science

धारा प्रवाहित करने के लिए उपयोग किया जाने वाले तरल को कहा जाता है। RRB Group-D 25-09-2018 (Shift-III)

  • निलंबन
  • गैर-इलेक्ट्रोलाइट
  • पायसन
  • इलेक्ट्रालाइट

Explanation:

इनमें से कौन धात्विक खनिज नहीं है? RRB NTPC

  • कोयला
  • बॉक्साइट
  • टिन
  • निकेल

Explanation:

कॉपर पाइराइट से प्राप्त होने वाला कॉपर ब्लिस्टर कॉपर कहलाता है। ब्लिस्टर के निर्माण के लिए उत्तरदायी गैस है।

  • CO2
  • NO2
  • CO
  • SO2

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु खनिज नहीं है ? [ UPTET, Nov-2018]

  • हेमैटाइट
  • जिप्सम
  • बॉक्साइट
  • लिमोनाइट

Explanation:

कॉपर के अयस्क से कॉपर के निष्कर्षण में प्रयुक्त गालक है? Raj. HInd Gr. Teacher Science 2010

  • सिलिका
  • चूने का पत्थर
  • ऐलुमिना
  • बिना बुझा चूना

Explanation:

पारा धातु का मुख्य अयस्क है? Junior Accountant 2016

  • रॉक साल्ट
  • कैलेमाइन
  • सिनेबार
  • हेमेटाइट

Explanation:

धातुओं में से लोहे पर किसकी परत चढ़ाना ‘गैल्वेनाइजिंग’ कहलाती है? Police 2008

  • लिथार्ज
  • सिनेबार
  • गैलना
  • रूटाइल (TiO2)

Explanation:

पारा का निष्कर्षण किया जाता है? Raj. B.Ed 2005

  • लिथार्ज
  • सिनेबार
  • गैलना
  • रूटाइल (TiO2)

Explanation:

मोनाजाइट बालू में निम्न में से कौन-सा खनिज पाया जाता है ? JBSSC 2016]

  • पोटैशियम
  • थोरियम
  • यूरेनियम
  • सोडियम

Explanation:

ऑक्सीजन की उपस्थिति में अयस्कों को गर्म करने की क्रिया को —- कहा जाता है। RRB Group-D 06-12-2018 (Shift-II)

  • निस्तापन /calcination
  • निष्कर्षण /extraction
  • भंजन /destruction
  • संक्षारण /corrosion

Explanation:

निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया द्वारा उच्च प्रतिक्रिया वाली धातुओं का शुद्ध पिघले हुए अयस्क से निष्कासन होता है? RRB ALP & Tec. (09-08-2018

  • उपयुक्त एजेंट द्वारा अपचयन
  • इलेक्ट्रोलिसिस
  • कैलसिनेशन
  • रोस्टिंग

Explanation:

फेन प्लवन विधि में, अयस्क के चूर्ण को ————- के मिश्रण से भरी एक टंकी में रखा जाता है। RRB Group-D 12-11-2018

  • जल और एल्युमिनियम
  • जल एवं चीड़ का तेल
  • ताँबा और जल
  • जल और वनस्पति तेल

Explanation:

गैलेना किसका अयस्क है? RRB JE. (14-12-2014)

  • सीसा
  • ताँबा
  • एल्युमिनियम
  • लोहा

Explanation:

————-धातु केवल विद्युत अपघटन द्वारा निकाला जाता है। RRB Group-D 28-09-2018

  • Al
  • Zn
  • Fe
  • Cu

Explanation:

मैलाकाइट ——–का एक अयस्क है ।

  • ताँबा
  • मैंगनीज
  • मैग्नीशियम
  • पारा

Explanation:

धातुओं के ऑक्साइड जैसी अशुद्धतायुक्त धातुओं के शुद्धिकरण के लिए कौन सी प्रक्रिया प्रयुक्त की जाती है? RRB Group-D 26-10-2018

  • पोलिंग
  • हाइड्रो धातु विज्ञान
  • चुंबकीय पृथक्करण
  • इलेक्ट्रो रिफाइनिंग

Explanation:

