बिहार में कौन-सी नदी नहीं बहती है?
- फल्गु
- बागमती
- पुनपुन
- गोमती
Explanation:
- गोमती नदी उत्तर प्रदेश में बहती है। यह नदी उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के गोमत ताल से निकलती है। जबकि फल्गु, बागमती, पुनपुन बिहार राज्य में बहने वाली नदी है। अतः गोमती नदी बिहार में नहीं बहती है।
बिहार में कौन-सा जलप्रपात नहीं है?
- हुँडरू
- धुआ कुड
- ककोलत
- मन्झर कुड
Explanation:
- हुँडरू जल प्रपात भारत के झारखण्ड राज्य राँची जिले में स्थित है। यह स्वर्ण रेखा नदी पर स्थित है। उल्लेखनीय है कि ककोलत जलप्रपात बिहार के नवादा जिले में तथा धुंआ कुंड व मंझर कुंड दोनों ही जलप्रपात रोहतास जिले में कैमूर पहाड़ी पर स्थित हैं।
बिहार का शोक किस नदी को कहा जाता है?
- घाघरा
- गंगा
- कोसी
- सोन
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- कोसी नदी का उद्गम चीन के अधीन तिब्बत से होता है, जहाँ अरुणकोसी नदी अपनी सात सहायक नदियों के (सुत कोसी, तांबा कोसी, तलख, दूधकोसी, भोटिया, अरूण तामूर) से मिलकर बनती है। कोसी नदी अंत में तीन नदियों में बंट जाती है- तामूर, अरूण एवं सुनकोसी। यह नदी अपने मार्ग परिवर्तन के लिए जानी जाती है, जिसके कारण इसे ‘बिहार का शोक’ की संज्ञा प्रदान की जाती है। यह नदी बिहार के खगड़िया जिले में गंगा नदी में समाहित हो जाती है। यह उत्तरी बिहार की एक नदी है।
बिहार के किस जिले में तेलहर कुंड जलप्रपात अवस्थित है?
- सासाराम
- नवादा
- कैमूर
- रोहतास
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- तेलहर कुण्ड अथवा तेलहर जलप्रपात बिहार के कैमूर जिले में भभुआ औधोरा मार्ग पर स्थित है। यह प्रपात दुर्गावती नदी के उद्गम के पास रोहतास पठार में स्थित है। इस झरने की खास बात यह है, कि इसका पानी हमेशा ठंडा रहता है। वर्तमान समय में यह स्थान पर्यटकों में काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। इस जलप्रपात पर करमचट बांध स्थित है।
ब्रह्मयोनि हिल बिहार के किस जिले में स्थित है?
- गया
- रोहतास
- नालन्दा
- नवादा
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- ब्रह्मयोनि हिल बिहार के गया जिले में स्थित है। रामायण काल में ब्रह्मयोनि का उल्लेख मिलता है। ऐसी मान्यता है कि गया के किनारे से प्रवाहित होने वाली फल्गु नदी पहले ब्रह्मयोनि पहाड़ी के ऊपर से प्रवाहित होती थी, परन्तु माता सीता के श्राप के प्रभाव से फल्गु नदी विलुप्त हो गई। ब्रह्मयोनि पहाड़ी की चोटी पर पहुँचने के लिए 424 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।
बिहार के किस कृषि जलवायु क्षेत्र में सबसे अधिक जिले हैं?
- उत्तर-पूर्व
- उत्तर-पश्चिम
- दक्षिण-पूर्व
- दक्षिण-पश्चिम
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार के उत्तर-पश्चिम कृषि जलवायु क्षेत्र में सबसे अधिक जिले हैं। इस कृषि जलवायु क्षेत्र में कुल 13 जिले शामिल हैं। ये जिले हैं- पश्चिमी चम्पारन, पूर्वी चम्पारन, गोपालगंज, सीवान, शिहोर, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और बेगूसराय। ध्यातव्य है, कि मिट्टी की रूपरेखा, वर्षा, तापमान और स्थलाकृति के आधार पर बिहार में चार कृषि जलवायु क्षेत्र हैं।
सोन और गंगा नदी का संगम बिहार के किस जिले में स्थित है?
