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निम्न में से सबसे अधिक वाष्पशील यौगिक कौन सा है? कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) परीक्षा 2019

  • HF
  • HBr
  • HCL
  • HI

Explanation:

CaCO3 , की अभिक्रिया सल्फ्यूरिक अम्ल से कराने पर निम्नलिखित में से कौन सी गैस निकलती है? Constable Exam 2018 (1st Shift 15-07-2018)

  • H2S
  • CO2
  • SO2
  • NO2

Explanation:

क्लोरोफ्लोरो कार्बन बनते है- RSMSSB LDC 2018 (16-09-2018)

  • केवल कार्बन एवं क्लोरीन से
  • केवल कार्बन से
  • केवल क्लोरीन एवं फ्लोरीन से
  • केवल कार्बन, क्लोरीन एवं फ्लोरीन से

Explanation:

गर्म विधि से किसी तेल या वसा के साबुनीकरण के लिए विलयन काम में लिया जाता है- RSMSSB LDC 2018 (19.08.2018)

  • KOH
  • HCL
  • NaCL
  • NaOH

Explanation:

जल गैस मिश्रण है- RSMSSB LDC 2018 (19.08.2018)

  • CO व N2 का
  • CO व CO2 का
  • CO व H2O का
  • CO व H2 का

Explanation:

कौन सा कार्बन यौगिक अधिक हानिकारक है- (RPSC LDC-17.02.2012)

  • CO
  • CO2
  • CO3
  • H2CO3

Explanation:

CFC रासायनिक रूप से अधिक स्थायी होते है, क्योंकि इनमें नहीं होता है- RSMSSB LDC – 12/08/2018

  • H
  • CL
  • Br
  • ये सभी

Explanation:

निम्नलिखित किस प्रक्रिया के दौरान हैबर प्रक्रिया में अमोनिया और लौह की सतह के बीच बंध कमजोर पड़ता है एवं टूटता है ? RSMSSB LDC – 12/08/2018

  • 1.रसोवशोषण
  • 2.अधिशोषण
  • 3.विशोषण
  • 1 तथा 2 दोनों

Explanation:

NaCI में यह बंध है – [BSSC 2016 ]

  • आयनिक
  • सहसंयोजी
  • उपसहसंयोजी
  • H-बंध

Explanation:

1. कार्बन की संयोजकता कितनी होती है?

  • 2
  • 3
  • 4
  • 1

Explanation:

  • 4 कार्बन परमाणु के बाह्यतम कक्ष में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए इसकी संयोजकता 4 है।
  • 2 ऑक्सीजन की संयोजकता है।
  • 3 नाइट्रोजन की संयोजकता है।
  • 1 हाइड्रोजन और क्षार धातुओं की संयोजकता है।

2. ऐल्केन श्रृंखला का सामान्य सूत्र क्या है?

  • CnH2n
  • CnH2n+1
  • CnH2n+2
  • CnH2n-2

Explanation:

  • CnH2n+2 संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) का सामान्य सूत्र है, जैसे मीथेन (CH4)।
  • CnH2n ऐल्कीन का सामान्य सूत्र है।
  • CnH2n-2 ऐल्काइन का सामान्य सूत्र है।
  • CnH2n+1 ऐल्काइल समूह का सूत्र है।

3. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक ऐल्कोहॉल समूह का है?

  • CH3CHO
  • CH3CH2OH
  • CH3COOH
  • CH3COCH3

Explanation:

  • CH3CH2OH (एथेनॉल) में -OH (हाइड्रॉक्सिल) फंक्शनल ग्रुप होता है, जो इसे ऐल्कोहॉल बनाता है।
  • CH3CHO (एथेनल) एल्डिहाइड समूह का है।
  • CH3COOH (एथेनोइक अम्ल) कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह का है।
  • CH3COCH3 (प्रोपेनोन) कीटोन समूह का है।

4. प्रोपेन के समावयवी (isomers) की कुल संख्या कितनी है?

  • 4
  • 3
  • 2
  • 1

Explanation:

  • प्रोपेन (C3H8) के केवल 2 समावयवी हैं: n-प्रोपेन और आइसोप्रोपेन।
  • 1 केवल एक संरचना संभव है, जो गलत है।
  • 3 और 4 ब्यूटेन (C4H10) के समावयवी हैं।

5. ऐसीटिलीन का अणुसूत्र क्या है?