इनमें से कौन – सा तांबे का मुख्य अयस्क है ? RRB JE 31-05-2019

  • साइडराइट
  • चल्काँपाइराइट
  • बॉक्साइट
  • डोलोमाइट

Explanation:

———–एल्युमीनियम का सबसे महत्वपूर्ण अयस्क है। RRB NTPC Stage 1st 30-04-2016

  • काओलिनाइट
  • हैमेटाइट
  • जियोटाइट
  • बॉक्साइट

Explanation:

बॉक्साइट किस धातु का अयस्क है ? R.R.B. कोलकाता (Asst. Driv.) परीक्षा, 2002

  • एल्युमीनियम
  • तांबा
  • जस्ता
  • टिन

Explanation:

सिनेबार ———- का एक अयस्क है । RRB JE 31-05-2019

  • चाँदी
  • सोना
  • पारा
  • ताँबा

Explanation:

धातुएं निम्नलिखित प्रक्रिया द्वारा गर्म होती हैं: D.M.R.C. परीक्षा, 2002

  • चालन
  • संवहन
  • विकिरण
  • विकिरण और संवहन

Explanation:

बेयर की विधि में बॉक्साइट अयस्क का ( शुद्धीकरण हेतु) पाचन किसमें होता है? R.R.B. इलाहाबाद (T.C. / Tr. Clerk . )

  • KOH
  • NaOH
  • H2SO4
  • Na2CO3

Explanation:

फेन प्लवन विधि का उपयोग ———– अयस्क के सांद्रीकरण के लिए किया जाता है। RRB Group-D 05-11-2018 (Shift-II)

  • पारा
  • सोडियम
  • सल्फाइड
  • कॉपर

Explanation:

जब एक लोहे के कील में जंग लग जाती है, तो लौह ऑक्साइड का निर्माण ———– होता है। R.R.B. भोपाल (S.C./E.C.R.C.) परीक्षा, 2006

  • भार में कमी के साथ
  • भार में बिना किसी परिवर्तन के
  • रंग में बिना परिवर्तन के
  • भार में बढ़ोत्तरी के साथ

Explanation:

धातुकर्म एक प्रक्रिया है- RRB Group-D 24-09-2018

  • लोहे में जंग लगने की
  • अयस्कों के गैल्वीकरण की
  • अयस्क से धातुओं को निकालने की
  • तनुकरण की

Explanation:

जंग (रस्ट) का उदाहरण है : R.R.B. रांची (Asst. Driv.) परीक्षा, 2003

  • यौगिक का
  • मिश्रण का
  • मिश्रधातु का
  • तत्व का

Explanation:

निम्न में से कौन-सा अलौह धातु है ? R.R. B. कोलकाता (A.S.M.) परीक्षा, 2005

  • कोबाल्ट
  • निकेल
  • एल्युमीनियम
  • फॉस्फोरस

Explanation:

पृथ्वी की परत में स्वाभाविक रूप से होने वाले अकार्बनिक तत्व या यौगिकों को कहा जाता है । RRB Group-D 16-11-2018

  • धातु
  • खनिज पदार्थ
  • अयस्क
  • फ्लक्स

Explanation:

निम्नलिखित में आयरन पर जंग लगने के कौन से कारण हैं? R.R.B. रांची (Asst. Driv) परीक्षा, 2003

  • 1.ऑक्सीडेशन
  • 2.रिडक्शन
  • 3.ऑक्सीजन के साथ रासायनिक क्रिया
  • 4.CO2, के साथ रासायनिक क्रिया
  • 1 और 2
  • 2 और 3
  • 3 और 4
  • 1 और 3

Explanation:

किस खनिज अयस्क से लोहा पाया जाता है? R.R.B. इलाहाबाद (A.C./C.C./T.C.)

