science
कौन सा मूत्र प्रणाली का हिस्सा नहीं है? SSC GD Constable, 12/02/2019
- मूत्रवाहिनी
- ब्रोंकाई
- मूत्राशय
- मूत्रमार्ग
निम्नलिखित में से मानव शरीर की किस प्रणाली से नेफ्रॉन संबंधित है ? SSC CGL 10 August 2017
- परिसंचरण प्रणाली
- उत्सर्जन प्रणाली
- जनन प्रणाली
- श्वसन प्रणाली
मनुष्य का नाइट्रोजन उत्सर्ग है SSC CHSL 08 February 2017
- अमोनिया
- यूरिया
- अमोनियम नाइट्रेट
- यूरिक अम्ल
70 कि.ग्रा. वाले एक वयस्क पुरुष में एक मिनट में दोनों गुर्दे के द्वारा एक साथ छानी गई रक्त की मात्रा होती है SSC CHSL 29 January 2017
- 1100 मि.ली.
- 100 मि.ली.
- 1500 मि.ली.
- 500 मि.ली.
मानव मूत्र का पीला रंग की वजह से होता है। SSC CHSL 22 January 2017
- पित्त नमक
- कोलेस्ट्रोल
- लिम्फ
- युरोक्रोम
मानव शरीर के गुर्दे इनमें से कौन सा कार्य करते हैं ? SSC CGL 09 August 2017
- उत्सर्जन
- श्वसन
- पाचन
- परिवहन
स्तनधारियों में उत्सर्जन का एक महत्वपूर्ण कार्य निम्नलिखित में से कौन सा अवयव करता है ? SSC CGL 29 August 2016
- बड़ी आँत
- गुर्दे (वृक्क)
- फेफड़े
- जिगर (यकृत)
नेफ्रोन ———– से जुड़े होते हैं। SSC मैट्रिक स्तरीय 2017
- श्वसन तंत्र
- तंत्रिका तंत्र
- परिसंचरण तंत्र
- उत्सर्जी तंत्र
निम्नलिखित में से कौन उत्सर्जक उत्पाद.. के रूप में यूरिक एसिड का उत्सर्जन करता है ? SSC Multi Tasking Exam. 2013
- अमीबा
- तितलियां
- गौरैया
- ऊंट
‘गुर्दे’ (किडनी) का कार्यात्मक यूनिट क्या है ? SSC संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2011 SSC मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2008
- एक्सॉन
- न्यूरॉन
- नेफ्रॉन
- धमनी
हेमीकॉर्डेटा में उत्सर्जन किसके द्वारा होता है ? एस. एस. सी. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2015
- कोशिका गुच्छ
- प्राक मृक्क
- मध्य वृक्क
- पश्च वृक्क
निम्नलिखित में से कौन-सा घटक मूत्र का असामान्य घटक है ? SSC स्टेनोग्राफर (ग्रेड ‘सी’ एवं ‘डी’) परीक्षा, 2012
- क्रिएटिनिन)
- यूरिया
- यूरिक अम्ल
- कीटोन निकाय
नेफ्राइटिस एक चिकित्सा स्थिति है जो ———- को प्रभावित करती है ? Delhi Police Constable (Executive) 27.11.2020
- वृक्क (किडनी)
- माँसपेशियों का जोड़ (मसल जॉइट्स)
- हृदय (हार्ट)
- मस्तिष्क (ब्रेन)
निम्नलिखित में से कौन सा वृक्कों में रुधिर से निकाला जाने वाला अपशिष्ट पदार्थ नहीं है ? SSC CHSL 19 March 2018
- अमोनिया
- कार्बन डाइ ऑक्साइड
- यूरिया
- यूरिक अम्ल
गुर्दे में उत्पन्न मूत्र ———- से होकर मूत्राशय में पहुँचता है जहाँ इसे संचित किया जाता है ? Delhi Police Constable (Executive) 03Dec. 2020
- मूत्रवाहिनी
- वेना कावा
- मूत्रमार्ग
- महाधमनी
