GK

1. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक कौन-सा है?

  • सोना
  • विशेष आहरण अधिकार (SDR)
  • विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA)
  • IMF के पास रिजर्व ट्रेंच

Explanation:

  • विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA) भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक है, जो कुल भंडार का लगभग 90% हिस्सा है।
  • यह विदेशी मुद्रा भंडार की तरलता और स्थिरता को दर्शाता है।

2. भुगतान संतुलन (BoP) के चालू खाते में कौन-सा मद शामिल नहीं है?

  • वस्तुओं का निर्यात और आयात
  • सेवाओं का निर्यात और आयात
  • प्रेषण (Remittances)
  • विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI)

Explanation:

  • विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) पूंजी खाते में दर्ज किया जाता है, चालू खाते में नहीं।
  • चालू खाता मुख्य रूप से व्यापार (वस्तु और सेवाएं) और हस्तांतरण भुगतान से संबंधित है।

3. भारत में विदेशी व्यापार नीति का निर्माण कौन करता है?

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
  • वित्त मंत्रालय
  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
  • निति आयोग

Explanation:

  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विदेशी व्यापार नीति का निर्माण और कार्यान्वयन किया जाता है।
  • यह नीति निर्यात को बढ़ावा देने और व्यापार संतुलन में सुधार पर केंद्रित होती है।

4. ‘विशेष आहरण अधिकार’ (SDR) किस अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा जारी किए जाते हैं?

  • विश्व बैंक
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO)
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)
  • बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट (BIS)

Explanation:

  • विशेष आहरण अधिकार (SDR) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा जारी एक अंतर्राष्ट्रीय रिजर्व परिसंपत्ति है।
  • इसे IMF की सदस्य countries के बीच अंतर्राष्ट्रीय भुगतान के लिए एक पूरक रिजर्व परिसंपत्ति के रूप में बनाया गया था।

5. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक (Custodian) कौन है?

  • वित्त मंत्रालय
  • सेबी (SEBI)
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

Explanation:

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक और प्रबंधक है।
  • RBI विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत करता है।

6. भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार (ट्रेड पार्टनर) देशों में से एक है?

  • नेपाल
  • चीन
  • बांग्लादेश
  • रूस

Explanation:

  • चीन भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत और प्रमुख व्यापारिक भागीदारों में से एक है, जिसके साथ व्यापार घाटा भारत के लिए एक चिंता का विषय है।
  • वस्तुओं का आयात भारत-चीन व्यापार संबंधों में प्रमुख है।

Maths

7. ‘रुपए की पूर्ण परिवर्तनीयता’ (Full Convertibility) से क्या तात्पर्य है?

  • केवल चालू खाते में स्वतंत्र रूपांतरण
  • चालू और पूंजी खाते दोनों में स्वतंत्र रूपांतरण
  • केवल निर्यात प्राप्तियों का रूपांतरण
  • केवल सोने के लिए रूपांतरण

Explanation:

  • पूर्ण परिवर्तनीयता का अर्थ है कि घरेलू मुद्रा (रुपया) को चालू खाता (व्यापार) और पूंजी खाता (निवेश) लेनदेन दोनों के लिए स्वतंत्र रूप से विदेशी मुद्रा में बदला जा सकता है।
  • भारत ने 1994 में चालू खाते की परिवर्तनीयता प्राप्त की, लेकिन पूंजी खाता अभी भी पूरी तरह से परिवर्तनीय नहीं है।

8. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सम्मिलित होता है?

  • केवल अमेरिकी डॉलर
  • केवल सोना और डॉलर
  • विदेशी मुद्रा, सोना, SDR और IMF के पास रिजर्व पोजीशन
  • केवल विदेशी बॉन्ड

Explanation:

  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार चार प्रमुख घटकों से मिलकर बनता है: विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA), सोना, IMF के पास विशेष आहरण अधिकार (SDR) और रिजर्व ट्रेंच।

9. भारत में सेवा क्षेत्र का सबसे बड़ा निर्यातक घटक कौन-सा है?

  • पर्यटन
  • Transportation
  • सूचना प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक सेवाएं (IT & ITES)
  • वित्तीय सेवाएं

Explanation:

  • सूचना प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक सेवाएं (IT & ITES) भारत की सेवा निर्यात आय का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
  • यह क्षेत्र भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाते के संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

10. ‘व्यापार संतुलन’ (Balance of Trade) शब्द से क्या अभिप्राय है?

