science
मानव शरीर का सबसे कठोर भाग है? HSSC Patwari 2016
- अस्थि
- नाखून
- डेन्टीन
- इनमल
Explanation:
- इनमल (Enamel): यह दाँत की सबसे ऊपरी परत है और मानव शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। यह मुख्य रूप से कैल्शियम फॉस्फेट (हाइड्रॉक्सीपैटाइट) से बना होता है।
- डेन्टीन: यह इनमल के नीचे की परत होती है जो दाँत के मुख्य भाग को बनाती है। दाँत को पीला रंग देता है।
- पल्प (Pulp / Pulp Cavity)
- दाँत का सबसे अंदरूनी भाग।
- इसमें रक्त वाहिकाएँ और तंत्रिकाएँ (नसें) होती हैं।
- दर्द का मुख्य कारण यही भाग होता है।
- सीमेंटम (Cementum) : दाँत की जड़ (Root) को ढकने वाली परत। दाँत को जबड़े की हड्डी से जोड़ने में मदद करती है।
- नाखून (Nails)
- केराटिन (Keratin) नामक प्रोटीन से बने होते हैं।
- नाखून एपिडर्मिस (Epidermis) का परिवर्तित रूप होते हैं।
- नाखूनों में रक्त संचार (Blood supply) नहीं होता, इसलिए इन्हें काटने पर दर्द नहीं होता।
- नाखूनों की जड़ को नेल मैट्रिक्स (Nail Matrix) कहते हैं।
- औसतन नाखून लगभग 3 मिमी प्रति माह बढ़ते हैं।
हमारे शरीर में पित्त रस (Bile) कहाँ पैदा होता है? Here UP police constable 2009, UP police 18.06.2018
- यकृत
- तिल्ली
- अग्नाशय
- गुर्दा
Explanation:
- यकृत (Liver): पित्त रस का निर्माण यकृत में होता है।
- पित्ताशय (Gallbladder): यहाँ पित्त रस केवल जमा और गाढ़ा होता है, बनता नहीं है।
- पित्त रस
- रंग पीला-हरा (Yellowish green)
- क्षारीय (Alkaline) प्रकृति
- कोई पाचक एंजाइम (Digestive Enzyme) नहीं होता।
- वसा (Fat) के इमल्सीकरण (Emulsification) में सहायक होता है।
- बड़ी वसा बूंदों को छोटी बूंदों में तोड़ता है, जिससे लाइपेस एंजाइम आसानी से कार्य करता है।
- अम्लीय काइम (Acidic Chyme) को क्षारीय बनाता है।
- संघटन (Composition)
- पित्त लवण (Bile Salts)
- पित्त वर्णक (Bile Pigments)
- बिलीरुबिन (Bilirubin)
- बिलिवरडिन (Biliverdin)
- कोलेस्ट्रॉल
- जल (Water)
- बिलीरुबिन (Bilirubin)
- पीला (Yellow) पित्त वर्णक
- हीमोग्लोबिन (Hemoglobin)/ (RBC) के नष्ट होने पर /टूटने से बनता है।
- जल में अघुलनशील (Water insoluble) होता है।
- रक्त में यह एल्ब्यूमिन (Albumin) से जुड़कर यकृत (Liver) तक पहुँचता है।
- अधिक मात्रा में बिलीरुबिन होने से पीलिया (Jaundice) होता है।
- बिलिवरडिन (Biliverdin)
- हरा (Green) पित्त वर्णक / Bile Pigment है।
- यह हीमोग्लोबिन के विघटन का पहला उत्पाद है।
- बिलिवरडिन आगे चलकर बिलीरुबिन में परिवर्तित हो जाता है।
- चोट लगने पर त्वचा का हरा रंग → बिलिवरडिन के कारण।
वसीय पदार्थ ज्यादा खाने से होता है Bihar Police Constable (22.10 2017)
- मोटापा
- कमजोरी
- वजन में कमी
- ये सभी
Explanation:
- मोटापा: वसा (Fat) में ऊर्जा का घनत्व अधिक होता है। अत्यधिक वसा के सेवन से शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा चर्बी के रूप में जमा हो जाती है, जिससे मोटापा आता है।
- मोटापा: वसा (Fat) में ऊर्जा का घनत्व अधिक होता है। अत्यधिक वसा के सेवन से शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा चर्बी के रूप में जमा हो जाती है, जिससे मोटापा आता है।
- वसा (Fat)
- ऊर्जा देने वाला पोषक तत्व है।
- 1 ग्राम – 9 किलो कैलोरी ऊर्जा
- वसा का मुख्य घटक – CHO
- फैटी एसिड (Fatty Acid) और ग्लिसरॉल (Glycerol)
- जल में अघुलनशील
- ईथर, क्लोरोफॉर्म जैसे कार्बनिक विलायकों में घुलनशील
- शरीर को ठंड से बचाने (Thermal insulation) में मदद करती है।
- वसा आंतरिक अंगों की सुरक्षा (Cushioning) करती है।
- वसा कोशिकाओं को एडिपोसाइट (Adipocyte) कहा जाता है।
- वसा के प्रकार (Types of Fat)
- संतृप्त वसा (Saturated Fat)
- अधिक मात्रा में लेने से हृदय रोग का खतरा
- उदाहरण: घी, मक्खन
- असंतृप्त वसा (Unsaturated Fat)
- हृदय के लिए लाभदायक
- उदाहरण: सरसों का तेल, सूरजमुखी तेल
- ट्रांस फैट (Trans Fat)
- सबसे हानिकारक वसा
- उदाहरण: फास्ट फूड, बेकरी आइटम
- संतृप्त वसा (Saturated Fat)
- अधिक वसा सेवन के नुकसान
- मोटापा (Obesity)
- उच्च रक्तचाप (High BP)
- हृदय रोग (Heart Disease)
- सबसे अधिक ऊर्जा देने वाला पोषक तत्व → वसा
- वसा-घुलनशील विटामिन → A, D, E, K
मानव पित्त (Bile) जो एक पीले हरे रंग का तरल है, इसकी प्रति- Bihar police 31.7.2016
- अम्लीय है
- तटस्थ है
- क्षारीय है
- इनमें से कोई नहीं
Explanation:
- क्षारीय (Alkaline): पित्त रस का pH मान लगभग 7.7 से 8.6 के बीच होता है, जो इसे क्षारीय बनाता है। यह आमाशय से आए अम्लीय भोजन को उदासीन (Neutral) करने में मदद करता है।
अम्लीय जठर रस किसके द्वारा सावित होता है? Bihar police Constable (8.3.2020)
- मुख गुहा
- अग्न्याशय
- मलाशय
- आमाशय
Explanation:
- आमाशय: पेट की दीवारों में मौजूद जठर ग्रंथियाँ जठर रस (Gastric Juice) स्रावित करती हैं, जिसमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा पाचक रस नहीं बनाता है? ( Industry Inspector Exam – 24.06.2018)
- आमाशय
- मूत्राशय
- यकृत
- अग्न्याशय
Explanation:
- मूत्राशय (Urinary Bladder): यह उत्सर्जन तंत्र का हिस्सा है और मूत्र को जमा करने का कार्य करता है। इसका पाचन से कोई संबंध नहीं है।
- यकृत और अग्न्याशय: ये पाचन के लिए महत्वपूर्ण ग्रंथियां हैं।
किसके स्त्रावण में एन्जाइम होते हैं- (P.S.I., 1996)
- लार ग्रन्थियाँ
- सिबेशियम ग्रन्थियाँ
- पसीने की ग्रन्थियाँ
- लीमफ नोड
Explanation:
- लार ग्रन्थियाँ: लार में टायलिन (एमाइलेज) नामक एंजाइम होता है जो स्टार्च का पाचन शुरू करता है।
- पसीने की ग्रंथियां: ये केवल जल और लवणों का उत्सर्जन करती हैं।
- लार ग्रन्थियाँ (Salivary Glands)
- ये बहिःस्रावी (Exocrine) ग्रन्थियाँ होती हैं।
- लार (Saliva) का स्राव करती हैं।
