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Q. निम्नलिखित में से कौन सा कथन उत्प्रेरक (Catalyst) की सही परिभाषा है?
- वह पदार्थ जो अभिक्रिया के अंत में स्वयं उपभोग हो जाता है और उत्पाद का हिस्सा बन जाता है।
- वह पदार्थ जो अभिक्रिया का तापमान बढ़ाकर उसकी गति बदलता है।
- वह बाहरी पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया की गति को बदल देता है, लेकिन स्वयं अभिक्रिया के अंत में अपरिवर्तित रहता है।
- वह पदार्थ जो केवल ऋणात्मक अभिक्रियाओं की गति को प्रभावित करता है।
Explanation:
- उत्प्रेरक की परिभाषा के अनुसार, वह अभिक्रिया की दर (गति) को बदलता है लेकिन रासायनिक रूप से अपरिवर्तित रहता है।
Q. उत्प्रेरण (Catalysis) किसे कहते हैं?
- अभिक्रिया में उत्पादों का बनना
- उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की गति को बदलने की पूरी प्रक्रिया
- अभिक्रिया में सक्रियण ऊर्जा को बढ़ाना
- केवल जैविक अभिक्रियाओं में होने वाली प्रक्रिया
Explanation:
- उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की दर में परिवर्तन की प्रक्रिया को उत्प्रेरण कहते हैं।
Q. अभिक्रिया की दर (Rate of Reaction) की इकाई क्या होती है?
- mol . L . sec
- mol⁻¹ . L . sec⁻¹
- mol . L⁻¹ . sec⁻¹
- L . mol⁻¹ . sec
Explanation:
- अभिक्रिया की दर = सांद्रता में परिवर्तन / समय, अतः इसकी इकाई mol L⁻¹ sec⁻¹ होती है।
Q. सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- अभिक्रिया के दौरान अवशोषित कुल ऊर्जा।
- अभिक्रिया के अंत में उत्पादों में संचित ऊर्जा।
- वह न्यूनतम अतिरिक्त ऊर्जा जो अभिकारकों को उत्पाद में बदलने के लिए आवश्यक होती है।
- वह ऊर्जा जो केवल ऋणात्मक उत्प्रेरक घटाते हैं।
Explanation:
- सक्रियण ऊर्जा वह न्यूनतम ऊर्जा अवरोध है जिसे पार करना अभिकारकों के लिए आवश्यक होता है।
Q. एक उत्प्रेरक अभिक्रिया की दर कैसे बढ़ाता है?
- अभिक्रिया का तापमान बढ़ाकर
- अभिकारकों का दाब बढ़ाकर
- सक्रियण ऊर्जा (Ea) को कम करके
- उत्पादों की सांद्रता बढ़ाकर
Explanation:
- उत्प्रेरक अभिक्रिया के लिए एक वैकल्पिक मार्ग (Alternative path) प्रदान करता है जिससे सक्रियण ऊर्जा कम हो जाती है, और अभिक्रिया की गति बढ़ जाती है।
Q. निम्नलिखित में से कौन सा धनात्मक उत्प्रेरक (Positive Catalyst) का उदाहरण है?
- क्लोरोफॉर्म में एथिल अल्कोहल
- अमोनिया बनाने की विधि में लोहा (Fe)
- भोजन को फ्रिज में रखना
- दूध का खट्टा होना
Explanation:
- धनात्मक उत्प्रेरक अभिक्रिया की दर को बढ़ाते हैं। हेबर विधि (अमोनिया निर्माण) में Fe (लोहा) धनात्मक उत्प्रेरक का कार्य करता है।
Q. क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) में एथिल अल्कोहल (C₂H₅OH) मिलाने का क्या प्रभाव पड़ता है?
- यह अभिक्रिया को तीव्र गति से कराता है (धनात्मक उत्प्रेरक)।
- यह अभिक्रिया की दर को कम करता है (ऋणात्मक उत्प्रेरक)।
- यह अभिक्रिया का तापमान बढ़ाता है।
- यह स्वयं उत्प्रेरक बनकर अभिक्रिया को रोक देता है।
Explanation:
- क्लोरोफॉर्म में एथिल अल्कोहल एक ऋणात्मक उत्प्रेरक (Negative Catalyst) या अवरोधक (Inhibitor) के रूप में कार्य करता है, जो क्लोरोफॉर्म के ऑक्सीकरण को धीमा करता है।