  • पाइराइट
  • हेमेटाइट
  • हैलाइट
  • ऐजुराइट

Explanation:

वात्या भट्टी का प्रयोग होता है निम्नलिखित के लिए : R.R.B. इलाहाबाद (E. C. R. C. / G. G. ) परीक्षा, 2005

  • अपचयन
  • पॉलीमरीकरण
  • संघनन
  • ऑक्सीकरण

Explanation:

वात्या भट्टी में किससे आयरन ऑक्साइड उपचयित होता है? R.R. B. महेन्दूघाट (T.A / C.A/E.C.R.C.) परीक्षा, 2006

  • सिलिका
  • कार्बन
  • चूना
  • कार्बन मोनोक्साइड

Explanation:

. बेसेमर प्रक्रिया का उपयोग किसमें होता है? R.R.B. कोलकाता (A.S.M.) परीक्षा, 2005

  • एल्युमीनियम
  • इस्पात
  • नाइट्रोजन
  • क्रोमियम

Explanation:

कोरंडम का प्रयोग निम्नलिखित रूप में किया जाता है: D.M.R.C. परीक्षा, 2002

  • उर्वरक
  • औषधि
  • पॅट
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व स्वतंत्र अवस्था में पाया जाता है? “R.R.B. चंडीगढ़ (TA/C.A./ E.C.R.C.) परीक्षा, 2006

  • आयोडीन
  • मैग्नीशियम
  • सल्फर
  • फॉस्फोरस

Explanation:

एल्युमीनियम कास्टिक सोडा में किसकी रचना के कारण विलेय होता है ? R.R.B. इलाहाबाद (सुपरवाइजर) परीक्षा, 2003

  • एल्युमीनियम कास्टिक एल्कली में नहीं घुलता
  • सोडियम मेटा-एल्युमिनेट
  • एल्युमीनियम ऑक्साइड
  • एल्युमीनियम हाइड्रॉक्साइड

Explanation:

पारा का अयस्क ———–है । R.R. B. इलाहाबाद (A.S.M.) परीक्षा, 2005

  • गैलेना
  • कैलोमाइट
  • कैलोमल
  • पेटसाइट

Explanation:

अधिकांश लोहा निम्न से प्राप्त किया जा सकता है : R.R.B. रांची (C.C. / T.C./J.C.) परीक्षा, 2006

  • हेमेटाइट
  • मैग्नेटाइट
  • साइडेराइट
  • आयरन पाइराइट

Explanation:

वात्या भट्टी (ब्लास्ट फरनेस) में उत्पादित लोहा है.: R.R. B. गोरखपुर ( Asst. Driv.) परीक्षा, 2006

  • कच्चा लोहा
  • पिटवां लोहा
  • स्टेनलेस स्टील
  • स्टील

Explanation:

कांच निम्नलिखित का मिश्रण है : R.R.B. रांची (Asst. Driv. ) परीक्षा, 2003

  • क्वार्ट्ज और अभ्रक
  • बालू और सिल्ट
  • बालू और सिलिकेट
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

हेमेटाइट अयस्क है : R.R.B. पटना (A.S.M/G.G.) परीक्षा, 2007

  • Al का
  • Cu का
  • Fe का
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

जब इस्पात को सुर्ख लाल गर्म किया जाता है एवं धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है, तो यह प्रक्रिया कहलाती है: R.R.B. इलाहाबाद (असि. लोको पाय.) परीक्षा, 2008

  • अनीलन
  • शमन
  • मृदुकरण
  • प्रगलन

Explanation:

इनमें से बेमेल कौन है ? R.R. B. बंगलौर (A.S.M.) परीक्षा, 2010

  • इस्पात
  • लोहा
  • तांबा
  • एल्युमीनियम

Explanation:

‘फेल्सपार अयस्क है : R.R. B. अहमदाबाद (A.S.M.) परीक्षा, 2004

  • मैग्नीशियम का
  • कैल्शियम का
  • तांबा का
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

सामान्यतया भर्जन किस अयस्क में किया जाता है ? R.R. B. महेन्दूघाट, पटना (A.S.M.) परीक्षा, 2004

  • ऑक्साइड अयस्क
  • सल्फाइड अयस्क
  • कार्बोनेट अयस्क
  • सिलिकेट अयस्क

Explanation:

उद्योगों में प्रयुक्त रसायनों का प्रचुर स्रोत है R.R. B. अजमेर (A.S.M.) परीक्षा, 2001

  • कोक
  • पीट
  • कोलतार
  • द्रवीभूत पेट्रोलियम गैस
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

