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1. पौधे अपना भोजन बनाने के लिए किस गैस का उपयोग करते हैं?
- ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रोजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- कार्बन डाइऑक्साइड प्रकाश संश्लेषण की मुख्य अभिकारक गैस है।
- ऑक्सीजन इस प्रक्रिया में एक उत्पाद के रूप में निकलती है।
- नाइट्रोजन पौधे मृदा से लेते हैं, यह भोजन बनाने के लिए सीधे उपयोग नहीं होती।
- हाइड्रोजन पौधे जल से प्राप्त करते हैं।
2. प्रकाश संश्लेषण की क्रिया मुख्यतः पौधे के किस भाग में होती है?
- जड़
- तना
- पत्ती
- फूल
Explanation:
- पत्ती में उपस्थित क्लोरोप्लास्ट नामक अंगक इस क्रिया के लिए मुख्य स्थल है।
- जड़ का कार्य जल एवं खनिजों का अवशोषण है।
- तना पत्तियों तक जल पहुँचाता है और पौधे को सहारा देता है।
- फूल प्रजनन का कार्य करते हैं।
3. प्रकाश संश्लेषण के दौरान मुक्त होने वाली गैस कौन-सी है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रोजन
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- ऑक्सीजन जल के फोटोलिसिस (प्रकाश द्वारा विघटन) के दौरान उत्पन्न होती है और वातावरण में मुक्त होती है।
- कार्बन डाइऑक्साइड इस क्रिया में प्रयुक्त होती है।
- नाइट्रोजन का इस प्रक्रिया से कोई direct संबंध नहीं है।
- हाइड्रोजन कार्बोहाइड्रेट बनाने के लिए उपयोग होती है।
4. प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक ऊर्जा का स्रोत क्या है?
- रासायनिक ऊर्जा
- यांत्रिक ऊर्जा
- सूर्य का प्रकाश
- विद्युत ऊर्जा
Explanation:
- सूर्य का प्रकाश (सौर ऊर्जा) वह ऊर्जा स्रोत है जिसे क्लोरोफिल अवशोषित करके रासायनिक ऊर्जा में बदलता है।
- रासायनिक ऊर्जा इस प्रक्रिया का परिणाम है, स्रोत नहीं।
- यांत्रिक एवं विद्युत ऊर्जा का इस प्रक्रिया में कोई योगदान नहीं होता।
5. प्रकाश संश्लेषण का प्राथमिक उत्पाद (primary product) क्या है?
- प्रोटीन
- वसा
- ग्लूकोज (एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट)
- विटामिन
Explanation:
- ग्लूकोज कार्बन डाइऑक्साइड और जल से संश्लेषित होने वाला पहला स्थिर कार्बनिक पदार्थ है।
- प्रोटीन और वसा ग्लूकोज से ही संश्लेषित होते हैं।
- विटामिन सूक्ष्म मात्रा में आवश्यक जटिल कार्बनिक यौगिक हैं, प्रकाश संश्लेषण का direct उत्पाद नहीं।
6. प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में किस वर्णक (pigment) द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण होता है?
- फाइकोबिलिन
- कैरोटीनॉयड
- क्लोरोफिल
- ज़ैन्थोफिल
Explanation:
- क्लोरोफिल हरा वर्णक मुख्य रूप से प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करता है।
- कैरोटीनॉयड और ज़ैन्थोफिल सहायक वर्णक हैं जो ऊर्जा को क्लोरोफिल तक पहुँचाते हैं।
- फाइकोबिलिन शैवाल में पाया जाने वाला वर्णक है।
7. वे पौधे जो अपना भोजन स्वयं संश्लेषित नहीं करते, क्या कहलाते हैं?
- स्वपोषी (Autotrophs)
- परपोषी (Heterotrophs)
- सहजीवी (Symbionts)
- मृतजीवी (Saprotrophs)
Explanation:
- परपोषी पौधे (जैसे अमरबेल) दूसरे पौधों से तैयार भोजन प्राप्त करते हैं।
- स्वपोषी पौधे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
- सहजीवी दो जीवों का पारस्परिक लाभ के लिए साथ रहना है।
- मृतजीवी मृत कार्बनिक पदार्थों से पोषण प्राप्त करते हैं।
8. प्रकाश संश्लेषण की क्रिया किस कोशिकांग (organelle) में संपन्न होती है?
- माइटोकॉन्ड्रिया
- राइबोसोम
- क्लोरोप्लास्ट
- गॉल्जी बॉडी
Explanation:
- क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल वर्णक उपस्थित होता है जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।
- माइटोकॉन्ड्रिया में श्वसन की क्रिया होती है।
- राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थान है।
- गॉल्जी बॉडी कोशिका से पदार्थों का स्राव करती है।
9. प्रकाश संश्लेषण का सूत्र क्या है?
- 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
- 6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O (सरलीकृत रूप: 6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂)
- C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा
- कोई निश्चित सूत्र नहीं है
Explanation:
- यह सूत्र दर्शाता है कि कार्बन डाइऑक्साइड और जल, ग्लूकोज और ऑक्सीजन में परिवर्तित होते हैं।
- तीसरा विकल्प श्वसन की क्रिया का सूत्र है।
- पहला विकल्प गलत है क्योंकि इसमें H₂O के अणुओं की संख्या असंतुलित है।
10. प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए आवश्यक खनिज कौन-सा है?
- आयरन (लोहा)
- कैल्शियम
- मैग्नीशियम
- सोडियम
Explanation:
- मैग्नीशियम क्लोरोफिल अणु का केंद्रीय अवयव है।
- आयरन क्लोरोफिल संश्लेषण में सहायक होता है लेकिन उसका सीधा भाग नहीं है।
- कैल्शियम और सोडियम पौधे के अन्य कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
11. रात के समय पौधे कौन-सी गैस मुक्त करते हैं?