Q. जब अभिक्रिया में बना कोई उत्पाद ही उत्प्रेरक का कार्य करने लगे, तो उसे क्या कहते हैं?
- प्रेरित उत्प्रेरक (Induced Catalyst)
- ऋणात्मक उत्प्रेरक (Negative Catalyst)
- स्व-उत्प्रेरक (Auto-Catalyst)
- विषमांगी उत्प्रेरक (Heterogeneous Catalyst)
Explanation:
- जब अभिक्रिया का कोई उत्पाद स्वयं ही अभिक्रिया की गति को प्रभावित (बढ़ाने) करने लगता है, तो इसे स्व-उत्प्रेरण (Auto-catalysis) कहते हैं।
Q. प्रेरित उत्प्रेरण (Induced Catalysis) का सही उदाहरण कौन सा है?
- पोटैशियम क्लोरेट (KClO₃) का गर्म करने पर विघटन।
- अमोनिया के निर्माण में Fe का उपयोग।
- क्लोरोफॉर्म में अल्कोहल मिलाना।
- जब एक अभिक्रिया, दूसरी अभिक्रिया के लिए उत्प्रेरक का कार्य करती है।
Explanation:
- प्रेरित उत्प्रेरण में, एक अभिक्रिया होने से दूसरी अभिक्रिया (जो अन्यथा धीमी है) तेज हो जाती है, भले ही कोई सीधा उत्प्रेरक न डाला गया हो।
Q. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ हैबर विधि में लोहे (Fe) उत्प्रेरक के लिए ‘उत्प्रेरक विष’ (Catalyst Poison) का कार्य करता है?
- ऑक्सीजन (O₂)
- कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)
- नाइट्रोजन (N₂)
- हाइड्रोजन (H₂)
Explanation:
- हैबर विधि में CO या H₂S जैसी गैसें लोहे (Fe) उत्प्रेरक के लिए विष का कार्य करती हैं, जिससे उत्प्रेरक की क्षमता कम हो जाती है।
- ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन हैबर विधि में अभिकारक हैं, विष नहीं।
Q. निम्नलिखित में से कौन सा एक उत्प्रेरक विष (Catalyst Inhibitor/Poison) का उदाहरण है?
- प्लैटिनम (Pt)
- लोहा (Fe)
- आर्सेनिक ऑक्साइड (As₂O₃)
- निकेल (Ni)
Explanation:
- As₂O₃ (आर्सेनिक ऑक्साइड) एक प्रसिद्ध उत्प्रेरक विष है जो उत्प्रेरक की सक्रियता को नष्ट कर देता है।
- Pt, Fe, और Ni सामान्य उत्प्रेरक हैं, विष नहीं।
Q. एक ठोस उत्प्रेरक की कौन सी विशेषता उसकी प्रभावशीलता को सबसे अधिक बढ़ाती है?
- उच्च घनत्व
- निम्न गलनांक
- उच्च पृष्ठीय क्षेत्रफल
- उच्च रंगहीनता
Explanation:
- उत्प्रेरक का पृष्ठीय क्षेत्रफल जितना अधिक होगा (जैसे बारीक चूर्ण), अभिकारक अणुओं के लिए सतह उतनी ही अधिक उपलब्ध होगी, जिससे उत्प्रेरक अधिक प्रभावी हो जाता है।
Q. किसी उत्प्रेरक की क्षमता को नष्ट करने वाले पदार्थ क्या कहलाते हैं?
- प्रवर्तक (Promoters)
- उत्प्रेरक विष (Catalyst Poisons)
- स्वतः उत्प्रेरक (Auto-catalysts)
- अवरोधक (Inhibitors – सामान्य अर्थ में)
Explanation:
- वे पदार्थ जो उत्प्रेरक की क्षमता को कम या पूरी तरह नष्ट कर देते हैं, उत्प्रेरक विष (Catalyst Poison) कहलाते हैं।