चुम्बकीय पृथक्करण विधि निम्नलिखित में से किस अयस्क के सान्द्रण में प्रयुक्त होती है ? R.R. B. पटना (T.C./C.C./J.C.) ‘मुख्य’ परीक्षा, 2012

  • हार्न सिल्वर
  • कैल्साइट
  • हेमेटाइट
  • मैग्नेटाइट

Explanation:

निम्नलिखित में से कौन-सा एल्युमीनियम का अयस्क नहीं है ? R.R. B. गोरखपुर (Asst. Driv.) परीक्षा, 2006

  • क्रायोलाइट
  • फेल्डस्पार
  • बॉक्साइट
  • ऐजुराइट

Explanation:

मेलाकोनाइट इनमें से किस धातु का खनिज है ? R.R. B. इलाहाबाद (E.C.R.C.) परीक्षा, 2007

  • तांबा
  • चांदी
  • मैग्नीशियम
  • लोहा

Explanation:

चांदी : R.R. B. इलाहाबाद (असि. लोको पाय) परीक्षा, 2008

  • एक शक्तिशाली चुम्बकीय पदार्थ है
  • एक विद्युत सुचालक है
  • विद्युत कुचालक है
  • इनमें से कोई नहीं

Explanation:

डोलोमाइट अयस्क है । R.R. B. कोलकाता (T.A.) परीक्षा, 2008

  • जिंक
  • लेड
  • आयरन
  • मैग्नीशियम कार्बोनेट

1. निम्नलिखित में से कौन सा एल्युमीनियम का प्रमुख अयस्क है?

  • हेमेटाइट
  • बॉक्साइट
  • कैलामाइन
  • मैग्नेटाइट

Explanation:

  • बॉक्साइट एल्युमीनियम का प्रमुख अयस्क है, जिसका रासायनिक सूत्र Al2O3.2H2O है।
  • हेमेटाइट लोहे का अयस्क है।
  • कैलामाइन जिंक का अयस्क है।
  • मैग्नेटाइट लोहे का चुंबकीय अयस्क है।

2. धातु के उस अयस्क को क्या कहते हैं जिसमें से केवल गर्म करने पर ही धातु प्राप्त की जा सकती है?

  • कार्बोनेट अयस्क
  • सल्फाइड अयस्क
  • ऑक्साइड अयस्क
  • नाइट्रेट अयस्क

Explanation:

  • सल्फाइड अयस्कों को केवल वायु की अनुपस्थिति में गर्म करने से ही धातु प्राप्त हो जाती है। इस प्रक्रिया को निस्तापन (calcination) कहते हैं।
  • कार्बोनेट और ऑक्साइड अयस्कों को गलाने के लिए अवकारक की आवश्यकता होती है।
  • नाइट्रेट अयस्क दुर्लभ होते हैं।

3. निस्तापन (Calcination) प्रक्रिया का उद्देश्य क्या है?

  • अयस्क को गलाना
  • अशुद्धियों को स्लैग के रूप में अलग करना
  • अयस्क से नमी और वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करना
  • धातु का शुद्धिकरण करना

Explanation:

  • निस्तापन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अयस्क को उसके गलनांक से नीचे के तापमान पर वायु की अनुपस्थिति में गर्म किया जाता है ताकि इसमें से नमी, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य वाष्पशील पदार्थों को हटाया जा सके।
  • अयस्क को गलाना और स्लैग बनाना भर्जन (smelting) की प्रक्रिया का हिस्सा है।
  • धातु का शुद्धिकरण विभिन्न परिष्करण विधियों द्वारा किया जाता है।

4. निम्नलिखित में से किस धातु के निष्कर्षण में सायनाइड लीचिंग (Cyanide Leaching) प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?

  • लोहा
  • तांबा
  • एल्युमीनियम
  • सोना

Explanation:

  • सोने के निष्कर्षण में सोडियम सायनाइड के विलयन का उपयोग किया जाता है। सोना सायनाइड के साथ विलेय संकुल [Au(CN)2]- बनाता है, जिससे बाद में जिंक द्वारा विस्थापित करके शुद्ध सोना प्राप्त किया जाता है।
  • तांबे के निष्कर्षण में अम्लीय लीचिंग का उपयोग होता है।
  • एल्युमीनियम के निष्कर्षण में बेयर प्रक्रिया (क्षारीय लीचिंग) का उपयोग होता है।
  • लोहे के निष्कर्षण में लीचिंग प्रक्रिया सामान्य नहीं है।

5. मैग्नीशियम धातु के निष्कर्षण में उपयोग की जाने वाली विधि कौन सी है?