- बक्सर
- पटना
- भोजपुर
- नालन्दा
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- सोन और गंगा नदी का संगम बिहार के पटना जिले में स्थित है। गंगा उत्तराखण्ड के उत्तर काशी जिले के गंगोत्री ग्लेशियर से भागरथी के नाम से निकलती है। गंगा नदी बक्सर के पास चौसा में बिहार की सीमा में प्रवेश करती है। सोन नदी का उद्गम गोंडवाना क्षेत्र में स्थित मैकाल श्रृंखला के अमरकंटक पर्वत से हुआ है, यह कैमूर के पठार के दक्षिण से बिहार में प्रवेश करती है। सोन नदी झारखण्ड के पलामू तथा बिहार के रोहतास, औरंगाबाद, भोजपुर तथा पटना जिले की पश्चिम सीमा बनाती हुई प्रवाहित होती है और पटना से लगभग 16 किमी. दूर दानापुर के निकट हरदी छपरा गाँव के पास गंगा में मिल जाती है।
बिहार का कौन-सा शहर पाँच पहाड़ियों से घिरा है?
- गया
- पटना
- भागलपुर
- बोधगया
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार राज्य के नालंदा जिले में राजगीर शहर हैं। यह कभी मगध साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी। राजगीर पांच चट्टानी पहाडियों से घिरा है। विपुलगिरि, रत्नागिरी, उदयगिरी, स्वर्णगिरि और वैभारगिरि हैं।
बिहार के किस जिले में सबसे अधिक नहर-सिचिंत क्षेत्र है?
- पश्चिमी चम्पारण
- औरंगाबाद
- रोहतास
- भोजपुर
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार के भोजपुर जिले में नहर सिंचित क्षेत्र सर्वाधिक है। वर्ष 2017-2018 के आंकड़ों के अनुसार भोजपुर (73.8%), औरंगाबाद (71.1%) तथा पश्चिमी चम्पारण (62.2%) में नहरों के माध्यम से सिंचाई की जाती है।
बिहार में प्रवाहित होने वाले निम्न नदियों में से उत्तर की ओर प्रवाहित होने वाली कौन-सी नदी है?
- बागमती
- कमला
- कोसी
- गण्डक
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार राज्य में दक्षिण से उत्तर की ओर बहने वाली नदी सोन है, जो मध्य प्रदेश के अमरकंटक से निकलकर उत्तर की ओर बहती हुई गंगा में पटना के पास मिल जाती है। विकल्प में दिए गए नदियों का प्रवाह उत्तर से दक्षिण की ओर होता है।
बिहार के निम्न जिलों में से किस जिले में ही पीडमोंट स्वैम्प मिट्टी पाई जाती है?
- मधुबनी
- भागलपुर
- पश्चिमी चम्पारण
- सीतामढ़ी
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले में पीडमोंट स्वैम्प मिट्टी पायी जाती है। इस मिट्टी का रंग हल्का पीला तथा भूरा होता है। इस मिट्टी के ज्यादातर भागों में कंकड़ तथा रेत की मात्रा अधिक पाई जाती है, जबकि उर्वरता मध्यम श्रेणी की होती है।
बिहार के निम्न प्रशासनिक विभागीय जोड़ों में से किस जोड़े से गंगा नदी नहीं बहती है?
- दरभंगा-मुंगेर
- पूर्णिया-भागलपुर
- तिरहुत-सारण
- कोशी-मगध
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- गंगा नदी हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है तथा उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार, प. बंगाल में प्रवाहित होते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। गंगा नदी बिहार के कोशी-मगध प्रशासनिक विभागीय संभाग को छोड़कर विकल्प में शेष प्रशासनिक संभाग से प्रवाहित होती है।
जय प्रकाश पुल (जेपी सेतू) निम्नलिखित में से किस नदी पर स्थित है?
- सरयू
- घाघरा
- गंगा
- यमुना
Explanation:
- दीघा-सोनपुर रेल-सह-सड़क पुल अथवा जेपी सेतु (लोकनायक जयप्रकाश नारायण सेतु) गंगा नदी पर बना पुल है। जो पटना और सोनपुर को जोड़ता हैं। इसकी लम्बाई 4556 मी. है।
निम्न में से कौन-सा बिहार के भूगर्भिक इतिहास में सबसे नवीनतम् है?
- दक्षिण-पूर्व का धारवाड़ क्षेत्र
- पठारी क्षेत्र
- बिहार का मैदान
- दक्षिण-पश्चिम का विंध्यन क्षेत्र
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार का मैदानी भाग बिहार के भूगर्भिक इतिहास में सबसे नवीनतम् है। बिहार के मैदान को तीन क्षेत्रों में बांटा जा सकता है; तराई का क्षेत्र, बांगर का क्षेत्र, खादर का क्षेत्र।
पुरानी जलोढ़ मिट्टी या बांगर बिहार के निम्न में से किस क्षेत्र में पायी जाती है?