  • निर्यात और आयात का योग
  • केवल वस्तुओं के निर्यात और आयात का अंतर
  • चालू खाते और पूंजी खाते का अंतर
  • विदेशी ऋण और परिसंपत्तियों का अंतर

Explanation:

  • व्यापार संतुलन एक देश के माल के निर्यात के मूल्य और माल के आयात के मूल्य के बीच का अंतर है।
  • यह चालू खाते का एक हिस्सा है, लेकिन इसमें सेवाएं शामिल नहीं हैं।

11. NRI जमा (जैसे FCNR(B)) भारत के बाह्य क्षेत्र के किस हिस्से में दर्ज होते हैं?

  • चालू खाता
  • पूंजी खाता
  • वित्तीय खाता
  • आरक्षित निधि

Explanation:

  • NRI जमा (गैर-निवासी भारतीयों से प्राप्त जमा) पूंजी खाते के अंतर्गत दर्ज किए जाते हैं क्योंकि ये विदेशी पूंजी प्रवाह का एक रूप हैं।
  • ये जमा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में मदद करते हैं।

12. भारत के संदर्भ में ‘चालू खाता घाटा’ (CAD) का क्या अर्थ है?

  • निर्यात से अधिक आयात
  • देश की कुल आय से अधिक व्यय (व्यापार, सेवाओं और हस्तांतरण में)
  • सरकार का राजकोषीय घाटा
  • विदेशी निवेश में कमी

Explanation:

  • चालू खाता घाटा (CAD) तब होता है जब एक देश का विदेशों से वस्तुओं, सेवाओं और हस्तांतरण पर कुल व्यय, विदेशों से प्राप्त कुल आय से अधिक हो जाता है।
  • यह घाटा आमतौर पर पूंजी खाते के अधिशेष या विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करके वित्तपोषित किया जाता है।

13. भारत में विदेशी व्यापार का वार्षिक आंकड़ा कौन जारी करता है?

  • NITI Aayog
  • Ministry of Finance
  • Directorate General of Commercial Intelligence and Statistics (DGCI&S)
  • Ministry of External Affairs

Explanation:

  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन DGCI&S (वाणिजिकिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय) भारत के विदेशी व्यापार के आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है।
  • यह निर्यात और आयात डेटा एकत्र करता, संकलित करता और प्रकाशित करता है।

14. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन किस अधिनियम के तहत किया जाता है?

  • RBI Act, 1934
  • Companies Act, 2013
  • Foreign Exchange Management Act, 1999 (FEMA)
  • Securities Contract Regulation Act, 1956

Explanation:

  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) भारत में विदेशी मुद्रा लेनदेन और विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कानून है।
  • इसने पुराने FERA (Foreign Exchange Regulation Act) की जगह ली थी।

15. भारत के बाह्य ऋण (External Debt) का सबसे बड़ा घटक कौन-सा है?

  • व्यापार ऋण (Trade Credit)
  • वाणिज्यिक उधार (Commercial Borrowings)
  • NRI जमा (NRI Deposits)
  • बहुपक्षीय ऋण (Multilateral Debt)

Explanation:

  • NRI जमा (Non-Resident Indian Deposits) भारत के बाह्य ऋण का एक प्रमुख और स्थिर घटक रहा है।
  • हालाँकि, वाणिज्यिक उधार और अल्पकालिक ऋण भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

16. ‘रुपए का अवमूल्यन’ (Devaluation) किसके द्वारा किया जाता है?

  • वित्त मंत्रालय
  • सेबी (SEBI)
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)

Explanation:

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सरकार के परामर्श से, देश की विदेशी व्यापार प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए रुपए के अवमूल्यन की नीति बना और लागू कर सकता है।
  • अवमूल्यन से निर्यात सस्ता और आयात महंगा हो जाता है।

17. भारत में FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के प्रवाह को मुख्य रूप से कौन नियंत्रित करता है?

  • Ministry of Commerce and Industry
  • Securities and Exchange Board of India (SEBI)
  • Reserve Bank of India (RBI) and Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT)
  • Ministry of Corporate Affairs

Explanation:

  • RBI स्वचालित मार्ग के तहत FDI को नियंत्रित करता है, जबकि DPIIT (उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग) सरकारी मार्ग के तहत अनुमोदन के लिए जिम्मेदार है।
  • FDI भारत के पूंजी खाते और विदेशी मुद्रा भंडार के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

18. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का उद्देश्य नहीं है?

  • आयात बिलों का भुगतान सुनिश्चित करना
  • बाह्य ऋण चुकाना
  • विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता लाना
  • घरेलू विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करना

Explanation:

  • विदेशी मुद्रा भंडार का प्राथमिक उद्देश्य बाह्य झटकों को अवशोषित करना और मुद्रा स्थिरता बनाए रखना है, न कि सीधे तौर पर घरेलू बुनियादी ढांचे या विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करना।
  • इसका उपयोग आपात स्थितियों में आयात और ऋण भुगतान के लिए किया जाता है।

19. भारत के संदर्भ में ‘रिजर्व ट्रेंच’ (Reserve Tranche) क्या है?

