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सुभाष चंद्र बोस
- जन्म: 23 जनवरी 1897, कटक (ओडिशा)।
- पिता/माता: जानकीनाथ बोस और प्रभावती देवी।
- शिक्षा: 1920 में भारतीय सिविल सेवा (ICS) में चौथा स्थान प्राप्त किया, लेकिन 1921 में इस्तीफा दे दिया।
- राजनीतिक गुरु: चित्तरंजन दास (C.R. Das)।
- उपनाम: ‘नेताजी’ (एडोल्फ हिटलर द्वारा दिया गया) और ‘देशभक्तों का देशभक्त’ (गांधीजी द्वारा कहा गया)।
- नारे: “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” और “जय हिन्द”।
- प्रसिद्ध पुस्तक: “The Indian Struggle” (द इंडियन स्ट्रगल)।
- हरिपुरा अधिवेशन (1938): निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए।
- त्रिपुरी अधिवेशन (1939): गांधीजी के उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैय्या को हराकर पुनः अध्यक्ष बने, लेकिन मतभेदों के कारण इस्तीफा दे दिया।
- फॉरवर्ड ब्लॉक: 1939 में कांग्रेस छोड़ने के बाद इस नई पार्टी की स्थापना की।
- आजाद हिन्द फौज (INA): 1943 में सिंगापुर में इसकी कमान संभाली (मूल विचार: कैप्टन मोहन सिंह)।
- आरजी हुकुमत-ए-आजाद हिंद: 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में भारत की अस्थायी सरकार बनाई।
- नारा ‘दिल्ली चलो’: सिंगापुर के टाउन हॉल के सामने सेना को प्रेरित करने के लिए दिया।
- अंडमान और निकोबार: इनका नाम बदलकर क्रमशः ‘शहीद’ और ‘स्वराज’ द्वीप रखा।
- मृत्यु: 18 अगस्त 1945 को ताइवान में विमान दुर्घटना में (विवादास्पद)।
- जांच आयोग: शाहनवाज समिति (1956), खोसला आयोग (1970) और मुखर्जी आयोग (1999)।
- पराक्रम दिवस: उनकी जयंती (23 जनवरी) को प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
भाभा | होमी जहांगीर भाभा
- पूरा नाम: होमी जहांगीर भाभा (Homi Jehangir Bhabha)।
- प्रसिद्धि: “भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक” (Father of the Indian Nuclear Program)।
- जन्म: 30 अक्टूबर 1909, मुंबई।
- संस्थापक: टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) और परमाणु ऊर्जा संस्थान, ट्रॉम्बे (अब BARC)।
- प्रथम अध्यक्ष: परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) के पहले अध्यक्ष (1948)।
- भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC): ट्रॉम्बे स्थित इस संस्थान का नाम उनके निधन के बाद BARC कर दिया गया।
- अंतरराष्ट्रीय भूमिका: 1955 में जिनेवा में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर पहले संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अध्यक्ष।
- पुरस्कार: 1954 में पद्म भूषण से सम्मानित।
- वैज्ञानिक सिद्धांत: ‘भाभा स्कैटरिंग’ (Bhabha Scattering) और ‘कैस्केड थ्योरी ऑफ कॉस्मिक शावर्स’ (Cascade theory of cosmic showers) के लिए प्रसिद्ध।
- थ्री-स्टेज प्रोग्राम: भारत के “त्रि-स्तरीय परमाणु शक्ति कार्यक्रम” की रूपरेखा तैयार की।
- प्रमुख खोज: इलेक्ट्रॉन-पॉज़िट्रॉन स्कैटरिंग (Electron-positron scattering) की व्याख्या की।
- निधन: 24 जनवरी 1966 को माउंट ब्लांक (आल्प्स पर्वत) में एक विमान दुर्घटना (Air India Flight 101) में।
जवाहरलाल नेहरू
- जवाहरलाल नेहरू जन्म: 14 नवंबर 1889, इलाहाबाद (अब प्रयागराज)।
- उपाधि: ‘चाचा नेहरू’ और ‘आधुनिक भारत के निर्माता’।
- राजनैतिक जीवन: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री (1947-1964); सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री।
- INC अध्यक्षता: लाहौर अधिवेशन (1929) – ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा; लखनऊ अधिवेशन (1936) और फैजपुर अधिवेशन (1937)।
- संविधान सभा: 13 दिसंबर 1946 को ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ (Objectives Resolution) पेश किया, जो प्रस्तावना का आधार बना।
- प्रसिद्ध पुस्तकें: ‘The Discovery of India’ (भारत की खोज), ‘Glimpses of World History’, ‘Letters from a Father to His Daughter’।
- विदेश नीति: ‘पंचशील समझौता’ (1954, चीन के साथ) और गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के संस्थापक सदस्य।
- नारे: ‘आराम हराम है’ और ‘पूर्ण स्वराज’।
- आर्थिक मॉडल: मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) और योजना आयोग (Planning Commission) की स्थापना।
- प्रमुख बांध: भाखड़ा नांगल और हीराकुंड जैसे बांधों को ‘आधुनिक भारत के मंदिर’ कहा।
