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अलंकारों के मुख्य भेद कितने हैं?

  • पाँच
  • छ:
  • दस
  • तीन

Explanation:

  • अलंकार मुख्यतः तीन प्रकार के होते है-
    • शब्दालंकार
    • अर्थालंकार,
    • उभयालंकार
  • अलंकार– जो किसी वस्तु को अलंकृत करे वह अलंकार कहलाता है।
  • दूसरे अर्थ में- काव्य अथवा भाषा को शोभा बनाने वाले मनोरंजक ढंग को अलंकार कहते है।
  • शब्दालंकार: जहाँ काव्य में चमत्कार या सुंदरता शब्दों के प्रयोग से उत्पन्न होती है।
    • उदाहरण: अनुप्रास, यमक, श्लेष
  • अर्थालंकार: जहाँ काव्य में चमत्कार या सुंदरता उसके अर्थ के कारण होती है।
    • उदाहरण: उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा
  • उभयालंकार: जहाँ काव्य में शब्द और अर्थ दोनों के मिले-जुले प्रभाव से सौंदर्य उत्पन्न होता है।

अलंकार के सन्दर्भ में इनमें से कौन-सा कथन सही है?

  • तात्पर्यमात्र के भेद से शब्द और अर्थ दोनों की पुनरुक्ति को लाटानुप्रास कहते हैं।
  • श्लिष्ट पदों में अनेक अर्थों का कथन श्लेष अलंकार है
  • भिन्नार्थ अर्थात निरर्थक स्वर-व्यंजन समुदाय की आवृत्ति को यमक कहते हैं
  • उपरोक्त सभी

Explanation:

  • यमक अलंकार में एक शब्द दो या दो से अधिक बार आता है और हर बार उसका अर्थ अलग होता है।
    • कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।”
    • यहाँ ‘कनक’ शब्द दो बार आया है। पहली बार का अर्थ धतूरा है और दूसरी बार का अर्थ सोना है।
  • श्लेष अलंकार में एक ही शब्द के कई अर्थ होते हैं और वे एक साथ चिपके रहते हैं।
    • “पानी गए न उबरे, मोती, मानुष, चुन।”
    • यहाँ ‘पानी’ शब्द के तीन अलग-अलग अर्थ हैं: मोती के लिए चमक, मनुष्य के लिए इज्जत और चने के लिए जल।
  • लाटानुप्रास अलंकार में शब्द और अर्थ दोनों की आवृत्ति होती है, लेकिन व्याख्या करने पर अर्थ बदल जाता है।
    • “तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी के पात्र समर्थ, तेगबहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी थी जिनके अर्थ।”
    • यहाँ पहले तेगबहादुर का अर्थ गुरु हैं और दूसरे तेगबहादुर का अर्थ उनके गुरु के पदवी के लिए है।

अलंकार के सन्दर्भ में कौन-सा कथन गलत है?

  • उपमा में सादृश्य की प्रधानता होती है और रूपक में तादात्म्य (अभेद) की।
  • रूपक में उपमेय में उपमान का आरोप होता है, उत्प्रेक्षा में संभावना।
  • यमक में केवल शब्दों की आवृत्ति होती है, लाटानुप्रास में शब्द और अर्थ दोनों की आवृत्ति होती है।
  • उपरोक्त में से कोई नहीं।

Explanation:

  • अलंकार के सन्दर्भ में दिये गये सभी कथन सही हैं।

इनमें से कौन-सा कथन सही है?

  • कारण के अभाव में’ कार्य की उत्पत्ति का वर्णन विभावना अलंकार है।
  • प्रस्तुत और अप्रस्तुत दोनों का एक धर्म से संबंध दीपक अलंकार है।
  • उपमेय में उपमान की संभावना उत्प्रेक्षा अलंकार है
  • सभी

Explanation:

  • प्रश्नगत् दिये गए विकल्प में चारो कथन सही हैं।

बताते हैं कि यहाँ शब्दों में चमत्कार है तथा …….. बताते हैं यहाँ अर्थ में अद्भुत सौंदर्य है।

  • यमक, शब्दालंकार
  • रूपक, उपमा
  • शब्दालंकार, अर्थालंकार
  • अनुप्रास, श्लेष

Explanation:

  • दिये गये रिक्त स्थानों पर क्रमशः शब्दालंकार और अर्थालंकार शब्द भरा जायेगा।

अलंकार के मुख्यतः भेद निम्न में से कौन-से माने जाते हैं?

