Updated on 02/04/26 by Mananjay MahatoShare on WhatsApp
  • ‘संज्ञा’ शब्द सम् + ज्ञा से बना है।
    • ‘सम्’ का अर्थ है “सम्यक‘ और ‘ज्ञा’ का ‘ज्ञान‘ ।
    • अर्थात् संज्ञा का तात्पर्य होगा ‘सम्यक ज्ञान‘ । 
  • संज्ञा : शब्द जो किसी ‘नाम’ का बोध कराते हैं।
  • संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव या अवस्था के नाम को कहते हैं।
    • जैसे- आगरा, गंगा, हिमालय, बचपन, गरीबी आदि।
  • संज्ञा के भेद – 5 भेद
    1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
    2. जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)
    3. समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun)
    4. द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun)
    5. भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)
भेद परिभाषा उदाहरण
व्यक्तिवाचक जो किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराए। राम, गंगा, दिल्ली, हिमालय, भारत।
जातिवाचक जो पूरी जाति या श्रेणी का बोध कराए। लड़का, नदी, शहर, पर्वत, देश।
समूहवाचक जो किसी समूह या समुदाय का बोध कराए। सेना, सभा, कक्षा, भीड़, गुच्छा।
भाववाचक जो किसी भाव, गुण, दशा या अवस्था का बोध कराए। मिठास, बचपन, क्रोध, ईमानदारी, बुढ़ापा।
द्रव्यवाचक जो किसी धातु या द्रव्य (पदार्थ) का बोध कराए। सोना, चाँदी, पानी, तेल, घी, लोहा।

व्यक्तिवाचक संज्ञा
  • व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग प्रायः एकवचन में होता है। 
  • जो किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराए।
    • राम, गंगा, दिल्ली, हिमालय, भारत
  • व्यक्तियों के नाम – अशोक, दिव्यता, तेजस्विनी, आराध्या, राम, कृष्ण, सीता, आदि। 
  • देशों के नाम – भारत, पाकिस्तान, चीन आदि। 
  • पर्वतों के नाम – हिमालय, विन्ध्याचल . आदि। 
  • दिशाओं के नाम – पूर्व, पश्चिम आदि।
  • दिनों के नाम – सोमवार मंगलवार आदि। 
  • महीनों के नाम – जनवरी, मई आदि। 
  • उत्सवों के नाम – होली, दीवाली आदि। 
  • ऐतिहासिक युद्धों और घटनाओं के नाम : अक्तूबर क्रान्ति, पानीपत की पहली लड़ाई आदि। 
  • पुस्तकों के नाम – रामचरितमानस, सूरसागर आदि। 
  • समाचार पत्रों के नाम – दिनमान, आर्यावर्त आदि। 
  • समुद्रों के नाम – हिन्द महासागर, प्रशान्त महासागर आदि। 
  • नगरों के नाम – पटना, राँची आदि। 
  • सड़कों के नाम – अशोक राजपथ आदि। 
  • नदियों के नाम – गंगा, सिन्धु आदि। 
  • झीलों के नाम – डक, बैकाल आदि। 
  • गाँवों के नाम – सिताबदियारा, कस्या ,आदि। 
  • प्रकाशकों के नाम – क्राउन प्रकाशक, भारती भवन आदि। 
  • महादेशों के नाम – एशिया, यूरोप, आदि। 
  • राज्यों के नाम – झारखंड, बिहार, आदि। 
  • ग्रह-नक्षत्रों के नाम – सूर्य, रोहिणी आदि । 

2. जातिवाचक संज्ञा 

  • जो पूरी जाति या श्रेणी का बोध कराए।
    • जैसे –
    • वस्तुचावल, गेहूँ आदि।
    • प्राणीआदमी, मछली आदि।
    • स्थानबाजार, मैदान आदि । 
  • क. सम्बन्धियों के नाम – भाई, बहन आदि । 
  • ख. व्यवसायों के नाम – धोबी, बढ़ई आदि ।
  • ग. पदों के नाम – प्रोफेसर, राज्यपाल आदि। 
  • घ. कार्यों के नाम – ठग, चोर आदि । 
  • ड. पशुओं के नाम – गाय, घोड़ा आदि । 
  • च. पक्षियों के नाम – मैना, कौआ आदि । 
  • छ. कीट-पतंगों के नाम – खटमल आदि । 
  • ज. वस्तुओं के नाम – घड़ी, पुस्तक आदि ।
  • झ. प्राकृतिक तत्वों के नाम – वर्षा, तूफान आदि। 
  • ञ. फलों के नाम – आम, केला आदि। 
  • ट. सब्जियों के नाम – करेला, परवल आदि। 
  • ठ. फूलों के नाम – जूही, गुलाब आदि । 
  • ड. पहनने वाले वस्त्रों के नाम – शर्ट, कुर्ता आदि। 
  • ढ. ओढ़ने वाले वस्त्रों के नाम – चादर, शाल आदि। 
  • ण. बिछाने वाले वस्त्रों के नाम – तोशक, कालीन आदि। 
  • त. अन्न के नाम – चावल, गेहूँ आदि। 
  • थ. मसालों के नाम – धनीया, अजवाईन आदि। 
  • द. मिठाईयों के नाम – जलेबी, रसगुल्ला आदि। 
  • ध. सामग्रियों के नाम – कुर्सी, टेबल आदि। 
  • न. सवारियों के नाम – रेल, मोटर आदि । 
  • विशेष- जातिवाचक संज्ञाएँ एकवचन और बहुवचन दोनों ही रूपों में प्रयुक्त होती है। 