- लार में एमाइलेज (Ptyalin) एंज़ाइम पाया जाता है।
- भोजन में उपस्थित स्टार्च का पाचन शुरू करती हैं।
- मुख्य तीन प्रकार:
- पैरोटिड (Parotid)
- सबमैन्डिबुलर (Submandibular)
- सबलिंगुअल (Sublingual)
- सिबेशियम ग्रन्थियाँ (Sebaceous Glands)
- त्वचा में पाई जाने वाली तेल ग्रन्थियाँ।
- सीबम (Sebum) का स्राव करती हैं।
- सीबम त्वचा और बालों को नरम व चिकना बनाता है।
- हथेली और तलवे में नहीं पाई जातीं।
- अत्यधिक सक्रिय होने पर मुंहासे (Acne) होते हैं।
- पसीने की ग्रन्थियाँ (Sweat Glands)
- त्वचा में स्थित बहिःस्रावी ग्रन्थियाँ।
- पसीने (Sweat) का स्राव करती हैं।
- शरीर के तापमान को नियंत्रित करती हैं।
- पसीने में मुख्यतः जल, नमक और यूरिया होता है।
- दो प्रकार की होती हैं:
- एक्राइन (Eccrine)
- एपोक्राइन (Apocrine)
- अधिकतर हथेली, तलवे, बगल में पाई जाती हैं।
- लीम्फ नोड (Lymph Nodes)
- ये प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) का भाग हैं।
- लिम्फ (Lymph) को छानने (Filter) का कार्य करते हैं।
- रोगाणुओं और विषैले पदार्थों को नष्ट करते हैं।
- इनमें लिम्फोसाइट्स (WBCs) पाए जाते हैं।
- संक्रमण में ये सूज जाते हैं।
- गर्दन, बगल और जांघ में अधिक संख्या में पाए जाते हैं।
इन्सुलिन हार्मोन परिवर्तित करता है? Raj. IInd Gr. Teacher Science 2010
- वसा को ग्लूकोज में
- प्रोटीन को ग्लूकोज में
- ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में
- ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में
Explanation:
- इन्सुलिन: यह अग्न्याशय द्वारा स्रावित होता है। यह रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित करता है और अतिरिक्त ग्लूकोज को यकृत में ग्लाइकोजन के रूप में संचित करता है।
- इन्सुलिन (Insulin)
- एक प्रोटीन हार्मोन (Protein Hormone) है।
- स्राव – अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ (Islets of Langerhans) से
- विशेष रूप से β-कोशिकाएँ (Beta cells) इन्सुलिन बनाती हैं।
- मुख्य कार्य – रक्त में ग्लूकोज़ (Blood Sugar) का स्तर कम करना
- इन्सुलिन की कमी से – मधुमेह (Diabetes Mellitus) रोग
- मधुमेह में रोगी के रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।
- इन्सुलिन को कभी-कभी “Antidiabetic Hormone” भी कहा जाता है।
- इन्सुलिन की खोज – 1921 में
- खोजकर्ता: Frederick Banting और Charles Best
- सर्वप्रथम इन्सुलिन कुत्ते (Dog) के अग्न्याशय से निकाला गया था।
- इसे इंजेक्शन (Injection) के रूप में दिया जाता है, क्योंकि यह मुँह से लेने पर नष्ट हो जाता है।
पित्तरस का कार्य क्या है? Bihar police 19.10.2014
- प्रोटीन का पाचन
- वसा का एमल्सीकरण
- कार्बोहाइड्रेट का पाचन
- उपर्युक्त में सभी
Explanation:
- एमल्सीकरण (Emulsification): पित्त लवण वसा की बड़ी बूंदों को छोटी बूंदों में तोड़ देते हैं ताकि एंजाइम उन पर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
पेप्सीन एन्जाइम किस माध्यम में क्रियाशील रहता है? Raj. IInd Gr. Teacher Science 2010
- क्षारीय
- अम्लीय
- उदासीन
- लवणीय
Explanation:
- अम्लीय: पेप्सीन आमाशय में पाया जाता है और यह केवल HCl की उपस्थिति में (अम्लीय माध्यम में) ही सक्रिय होकर प्रोटीन को तोड़ता है।
- पेप्सीन (Pepsin)
- एक प्रोटीन-पाचक एन्जाइम (Protein Digesting Enzyme) है।
- स्राव स्थान (Secretion): आमाशय (Stomach)
- स्रावित करने वाली ग्रंथि: गैस्ट्रिक ग्रंथियाँ (Gastric Glands)
- निष्क्रिय रूप: पेप्सिनोजन (Pepsinogen)
- सक्रिय करने वाला माध्यम: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)
- क्षारीय माध्यम में: निष्क्रिय हो जाता है
- सक्रिय pH: अत्यधिक अम्लीय (pH 1.5 – 2)
- मुख्य कार्य: प्रोटीन को पेप्टोन / पेप्टाइड में तोड़ना
- शिशुओं में: रेनिन (Rennin) दूध पाचन में सहायक
- खोज: थियोडोर श्वान (Theodor Schwann)
- खोज वर्ष: 1836
- प्रोटीन पाचन की शुरुआत पेप्सीन से होती है
एंजाइम मदद करता है- Bihar Police 19.10.2014
- श्वसन क्रिया में
- भोजन पचाने में
- इम्यून तंत्र में
- प्रजनन में
Explanation:
- जैव उत्प्रेरक (Bio-catalyst): एंजाइम जटिल भोजन के अणुओं को सरल अणुओं में तोड़ने की रासायनिक क्रिया को तेज करते हैं।
- एन्जाइम (Enzyme)
- जैव उत्प्रेरक (Biological Catalyst) होते हैं।
- प्रकृति – प्रोटीन (Protein) होते हैं।
- कोशिकाओं में होने वाली रासायनिक क्रियाओं की गति बढ़ाते हैं।
- क्रिया के बाद स्वयं अपरिवर्तित रहते हैं।
- प्रत्येक एन्जाइम विशिष्ट (Specific) होता है – एक एन्जाइम, एक सब्सट्रेट।
- सब्सट्रेट (Substrate) = जिस पदार्थ पर एन्जाइम क्रिया करता है।
- अधिकांश एन्जाइम 37°C पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं।
- अधिक तापमान पर डिनैचुरेशन (Denaturation) हो जाता है।
- एन्जाइम pH के प्रति संवेदनशील होते हैं।
- पेप्सिन (Pepsin) – अम्लीय माध्यम में सक्रिय।
- ट्रिप्सिन (Trypsin) – क्षारीय माध्यम में सक्रिय।
- एन्जाइम की कमी से चयापचय (Metabolism) प्रभावित होता है।
- एन्जाइम का नाम सामान्यतः “-ase” से समाप्त होता है।
- एन्जाइम जीवित कोशिकाओं द्वारा निर्मित होते हैं।
- एन्जाइम ऊर्जा की आवश्यकता नहीं बढ़ाते, केवल सक्रियण ऊर्जा घटाते हैं।
प्रोटीन पाचक एन्जाइम है? Raj. HInd Gr. Teacher Science 2010
- ट्रिप्सिन
- इमाइलेप्सीन
- लाइपेज
- एमिलेस
Explanation:
- ट्रिप्सिन (Trypsin)
- एक प्रोटीन एंजाइम (Proteolytic Enzyme) है।
- स्राव – अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा किया जाता है।
- मुख्य कार्य – प्रोटीन को छोटे पेप्टाइड्स में तोड़ना
- सक्रिय रूप – ट्रिप्सिनोजन (Trypsinogen), जिसे एंटरोकिनेस (Enterokinase) सक्रिय करता है।
- इमाइलेप्सीन (Emilase / Protease Variant)