भ्रूण की अपरापोषिका किसमें सहायक होती है ? SSC संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier – 1 ) परीक्षा, 2015
- उत्सर्जन
- श्वसन
- सरंक्षण
- पाचन
निम्नलिखित में से कौन सा मानव के उत्सर्जन तंत्र में सम्मिलित नहीं किया जाता है ? SSC CHSL 14 March 2018
- वृक्क का एक जोड़ा
- मूत्रवाहिनी का एक जोड़ा
- उदर
- मूत्राशय
मूत्र का असामान्य घटक है- SSC संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2010
- यूरिया
- क्रिएटिनिन
- ऐल्ब्युमिन
- सोडियम
निम्नलिखित में से कौन-सा एक अल्प विकसित अंग (Vestigial Organ ) है ? [SSC CGL – 10.06:2019]
- फेफड़े
- एपेन्डिक्स
- गुर्दा
- हृदय
निम्नलिखित में से कौन सा गुर्दा का कार्य नहीं है ? S.S.C. Stenographers ( C&D) 12.9.2017
- शरीर द्रव की अम्लता का नियमन
- मूत्र का निष्कर्षण
- प्रतिजीवी का स्राव
- रक्तचाप का नियमन
मूत्र बनता है- SSC मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2008
- संग्राहक वाहिनियों में
- कैलिसीज में
- मूत्रवाहिनियों में
- मूत्राशय में
——– वह नली है, जो मूत्र को किडनी से मूत्राशय तक ले जाती है- [SSC CHSL, 17.10.2020
- रंध्र-संकोचक पेशी (Sphincter)
- महाधमनी ( Aorta )
- मूत्रमार्ग (Urethra)
- मूत्रवाहिनी (Ureter)
निम्नलिखित में से यूरिक अम्ल किसका एक मुख्य नाइट्रोजिनस अपशिष्ट है ? SSC CPO 05.7.2017
- मानव
- मेढ़क
- मछली
- पक्षी
निम्न में से मानव शरीर का वह कौन-सा अंग है, जो उसमें जल के संतुलन के लिए उत्तरदायी है ? SSC संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2013
- हृदय
- यकृत
- गुर्दे
- फेफड़ें
उत्सर्जन का अर्थ है….! SSC MTS- 04/10/2017
- अतिरिक्त मात्रा में मौजूद पदार्थों का निष्कासन
- ऐसे पदार्थों का निर्माण जो कि शरीर में कुछ भूमिका निभाते हैं
- ऐसे पदार्थ का निष्कासन जो कभी शरीर का भाग नहीं रहा है
- सभी विकलप सही हैं
मूत्र के स्त्रावण को बढ़ाने वाली औषधि को कहते है- SSC टेक्स अ. परीक्षा, 2009
- ऐड्रिनेलीन
- मोनोयूरेटिक
- डाइयूरेटिक
- ट्राइयूरेटिक
निम्नलिखित में से वह अंग कौन-सा है जिससे पानी, वसा तथा विभिन्न उपचय ( कैटाबोलिक) अपशिष्ट उत्सर्जित होते रहते हैं ?. SSC संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2010
- वृक्क
- प्लीहा
- डाइयूरेटिक
- लाल ग्रंथि
सामान्य शंबु (मसन) का वसा एक लिसलिसे पदार्थ का स्त्राव करता है । जिसका हृदय प्रत्यारोपण में प्रयोग किया जा सकता है। इस पदार्थ में मौजूद यह विलक्षण रासायनिक यौगिक क्या है ? SSC संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier – 1 ) परीक्षा, 2013
- एमिनो फिलाइल एलैनिन
- हाइड्रॉक्सी फिलाइल एलैनिन
- फिनाइल एलैनिन
- डाई – हाइड्रॉक्सी फिलइल एलैनिन
नेफ्रॉन किससे सम्बन्धित है ? ITI 2001
- यकृत (Liver )
