Updated on 13/07/23 by Mananjay MahatoShare on WhatsApp

20. बेदिया जनजाति 

  • झारखण्ड की अल्पसंख्यक जनजाति 
  • प्रजातीय सम्बन्ध – द्रविड़ समूह 
  • बेदिया जनजाति स्वंय को वेद निवस या वेदवाणी कहते हैं। 
  • बेदिया जनजाति स्वयं को उच्च हिन्दू मानते हैं।
  • ये नाम के साथ बेदिया और माँझी की उपाधि धारण करते हैं। 
  • निवास – राँची, हजारीबाग व बोकारो जिले 
  • वधु मूल्य – ‘डाली टका’ 
  • गांव के मुखिया – प्रधान 
    • इसे महतो या ओहदार भी कहते हैं। 
  • अखड़ा – नृत्य स्थल 

बेदिया जनजाति के प्रमुख गोत्र एवं उनके प्रतीक

गोत्र

प्रतीक 

गोत्र

प्रतीक 

गोत्र

प्रतीक 

बड़वार

वट वृक्ष 

सुंडी 

एक पक्षी 

थेरहार

एक पक्षी 

काछिम 

कछुआ

फेचा

सूअर

चिडरा 

गिलहरी

बाम्बी/आहेर

एक मछली

 

  • आयोजित विवाह – सबसे प्रचलित विवाह है। 
  • बहिर्जातीय विवाह (निषिद्ध) – ‘ठुकुर ठेनी‘ कहा जाता है । 
  • पुरूषों का परंपरागत वस्त्र –  केरया, काच्छा/भगवा 
  • महिलाओं का परंपरागत वस्त्र –  ठेठी और पाचन 
  • पर्व-  दशहरा, दीपावली, छठ, सोहराई, करमा आदि 
  • प्रमुख पेशा –  कृषि 
  • प्रमुख देवता –  सूर्य 
    • सूर्याही पूजा का प्रचलन 
  • धार्मिक स्थल – सरना कहा जाता है।
बेदिया जनजाति Bedia tribe of Jharkhand