Q. हेबर विधि (Haber Process) द्वारा अमोनिया (NH₃) के निर्माण में निम्नलिखित में से कौन सा उत्प्रेरक प्रयोग किया जाता है?
- वैनेडियम पेंटाऑक्साइड (V₂O₅)
- लोहे का चूर्ण (Fe)
- निकिल (Ni)
- प्लैटिनम एस्बेस्टस (Pt)
Explanation:
- हेबर विधि में अमोनिया (NH₃) के निर्माण के लिए लोहे का चूर्ण (Fe) उत्प्रेरक के रूप में प्रयोग किया जाता है।
- वैनेडियम पेंटाऑक्साइड (V₂O₅) का प्रयोग सल्फ्यूरिक अम्ल (Contact Process) में होता है।
- निकिल (Ni) का प्रयोग वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में होता है।
- प्लैटिनम एस्बेस्टस (Pt) का प्रयोग ओस्टवाल्ड विधि (नाइट्रिक अम्ल) में होता है।
Q. वनस्पति तेल से घी (Vanaspati Ghee) बनाने की हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सा उत्प्रेरक प्रयोग किया जाता है?
- लोहे का चूर्ण (Fe)
- निकिल (Ni)
- क्यूप्रिक क्लोराइड (CuCl₂)
- एलुमिना (Al₂O₃)
Explanation:
- वनस्पति तेल (द्रव) से घी (ठोस वसा) बनाने की हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया में निकिल (Ni) उत्प्रेरक का प्रयोग किया जाता है।
- लोहे का चूर्ण (Fe) हेबर विधि में प्रयोग होता है।
- क्यूप्रिक क्लोराइड (CuCl₂) डीकन विधि में प्रयोग होता है।
- एलुमिना (Al₂O₃) अल्कोहल के निर्जलीकरण में प्रयोग होता है।
Q. संपर्क विधि (Contact Process) द्वारा सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) के निर्माण में निम्नलिखित में से कौन सा उत्प्रेरक कार्य करता है?
- नाइट्रिक ऑक्साइड (NO)
- लोहे का चूर्ण (Fe)
- वैनेडियम पेंटाऑक्साइड (V₂O₅)
- जिंक ऑक्साइड (ZnO)
Explanation:
- संपर्क विधि (Contact Process) में सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने के लिए वैनेडियम पेंटाऑक्साइड (V₂O₅) उत्प्रेरक होता है।
- नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) शीशा कक्ष विधि (Lead Chamber Process) में उत्प्रेरक है।
- शेष विकल्प अन्य प्रक्रियाओं में प्रयोग होते हैं।
Q. लार (Saliva) में मौजूद एंजाइम जो स्टार्च को शर्करा (Sugar) में बदलता है, निम्नलिखित में से कौन सा है?
- पेप्सिन (Pepsin)
- टायलिन (Ptyalin)
- जाइमेज (Zymase)
- इन्वर्टेज (Invertase)
Explanation:
- लार में मौजूद एंजाइम टायलिन (Ptyalin) है, जो स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट) को शर्करा (माल्टोस) में बदलता है।
- पेप्सिन आमाशय में प्रोटीन को पेप्टोन में बदलता है।
- जाइमेज ग्लूकोज को एथिल अल्कोहल में बदलता है।
- इन्वर्टेज सुक्रोज (गन्ना शर्करा) को ग्लूकोज और फ्रुक्टोज में बदलता है।
Q. दूध (Milk) को दही (Curd) में बदलने की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सा जैव उत्प्रेरक (Enzyme/Bio-catalyst) कार्य करता है?
- डायस्टेज (Diastase)
- जाइमेज (Zymase)
- लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus)
- इन्वर्टेज (Invertase)
Explanation:
- दूध को दही में बदलने के लिए लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus) नामक जीवाणु (बैक्टीरिया) उत्प्रेरक का काम करता है।
- डायस्टेज स्टार्च को माल्टोज में बदलता है।
- जाइमेज ग्लूकोज से अल्कोहल बनाता है।
- इन्वर्टेज सुक्रोज को तोड़ता है।
Q. पॉलिथीन (Polyethylene) के निर्माण में प्रयोग होने वाला जीग्लर-नाटा (Ziegler-Natta) उत्प्रेरक निम्नलिखित में से कौन सा है?
