1. भारत में प्राथमिक पूंजी बाजार का नियामक कौन है?
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)
- वित्त मंत्रालय
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC)
Explanation:
- SEBI का गठन प्राथमिक और द्वितीयक पूंजी बाजारों को नियंत्रित एवं निगरानी करने के लिए किया गया है।
- RBI मौद्रिक नीति और बैंकिंग प्रणाली का नियामक है।
- वित्त मंत्रालय सरकार की वित्तीय नीतियों के लिए जिम्मेदार है।
- LIC एक बीमा कंपनी है, न कि नियामक।
2. ‘आईपीओ’ (IPO) का पूरा नाम क्या है?
- इंटरनेशनल पेमेंट ऑर्डर
- इन्वेस्टमेंट प्रोसेसिंग ऑपरेशन
- इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग
- इंडियन पब्लिक ऑर्गनाइजेशन
Explanation:
- इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक निजी कंपनी पहली बार जनता से धन जुटाने के लिए अपने शेयर जारी करती है।
- अन्य विकल्प IPO के संदर्भ में गलत या असंबद्ध हैं।
3. जीवन बीमा निगम (LIC) की स्थापना कब हुई थी?
- 1947
- 1950
- 1956
- 1965
Explanation:
- LIC की स्थापना 1 सितंबर 1956 को LIC अधिनियम, 1956 के तहत 245 भारतीय और विदेशी बीमा कंपनियों के राष्ट्रीयकरण द्वारा की गई थी।
- 1947 भारत की स्वतंत्रता का वर्ष है।
- 1950 भारत के गणतंत्र बनने का वर्ष है।
- 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध का वर्ष है।
4. ‘डीमैट अकाउंट’ में ‘डीमैट’ शब्द का क्या अर्थ है?
- डेबिट मार्केट
- डिपॉजिट मैटेरियल
- डीमैटेरियलाइज्ड
- डिलीवरी मैटर्स
Explanation:
- डीमैट अकाउंट का मतलब डीमैटेरियलाइज्ड अकाउंट है, जो भौतिक शेयर प्रमाणपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को दर्शाता है।
- यह शेयरों को डिजिटल रूप से रखने और लेनदेन करने के लिए एक खाता है।
5. भारत में स्टॉक एक्सचेंजों का राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कारोबार शुरू होने का वर्ष क्या है?
- 1986
- 1990
- 1994
- 2000
Explanation:
- NSE की स्थापना 1992 में हुई थी और इसने 1994 में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग की शुरुआत की, जिससे भारतीय पूंजी बाजार में क्रांति आ गई।
- 1986 BSE में सेंसेक्स की शुरुआत का वर्ष है।
6. IRDAI का पूर्ण रूप क्या है?
- इंडियन रूरल डेवलपमेंट अथॉरिटी
- इंटरनेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एजेंसी
- इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया
- इन्फ्रास्ट्रक्चर रेगुलेटरी डिपार्टमेंट
Explanation:
- IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) भारत में बीमा उद्योग का स्वतंत्र नियामक निकाय है।
- इसकी स्थापना 1999 में बीमा क्षेत्र को नियंत्रित और विकसित करने के लिए की गई थी।
7. बीमा में ‘नो क्लेम बोनस’ का क्या अर्थ है?
- प्रीमियम में छूट नहीं मिलती
- दावा न होने पर बोनस मिलता है
- पॉलिसी लेने पर तुरंत बोनस
- दावा करने पर अतिरिक्त बोनस
Explanation:
- नो क्लेम बोनस (NCB) एक ऐसा लाभ है जो पॉलिसीधारक को बीमा की अवधि के दौरान कोई दावा दर्ज न करने पर प्रदान किया जाता है, जिससे अगले वर्ष के प्रीमियम में छूट मिलती है।
- यह सुरक्षित ड्राइविंग या दावों से बचने के लिए एक इनाम है।
8. म्यूचुअल फंड में ‘एसेट मैनेजमेंट कंपनी’ (AMC) का क्या कार्य है?
- शेयरों को सूचीबद्ध करना
- डीमैट खाते खोलना
- निवेशकों के पैसे का प्रबंधन करना
- बीमा पॉलिसियाँ बेचना
Explanation:
- एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) म्यूचुअल फंड योजनाओं के निवेश पोर्टफोलियो का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार होती है।
- यह निवेशकों से धन एकत्र करती है और विविध संपत्तियों में निवेश करती है।
9. भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज कौन सा है?
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)
- कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE)
- मद्रास स्टॉक एक्सचेंज (MSE)
Explanation:
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की स्थापना 1875 में हुई थी और यह भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है।
- NSE की स्थापना 1992 में हुई थी और यह भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।
10. जीवन बीमा पॉलिसी में ‘नॉमिनी’ कौन होता है?