- पटना और गया
- पूर्णिया और गया
- पूर्णिया और पटना
- दरभंगा और पूर्णिया
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- पुरानी जलोढ़ मिट्टी या बांगर बिहार के पटना, गया, रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, मुंगेर तथा भागलपुर क्षेत्र में पायी जाती है। यह मिट्टी गहरे पीले तथा भूरे रंग की होती है तथा इसमें जल ग्रहण क्षमता अधिक होती है।
निम्न में से किस स्थान पर कोसी नदी गंगा नदी से मिलती है?
- कुर्सेला
- वैशाली
- हाजीपुर
- जमालापुर
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- कोसी नदी कुर्सेला (कटिहार) में गंगा नदी से मिलती है। कोसी नदी को ‘बिहार का अभिशाप (शोक)’ भी कहते हैं क्योंकि यह नदी अपना मार्ग बदलती रहती है।
निम्नलिखित में से कौन सा जिला धारवाड़ भूस्तरीय रचना वाला नहीं हैं?
- मुंगेर
- रोहतास
- जमुई
- नवादा
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- दिये गये विकल्पों में रोहतास जिला धारवाड़ भूस्तरीय रचना वाला नहीं है। बिहार में संरचनात्मक दृष्टि कोण से प्रीकैब्रियन कल्प से लेकर चतुर्थ कल्प तक की चट्टानें पायी जाती है। श्रीकैम्ब्रियन कल्प की धारवाड़ और विंध्य चट्टानों की संरचना बिहार के दक्षिणी पूर्वी पठारी भाग में पायी जाती है।
निम्नलिखित में से कौन सा जिला सबसे अधिक घने पतझड़ वाले वनक्षेत्र से घिरा है?
- पश्चिमी चम्पारण
- गया
- कैमूर
- नवादा
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार में आर्द्र पर्णपाती एवं शुष्क पर्णपाती वन पाये जाते हैं। आर्द्र पर्णपाती वन अधिक घने पतझड़ वाले वन क्षेत्र हैं। मुख्यतः पश्चिमी चम्पारण में पाये जाते है।
बिहार के किस जिले में गंगा नदी सबसे लम्बी है?
- भागलपुर
- कटिहार
- पटना
- बेगूसराय
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार के पटना जिले में गंगा नदी सबसे लम्बी है। पटना जिले में गंगा नदी की कुल लम्बाई 99 किलोमीटर है।
बिहार राज्य में गंगा के किनारे स्थित जिलों की संख्या है?
- 21
- 17
- 12
- 6
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार राज्य में गंगा नदी के किनारे 12 जिलें बसते हैं। ये निम्नवत् हैं- बक्सर, भोजपुर, सारण, वैशाली, पटना, समस्तीपुर, बेगुसराय, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार, भागलपुर, लखीसराय।
बिहार का अधिकांश क्षेत्र आच्छादित है
- पहाड़ी मिट्टी से
- कछारी मिट्टी से
- रेगुर मिट्टी से
- तराई मिट्टी से
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार का अधिकांश क्षेत्र कछारी मिट्टी से आच्छादित है। जलोढ़ मिट्टी को दोमट और कछारी मिट्टी के नाम से भी जाना जाता है। नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी को जलोढ़ या कछारी मिट्टी कहते हैं। यह मिट्टी भारत के समस्त उत्तरी मैदान में पाई जाती है। प्रकृति में यह एक उपजाऊ, मिट्टी होती है।
बिहार के निम्न हिस्सों में से कौन-सा हिस्सा भूतात्त्विक दृष्टि से अपेक्षाकृत पुराना है?
- रोहतास पठार
- उत्तर-पश्चिमी पहाड़ियों
- खड़गपुर पहाड़ियों
- उत्तर गंगा मैदान
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- भौतिक एवं संरचनात्मक स्थितियों के आधार पर बिहार को तीन भौगोलिक इकाइयों में विभाजित किया गया है- उत्तर का पर्वतीय भाग, मध्य का विशाल मैदान और दक्षिण का पठारी क्षेत्र। रोहतास का पठार सबसे प्राचीन भू-आकृतिक प्रदेश है, क्योंकि यह दक्षिणी पठार का हिस्सा है जो कैमूर की पहाड़ी का अवशिष्ट है।
मुजफ्फरपुर, दरभंगा तथा चंपारण जिलों में कौन-सी मिट्टी अधिकांशतः पाई जाती है?