- प्रोटीन पाचन एंजाइम (Protein Digesting Enzyme) है।
- स्राव – अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा किया जाता है।
- मुख्य कार्य – प्रोटीन को छोटे अमीनो एसिड में तोड़ना
- लाइपेज (Lipase)
- फैट डाइजेस्टिंग एंजाइम (Fat Digesting Enzyme) है।
- स्राव – अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा किया जाता है।
- मुख्य कार्य – ट्राइग्लिसराइड्स को ग्लिसरॉल और फैटी एसिड में तोड़ना
- सहायक – पित्त (Bile) फैट को इमल्सिफाई करता है।
- एमिलेस (Amylase)
- कार्बोहाइड्रेट डाइजेस्टिंग एंजाइम (Carbohydrate Digesting Enzyme) है।
- स्राव – लार ग्रंथियाँ (Salivary Glands) और अग्न्याशय (Pancreas)
- मुख्य कार्य – स्टार्च (Starch) को मॉल्टोज़ (Maltose) में बदलना
- प्रकार – सालिवरी अमिलेस (Salivary Amylase), पैनक्रियाटिक अमिलेस (Pancreatic Amylase)
भोजन का पाचन सामान्य रूप से….. में होता है।Bihar Police 19.10.2014
- यकृत
- जठर (stomach)
- छोटी आँत
- बड़ी आँत
Explanation:
- छोटी आँत (Small Intestine)
- लम्बाई – लगभग 6-7 मीटर
- भाग – 3 हिस्से
- डुओडेनम (Duodenum) – 25-30 cm, पित्त और अग्न्याशय रस मिलते हैं
- जेजुनम (Jejunum) – लगभग 2.5 मीटर, पोषक तत्वों का मुख्य अवशोषण
- इलियम (Ileum) – लगभग 3.5 मीटर, विटामिन B12 और पित्त लवण का अवशोषण
- मुख्य कार्य – पोषक तत्वों (Nutrients) का अवशोषण (Absorption)
- संरचना
- अंदर की सतह पर विली (Villi) और माइक्रोविली (Microvilli) होती हैं, जिससे सतह क्षेत्र बढ़ता है
- अंत में Lacteals – वसा (Fat) अवशोषित करने के लिए
- स्राव (Secretions) – एंजाइम जैसे Amylase, Lipase, Protease
- Hormones – Secretin, Cholecystokinin (CCK)
- रक्त आपूर्ति – Superior mesenteric artery
- न्यूरल नियंत्रण – Enteric nervous system
- रोग – Coeliac disease, Crohn’s disease, Small intestine cancer
पाचन तंत्र का हिस्सा नहीं है? ITI 2001
- यकृत
- पित्ताशय
- कॉर्निया
- आंत
Explanation:
- कॉर्निया (Cornea)
- आँख का (Transparent) हिस्सा है ।
- स्थान (Location) – आँख के आगे का भाग
- मुख्य कार्य (Function)
- प्रकाश को आँख में प्रवेश देना
- दृष्टि में फोकस करना (Focus light onto retina)
- संरचना (Structure)
- पांच परतें (Five layers) – Epithelium, Bowman’s layer, Stroma, Descemet’s membrane, Endothelium
- रक्त वाहिकाएँ नहीं होती (Avascular) सर्जरी में उपयोग – Corneal transplant संभव है
पाश्चुरीकरण है एक- Haryana Police Constable (IRB) 2018
- निम्न ताप उपचार
- भाप उपचार
- उच्च ताप उपचार
- निम्न और उच्च ताप उपचार
Explanation:
- पाश्चुरीकरण (Pasteurization)
- परिभाषा (Definition) – भोजन या पेय में हानिकारक सूक्ष्मजीव (Harmful Microorganisms) को कम करने की प्रक्रिया।
- प्रक्रिया का नाम – Louis Pasteur के नाम पर।
- मुख्य उद्देश्य – दूध जैसी वस्तुओं को सुरक्षित (Safe) बनाना और अल्पकालिक भंडारण (Short-term preservation) सुनिश्चित करना।
- तापमान और समय
- सामान्य: 63°C पर 30 मिनट (Low Temperature Long Time – LTLT)
- त्वरित: 72°C पर 15 सेकंड (High Temperature Short Time – HTST)
- उपयोग (Uses) – दूध, दही, जूस, शराब, बीयर आदि।
- लाभ (Benefits)
- हानिकारक बैक्टीरिया को मारता है।
- स्वाद और पोषण लगभग सुरक्षित रहता है।
- प्रथम प्रयोग – 1864 में Louis Pasteur ने किया।
लसीका ———- से पचा हुआ तथा अवशोषित वसा का वहन करती है। SSC CHSL 06 March 2018
- फेफड़ों
- क्षुद्रांत्र
- अमाशय
- वृक्क
Explanation:
- क्षुद्रांत्र: छोटी आँत में विली के अंदर स्थित लैक्टियल (Lacteal) नलिकाएं वसा को अवशोषित करती हैं और लसीका के माध्यम से शरीर के अंगों तक पहुँचाती हैं।
- फेफड़े (Lungs)
- मुख्य कार्य – गैस विनिमय (Gas Exchange)
- स्थान – छाती का कक्ष (Thoracic Cavity)
- संरचना – एवियोली (Alveoli) में O₂ और CO₂ का आदान-प्रदान
- फेफड़ों की रक्षा – म्यूकोसिलियरी क्लियरेंस (Mucociliary Clearance)
- रक्त से CO₂ निकालता है और O₂ प्रदान करता है
- दो भाग – दाएँ फेफड़े (Right Lung) – 3 लोब, बाएँ फेफड़े (Left Lung) – 2 लोब
- क्षुद्रांत्र (Small Intestine)
- मुख्य कार्य – पोषक तत्वों (Nutrients) का अवशोषण
- लंबाई – लगभग 6 मीटर
- भाग – डुओडेनम (Duodenum), जीजुनम (Jejunum), इलियम (Ileum)
- अवशोषण की सतह बढ़ाने के लिए विल्ली (Villi) और माइक्रोविल्ली (Microvilli)
- अमाशय (Stomach)
- मुख्य कार्य – खाद्य का पाचन (Food Digestion)
- अम्ल – हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl)
- एंजाइम – पेप्सिन (Pepsin) – प्रोटीन पचाता है
- स्राव – पेट की ग्रंथियाँ (Gastric Glands)
- सुरक्षा – म्यूकस (Mucus) पेट की दीवार को HCl से बचाता है
- वृक्क (Kidney)
- मुख्य कार्य – रक्त से अपशिष्ट (Excretion) निकालना
- स्थान – पीठ के दोनों तरफ (Retroperitoneal)
- संरचना – नेफ्रॉन (Nephron) – मूत्र निर्माण की मूल इकाई
- स्राव – मूत्र (Urine)
- हॉर्मोन – एरिथ्रोपोइटिन (Erythropoietin) – लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण
अग्न्याशयिक रस को अपनी क्रिया के लिए किस माध्यम की आवश्यकता होती है ? SSC CHSL 07 March 2018
- अम्लीय
- क्षारिय
- न्यूट्रल
- सभी विकल्प सही है।
Explanation:
- अग्न्याशयिक रस (Pancreatic Juice)
- स्राव – अग्न्याशय (Pancreas) की एसीनस कोशिकाएँ (Acinar cells) से।
- रंग – हल्का पीला (Light Yellow), प्रवाह – स्रावक (Alkaline)
- मुख्य घटक – पानी (Water), इलेक्ट्रोलाइट्स (Electrolytes), एंजाइम्स (Enzymes)
- पाचन एंजाइम्स (Digestive Enzymes) – अग्न्याशय से
- (Amylase)
- कार्बोहाइड्रेट (Starch) → माल्टोज़ (Maltose)
- सक्रिय क्षेत्र – छोटा आँत (Small Intestine)
- ट्रिप्सिन (Trypsin)
- प्रोटीन (Protein) → पेप्टाइड्स (Peptides)
