बेरोजगारी की किस परिभाषा में वे लोग शामिल होते हैं जो काम करने के इच्छुक हैं लेकिन नौकरी नहीं ढूंढ पा रहे हैं?

  • प्रच्छन्न बेरोजगारी
  • मौसमी बेरोजगारी
  • खुली बेरोजगारी
  • संरचनात्मक बेरोजगारी

Explanation:

  • खुली बेरोजगारी वह स्थिति है जहाँ एक व्यक्ति काम करने के योग्य और इच्छुक है, लेकिन उसे कोई काम नहीं मिल रहा है।
  • प्रच्छन्न बेरोजगारी छिपी हुई बेरोजगारी है, जहाँ लोग रोजगार में दिखते हैं लेकिन उनकी सीमांत उत्पादकता शून्य होती है।
  • मौसमी बेरोजगारी किसी विशेष मौसम में काम न मिलने की स्थिति है।
  • संरचनात्मक बेरोजगारी अर्थव्यवस्था की संरचना में परिवर्तन के कारण होती है।

भारत में बेरोजगारी दर की गणना कौन करता है?

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
  • वित्त मंत्रालय
  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO)
  • निति आयोग

Explanation:

  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) Periodic Labour Force Survey (PLFS) के माध्यम से बेरोजगारी दर की गणना और प्रकाशित करता है।
  • RBI देश की मौद्रिक नीति और बैंकिंग व्यवस्था का प्रबंधन करता है।
  • वित्त मंत्रालय देश के बजट और राजकोषीय नीति के लिए जिम्मेदार है।
  • निति आयोग देश के लिए नीतिगत दिशा निर्देश तैयार करता है।

निम्नलिखित में से कौन सी बेरोजगारी आर्थिक मंदी के कारण होती है?

  • संरचनात्मक बेरोजगारी
  • मौसमी बेरोजगारी
  • चक्रीय बेरोजगारी
  • प्रौद्योगिकी बेरोजगारी

Explanation:

  • चक्रीय बेरोजगारी व्यवसाय चक्र के मंदी या संकुचन के चरण के दौरान उत्पन्न होती है, जब समग्र मांग में कमी आती है।
  • संरचनात्मक बेरोजगारी अर्थव्यवस्था की संरचना में बदलाव (जैसे प्रौद्योगिकी) के कारण होती है।
  • मौसमी बेरोजगारी वर्ष के特定 मौसम में काम के न मिलने से होती है।
  • प्रौद्योगिकी बेरोजगारी स्वचालन और मशीनीकरण के कारण होती है, जो चक्रीय न होकर संरचनात्मक है।

वह स्थिति जब लोग काम तो कर रहे होते हैं लेकिन उनकी कार्य कुशलता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा हो, क्या कहलाती है?

  • खुली बेरोजगारी
  • अल्परोजगारी (Underemployment)
  • चक्रीय बेरोजगारी
  • स्वैच्छिक बेरोजगारी

Explanation:

  • अल्परोजगारी (Underemployment) एक ऐसी स्थिति है जहाँ एक व्यक्ति कम कुशलता वाला काम कर रहा होता है या उसके कौशल का पूरा उपयोग नहीं हो रहा होता, या वह पार्ट-टाइम काम कर रहा होता है जबकि वह फुल-टाइम काम चाहता है।
  • खुली बेरोजगारी में व्यक्ति को कोई काम नहीं मिलता।
  • चक्रीय बेरोजगारी आर्थिक मंदी से जुड़ी होती है।
  • स्वैच्छिक बेरोजगारी वह है जब कोई व्यक्ति प्रचलित मजदूरी दर पर काम करने को तैयार नहीं होता।

किस प्रकार की बेरोजगारी ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से देखने को मिलती है जहाँ कृषि कार्य पर अधिक लोग निर्भर होते हैं?

  • चक्रीय बेरोजगारी
  • औद्योगिक बेरोजगारी
  • प्रच्छन्न बेरोजगारी
  • संरचनात्मक बेरोजगारी

Explanation:

  • प्रच्छन्न बेरोजगारी अक्सर ग्रामीण कृषि क्षेत्रों में पाई जाती है, जहाँ परिवार के许多 सदस्य एक सीमित जमीन पर काम करते दिखते हैं, लेकिन उनमें से कुछ को हटा देने से उत्पादन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
  • चक्रीय बेरोजगारी मुख्यतः शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों को प्रभावित करती है।
  • औद्योगिक बेरोजगारी विशिष्ट रूप से उद्योगों में मंदी के कारण होती है।
  • संरचनात्मक बेरोजगारी किसी भी क्षेत्र में हो सकती है लेकिन यह ग्रामीण प्रच्छन्न बेरोजगारी से भिन्न है।

बेरोजगारी भत्ता (Unemployment Allowance) भारत में किस योजना के अंतर्गत दिया जाता है?