  • विद्युत-अपघटनी परिष्करण
  • विद्युत-अपघटनी reduction
  • कार्बन reduction
  • आत्म- reduction

Explanation:

  • मैग्नीशियम जैसी अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ, जो कार्बन से अधिक क्रियाशील हैं, उन्हें उनके पिघले हुए अयस्कों के विद्युत-अपघटन (electrolysis) द्वारा प्राप्त किया जाता है।
  • विद्युत-अपघटनी परिष्करण शुद्धिकरण के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • कार्बन reduction कम क्रियाशील धातुओं (जैसे लोहा, जिंक) के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • आत्म- reduction कुछ विशिष्ट धातुओं (जैसे कॉपर और लेड) के लिए प्रयोग किया जाता है।

6. ‘स्लैग’ (Slag) क्या है?

  • धातु का शुद्ध रूप
  • गैंग या मिट्टी की अशुद्धि
  • गलित अवस्था में तैरने वाला हल्का पदार्थ जो धातु से अलग हो जाता है
  • अयस्क का सांद्रित रूप

Explanation:

  • स्लैग, धातुकर्म की भट्टी में बनने वाला एक गलित अपशिष्ट पदार्थ है। यह फ्लक्स (flux) द्वारा गैंग (gangue) के साथ अभिक्रिया करके बनता है। यह गलित धातु के ऊपर तैरता है और आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • यह धातु नहीं है।
  • गैंग अयस्क में मौजूद अवांछित अशुद्धि होती है।
  • सांद्रण के बाद अयस्क शुद्ध होता है, स्लैग नहीं।

7. निम्नलिखित में से कौन सा लोहे का अयस्क नहीं है?

  • हेमेटाइट
  • मैग्नेटाइट
  • आयरन पाइराइट्स
  • सिडेराइट

Explanation:

  • सिडेराइट लोहे का एक कार्बोनेट अयस्क (FeCO3) है और यह लोहे का अयस्क ही है। प्रश्न पूछता है “कौन सा नहीं है”, लेकिन विकल्पों में सभी लोहे के अयस्क हैं। सही उत्तर यह है कि सभी लोहे के अयस्क हैं। त्रुटिपूर्ण प्रश्न।
  • हेमेटाइट (Fe2O3), मैग्नेटाइट (Fe3O4), आयरन पाइराइट्स (FeS2) और सिडेराइट (FeCO3) सभी लोहे के अयस्क हैं।

8. धातु के निष्कर्षण में ‘फ्लक्स’ (Flux) का क्या कार्य है?

  • धातु को reduce करना
  • अयस्क को गलाना
  • गैंग (अशुद्धि) के साथ मिलकर उसे गलित स्लैग में बदलना
  • धातु का शुद्धिकरण करना

Explanation:

  • फ्लक्स एक पदार्थ है जो अयस्क में मौजूद गैंग (अशुद्धि) के साथ अभिक्रिया करके उसे आसानी से पिघलने वाले पदार्थ (स्लैग) में बदल देता है।
  • धातु को reduce करने का कार्य अवकारक (reducing agent) का होता है।
  • अयस्क को गलाने के लिए उच्च ताप की आवश्यकता होती है।
  • शुद्धिकरण एक अलग चरण है।

9. कॉपर मैट (Copper Matte) क्या है?

  • शुद्ध कॉपर
  • कॉपर का ऑक्साइड
  • कॉपर आयरन सल्फाइड का मिश्रण (Cu2S + FeS)
  • कॉपर सल्फेट

Explanation:

  • कॉपर मैट, कॉपर के निष्कर्षण की एक मध्यवर्ती product है। यह कॉपर आयरन सल्फाइड (मुख्यतः Cu2S और FeS) का मिश्रण होता है, जो भर्जन प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होता है।
  • यह शुद्ध कॉपर नहीं है।
  • इसे परिवर्तक भट्टी में further process किया जाता है।

10. निम्नलिखित में से किस धातु के निष्कर्षण में ‘हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया’ (Hall-Héroult process) का उपयोग किया जाता है?