  • C2H4
  • C2H6
  • C2H2
  • C3H4

Explanation:

  • C2H2 ऐल्काइन श्रेणी का पहला सदस्य ऐसीटिलीन (इथाइन) का अणुसूत्र है।
  • C2H4 एथिलीन (ऐल्कीन) का सूत्र है।
  • C2H6 एथेन (ऐल्केन) का सूत्र है।
  • C3H4 मेथिल ऐसीटिलीन (प्रोपाइन) का सूत्र है।

6. निम्न में से किसमें कार्बनिक यौगिकों में सबसे अधिक प्रतिक्रिया होती है?

  • ऐल्केन
  • ऐल्कीन
  • ऐल्काइन
  • एरोमैटिक

Explanation:

  • ऐल्काइन (जैसे ऐसीटिलीन) में त्रि-आबंध (triple bond) होता है, जो इसे सबसे अधिक असंतृप्त और अभिक्रियाशील बनाता है।
  • ऐल्कीन में द्वि-आबंध होता है, जो अभिक्रियाशील होता है लेकिन ऐल्काइन से कम।
  • ऐल्केन संतृप्त होते हैं और सबसे कम अभिक्रियाशील होते हैं।
  • एरोमैटिक यौगिक स्थायित्व के लिए जाने जाते हैं।

7. आईयूपीएसी (IUPAC) नामकरण के अनुसार CH3-CH2-CHO का नाम क्या है?

  • मीथेनल
  • एथेनल
  • प्रोपेनल
  • प्रोपेनोन

Explanation:

  • तीन कार्बन वाली श्रृंखला जिसमें एल्डिहाइड समूह (-CHO) है, उसे प्रोपेनल कहते हैं।
  • मीथेनल (HCHO) फॉर्मेल्डिहाइड का IUPAC नाम है।
  • एथेनल (CH3CHO) एसिटेल्डिहाइड का IUPAC नाम है।
  • प्रोपेनोन (CH3COCH3) एसीटोन का IUPAC नाम है।

8. सिरका (Vinegar) में पाया जाने वाला अम्ल कौन सा है?

  • फॉर्मिक अम्ल
  • लैक्टिक अम्ल
  • एसिटिक अम्ल
  • सिट्रिक अम्ल

Explanation:

  • सिरका, एसिटिक अम्ल (CH3COOH) का तनु जलीय घोल है।
  • फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) चींटियों में पाया जाता है।
  • लैक्टिक अम्ल दही में पाया जाता है।
  • सिट्रिक अम्ल खट्टे फलों जैसे नींबू में पाया जाता है।

9. ऐरोमैटिक (सुगंधित) यौगिकों का मूलभूत सदस्य कौन सा है?

  • टॉलूईन
  • एनिलीन
  • बेंजीन
  • नेफ्थलीन

Explanation:

  • बेंजीन (C6H6) ऐरोमैटिक यौगिकों का सबसे सरल और मूलभूत सदस्य है।
  • टॉलूईन और एनिलीन बेंजीन से व्युत्पन्न यौगिक हैं।
  • नेफ्थलीन एक पॉलीसाइक्लिक ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है।

10. कार्बोक्सिलिक अम्ल का क्रियाशील समूह (Functional Group) क्या है?

  • -CHO
  • -OH
  • -COOH
  • -CO-

Explanation:

  • -COOH (कार्बोक्सिल समूह) कार्बोक्सिलिक अम्लों, जैसे एसिटिक अम्ल, की पहचान है।
  • -CHO एल्डिहाइड समूह है।
  • -OH अकेला ऐल्कोहॉल समूह है।
  • -CO- कीटोन समूह है।

11. मार्श गैस (Marsh Gas) के नाम से कौन सा हाइड्रोकार्बन जाना जाता है?