  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
  • प्रधानमंत्री रोजगार योजना
  • राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना
  • मनरेगा

Explanation:

  • राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करती है।
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) वृद्धावस्था, विधवा और विकलांगता पेंशन प्रदान करता है, बेरोजगारी भत्ता नहीं।
  • प्रधानमंत्री रोजगार योजना का उद्देश्य स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।
  • मनरेगा (MGNREGA) कानूनी रूप से 100 दिन का रोजगार Guarantee देती है, बेरोजगारी भत्ता नहीं।

भारत में बेरोजगारी दर का सबसे विश्वसनीय और व्यापक स्रोत कौन सा सर्वेक्षण माना जाता है?

  • आर्थिक समीक्षा
  • जनगणना
  • पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS)
  • राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSSO)

Explanation:

  • पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा Conduct किया जाता है और यह शहरी及ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में रोजगार及बेरोजगारी Indicators का सबसे व्यापक और नियमित डेटा प्रदान करता है।
  • आर्थिक समीक्षा वार्षिक आर्थिक रुझानों का Document है, यह प्राथमिक बेरोजगारी डेटा का स्रोत नहीं है।
  • जनगणना हर 10 साल में होती है और इसका प्राथमिक Focus जनसांख्यिकीय डेटा है।
  • NSSO अब NSO का हिस्सा है, और PLFS ही इसका मुख्य Tool है।

किस अर्थशास्त्री ने ‘मांग की कमी’ को बेरोजगारी का मुख्य कारण बताया?

  • अमर्त्य सेन
  • एडम स्मिथ
  • जॉन मेनार्ड कीन्स
  • मिल्टन फ्रीडमैन

Explanation:

  • जॉन मेनार्ड कीन्स ने अपनी पुस्तक “The General Theory of Employment, Interest and Money” में बेरोजगारी का मुख्य कारण प्रभावी मांग (Effective Demand) में कमी को बताया।
  • अमर्त्य सेन ने अकाल और विकास अर्थशास्त्र पर काम किया।
  • एडम स्मिथ क्लासिकल अर्थशास्त्री थे जो मुक्त बाजार के पक्षधर थे।
  • मिल्टन फ्रीडमैन एक मौद्रिकवादी अर्थशास्त्री थे।

निम्नलिखित में से कौन सी बेरोजगारी सामान्यतः एक विकासशील अर्थव्यवस्था की विशेषता मानी जाती है?

  • चक्रीय बेरोजगारी
  • स्वैच्छिक बेरोजगारी
  • प्रच्छन्न बेरोजगारी
  • तकनीकी बेरोजगारी

Explanation:

  • प्रच्छन्न बेरोजगारी विकासशील देशों, विशेष रूप से उनके ग्रामीण कृषि क्षेत्रों की एक सामान्य विशेषता है, जहाँ श्रम का अधिकांश भाग कम उत्पादकता वाले कार्यों में लगा होता है।
  • चक्रीय बेरोजगारी विकसित देशों में अधिक सामान्य है जो व्यवसाय चक्र के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
  • स्वैच्छिक बेरोजगारी सभी प्रकार की अर्थव्यवस्थाओं में हो सकती है।
  • तकनीकी बेरोजगारी आमतौर पर तकनीकी रूप से उन्नत अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ी है।

भारत सरकार की ‘रोजगार बढ़ाने’ संबंधी प्रमुख योजना MGNREGA का पूरा नाम क्या है?

  • महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट
  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम
  • महात्मा गांधी न्यू रूरल एम्प्लॉयमेंट गाइडेंस अथॉरिटी
  • महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्पॉवरमेंट गारंटी एजेंसी

Explanation:

  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) भारत में ग्रामीण रोजगार की गारंटी देने वाला एक सामाजिक सुरक्षा कानून है।
  • यह योजना प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को सार्वजनिक works से जुड़े 100 दिन के Guaranteed मजदूरी रोजगार का कानूनी अधिकार देती है।
  • अन्य विकल्प इसके गलत विस्तारित नाम हैं।

बेरोजगारी दर की गणना का सूत्र क्या है?