- वृक्क (kidney)
- हृदय
- आमाशय
एक व्यक्ति के द्वारा 24 घण्टे में मूत्र की कितनी मात्रा विसर्जित की जाती है? Raj. B.Ed 2008
- 3.0 लीटर
- 4 लीटर
- 1 लीटर
- 1.5 लीटर
पसीने का मुख्य उपयोग है- ( R. A. S. Pre Exam, 1994)
- शरीर का ताप नियन्त्रित रखने में
- शरीर में जल की मात्रा सन्तुलित रखने में
- शरीर में विष पदार्थ निकालने में
- त्वचा के छिद्र से गन्दगी दूर रखने में
पसीना- (P.S.I. Exam-1996) (A) त्वचा को साफ करता है। (B) शरीर के तापक्रम को कम करता है। (C) उत्सर्जक निकालता है। (D) अधिक पानी की मात्रा को निकालता है। निम्नांकित उत्तरों का निम्न में से कौन सा समुच्चय सही है-
- A, B, C
- A, C, D
- B, C, D
- A, B, D
वृक्क की संरचनात्मक तथा क्रियात्मक इकाई है- (Head Master Exam 2012)
- मूत्र नलिका
- वृक्क नलिका
- मूत्राशय
- मूत्र जनन नलिका
‘नेफ्रोलजी’ किसका अध्ययन है? Bihar police 31.7.2016
- तंत्रिका तंत्र
- नवजात
- गुर्दे (kidneys)
- जिगर (liver)
उस वाहिनी का चयन करें जो मूत्राशय से मूत्र को शरीर के बाहर ले जाती है | UP Police Constable 19.6.2018
- उरेथरा
- यूरेटर
- ब्लैडर
- रेनल पेल्विस
उत्सर्जी पदार्थ के आधार पर, मानव प्रजाति है- (Industry Inspector Exam 24.06.2018)
- यूरिक अम्ल एवं यूरिया उत्सर्जी दोनों
- यूरिक अम्ल उत्सर्जी
- यूरिया उत्सर्जी
- अमोनिया उत्सर्जी
मानव में वृक्क की निस्पंदन इकाई क्या है ? HSSC Clerk 2016, MP police
- मूत्राशय
- वृक्क
- मूत्रवाहिनी
- वृक्काणु
बोमन संपुट किस तन्त्र का भाग है? Bihar Police Constable (12.01.2020 )
- उत्सर्जन तन्त्र का
- पाचन तन्त्र का
- श्वसन तन्त्र का
- प्रजनन तन्त्र का
मानव का मुख्य उत्सर्जी उत्पाद हैं MP Police 3 September 2017
- अमोनिया
- यूरिक अम्ल
- कार्बन डाइऑक्साइड
- यूरिया
गुर्दे (वृक्क) का मुख्य कार्य- Junior Football Coach 2016
- 1.चयनात्मक पुनः अवशोषण
- 2.अतिसूक्ष्म निस्पंदन
- 3.निश्क्रिय अवशोषण
- (1) और (2) दोनों
मनुष्य के मूत्र में कौन-सा एसिड पाया जाता है ? [Biahr Police 19.10.2014]
- यूरिक एसिड
- मैलिक एसिड
- लैक्टिक एसिड
- टैनिक एसिड
मानव में मुख्य नाइट्रोजनी अपशिष्ट क्या है? HSSC Clerk 2016
- क्रिएटीनीन
- हीमोग्लोबीन
- यूरिक एसिड
- अमोनिया
1. मानव उत्सर्जन तंत्र का मुख्य अंग कौन सा है?
- फेफड़े
- यकृत
- वृक्क (गुर्दे)
- त्वचा
Explanation:
- वृक्क (गुर्दे) रक्त से यूरिया और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को छानकर मूत्र बनाते हैं।
- फेफड़े कार्बन डाइऑक्साइड को उत्सर्जित करते हैं।
- यकृत यूरिया का निर्माण करता है और कुछ विषैले पदार्थों को निष्क्रिय करता है।
- त्वचा पसीने के माध्यम से पानी और लवण उत्सर्जित करती है।
2. मूत्र का निर्माण कहाँ होता है?