  • एथेन
  • प्रोपेन
  • मीथेन
  • ब्यूटेन

Explanation:

  • मीथेन (CH4) को मार्श गैस कहा जाता है क्योंकि यह दलदली स्थानों में कार्बनिक पदार्थों के अपघटन से उत्पन्न होती है।
  • एथेन, प्रोपेन और ब्यूटेन प्राकृतिक गैस और LPG के अन्य घटक हैं।

12. ऐल्कोहॉल का निर्जलीकरण (Dehydration) करने पर प्राप्त होता है:

  • ऐल्केन
  • ऐल्कीन
  • ऐल्काइन
  • ईथर

Explanation:

  • ऐल्कोहॉल से सांद्र H2SO4 की उपस्थिति में गर्म करने पर जल अणु निकलता है और ऐल्कीन बनता है।
  • ऐल्केन अपचयन से प्राप्त होते हैं।
  • ईथर, ऐल्कोहॉल के अणु间 निर्जलीकरण से बनते हैं।

13. प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution Reaction) सर्वाधिक विशेषता है:

  • ऐल्कीन की
  • ऐल्काइन की
  • ऐल्केन की
  • ऐल्कोहॉल की

Explanation:

  • ऐल्केन संतृप्त होते हैं, इसलिए वे मुख्य रूप से प्रतिस्थापन अभिक्रिया (जैसे हैलोजनीकरण) देते हैं।
  • ऐल्कीन और ऐल्काइन असंतृप्त होते हैं और योगात्मक अभिक्रिया (Addition Reaction) देते हैं।

14. वह कार्बनिक अभिक्रिया जिसमें H2 अणु का योग होता है, कहलाती है:

  • हैलोजनीकरण
  • हाइड्रोजनीकरण
  • निर्जलीकरण
  • ऑक्सीकरण

Explanation:

  • असंतृप्त यौगिकों (ऐल्कीन/ऐल्काइन) में उत्प्रेरक की उपस्थिति में H2 का योग होना हाइड्रोजनीकरण है।
  • हैलोजन का योग हैलोजनीकरण है।
  • जल अणु का निष्कासन निर्जलीकरण है।
  • ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का निष्कासन ऑक्सीकरण है।

15. LPG का मुख्य घटक क्या है?

  • मीथेन
  • एथेन
  • प्रोपेन और ब्यूटेन
  • पेंटेन

Explanation:

  • रसोई गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन (C3H8) और ब्यूटेन (C4H10) का मिश्रण है।
  • मीथेन और एथेन प्राकृतिक गैस (CNG) के मुख्य घटक हैं।
  • पेंटेन पेट्रोल का एक घटक है।

16. कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला बनाने की प्रवृत्ति को कहते हैं:

  • समावयवता
  • कैटिनेशन
  • प्रतिस्थापन
  • संयोजकता

Explanation:

  • कैटिनेशन (Catenation) कार्बन का वह गुण है जिसके कारण यह अपने ही परमाणुओं के साथ लंबी श्रृंखलाएं या वलय बना सकता है।
  • समावयवता (Isomerism) समान अणुसूत्र लेकिन भिन्न गुणधर्म वाले यौगिकों का बनना है।

17. वह फंक्शनल ग्रुप जो ईथर को परिभाषित करता है, वह है:

  • -OH
  • -CHO
  • -O-
  • -COOH

Explanation:

  • ईथर का सामान्य सूत्र R-O-R’ है, जहाँ R और R’ ऐल्काइल समूह हैं। इनमें ऑक्सीजन परमाणु दो कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
  • -OH ऐल्कोहॉल का फंक्शनल ग्रुप है।
  • -CHO एल्डिहाइड का है।
  • -COOH कार्बोक्सिलिक अम्ल का है।

18. ग्लूकोज जैसे शर्करा किसके उदाहरण हैं?

  • प्रोटीन
  • वसा
  • कार्बोहाइड्रेट
  • विटामिन

Explanation:

  • ग्लूकोज, फ्रुक्टोज आदि कार्बोहाइड्रेट वर्ग के कार्बनिक यौगिक हैं।
  • प्रोटीन अमीनो अम्लों के बहुलक हैं।
  • वसा ग्लिसरॉल और वसा अम्लों के एस्टर हैं।

19. साबुन बनाने की प्रक्रिया को कहा जाता है:

  • हाइड्रोजनीकरण
  • ऑक्सीकरण
  • सैपोनिफिकेशन
  • एस्टरीकरण

Explanation:

  • वसा अम्लों के ग्लिसराइड्स (तेल/वसा) का क्षार (जैसे NaOH) के साथ जल-अपघटन करके साबुन बनाना सैपोनिफिकेशन कहलाता है।
  • एस्टरीकरण अम्ल और ऐल्कोहॉल से एस्टर बनाने की प्रक्रिया है।
  • हाइड्रोजनीकरण में वनस्पति तेलों में H2 मिलाकर वनस्पति घी बनाया जाता है।