- सक्रिय रूप – ट्रिप्सिनोजेन (Trypsinogen), सक्रिय – small intestine में
- कीमोट्रिप्सिन (Chymotrypsin)
- प्रोटीन → छोटे पेप्टाइड्स
- लिपेज़ (Lipase)
- वसा (Fats) → ग्लिसरॉल + फैटी एसिड्स
- सक्रिय क्षेत्र – छोटा आँत (Small Intestine)
- न्यूक्लिएस (Nuclease)
- DNA/RNA → न्यूक्लियोटाइड्स
- (Amylase)
- अग्न्याशयिक रस का pH लगभग 8.0 (Alkaline) होता है।
- एंजाइम्स छोटे आँत (Small Intestine) में ही सक्रिय होते हैं।
- ट्रिप्सिनोजेन और कीमोट्रिप्सिनोजेन सक्रिय होने से पहले हानिरहित (Inactive) रहते हैं।
- अग्न्याशय का स्राव दिन में 1.5-2 लीटर तक होता है।
मानव आमाशय में उत्पन्न होने वाला निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल, भोजन के पाचन में सहायक होता है ? Delhi Police Constable (Executive) 11.12.2020
- सल्फ्यूरिक अम्ल
- नाइट्रिक अम्ल
- टार्टरिक अम्ल
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Explanation:
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Hydrochloric Acid – HCl)
- प्रकार: स्रावित अम्ल (Secretion Acid)
- स्राव – आमाशय (Stomach) की पार्श्वकोशिकाएँ (Parietal cells) से होता है।
- मुख्य कार्य:
- भोजन को एसिडिक (Acidic) बनाना
- प्रोटीन (Protein) पाचन के लिए एंज़ाइम पेप्सिन (Pepsin) सक्रिय करना
- रोगाणु नाश (Pathogen Killing)
- उत्पत्ति – पार्श्वकोशिकाओं (Parietal Cells) में H+ और Cl– का स्राव
- संकेतक हार्मोन – गैस्ट्रिन (Gastrin) अम्ल स्राव बढ़ाता है।
- अत्यधिक अम्ल – अम्ल अधिकता (Hyperacidity), अम्लपित्त (Acidity)
- सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄)
- प्रकार: खारा (Strong Acid), खतरनाक अभिक्रियाशील (Highly Reactive)
- रासायनिक गुण: ताप एवं जल अवशोषक (Hygroscopic), अक्सीकारक (Oxidizing) सामर्थ्य
- उद्योग में प्रयोग: उर्वरक (Fertilizer), बैटरी (Battery Acid), डिटर्जेंट (Detergent)
- खतरनाक: त्वचा और धातु को क्षति पहुँचाता है
- नाइट्रिक अम्ल (HNO₃)
- प्रकार: मजबूत ऑक्सीकारक अम्ल (Strong Oxidizing Acid)
- उद्योग में प्रयोग: उर्वरक (Fertilizer – Ammonium Nitrate), विस्फोटक (Explosives – TNT), धातु पर नक्काशी (Metal Etching)
- टार्टरिक अम्ल (C₄H₆O₆)
- प्रकृति: कार्बोक्सिलिक अम्ल (Organic Acid)
- स्रोत: अंगूर (Grapes) और अन्य फलों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है
अमाशय से भोजन का निकास एक पेशी द्वारा नियंत्रित किया जाता है। SSC CHSL 12 March 2018
- हृदय संबंधी
- अवरोधिनी
- कंकालीय
- कोई विकल्प सही नहीं है
Explanation:
- अवरोधिनी (Sphincter)/पाइलोरिक स्फिंक्टर: यह पेशी आमाशय और छोटी आँत के बीच होती है, जो भोजन को नियंत्रित मात्रा में आगे जाने देती है।
हमारी आंतों में पाया जाने वाला बैक्टीरिया कौन सा है जो हमें खाना पचाने में मदद करता है? SSC GD Constable, 01/03/2019
- लेक्टोबेसिल्लुस एसिडोफिलस
- स्टेफिलोकोकस ऑरियस
- क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम
- कैंपाइलोबैक्टर जेजुनी
Explanation:
- प्रोबायोटिक: यह एक ‘मित्र बैक्टीरिया’ है जो भोजन के पाचन में और हानिकारक बैक्टीरिया को रोकने में मदद करता है।
- लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus)- छोटी आंत (Small Intestine) और बड़ी आंत (Large Intestine)
- मुख्य कार्य:
- पाचन प्रक्रिया (Digestion) में सहायता
- विटामिन K और B उत्पादन (Vitamin K & B Synthesis)
- खराब बैक्टीरिया को रोकना (Inhibits Pathogens)
- मुख्य कार्य:
- बिफीडोबैक्टीरिया (Bifidobacterium) – बड़ी आंत (Large Intestine)
- मुख्य कार्य:
- फाइबर पाचन (Fiber Digestion)
- मुख्य कार्य:
- एस्चेरिचिया कोली (Escherichia coli – E. coli) – बड़ी आंत (Large Intestine)
- मुख्य कार्य:
- विटामिन K उत्पादन (Vitamin K Production)
- पाचन में सहायता (Assists Digestion)
- मुख्य कार्य:
- एंटरोकोकस (Enterococcus) – बड़ी आंत (Large Intestine)
- क्लोस्ट्रिडियम (Clostridium)- बड़ी आंत (Large Intestine)
छोटी आँत की भीतरी दीवारों (आंतरिक भित्ति) में हजारों अंगुलियों के आकार की अधोसंरचनाएं पाई जाती हैं- SSC CHSL, 14.10.2020
- लंप्स (Lumps )
- विली (Villi)
- बिनाइन (Benign)
- मायोमॉस (Myomas)
Explanation:
- विली (Villi): ये छोटी आँत के सतही क्षेत्रफल को बढ़ाते हैं ताकि पचा हुआ भोजन अधिक मात्रा में और जल्दी अवशोषित हो सके।
आहार नाल एक लम्बी नली है, जो …………….. विस्तरित है। SSC CHSL 11 March 2018
- मुँह से गुदा तक
- मुँह से अमाशय तक
- अमाशय से बड़ी आँत तक
- छोटी आँत से गुदा तक
Explanation:
- आहार नाल (Alimentary Canal): यह मुख गुहा से शुरू होकर अन्नप्रणाली, आमाशय, छोटी आँत, बड़ी आँत और अंत में गुदा (Anus) तक फैली होती है।
पाचन तंत्र में वसा का पायसीकरण (मिश्रण ) किसके द्वारा किया जाता है ? SSC GD Constable Exam – 2012
- लाइपेस
- सह – एन्जाइम
- पित लवण (बाइल साल्ट )
- ग्लिसरॉल
Explanation:
- पित्त लवण: यकृत द्वारा बनाए गए पित्त में ‘पित्त लवण’ होते हैं जो वसा की बड़ी बूंदों को छोटी बूंदों में बदलते हैं। (नोट: लाइपेस वसा का रासायनिक पाचन करता है, जबकि पायसीकरण पित्त लवण करते हैं।)
पित्त रस द्वारा वसा की बड़ी गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में खंडित किया जाना निम्नलिखित में से किसके समान है ? SSC CHSL 13 March 2018
- साबुन का इमल्सीकरण
- एल्कोहल का एस्टरीकरण
- ग्लूकोज़ का किण्विन
- जल का यूट्रोफिकेशन
Explanation:
- साबुन की तरह क्रिया: जैसे साबुन कपड़ों से ग्रीस या तेल को छोटे टुकड़ों में तोड़कर हटाता है, ठीक वैसे ही पित्त लवण वसा को तोड़ते हैं।
जठर अम्ल …….द्वारा पेट में स्त्रावित होते हैं। SSC GD Constable, 08/03/2019
- पेप्टिक कोशिकाओं.