  • तांबा
  • सोडियम
  • एल्युमीनियम
  • जिंक

Explanation:

  • हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया का उपयोग एल्युमिना (Al2O3) के विद्युत-अपघटन द्वारा शुद्ध एल्युमीनियम धातु के निष्कर्षण के लिए किया जाता है।
  • सोडियम के निष्कर्षण के लिए कास्टनर विधि (पिघले हुए NaCl का विद्युत-अपघटन) का उपयोग होता है।
  • तांबे और जिंक के निष्कर्षण में भर्जन और reduction जैसी विधियाँ प्रयुक्त होती हैं।

11. विद्युत-अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining) में अशुद्ध धातु कहाँ रखी जाती है?

  • एनोड (Anode) पर
  • कैथोड (Cathode) पर
  • विद्युत-अपघट्य में
  • अपने लवण के विलयन में

Explanation:

  • विद्युत-अपघटनी परिष्करण में, अशुद्ध धातु की एक मोटी प्लेट को एनोड (धनात्मक इलेक्ट्रोड) के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • शुद्ध धातु की एक पतली प्लेट कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड) के रूप में कार्य करती है।
  • विद्युत-अपघट्य के रूप में धातु के किसी लवण का विलयन प्रयोग किया जाता है।
  • विद्युत धारा प्रवाहित करने पर एनोड से धातु घुलकर विलयन में आती है और शुद्ध धातु कैथोड पर जमा हो जाती है।

12. निम्नलिखित में से कौन सी धातु अपने सल्फाइड अयस्क के भर्जन (Roasting) से सीधे प्राप्त की जा सकती है?

  • लोहा
  • जिंक
  • पारा (Mercury)
  • एल्युमीनियम

Explanation:

  • पारे के सल्फाइड अयस्क (सिनेबार, HgS) को वायु की उपस्थिति में गर्म करने (भर्जन) पर यह सीधे पारे में परिवर्तित हो जाता है। HgS + O2 → Hg + SO2
  • लोहे और जिंक के सल्फाइड अयस्कों को पहले ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है, फिर reduce किया जाता है।
  • एल्युमीनियम ऑक्साइड अयस्क से प्राप्त होता है।

13. ‘गैंग’ (Gangue) शब्द का अर्थ है:

  • धातु का सांद्रित अयस्क
  • धातु का शुद्ध रूप
  • अयस्क में मौजूद अवांछित अशुद्धियाँ
  • धातु निकालने की प्रक्रिया

Explanation:

  • किसी भी अयस्क में मौजूद रेत, मिट्टी, चट्टान के टुकड़े आदि अवांछित पदार्थों को सामूहिक रूप से गैंग (Gangue) या मिट्टी कहा जाता है।
  • धातु निकालने से पहले इन अशुद्धियों को हटाने के लिए अयस्क का सांद्रण किया जाता है।

14. निम्नलिखित में से कौन सी धातु प्रकृति में मुक्त अवस्था (Native state) में पाई जाती है?

  • सोडियम
  • कैल्शियम
  • सोना (Gold)
  • एल्युमीनियम

Explanation:

  • सोना, प्लेटिनम और चांदी जैसी कम अभिक्रियाशील धातुएँ प्रकृति में मुक्त (शुद्ध) धातु के रूप में पाई जाती हैं क्योंकि ये वायु, नमी आदि से अभिक्रिया नहीं करतीं।
  • सोडियम, कैल्शियम और एल्युमीनियम अत्यधिक अभिक्रियाशील हैं, इसलिए ये प्रकृति में संयुक्त अवस्था में ही पाई जाती हैं।

15. अयस्क के सांद्रण की फेन प्लवन (Froth Flotation) विधि मुख्य रूप से किस प्रकार के अयस्कों के लिए प्रयोग की जाती है?