- प्लैटिनम-रोडियम (Pt/Rh)
- क्यूप्रिक क्लोराइड (CuCl₂)
- फेरिक क्लोराइड (FeCl₃)
- TiCl₄ + Al(C₂H₅)₃ (टाइटेनियम क्लोराइड + एल्युमिनियम एथिल)
Explanation:
- जीग्लर-नाटा उत्प्रेरक (TiCl₄ + Al(C₂H₅)₃) का प्रयोग पॉलिथीन (प्लास्टिक) और अन्य पॉलिमर के निर्माण में किया जाता है।
- Pt/Rh का प्रयोग कैटेलिटिक कन्वर्टर में होता है।
- CuCl₂ डीकन विधि में प्रयोग होता है।
- FeCl₃ बेंजीन के क्लोरीनीकरण में प्रयोग होता है।
Q. वाहनों के कैटेलिटिक कन्वर्टर (Catalytic Converter) में जहरीली गैसों को कम करने के लिए निम्नलिखित में से किस उत्प्रेरक का प्रयोग किया जाता है?
- क्यूप्रिक क्लोराइड (CuCl₂)
- मैंगनीज डाइऑक्साइड (MnO₂)
- प्लैटिनम-रोडियम (Pt/Rh)
- कोबाल्ट (Co)
Explanation:
- वाहनों के कैटेलिटिक कन्वर्टर में प्लैटिनम-रोडियम (Pt/Rh) का उपयोग कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) को हानिरहित गैसों में बदलने के लिए किया जाता है।
- शेष विकल्प अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं में प्रयोग होते हैं।
Q. फिशर-ट्रॉप्स (Fisher-Tropsch) विधि द्वारा सिंथेटिक पेट्रोल (Synthetic Petrol) बनाने में निम्नलिखित में से कौन सा उत्प्रेरक प्रयोग किया जाता है?
- निकिल (Ni)
- पैलेडियम (Pd)
- कोबाल्ट (Co)
- सिल्वर (Ag)
Explanation:
- कोबाल्ट (Co) का प्रयोग फिशर-ट्रॉप्स विधि (CO + H₂ से हाइड्रोकार्बन) में सिंथेटिक पेट्रोल और डीजल बनाने के लिए किया जाता है।
- निकिल हाइड्रोजनीकरण में प्रयोग होता है।
- पैलेडियम कार्बनिक अपचयन में प्रयोग होता है।
- सिल्वर एथिलीन ऑक्साइड बनाने में प्रयोग होता है।
Q. एस्टरीकरण (Esterification) की प्रक्रिया में (जहाँ अम्ल + अल्कोहल → एस्टर + पानी) निम्नलिखित में से किसका उपयोग उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है?
- पोटेशियम हाइड्रोक्साइड (KOH)
- जिंक ऑक्साइड (ZnO)
- सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄)
- सोडियम एथॉक्साइड (C₂H₅ONa)
Explanation:
- एस्टरीकरण प्रतिक्रिया (कार्बोक्सिलिक अम्ल + अल्कोहल) में सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) निर्जलन और उत्प्रेरक का कार्य करता है।
- KOH बायोडीजल में प्रयोग होता है।
- ZnO मेथेनॉल निर्माण में प्रयोग होता है।
- C₂H₅ONa कार्बनिक संश्लेषण में प्रयोग होता है।
Q. लार में पाया जाने वाला एंजाइम कौन सा है?
- पेप्सिन
- ट्रिप्सिन
- टायलिन
- लिपेज
Explanation:
- टायलिन (Salivary amylase) लार में पाया जाता है और स्टार्च को तोड़ने में मदद करता है।
Q. एंजाइम का इष्टतम तापमान सामान्यतः कितना होता है?
- 0°C – 10°C
- 10°C – 20°C
- 25°C – 40°C
- 50°C – 70°C
Explanation:
- अधिकांश एंजाइम 25°C से 40°C के बीच सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
Q. अधिकांश एंजाइमों की प्रकृति क्या होती है?
- कार्बोहाइड्रेट
- वसा
- प्रोटीन
- खनिज
Explanation:
- लगभग सभी एंजाइम प्रोटीन होते हैं जो जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