  • (कुल जनसंख्या / बेरोजगार जनसंख्या) * 100
  • (कुल श्रम बल / बेरोजगार जनसंख्या) * 100
  • (बेरोजगार व्यक्ति / श्रम बल) * 100
  • (बेरोजगार व्यक्ति / कुल जनसंख्या) * 100

Explanation:

  • बेरोजगारी दर = (बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या / श्रम बल) * 100
  • श्रम बल में वे सभी व्यक्ति शामिल होते हैं जो काम करने के योग्य हैं और काम करना चाहते हैं, अर्थात employed + unemployed.
  • कुल जनसंख्या में बच्चे, बुजुर्ग और काम नहीं करना चाहने वाले लोग शामिल होते हैं, इसलिए यह गलत है।

किस प्रकार की बेरोजगारी अर्थव्यवस्था में एक स्थायी समस्या के रूप में बनी रहती है?

  • चक्रीय बेरोजगारी
  • मौसमी बेरोजगारी
  • प्राकृतिक बेरोजगारी
  • घर्षणात्मक बेरोजगारी

Explanation:

  • प्राकृतिक बेरोजगारी वह बेरोजगारी है जो एक स्वस्थ, स्थिर अर्थव्यवस्था में भी हमेशा मौजूद रहती है। इसमें घर्षणात्मक और संरचनात्मक बेरोजगारी शामिल होती है।
  • चक्रीय बेरोजगारी अस्थायी होती है और आर्थिक चक्र के साथ आती-जाती रहती है।
  • मौसमी बेरोजगारी भी अस्थायी और मौसम-आधारित होती है।
  • घर्षणात्मक बेरोजगारी प्राकृतिक बेरोजगारी का एक हिस्सा है, लेकिन पूरी प्राकृतिक बेरोजगारी नहीं।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन ‘मंदी (Recession)’ की सही परिभाषा है?

  • बेरोजगारी दर में लगातार वृद्धि
  • मुद्रास्फीति दर में तेजी से गिरावट
  • लगातार दो तिमाहियों तक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में गिरावट
  • शेयर बाजार में भारी गिरावट

Explanation:

  • मंदी (Recession) की तकनीकी परिभाषा है – एक अर्थव्यवस्था का लगातार दो तिमाहियों (छह महीनों) तक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में गिरावट का अनुभव करना।
  • बेरोजगारी में वृद्धि और शेयर बाजार में गिरावट मंदी के परिणाम हो सकते हैं, लेकिन यह its परिभाषा नहीं हैं।
  • मुद्रास्फीति में गिरावट (deflation) मंदी का एक लक्षण हो सकता है, लेकिन हमेशा नहीं।

बेरोजगारी और मुद्रास्फीति के बीच सैद्धांतिक व्य trade-off को किस वक्र द्वारा दर्शाया जाता है?

  • लॉरेंज वक्र
  • लाफ़र वक्र
  • फिलिप्स वक्र
  • गिनी वक्र

Explanation:

  • फिलिप्स वक्र अर्थशास्त्र में एक सैद्धांतिक अवधारणा है जो बेरोजगारी दर और मुद्रास्फीति दर के बीच व्युत्क्रम संबंध (trade-off) को दर्शाती है।
  • लॉरेंज वक्र आय असमानता को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • लाफ़र वक्र कर दरों और सरकारी tax revenue के बीच संबंध दर्शाता है।
  • गिनी वक्र जैसा कोई Standard curve नहीं है। गिनी Coefficient लॉरेंज वक्र से निकाला जाता है।

किस प्रकार की बेरोजगारी तब उत्पन्न होती है जब श्रमिक नौकरी बदलने के बीच की अवधि में बेरोजगार रहते हैं?

  • संरचनात्मक बेरोजगारी
  • घर्षणात्मक बेरोजगारी
  • चक्रीय बेरोजगारी
  • तकनीकी बेरोजगारी

Explanation:

  • घर्षणात्मक बेरोजगारी अर्थव्यवस्था में एक सामान्य और अल्पकालिक Phenomenon है जो तब होती है जब श्रमिक एक नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरी की तलाश में होते हैं।
  • संरचनात्मक बेरोजगारी अर्थव्यवस्था की संरचना में बदलाव के कारण होती है और यह अधिक दीर्घकालिक होती है।
  • चक्रीय बेरोजगारी आर्थिक मंदी से जुड़ी होती है।
  • तकनीकी बेरोजगारी संरचनात्मक बेरोजगारी का एक प्रकार है।

भारत में शिक्षित बेरोजगारी सबसे अधिक किस क्षेत्र में देखने को मिलती है?