  • शब्दालंकार अर्थालंकार तथा उभयालंकार।
  • शब्दालंकार अर्थालंकार तथा रसालंकार।
  • शब्दालंकार, अर्थालंकार तथा मिश्रालंकार।
  • भावालंकार, मिश्रालंकार तथा उभयालंकार।

Explanation:

  • शब्दालंकार, अर्थालंकार तथा उभयालंकार मुख्यतः अलंकार के भेद हैं।

निम्नलिखित में कौन-सा विकल्प सुमेलित नहीं है?

  • अनुप्रास-समान व्यंजनों की आवृत्ति होता हो
  • श्लेष एक शब्द के दो या दो से अधिक अर्थ निकलते हों
  • उत्प्रेक्ष-उपमेय में उपमान की कल्पना या संभावना प्रकट की जाए
  • संदेह-जहाँ उपमान में उपमेय का संदेह प्रकट किया जाता है

Explanation:

  • जहाँ किसी वस्तु को देखकर तत्सदृश अन्य वस्तु के संशय होने का चमत्कार पूर्ण-वर्णन हो, वहाँ सन्देह अलंकार होता है।

जहाँ एक या अनेक वर्णों की एक क्रम में एक बार ही आवृति हो वह कौन-सा अलंकार कहलाता है?

  • वीप्सा
  • श्लेष
  • लाटानुप्रास
  • छेकानुप्रास

Explanation:

  • जहाँ एक या अनेक वर्षों की एक क्रम में एक बार ही आवृत्ति हो, वह ‘छेकानुप्रास अलंकार’ कहलाता है।

“पूत सपूत, तो क्यों धन संचय? पूत कपूत, तो क्यों धन संचय”- इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

  • अंत्यनुप्रास अलंकार
  • श्रुत्यनुप्रास अलंकार
  • वृत्यानुप्रास अलंकार
  • लाटानुप्रास अलंकार

Explanation:

  • इस पंक्ति में लाटानुप्रास अलंकार है।

“इस करूणा कलित हृदय में, अब विकल रागिनी बजती”- इस पंक्ति में ‘करूणा कलित’ अभिव्यक्ति में कौन-सा अलंकार है?

  • अंत्यानुप्रास अलंकार
  • श्रुत्यानुप्रास अलंकार
  • लाटानुप्रास अलंकार
  • छेकानुप्रास अलंकार

Explanation:

  • ‘करूणा कलित’ में छेकानुप्रास अलंकार है।

इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है? चारु-चंद्र की चंचल किरणें, खेल रही हैं जल-थल में।

  • उपमा अलंकार
  • यमक अलंकार
  • अनुप्रास अलंकार
  • रूपक अलंकार

Explanation:

  • इस पंक्ति में ‘च’ वर्ण की कई बार आवृत्ति हुई है, इसलिए अनुप्रास अलंकार है।

लाली मेरे लाल की जित देखी तित लाल। लाली देखन मैं गई मैं भी हो गई लाल ॥ इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

  • अनुप्रास
  • उपमा
  • अर्थ श्लेष
  • यमक

Explanation:

  • यहाँ ‘ल’ वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है, अतः अनुप्रास अलंकार है।

रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती मानुस चून – इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

  • रूपक
  • उत्प्रेक्षा
  • श्लेष
  • यमक

Explanation:

  • यहाँ ‘पानी’ शब्द के तीन अलग-अलग अर्थ हैं, अतः श्लेष अलंकार है।

मैया मोरि मैं नहीं माखन खायो – इस पंक्ति में ‘म’ व्यंजन की आवृत्ति हुई है, आवृत्ति -सा अलंकार है?