- पॉलिसी खरीदने वाला व्यक्ति
- बीमा कंपनी का कर्मचारी
- पॉलिसीधारक द्वारा लाभ प्राप्त करने के लिए नामित व्यक्ति
- पॉलिसी की देखरेख करने वाला ट्रस्टी
Explanation:
- नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में बीमा राशि प्राप्त करने का अधिकार होता है।
- नॉमिनी का पॉलिसी पर स्वामित्व नहीं होता, वह केवल लाभार्थी होता है।
11. ‘बीमा सर्वेक्षक’ (Insurance Surveyor) का मुख्य कार्य क्या है?
- नई पॉलिसियाँ बेचना
- प्रीमियम जमा करना
- दावे की वैधता और नुकसान की मात्रा का आकलन करना
- बीमा एजेंटों को प्रशिक्षण देना
Explanation:
- बीमा सर्वेक्षक एक स्वतंत्र पेशेवर होता है जो बीमा कंपनी की ओर से दावे के कारण, दायरे और वित्तीय नुकसान का निष्पक्ष मूल्यांकन करता है।
- यह दावा निपटान प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
12. भारत में पूंजी बाजार का सर्वोच्च नियामक कौन है?
- RBI
- IRDAI
- SEBI
- Ministry of Finance
Explanation:
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) भारत में पूंजी बाजार और शेयर बाजार का प्राथमिक नियामक है।
- RBI बैंकिंग प्रणाली का नियामक है।
- IRDAI बीमा क्षेत्र का नियामक है।
13. ‘ULIP’ (यूलिप) बीमा उत्पाद में क्या संयोजन होता है?
- बीमा और बचत
- बीमा और निवेश
- बीमा और ऋण
- बीमा और स्वास्थ्य
Explanation:
- यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) एक ऐसा उत्पाद है जो जीवन बीमा कवर के साथ-साथ निवेश (इक्विटी/डेट में) का लाभ प्रदान करता है।
- प्रीमियम का एक हिस्सा बीमा कवर के लिए उपयोग किया जाता है और दूसरा हिस्सा निवेश के लिए।
14. सेंसेक्स (Sensex) क्या है?
- एक बीमा पॉलिसी
- एक म्यूचुअल फंड
- BSE का स्टॉक मार्केट इंडेक्स
- एक कर योजना
Explanation:
- सेंसेक्स (Sensitive Index) बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स है। यह BSE पर सूचीबद्ध 30 सबसे बड़ी और सबसे अधिक कारोबार वाली कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।
- यह भारतीय शेयर बाजार के प्रदर्शन का एक सूचकांक है।
15. ‘मुद्रास्फीति के जोखिम’ से बचाव के लिए कौन सा निवेश उपयुक्त है?
- बचत बैंक खाता
- सोना और रियल एस्टेट
- फिक्स्ड डिपॉजिट
- जीवन बीमा
Explanation:
- सोना और रियल एस्टेट ऐसी संपत्तियाँ हैं जिनका मूल्य समय के साथ मुद्रास्फीति के साथ बढ़ने की संभावना होती है, जिससे वे मुद्रास्फीति के खिलाफ एक हेज के रूप में काम करते हैं।
- पारंपरिक बचत उपकरण अक्सर मुद्रास्फीति की दर से कम रिटर्न देते हैं।
16. ‘क्रय शक्ति’ (Purchasing Power) से क्या तात्पर्य है?
- शेयर खरीदने की क्षमता
- एक निश्चित राशि से खरीदे जा सकने वाले सामान और सेवाओं की मात्रा
- बीमा प्रीमियम का भुगतान करने की क्षमता
- निवेश करने की क्षमता
Explanation:
- क्रय शक्ति एक मुद्रा की इकाई द्वारा खरीदे जा सकने वाले सामानों और सेवाओं की मात्रा को दर्शाती है। मुद्रास्फीति के कारण यह घटती है और अपस्फीति के कारण बढ़ती है।
- यह अर्थशास्त्र और वित्त में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।
17. ‘माइक्रोइंश्योरेंस’ (Microinsurance) का प्राथमिक लक्ष्य कौन है?
- उच्च आय वाले व्यक्ति
- बड़े corporations
- निम्न-आय वाले समूह और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
- केवल ग्रामीण किसान
Explanation:
- माइक्रोइंश्योरेंस का उद्देश्य कम प्रीमियम पर निम्न-आय वाले लोगों को सस्ता और सुलभ बीमा कवर प्रदान करना है।
- यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विभिन्न जोखिमों (जीवन, स्वास्थ्य, फसल) के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।
18. भारत में ‘इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (IRDAI) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- 1956
- 1991
- 1999
- 2005
Explanation:
- IRDAI की स्थापना वर्ष 1999 में IRDAI अधिनियम, 1999 के प्रावधानों के तहत भारत में बीमा उद्योग को विनियमित और विकसित करने के लिए की गई थी।
- यह एक स्वायत्त निकाय है।
19. ‘निवेश पोर्टफोलियो’ में विविधिकरण (Diversification) का क्या उद्देश्य है?