- मूत्राशय
- मूत्रवाहिनी
- वृक्क (गुर्दे)
- मूत्रमार्ग
Explanation:
- वृक्क (गुर्दे) में नेफ्रॉन की इकाइयाँ रक्त को छानकर मूत्र का निर्माण करती हैं।
- मूत्राशय मूत्र को एकत्रित करने का काम करता है।
- मूत्रवाहिनी मूत्र को गुर्दे से मूत्राशय तक पहुँचाती है।
- मूत्रमार्ग मूत्र को शरीर से बाहर निकालने का मार्ग है।
3. नेफ्रॉन क्या है?
- एक प्रकार का एंजाइम
- मूत्राशय की कोशिका
- गुर्दे की कार्यात्मक इकाई
- एक प्रकार का हार्मोन
Explanation:
- नेफ्रॉन गुर्दे की सूक्ष्म इकाई है जो रक्त को छानकर मूत्र बनाने का काम करती है।
- यह कोई एंजाइम या हार्मोन नहीं है।
- यह मूत्राशय का हिस्सा नहीं है।
- प्रत्येक गुर्दे में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं।
4. मूत्र का मुख्य नाइट्रोजनीय अपशिष्ट पदार्थ कौन सा है?
- यूरिक एसिड
- अमोनिया
- यूरिया
- क्रिएटिनिन
Explanation:
- यूरिया प्रोटीन के चयापचय से उत्पन्न मुख्य नाइट्रोजनीय अपशिष्ट है, जिसे मूत्र के द्वारा उत्सर्जित किया जाता है।
- यूरिक एसिड प्यूरीन के अपघटन से बनता है।
- अमोनिया अत्यंत विषैला होता है, जिसे यकृत में यूरिया में बदल दिया जाता है।
- क्रिएटिनिन मांसपेशियों के चयापचय का एक अपशिष्ट उत्पाद है।
5. मूत्र के निर्माण की प्रक्रिया में पहला चरण क्या है?
- स्रावण
- पुनःअवशोषण
- छनन (फिल्ट्रेशन)
- एकाग्रता
Explanation:
- छनन वह प्रक्रिया है जहाँ रक्त से पानी, ग्लूकोज, यूरिया और लवण ग्लोमेरुलस में छनकर बोमन संपुट में एकत्र होते हैं।
- पुनःअवशोषण में उपयोगी पदार्थ जैसे ग्लूकोज वापस रक्त में ले लिए जाते हैं।
- स्रावण में कुछ अपशिष्ट पदार्थ सीधे नलिकाओं में स्रावित किए जाते हैं।
6. गुर्दे की किस संरचना में छनन होता है?
- लूप ऑफ हेनले
- संग्राहक नलिका
- ग्लोमेरुलस
- डिस्टल कनवल्यूटेड ट्यूब्यूल
Explanation:
- ग्लोमेरुलस केशिकाओं का एक गुच्छा है जहाँ उच्च दबाव के कारण रक्त का छनन होता है।
- लूप ऑफ हेनले मूत्र को सांद्रित करने का काम करता है।
- संग्राहक नलिका अंतिम मूत्र को एकत्र करती है।
- डिस्टल कनवल्यूटेड ट्यूब्यूल में आयनों का स्रावण होता है।
7. एंटीडाययूरेटिक हार्मोन (ADH) का क्या कार्य है?
- रक्तचाप बढ़ाना
- मूत्र को सांद्रित करने के लिए जल का पुनःअवशोषण बढ़ाना
- सोडियम का पुनःअवशोषण करना
- मूत्र का pH नियंत्रित करना
Explanation:
- ADH संग्राहक नलिकाओं की जल के प्रति पारगम्यता बढ़ाकर शरीर में जल संरक्षण करता है, जिससे मूत्र सांद्रित होता है।
- यह रक्तचाप को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकता है लेकिन यह इसका प्रमुख कार्य नहीं है।
- सोडियम का पुनःअवशोषण एल्डोस्टेरोन हार्मोन द्वारा नियंत्रित होता है।
8. मूत्र का रंग पीला किसके कारण होता है?