- ऑक्सीजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- नाइट्रोजन
- हाइड्रोजन
Explanation:
- रात में प्रकाश के अभाव में केवल श्वसन की क्रिया होती है, जिसमें CO₂ मुक्त होती है।
- ऑक्सीजन केवल दिन में प्रकाश संश्लेषण के दौरान ही मुक्त होती है।
- नाइट्रोजन और हाइड्रोजन गैसें सामान्यतः इस तरह मुक्त नहीं होतीं।
12. कुछ पौधे कीटों का भक्षण करते हैं, यह किस कमी के कारण करते हैं?
- जल की कमी
- प्रकाश की कमी
- नाइट्रोजन की कमी
- ऑक्सीजन की कमी
Explanation:
- नाइट्रोजन की कमी वाली मृदा (जैसे दलदली भूमि) में उगने वाले पौधे (जैसे घटपर्णी) कीटों से नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।
- जल, प्रकाश या ऑक्सीजन की कमी के लिए पौधे कीटों का भक्षण नहीं करते।
13. प्रकाश संश्लेषण की अंधकारी अभिक्रिया (Dark Reaction) के लिए किसकी आवश्यकता नहीं होती?
- ATP
- NADPH
- CO₂
- प्रकाश (सीधे)
Explanation:
- अंधकारी अभिक्रिया (केल्विन चक्र) प्रकाश पर निर्भर नहीं करती, यह केवल प्रकाशीय अभिक्रिया द्वारा बने ATP और NADPH का उपयोग करती है।
- ATP और NADPH इसकी ऊर्जा के स्रोत हैं।
- CO₂ कार्बन का स्रोत है।
14. प्रकाश संश्लेषण की दर को प्रभावित करने वाला कारक नहीं है:
- प्रकाश की तीव्रता
- CO₂ की सांद्रता
- तापमान
- वायुमंडलीय दाब
Explanation:
- वायुमंडलीय दाब का प्रकाश संश्लेषण की दर पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता।
- प्रकाश की तीव्रता, CO₂ सांद्रता और तापमान मुख्य सीमित कारक (limiting factors) हैं।
15. वह प्रक्रिया जिसमें पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड और जल से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं, कहलाती है:
- श्वसन
- उत्सर्जन
- प्रकाश संश्लेषण
- वाष्पोत्सर्जन
Explanation:
- यह प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा है।
- श्वसन में भोजन का विघटन होकर ऊर्जा मुक्त होती है।
- उत्सर्जन और वाष्पोत्सर्जन पोषण प्रक्रिया नहीं हैं।
16. क्लोरोफिल द्वारा अवशोषित की जाने वाली प्रकाश की तरंगदैर्ध्य है:
- हरा
- पीला
- नीला और लाल
- सभी रंग
Explanation:
- क्लोरोफिल नीले और लाल प्रकाश को सबसे अधिक अवशोषित करता है।
- यह हरे रंग को परावर्तित कर देता है, इसीलिए पत्तियाँ हरी दिखाई देती हैं।
- यह सभी रंगों को समान रूप से अवशोषित नहीं करता।
17. प्रकाश संश्लेषण के दौरान ऑक्सीजन का स्रोत क्या है?
- कार्बन डाइऑक्साइड
- जल (H₂O)
- ग्लूकोज
- वायुमंडल
Explanation:
- जल के photolysis (प्रकाश-अपघटन) से ऑक्सीजन मुक्त होती है।
- कार्बन डाइऑक्साइड में उपस्थित ऑक्सीजन ग्लूकोज में चली जाती है।
- वायुमंडल से ऑक्सीजन अवशोषित नहीं होती।
18. निम्नलिखित में से कौन-सा पौधा परजीवी (parasitic) है?
- अल्फाल्फा
- गेहूँ
- अमरबेल (Cuscuta)
- मटर
Explanation:
- अमरबेल (कस्कुटा) एक परजीवी पौधा है जो अपने host पौधे से जल और भोजन चूसता है।
- अल्फाल्फा, गेहूँ और मटर स्वपोषी पौधे हैं।
19. वे पौधे जो मृत कार्बनिक पदार्थों से पोषण प्राप्त करते हैं, कहलाते हैं:
- परजीवी
- स्वपोषी
- मृतजीवी (Saprophytes)
- कीटभक्षी
Explanation:
- मृतजीवी पौधे (जैसे कुछ कवक) मृत पदार्थों का विघटन करके पोषण प्राप्त करते हैं।
- परजीवी जीवित पौधों/जीवों से पोषण लेते हैं।
- स्वपोषी अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
- कीटभक्षी पौधे कीटों से पोषण प्राप्त करते हैं।
20. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व क्लोरोफिल का भाग नहीं है?
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
- कैल्शियम
Explanation:
- कैल्शियम क्लोरोफिल अणु (C₅₅H₇₂MgN₄O₅) का हिस्सा नहीं है।
- कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और मैग्नीशियम इसके मुख्य अवयव हैं।
21. प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में पैदा होने वाली ऊर्जा किस रूप में संचित होती है?
- प्रकाश ऊर्जा
- ताप ऊर्जा
- रासायनिक ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
Explanation:
- सौर ऊर्जा, ग्लूकोज के रासायनिक बंधों में रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित हो जाती है।
- प्रकाश और ताप ऊर्जा उपयोगी रूप नहीं हैं।
- गतिज ऊर्जा गति से संबंधित है।
22. पादप कोशिका में, प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक जल कहाँ से आता है?
