Skip to content
Khortha
मुडफुचका लघुकथा के लिखल ह
- गिरिधारी गोस्वामी आकाशखूंटी
- गजाधर महतो प्रभाकार
- महेन्द्र नाथ गोस्वामी
- शांति भारत
मुडफुचका माने बतवा
- कोनो तरी छोड़ल
- मोका पर जिम्मेदारी से भागेक
- कोनो तरी छोड़ल + मोका पर जिम्मेदारी से भागेक
- कोनो तरी सटल
नीरा आपन बिहाक बात बिजय के केकर से बात करे कह ही
- बाप से
- माय से
- मामा से
- नाना से
मुडफुचका सबद केकर खातिर राखल गेल हे
- मीराक बाप खातिर
- नीराक बाप खातिर
- बिजय
- बिजयेक बाप
बिजय नीरू से की रकम आपन भाव के राखल रहे
- तोंञ हामर मने ई रकम दुइक गेल हें
- जे बुझा हे हामर जानवाँ तोरे ठीने राखल हे
- तोराँ गोटे जिनगी आपन ठीन राखे पारतलों
- इ सोभे
बिजय नीराक बाप से की बात राखल रहे
- बिहा करेक
- फूल पतवेक
- घुरे ले जाइक
- इ सोभे
मुड़फूचका लघुकथा में नायक पात्र रहे
मुडफुचका लघुकथा में नायिका पातर रहे
मुडफुचका कोन रकमेक रचना लाये
बिजयेक हिया खलास बात सुइन नीरा के कइसन बुझाइल
- नीरा चिहँइक उठली
- लाजे मुँह लाल भइ गेलइ
- नीरा चिहँइक उठली + लाजे मुँह लाल भइ गेलइ
- बेस नाञ बुझाइल
नीराक बाप कइसन विचारेक लोक रहे
- अंध बिसवासी
- नउतन विचारेक
- पुरान विचारेक
- इ सोभे
नीराक बाप बिजयेक बात सुइन की कहल
- तोर हिया खलास बात सुइन बड़ी खुसी भेल
- तोर आर नीरूक पसिंदे हामरों पसंद
- मेंतुक बेटा बिहा सादिक कामें कुछ नियम-धरम हवे है
- इ सोभे
बिहा सादीक कामें नियम-धरम हेवे हे एकर में की बात नीरूक बातें कहल
- लेन-देन
- पावना- पातिक
- रीति-रिवाज
- लेन-देन+ पावना- पातिक
ई लघुकथा में लेन-देन कर माने की बतवल गेल हे
- दहेज
- लेना-देना
- रीति-रिवाज
- इ सोभे
गिरिधारी गोस्वामी कोन पतरिकाक संपादक लागथ
- तितकी
- मातरी भासा
- लुआठी
- परास फूल
तोंञ हामर मने ई रकम दुइक गेल हे जे बुझा हे हामर जानवाँ तोरे ठीने राखल हे ई कथन ककर लागय
केकर बात सुइन के नीराक बाप भाल्ले रहलइ
- बिजय के
- नीरा के
- लेखक के
- रोहित के
बिहा करब तो आपन पसिंदे के बेटी छउवा संग आर नीरू हमरा खूब पसंद ही केकर कथन हकइ
रसिक शब्द के माने ?
- प्रेमी
- सहिया
- मिलना
- रस भरा हुआ
नीराक बाप के केकर बात सुइन के बड़ी खुशी भेल