- यूरिया
- यूरिक एसिड
- यूरोक्रोम
- बिलीरुबिन
Explanation:
- यूरोक्रोम एक पिगमेंट है जो हीमोग्लोबिन के अपघटन से बनता है और मूत्र को उसका विशिष्ट पीला रंग देता है।
- यूरिया और यूरिक एसिड रंगहीन होते हैं।
- बिलीरुबिन पित्त का एक घटक है और मल को रंग देता है।
9. गुर्दे की पथरी (Kidney Stones) मुख्य रूप से किस पदार्थ से बनती है?
- यूरिक एसिड
- कैल्शियम ऑक्सालेट
- सोडियम क्लोराइड
- यूरिया
Explanation:
- अधिकांश गुर्दे की पथरी कैल्शियम ऑक्सालेट के क्रिस्टल से बनती है जो मूत्र में अधिक सांद्रता में मौजूद होने पर जमा हो जाते हैं।
- यूरिक एसिड से भी पथरी बन सकती है, लेकिन यह कम सामान्य है।
- यूरिया और सोडियम क्लोराइड पथरी नहीं बनाते।
10. मानव शरीर में यूरिया का निर्माण कहाँ होता है?
- गुर्दे
- फेफड़े
- यकृत
- अग्न्याशय
Explanation:
- यकृत में अमोनिया का डिटॉक्सिफिकेशन करके यूरिया चक्र (ओर्निथाइन चक्र) के माध्यम से यूरिया का निर्माण होता है।
- गुर्दे यूरिया को रक्त से फिल्टर करते हैं, इसे नहीं बनाते।
- फेफड़े और अग्न्याशय का यूरिया निर्माण से कोई संबंध नहीं है।
11. मूत्र का pH मान सामान्यतः कैसा होता है?
- strongly acidic (अम्लीय)
- neutral (उदासीन)
- slightly acidic (हल्का अम्लीय)
- क्षारीय
Explanation:
- सामान्य मूत्र का pH मान 6.0 के आसपास होता है, जो इसे हल्का अम्लीय बनाता है। यह आहार और चयापचय के आधार पर बदल सकता है।
- यह आमतौर पर strongly acidic या neutral नहीं होता।
- क्षारीय मूत्र किसी संक्रमण या विशिष्ट आहार का संकेत हो सकता है।
12. वह कौन सी नलिका है जो मूत्र को गुर्दे से मूत्राशय तक ले जाती है?
- मूत्रमार्ग
- मूत्रवाहिनी (यूरेटर)
- यूरेथ्रा
- नेफ्रॉन
Explanation:
- मूत्रवाहिनी (यूरेटर) पतली, पेशीय नलिकाएँ हैं जो प्रत्येक गुर्दे से मूत्र को मूत्राशय तक पहुँचाती हैं।
- मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा) मूत्र को मूत्राशय से शरीर के बाहर निकालता है।
- नेफ्रॉन मूत्र बनाने की इकाई है।
13. डायलिसिस (Dialysis) क्या है?
- गुर्दे की पथरी को तोड़ने की प्रक्रिया
- गुर्दे के कार्य करना बंद कर देने पर कृत्रिम रूप से रक्त शुद्ध करने की प्रक्रिया
- मूत्र संक्रमण का इलाज
- गुर्दे का प्रत्यारोपण
Explanation:
- डायलिसिस एक जीवन-रक्षक उपचार है जो एक मशीन की मदद से गुर्दे के कार्य (रक्त से अपशिष्ट निकालना) का अनुकरण करता है।
- यह गुर्दे की पथरी को नहीं तोड़ता।
- यह गुर्दे का प्रत्यारोपण नहीं है, बल्कि एक सहायक उपचार है।
14. मूत्र में प्रोटीन की उपस्थिति (प्रोटीनूरिया) किसका संकेत हो सकती है?