- गेस्ट्रिन स्त्रावी कोशिकाओं
- पार्श्विक कोशिकाओं
- अम्लीय कोशिकाओं
Explanation:
- पेरिएटल कोशिकाएं (Parietal cells): ये आमाशय की ग्रंथियों में मौजूद विशेष कोशिकाएं हैं जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्राव करती हैं।
——– का अस्तर छोटी उंगली की तरह बहिर्गत भाग से ढंका है जिसे विल्ली (Villi) कहा जाता है। SSC GD Constable, 08/03/2019
- छोटी आँत
- अग्न्याशय
- तिल्ली
- पेट
Explanation:
‘स्वादन’ से आशय निम्नलिखित में से किस से है? SSC CGL 07 September 2016
- सूंघने
- सुनने
- स्पर्श से
- स्वाद
Explanation:
मानव लार में लारदार ———– नामक एककिण्वक ( एंजाइम ) होता है जो श्वेतसार ( स्टार्च), जो एक मिश्रित अणु है, का शर्करा में विखंडन करता है- SSC CHSL, 19.10.2020
- प्रोटिएज
- पेप्टाइडेज
- एमाइलेज
- लाइपेज
Explanation:
हमारे पाचन तंत्र के किस भाग में वसा का पाचन होता है? SSC GD Constable, 07/03/2019
- छोटी आँत
- अग्न्याशय
- बड़ी आँत
- पेट
Explanation:
मवेशी जल्दी से घास निगल लेते हैं और इसे स्टोर करते हैं———–SSC CGL 09 August 2017
- प्रथम आमाशय
- भोजन- नलिका
- छोटी आंत
- लार ग्रंथिया
Explanation:
कौन से अंग पर अंगुली के समान उभरी हुई संरचनाएँ होती है, जिन्हें दीर्घरोम अथवा रसांकुर कहते है ? SSC CGL 08 August 2017
- बड़ी आँत
- छोटी आँत
- मूत्राशय
- पेट
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन मानव आमाशय का भाग नहीं है ? SSC (JE) 02 March 2017
- हृदय
- अंधनाल
- फंडिस
- जठरनिर्गमी
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन-सा एक अल्पविकसित अंग (Vestigial Organ) है ? SSC CGL 10 June 2019
- फेफड़े
- एपेन्डिक्स
- गुर्दा
- हृदय
Explanation:
युवा मानव शरीर में चवर्णक और अग्रचवर्णक का अनुपात ——– होता है। SSC (JE) 03 March 2017
- 2:3
- 3 : 2
- 1 : 1
- 2 : 1
Explanation:
दूध को दही में स्कंदित करने वाला एन्जाइम है-
- रेनिन
- पेप्सिन
- रेजिन
- सिट्रेट
Explanation:
एक वयस्क मनुष्य में कितने श्वदंत होते है? SSC CPO SI Exam. 2006
- 2
- 8
- 6
- 4
Explanation:
सिग्मारूपी बृहदांत्र किसका भाग है?
- बड़ी आँत
- क्षुद्रांत्र (इलियम)
- आत
- गुदा
Explanation:
दही बनाने में बैक्टीरिया सहायक होते हैं। SSC GD Constable, 15/02/2019
- लैक्टिक एसिड
- लैक्टोबैसिलस एसिडोफाइलस
- बैसिलस कोगुलैंस
- बाईफिडोबैक्टीरियम बिफीडम
Explanation:
खट्टे स्वाद के लिए कोशिकाएं जिह्वा के किस भाग में होती है? SSC CPO Exam. 2008
- अगले
- पिछले
- पार्श्व
- मध्य
Explanation:
ओडोन्टोलॉजी विज्ञान की एक शाखा है। उसका संबंध किसके अध्ययन के साथ है ?
- अस्थि
- काल प्रभवन
- दंत
- व्यक्तिवृत्त
Explanation:
भोजन को नली से होते हुए धकेलने के लिए नाल की मांशपेशियों के अस्तर के लयबद्ध संकुचन को…….कहते है।
- क्रमाकुंचन
- सरलीकरण
- बिंदुस्त्राव
- कोई विकल्प सही नहीं है
Explanation:
खट्टे दूध में होता है
- एसिटिक एसिड
- टार्टरिक एसिड
- सिट्रिक एसिड
- लैक्टिक एसिड
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन सा प्रोटीन पाचक एंजाइम, छोटी आंत में स्त्रावित होता है? Delhi Police Constable (Executive)
- पित्तरस (Bile)
- लाइपेज
- ट्रिप्सिन
- पाचक रस (Pepsin)
Explanation:
मानव शरीर के किस हिस्से में वसा का पूर्णतया पाचन होता है ? ‘SSC CHSL 06 March 2018
- छोटी आँत
- यकृत (लीवर)
- आमाशय (स्टमक)
- बड़ी आँत
Explanation:
भोजन को नली से होते हुए धकेलने के लिए नाल की मांशपेशियों के अस्तर के लयबद्ध संकुचन को ——— कहते हैं। SSC CHSL 04 March 2018
- क्रमाकुंचन
- सरलीकरण
- बिंदुस्त्राव
- कोई विकल्प सही नहीं है।
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन सा एक सक्रिय एंजाइम है ? SSC (JE) 04 March 2017
- ट्रिप्सिन
- ट्रिप्सिनोजन
- काइमोट्रिप्सिनोजन
- प्रोकार्बोक्सी पेप्टिडेस
Explanation:
आँत के भागों को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए ( भोजन जाने के क्रम में ) । SSC (JE) 03 March 2017
- ग्रहणी, अग्र क्षुद्रांत्र, क्षुद्रांत
- अग्र क्षुद्रांत्र, ग्रहणी, क्षुद्रांत
- क्षुद्रांत, अग्र क्षुद्रांत्र, ग्रहणी
- अग्र क्षुद्रांत्र, क्षुद्रांत, ग्रहणी
Explanation:
कोई विशिष्ट जैव रासायनिक अभिक्रिया प्रेरित करने क लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने वाले, किसी सजीव द्वारा उत्पादित पदार्थ को कहा जाता है ? Delhi Police Constable (Executive) 10 Dec. 2020- 3rd Shift
- ऊत्तक
- एंजाइम
- कोशिका
- प्रोटीन
Explanation:
आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पेप्सिनों के लिए उचित अम्लीय माध्यम पीएच तैयार करता है SSC (JE) 02 March 2017
- 3.8
- 1.8
- 5.8
- 7.8
Explanation:
आहार नाल (एलिमेंट्री कै नाल) की अवकाशिका (ल्यूमेन) की सबसे भीतरी परत …………. SSC (JE) 01 March 2017
- मस्कुलेरिस
- म्यूकोसा
- सिरोसा
- ल्यूमेन
Explanation:
निम्न में से किस पाचन अंग में, अम्ल होता है ? SSC CGL 30 August 2016
- अमाशय
- छोटी आँत
- एपेन्डिक्स
- कोलन
Explanation:
आहारनाल का सबसे लंबा भाग कौन सा है ? SSC CHSL 18 March 2018
- ग्रासनली
- क्षुद्रांत
- बृहद्रांत
- मुख-गुद्दा
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन सा/से यकृत से निकले पित्त रस का/के कार्य है/हैं ? SSC CHSL 17 March 2018
- अमाशय से आने वाले भोजन को क्षारीय बनाना ।
- प्रोटीन को अमीनों अम्ल में परिवर्तित करना ।
- III. वसा को छोटी-छोटी गोलियों में खंडित करना ।
- केवल I
- केवल II तथा III
- केवल I तथा III
- I, II तथा III सभी
Explanation:
मानवों में संवेदी ग्राही ——– का पता लगाते हैं ? SSC CHSL 14 March 2018
- स्वाद
- गंध
- स्पर्श
- सुनना
Explanation:
यदि उदर में किसी भी हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का उत्पादन न हो ते कौन-सा एंजाइम कार्य नहीं करेगा ? SSC MTS -21/09/2017
- टाइलिन
- रेनिन
- पेप्सिन
- लिपेस
Explanation:
कशेरूकी प्राणियों में, चिकनी अंतःप्रदव्ययी जलिका ( स्मूथ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम) बहुत सी दवाओं में का निर्विशीकरण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है? Delhi. Police Constable (Executive) 08.12.2020 3rd Shift