  • कृषि क्षेत्र
  • विनिर्माण क्षेत्र
  • सेवा क्षेत्र
  • उद्योग क्षेत्र

Explanation:

  • शिक्षित बेरोजगारी अक्सर सेवा क्षेत्र (टियर 2 और टियर 3 शहरों में सफेदपोश नौकरियों) में सबसे अधिक देखी जाती है, जहाँ नौकरी के अवसरों और योग्यता रखने वाले आवेदकों की संख्या के बीच असंतुलन होता है।
  • कृषि क्षेत्र में मुख्यतः अशिक्षित或कम शिक्षित प्रच्छन्न बेरोजगारी पाई जाती है।
  • विनिर्माण及उद्योग क्षेत्र में भी शिक्षित बेरोजगारी हो सकती है, लेकिन यह सेवा क्षेत्र की तुलना में कम प्रमुख है।

केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)’ का उद्देश्य क्या है?

  • सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियां创造ना
  • कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ाना
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम enterprises (MSME) के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर पैदा करना
  • विदेशों में रोजगार के अवसर ढूंढना

Explanation:

  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म enterprises की स्थापना के through स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।
  • यह योजना नए स्वरोजगार Projects/ventures/enterprises को सब्सिडी युक्त Bank loans उपलब्ध कराती है।
  • यह सीधे सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियां创造ने की योजना नहीं है।
  • यह मुख्यतः गैर-कृषि क्षेत्र पर Focus करती है।

बेरोजगारी के आंकड़ों में ‘कर्मचारी’ (Worker) की श्रेणी में कौन शामिल नहीं होता?

  • नियमित वेतनभोगी employee
  • अनियमित/ Casual श्रमिक
  • स्वरोजगार में लगा व्यक्ति
  • घरेलू कार्यों में लगी गृहणी (बिना पारिश्रमिक के)

Explanation:

  • रोजगार/बेरोजगारी के आर्थिक सर्वेक्षणों में, घरेलू कार्यों में लगी गृहणी (बिना पारिश्रमिक के) को ‘कर्मचारी’ (Worker) की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता है, भले ही वह काम कर रही है।
  • इसका कारण यह है कि इन activities को आर्थिक गतिविधि (Economic Activity) के अंतर्गत नहीं माना जाता क्योंकि इनके लिए कोई सीधा पारिश्रमिक (Wage/Salary) नहीं मिलता।
  • नियमित वेतनभोगी, Casual श्रमिक और स्वरोजगार सभी ‘कर्मचारी’ की श्रेणी में आते हैं।

किस वर्ष में भारत में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) लागू किया गया था?

  • 2000
  • 2007
  • 2005
  • 2010

Explanation:

  • राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) सितंबर 2005 में पारित किया गया था।
  • इसे later 2 अक्टूबर, 2009 को महात्मा गांधी के नाम पर Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA) कर दिया गया।
  • यह दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक रोजगार कार्यक्रम है।

बेरोजगारी का वह रूप जो श्रम बाजार में कौशल की कमी के कारण होता है, क्या कहलाता है?

  • घर्षणात्मक बेरोजगारी
  • संरचनात्मक बेरोजगारी
  • चक्रीय बेरोजगारी
  • मौसमी बेरोजगारी

Explanation:

  • संरचनात्मक बेरोजगारी तब occurs होती है जब श्रमिकों के पास उपलब्ध नौकरियों के लिए आवश्यक कौशल की कमी होती है, या जब नौकरियां उन geographical areas में उपलब्ध नहीं होतीं जहाँ श्रमिक रहते हैं।
  • घर्षणात्मक बेरोजगारी अल्पकालिक और कौशल की कमी के कारण नहीं होती।
  • चक्रीय बेरोजगारी मांग की कमी के कारण होती है, कौशल की कमी के कारण नहीं।
  • मौसमी बेरोजगारी का कौशल से कोई direct संबंध नहीं है।

किसी अर्थव्यवस्था में ‘पूर्ण रोजगार’ (Full Employment) की स्थिति का क्या अर्थ है?