- केवल रिटर्न बढ़ाना
- करों से बचना
- जोखिम को कम करना
- लेनदेन लागत बढ़ाना
Explanation:
- विविधिकरण एक जोखिम प्रबंधन रणनीति है जहां निवेशक अपने पोर्टफोलियो को विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों (शेयर, बॉन्ड, सोना, आदि) में फैलाते हैं ताकि किसी एक निवेश के खराब प्रदर्शन के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।
- यह ‘अंडे एक टोकरी में मत रखो’ के सिद्धांत पर आधारित है।
20. ‘टर्म इंश्योरेंस’ पॉलिसी की मुख्य विशेषता क्या है?
- यह परिपक्वता पर रिटर्न देती है
- इसमें निवेश का घटक होता है
- यह एक निश्चित अवधि के लिए शुद्ध जोखिम कवर प्रदान करती है
- इसमें आंशिक निकासी की सुविधा होती है
Explanation:
- टर्म इंश्योरेंस एक शुद्ध जोखिम कवर है जो पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में एक निश्चित राशि का भुगतान करता है। यदि पॉलिसीधारक अवधि पूरी कर लेता है तो कोई परिपक्वता लाभ नहीं मिलता है।
- यह उच्च जोखिम कवर कम प्रीमियम पर प्रदान करता है।
21. ‘निफ्टी 50’ इंडेक्स किस स्टॉक एक्सचेंज से संबंधित है?
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)
- मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज
- कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज
Explanation:
- निफ्टी 50 नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख स्टॉक मार्केट इंडेक्स है। यह NSE पर सूचीबद्ध 50 सबसे बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है।
- सेंसेक्स BSE का प्रमुख इंडेक्स है।
22. ‘प्रीमियम’ शब्द का बीमा में क्या अर्थ है?
- दावे पर मिलने वाली राशि
- बीमा एजेंट को कमीशन
- बीमा कवर बनाए रखने के लिए भुगतान की जाने वाली periodic राशि
- बीमा पॉलिसी पर बोनस
Explanation:
- प्रीमियम वह राशि है जो पॉलिसीधारक बीमा कंपनी को बीमा कवर के बदले में भुगतान करता है। इसका भुगतान मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक आधार पर किया जा सकता है।
- यह बीमा कंपनी के लिए राजस्व का प्राथमिक स्रोत है।
23. ‘कैपिटल गेन’ (Capital Gain) क्या है?
- किराये से आय
- ब्याज आय
- किसी पूंजीगत संपत्ति (जैसे शेयर, संपत्ति) की बिक्री से होने वाला लाभ
- वेतन आय
Explanation:
- कैपिटल गेन तब होता है जब आप किसी पूंजीगत संपत्ति को उसके खरीद मूल्य से अधिक कीमत पर बेचते हैं। यह लाभ कर योग्य है।
- यदि संपत्ति एक वर्ष से कम समय के लिए रखी गई थी तो इसे अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (STCG) और यदि अधिक समय के लिए रखी गई थी तो दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) कहा जाता है।
24. ‘अंडरराइटिंग’ (Underwriting) प्रक्रिया का बीमा में क्या उद्देश्य है?
- दावों का निपटान
- प्रीमियम जमा करना
- बीमा के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति या संपत्ति के जोखिम का आकलन करना
- पॉलिसियाँ बेचना
Explanation:
- अंडरराइटिंग वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बीमा कंपनी किसी व्यक्ति या संपत्ति के जोखिम का मूल्यांकन करती है और यह तय करती है कि किस शर्त पर बीमा स्वीकार किया जाए, प्रीमियम दर और कवर की राशि।
- यह बीमा व्यवसाय का एक मूलभूत हिस्सा है।
25. ‘डीपी’ (DP) के रूप में जाने जाने वाले डिपॉजिटरी प्रतिभागी का क्या कार्य है?
- शेयर जारी करना
- स्टॉक की कीमतों का निर्धारण
- निवेशकों को डीमैट खाता सेवाएं प्रदान करना
- बीमा पॉलिसियों की बिक्री
Explanation:
- एक डिपॉजिटरी प्रतिभागी (DP) एक एजेंट (जैसे बैंक, ब्रोकर) है जो केंद्रीय डिपॉजिटरी (NSDL/CDSL) और निवेशक के बीच एक इंटरफेस के रूप में कार्य करता है, जो डीमैट खाता खोलने और बनाए रखने की सेवाएं प्रदान करता है।
- निवेशक अपने शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में DP के माध्यम से ही रखते और ट्रेड करते हैं।