  • श्लेष
  • यमक
  • अनुप्रास
  • अतिशयोक्ति

Explanation:

  • इस पंक्ति में ‘म’ व्यंजन की आवृत्ति हुई है, अतः अनुप्रास अलंकार है।

पानी गये न ऊबरे, मोती मानुस चून। – इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

  • अनुप्रास
  • अतिशयोक्ति
  • श्लेष
  • यमक

Explanation:

  • यहाँ ‘पानी’ शब्द के तीन अर्थ हैं, अतः श्लेष अलंकार है।

वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे

  • श्लेष
  • यमक
  • रूपक
  • अनुप्रास

Explanation:

  • इस वाक्य में अनुप्रास अलंकार है, क्योंकि एक व्यंजन वर्ण की आवृत्ति होती है।

काली घटा का घमंड घटा

  • यमक
  • उत्प्रेक्षा
  • रूपक
  • उपमा

Explanation:

  • यहाँ ‘घटा’ शब्द दो बार आया है, पर अर्थ अलग-अलग हैं, अतः यमक अलंकार है।

श्लेष अलंकार कौन-सा अलंकार है?

  • अर्थालंकार
  • शब्दालंकार
  • उभयालंकार
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

  • श्लेष अलंकार, शब्दालंकार का भेद है। जब एक ही शब्द के अनेक अर्थ निकलते हैं तो वहाँ श्लेष अलंकार होता है।

जिन पंक्तियों में एक शब्द या शब्द समूह अनेक बार आए किंतु उनका अर्थ प्रत्येक बार भिन्न हो तो वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?

  • वक्रोक्ति अलंकार
  • श्लेष अलंकार
  • अनुप्रास अलंकार
  • यमक अलंकार

Explanation:

  • ऐसी स्थिति में यमक अलंकार होता है।

जिस पंक्ति या जिन पंक्तियों में एक ही उच्चारण स्थान से उच्चरित होने वाले वर्णों की आवृत्ति होती है तो वहाँ कौन-सा अलंकर होता है?

  • छेकानुप्रास अंलकार
  • वृत्यानुप्रास अलंकार
  • लाटानुप्रास अलंकार
  • श्रुत्यानुप्रास अलंकार

Explanation:

  • एक ही उच्चारण स्थान वाले वर्णों की बार-बार आवृत्ति होने पर श्रुत्यानुप्रास अलंकार होता है।

तुलसीदास सीदति निस दिन देखत तुम्हार निठुराई

  • श्रुत्यानुप्रास अलंकार
  • अन्त्यानुप्रास अलंकार
  • लाटानुप्रास अलंकार
  • वृत्यानुप्रास अलंकार

Explanation:

  • इस पंक्ति में त, द और न वर्णों की आवृत्ति हो रही है, अतः श्रुत्यानुप्रास अलंकार है।

माया महाठगनी हम जानि। तिरगुन फाँस लिए कर डोलै बोलै मधुरी बानी।

  • यमक
  • उत्प्रेक्षा
  • श्लेष
  • रूपक

Explanation:

  • यहाँ ‘माया’ शब्द के अनेक अर्थ हैं, अतः श्लेष अलंकार है।

मो सम कौन कुटिल खल कामी।

  • उत्प्रेक्षा
  • विभावना
  • वक्रोक्ति
  • उपमा

Explanation:

  • यहाँ वक्रोक्ति अलंकार है, जहाँ कथन के अर्थ की कल्पना दूसरे भाव में की जाती है।

कबीरा सोई पीर है, जे जाने पर पीर। जे पर पीर न जानई सो काफिर बेपीर।।

  • श्लेष
  • रूपक
  • पुनरुक्ति
  • यमक

Explanation:

  • यहाँ ‘पीर’ शब्द दो बार आया है, अर्थ भिन्न-भिन्न हैं, अतः यमक अलंकार है।

जहाँ एक शब्द के साथ अनेक अर्थ चिपके रहते हैं, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?

  • अनुप्रास
  • श्लेष
  • वक्रोक्ति
  • यमक

Explanation:

  • ऐसी स्थिति में श्लेष अलंकार होता है।
अलंकार-JSSC 10th Level Hindi