  • भारी अयस्क
  • चुंबकीय अयस्क
  • सल्फाइड अयस्क
  • ऑक्साइड अयस्क

Explanation:

  • फेन प्लवन विधि का उपयोग मुख्यतः सल्फाइड अयस्कों के सांद्रण के लिए किया जाता है। इस विधि में अयस्क के चूर्ण को पानी से भरे एक बड़े टैंक में डाला जाता है और इसमें पाइन ऑयल जैसे फेन संग्राहक (froth collector) मिलाए जाते हैं।
  • भारी अयस्कों के लिए गुरुत्वाकर्षण पृथक्करण विधि का प्रयोग किया जाता है।
  • चुंबकीय अयस्कों के लिए चुंबकीय पृथक्करण विधि का प्रयोग किया जाता है।

16. निम्नलिखित में से कौन सा जस्ता (Zinc) का अयस्क है?

  • बॉक्साइट
  • कैल्साइट
  • जिंक ब्लेंड (ZnS)
  • कॉपर पाइराइट्स

Explanation:

  • जिंक ब्लेंड (Zinc Blende) जिसका रासायनिक नाम जिंक सल्फाइड (ZnS) है, जस्ता का एक प्रमुख अयस्क है।
  • बॉक्साइट एल्युमीनियम का अयस्क है।
  • कैल्साइट कैल्शियम कार्बोनेट है।
  • कॉपर पाइराइट्स तांबे का अयस्क है।

17. धातुकर्म में ‘भर्जन’ (Roasting) प्रक्रिया किसके लिए की जाती है?

  • कार्बोनेट अयस्कों को ऑक्साइड में बदलने के लिए
  • सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड में बदलने के लिए
  • ऑक्साइड अयस्कों को धातु में बदलने के लिए
  • अयस्क से नमी हटाने के लिए

Explanation:

  • भर्जन एक प्रक्रिया है जिसमें सल्फाइड अयस्कों को वायु की abundant आपूर्ति में उनके गलनांक से below गर्म किया जाता है ताकि उन्हें ऑक्साइड में परिवर्तित किया जा सके। उदाहरण: 2ZnS + 3O2 → 2ZnO + 2SO2
  • कार्बोनेट अयस्कों को ऑक्साइड में बदलने की प्रक्रिया निस्तापन (Calcination) कहलाती है।
  • ऑक्साइड को धातु में बदलना reduction की प्रक्रिया है।

18. निम्नलिखित में से किस धातु के निष्कर्षण में ‘कार्बन reduction’ विधि का उपयोग नहीं किया जा सकता?

  • लोहा
  • जिंक
  • टिन
  • एल्युमीनियम

Explanation:

  • एल्युमीनियम, कार्बन से अधिक क्रियाशील है, इसलिए कार्बन द्वारा इसके ऑक्साइड को reduce नहीं किया जा सकता। इसके लिए विद्युत-अपघटनी reduction विधि का उपयोग किया जाता है।
  • लोहा, जिंक, और टिन कार्बन से कम क्रियाशील हैं, इसलिए इनके ऑक्साइडों को कार्बन द्वारा गर्म करके reduce किया जा सकता है।

19. ‘मैलिब्डेनम’ (Molybdenum) धातु के निष्कर्षण में उपयोग होने वाला उसका प्रमुख अयस्क कौन सा है?

  • बॉक्साइट
  • हेमेटाइट
  • मॉलिब्डेनाइट (MoS2)
  • गैलेना

Explanation:

  • मॉलिब्डेनाइट (Molybdenite), जो मैलिब्डेनम सल्फाइड (MoS2) है, इस धातु का सबसे महत्वपूर्ण अयस्क है।
  • बॉक्साइट एल्युमीनियम का अयस्क है।
  • हेमेटाइट लोहे का अयस्क है।
  • गैलेना लेड (सीसा) का अयस्क है।

20. निकल धातु के शुद्धिकरण के लिए प्रयुक्त होने वाली विधि है:

  • परावर्तनी भट्टी द्वारा
  • भर्जन द्वारा
  • मॉन्ड प्रक्रिया (Mond Process)
  • बेसेमरीकरण द्वारा

Explanation:

