वित करने वाली सर्वोच्च कार्यालयी इकाई है। इसे ‘राज्य सरकार का मस्तिष्क’ (Brain of the State Government) कहा जाता है, क्योंकि यहीं पर समस्त नीति-निर्माण, योजना एवं समन्वय का कार्य होता है।

मुख्य विशेषताएँ (Key Features)

    • यह एक नीति-निर्माणकारी (Policy-Formulating) निकाय है, न कि कार्यान्वयनकारी (Executive)।

    • यह मंत्रालयों और विभागों का एक समूह है, जिसका प्रमुख मुख्य सचिव होता है।

    • इसके सदस्य (सचिव, उप सचिव, अनुभाग अधिकारी आदि) अपने-अपने मंत्रियों को नीतिगत मामलों में सलाह देते हैं।

    • यह विधायिका (State Legislature) के प्रति जवाबदेह होने वाले कार्यों के लिए मंत्रालयों को सामग्री उपलब्ध कराता है।

प्रमुख कार्य (Major Functions)

    • नीति निर्माण एवं सलाह (Policy Formulation and Advice): विभिन्न विभागों के लिए नीतियाँ बनाना और मंत्रियों को तकनीकी सलाह देना।

    • समन्वय (Coordination): विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के बीच कार्यों का समन्वय स्थापित करना ताकि सरकार का कार्य सुचारू रूप से चल सके।

    • बजट तैयार करना (Budget Preparation): राज्य के वार्षिक बजट का मसौदा तैयार करने में वित्त मंत्रालय की सहायता करना।

    • विधायी कार्य (Legislative Work): विधानसभा/विधान परिषद में पेश किए जाने वाले विधेयकों, प्रश्नों, कामरोकमों आदि की तैयारी करना।

    • अनुसंधान एवं दस्तावेज़ीकरण (Research and Documentation): सरकारी निर्णयों का रिकॉर्ड रखना और भविष्य के लिए डेटा एकत्रित करना।

    • कार्यान्वयन की निगरानी (Monitoring Implementation): field agencies (जैसे- जिला प्रशासन) द्वारा नीतियों के कार्यान्वयन पर नज़र रखना।

2. मुख्य सचिव (The Chief Secretary)

अवधारणा एवं पदस्थिति (Concept and Position)

मुख्य सचिव राज्य प्रशासनिक machinery का सर्वोच्च अधिकारी होता है। वह Indian Administrative Service (IAS) के वरिष्ठतम अधिकारी होते हैं और राज्य के entire civil services के प्रमुख (Head of the Civil Services) होते हैं।

यह पद ‘कैबिनेट सचिव’ (Centre) के समकक्ष है, लेकिन राज्य में इसकी शक्ति और प्रतिष्ठा कहीं अधिक है। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में भी कार्य करता है।

मुख्य विशेषताएँ (Key Features)

    • राज्य सचिवालय का administrative head होता है।

    • मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाता है, किंतु यह नियुक्ति केंद्र सरकार के परामर्श से होती है।

    • इसका कार्यकाल निश्चित नहीं होता, लेकिन अधिकतम 2-3 वर्षों तक की सेवा करते हैं।

    • राज्य स्तर पर सभी महत्वपूर्ण senior-level postings पर उसकी सहमति essential होती है।

प्रमुख कार्य (Major Functions)

    • मुख्यमंत्री को सलाह (Advising the Chief Minister): प्रशासनिक एवं नीतिगत मामलों पर मुख्यमंत्री को प्रमुख सलाह देना।

    • कार्यालय प्रमुख (Chief of the Secretariat): सचिवालय के सभी विभागों के कार्य में समन्वय स्थापित करना।

    • मंत्रिमंडल सचिव (Cabinet Secretary): राज्य cabinet की बैठकों का agenda तैयार करना, मिनट्स लिखना और cabinet decisions के कार्यान्वयन पर नज़र रखना।

    • आपदा प्रबंधन (Disaster Management): राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के CEO के रूप में कार्य करना और आपदा की स्थिति में relief और coordination का केंद्रबिंदु होना।

    • केंद्र-राज्य संबंध (Centre-State Relations): केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के साथ official communication का मुख्य चैनल होना।

3. मुख्यमंत्री कार्यालय (Chief Minister’s Office – CMO)

अवधारणा एवं महत्व (Concept and Significance)

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) एक राजनीतिक-प्रशासनिक इकाई है जो सीधे मुख्यमंत्री को उनके दैनिक कार्यों में सहायता प्रदान करती है। यह सचिवालय का हिस्सा नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री का निजी कार्यालय (Personal Office) है। समय के साथ, राजनीतिक सत्ता के केंद्रीकरण के कारण CMO का महत्व और शक्ति में निरंतर वृद्धि हुई है।

मुख्य विशेषताएँ (Key Features)

    • यह एक राजनीतिक निकाय है, जिसके सदस्यों की नियुक्ति मुख्यमंत्री अपने विवेक से करते हैं।

    • इसमें IAS, IPS अधिकारियों के साथ-साथ विशेषज्ञों, तकनीकी सलाहकारों और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार शामिल होते हैं।

    • यह सचिवालय की तुलना में अधिक लचीला, अनौपचारिक और त्वरित निर्णय लेने वाला (flexible and agile) तंत्र है।

    • CMO की बढ़ती शक्ति कई बार मुख्य सचिव की traditional role को challenge करती है, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

प्रमुख कार्य (Major Functions)

    • मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रबंधन (Agenda Management): मुख्यमंत्री के दैनिक कार्यक्रम, यात्राओं और बैठकों का प्रबंधन करना।

    • सूचना का केंद्रबिंदु (Information Hub): विभिन्न मंत्रालयों, जिला प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं से आने वाली सूचनाओं को filter करके मुख्यमंत्री तक पहुँचाना।

    • जनसंपर्क (Public Relations): मुख्यमंत्री और सरकार की छवि निर्माण में मदद करना, media management करना।

    • नीति परामर्श (Policy Advice): मुख्य सचिवालय से parallel एक policy advice mechanism के रूप में कार्य करना, विशेष रूप से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में।

    • निगरानी एवं अनुवर्तन (Monitoring and Follow-up): मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के कार्यान्वयन पर नज़र रखना और follow-up करना।

निष्कर्ष (Conclusion)

राज्य सचिवालय, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य शासन के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। जहाँ सचिवालय नीति का formal ढाँचा तैयार करता है और मुख्य सचिव समन्वय का केंद्रबिंदु होता है, वहीं CMO राजनीतिक नेतृत्व और कार्यान्वयन के बीच की कड़ी है। एक सशक्त, पारदर्शी और कुशल राज्य प्रशासन के लिए इन तीनों के बीच सहयोगपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण संबंध होना अत्यंत आवश्यक है। UPSC की दृष्टि से, इन संस्थाओं के बीच के शक्ति-समीकरण और समकालीन चुनौतियों (जैसे- CMO का बढ़ता दखल, नौकरशाही की जड़ता) को समझना महत्वपूर्ण है।

JPSC MAINS PAPER 4/PublicAdministration Chapter – 1 #4