- भारत रत्न: 1955 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित।
- मृत्यु: 27 मई 1964 (कार्यकाल के दौरान)।
- समाधि स्थल: ‘शांति वन’ (दिल्ली)।
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- पूरा नाम: अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन अहमद बिन खैरुद्दीन अल-हुसैनी आजाद।
- जन्म: 11 नवंबर 1888 (मक्का, सऊदी अरब)।
- राष्ट्रीय शिक्षा दिवस: इनका जन्मदिन (11 नवंबर) भारत में ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
- प्रथम शिक्षा मंत्री: स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री (1947-1958)।
- सबसे युवा अध्यक्ष: 1923 (दिल्ली विशेष सत्र) में 35 वर्ष की आयु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष बने।
- लंबे समय तक अध्यक्ष: 1940 से 1946 तक लगातार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे (द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान)।
- पत्रिकाएँ: ‘अल-हिलाल’ (1912) और ‘अल-बलाघ’ (1915) उर्दू साप्ताहिक पत्रिकाओं की स्थापना की।
- प्रसिद्ध पुस्तक: ‘इंडिया विन्स फ्रीडम’ (India Wins Freedom) के लेखक।
- प्रमुख रचना: ‘गुबार-ए-खातिर’ (क़िले में कैद के दौरान लिखे गए पत्रों का संग्रह)।
- खिलाफत आंदोलन: भारत में खिलाफत आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक।
- संस्थानों की स्थापना: उनके कार्यकाल में IIT खड़गपुर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), ललित कला अकादमी और साहित्य अकादमी की स्थापना हुई।
- भारत रत्न: 1992 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित।
- धरण सत्याग्रह: 1930 के नमक सत्याग्रह के दौरान धरण (Gujarat) में सक्रिय भूमिका निभाई।
- विभाजन का विरोध: वे हिंदू-मुस्लिम एकता के कट्टर समर्थक थे और भारत के विभाजन के सख्त खिलाफ थे।
गोविंद वल्लभ पंत
- जन्म: 10 सितंबर 1887, अल्मोड़ा (उत्तराखंड)।
- उपनाम: ‘हिमालय पुत्र’ (जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रदत्त)।
- पेशा: वकील (काकोरी कांड के क्रांतिकारियों का पक्ष लड़ा)।
- राजनीतिक करियर: उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री (1950–1954)।
- केंद्रीय भूमिका: भारत के चौथे गृह मंत्री (1955–1961)।
- भारत रत्न: 1957 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित।
- आंदोलन: साइमन कमीशन का विरोध (1928), नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन।
- विशेष उपलब्धि: उत्तर प्रदेश में जमींदारी उन्मूलन अधिनियम (Zamindari Abolition Act) लागू करने के मुख्य सूत्रधार।
- भाषाई योगदान: हिंदी को भारत की राजभाषा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- यादगार स्थल: ‘गोविंद वल्लभ पंत सागर’ (रिहंद बांध, सोनभद्र) – भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील।
- संस्थान: पंतनगर विश्वविद्यालय (भारत का पहला कृषि विश्वविद्यालय) इन्हीं के नाम पर है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद | राजेंद्र प्रसाद
- जन्म: 3 दिसंबर 1884, जीरादेई (सीवान जिला, बिहार)।
- उपनाम: ‘देशरत्न’ और ‘अजातशत्रु’।
- शिक्षा: कलकत्ता विश्वविद्यालय से कानून (LL.M) की पढ़ाई; मेधावी छात्र (प्रसिद्ध टिप्पणी: “The examinee is better than the examiner”).
- व्यवसाय: पटना उच्च न्यायालय में वकील (1916) और शिक्षक।
- चंपारण सत्याग्रह (1917): गांधीजी के आह्वान पर आंदोलन से जुड़े और उनके प्रमुख सहयोगी बने।
- असहयोग आंदोलन (1920): वकालत छोड़ दी और पूर्णतः स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए।
- नमक सत्याग्रह (1930): बिहार में नमक कानून तोड़ने के लिए गिरफ्तार हुए।
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942): इन्हें बांकीपुर जेल (पटना) में नजरबंद किया गया था।
- पटना नगर पालिका: 1923 में पटना नगर पालिका के अध्यक्ष चुने गए।
- INC अध्यक्ष: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तीन बार अध्यक्ष रहे:
- 1934 (बंबई अधिवेशन)
- 1939 (सुभाष चंद्र बोस के इस्तीफे के बाद कार्यवाहक)
- 1947 (जे.बी. कृपलानी के बाद)
- संविधान सभा के अध्यक्ष: 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
- खाद्य एवं कृषि मंत्री: 1946 की अंतरिम सरकार में प्रथम खाद्य एवं कृषि मंत्री थे।