- मस्तिष्क
- छोटी आँत
- फेफडे
- यकृत
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है ? S.S.C. Stenographers (C&D) 12.11.2017
- पित्त का रस क्षारीय है ।
- आमाशय रस में HCl शामिल होता है।
- पित्त का रस यकृत से स्त्रावित होता है
- सभी विकल्प सही हैं ।
Explanation:
अधिकांश विषाक्त पदार्थों की विषाक्ततता दूर करने की प्रक्रिया (डिटोक्सीफिकेशन ) शरीर किस अंग में होती है ? S.S.C. Stenographers (C&D) 11.9.2017
- गुर्दा
- लीवर
- फेफड़ा
- आमाशय
Explanation:
पित्त कहाँ संग्रहित होता है ? SSC CPO 01 July 2017
- यकृत
- गुर्दा
- पित्ताशय
- तिल्ली
Explanation:
प्रोटीन किससे पचते है ? SSC GD Constable Exam – 2013
- प्रोटिएस
- ऐमिलेस
- लाइफ़ेस
- न्यूक्लियस
Explanation:
मवेशी या अन्य पशुधन का आहार है Agricultural Inspector 2017
- कृषक
- पुआल
- चारा
- पत्तियाँ
Explanation:
आहार नाल एक लंबी नली है, जो ———- विस्तरित है ।
- मुँह से अमाशय तक
- अमाशय से बड़ी आंत तक
- छोटी आंत से गुदा तक
- मुँह से गुदा तक
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन-सा एन्जाइम लार में पाया जाता है ? एस.एस.सी. ऑनलाइन स्टेनोग्राफर, 5 अगस्त, 2017 (1-पाली)
- लैक्टोज
- डाएस्टेज
- सुक्रोज
- टायलिन
Explanation:
एक वयस्क मानव के पास कितने ‘कैनाइन दांत’ होते हैं ? SSC CGL 10 June 2019
- 2
- 3
- 4
- 8
Explanation:
मानव शरीर के निम्नलिखित में से किस अंग में कार्बोहाइड्रेट को ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहित किया जाता है ? SSC CHSL 10 July 2019
- छोटी आँत
- पेट
- बड़ी आँत
- जिंगर
Explanation:
मानवों में स्वादेन्द्रियां ———– का पता लगाते हैं । एस.एस.सी. ऑनलाइन CHSL (T-1 ) 14 मार्च, 2018 (1-पाली)
- स्वाद
- गंध
- स्पर्श
- सुनना
Explanation:
मानव जठर में प्रोटीन पाचन के लिए उत्तरदायी अनुकूलतम परिवेश है- एस.एस.सी. स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2006
- क्षारीय
- अम्लीय
- उदासीन
- बेसिक
Explanation:
आहार में लवण का मुख्य उपयोग है? एस. एस. सी. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2011
- जल में भोजन के कणों की विलेयता को बढ़ाने से
- भोजन के पाचन के लिए अपेक्षित हाइड्रोक्लोरिक एसिड
- पकाने की प्रक्रिया को सरल बनाना
- भोजन के स्वाद बनाना
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन-सा अंग ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में बदलता है और रक्त को शुद्ध करता है? एस.एस.सी. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2012
- यकृत
- गुर्दा
- फेफडे
- तिल्ली
Explanation:
लसीका …… से पचा हुआ तथा अवशोषित वसा का वहन करती है। एस.एस.सी. ऑनलाइन CHSL (T-1) 6 मार्च, 2018 (1-पाली)
- फेफड़ों
- क्षुद्रांत्र
- अमाशय
- वृक्क
Explanation:
निम्न में से किस ग्रंथि में पित्त उत्पादित होता है ? SSC Online CPO SI (T-1) 1.7.2017 (2-पाली)
- यकृत
- ग्रर्दा
- पित्ताशय
- तिल्ली
Explanation:
निम्नलिखित में से कौन-सा लार (Saliva) का लाभ नहीं है SSC Stenographer Exam, 2010
- यह निगलने में मदद करती है
- यह शरीर में R. B. C. की वृद्धि करती है
- यह मुख तथा दांतों को साफ रखती है
- यह होठों तथा जिह्वा की गति को अनुकूल बनाकर बोलने में मदद करती है
Explanation:
कौन सी ग्रंथि पित्त, एक पाचन तरल पदार्थ, स्त्रावित करती है ? SSC CHSL 30 January 2017
- अग्न्याशय
- यकृत
- थायरॉइड
- टेस्टिस
Explanation:
वसा का पाचन करने वाला एंजाइम लाइपेज निम्नलिखित में से किसके द्वारा स्त्रावित होता है? SSC CHSL 24 January 2017
- गुर्दे
- अग्न्याशय
- बड़ी आंत
- जिगर
Explanation:
पशु प्रोटीन को प्रथम श्रेणी का प्रोटीन माना जाता है क्योंकि यह- एस.एस.सी. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier – 1 ) परीक्षा, 2015
- अनिवार्य अमीनो एसिड से भरपूर होता है।
- बाजार में सस्ता होता है ।
- सुपाच्य होता है ।
- खाने में स्वादिष्ट होता है।
Explanation:
128 – ट्रिप्सिन क्या करता है ? SSC CHSL 17 January 2017
- कार्बोहाइड्रेट का विघटन करता है।
- प्रोटीन का संश्लेषण करता है।
- वसा का विघटन करता है।
- प्रोटीन का विघटन करता है।
Explanation:
पोषण नाल के किस भाग में पित्त स्त्रावित होता है ? SSC (JE) 04 March 2017
- आमाशय
- ग्रहणी
- अग्र क्षुद्रांत्र
- क्षुद्रांत्र
Explanation:
कौन-सा भाग हाथी के गजदंत के रूप में बदलता है ? एस. एस. सी. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier – 1 ) परीक्षा, 2011
- रदनक
- अग्रचर्वण
- दूसरा कृतक
- चर्वण
Explanation:
——— उपस्थिति के कारण गाय के दूध का रंग पीला होता है ? SSC CPO Exam. 2006
- जैन्थोफिल
- राइबोलेबिन
- राइब्यूलोस
- कैरोटिन
Explanation:
अकल दात – SSC FCI Exam 2012
- पहली दात होती है
- दूसरी दात होती है
- तीसरी दात होती है
- चौथी दात होती है
Explanation:
हाथी के दांत का विशाल रूप में बढ़ा हुआ कौन-सा हिस्सा है ? SSC FCI Exam. 2012
- ऊपरी कृंतक (दंत)
- ऊपरी रदनक
- निचला रदनक
- निचला कृंतक
Explanation:
मुख से निकली लार पाचन करती है- एस. एस. सी. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) 2011
- प्रोटीन का
- वसा का
- मंड (स्टार्च का )
- विटामिनों का
Explanation:
पाचन तंत्र का सबसे लंबा भाग कौन सा है?
- अन्नप्रणाली (Esophagus)
- छोटी आंत (Small Intestine)
- बड़ी आंत (Large Intestine)
- आमाशय (Stomach)
Explanation:
- छोटी आंत मानव पाचन तंत्र का सबसे लंबा भाग है, जिसकी लंबाई लगभग 6-7 मीटर होती है।
- अन्नप्रणाली लगभग 25 cm लंबी होती है।
- बड़ी आंत की लंबाई लगभग 1.5 मीटर होती है।
- आमाशय एक थैलीनुमा संरचना है जो भोजन को संग्रहित करती है।
पित्त रस (Bile Juice) का निर्माण कहाँ होता है?
- अग्न्याशय (Pancreas)
- आमाशय (Stomach)
- यकृत (Liver)
- ग्रहणी (Duodenum)
Explanation:
- यकृत (Liver) शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है जो पित्त रस का निर्माण करती है।
- पित्त रस यकृत में बनकर पित्ताशय (Gall Bladder) में जमा होता है।
- अग्न्याशय अग्न्याशयिक रस का निर्माण करता है।
- पित्त रस वसा के पायसीकरण (Emulsification) में मदद करता है।
भोजन के पाचन की प्रक्रिया मुख्य रूप से कहाँ शुरू होती है?