  • शून्य प्रतिशत बेरोजगारी दर
  • सभी वयस्कों का employed होना
  • केवल घर्षणात्मक और संरचनात्मक बेरोजगारी का होना, चक्रीय बेरोजगारी का न होना
  • केवल स्वैच्छिक बेरोजगारी का होना

Explanation:

  • अर्थशास्त्र में, पूर्ण रोजगार एक ऐसी स्थिति है जहाँ कोई चक्रीय या Involuntary बेरोजगारी नहीं होती।
  • इस स्थिति में भी, घर्षणात्मक और संरचनात्मक बेरोजगारी (जो मिलकर ‘प्राकृतिक बेरोजगारी’ बनाती हैं) exist कर सकती हैं।
  • शून्य percent बेरोजगारी दर एक अव्यावहारिक लक्ष्य है और इसे पूर्ण रोजगार नहीं माना जाता।

बेरोजगारी के आर्थिक प्रभावों में शामिल नहीं है:

  • राष्ट्रीय आय में कमी
  • मानव पूंजी का नुकसान
  • सामाजिक अशांति में वृद्धि
  • मुद्रास्फीति दर में तेजी से वृद्धि

Explanation:

  • बेरोजगारी के मुख्य आर्थिक प्रभाव हैं: राष्ट्रीय आय और उत्पादन में कमी, मानव संसाधन का अपव्यय, government पर वित्तीय burden (भत्ता देने के कारण), और demand में कमी।
  • मुद्रास्फीति दर में वृद्धि आमतौर पर उच्च बेरोजगारी के साथ नहीं होती। बल्कि, उच्च बेरोजगारी अक्सर मांग में कमी के कारण मुद्रास्फीति को कम करती है (फिलिप्स वक्र के अनुसार)।
  • सामाजिक अशांति एक Social impact है, लेकिन यह आर्थिक stability को भी प्रभावित करती है।

निम्नलिखित में से किस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में PLFS (2022-23) के अनुसार शहरी बेरोजगारी दर सबसे कम थी?

  • राजस्थान
  • गुजरात
  • बिहार
  • तेलंगाना

Explanation:

  • Periodic Labour Force Survey (PLFS) 2022-23 की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में शहरी बेरोजगारी दर (1.8%) सबसे कम थी।
  • इसी रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान (5.6%), बिहार (1st in another category but not lowest in urban), और तेलंगाना (4.2%) की दरें गुजरात से अधिक थीं।
  • यह डेटा state-wise variations को दर्शाता है, जो industrialisation और economic opportunities से जुड़ा है।

किसी देश के लिए ‘रोजगार-लोच’ (Employment Elasticity) शब्द का क्या अर्थ है?

  • बेरोजगारी दर में प्रतिशत परिवर्तन
  • श्रम बल में वृद्धि की दर
  • अर्थव्यवस्था की विकास दर के संबंध में रोजगार वृद्धि की संवेदनशीलता
  • नौकरियों के प्रकार में विविधता

Explanation:

  • रोजगार-लोच (Employment Elasticity) एक Indicator है जो बताता है कि अर्थव्यवस्था की विकास दर (GDP Growth) में 1% के परिवर्तन से रोजगार में कितने प्रतिशत का परिवर्तन होता है
  • उच्च लोच का मतलब है कि economic growth के साथ रोजगार में Significant वृद्धि होती है।
  • निम्न लोच (जैसा कि भारत में हाल के वर्षों में देखा गया है) का मतलब है कि growth रोजगार पैदा करने में कम सक्षम है, जो jobless growth की ओर इशारा करती है।

बेरोजगारी के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों के संदर्भ में ‘विस्थापन लागत’ (Displacement Cost) क्या refers करती है?

  • नौकरी बदलने में आने वाला खर्च
  • बेरोजगारी के कारण व्यक्ति और समाज को होने वाली कुल हानि
  • ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में पलायन की लागत
  • सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता देने पर होने वाला Expenditure

Explanation:

  • विस्थापन लागत (Displacement Cost) बेरोजगारी के कारण होने वाली व्यापक आर्थिक और सामाजिक हानि को दर्शाती है।
  • इसमें खोई हुई आय, सरकार की tax revenue में कमी, कौशल का क्षरण, मानसिक तनाव, और पारिवारिक及सामाजिक संबंधों पर पड़ने वाले Negative प्रभाव शामिल हैं।
  • यह केवल वित्तीय खर्च या पलायन की लागत से कहीं अधिक Broad concept है।
Economy-Unemployment