- नारा: कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए “Grow More Food” का नारा दिया।
- राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल
- भारत के प्रथम राष्ट्रपति: 24 जनवरी 1950 को निर्वाचित हुए।
- सर्वाधिक कार्यकाल: भारत के एकमात्र राष्ट्रपति जो दो बार (1950-1962) इस पद पर रहे।
- त्याग: 1962 में पद से हटने के बाद पटना के सदाक़त आश्रम में रहने चले गए।
- पुरस्कार
- भारत रत्न: 1962 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया।
- पुस्तकें:
- इंडिया डिवाइडेड (India Divided) – अत्यधिक महत्वपूर्ण
- आत्मकथा (Atmakatha) – 1946 में प्रकाशित।
- सत्याग्रह एट चंपारण (Satyagraha at Champaran)
- बापू के कदमों में (Bapu Ke Kadmon Mein)
- निधन: 28 फरवरी 1963 को पटना में।
चौधरी रहमत अली
- परिचय: पाकिस्तान शब्द के जन्मदाता (Coined the word ‘Pakistan’)।
- शिक्षा: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (इमैनुएल कॉलेज) के छात्र।
- प्रसिद्ध पम्फलेट: 28 जनवरी 1933 को ‘Now or Never’ (अभी नहीं तो कभी नहीं) प्रकाशित किया।
- पाकिस्तान शब्द की उत्पत्ति: पाँच उत्तरी इकाइयों के नाम पर:
- P – Punjab (पंजाब)
- A – Afghania (NWFP)
- K – Kashmir (कश्मीर)
- S – Sindh (सिंध)
- TAN – Baluchistan (बलूचिस्तान)
- विचारधारा: द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (Two-Nation Theory) के कट्टर समर्थक।
- गोलमेज सम्मेलन: तीसरे गोलमेज सम्मेलन (1932) के दौरान अपना प्रस्ताव रखा, जिसे उस समय मुस्लिम लीग ने “छात्रों का सपना” कहकर नकार दिया था।
- आंदोलन: ‘पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट’ (Pakistan National Movement) की स्थापना की।
- निधन: 1951 में कैम्ब्रिज, यूके (UK) में मृत्यु और वहीं दफनाया गया।
मोहम्मद अली जिन्ना
- उपनाम: ‘कायदे-आजम’ (महान नेता) और ‘बाबा-ए-कौम’ (राष्ट्रपिता – पाकिस्तान)।
- प्रारंभिक राजनीति: 1906 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए; दादाभाई नौरोजी के निजी सचिव रहे।
- मुस्लिम लीग: 1913 में मुस्लिम लीग में शामिल हुए (1916-1947 तक अध्यक्ष रहे)।
- लखनऊ समझौता (1916): कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता कराने में मुख्य भूमिका; सरोजिनी नायडू ने उन्हें “हिंदू-मुस्लिम एकता का राजदूत” कहा।
- चौदह सूत्री मांगें (1929): नेहरू रिपोर्ट के जवाब में मुसलमानों के लिए 14 मांगें प्रस्तुत कीं।
- गोलमेज सम्मेलन: लंदन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930-32) में भाग लिया।
- द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (Two-Nation Theory): 1940 के लाहौर अधिवेशन में अलग मुस्लिम राष्ट्र (पाकिस्तान) की मांग औपचारिक रूप से रखी।
- विरोध: गांधी जी के ‘असहयोग आंदोलन’ के कट्टर विरोधी थे और इसी कारण 1920 में कांग्रेस छोड़ दी।
- डायरेक्ट एक्शन डे: 16 अगस्त 1946 को पाकिस्तान की मांग के लिए ‘प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस’ का आह्वान किया।
- प्रथम गवर्नर जनरल: 1947 में स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल बने।
- प्रसिद्ध पुस्तक: ‘इंडियाज प्रॉब्लम ऑफ हर फ्यूचर कॉन्स्टिट्यूशन’ (India’s Problem of Her Future Constitution)।
लियाकत अली
- परिचय: पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री (1947–1951) और प्रथम रक्षा मंत्री।
- उपाधि: इन्हें ‘कायदे-ए-मिल्लत’ (कौम के नेता) और ‘शहीद-ए-मिल्लत’ कहा जाता है।
- अंतरिम सरकार (1946): भारत की अंतरिम सरकार में वित्त मंत्री (Finance Minister) के रूप में कार्य किया।
- लियाकत-नेहरू समझौता (1950): अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जवाहरलाल नेहरू के साथ दिल्ली में हस्ताक्षर किए।
- प्रस्ताव (Objectives Resolution): 1949 में पाकिस्तान के संविधान का आधार रखने वाला ‘लक्ष्य प्रस्ताव’ पेश किया।
- राजनीतिक दल: ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के प्रमुख नेता और मुहम्मद अली जिन्ना के दाहिने हाथ।
- शिक्षा: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (U.K.) से शिक्षा प्राप्त की।
- जन्म स्थान: करनाल, हरियाणा (पंजाब प्रांत, ब्रिटिश भारत)।
- उत्तर प्रदेश की राजनीति: 1923 में यूपी विधान परिषद के सदस्य चुने गए।
- हत्या: 16 अक्टूबर 1951 को रावलपिंडी के कंपनी बाग (अब लियाकत बाग) में हत्या कर दी गई।
