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केरल
- राजधानी: तिरुवनंतपुरम
- स्थापना दिवस: 1 नवम्बर 1956
- केरल (Kerala) मुख्यमंत्री – श्री पिनरई विजयन
- राज्यपाल – श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
- केरल HC (1956),मुख्य न्यायाधीश – आशीष जीतेन्द्र देसाई
- 14 जिले –
तिरुवनंतपुरम
- राज्य की राजधानी, इसे “सदाबहार शहर” के नाम से भी जाना जाता है।
- श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर यहाँ स्थित है।
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का मुख्यालय त्रिवेंद्रम में है।
- कोवलम बीच एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।
कोल्लम
- इतिहास में एक प्रमुख मसाला व्यापारिक बंदरगाह था।
- अष्टमुडी झील, जो एक प्रसिद्ध बैकवाटर है, यहाँ स्थित है।
- भारत में काजू उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है।
- तंगास्सेरी में एक ऐतिहासिक प्रकाशस्तंभ (लाइटहाउस) है।
पथानामथिट्टा
- सबरीमाला श्री अयप्पा मंदिर यहाँ स्थित है, जो दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक तीर्थ स्थलों में से एक है।
- इसे “धर्म नगरी” के रूप में जाना जाता है।
- केरल का एक प्रमुख रबर उत्पादक क्षेत्र है।
अलप्पुझा
- “वेनेस ऑफ द ईस्ट” के नाम से प्रसिद्ध है।
- वेम्बनाद झील, केरल की सबसे लंबी झील और नेहरू ट्रॉफी बोट रेस (वल्लम काली) का स्थान है।
- केरल का “चावल का कटोरा” (Rice Bowl) कहलाता है।
- विश्व स्तर पर प्रसिद्ध बैकवाटर पर्यटन यहाँ है।
कोट्टयम
- इसे “मलाबार का सजावटी दरवाजा” कहा जाता है।
- भारत का पहला 100% साक्षर जिला घोषित किया गया था।
- रबर उत्पादन में अग्रणी जिला है।
- वैकम, केरल के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों का एक केंद्र था।
इडुक्की
- केरल का सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल में)।
- दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी, अनामुडी (2695 मीटर) यहाँ स्थित है।
- एशिया की पहली और दुनिया की दूसरी आर्क बांध, इडुक्की आर्क डैम यहाँ है।
- प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य: पेरियार राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व।
एर्नाकुलम
- केरल का वाणिज्यिक और औद्योगिक राजधानी के रूप में जाना जाता है।
- कोचीन बंदरगाह, भारत का एक प्रमुख बंदरगाह है।
- भारतीय नौसेना का सुदर्शन नौसेना अड्डा (कोचीन) यहाँ स्थित है।
- यहूदी बस्ती और सेंट फ्रांसिस चर्च कोचीन में स्थित ऐतिहासिक स्थल हैं।
त्रिशूर
- इसे “केरल की सांस्कृतिक राजधानी” कहा जाता है।
- वडक्कुन्नाथन मंदिर और त्रिशूर पूरम (हाथी उत्सव) विश्व प्रसिद्ध हैं।
- केरल साहित्य अकादमी और केरल ललित कला अकादमी का मुख्यालय यहाँ है।
- एशिया की सबसे बड़ी चर्च, अपर लूर्ड चर्च (ओल्ड) अनाक्कलम में स्थित है।
पलक्कड़
- इतिहास में, “पलघाट छिद्र” (Palghat Gap) एक प्रमुख भू-रणनीतिक दर्रा था।
- भारतीय सेना का एक प्रमुख सैन्य स्टेशन, पलक्कड़ गढ़ यहाँ स्थित है।
- केरल का “धान का कटोरा” (Rice Bowl of Kerala) कहलाता है।
- पलक्कड़ किला (टीपू का किला) एक ऐतिहासिक स्थल है।
मलप्पुरम
- केरल का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला।
- भारत की पहली उर्दू-मलयालम समाचार पत्र यहाँ से प्रकाशित हुई थी।
- नीलेरमेंपू और तेय्यम जैसी लोक कलाओं के लिए प्रसिद्ध।
- निलांबुर जंगल में “भारत-अफ्रीका” जैव-भौगोलिक संबंध देखे जा सकते हैं।
कोझिकोड
- इतिहास में, “कैलिकट” के नाम से जाना जाता था और एक प्रमुख मसाला व्यापार केंद्र था।
- वास्को डी गामा 1498 में यहीं उतरा था।
- प्रसिद्ध “कोझिकोड हलवा” और “मालाबार बिरयानी” का जन्मस्थान।
- आईआईएम कोझिकोड और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कैलिकट (NIT-C) यहाँ स्थित हैं।
वायनाड
- केरल में सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला जिला।
- कर्नाटक और तमिलनाडु के साथ सीमा साझा करने वाला एक सीमांत जिला।
- कॉफी, चाय और इलायची के बागानों के लिए प्रसिद्ध।
- एडक्कल गुफाएँ, जिनमें प्रागैतिहासिक शिला चित्र हैं, यहाँ स्थित हैं।
कन्नूर
- इतिहास में “कैननोर” के नाम से जाना जाता था और एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था।
- भारतीय तट रक्षक बल का एक प्रमुख अड्डा, “ICGS कन्नूर” यहाँ स्थित है।
- विश्व प्रसिद्ध “थेय्यम” लोक कला का केंद्र।
- पय्यंबलम बीच और मुजप्पिलंगड ड्राइव-इन बीच प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं।
कासरगोड
- केरल का सबसे उत्तरी जिला, जिसे “सप्तभाषा संगमभूमि” (सात भाषाओं का संगम स्थल) कहा जाता है।
- बेकल किला, केरल का सबसे बड़ा किला है।
- अनंतपुरन झील, मणिमेखला नदी का उद्गम स्थल है।
- यह जिला हथकरघा और कोइर (नारियल रेशा) उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।