- आमाशय (Stomach)
- ग्रहणी (Duodenum)
- मुख गुहा (Buccal Cavity)
- अन्नप्रणाली (Esophagus)
Explanation:
- मुख गुहा में भोजन की यांत्रिक पीसाई और लार (Saliva) द्वारा रासायनिक पाचन शुरू होता है।
- लार में उपस्थित टायलिन (Amylase) एंजाइम स्टार्च का पाचन शुरू करता है।
- आमाशय में प्रोटीन का पाचन शुरू होता है।
- अन्नप्रणाली केवल भोजन को आमाशय तक पहुँचाने का काम करती है।
अमाशय में भोजन का पाचन किसके द्वारा होता है?
- टायलिन एंजाइम
- पित्त रस
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं पेप्सिन
- अग्न्याशयिक रस
Explanation:
- आमाशय की दीवारों से हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है जो कि क्षारीय माध्यम को अम्लीय बनाता है।
- HCl, पेप्सिनोजन को सक्रिय पेप्सिन (Pepsin) एंजाइम में बदल देता है जो प्रोटीन का पाचन करता है।
- टायलिन एंजाइम मुख में स्रावित होता है।
- पित्त रस यकृत द्वारा स्रावित होता है।
‘पाचन तंत्र की सफाई व्यवस्था’ किस अंग को कहा जाता है?
- यकृत (Liver)
- आमाशय (Stomach)
- बड़ी आंत (Large Intestine)
- अग्न्याशय (Pancreas)
Explanation:
- बड़ी आंत का मुख्य कार्य पानी, खनिज लवणों और दवाओं का अवशोषण तथा अपशिष्ट पदार्थों का संग्रह करना है।
- यह अनपचे भोजन से जल का पुन: अवशोषण करके मल को ठोस बनाती है, इसीलिए इसे पाचन तंत्र की सफाई व्यवस्था कहते हैं।
- यकृत शरीर की रसायन प्रयोगशाला है।
- अग्न्याशय एंजाइम्स और हार्मोन्स का स्राव करता है।
अग्न्याशय (Pancreas) से स्रावित होने वाला हार्मोन कौन सा है?
- थाइरॉक्सिन (Thyroxine)
- एड्रिनलिन (Adrenaline)
- इंसुलिन (Insulin)
- एस्ट्रोजन (Estrogen)
Explanation:
- अग्न्याशय एक मिश्रित ग्रंथि है जो अग्न्याशयिक रस (एंजाइम्स) और हार्मोन दोनों स्रावित करता है।
- अग्न्याशय के आइलेट्स ऑफ लैंगरहैंस से इंसुलिन और ग्लूकागन हार्मोन स्रावित होते हैं।
- इंसुलिन रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है।
- थाइरॉक्सिन थाइरॉयड ग्रंथि से स्रावित होता है।
भोजन नलिका (Alimentary Canal) की सबसे भीतरी परत कौन सी है?
- सबम्यूकोसा (Sub-mucosa)
- मस्कुलरिस (Muscularis)
- सीरोसा (Serosa)
- म्यूकोसा (Mucosa)
Explanation:
- भोजन नलिका की दीवार चार परतों की बनी होती है।
- सबसे भीतरी परत म्यूकोसा (Mucosa) होती है, जो श्लेष्मा (Mucus) का स्राव करती है और अवशोषण का कार्य करती है।
- इसके बाद क्रमश: सबम्यूकोसा, मस्कुलरिस और सबसे बाहरी परत सीरोसा होती है।
वसा (Fats) के पाचन में सहायक एंजाइम कौन सा है?
- एमाइलेज (Amylase)
- ट्रिप्सिन (Trypsin)
- लाइपेज (Lipase)
- पेप्सिन (Pepsin)
Explanation:
- लाइपेज (Lipase) एंजाइम वसा (लिपिड) का पाचन करके उन्हें फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में तोड़ता है।
- यह मुख्य रूप से अग्न्याशयिक रस में पाया जाता है।
- एमाइलेज कार्बोहाइड्रेट का पाचन करता है।
- ट्रिप्सिन और पेप्सिन प्रोटीन के पाचन में सहायक हैं।
मानव दांत के किस भाग में रक्त वाहिनियाँ और तंत्रिकाएं पाई जाती हैं?
- एनामेल (Enamel)
- डेंटाइन (Dentin)
- पल्प (Pulp)
- सीमेंटम (Cementum)
Explanation:
- दांत का सबसे भीतरी और मुलायम भाग पल्प (Pulp) कहलाता है।
- पल्प गुहा में रक्त वाहिनियाँ, तंत्रिकाएं और संयोजी ऊतक पाए जाते हैं जो दांत को पोषण प्रदान करते हैं।
- एनामेल दांत का सबसे कठोर बाहरी आवरण है।
- डेंटाइन, एनामेल के नीचे की परत है।
पाचन तंत्र का प्रवेश द्वार किसे कहा जाता है?
- ग्रसनी (Pharynx)
- अन्नप्रणाली (Esophagus)
- मुख (Mouth)
- अमाशय (Stomach)
Explanation:
- मुख (Mouth) पाचन तंत्र का प्रवेश द्वार है जहाँ भोजन सबसे पहले प्रवेश करता है।
- यहाँ भोजन चबाया जाता है और लार के साथ मिलकर एक नरम गोला (Bolus) बनता है।
- ग्रसनी और अन्नप्रणाली भोजन को आमाशय तक पहुँचाने का मार्ग हैं।
कौन सा अंग पित्त रस को संग्रहित (Store) करता है?
- यकृत (Liver)
- अग्न्याशय (Pancreas)
- पित्ताशय (Gall Bladder)
- ग्रहणी (Duodenum)
Explanation:
- यकृत में निर्मित पित्त रस (Bile), पित्ताशय (Gall Bladder) में संग्रहित होता है।
- जब भोजन ग्रहणी (Duodenum) में पहुँचता है, तो पित्ताशय सिकुड़कर पित्त रस को ग्रहणी में छोड़ता है।
- पित्त रस वसा के पायसीकरण में मदद करता है।
अग्न्याशयिक रस (Pancreatic Juice) में पाया जाने वाला प्रोटीन-पाचक एंजाइम कौन सा है?
- पेप्सिन (Pepsin)
- एमाइलेज (Amylase)
- ट्रिप्सिन (Trypsin)
- लाइपेज (Lipase)
Explanation:
- अग्न्याशयिक रस में ट्रिप्सिन (Trypsin) एंजाइम होता है जो प्रोटीन और पेप्टोन्स का पाचन करके पॉलीपेप्टाइड्स और एमिनो एसिड बनाता है।
- पेप्सिन आमाशय में पाया जाने वाला प्रोटीन-पाचक एंजाइम है।
- एमाइलेज कार्बोहाइड्रेट और लाइपेज वसा का पाचन करते हैं।
छोटी आंत की आंतरिक सतह पर उपस्थित अंगुली जैसे प्रवर्ध (Finger-like projections) क्या कहलाते हैं?
- श्लेष्मा (Mucus)
- विलाई (Villi)
- अंकुर (Villi)
- ग्रंथियाँ (Glands)
Explanation:
- छोटी आंत की भीतरी दीवार पर असंख्य विलाई (Villi) पाए जाते हैं।
- ये अंगुली के आकार के प्रवर्ध होते हैं जो अवशोषण का सतह क्षेत्र (Surface Area) बहुत बढ़ा देते हैं।
- प्रत्येक विलसस में रक्त केशिकाएं और लसीका वाहिका (Lacteal) पाई जाती है जो पचे हुए भोजन का अवशोषण करती हैं।
पाचन क्रिया का अंतिम उत्पाद (End Product) प्रोटीन का क्या होता है?