- वायुमंडल से सीधे अवशोषण
- पत्तियों द्वारा अवशोषण
- जड़ों द्वारा मृदा से अवशोषण
- वर्षा जल का सीधे संग्रह
Explanation:
- जड़ों के रोम मृदा से जल एवं खनिजों का अवशोषण करते हैं, जो तने के जाइलम ऊतक द्वारा पत्तियों तक पहुँचाया जाता है।
- पत्तियाँ वायुमंडल से सीधे जल अवशोषित नहीं करतीं।
23. नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) में सहायक जीव हैं:
- कीट
- केंचुआ
- राइजोबियम जीवाणु
- कवक
Explanation:
- राइजोबियम जीवाणु दलहनी पौधों (जैसे मटर, चना) की जड़ों की ग्रंथियों में सहजीवी रूप से रहकर वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करते हैं।
- कीट, केंचुआ और कवक नाइट्रोजन स्थिरीकरण नहीं करते।
24. प्रकाश संश्लेषण की दर सबसे अधिक होती है:
- हरे प्रकाश में
- पीले प्रकाश में
- लाल प्रकाश में
- नीले प्रकाश में
Explanation:
- लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य क्लोरोफिल द्वारा सबसे अधिक दक्षता से अवशोषित की जाती है, जिससे दर अधिक होती है।
- हरा प्रकाश सबसे कम अवशोषित होता है।
- नीला प्रकाश भी अवशोषित होता है लेकिन दर लाल प्रकाश जितनी नहीं होती।
25. पौधों में भोजन का परिवहन किस ऊतक द्वारा होता है?
- जाइलम
- फ्लोएम
- एपिडर्मिस
- कॉर्टेक्स
Explanation:
- फ्लोएम ऊतक पत्तियों में निर्मित भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।
- जाइलम ऊतक जल और खनिजों का परिवहन करता है।
- एपिडर्मिस और कॉर्टेक्स परिवहन में direct भूमिका नहीं निभाते।
पादप ऊतक (Plant Tissue) किसे कहते हैं?
- पौधे के सभी अंग
- कोशिकाओं का समूह जो संरचना और कार्य में समान हो
- पौधे की जड़ें
- पादप कोशिका का केन्द्रक
Explanation:
- पादप ऊतक समान कोशिकाओं का वह समूह है जो एक साथ मिलकर एक विशिष्ट कार्य करता है।
- पौधे के सभी अंग विभिन्न ऊतकों से मिलकर बने होते हैं।
- जड़ें एक अंग हैं, जो स्वयं ऊतकों से बनी होती हैं।
- केन्द्रक कोशिका का एक भाग है, ऊतक नहीं।
विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) का मुख्य कार्य क्या है?
- पानी का संवहन
- भोजन का संचय
- पौधे की वृद्धि करना
- प्रकाश संश्लेषण
Explanation:
- विभज्योतक ऊतक में कोशिकाएं तीव्रता से विभाजित होकर पौधे की लंबाई और मोटाई में वृद्धि करती हैं।
- जाइलम (xylem) पानी का संवहन करता है।
- भोजन का संचय भंडारण ऊतक करते हैं।
- प्रकाश संश्लेषण पैरेन्काइमा (parenchyma) ऊतक में होता है।
जाइलम (Xylem) का प्रमुख कार्य क्या है?
- भोजन का संवहन
- जल और खनिजों का संवहन
- पौधे को सहारा देना
- गैसों का आदान-प्रदान
Explanation:
- जाइलम एक जटिल स्थायी ऊतक है जो जड़ों से पानी और खनिजों को पत्तियों तक पहुँचाता है।
- भोजन का संवहन फ्लोएम (phloem) करता है।
- पौधे को सहारा देना स्थिरांक ऊतक (sclerenchyma) का कार्य है।
- गैसों का आदान-प्रदान रंध्रों (stomata) के द्वारा होता है।
फ्लोएम (Phloem) किसका संवहन करता है?
- केवल जल
- केवल खनिज
- भोजन (कार्बनिक पदार्थ)
- केवल ऑक्सीजन
Explanation:
- फ्लोएम पत्तियों में तैयार किए गए भोजन (जैसे सुक्रोज) को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।
- जल का संवहन जाइलम करता है।
- खनिज भी जाइलम के द्वारा संवहन किए जाते हैं।
- ऑक्सीजन का संवहन ऊतकों द्वारा नहीं होता, यह विसरण द्वारा移动 होती है।
पादप हार्मोन ‘ऑक्सिन’ (Auxin) का मुख्य कार्य क्या है?
- फलों को पकाना
- पत्तियों का गिरना
- कोशिका विस्तार और तने की वृद्धि
- बीज का अंकुरण
Explanation:
- ऑक्सिन कोशिकाओं के विस्तार को उत्तेजित करके तने की लंबाई में वृद्धि करता है। यह प्रकाशानुवर्तन (phototropism) के लिए भी उत्तरदायी है।
- फलों को पकाना एथिलीन (ethylene) हार्मोन का कार्य है।
- पत्तियों का गिरना एब्सिसिक एसिड (ABA) से संबंधित है।
- बीज के अंकुरण में जिबरेलिन (gibberellin) की भूमिका होती है।
कौन सा हार्मोन फलों को पकाने (ripening) में मदद करता है?
- ऑक्सिन
- जिबरेलिन
- साइटोकाइनिन
- एथिलीन
Explanation:
- एथिलीन एक गैसीय पादप हार्मोन है जो फलों के पकने की प्रक्रिया को तेज करता है।
- ऑक्सिन कोशिका विभाजन और वृद्धि के लिए है।
- जिबरेलिन तने की लंबाई बढ़ाने और बीज अंकुरण में सहायक है।
- साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है।
जिबरेलिन (Gibberellin) हार्मोन का एक प्रमुख कार्य क्या है?