Q. एडवर्ड बुचनर का महत्वपूर्ण योगदान क्या था?
- पहला एंजाइम खोजा
- एंजाइम का नामकरण किया
- जीवित कोशिकाओं के बिना किण्वन सिद्ध किया
- प्रोटीन की खोज की
Explanation:
- 1897 में एडवर्ड बुचनर ने सिद्ध किया कि यीस्ट के अर्क से बिना जीवित कोशिकाओं के भी किण्वन संभव है।
Q. ‘एंजाइम’ शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था?
- एडवर्ड बुचनर
- एनसेल्म पेयेन
- विल्हेम कुह्ने
- लुई पाश्चर
Explanation:
- ‘एंजाइम’ शब्द का प्रयोग 1877 में विल्हेम कुह्ने ने किया था।
Q. निम्नलिखित में से सबसे पहले खोजा गया एंजाइम कौन सा है?
- टायलिन
- पेप्सिन
- डायस्टेज
- एमाइलेज
Explanation:
- सबसे पहला एंजाइम ‘डायस्टेज’ था, जिसकी खोज 1833 में एनसेल्म पेयेन ने की थी।
Q. निम्नलिखित में से कौन जैव-उत्प्रेरक (Bio-catalyst) कहलाता है?
- धातु उत्प्रेरक
- अम्ल
- एंजाइम
- क्षार
Explanation:
- एंजाइम जैव-उत्प्रेरक होते हैं जो जीवित कोशिकाओं में रासायनिक अभिक्रियाओं को तेज करते हैं।
- धातु, अम्ल और क्षार सामान्य उत्प्रेरक हो सकते हैं लेकिन जैव-उत्प्रेरक नहीं हैं।
Q. वनस्पति तेल से वनस्पति घी बनाने की प्रक्रिया (Hydrogenation) में किस उत्प्रेरक का उपयोग किया जाता है?
- लोहे का चूर्ण (Fe)
- वैनेडियम पेंटाऑक्साइड (V₂O₅)
- निकिल (Ni)
- मोलिब्डेनम (Mo)
Explanation:
- वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में निकिल (Ni) का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है।
- लोहे का चूर्ण हैबर विधि में उपयोग होता है।
- वैनेडियम पेंटाऑक्साइड सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने में काम आता है।
- मोलिब्डेनम एक वर्धक है, उत्प्रेरक नहीं।
Q. हैबर विधि द्वारा अमोनिया के निर्माण में मोलिब्डेनम (Mo) की क्या भूमिका है?
- ऋणात्मक उत्प्रेरक
- समांगी उत्प्रेरक
- उत्प्रेरक वर्धक (Catalyst Promoter)
- उत्प्रेरक विष (Catalyst Poison)
Explanation:
- मोलिब्डेनम (Mo) स्वयं उत्प्रेरक नहीं है, लेकिन यह लोहे (Fe) की उत्प्रेरण शक्ति को बढ़ाता है, इसलिए इसे वर्धक कहते हैं।
- ऋणात्मक उत्प्रेरक अभिक्रिया को धीमा करते हैं।
- समांगी उत्प्रेरक में अवस्था समान होती है।
- उत्प्रेरक विष अभिक्रिया की क्षमता नष्ट करते हैं।
Q. शीशा कक्ष विधि (Lead Chamber Process) में प्रयुक्त होने वाला उत्प्रेरक ‘नाइट्रिक ऑक्साइड (NO)’ किस प्रकार के उत्प्रेरण का उदाहरण है?
- समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis)
- विषमांगी उत्प्रेरण (Heterogeneous Catalysis)
- एंजाइम उत्प्रेरण
- स्व-उत्प्रेरण
Explanation:
- इस प्रक्रिया में अभिकारक (SO₂ और O₂) और उत्प्रेरक (NO) सभी गैसीय अवस्था में होते हैं, इसलिए यह समांगी उत्प्रेरण है।