विनोवा भावे
- मूल नाम: विनायक नरहरि भावे।
- उपाधि: ‘आचार्य’ और ‘भारत के राष्ट्रीय अध्यापक’।
- आध्यात्मिक गुरु: महात्मा गांधी (गांधी जी के प्रथम सत्याग्रही)।
- भूदान आंदोलन (1951): शुरुआत पोचमपल्ली (तेलंगाना) से की।
- व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940): गांधी जी द्वारा चुने गए प्रथम सत्याग्रही (दूसरे जवाहरलाल नेहरू थे)।
- रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (1958): यह पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय (सामुदायिक नेतृत्व श्रेणी)।
- भारत रत्न: 1983 में मरणोपरांत सम्मानित।
- सर्वोदय आंदोलन: गांधी जी के ‘सर्वोदय’ (सबका उदय) विचार को आगे बढ़ाया।
- नारा: ‘जय जगत’।
- मुख्य कृतियाँ/पुस्तकें: ‘गीता प्रवचन’ (धुलिया जेल में लिखी), ‘मधुकर’, ‘स्वराज शास्त्र’।
- आश्रम स्थापना: पवनार आश्रम (महाराष्ट्र) की स्थापना की।
- धार्मिक योगदान: कुरान का मराठी अनुवाद किया।
- मृत्यु: 1982 (इच्छा मृत्यु/प्रायोपवेश)।
आगा खाँ
- आगा खाँ तृतीय (सर सुल्तान मुहम्मद शाह): मुस्लिम लीग के संस्थापक सदस्यों में से एक और इसके पहले अध्यक्ष (1906)।
- मुस्लिम लीग की स्थापना: 1906 में ढाका (बांग्लादेश) में हुई।
- आगा खाँ पैलेस (स्थान): पुणे, महाराष्ट्र (निर्माण 1892 में सुल्तान मुहम्मद शाह आगा खाँ तृतीय द्वारा)।
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942): इस दौरान महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी और महादेव देसाई को इसी पैलेस में नजरबंद (Imprisoned) रखा गया था।
- समाधि स्थल: कस्तूरबा गांधी और महादेव देसाई का निधन यहीं हुआ, उनकी समाधियाँ पैलेस परिसर में स्थित हैं।
- गांधी स्मारक: 1969 में आगा खाँ चतुर्थ ने इसे राष्ट्र को दान कर दिया; अब यह गांधी राष्ट्रीय स्मारक है।
- आगा खाँ कप: यह प्रसिद्ध खेल शब्दावली हॉकी (Hockey) से संबंधित है।
- गोलमेज सम्मेलन: आगा खाँ तृतीय ने लंदन में आयोजित सभी तीन गोलमेज सम्मेलनों (1930-32) में भाग लिया था।
जय प्रकाश नारायण
- उपनाम: इन्हें ‘लोक नायक’ के नाम से जाना जाता है।
- जन्म: 11 अक्टूबर 1902, सिताबदियारा (बिहार)।
- राजनीतिक विचारधारा: समाजवाद (Socialism) और मार्क्सवाद से प्रभावित।
- कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (CSP): 1934 में स्थापना में मुख्य भूमिका (सचिव)।
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942): हजारीबाग जेल से भागकर भूमिगत रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया।
- आजाद दस्ता: नेपाल के जंगलों में युवाओं को छापामार युद्ध के लिए प्रशिक्षित करने हेतु गठन किया।
- सर्वोदय आंदोलन: आजादी के बाद विनोबा भावे के साथ इस आंदोलन में सक्रिय रहे।
- संपूर्ण क्रांति (Total Revolution): 5 जून 1974 को पटना के गांधी मैदान से ‘इंदिरा गांधी हटाओ’ और सत्ता परिवर्तन के लिए आह्वान।
- पीपुल्स प्लान (1945): भारत के आर्थिक विकास के लिए योजना प्रस्तुत की।
- जनता पार्टी: 1977 में गैर-कांग्रेसी सरकार (मोरारजी देसाई) बनवाने में निर्णायक भूमिका।
- पुरस्कार:
- मैग्सेसे पुरस्कार: 1965 (लोक सेवा के लिए)।
- भारत रत्न: 1999 (मरणोपरांत)।
- प्रसिद्ध कृति: ‘Prison Diary’ (जेल डायरी)।
- निधन: 8 अक्टूबर 1979।
डॉ. भीमराव अंबेडकर | अंबेडकर
- जन्म: 14 अप्रैल 1891, महू (मध्य प्रदेश)।
- पूरा नाम: भीमराव रामजी अंबेडकर।
- उपाधि: ‘आधुनिक मनु’ और ‘भारतीय संविधान के जनक’।
- शिक्षा: कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट (Ph.D.)।
- मूकनायक (1920): उनके द्वारा शुरू किया गया पहला साप्ताहिक समाचार पत्र (मराठी)।
- बहिष्कृत हितकारिणी सभा (1924): दलितों के उत्थान के लिए बॉम्बे में स्थापना की।
- महाड़ सत्याग्रह (1927): अछूतों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का अधिकार दिलाने के लिए नेतृत्व।
- साइमन कमीशन (1928): उन्होंने इस कमीशन के साथ मिलकर काम किया और दलितों के लिए अलग निर्वाचक मंडल की मांग की।
- पुणे पैक्ट (1932): गांधीजी और अंबेडकर के बीच समझौता (दलितों के लिए आरक्षित सीटों पर सहमति)।
- इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी (1936): उनके द्वारा गठित राजनीतिक दल।
- संविधान सभा: प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष (29 अगस्त 1947)।