- वृद्धि रोकना
- तने की लंबाई बढ़ाना
- पत्तियों का गिरना
- रंध्रों को बंद करना
Explanation:
- जिबरेलिन तने की लंबाई में वृद्धि को प्रोत्साहित करता है, विशेष रूप से बौने पौधों में। यह फलों के आकार को बढ़ाने और बीज अंकुरण में भी मदद करता है。
- वृद्धि रोकना एब्सिसिक एसिड (ABA) का कार्य है।
- पत्तियों का गिरना भी ABA से प्रभावित होता है।
- रंध्रों को बंद करने में ABA की भूमिका होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा हार्मोन “तनाव हार्मोन” (Stress Hormone) के रूप में जाना जाता है?
- ऑक्सिन
- जिबरेलिन
- एब्सिसिक एसिड (ABA)
- साइटोकाइनिन
Explanation:
- एब्सिसिक एसिड (ABA) पौधों में अनुकूलन की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जैसे सूखे के दौरान रंध्रों को बंद करना और बीज में सुप्तावस्था (dormancy) बनाए रखना, इसलिए इसे तनाव हार्मोन कहा जाता है।
- ऑक्सिन वृद्धि संबंधी हार्मोन है।
- जिबरेलिन वृद्धि को उत्तेजित करता है।
- साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है।
साइटोकाइनिन (Cytokinin) का मुख्य स्थल क्या है?
- जड़ की चोटी
- तने की चोटी
- जड़ के विभज्योतक (जहाँ यह संश्लेषित होता है)
- वृद्ध पत्तियाँ
Explanation:
- साइटोकाइनिन का संश्लेषण मुख्य रूप से जड़ों के शीर्ष भाग (विभज्योतक) में होता है और यह अन्य भागों में स्थानांतरित होता है।
- जड़ की चोटी ऑक्सिन का मुख्य स्थल है।
- तने की चोटी भी ऑक्सिन के संश्लेषण का स्थान है।
- वृद्ध पत्तियों में हार्मोन का संश्लेषण कम होता है।
किस हार्मोन के कारण सूरजमुखी का फूल सूर्य की दिशा में मुड़ता है?
- जिबरेलिन
- ऑक्सिन
- साइटोकाइनिन
- एब्सिसिक एसिड
Explanation:
- प्रकाशानुवर्तन (phototropism) की क्रिया ऑक्सिन हार्मोन के वितरण के कारण होती है। प्रकाश से दूर वाले भाग में ऑक्सिन जमा हो जाता है, जिससे कोशिकाओं की लंबाई बढ़ती है और पौधा प्रकाश की ओर मुड़ जाता है।
- जिबरेलिन लंबाई बढ़ाता है लेकिन प्रकाशानुवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं है।
- साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन को उत्तेजित करता है।
- एब्सिसिक एसिड वृद्धि रोधक हार्मोन है।
पौधों में कोशिका विभाजन को प्रेरित करने वाला हार्मोन कौन सा है?
- ऑक्सिन
- एब्सिसिक एसिड
- साइटोकाइनिन
- एथिलीन
Explanation:
- साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन (cytokinesis) को प्रेरित करता है और कोशिका चक्र को नियंत्रित करता है। यह जड़ और तने के विकास में महत्वपूर्ण है।
- ऑक्सिन कोशिका विस्तार (elongation) को प्रेरित करता है।
- एब्सिसिक एसिड विभाजन और वृद्धि को रोकता है।
- एथिलीन फल पकाने और पत्ती गिरने में भूमिका निभाता है।
किस हार्मोन के कारण पत्तियाँ और फल पौधे से अलग होते हैं?
- ऑक्सिन
- जिबरेलिन
- साइटोकाइनिन
- एथिलीन
Explanation:
- एथिलीन हार्मोन पत्ती विगलन (leaf abscission) और फल विगलन (fruit abscission) की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे पत्तियाँ और फल डंठल से अलग होकर गिर जाते हैं।
- ऑक्सिन आमतौर पर विगलन को रोकता है।
- जिबरेलिन वृद्धि से संबंधित है।
- साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन से संबंधित है।
स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) किससे बनते हैं?
- सीधे कोशिका विभाजन से
- विभज्योतक ऊतकों के विभेदन (differentiation) से
- जड़ों से
- बीजों से
Explanation:
- विभज्योतक ऊतक की कोशिकाएं विभाजित होकर विभिन्न कार्यों के लिए विशिष्ट रूप धारण कर लेती हैं, इस प्रक्रिया को विभेदन कहते हैं। इससे बने ऊतक स्थायी ऊतक कहलाते हैं।
- विभज्योतक सीधे विभाजित होते हैं, लेकिन स्थायी ऊतक नहीं बनाते।
- जड़ें और बीज पौधे के अंग हैं, ऊतक नहीं।
पौधों में गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism) के लिए मुख्य रूप से कौन सा हार्मोन उत्तरदायी है?
- साइटोकाइनिन
- जिबरेलिन
- ऑक्सिन
- एथिलीन
Explanation:
- गुरुत्वानुवर्तन (गुरुत्वाकर्षण की दिशा में वृद्धि) ऑक्सिन हार्मोन के वितरण के कारण होता है। गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में ऑक्सिन जड़ों और तनों के निचले हिस्से में जमा हो जाता है।
- साइटोकाइनिन का इस प्रक्रिया से सीधा संबंध नहीं है।
- जिबरेलिन सामान्य वृद्धि के लिए है।
- एथिलीन फल पकाने और विगलन के लिए है।
जड़ों में जल अवशोषण का कार्य मुख्यतः किस ऊतक द्वारा होता है?