- काली मिट्टी
- नवीन जलोढक
- प्राचीन जलोढक
- लाल मिट्टी
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार में बांगर या नवीन जलोढ़क मिट्टी का सर्वाधिक विस्तार पूर्णिया और सहरसा जिले के कोशी क्षेत्र में है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा तथा चंपारण के उत्तरी-पश्चिमी भाग में नवीन जलोढ़ मिट्टी की पट्टी समाप्त हो गयी है। यह मिट्टी सामान्यतः चूना रहित एवं क्षार रहित है। इसका रंग गाढ़ा भूरा या काला है। इसमें काफी उर्वरा शक्ति पाई जाती है जिसमें सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था होने पर धान, जूट और गेहूँ की अच्छी फसल प्राप्त की जा सकती है।
बिहार का सर्वाधिक जूट उत्पादक जिला है
- सीवान
- वैशाली
- गया
- पूर्णिया
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- बिहार में पूर्णिया एवं कटिहार जिले में जूट का उत्पादन सबसे अधिक होता है। जूट बिहार राज्य की दूसरी मुख्य व्यावसायिक फसल है जिसके प्रयोग से पैकेजिंग के समान, कपड़ा, टाट, रस्सी आदि का निर्माण होता है। जूट का उत्पादन नदियों की धांदा मिट्टी, अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है। इसके अलावा सहरसा, मुजफ्फरपुर तथा दरभंगा में भी जूट की खेती होती है।
त्रिवेणी नहर किस नदी पर निर्मित है?
- कोसी
- सोन
- गंडक
- कमला
- उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Explanation:
- त्रिवेणी नहर बिहार के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के चंपारन जिले में सिंचाई करने के लिए बनाई गई एक नहर है। यह नहर गंडक नदी के बाएँ तट से निकाली गई है। यह प्रणाली दक्षिण-पूर्व में 62 मील तक गई है। इस नहर को 1909 ई. में प्रारम्भ किया गया था।
निम्नलिखित झीलों में से कौनसी बिहार में स्थित है?
- अनुपम झील
- सांभर झील
- सुखना झील
- कामा झील
Explanation:
- अनुपम झील बिहार के कैमूर (भभुआ) जिले में स्थित है जबकि सुखना झील चंडीगढ़ में, सांभर झील राजस्थान में और कामा झील रूस में अवस्थित है।
बिहार में बहने वाली चार नदियों में किसका उद्गम अमरकंटक में है?
- कोयल
- सोन
- पुनपुन
- कारो
Explanation:
- सोन नदी अमरकंटक से निकलती है। यह गंगा के दाहिने तट पर मिलने वाली एक प्रमुख सहायक नदी है। इसके रेत में सोने के कण पाए जाते हैं, इसलिए इसे स्वर्ण नदी भी कहा जाता है। इसकी लम्बाई 780 किमी. है। सोन की मुख्य सहायक नदियाँ कनहर, रिहंद व उत्तरी कोयल हैं।
नदी, जो ‘बिहार का शोक’ कहलाती है-
- गंगा
- बागमती
- कोसी
- महानदी
Explanation:
- कोसी नदी नेपाल में हिमालय से निकलती है और बिहार में भीम नगर के रास्ते से भारत में प्रवेश करती है। इसमें आने वाली बाढ़ से बिहार में बहुत तबाही होती है जिससे इस नदी को ‘बिहार का अभिशाप’ (बिहार का शोक) कहा जाता है। कोसी बहुउद्देशीय परियोजना नेपाल व भारत की संयुक्त परियोजना है। यह समझौता 1954 में हुआ था।
उत्तर बिहार किसके लिए प्रसिद्ध है?
- कृषि समृद्धि
- भारी उद्योग
- बाढ़
- सूखा
Explanation:
- उत्तर बिहार बाढ़ के लिए प्रसिद्ध है। कोसी नदी के कारण यह स्थिति उत्पन्न होती है। इसलिए कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है। कोसी नदी के अतिरिक्त अन्य नदियाँ जैसे गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान व महानन्दा आदि नदियों से भी उत्तरी बिहार में बाढ़ का प्रभाव दिखाई देता है। बिहार में लगभग 28 जिले बाढ़ प्रभावित हैं।
बिहार के किस क्षेत्र में बाढ़ का प्रकोप अधिक होता है?