- प्रथम कानून मंत्री: स्वतंत्र भारत के पहले विधि और न्याय मंत्री।
- द अनटचेबल्स (The Untouchables): उनकी प्रसिद्ध पुस्तक।
- एनीहिलेशन ऑफ कास्ट (Annihilation of Caste): जाति प्रथा पर उनके सबसे प्रभावशाली विचार।
- द प्रॉब्लम ऑफ द रूपी (The Problem of the Rupee): इसी पुस्तक के आधार पर RBI की अवधारणा रखी गई।
- बौद्ध धर्म: 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर (दीक्षाभूमि) में बौद्ध धर्म अपनाया।
- महापरिनिर्वाण: 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में निधन।
- भारत रत्न: 1990 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया।
- चैत्य भूमि: मुंबई में स्थित उनका समाधि स्थल।
मुहम्मद इकबाल
- उपनाम: ‘अल्लामा इकबाल’ और ‘शायर-ए-मशरिक’ (पूर्व का कवि)।
- प्रसिद्ध नारा: “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा पहली बार इन्होंने ही दिया था (बाद में भगत सिंह ने इसे लोकप्रिय बनाया)।
- प्रसिद्ध गीत: ‘सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा’ (1904) की रचना की।
- दार्शनिक आधार: इनके दर्शन को ‘खुदी’ (Selfhood) का सिद्धांत कहा जाता है।
- राजनीतिक भूमिका: 1930 के इलाहाबाद अधिवेशन में मुस्लिम लीग के अध्यक्ष रहे; द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (Two-Nation Theory) के शुरुआती विचारकों में से एक।
- नाइटहुड (Knighthood): ब्रिटिश सरकार ने 1922 में इन्हें ‘सर’ (Sir) की उपाधि दी।
- प्रमुख पुस्तकें (Persian/Farsi):
- असरार-ए-खुदी (Asrar-e-Khudi)
- रुमुज़-ए-बेखुदी (Rumuz-e-Bekhudi)
- पयाम-ए-मशरिक (Payam-e-Mashriq)
- जावेद नामा (Javid Nama)
- प्रमुख पुस्तकें (Urdu):
- बाँग-ए-दरा (Bang-e-Dara): इसमें ‘तरान-ए-हिन्द’ संकलित है।
- बाल-ए-जिब्रील (Bal-e-Jibril)
- ज़र्ब-ए-कलीम (Zarb-e-Kalim)
- निधन: 21 अप्रैल 1938, लाहौर।
पट्टाभिसीता रमैय्या
- पूरा नाम: भोगराजू पट्टाभि सीतारमैय्या।
- व्यवसाय: पेशे से चिकित्सक (Doctor) और स्वतंत्रता सेनानी।
- कांग्रेस अध्यक्ष: 1948 के जयपुर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष चुने गए।
- गांधीजी का समर्थन: 1939 के त्रिपुरी अधिवेशन में गांधीजी के उम्मीदवार थे, लेकिन सुभाष चंद्र बोस से हार गए।
- नोट: हार पर गांधीजी ने कहा था, “पट्टाभि की हार मेरी हार है।”
- आधिकारिक इतिहासकार: इन्हें “कांग्रेस का आधिकारिक इतिहासकार” माना जाता है।
- प्रमुख पुस्तक: ‘The History of the Indian National Congress’ (1935)।
- बैंक की स्थापना: 1923 में मछलीपट्टनम में आंध्रा बैंक (Andhra Bank) की स्थापना की।
- राज्यपाल: स्वतंत्रता के बाद मध्य प्रदेश के पहले राज्यपाल (1952-1957) बने।
- भाषाई राज्य: भाषाई आधार पर राज्यों के गठन हेतु बनी JVP समिति (जवाहरलाल, वल्लभभाई, पट्टाभि) के सदस्य थे।
- आंदोलन: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए और 3 साल ‘अहमदनगर किला’ जेल में रहे।
- पत्रिका: इन्होंने ‘Janmabhumi’ नामक अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका शुरू की थी।
अरविंद घोष | अरबिंदो घोष
- जन्म: 15 अगस्त 1872, कोलकाता।
- ICS परीक्षा: 1890 में उत्तीर्ण की, लेकिन घुड़सवारी की परीक्षा न देने के कारण सेवा में शामिल नहीं हुए।
- बड़ौदा सेवा: 1893-1906 तक बड़ौदा राज्य की सेवा की और बड़ौदा कॉलेज में प्रोफेसर रहे।
- अनुशीलन समिति (कोलकाता) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका।
- अलीपुर बम कांड (1908): इस मामले में गिरफ्तार हुए, चितरंजन दास (CR Das) ने इनका बचाव किया।
- राजनीतिक विचारधारा: ‘गरम दल’ के नेता; पूर्ण स्वराज के समर्थक।
- निष्क्रिय प्रतिरोध (Passive Resistance): इस सिद्धांत के प्रतिपादक।
- आध्यात्मिक मोड़: 1910 में राजनीति छोड़कर पांडिचेरी (Puducherry) चले गए।
- श्री अरबिंदो आश्रम: 1926 में पांडिचेरी में स्थापना।
- प्रसिद्ध समाचार पत्र/पत्रिकाएं:
- वंदे मातरम: अंग्रेजी दैनिक (विपिन चंद्र पाल के साथ)।
- कर्मयोगी: अंग्रेजी साप्ताहिक।
- धर्म: बंगाली साप्ताहिक।
- आर्य: दार्शनिक मासिक पत्रिका।
- प्रमुख पुस्तकें:
- The Life Divine (द लाइफ डिवाइन)
- Savitri (सावित्री – सबसे लंबी अंग्रेजी कविता)
- Essays on the Gita
- The Synthesis of Yoga
- New Lamps for Old (लेखों की श्रृंखला जिसमें कांग्रेस की आलोचना की गई)
- उपनाम: “भारतीय पुनर्जागरण के पैगंबर” और “राष्ट्रवाद के ऋषि“।