3. समूहवाचक संज्ञा 

  • जिन संज्ञा शब्दों से वस्तु या पदार्थ के समूह का ज्ञान हो उसे समूहवाचक या समुदाय- वाचक संज्ञा कहते हैं। 
  • जैसे- सेना, भीड़, गुच्छा, आदि। 
  • विशेष- समूहवाचक संज्ञाओं का प्रयोग प्रायः एकवचन में होता है। 

4. द्रव्यवाचक संज्ञा 

  • जिन संज्ञा शब्दों से नाप-तौल वाली वस्तुओं, पदार्थो या धातुओं का ज्ञान हो उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। 
  • जैसे- सोना, घी, दूध, पानी आदि। 
  • विशेष- द्रव्यवाचक संज्ञाओं का बहुवचन नहीं होता है। 

5. भाववाचक संज्ञा 

  • जिन संज्ञा शब्दों से वस्तुओं या प्राणियों के गुण, धर्म, दशा, दोष, कार्य, अवस्था या स्थिति का ज्ञान होता है, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं। 
  • जैसे- ममता, बचपन, चोरी, बुढ़ापा आदि। 
  • विशेष- भाववाचक संज्ञाओं का प्रयोग प्रायः एकवचन में होता है। 

संज्ञा के भेदों का परिवर्तित रूप

  • कभी-कभी व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक संज्ञाओं का प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर हो जाता है। 
  • जैसे

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग जातिवाचक संज्ञा के रूप में 

  • जब वाक्य में व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग बहुवचन के रूप में होता है, तब व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा बन जाता है। 
  • ऐसा किसी व्यक्ति के गुण या धर्म को दिखाने के लिए किया जाता है। 
  • जैसे – आज देश में जयचन्दों की कमी नहीं है। यहाँ जयचन्द व्यक्तिवाचक संज्ञा है, परन्तु वाक्य में ‘जयचन्दों’ बहुवचन के रूप में आया है, अतः जातिवाचक संज्ञा होगा। 
  • अन्य उदाहरण- भारत में हरिश्चंद्रों की कमी है। 

2. जातिवाचक संज्ञा का प्रयोग व्यक्तिवाचक संज्ञा के रूप में 

  • जब वाक्य में जातिवाचक संज्ञा का प्रयोग एकवचन के रूप में होता है, तब जातिवाचक संज्ञा व्यक्तिवाचक संज्ञा बन जाता है। 
  • जैसे- देशरत्न भारतीय किसानों के प्रतिनिधि थे। यहाँ ‘देशरत्न’ जातिवाचक संज्ञा है, परन्तु इसका प्रयोग डॉ राजेन्द्र प्रसाद के लिए हुआ है। अतः व्यक्तिवाचक संज्ञा होगा। 
  • अन्य उदाहरण- नेताजी ने ‘जयहिन्द’ का नारा दिया है। 

3. भाववाचक संज्ञा का प्रयोग जातिवाचक संज्ञा के रूप में 

  • जब वाक्य में भाववाचक संज्ञाओं का प्रयोग बहुवचन के रूप में होता है, तब भाववाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा में बदल जाता है। 
  • जैसे – बुराइयों से सदैव दूर रहना चाहिए। यहाँ बुराइयों शब्द में जातिवाचक संज्ञा है, जो बुराई से बना है। 
भाववाचक संज्ञा बनाना
  • भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया से किया जाता है:
  • जातिवाचक से: मित्र → मित्रता, पशु → पशुता
  • सर्वनाम से: अपना → अपनापन, निज → निजत्व
  • विशेषण से: मीठा → मिठास, सुंदर → सुंदरता
  • क्रिया से: लड़ना → लड़ाई, पढ़ना → पढ़ाई

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • व्यक्तिवाचक का जातिवाचक के रूप में प्रयोग: कभी-कभी किसी व्यक्ति का नाम उसके गुणों के कारण पूरी जाति का बोध कराता है।
    • उदाहरण: “आज के युग में भी हरिश्चंद्रों की कमी नहीं है।” (यहाँ हरिश्चंद्र सत्यवादी लोगों की जाति का बोध करा रहा है।)
  • जातिवाचक का व्यक्तिवाचक के रूप में प्रयोग: जब कोई जातिवाचक शब्द किसी विशेष व्यक्ति के लिए रूढ़ हो जाए।
    • उदाहरण: “पंडित जी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे।” (यहाँ पंडित जी शब्द नेहरू जी के लिए प्रयुक्त हुआ है।)
संज्ञा का परिभाषा ,संज्ञा के भेद एवं उदाहरण