- उत्तर बिहार में
- दक्षिण बिहार में
- मध्य बिहार में
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- बिहार भारत का सबसे अधिक बाढ़ से ग्रस्त राज्य है, जहाँ उत्तर बिहार में 76% आबादी बाढ़ की तबाही के आवर्ती खतरे में है।
किस नदी को ‘उत्तरी बिहार को शोक’ कहा जाता है?
- सोन का
- गंडक को
- कोसी को
- वागमती को
Explanation:
- गंडक नदी को ‘उत्तरी बिहार का शोक’ कहा जाता है। तथा ‘बिहार का शोक’ कोसी नदी को कहा जाता है।
गंगा का उत्तरी मैदान बिहार के कितने क्षेत्रफल पर विस्तृत है?
- 33670 वर्ग किमी.
- 56680 वर्ग किमी.
- 12670 वर्ग किमी.
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- गंगा के उत्तरी मैदान या उत्तर भारत के विशाल मैदान का निर्माण मुख्यतः सिंधु, गंगा व ब्रह्मपुत्र नदी तथा इनकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से हुआ है। यह बिहार के 56680 वर्ग किमी. क्षेत्र पर विस्तृत है।
बिहार में कोसी परियोजना के निर्माण का श्री गणेश कब हुआ था?
- 1947 ई.में.
- 1948 ई.में.
- 1952 ई.में.
- 1954 ई.में.
Explanation:
- कोसी परियोजना बिहार तथा नेपाल सरकार की संयुक्त परियोजना है। इसके निर्माण के लिए 1953-54 में नेपाल के साथ समझौता किया गया था। कोसी एक सीमा पारीय नदी है जो तिब्बत, नेपाल और भारत से होकर प्रवाहित होती है।
निम्नलिखित में से कौन-से समूह की नदियाँ बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच की सीमा रेखा बनाती है?
- कमला, सोन और बाघमती
- बूढ़ी गण्डक, कोसी और गंगा
- कर्मनाशा, गण्ड़क और घाघरा
- उत्तरी कोयल, अजय और पुनपुन
Explanation:
- कर्मनाशा, गण्डक और घाघरा नदियाँ उत्तर प्रदेश व बिहार के बीच सीमा रेखा बनाती हैं। कर्मनाशा नदी का उद्गम स्थल विन्ध्याचल की पहाड़ियाँ हैं। गण्डक का उद्गम स्थल सोमेश्वर की पहाड़ियों हैं। यह नदी 120 किमी. तक बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा निर्धारित करती है। घाघरा नदी हिमालय स्थित नाम्पा (नेपाल) से निकलती है तथा यह 80 किमी. तक बिहार एवं उत्तर प्रदेश की सीमा निर्धारित करती है।
सूची-1 (कृषि जलवायविक क्षेत्रों) को सूची-II (बिहार के प्रतिशत क्षेत्रफल) से सहसंबंधित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
- उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी बिहार मैदान
- दक्षिण बिहार मैदान
- छोटानागपुर पठार
- छोटानागपुर पहाड़ियाँ
Explanation:
- उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी बिहार मैदान 29.87 प्रतिशत क्षेत्रफल में; दक्षिण बिहार मैदान 23.71% क्षेत्रफल में; छोटा नागपुर पठार 26.14% प्रतिशत क्षेत्रफल में तथा छोटानागपुर पहाड़ियाँ 20.28 प्रतिशत क्षेत्रफल में फैली हैं।
किस देश की सीमा बिहार राज्य से जुड़ती है?
- भूटान
- नेपाल
- चीन
- बांग्लादेश
Explanation:
- बिहार राज्य के उत्तर में नेपाल, दक्षिण में झारखण्ड, पूर्व में पश्चिमी बंगाल तथा पश्चिम में उत्तर प्रदेश स्थित है। वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार हैं। नेपाल के साथ बिहार के 7 जिले, उत्तर प्रदेश के साथ 8 जिले, झारखण्ड के साथ 8 जिले तथा पश्चिम बंगाल के साथ 3 जिले सीमा बनाते हैं।
बिहार के भौतिक विभागों में आप निम्नलिखित में से कौन-सा सम्मिलित नहीं करेंगे?