विपिन चंद्र पाल
- जन्म: 7 नवंबर 1858, हबीबगंज (अब बांग्लादेश में)।
- उपनाम: भारत में ‘क्रांतिकारी विचारों के जनक‘ (Father of Revolutionary Thoughts)।
- लाल-बाल-पाल: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रसिद्ध ‘गरम दल‘ त्रिमूर्ति का हिस्सा।
- ब्रह्म समाज: वह ब्रह्म समाज के सदस्य थे और सामाजिक सुधारों (जैसे विधवा विवाह) के कट्टर समर्थक थे।
- स्वदेशी आंदोलन (1905): बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के मुख्य रणनीतिकार।
- जेल यात्रा: 1907 में महर्षि अरबिंदो घोष के खिलाफ गवाही देने से इनकार करने पर 6 महीने की जेल।
- वंदे मातरम पत्रिका: अरबिंदो घोष के साथ मिलकर ‘वंदे मातरम’ पत्रिका का संपादन किया।
- न्यू इंडिया (New India): उनके द्वारा शुरू किया गया प्रसिद्ध साप्ताहिक समाचार पत्र।
- विदेशी दौरा: उन्होंने इंग्लैंड और अमेरिका की यात्रा की और वहां भारतीय स्वतंत्रता का पक्ष रखा।
- पूर्ण स्वराज: उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ पूर्ण स्वतंत्रता और स्वराज्य का आह्वान किया।
- प्रमुख पुस्तकें:
- ‘The Soul of India’
- Memories of My Life and Times‘ (आत्मकथा)
- ‘Nationality and Empire’।
- कांग्रेस से अलगाव: गांधीजी के असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) के कुछ वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी।
- निधन: 20 मई 1932।
बाल गंगाधर तिलक | तिलक
- उपनाम:
- ‘लोकमान्य‘ (जनता द्वारा स्वीकृत)
- ‘भारत का बेताज बादशाह’
- अंग्रेजों द्वारा ‘भारतीय अशांति का जनक‘ (Father of Indian Unrest – वैलेन्टिन शिरोल द्वारा)।
- प्रसिद्ध नारा: “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।”
- समाचार पत्र:
- मराठा (अंग्रेजी भाषा में)
- केसरी (मराठी भाषा में)।
- प्रसिद्ध पुस्तकें:
- ‘गीता रहस्य‘ (मांडले जेल में लिखी गई
- ‘द आर्कटिक होम इन द वेदाज‘।
- उत्सवों की शुरुआत:
- 1893 में गणपति उत्सव
- 1895 में शिवाजी उत्सव की शुरुआत की (जनता को संगठित करने हेतु)।
- राजनीतिक विचारधारा: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ‘गरम दल’ (Extremist) नेता (लाल-बाल-पाल त्रिगुट का हिस्सा)।
- संस्थाएं:
- 1884 में ‘डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी‘ और 1885 में ‘फरगुसन कॉलेज’ (पुणे) की स्थापना में मुख्य भूमिका।
- होम रूल लीग: अप्रैल 1916 में बेलगाम (पुणे) में ‘इंडियन होम रूल लीग‘ की स्थापना की।
- जेल यात्रा: 1908 से 1914 तक बर्मा की मांडले जेल में 6 वर्ष का कारावास।
- लखनऊ समझौता (1916): कांग्रेस के नरम दल और गरम दल को फिर से एक करने तथा मुस्लिम लीग के साथ समझौता कराने में महत्वपूर्ण भूमिका।
- विरोध: उन्होंने 1891 के ‘एज ऑफ कंसेंट बिल‘ (सहमति की आयु विधेयक) का विरोध किया था।
- निधन: 1 अगस्त 1920 (असहयोग आंदोलन की शुरुआत के पहले दिन)।
लाला लाजपत राय
- उपनाम:
- ‘पंजाब केसरी‘ और ‘शेर-ए-पंजाब‘।
- लाल-बाल-पाल: चरमपंथी (Extremist) तिकड़ी के प्रमुख सदस्य
- लाला लाजपत राय
- बाल गंगाधर तिलक
- बिपिन चंद्र पाल
- आर्य समाज: स्वामी दयानंद सरस्वती के अनुयायी और आर्य समाज के विस्तार में प्रमुख भूमिका।
- संस्थान स्थापना:
- 1894 में पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
- लक्ष्मी बीमा कंपनी की स्थापना
- शिक्षा: लाहौर में दयानंद एंग्लो-वैदिक (DAV) स्कूल/कॉलेज की स्थापना में योगदान।
- राजनीतिक दल: 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन के कांग्रेस अध्यक्ष।
- अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC): 1920 में इसके प्रथम अध्यक्ष बने।
- प्रमुख पुस्तकें:
- ‘अनहैप्पी इंडिया’ (Unhappy India)
- ‘यंग इंडिया’ (Young India)
- ‘इंग्लैंड्स डेट टू इंडिया‘।
- समाचार पत्र:
- ‘द पंजाबी‘
- ‘वंदे मातरम‘ (उर्दू दैनिक)
- ‘द पीपुल‘ (अंग्रेजी साप्ताहिक)।
- संगठन: अमेरिका में ‘इंडियन होम रूल लीग ऑफ अमेरिका‘ (1917) की स्थापना की।
- सर्वेंट्स ऑफ द पीपुल सोसाइटी: 1921 में लाहौर में इसकी स्थापना की।
- साइमन कमीशन विरोध: 1928 में लाहौर में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
- प्रसिद्ध कथन: “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की कील साबित होगी।”
- निधन: 17 नवंबर 1928 (साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाठीचार्ज में घायल होने के कारण)।
सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- उपाधि: इन्हें “बिना ताज का बादशाह” (Indian Burke) और “राष्ट्रगुरु” कहा जाता है।
- ICS परीक्षा: 1869 में सफलता प्राप्त की, लेकिन आयु विवाद के कारण हटाए गए।
- दोबारा 1871 में पास हुए, पर 1874 में सेवा से बर्खास्त कर दिए गए।
- संस्था: 1876 में ‘आनंद मोहन बोस‘ के साथ मिलकर “इंडियन एसोसिएशन” (Indian Association) की स्थापना की।
- उद्देश्य: मध्यम वर्ग के साथ-साथ जनसाधारण को राजनीतिक आंदोलन से जोड़ना।
- पत्रकारिता: प्रसिद्ध अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द बंगाली’ (The Bengalee) का संपादन किया।
- जेल यात्रा: 1883 में अपने लेख के कारण जेल जाने वाले पहले भारतीय पत्रकार बने।
- कांग्रेस अधिवेशन: 1895 (पुणे) और 1902 (अहमदाबाद) के कांग्रेस अधिवेशनों की अध्यक्षता की।
- विभाजन विरोधी आंदोलन: 1905 के बंगाल विभाजन के विरुद्ध ‘स्वदेशी आंदोलन’ के मुख्य नेतृत्वकर्ता।
- राजनीतिक विचारधारा: ये एक उदारवादी (Moderate) नेता थे।
- पार्टी परिवर्तन: 1918 में कांग्रेस छोड़कर “इंडियन नेशनल लिबरल फेडरेशन” की स्थापना की।
- प्रसिद्ध पुस्तक: इनकी आत्मकथा का नाम ‘A Nation in Making‘ है।
- सिविल सेवा सुधार: भारतीय सिविल सेवा की आयु सीमा घटाने (21 से 19 वर्ष) का कड़ा विरोध किया।
गोपाल कृष्ण गोखले
- जन्म: 9 मई 1866, कोटलुक (रत्नागिरी), महाराष्ट्र।
- उपाधि: उन्हें ‘भारत का सुकरात‘ कहा जाता है।
- राजनीतिक गुरु: महादेव गोविंद रानाडे (MG Ranade)।
- शिष्य: महात्मा गांधी उन्हें अपना ‘राजनीतिक गुरु’ मानते थे।
- विचारधारा: वे एक नरमपंथी (Moderate) नेता थे।
- गांधीजी की पुस्तक: गांधीजी ने उन्हें समर्पित ‘Dharmatma Gokhale’ पुस्तक लिखी थी।
- Servants of India Society (1905): पुणे में स्थापना (देश सेवा के लिए नौजवानों को प्रशिक्षित करना)।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 1905 के बनारस अधिवेशन के अध्यक्ष।
- पुणे सार्वजनिक सभा: इसके सचिव के रूप में कार्य किया।
- Ranade Institute of Economics (1908): इसकी स्थापना गोखले ने ही की थी।
- Welby Commission (1897): भारतीय खर्चों की जांच के लिए इस आयोग के सामने गवाही दी।
- इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल: 1902 में सदस्य बने (आर्थिक मुद्दों पर गहरी पकड़ के कारण ‘ग्लैडस्टोन‘ कहलाए)।
- प्राथमिक शिक्षा: 1911 में अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा के लिए परिषद में बिल पेश किया।
- दक्षिण अफ्रीका यात्रा: 1912 में गांधीजी के निमंत्रण पर वहां गए और रंगभेद के विरुद्ध समर्थन दिया।
- पत्रिका: ‘हितवाद‘ (The Hitavada) समाचार पत्र की शुरुआत (1911)।
- सुधार: मॉर्ले-मिंटो सुधार (1909) को तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
फिरोजशाह मेहता
- उपनाम: ‘बॉम्बे का शेर‘ (Lion of Bombay) और ‘बेताज बादशाह’।
- व्यवसाय: प्रसिद्ध वकील और राजनीतिज्ञ।
- INC स्थापना: 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक।
- अध्यक्षता: 1890 के कलकत्ता अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।
- संस्था: 1885 में ‘बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन‘ की स्थापना की (बदरुद्दीन तैयबजी और के.टी. तैलंग के साथ)।
- नगरपालिका: उन्हें ‘आधुनिक बॉम्बे नगर पालिका का जनक‘ माना जाता है।
- अखबार: 1913 में अंग्रेजी साप्ताहिक ‘बॉम्बे क्रॉनिकल‘ (Bombay Chronicle) की शुरुआत की।
- विचारधारा: उदारवादी (Moderate) नेता; गोपाल कृष्ण गोखले के करीबी।
- शिक्षा: बॉम्बे यूनिवर्सिटी के उपकुलपति रहे और ‘सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया’ की स्थापना में मदद की।
- उपाधि: ब्रिटिश सरकार द्वारा ‘नाइट’ (Knight) की उपाधि दी गई।
- नगर निगम: 1872 के बॉम्बे नगर निगम अधिनियम के मुख्य निर्माता।
मदन मोहन मालवीय
- उपनाम:
- ‘महामना‘ – महात्मा गांधी द्वारा दिया गया
- ‘कर्मयोगी‘।
- जन्म: 25 दिसंबर 1861, प्रयागराज (UP)।
- BHU की स्थापना: 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की
- INC अध्यक्षता: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चार बार अध्यक्ष रहे
- समाचार पत्र/पत्रिकाएं:
- अभ्युदय (साप्ताहिक)
- मर्यादा (हिंदी)
- लीडर (अंग्रेजी दैनिक)
- हिंदुस्तान (हिंदी)।