  • RBI की स्वर्ण होल्डिंग
  • IMF के पास भारत की अंशदान की गई पूंजी का एक हिस्सा जिसे बिना शर्त निकाला जा सकता है
  • विदेशी बैंकों में भारत की जमा राशि
  • विदेशी संस्थानिक निवेश (FII)

Explanation:

  • रिजर्व ट्रेंच IMF में किसी सदस्य देश की कोटा सदस्यता का वह हिस्सा है जिसे भुगतान संतुलन की जरूरतों के लिए किसी शर्त के बिना उपयोग किया जा सकता है।
  • यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का एक घटक है।

20. भारत में ‘पूंजी खाता परिवर्तनीयता’ (Capital Account Convertibility) की सिफारिश किस समिति ने की थी?

  • नरसिम्हम समिति
  • केलकर समिति
  • तारापोर समिति
  • राजा चेलैया समिति

Explanation:

  • तारापोर समिति (1997) ने भारत में पूंजी खाता परिवर्तनीयता (CAC) की योजना और रूपरेखा तैयार करने की सिफारिश की थी।
  • इसका लक्ष्य धीरे-धीरे रुपए को पूंजी लेनदेन के लिए पूरी तरह से परिवर्तनीय बनाना था।

21. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में ‘विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ’ (FCA) मुख्य रूप से किस रूप में रखी जाती हैं?

  • नकद विदेशी मुद्रा
  • विदेशी government securities और bonds
  • विदेशी कंपनियों के शेयर
  • विदेशी रियल एस्टेट

Explanation:

  • विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA) मुख्य रूप से विदेशी government securities और bonds जैसी सुरक्षित और तरल परिसंपत्तियों के रूप में रखी जाती हैं, जिनका मूल्य अमेरिकी डॉलर में होता है।
  • इसका उद्देश्य सुरक्षा और तरलता बनाए रखना है।

22. भारत के बाह्य ऋण को मापने वाला प्रमुख संकेतक ‘ऋण सेवा अनुपात’ (Debt Service Ratio) क्या दर्शाता है?

  • कुल ऋण और GDP का अनुपात
  • ऋण पर ब्याज और मूलधन अदायगी का निर्यात आय से अनुपात
  • ऋण और निर्यात का अनुपात
  • ऋण और विदेशी मुद्रा भंडार का अनुपात

Explanation:

  • ऋण सेवा अनुपात (DSR) एक देश की कुल निर्यात आय का वह हिस्सा है जिसका उपयोग बाह्य ऋण के मूलधन और ब्याज का भुगतान करने के लिए किया जाता है।
  • एक निम्न DSR देश की ऋण चुकाने की क्षमता के लिए बेहतर माना जाता है।

23. भारत में ‘सॉवरिन वेल्थ फंड’ (Sovereign Wealth Fund) का एक उदाहरण है?

  • Unit Trust of India (UTI)
  • Life Insurance Corporation (LIC)
  • National Investment and Infrastructure Fund (NIIF)
  • Small Industries Development Bank of India (SIDBI)

Explanation:

  • राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) भारत का एक सॉवरिन वेल्थ फंड है जिसे दीर्घकालिक अवसंरचना वित्तपोषण के लिए स्थापित किया गया था।
  • यह विदेशी और घरेलू पूंजी को आकर्षित करके बुनियादी ढांचे के विकास में मदद करता है।

24. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अचानक बड़ी गिरावट का क्या प्रमुख कारण हो सकता है?

  • निर्यात में वृद्धि
  • FDI में वृद्धि
  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की बड़े पैमाने पर वापसी
  • विदेशी मुद्रा दरों में स्थिरता

Explanation:

  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा भारतीय बाजारों से बड़े पैमाने पर धन निकालना (पूंजी की उड़ान) विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल सकता है और इसकी गिरावट का कारण बन सकता है, क्योंकि RBI बाहर जाने वाली डॉलर की मांग को पूरा करने के लिए भंडार का उपयोग करता है।

25. भारत की ‘व्यापार नीति’ की मुख्य विशेषता है?

  • आयात प्रतिस्थापन पर जोर
  • निर्यात संवर्धन और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना
  • केवल द्विपक्षीय व्यापार समझौते
  • केवल सेवा क्षेत्र पर ध्यान

Explanation:

  • भारत की विदेशी व्यापार नीति (FTP) का प्राथमिक फोकस निर्यात को बढ़ावा देकर, व्यापार की लागत को कम करके और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकरण को बढ़ावा देकर देश की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।
  • यह ‘मेक इन इंडिया’ जैसे पहलुओं के साथ भी जुड़ा हुआ है।
Economy-India’s External Sector