- जाइलम
- फ्लोएम
- मूल रोम (Root Hair)
- एपिडर्मिस
Explanation:
- मूल रोम (Root Hairs) जड़ की एपिडर्मिस कोशिकाओं की बाहरी वृद्धि होती हैं जो जल और खनिजों के अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र बढ़ाती हैं।
- जाइलम अवशोषित जल का संवहन करता है।
- फ्लोएम भोजन का संवहन करता है।
- एपिडर्मिस एक सुरक्षात्मक परत है, सीधे अवशोषण मूल रोम करते हैं।
पादप हार्मोन जो पौधों की उम्र बढ़ने (senescence) की प्रक्रिया को धीमा करता है, वह है?
- ऑक्सिन
- एथिलीन
- एब्सिसिक एसिड
- साइटोकाइनिन
Explanation:
- साइटोकाइनिन हार्मोन पत्तियों की उम्र बढ़ने (aging) की प्रक्रिया को विलंबित करता है और हरा बनाए रखने में मदद करता है। इसे ‘विरोधी-वृद्धावस्था’ (anti-aging) हार्मोन भी कहा जाता है।
- ऑक्सिन वृद्धि के लिए है।
- एथिलीन उम्र बढ़ने और विगलन को बढ़ावा देता है।
- एब्सिसिक एसिड वृद्धि को रोकता है लेकिन उम्र बढ़ने को सीधे नहीं रोकता।
पौधे के जिस भाग में सबसे अधिक विभज्योतक ऊतक पाए जाते हैं, वह है?
- वृद्ध पत्तियाँ
- परिपक्व तना
- जड़ और तने का शीर्ष भाग
- जड़ का मध्य भाग
Explanation:
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) जड़ और तने के शीर्ष (टिप) पर पाया जाता है और यह पौधे की लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी होता है।
- वृद्ध पत्तियों और परिपक्व तने में स्थायी ऊतक होते हैं।
- जड़ का मध्य भाग भी स्थायी ऊतकों का बना होता है।
किस हार्मोन का उपयोग फलों को बिना बीज वाला (seedless) बनाने के लिए किया जाता है?
- जिबरेलिन
- साइटोकाइनिन
- ऑक्सिन
- एब्सिसिक एसिड
Explanation:
- ऑक्सिन हार्मोन का छिड़काव करके बिना परागण के ही फल विकसित किए जा सकते हैं, इसे अनिषेकफलन (parthenocarpy) कहते हैं। इससे बीज रहित फल जैसे अंगूर, तरबूज आदि प्राप्त होते हैं।
- जिबरेलिन फलों के आकार को बढ़ाने में मदद करता है।
- साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन को उत्तेजित करता है।
- एब्सिसिक एसिड वृद्धि को रोकता है।
पौधों में रंध्र (Stomata) के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करने वाला हार्मोन कौन सा है?
- ऑक्सिन
- जिबरेलिन
- साइटोकाइनिन
- एब्सिसिक एसिड (ABA)
Explanation:
- एब्सिसिक एसिड (ABA) जल की कमी (सूखा) के तनाव की स्थिति में रंध्रों को बंद करने का संकेत देता है ताकि पानी का वाष्पोत्सर्जन कम हो सके।
- ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन रंध्रों के खुलने-बंद होने को सीधे नियंत्रित नहीं करते हैं।
पादप ऊतक जो पौधे को कठोरता और सहारा प्रदान करता है, वह है?
- पैरेन्काइमा
- कोलेन्काइमा
- स्क्लेरेन्काइमा
- एपिडर्मिस
Explanation:
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) एक स्थायी ऊतक है जिसकी कोशिकाओं की भित्तियाँ लिग्निन (lignin) के जमाव के कारण बहुत मोटी और कठोर हो जाती हैं। यह पौधे को यांत्रिक सहारा प्रदान करता है।
- पैरेन्काइमा भंडारण और प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है।
- कोलेन्काइमा लचीला सहारा प्रदान करता है।
- एपिडर्मिस एक सुरक्षात्मक परत है।
किस हार्मोन का उपयोग माल्ट उद्योग में जौ के अंकुरण को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है?
- ऑक्सिन
- जिबरेलिन
- साइटोकाइनिन
- एथिलीन
Explanation:
- जिबरेलिन हार्मोन बीज के अंकुरण को प्रेरित करता है। माल्ट बनाने के लिए जौ के बीजों के अंकुरण को तेज करने हेतु इस हार्मोन का व्यावसायिक उपयोग किया जाता है।
- ऑक्सिन का संबंध वृद्धि से है।
- साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन के लिए है।
- एथिलीन फल पकाने के लिए है।
पौधों में घाव भरने (wound healing) की प्रक्रिया को प्रेरित करने वाला हार्मोन कौन सा है?
- एब्सिसिक एसिड
- एथिलीन
- जिबरेलिन
- ऑक्सिन
Explanation:
- जिबरेलिन हार्मोन कोशिका विभाजन और विस्तार को उत्तेजित करके पौधों में घाव भरने की प्रक्रिया में सहायता करता है।
- एब्सिसिक एसिड वृद्धि को रोकता है।
- एथिलीन विगलन से संबंधित है।
- ऑक्सिन भी वृद्धि में भूमिका निभाता है लेकिन घाव भरने के लिए विशिष्ट नहीं है।
पत्तियों की बाहरी सतह पर मोमी आवरण (waxy coating) किस ऊतक द्वारा बनाया जाता है?