- ग्लूकोज (Glucose)
- फैटी एसिड (Fatty Acids)
- एमिनो एसिड (Amino Acids)
- ग्लिसरॉल (Glycerol)
Explanation:
- प्रोटीन का पाचन आमाशय और छोटी आंत में होता है।
- पेप्सिन, ट्रिप्सिन जैसे एंजाइम प्रोटीन को तोड़कर एमिनो एसिड (Amino Acids) बनाते हैं, जो पाचन का अंतिम उत्पाद है।
- ग्लूकोज कार्बोहाइड्रेट का अंतिम उत्पाद है।
- फैटी एसिड और ग्लिसरॉल वसा का अंतिम उत्पाद है।
कौन सा अंग भोजन और वायु मार्ग दोनों का हिस्सा है?
- मुख (Mouth)
- अन्नप्रणाली (Esophagus)
- ग्रसनी (Pharynx)
- श्वासनली (Trachea)
Explanation:
- ग्रसनी (Pharynx) एक क्रॉसरोड (चौराहे) की तरह काम करती है।
- यह पाचन तंत्र (भोजन अन्नप्रणाली की ओर जाता है) और श्वसन तंत्र (वायु श्वासनली की ओर जाती है) दोनों का हिस्सा है।
- एपिग्लॉटिस (Epiglottis) नामक एक ढक्कन जैसी संरचना भोजन के दौरान श्वासनली को बंद कर देती है ताकि भोजन फेफड़ों में न जा सके।
आमाशय में पाया जाने वाला श्लेष्मा (Mucus) का क्या कार्य है?
- भोजन को चिकनाई प्रदान करना
- प्रोटीन का पाचन करना
- आमाशय की दीवार को HCl के प्रभाव से बचाना
- एंजाइमों को सक्रिय करना
Explanation:
- आमाशय की दीवारों की कोशिकाएं म्यूकस (Mucus) स्रावित करती हैं।
- यह म्यूकस आमाशय की भीतरी परत की रक्षा करता है ताकि शक्तिशाली हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और पाचक एंजाइम उसे नुकसान न पहुँचा सकें।
- म्यूकस के बिना, HCl आमाशय की दीवार को पचा सकता है, जिससे अल्सर (Ulcer) हो सकता है।
मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि (Largest Gland) कौन सी है?
- अग्न्याशय (Pancreas)
- पित्ताशय (Gall Bladder)
- यकृत (Liver)
- थाइरॉयड (Thyroid)
Explanation:
- यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है।
- इसके महत्वपूर्ण कार्यों में पित्त रस का स्राव, ग्लाइकोजन का संग्रह, विषैले पदार्थों का निष्क्रियकरण, रक्त प्रोटीनों का संश्लेषण आदि शामिल हैं।
- अग्न्याशय दूसरी सबसे बड़ी ग्रंथि है।
पाचन तंत्र का अंतिम भाग कौन सा है?
- मलाशय (Rectum)
- बृहदान्त्र (Colon)
- गुदा (Anus)
- शेषान्त्र (Ileum)
Explanation:
- पाचन तंत्र का अंतिम छोर गुदा (Anus) है, जो एक वाल्व की तरह काम करता है।
- यह मल (Feces) के शरीर से बाहर निकलने का मार्ग है।
- मलाशय मल का संग्रह करता है और जब यह भर जाता है, तो मल त्याग की प्रेरणा होती है।
कार्बोहाइड्रेट के पाचन का प्रारंभिक एंजाइम कौन सा है?
- लाइपेज (Lipase)
- माल्टेज (Maltase)
- टायलिन (Ptyalin / Salivary Amylase)
- सुक्रेज (Sucrase)
Explanation:
- लार में उपस्थित टायलिन (Ptyalin) या सैलिवरी एमाइलेज एंजाइम, मुख गुहा में स्टार्च (एक जटिल कार्बोहाइड्रेट) का पाचन शुरू कर देता है।
- यह इसे माल्टोज नामक एक simpler शर्करा में तोड़ता है।
- लाइपेज वसा का पाचन करता है।
- माल्टेज और सुक्रेज छोटी आंत में पाए जाते हैं।
आमाशय में भोजन किस रूप में परिवर्तित होता है?
- बोलस (Bolus)
- फेकस (Feces)
- काइम (Chyme)
- काइल (Chyle)
Explanation:
- आमाशय में भोजन की मांसपेशियों द्वारा लगातार खिंचाव और मथने की क्रिया होती है।
- आमाशयिक रस के साथ मिलकर भोजन एक अर्धतरल, पेस्ट जैसे पदार्थ में बदल जाता है, जिसे काइम (Chyme) कहते हैं।
- यह काइम छोटी आंत में धीरे-धीरे पाइलोरिक स्फिंक्टर द्वारा छोड़ा जाता है।
अग्न्याशयिक रस (Pancreatic Juice) कहाँ स्रावित होता है?
- आमाशय (Stomach) में
- यकृत (Liver) में
- ग्रहणी (Duodenum) में
- मुख (Mouth) में
Explanation:
- अग्न्याशय से निकलने वाली वाहिनी (Duct) ग्रहणी (Duodenum) में खुलती है।
- जब अम्लीय काइम ग्रहणी में प्रवेश करता है, तो यह अग्न्याशय को संकेत देता है कि वह अग्न्याशयिक रस स्रावित करे।
- यह रस क्षारीय होता है और काइम के अम्ल को निष्प्रभावी करने में मदद करता है।
पाचन क्रिया में एंजाइमों (Enzymes) की भूमिका क्या है?
- भोजन को अम्लीय बनाना
- भोजन को क्षारीय बनाना
- जटिल खाद्य पदार्थों को सरल अवशोषणीय अणुओं में तोड़ना
- भोजन के स्वाद को बढ़ाना
Explanation:
- एंजाइम जैविक उत्प्रेरक (Biological Catalysts) हैं जो पाचन की रासायनिक अभिक्रियाओं की गति बहुत बढ़ा देते हैं।
- ये जटिल अघुलनशील पदार्थों (जैसे स्टार्च, प्रोटीन, वसा) को सरल घुलनशील पदार्थों (जैसे ग्लूकोज, एमिनो एसिड, फैटी एसिड) में तोड़ते हैं जिनका आंतों द्वारा आसानी से अवशोषण हो जाता है।
- प्रत्येक एंजाइम एक विशिष्ट प्रकार के भोजन पर कार्य करता है।
आहार नाल (Alimentary Canal) की लंबाई कितनी होती है?
- 3-4 मीटर
- 5-6 मीटर
- 9-10 मीटर
- 12-13 मीटर
Explanation:
- मुख से लेकर गुदा तक फैली आहार नाल की लंबाई एक वयस्क मानव में लगभग 9 से 10 मीटर होती है।
- इसमें मुख, ग्रसनी, अन्नप्रणाली, आमाशय, छोटी आंत, बड़ी आंत, मलाशय और गुदा शामिल हैं।
- इसकी लंबाई शरीर की ऊंचाई से लगभग 4-5 गुना अधिक होती है।
पाचन की परिभाषा क्या है?
- भोजन को निगलने की प्रक्रिया
- भोजन से ऊर्जा मुक्त करने की प्रक्रिया
- जटिल भोजन को सरल, अवशोषणीय रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया
- अपशिष्ट पदार्थों का उत्सर्जन
Explanation:
- पाचन (Digestion) एक रासायनिक और यांत्रिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा जटिल, अघुलनशील भोजन को सरल, घुलनशील और अवशोषणीय रूप में बदला जाता है।
- यह प्रक्रिया यांत्रिक (चबाना, मथना) और रासायनिक (एंजाइमों की क्रिया) दोनों तरीकों से होती है।
- अवशोषण के बाद ही कोशिकाएं इस भोजन से ऊर्जा प्राप्त कर पाती हैं।
कौन सा विटामिन आंतों में सहायक जीवाणुओं द्वारा संश्लेषित होता है?
- विटामिन A
- विटामिन C
- विटामिन K
- विटामिन D
Explanation:
- मानव बड़ी आंत में रहने वाले कुछ सहायक जीवाणु (Bacteria) विटामिन K और कुछ B विटामिनों का संश्लेषण करते हैं।
- विटामिन K रक्त के थक्के जमने (Blood Clotting) के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- यह हमारे आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और शरीर में जीवाणुओं द्वारा भी बनाया जाता है।