- सत्यमेव जयते: इस नारे को लोकप्रिय बनाने का श्रेय इन्हें ही जाता है।
- हिंदू महासभा: 1915 में इसकी स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई।
- भारत रत्न: 2014 में मरणोपरांत (Posthumously) सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित।
- स्काउटिंग: भारत में स्काउटिंग (Scouting) के संस्थापकों में से एक।
- संपादक: हिंदुस्तान टाइम्स के अध्यक्ष (1924-1946) और ‘इंडियन यूनियन’ के संपादक रहे।
- गंगा महासभा: 1905 में हरिद्वार में गंगा नदी पर बांध के विरोध में इसकी स्थापना की।
- शिक्षा: उन्हें ‘प्रज्ञाचक्षु‘ और ‘एजुकेशनिस्ट‘ के रूप में जाना जाता है।
ए.ओ. ह्यूम | A.O. Hume | एलन ऑक्टेवियन ह्यूम
- पूरा नाम: एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (Allan Octavian Hume)।
- उपनाम: “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पिता” और “Hermit of Simla” (शिमला का संन्यासी)।
- पेशा: ब्रिटिश आई.सी.एस. (ICS) अधिकारी और पक्षी विज्ञानी (Ornithologist)।
- कांग्रेस की स्थापना: वर्ष 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना की।
- पद: 1885 से 1906 तक कांग्रेस के प्रथम महासचिव (General Secretary) रहे।
- पक्षी विज्ञान: उन्हें “भारतीय पक्षी विज्ञान का जनक” (Father of Indian Ornithology) माना जाता है।
- पत्रिका/लेख: उन्होंने ‘Old Man’s Hope’ नामक एक प्रसिद्ध पैम्फलेट लिखा था।
- थियोसोफिकल सोसाइटी: वे थियोसोफिकल आंदोलन से गहराई से जुड़े थे।
- सिद्धांत: उनके द्वारा कांग्रेस की स्थापना को अक्सर “Safety Valve Theory” (सुरक्षा वाल्व सिद्धांत) से जोड़ा जाता है।
- प्रथम अध्यक्ष: उनके मार्गदर्शन में व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) कांग्रेस के पहले अध्यक्ष बने।
- मृत्यु: 1912 में इंग्लैंड में हुई।
व्योमेश चंद्र बनर्जी | Womesh Chandra Bonnerjee | डब्ल्यू.सी. बनर्जी
- पूरा नाम: व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee)।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC): कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष (First President)।
- प्रथम अधिवेशन: 1885 में बॉम्बे (गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज) में अध्यक्षता की।
- पुनः निर्वाचित: 1892 के इलाहाबाद अधिवेशन में दूसरी बार अध्यक्ष बने।
- पेशा: कलकत्ता उच्च न्यायालय के प्रसिद्ध बैरिस्टर (वकील)।
- ब्रिटिश संसद: ब्रिटेन में ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ के लिए चुनाव लड़ने वाले पहले भारतीय (हालांकि वे जीत नहीं सके थे)।
- राजनैतिक झुकाव: उदारवादी (Moderate) विचारधारा के समर्थक।
- लंदन प्रवास: जीवन के अंतिम वर्ष इंग्लैंड में बिताए और वहीं 1906 में निधन हुआ।
- विशेष तथ्य: वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के पहले भारतीय ‘फैकल्टी ऑफ लॉ’ के अध्यक्ष भी थे।
दादाभाई नौरोजी
- उपनाम:
- “ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया“
- “भारत के अनौपचारिक राजदूत“।
- प्रथम ब्रिटिश सांसद: 1892 में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स (सेंट्रल फिन्सबरी) के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय।
- धन की निकासी का सिद्धांत (Drain of Wealth Theory): अपनी पुस्तक “Poverty and Un-British Rule in India” (1901) में प्रतिपादित किया।
- प्रति व्यक्ति आय: भारत में पहली बार राष्ट्रीय आय का आकलन किया
- (1867-68 में ₹20 प्रति वर्ष बताई)।
- INC अध्यक्षता: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 3 बार अध्यक्ष रहे
- (1886 – कलकत्ता, 1893 – लाहौर, 1906 – कलकत्ता)।
- स्वराज शब्द: 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस के मंच से “स्वराज” की मांग की।
- संस्थाएं की स्थापना की
- लंदन:
- ‘लंदन इंडिया सोसाइटी‘ (1865)
- ‘ईस्ट इंडिया एसोसिएशन‘ (1866) ।
- भारत:
- ‘बम्बई एसोसिएशन‘ (1852)
- ‘रहनुमाई मज़दयरसन सभा‘ (1851)
- पत्रिका/अखबार:
- गुजराती पाक्षिक पत्रिका “रास्त गोफ्तार” (सत्यवादी) की शुरुआत की।
- पेशा: एल्फिंस्टन कॉलेज, बॉम्बे में गणित और प्राकृतिक दर्शन के पहले भारतीय प्रोफेसर।
- राजनीतिक विचारधारा: नरमपंथी (Moderate) नेता।
- वेलबी कमीशन: भारतीय व्यय की जांच के लिए गठित ‘वेलबी कमीशन’ (1895) के सदस्य नियुक्त हुए।