- छोटानागपुर पठार
- उत्तरी गंगा मैदान
- दक्षिणी गंगा मैदान
- पूर्वी गंगा मैदान
Explanation:
- बिहार के दो प्रमुख प्राकृतिक विभाग हैं- गंगा का मैदान और छोटानागपुर का पठार। गंगा का मैदान दो भागों में विभाजित है- उत्तरी गंगा का मैदान और दक्षिणी गंगा का मैदान।
बिहार में निम्नलिखित में से कौन-से समूह की नदियां गंगा अथवा उसकी सहायक नदियों में उत्तर की ओर से आकर मिलती हैं?
- घाघरा, कोसी, पुनपुन
- कोसी, महानन्दा, कर्मनाशा
- गण्डक, कमला, बागमती
- सोन, कोसी, उत्तरी कोयल
Explanation:
- सरयू (घाघरा), गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, तथा कोसी नदियां गंगा में उत्तर से आकर मिलती हैं। गंगा में दक्षिण की तरफ से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ सोन, उत्तरी कोयल, पुनपुन, फल्गु, पचाने, कर्मनासा हैं।
बिहार में बांगर मिट्टी मिलती है-
- गया-बोधगया-पूर्वी चम्पारण-भागलपुर क्षेत्र में
- पूर्णिया-सहरसा-दरभंगा-मुजफ्फरपुर क्षेत्र में
- गया-नालन्दा-बोधगया-सासाराम क्षेत्र में
- पूर्वी चम्पारण-नालन्दा-गया-सासाराम क्षेत्र में
Explanation:
- तराई क्षेत्र के दक्षिण में पाई जाने वाली बांगर मिट्टी का विस्तार गंगा के दक्षिण मैदानी भाग में रोहतक से लेकर गया, पटना मुंगेर से भागलपुर तक है। काले भूरे, पीला एवं हल्का पीले रंग की इस मिट्टी में क्षारीय एवं अम्लीय गुण संतुलित मात्रा में पाए जाते हैं।
बिहार के विविध भौगोलिक पक्षों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर मनन कीजिए-
1. बिहार में कुल सिंचित भूमि में लगभग 37 प्रतिशत नहरों द्वारा सिंचित होती है।
II. बिहार में उत्तरी गंगा मैदान 33,620 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है।
III. किशनगंज और पश्चिमी चम्पारण बिहार में सर्वोच्च वार्षिक वर्षा प्राप्त करते हैं।
IV. बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लम्बाई 2,461 किलोमीटर है। इनमें से कौन-से सही हैं?
- I और II
- II और III
- II और IV
- I, III और IV
Explanation:
- बिहार में उत्तरी गंगा का मैदान 56980 वर्ग किमी. है, जो राज्य के 52-27% क्षेत्र पर विस्तृत है तथा दक्षिणी गंगा का मैदान 33670 वर्ग किमी. है। प्रश्नकाल के समय तीनों विकल्प 1. III, IV सही थे। नवीनतम आकड़ों (वर्ष 2020) के अनुसार बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गो की कुल लम्बाई 5358 किमी है। बिहार में कुल सिंचित भूमि का 31% नहरों द्वारा सिंचित होती है। प्रश्नकाल में विकल्प (d) सही था।
किस राज्य के साथ बिहार की दामोदर घाटी परियोजना में साझेदारी है?
- मध्य प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
- उड़ीसा
- पश्चिम बंगाल
Explanation:
- 7 जुलाई, 1948 ई. को स्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय परियोजना के रूप में दामोदर घाटी परियोजना अस्तित्व में आई। जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल की साझेदारी है। यह भारत की ऐसी पहली परियोजना है जिसमें कोयला, जल और गैस तीनों स्रोतों से विद्युत उत्पन्न की जाती है।
किस राज्य के साथ बिहार की गंडक परियोजना काल में साझेदारी है?
- उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
- उड़ीसा
Explanation:
- गण्डक परियोजना भारत की प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। इसकी शुरूआत सन् 1961 में हुई थी। यह बिहार और उत्तर प्रदेश की सम्मिलित परियोजना है तथा इससे नेपाल को भी लाभ मिलता है। इस परियोजना में बिहार के भैंसालोटन नामक स्थान पर गंडक नदी के ऊपर 837.8 मीटर लम्बे बैराज का निर्माण किया गया है। इसी के दोनों तरफ पश्चिमी तथा पूर्वी गंडक नहरें निकाली गयी हैं।
निम्न में से किस नदी को ‘बिहार का गम’ कहते हैं?