- पैरेन्काइमा
- स्क्लेरेन्काइमा
- एपिडर्मिस
- कोलेन्काइमा
Explanation:
- एपिडर्मिस (Epidermis) ऊतक की बाहरी दीवार पर क्यूटिन (cutin) नामक मोमी पदार्थ की एक परत (क्यूटिकल) जमा होती है जो पानी के नुकसान (वाष्पोत्सर्जन) को रोकती है।
- पैरेन्काइमा भंडारण का कार्य करता है।
- स्क्लेरेन्काइमा सहारा देता है।
- कोलेन्काइमा लचीला सहारा देता है।
कैम्बियम (Cambium) किस प्रकार का ऊतक है?
- स्थायी ऊतक
- विभज्योतक ऊतक
- संवहनी ऊतक
- सरल ऊतक
Explanation:
- कैम्बियम (Cambium) एक पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem) ऊतक है जो पौधे के तने और जड़ की मोटाई (द्वितीयक वृद्धि) में वृद्धि करता है। यह नई जाइलम और फ्लोएम कोशिकाएं बनाता है।
- यह स्थायी ऊतक नहीं है क्योंकि इसकी कोशिकाएं विभाजित होती रहती हैं।
- यह संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) बनाता है, लेकिन स्वयं संवहनी ऊतक नहीं है।
- यह एक जटिल ऊतक है, सरल नहीं।
पादप हार्मोन जो पौधे में निष्क्रियता (dormancy) को तोड़ता है, वह है?
- एब्सिसिक एसिड
- ऑक्सिन
- जिबरेलिन
- एथिलीन
Explanation:
- जिबरेलिन हार्मोन बीज और कलियों में निष्क्रियता (सुप्तावस्था) को तोड़कर अंकुरण और वृद्धि को प्रेरित करता है। यह एब्सिसिक एसिड के प्रभाव का प्रतिकार करता है।
- एब्सिसिक एसिड निष्क्रियता को बनाए रखने वाला हार्मोन है।
- ऑक्सिन वृद्धि के लिए है लेकिन निष्क्रियता तोड़ने के लिए विशिष्ट नहीं।
- एथिलीन फल पकाने और विगलन के लिए है।
1. पौधे के वह भाग जो प्रकाश संश्लेषण के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होते हैं, कहलाते हैं?
- जड़
- तना
- पत्ती
- फूल
Explanation:
- पत्ती प्रकाश संश्लेषण की मुख्य इकाई है, इसमें क्लोरोफिल और स्टोमेटा पाए जाते हैं।
- तना पत्तियों को सहारा देता है लेकिन प्रकाश संश्लेषण मुख्य कार्य नहीं है।
- जड़ जमीन से पानी और खनिज अवशोषित करती है।
- फूल प्रजनन का कार्य करते हैं।
2. निम्नलिखित में से कौन-सा एक एकल-बीजपत्री (Monocot) पौधा है?
- चना
- सेम
- मक्का
- मटर
Explanation:
- मक्का एक एकल-बीजपत्री पौधा है, इसके बीज में केवल एक ही बीजपत्र (cotyledon) होता है।
- चना, सेम और मटर द्विबीजपत्री (Dicot) पौधे हैं, इनके बीज में दो बीजपत्र होते हैं।
3. पौधे के तने का मुख्य कार्य क्या है?
- प्रकाश संश्लेषण
- पानी का अवशोषण
- पत्तियों, फूलों और फलों को सहारा देना
- बीज उत्पादन
Explanation:
- तना पौधे का अक्षीय भाग है जो पत्तियों को सूर्य के प्रकाश की ओर और फूलों को परागण के लिए सहारा देता है।
- प्रकाश संश्लेषण पत्तियों का मुख्य कार्य है।
- पानी का अवशोषण जड़ों द्वारा किया जाता है।
- बीज उत्पादन फूलों और फलों का कार्य है।
4. पौधे की जड़ें मुख्य रूप से क्या कार्य करती हैं?
- प्रकाश संश्लेषण
- परागण
- मिट्टी से जल और खनिजों का अवशोषण
- बीज बनाना
Explanation:
- जड़ें पौधे को जमीन में स्थिर रखती हैं और पानी एवं खनिज लवणों को अवशोषित करती हैं।
- प्रकाश संश्लेषण पत्तियों का कार्य है।
- परागण और बीज बनाना फूलों का कार्य है।
5. निम्नलिखित में से किस पौधे में Tap Root (मूसला जड़) पाई जाती है?
- गेहूँ
- मक्का
- घास
- सरसों
Explanation:
- सरसों एक द्विबीजपत्री पौधा है, जिसकी मुख्य जड़ (Tap Root) गहराई तक जाती है और छोटी-छोटी पार्श्व जड़ें निकलती हैं।
- गेहूँ, मक्का और घास एकबीजपत्री पौधे हैं, इनमें रेशेदार जड़ें (Fibrous Roots) पाई जाती हैं।
6. पत्ती की सतह पर पाए जाने वाले छोटे-छोटे छिद्र कहलाते हैं?
- बड्स
- लेण्टिसेल
- स्टोमेटा (रंध्र)
- कलिका
Explanation:
- स्टोमेटा (रंध्र) गैसों के आदान-प्रदान (जैसे O2 और CO2) और वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) के लिए उत्तरदायी होते हैं।
- बड्स नई शाखाओं या फूलों के विकास के points होते हैं।
- लेण्टिसेल तने पर पाए जाने वाले छिद्र होते हैं जो वायु के आदान-प्रदान में सहायता करते हैं।
- कलिका नई वृद्धि का प्रारंभिक बिंदु होती है।
7. पत्ती का हरा रंग किस वर्णक (Pigment) के कारण होता है?