- विषमांगी में अवस्थाएँ अलग-अलग होती हैं।
- एंजाइम जैविक क्रियाओं के लिए होते हैं।
- स्व-उत्प्रेरण में उत्पाद ही उत्प्रेरक बन जाता है।
Q. एंजाइम (Enzymes) की कार्यप्रणाली को समझाने के लिए ‘ताला-चाबी सिद्धांत’ (Lock and Key Theory) किसने दिया था?
- विल्हेम कुह्ने
- एडवर्ड बुचनर
- एमिल फिशर
- एनसेल्म पेयेन
Explanation:
- एमिल फिशर ने बताया था कि एंजाइम एक विशिष्ट ताले की चाबी की तरह कार्य करते हैं।
- विल्हेम कुह्ने ने ‘एंजाइम’ शब्द दिया था।
- बुचनर ने किण्वन पर कार्य किया था।
- पेयेन ने पहले एंजाइम ‘डायस्टेज’ की खोज की थी।
Q. उत्प्रेरक (Catalyst) किसी रासायनिक अभिक्रिया की दर को कैसे प्रभावित करता है?
- सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को बढ़ाकर
- सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को कम करके
- अभिकारकों की सांद्रता बढ़ाकर
- उत्पादों की मात्रा बढ़ाकर
Explanation:
- उत्प्रेरक अभिक्रिया के लिए एक वैकल्पिक छोटा मार्ग प्रदान करता है जिससे सक्रियण ऊर्जा कम हो जाती है और अभिक्रिया तेज हो जाती है।
- सक्रियण ऊर्जा बढ़ने से अभिक्रिया धीमी हो जाती है।
- सांद्रता बदलना उत्प्रेरक का कार्य नहीं है।
- उत्प्रेरक केवल दर बदलता है, अंतिम उत्पाद की मात्रा नहीं।
Q. निम्नलिखित में से किसे ‘DNA / आणविक कैंची’ कहा जाता है?
- DNA लाइगेज
- Taq पॉलीमरेज
- रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लिएज
- रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज
Explanation:
- रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लिएज DNA को विशिष्ट स्थानों (palindromic sequence) पर काटता है, इसलिए इसे molecular scissors कहा जाता है।
- DNA लाइगेज DNA को जोड़ता है।
- Taq polymerase DNA की प्रतियां बनाता है।
- Reverse transcriptase RNA से DNA बनाता है।
Q. DNA के दो टुकड़ों को जोड़ने वाला एंजाइम कौन सा है?
- रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लिएज
- Taq पॉलीमरेज
- DNA लाइगेज
- रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज
Explanation:
- DNA लाइगेज को molecular glue कहा जाता है क्योंकि यह DNA fragments को जोड़ता है।
- Restriction enzyme DNA काटता है।
- Taq polymerase DNA synthesis करता है।
- Reverse transcriptase RNA → DNA बनाता है।
Q. PCR तकनीक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- प्रोटीन संश्लेषण
- DNA की अनेक प्रतियां बनाना
- RNA का निर्माण
- DNA को काटना
Explanation:
- PCR (Polymerase Chain Reaction) DNA की लाखों copies बनाने की तकनीक है।
- यह genetic engineering में बहुत उपयोगी है।
Q. Taq polymerase एंजाइम किस जीवाणु से प्राप्त किया जाता है?
- Escherichia coli
- Bacillus subtilis
- Thermus aquaticus
- Rhizobium
Explanation:
- Taq polymerase Thermus aquaticus से प्राप्त heat-stable enzyme है।
- यह PCR में उच्च तापमान पर कार्य करता है।
Q. RNA से DNA बनने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
- ट्रांसलेशन
- ट्रांसक्रिप्शन
- रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन
- रिप्लिकेशन
Explanation:
- RNA → DNA बनने की प्रक्रिया को reverse transcription कहते हैं।
- यह retrovirus (जैसे HIV) में पाया जाता है।
Q. पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला एंजाइम कौन सा है?
- DNA polymerase
- Pepsin
- RuBisCO
- Amylase
Explanation:
- RuBisCO सबसे abundant enzyme है जो photosynthesis में CO₂ fixation करता है।
Q. ‘Lock and Key’ सिद्धांत किस वैज्ञानिक ने दिया था?
- लुई पाश्चर
- चार्ल्स डार्विन
- एमिल फिशर
- वॉटसन
Explanation:
- एमिल फिशर ने lock and key hypothesis दिया जिसमें enzyme-substrate specificity समझाई गई।
Q. Williamson Etherification अभिक्रिया में किस तापमान पर ईथर बनता है?
- 100°C
- 120°C
- 140°C
- 200°C
Explanation:
- Alcohol + conc. H₂SO₄ को 140°C पर गर्म करने से ether बनता है।