- गंडक
- कोसी
- दामोदर
- सोन
Explanation:
- कोसी नदी को ‘बिहार का गम’ या ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है। यह गंगा की बायँ तट की मुख्य सहायक नदियों में से एक है। इसका उद्गम नेपाल में हिमालय से होता है तथा यह भारत में बिहार राज्य से प्रवेश करती है। इसमें आने वाली बाढ़ से बिहार में बहुत नुकसान होता है, इसी कारण इस नदी को ‘बिहार का अभिशाप’ भी कहा जाता है।
निम्नलिखित में से बिहार की कौन-से जिलों के कुछ इलाके पश्चिम बंगाल को दिये गये थे?
- जमशेदपुर
- भागलपुर और समस्तीपुर
- पूर्णिया और मानभूम
- राजगीर
Explanation:
- बिहार और पश्चिम बंगाल (राज्य क्षेत्र अंतरण) अधिनियम 1956 के द्वारा पूर्णिया और मानभूम जिले के कुछ इलाके पश्चिम बंगाल को दिये गये थे।
त्रिवेणी नहर में किस नदी से पानी आता है?
- सोन
- कोसी
- गंडक
- मयूराक्षी
Explanation:
- गंगा की सहायक गण्डक नदी पर त्रिवेणी घाट स्थान पर बांध बनाया गया है, जहाँ से त्रिवेणी नहर निकाली गयी है। उल्लेखनीय है कि गंडक परियोजना भारत तथा नेपाल सरकार की संयुक्त परियोजना है। इसके लिए भारत तथा नेपाल सरकार के बीच 1959 ई. में समझौता सम्पन्न हुआ तथा 1960 ई. में कार्य प्रारम्भ किया गया।
पुराना बिहार का कितना प्रतिशत जमीन लेकर झारखण्ड राज्य बना है-
- 38.40 प्रतिशत
- 45.85 प्रतिशत
- 42.35 प्रतिशत
- 51.72 प्रतिशत
Explanation:
- झारखण्ड राज्य बनने से पूर्व बिहार का क्षेत्रफल 173877 वर्ग किमी. था। बिहार के 79714 वर्ग किमी. से 15 नवम्बर, 2000 को एक नवीन राज्य झारखण्ड सृजित हुआ जो सम्पूर्ण बिहार के भू-भाग का लगभग 45.85 प्रतिशत था। वर्तमान में बिहार का कुल क्षेत्रफल 94163 वर्ग किमी. है।
सारण (Saran) सिंचाई नहर निकलती है-
- सोन से
- गंगा से
- कोसी से
- गंडक से
Explanation:
- गंगा की सहायक गण्डक नदी पर त्रिवेणी घाट नामक स्थान पर बांध बनाया गया है। इसके पूर्वी किनारे से तिरहुत नहर एवं पश्चिमी किनारे से सारन नहर निकाली गयी है। इनसे सारन, चम्पारन, मुजफ्फरपुर व दरभंगा जिलों में लगभग 10 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है।
पूर्व में ‘बंगाल का दुख’ (Sorrow of Bengal) कही जाने वाली बिहार से उद्गम होने वाली नदी है-
- बराकर
- दामोदर
- मयूराक्षी
- सुवर्णरखा
Explanation:
- दामोदर नदी का उद्गम झारखण्ड के छोटा नागपुर पठार के टोरी नामक स्थान से हुआ है, जो बंगाल के बाढ़-विनाश के लिए जानी जाती है। इसलिए इसे ‘बंगाल का शोक’ कहते हैं।
बिहार की सुमेश्वर श्रेणी है-
- पारसनाथ पहाड़ी से पुरानी
- राजमहल की पहाड़ी से पुरानी
- खड़गपुर पहाड़ी से पुरानी
- इन सबों से नयी
Explanation:
- बिहार की सुमेश्वर श्रेणी चम्पारण जिले में स्थित नवीन पर्वत श्रेणी हैं तथा यह बिहार और नेपाल के बीच सीमा रेखा का काम करती है। इसकी अधिकतम ऊँचाई 875 मीटर है। खड़गपुर पहाड़ियों बिहार के मुंगेर जिले में स्थित हैं। झारखंड की सबसे ऊँची पहाड़ी पारसनाथ पहाड़ी गिरिडीह जिले में स्थित है। राजमहल की पहाड़ियां झारखंड राज्य के साहेबगंज जिले में स्थित हैं। बिहार की सुमेश्वर श्रेणी का निर्माण प्लीस्टोसीन काल में हुआ है।