  • मॉन्ड प्रक्रिया का उपयोग निकल धातु के शुद्धिकरण के लिए किया जाता है। इसमें अशुद्ध निकल को कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ गर्म किया जाता है जिससे वाष्पशील निकल टेट्राकार्बोनिल [Ni(CO)4] बनता है। इसे अलग करके गर्म करने पर शुद्ध निकल प्राप्त हो जाता है।
  • बेसेमरीकरण का उपयोग कॉपर के शुद्धिकरण के लिए किया जाता था।
  • भर्जन और परावर्तनी भट्टी निष्कर्षण की प्रक्रियाएँ हैं।

21. ‘थर्मिट प्रक्रिया’ (Thermit Process) का उपयोग किस धातु के reduction के लिए किया जाता है?

  • तांबा
  • लोहा
  • सोना
  • चांदी

Explanation:

  • थर्मिट प्रक्रिया में, एल्युमीनियम की धूल का उपयोग एक अवकारक के रूप में किया जाता है ताकि लोहे के ऑक्साइड को उच्च तापमान पर reduce करके पिघला हुआ लोहा प्राप्त किया जा सके। Fe2O3 + 2Al → 2Fe + Al2O3 + ऊष्मा
  • इस प्रक्रिया का उपयोग रेलवे ट्रैक की दरारों को जोड़ने आदि के लिए किया जाता है।

22. निम्नलिखित में से कौन सा तांबे का अयस्क नहीं है?

  • कूपराइट
  • मैलाकाइट
  • कॉपर पाइराइट्स
  • एंगल्साइट

Explanation:

  • एंगल्साइट (Anglesite) लेड सल्फेट (PbSO4) है, जो सीसा (लेड) का एक अयस्क है, तांबे का नहीं।
  • कूपराइट (Cu2O), मैलाकाइट [CuCO3.Cu(OH)2], और कॉपर पाइराइट्स (CuFeS2) तांबे के प्रमुख अयस्क हैं।

23. ‘वानास्पतिटी’ (Vanaspati) का शुद्धिकरण किस धातु के उत्प्रेरक की उपस्थिति में किया जाता है?

  • लोहा
  • तांबा
  • निकल
  • जिंक

Explanation:

  • वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) द्वारा वनस्पति घी (Vanaspati ghee) बनाने की प्रक्रिया में निकल धातु का उत्प्रेरक के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • यह धातुकर्म का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है।

24. निम्नलिखित में से किस धातु के निष्कर्षण में ‘सायनाइड लीचिंग’ के बाद ‘जिंक’ द्वारा विस्थापन किया जाता है?

  • तांबा
  • चांदी
  • सोना
  • प्लेटिनम

Explanation:

  • सोने के निष्कर्षण में, सोडियम सायनाइड विलयन के साथ लीचिंग के बाद, विलयन में बने सोडियम ऑरो सायनाइड [NaAu(CN)2] से सोने को जिंक की धूल द्वारा विस्थापित किया जाता है क्योंकि जिंक, सोने से अधिक क्रियाशील है। 2[Au(CN)2]-(विलयन) + Zn(ठोस) → 2Au(ठोस) + [Zn(CN)4]2-(विलयन)
  • चांदी के निष्कर्षण में भी ऐसी ही प्रक्रिया होती है, लेकिन प्रश्न विशिष्ट रूप से जिंक द्वारा विस्थापन की बात कर रहा है जो सोने के लिए प्रचलित है।

25. निम्नलिखित में से कौन सी धातु ‘आत्म- reduction’ (Self Reduction) द्वारा प्राप्त की जाती है?

  • एल्युमीनियम
  • सोडियम
  • तांबा
  • मैग्नीशियम

Explanation:

  • आत्म- reduction या एयर reduction में, अयस्क स्वयं ही अवकारक का कार्य करता है। तांबे के सल्फाइड अयस्क (Cu2S) को परिवर्तक भट्टी में वायु द्वारा गर्म करने पर यह स्वतः reduce होकर तांबा देता है। 2Cu2S + 3O2 → 2Cu2O + 2SO2, फिर Cu2S + 2Cu2O → 6Cu + SO2
  • एल्युमीनियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसी अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ विद्युत-अपघटन द्वारा प्राप्त की जाती हैं।
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