20. कार्बनिक यौगिकों के शुद्धिकरण की सामान्य विधि है:

  • विभाजन
  • प्रभाजी आसवन
  • निस्यंदन
  • वर्णक्रमलेखन

Explanation:

  • प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) का उपयोग विभिन्न क्वथनांक वाले द्रवों के मिश्रण को अलग करने के लिए किया जाता है, जैसे पेट्रोलियम शोधन में।
  • विभाजन और निस्यंदन भौतिक पृथक्करण की विधियाँ हैं।
  • वर्णक्रमलेखन (Chromatography) एक उन्नत विश्लेषणात्मक तकनीक है।

21. कार्बनिक यौगिकों का सामान्य गुण है:

  • उच्च गलनांक एवं क्वथनांक
  • जल में विलेयता
  • सहसंयोजक बंध
  • अच्छा विद्युत चालक

Explanation:

  • अधिकांश कार्बनिक यौगिकों में अणु सहसंयोजक बंधों द्वारा बंधे होते हैं, इसलिए वे सामान्यतः गैस, द्रव या निम्न गलनांक वाले ठोस होते हैं।
  • ये जल में अविलेय (हाइड्रोफोबिक) होते हैं लेकिन कार्बनिक विलायकों में विलेय होते हैं।
  • ये विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि इनमें आयनों का अभाव होता है।

22. ऐल्कोहॉल का ऑक्सीकरण करने पर प्रथम उत्पाद बनता है:

  • ऐल्काइन
  • ऐल्कीन
  • एल्डिहाइड
  • कीटोन

Explanation:

  • प्राथमिक ऐल्कोहॉल (R-CH2-OH) के नियंत्रित ऑक्सीकरण से सबसे पहले एल्डिहाइड (R-CHO) बनता है।
  • द्वितीयक ऐल्कोहॉल के ऑक्सीकरण से कीटोन बनते हैं।
  • ऐल्कीन और ऐल्काइन ऑक्सीकरण के उत्पाद नहीं हैं।

23. वह यौगिक जो टेफ्लॉन (Teflon) बनाने के लिए उपयोग किया जाता है, वह है:

  • एथिलीन
  • विनाइल क्लोराइड
  • टेट्राफ्लुओरोएथिलीन
  • स्टाइरीन

Explanation:

  • टेट्राफ्लुओरोएथिलीन (CF2=CF2) के बहुलकीकरण से टेफ्लॉन (एक अच्छा लubricant और गैर-चिपचिपा coating) बनता है।
  • एथिलीन से पॉलीथीन बनती है।
  • विनाइल क्लोराइड से PVC बनता है।
  • स्टाइरीन से पॉलीस्टाइरीन बनता है।

24. आइसोमर्स (समावयवी) होते हैं:

  • समान भौतिक गुणों वाले यौगिक
  • समान रासायनिक गुणों वाले यौगिक
  • समान अणुसूत्र लेकिन भिन्न संरचना वाले यौगिक
  • भिन्न अणुसूत्र वाले यौगिक

Explanation:

  • समावयवता (Isomerism) कार्बन यौगिकों का एक महत्वपूर्ण गुण है जहाँ अणुसूत्र समान होता है लेकिन परमाणुओं की व्यवस्था (संरचना या अंतरिक्ष में स्थिति) भिन्न होती है, जिससे गुणधर्म भी भिन्न हो सकते हैं।
  • उदाहरण: n-ब्यूटेन और आइसोब्यूटेन (C4H10)

25. कार्बनिक रसायन विज्ञान मुख्यतः अध्ययन है:

  • धातुओं और उनके यौगिकों का
  • अधातुओं और उनके यौगिकों का
  • कार्बन और उसके यौगिकों का
  • जल और उसके गुणों का

Explanation:

  • कार्बनिक रसायन विज्ञान (Organic Chemistry) रसायन विज्ञान की वह शाखा है जो कार्बन के यौगिकों (हाइड्रोकार्बन और उनके व्युत्पन्नों) के संश्लेषण, गुणों, संरचना और अभिक्रियाओं का अध्ययन करती है।
  • अकार्बनिक रसायन विज्ञान में सभी तत्वों (कार्बन को छोड़कर) और उनके यौगिकों का अध्ययन किया जाता है।
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