- कैरोटीन
- जैन्थोफिल
- क्लोरोफिल
- फाइकोसायनिन
Explanation:
- क्लोरोफिल हरा वर्णक है जो सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को अवशोषित कर प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को संचालित करता है।
- कैरोटीन नारंगी-पीला और जैन्थोफिल पीला वर्णक है।
- फाइकोसायनिन नीले-हरे शैवाल में पाया जाने वाला वर्णक है।
8. निम्नलिखित में से कौन-सा एक परिवर्तित तना (Modified Stem) है?
- गाजर
- आलू
- शकरकंद
- मूली
Explanation:
- आलू एक कंद (Tuber) है जो तने का परिवर्तित रूप है और भोजन संग्रह करता है। इसमें ‘आँखें’ (Buds) होती हैं।
- गाजर और मूली परिवर्तित जड़ें (Tap roots) हैं।
- शकरकंद एक परिवर्तित अन्धविसर्पी जड़ (Adventitious Root) है।
9. पुष्प का वह भाग जो परागकण (Pollen) उत्पन्न करता है, कहलाता है?
- वर्तिकाग्र
- वर्तिका
- अंडाशय
- पुंकेसर
Explanation:
- पुंकेसर (Stamen) पुष्प का नर reproductive भाग है। इसके anther भाग में परागकण बनते हैं।
- वर्तिकाग्र (Stigma), वर्तिका (Style) और अंडाशय (Ovary) पुष्प के मादा reproductive भाग (Carpel/Pistil) के भाग हैं।
10. निम्नलिखित में से कौन-सा पौधा एक द्विवार्षिक (Biennial) पौधा है?
- बरसात का मौसमी घास
- आम का पेड़
- गाजर
- गेहूँ
Explanation:
- द्विवार्षिक पौधे (जैसे गाजर, पालक, प्याज) अपना जीवनचक्र दो वर्षों में पूरा करते हैं: पहले वर्ष वानस्पतिक वृद्धि और दूसरे वर्ष फूल, फल और बीज बनते हैं।
- मौसमी घास और गेहूँ एकवार्षिक (Annual) पौधे हैं।
- आम का पेड़ बहुवर्षीय (Perennial) पौधा है।
11. पत्ती का मध्य भाग जहाँ से शिराएँ (Veins) निकलती हैं, कहलाता है?
- शिरा-विन्यास
- अग्रभाग
- उपत्वचा
- मध्यशिरा (Midrib)
Explanation:
- मध्यशिरा पत्ती का मुख्य केंद्रीय शिरा है जो इसे मजबूती प्रदान करती है और पर्णवृन्त (Petiole) से जुड़ी होती है।
- शिरा-विन्यास (Venation) पत्ती में शिराओं की व्यवस्था को कहते हैं।
- अग्रभाग (Leaf Blade) पत्ती का चपटा, हरा भाग होता है।
- उपत्वचा (Epidermis) पत्ती की बाहरी परत है।
12. निम्नलिखित में से कौन-सी एक रूपान्तरित पत्ती (Modified Leaf) है?
- आलू
- अदरक
- प्याज
- मटर की प्रतान (Tendril)
Explanation:
- मटर की प्रतान (Tendril) पत्ती का रूपान्तरित भाग है जो पौधे को चढ़ने में सहायता करता है।
- आलू एक परिवर्तित तना (कंद) है।
- अदरक एक परिवर्तित तना (प्रकंद/Rhizome) है।
- प्याज एक परिवर्तित तना (शल्ककंद/Bulb) की पत्तियाँ हैं।
13. पुष्प का वह भाग जो परागण के बाद फल में विकसित होता है, कहलाता है?
- बाह्यदलपुंज (Calyx)
- दलपुंज (Corolla)
- पुंकेसर (Androecium)
- अंडाशय (Ovary)
Explanation:
- फल, पुष्प के अंडाशय (Ovary) से विकसित होता है। अंडाशय के अंदर बीजाण्ड (Ovules) होते हैं जो बीज बनते हैं।
- बाह्यदलपुंज (Sepals) और दलपुंज (Petals) सुरक्षा और कीटों को आकर्षित करने का काम करते हैं।
- पुंकेसर (Stamens) सामान्यतः मुरझा जाते हैं।
14. निम्नलिखित में से किस पौधे में समानान्तर शिरा-विन्यास (Parallel Venation) पाया जाता है?
- अमरूद
- नीम
- केला
- गुलाब
Explanation:
- केला एक एकबीजपत्री (Monocot) पौधा है, जिसकी पत्तियों में शिराएँ एक-दूसरे के समानान्तर चलती हैं।
- अमरूद, नीम और गुलाब द्विबीजपत्री (Dicot) पौधे हैं, जिनमें जालिकारूप शिरा-विन्यास (Reticulate Venation) पाया जाता है।
15. पादप ऊतक जो पौधे में जल और खनिजों का संवहन करता है, कहलाता है?
- एपिडर्मिस
- पैरेन्काइमा
- जाइलम (दारु)
- फ्लोएम (पोषवाह)
Explanation:
- जाइलम (Xylem) जड़ों से पानी और खनिजों को पत्तियों और पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
- फ्लोएम (Phloem) पत्तियों में तैयार भोजन (सुक्रोज) को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।
- एपिडर्मिस पौधे की बाह्य सुरक्षात्मक परत है।
- पैरेन्काइमा भोजन संग्रह का मुख्य ऊतक है।
16. पौधे की वृद्धि मुख्य रूप से किस ऊतक के कारण होती है?
- स्थायी ऊतक
- विभज्योतक (Meristematic Tissue)
- संवहनी ऊतक
- मृदूतक
Explanation:
- विभज्योतक (Meristem) में कोशिका विभाजन की क्षमता होती है, जो पौधे की लंबाई और मोटाई में वृद्धि के लिए नई कोशिकाएँ उत्पन्न करता है।
- स्थायी ऊतक विभज्योतक से बने होते हैं लेकिन स्वयं विभाजित नहीं होते।
- संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पदार्थों का संवहन करते हैं।
- मृदूतक (Parenchyma) भोजन का भंडारण करता है।
17. निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्प का भाग कीटों को आकर्षित करने का काम करता है?