- अत्यधिक पानी पीना
- सामान्य स्थिति
- गुर्दे की क्षति या रोग
- अधिक प्रोटीनयुक्त भोजन
Explanation:
- सामान्य अवस्था में नेफ्रॉन की छनन झिल्ली प्रोटीन को रक्त में रहने देती है। इसके मूत्र में आना गुर्दे के खराब होने का लक्षण है।
- यह सामान्य या अधिक पानी पीने का संकेत नहीं है।
- अधिक प्रोटीन खाने से प्रोटीन मूत्र में नहीं आता, अगर गुर्दे स्वस्थ हैं।
15. मूत्र में ग्लूकोज की उपस्थिति (ग्लूकोजूरिया) किस रोग की ओर संकेत करती है?
- उच्च रक्तचाप
- गुर्दे की पथरी
- मधुमेह (डायबिटीज मेलिटस)
- यकृत रोग
Explanation:
- मधुमेह में रक्त में ग्लूकोज का स्तर इतना अधिक हो जाता है कि गुर्दे उसे पूरी तरह पुनः अवशोषित नहीं कर पाते और वह मूत्र में निकलने लगता है।
- यह गुर्दे की पथरी का प्रमुख लक्षण नहीं है।
- उच्च रक्तचाप और यकृत रोग से सीधा संबंध नहीं है।
16. मानव मूत्र का मुख्य घटक क्या है?
- यूरिया
- पानी
- लवण
- यूरिक एसिड
Explanation:
- मूत्र लगभग 95% पानी होता है। शेष 5% में यूरिया, लवण, और अन्य अपशिष्ट पदार्थ होते हैं।
- यूरिया दूसरा प्रमुख घटक है लेकिन पानी की मात्रा सबसे अधिक होती है।
17. उत्सर्जन तंत्र का वह अंग कौन सा है जो मूत्र को शरीर से बाहर निकालने का मार्ग प्रदान करता है?
- मूत्रवाहिनी
- मूत्राशय
- मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा)
- संग्राहक नलिका
Explanation:
- मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा) एक नलिका है जो मूत्राशय को शरीर के बाहरी वातावरण से जोड़ती है और मूत्र के बहार निकलने का मार्ग है।
- मूत्रवाहिनी गुर्दे से मूत्राशय तक मूत्र ले जाती है।
- मूत्राशय मूत्र का भंडारण करता है।
18. गुर्दे शरीर के किस भाग में स्थित होते हैं?
- उदर गुहा के निचले हिस्से में
- छाती में
- पेट के पिछले हिस्से में, रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर
- श्रोणि में
Explanation:
- गुर्दे उदर गुहा के पश्च भाग में, डायाफ्राम के नीचे और रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर स्थित होते हैं।
- वे छाती या श्रोणि में स्थित नहीं होते।
19. मूत्र के निर्माण की प्रक्रिया में ‘पुनःअवशोषण’ मुख्यतः कहाँ होता है?
- ग्लोमेरुलस
- नेफ्रॉन की कनवल्यूटेड नलिकाओं में
- संग्राहक नलिका
- मूत्रवाहिनी
Explanation:
- छने हुए द्रव (फिल्ट्रेट) में मौजूद उपयोगी पदार्थ जैसे ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, पानी और लवणों का अधिकांश भाग नेफ्रॉन की प्रोक्सिमल और डिस्टल कनवल्यूटेड नलिकाओं में वापस रक्त में अवशोषित हो जाता है।
- ग्लोमेरुलस में केवल छनन होता है।
20. मूत्र की मात्रा और सांद्रता का नियमन किस हार्मोन द्वारा किया जाता है?
