Updated on 06/10/25 by Mananjay MahatoShare on WhatsApp

झारखण्ड के किसानों के लाभ हेतु सरकारी योजनाएँ

झारखण्ड, जिसे “वनों का राज्य” कहा जाता है, की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर निर्भर है। यहाँ की लगभग 70% जनसंख्या कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में संलग्न है। राज्य की भौगोलिक संरचना, छोटे एवं सीमांत जोतों की प्रधानता, और सिंचाई सुविधाओं की सीमित पहुँच जैसी चुनौतियों को देखते हुए, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने, उत्पादकता बढ़ाने और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं।

केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएँ (झारखण्ड के संदर्भ में)

    • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): इस योजना के तहत छोटे एवं सीमांत किसानों को आय सहायता के रूप में प्रति वर्ष 6,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं। झारखण्ड के लाखों किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।

    • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान से किसानों को बचाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण योजना है। झारखण्ड में अक्सर असमय वर्षा, सूखा या ओलावृष्टि होती है, ऐसे में यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

    • परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY): जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की गई है। झारखण्ड के आदिवासी बहुल इलाकों में पारंपरिक रूप से रासायनिक उर्वरकों का कम इस्तेमाल होता है, जिससे यहाँ जैविक खेती के लिए अपार संभावनाएँ हैं।

    • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): इससे किसानों को समय पर एवं सस्ते ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध होती है। झारखण्ड सरकार का लक्ष्य राज्य के अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने का है।

    • ई-नाम (e-NAM): राष्ट्रीय कृषि बाजार का उद्देश्य किसानों को देश भर के बाजारों से जोड़कर उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है। झारखण्ड के कई कृषि उत्पाद मंडियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है।

झारखण्ड राज्य सरकार की प्रमुख योजनाएँ

झारखण्ड सरकार ने केंद्रीय योजनाओं के साथ-साथ राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू की हैं।

योजना का नाम उद्देश्य मुख्य लाभ
बिरसा हरित घर योजना सूखा राहत एवं जल संरक्षण के माध्यम से सिंचाई सुविधा बढ़ाना। खेतों में तालाब निर्माण, चेक डैम बनाना, जल संचयन संरचनाओं का निर्माण।
मुख्यमंत्री कृति बंधन योजना किसानों को बीज, उर्वरक एवं अन्य आदानों पर वित्तीय सहायता प्रदान करना। किसानों को नकद सहायता सीधे बैंक खाते में, जिससे उनकी निवेश क्षमता बढ़े।
झारखंड राज्य कृषि रोडमैप कृषि क्षेत्र का समग्र विकास करना और निवेश को आकर्षित करना। बुनियादी ढाँचे का विकास, बाजार संपर्क सुधारना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना।
किसान मित्र योजना किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी एवं सेवाएँ पहुँचाना। गाँव स्तर पर “किसान मित्र” की नियुक्ति, जो तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हैं।
पशुधन विकास योजनाएँ डेयरी, पोल्ट्री एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देना। दुधारू पशुओं का वितरण, अनुदान पर चारा उपकरण, मछली बीज का वितरण।

योजनाओं का समग्र प्रभाव एवं चुनौतियाँ

इन योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जैसे सिंचाई क्षेत्र में विस्तार, किसानों की आय में वृद्धि, और कृषि विविधीकरण को बल मिलना। हालाँकि, कुछ चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं:

    • जागरूकता की कमी: ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में कई किसानों को इन योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं है।

    • लाभार्थियों तक पहुँच: योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद किसानों तक पहुँचाने में प्रशासनिक अड़चनें आती हैं।

    • बुनियादी ढाँचे का अभाव: विपणन सुविधाओं, भंडारण गृहों और ठंडे घरों (Cold Storage) की कमी अभी भी एक बड़ी समस्या है।

निष्कर्ष

झारखण्ड के किसानों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाएँ एक सशक्त माध्यम साबित हो रही हैं। इनका सफल क्रियान्वयन राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करेगा। हालाँकि, इन योजनाओं का पूरा लाभ तभी मिल पाएगा जब जमीनी स्तर पर इनकी पहुँच सुनिश्चित की जाए, किसानों को पर्याप्त जानकारी दी जाए और बुनियादी ढाँचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

JPSC MAINS PAPER 6/Chapter – 1 #14