- बाह्यदल
- दल (Petal)
- पुंकेसर
- अंडप
Explanation:
- दल (Petals) रंगीन और सुगंधित होते हैं, जो परागण के लिए कीटों और पक्षियों को आकर्षित करते हैं।
- बाह्यदल (Sepals) हरे रंग के और सुरक्षात्मक होते हैं।
- पुंकेसर (Stamen) और अंडप (Carpel) पुष्प के reproductive भाग हैं।
18. पौधे में वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) की क्रिया मुख्य रूप से कहाँ होती है?
- जड़
- तना
- पत्ती के स्टोमेटा
- फूल
Explanation:
- वाष्पोत्सर्जन पानी का वाष्प के रूप में पत्तियों के स्टोमेटा (रंध्र) से हवा में उत्सर्जन है। यह जल के अवशोषण और ऊपर चढ़ने में मदद करता है।
- जड़ें पानी अवशोषित करती हैं।
- तना पानी का संवहन करता है।
- फूल प्रजनन का कार्य करते हैं।
19. निम्नलिखित में से कौन-सा बीज का वह भाग है जो भोजन संग्रहित करता है?
- भ्रूणपोष (Endosperm)
- बीजाणु
- बीजावरण
- बीजपत्र (Cotyledon)
Explanation:
- बीजपत्र (Cotyledon) बीज का वह भाग है जो अंकुरण के दौरान भ्रूण (Embryo) के लिए भोजन प्रदान करता है।
- भ्रूणपोष (Endosperm) कुछ बीजों (जैसे मक्का, गेहूँ) में एक अलग ऊतक के रूप में भोजन संग्रह करता है।
- बीजावरण (Seed Coat) बीज की बाहरी सुरक्षात्मक परत होती है।
20. पौधे का वह भाग जो मृदा (मिट्टी) से सीधे ऑक्सीजन ग्रहण कर सकता है, कौन-सा है?
- पत्ती
- तना
- जड़ (विशेषकर दलदली पौधों की श्वसन जड़ें)
- फूल
Explanation:
- दलदली पौधों (जैसे मैंग्रोव) की जड़ें (जैसे स्नानमूल/Respiratory Roots या न्यूमेटोफोर्स) मिट्टी से बाहर आकर सीधे वायुमंडल से ऑक्सीजन लेती हैं।
- सामान्य पौधों की पत्तियों और तनों में वायु रिक्तियाँ होती हैं लेकिन ऑक्सीजन का सीधा अवशोषण जड़ों द्वारा नहीं होता।
21. पौधे में प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) की प्रक्रिया किस भाग में देखी जाती है?
- जड़
- तना
- बीज
- फूल
Explanation:
- तना प्रकाश की ओर झुकता है (धनात्मक प्रकाशानुवर्तन)। ऑक्सिन हार्मोन इसके लिए उत्तरदायी है।
- जड़ प्रकाश से दूर (ऋणात्मक प्रकाशानुवर्तन) और पानी की ओर (धनात्मक जलानुवर्तन) गति करती है।
22. निम्नलिखित में से कौन-सी एक परजीवी जड़ (Parasitic Root) का उदाहरण है?
- गाजर
- शलजम
- अमरबेल (Cuscuta)
- आलू
Explanation:
- अमरबेल (Cuscuta/Dodder) एक परजीवी पौधा है। इसकी विशेष जड़ें (हस्टोरिया) मेजबान पौधे के ऊतकों से पोषण चूसती हैं।
- गाजर और शलजम भोजन संग्रह करने वाली जड़ें हैं।
- आलू एक तना है।
23. पौधे के बीज के अंकुरण (Germination) के लिए सबसे आवश्यक कारक कौन-सा है?
- प्रकाश
- उच्च तापमान
- पानी
- हवा
Explanation:
- पानी बीजावरण को नर्म करके भ्रूण को सक्रिय करता है, एंजाइमों को सक्रिय करता है और संग्रहित भोजन को घोलता है। यह अंकुरण का प्राथमिक ट्रिगर है।
- उपयुक्त तापमान और ऑक्सीजन भी आवश्यक हैं लेकिन पानी के बिना अंकुरण शुरू नहीं होता।
- कुछ बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है, लेकिन सभी की नहीं।
24. पौधे में अनावश्यक जड़ें (Adventitious Roots) किससे विकसित होती हैं?
- मूसला जड़ से
- भ्रूण के मूलांकुर (Radicle) से
- तने या पत्ती जैसे जड़ के अलावा किसी अन्य भाग से
- बीजपत्र से
Explanation:
- अनावश्यक जड़ें (जैसे मक्का, बरगद, गन्ने की जड़ें) पौधे के किसी भी भाग (तना, पत्ती) से निकल सकती हैं, न कि मूल जड़ से।
- मूसला जड़ भ्रूण के मूलांकुर (Radicle) से विकसित होती है।
25. पत्ती का वह भाग जो इसे तने से जोड़ता है, कहलाता है?
- मध्यशिरा
- अग्रभाग
- पर्णवृन्त (Petiole)
- आधार
Explanation:
- पर्णवृन्त (Petiole) पत्ती का डंठल होता है जो अग्रभाग (Leaf Blade) को तने से जोड़ता है और इसे सहारा देता है।
- मध्यशिरा पत्ती की मुख्य शिरा है।
- अग्रभाग पत्ती का चपटा, हरा भाग है।
- आधार वह बिंदु है जहाँ पत्ती तने से जुड़ती है।