- इन्सुलिन
- थायरॉक्सिन
- एड्रेनालीन
- एंटीडाययूरेटिक हार्मोन (ADH)
Explanation:
- ADH पिट्यूटरी ग्रंथि से स्रावित होता है और यह गुर्दे की नलिकाओं में पानी के पुनःअवशोषण को नियंत्रित करके मूत्र की सांद्रता और मात्रा को regulate करता है।
- इन्सुलिन रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है।
- थायरॉक्सिन चयापचय दर को नियंत्रित करता है।
- एड्रेनालीन तनाव हार्मोन है।
21. पसीना आना उत्सर्जन की एक प्रक्रिया क्यों मानी जाती है?
- इससे वसा उत्सर्जित होती है
- इससे पानी, लवण और थोड़ी मात्रा में यूरिया शरीर से बाहर निकलते हैं
- इससे शरीर का तापमान बढ़ता है
- इससे रक्त शुद्ध होता है
Explanation:
- त्वचा में स्थित स्वेद ग्रंथियाँ पसीना स्रावित करती हैं, जिसमें पानी, कुछ लवण और यूरिया जैसे अपशिष्ट पदार्थ होते हैं। इस प्रकार, यह उत्सर्जन का एक द्वितीयक रास्ता है।
- इसका मुख्य कार्य तापमान नियमन है न कि वसा उत्सर्जन।
- यह शरीर का तापमान घटाता है, बढ़ाता नहीं।
22. गुर्दे के कार्य की इकाई है?
- न्यूरॉन
- एल्विओली
- नेफ्रॉन
- ग्लोमेरुलस
Explanation:
- नेफ्रॉन गुर्दे की वह सूक्ष्म संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है जो रक्त को फिल्टर करके मूत्र बनाने का कार्य करती है।
- न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की इकाई है।
- एल्विओली फेफड़ों में गैस विनिमय की इकाई है।
- ग्लोमेरुलस नेफ्रॉन का एक हिस्सा है, पूरी इकाई नहीं।
23. मानव शरीर में उत्सर्जन का महत्व क्या है?
- ऊर्जा उत्पादन के लिए
- शरीर के तापमान को बढ़ाने के लिए
- शरीर से नाइट्रोजनीय अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर होमियोस्टेसिस बनाए रखने के लिए
- भोजन पचाने के लिए
Explanation:
- उत्सर्जन शरीर को विषैले पदार्थों (जैसे यूरिया, अमोनिया) से मुक्त करता है और रक्त के pH, जल-लवण संतुलन आदि को बनाए रखता है, जिसे होमियोस्टेसिस कहते हैं।
- यह ऊर्जा उत्पादन या पाचन का सीधा कार्य नहीं है।
24. वह हार्मोन कौन सा है जो सोडियम के पुनःअवशोषण को बढ़ाता है?
- इन्सुलिन
- एड्रेनालीन
- एल्डोस्टेरोन
- टेस्टोस्टेरोन
Explanation:
- एल्डोस्टेरोन अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) से स्रावित होने वाला एक हार्मोन है जो गुर्दे की नलिकाओं में सोडियम आयनों के पुनःअवशोषण को बढ़ावा देता है।
- इन्सुलिन ग्लूकोज के अवशोषण के लिए जिम्मेदार है।
- एड्रेनालीन और टेस्टोस्टेरोन का सोडियम अवशोषण से सीधा संबंध नहीं है।
25. गुर्दे के प्रत्यारोपण में, दाता का गुर्दा आमतौर पर शरीर में कहाँ रखा जाता है?
- छाती में
- मूल गुर्दे के स्थान पर
- श्रोणि (Pelvis) में
- उदर के ऊपरी भाग में
Explanation:
- गुर्दे के प्रत्यारोपण में, दाता के गुर्दे को आमतौर पर श्रोणि (Pelvis) में रखा जाता है, और मूल गुर्दों को हटाया नहीं जाता (जब तक कि कोई चिकित्सकीय कारण न हो)।
- इसे छाती या मूल स्थान पर नहीं रखा जाता क्योंकि श्रोणि में रक्त वाहिकाओं से जोड़ना और मूत्रवाहिनी को मूत्राशय से जोड़ना आसान होता है।