बिहार में दामोदर नदी प्रवाहित होती है-
- एक कार्स्ट प्रदेश में
- एक भ्रंश घाटी में
- एक कछारी क्षेत्र में
- इनमें से किसी में नहीं
Explanation:
- दामोदर नदी का उद्गम छोटा नागपुर पठार से ‘टोरी’ नामक स्थान से हुआ है। इसकी प्रमुख सहायक नदियां गढ़ी कोनार, जमुनिया, बाराकर आदि हैं। बाराकर से संगम के पश्चात् दामोदर एक विशाल नदी बन जाती है तथा इस नदी को ‘बंगाल का शोक’ कहा जाता था। बिहार के विभाजन के पश्चात् यह नदी अब झारखंड राज्य की सर्वप्रमुख नदी है। तेनुघाट बांध दामोदर नदी पर है जो रांची में स्थित है। यह भ्रंश घाटी छोटानागपुर पठार को दो भागों में बांटती है। यह एक भ्रंश घाटी से होकर प्रभावित होती है।
बिहार का तराई प्रदेश विस्तृत है –
- छोटा नागपुर के ऊपरी पठार के समानान्तर
- भारत-नेपाल सीमा के समानान्तर
- रोहतास पठार के पूर्वी पठार के समानान्तर
- राजमहल पहाड़ियों की पश्चिमी सीमा के समानान्तर
Explanation:
- बिहार में तराई प्रदेश का विस्तार पश्चिम तथा उत्तर पूर्वी सीमा तक है। इस प्रदेश में औसत वर्षा 150-200 सेमी. तक होने के कारण घने वन एवं दलदली क्षेत्र का विकास हुआ है। उत्तरी-पूर्वी तराई प्रदेश में अररिया और किशनगंज जिले में फैला हुआ है। यह बिहार का सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र है।
निम्नलिखित नदियों में कौन बिहार में गंगा से मिलती है? 1. गण्डक 2. सोन 3. घाघरा 4. पुनपुन . अपने उत्तर का चयन निम्नांकित कूटों से करें –
- 1, 2, 3, 4
- 1, 2, 4
- 1, 3, 4
- 2, 4
Explanation:
- गण्डक नदी गंडक नदी उत्तर पश्चिमी बिहार की एक प्रमुख नदी है। यह नेपाल एवं बिहार में प्रवाहित होती है। इस नदी को नेपाल में सालीग्ग्रम और मैदानी भाग में नारायणी और सप्तमण्डल कहते हैं। यह वाल्मीकी नगर में बिहार में प्रवेश करती है। गंगा में यह पटना के पास मिलती है। यह बिहार की सर्वाधिक तीव्र जलधारा वाली नदी हैं। सोन नदी मध्य प्रदेश के अमरकंटक नामक स्थल से निकलती है तथा पटना के निकट गंगा में मिल जाती है। यह बिहार में बहने वाली गंगा की दक्षिणी सहायक नदियों में सबसे लम्बी (760 किमी.) सहायक नदी है। पुनपुन नदी दक्षिणी बिहार की दूसरी प्रधान नदी है जो पलामू की चौराहा पहाड़ी से निकलती है तथा पटना के निकट फतुहा में गंगा में आकर मिल जाती है। घाघरा नदी जिसे सरयू नदी भी कहा जाता हैं। इसका उद्गम स्थान नाम्पा (नेपाल) में है। उ.प्र. के मैदानी भागों मे तीव्र गति से बहते हुए सारण जिले के समीप बिहार में प्रवेश करते हुए छपरा के निकट गंगा मे समाहित होती है।
छोटा नागपुर का पठार –
- एक अग्रगभीर है
- एक गर्त है
- एक पदस्थली है
- एक समप्राय भूमि है
Explanation:
- छोटा नागपुर पठार एक समप्राय भूमि है। बिहार के मैदानी क्षेत्र के ठीक दक्षिण में 150 मीटर की समोच्च रेखा से छोटा नागपुर के पठार का आरम्भ है। रोहतास की कैमूर पहाड़ी के अलावा वह समस्त क्षेत्र छोटानागपुर पठार के अन्तर्गत आ जाता है। उत्तर-पूर्वी भारत की ओर फैले प्रायद्वीपीय भारत का यह एक हिस्सा है।
