‘ढिल्लिका’ (दिल्ली) नगर की स्थापना की थी?

  • चौहानों ने
  • तोमरों ने
  • परमारों ने
  • प्रतिहारों ने

उस शासक का नाम क्या है जिसने विजय स्तम्भ का निर्माण कराया था? [UPPCS 2010]

  • राणा कुम्भा
  • राणा सांगा
  • राणा रतन सिंह
  • राणा हमीर

712 ई० में सिंध पर अरबों के आक्रमण के समय वहाँ का शासक कौन था?

  • दाहिरयाह
  • दाहिर
  • चच
  • राय सहसी

निम्नलिखित में से भारत पर पहली बार आक्रमण करने वाला कौन था? [SSC 2002, UPPCS (LS) 2015]

  • अफगान
  • मंगोल
  • अरब
  • तुर्क

‘पृथ्वीराज रासो’ निम्नलिखित में किसने लिखा था ? [SSC 2002; BPSC 1999; RAS/RTS 1998]

  • भवभूति
  • जयदेव
  • चंदबरदाई
  • बाणभट्ट

1. सिंध पर अरबों ने किस वर्ष आक्रमण किया?

  • 712 ईस्वी
  • 712 ईस्वी
  • 715 ईस्वी
  • 720 ईस्वी

Explanation:

  • 712 ईस्वी सही उत्तर है, यह वह वर्ष है जब मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया।
  • 715 ईस्वी गलत है क्योंकि इस समय तक विजय पूरी हो चुकी थी।
  • 720 ईस्वी गलत है, यह बहुत बाद का वर्ष है।
  • 705 ईस्वी गलत है, यह आक्रमण से पहले का वर्ष है।

2. सिंध पर आक्रमण करने वाला अरब सेनापति कौन था?

  • मुहम्मद बिन तुगलक
  • मुहम्मद बिन कासिम
  • मुहम्मद गोरी
  • अलाउद्दीन खिलजी

Explanation:

  • मुहम्मद बिन कासिम सही उत्तर है, उमय्यद खलीफा के आदेश पर उसने सिंध पर आक्रमण किया।
  • मुहम्मद गोरी गलत है, उसने बाद में भारत पर आक्रमण किया।
  • अलाउद्दीन खिलजी गलत है, वह दिल्ली सल्तनत का शासक था।
  • मुहम्मद बिन तुगलक गलत है, वह भी दिल्ली सल्तनत का शासक था।

3. सिंध के हिंदू शासक कौन थे जिन्होंने अरब आक्रमण का सामना किया?

  • राजा भोज
  • राजा हर्ष
  • राजा दाहिर
  • राजा पोरस

Explanation:

  • राजा दाहिर सही उत्तर है, वह सिंध के अंतिम हिंदू शासक थे।
  • राजा भोज गलत है, वह धार के शासक थे।
  • राजा हर्ष गलत है, वह कन्नौज के शासक थे।
  • राजा पोरस गलत है, उसने सिकंदर का सामना किया था।

4. अरबों ने सिंध पर आक्रमण का क्या कारण बताया?

  • धन की लूट
  • भूमि विस्तार
  • समुद्री डाकुओं द्वारा लूटे गए जहाजों का बदला
  • धर्म प्रचार

Explanation:

  • समुद्री डाकुओं द्वारा लूटे गए जहाजों का बदला सही उत्तर है, डेबल के बंदरगाह के शासक ने अरबों के जहाज लूटे थे।
  • धन की लूट गलत है, हालाँकि यह एक कारण था लेकिन मुख्य कारण नहीं।
  • भूमि विस्तार गलत है, यह दीर्घकालिक लक्ष्य था लेकिन तात्कालिक कारण नहीं।
  • धर्म प्रचार गलत है, यह आक्रमण का प्राथमिक कारण नहीं था।

5. मुहम्मद बिन कासिम ने सबसे पहले सिंध के किस किले पर कब्जा किया?

  • अलोर किला
  • मुल्तान किला
  • डेबल किला
  • रोहड़ी किला

Explanation:

  • डेबल किला सही उत्तर है, यह समुद्री तट पर स्थित था और पहला लक्ष्य था।
  • अलोर किला गलत है, यह बाद में जीता गया।
  • मुल्तान किला गलत है, यह सिंध से बाहर था और बाद में जीता गया।
  • रोहड़ी किला गलत है, यह बाद के काल में बना था।

6. राजा दाहिर की मृत्यु कहाँ हुई?

  • डेबल के युद्ध में
  • मुल्तान के युद्ध में
  • रावर के युद्ध में
  • अलोर के युद्ध में

Explanation:

  • रावर के युद्ध में सही उत्तर है, यहाँ राजा दाहिर वीरगति को प्राप्त हुए।
  • डेबल के युद्ध में गलत है, यह प्रारंभिक युद्ध था।
  • मुल्तान के युद्ध में गलत है, यह बाद में हुआ था।
  • अलोर के युद्ध में गलत है, दाहिर की मृत्यु के बाद अलोर का पतन हुआ।

7. सिंध विजय के समय उमय्यद खलीफा कौन था?

  • अबू बक्र
  • उमर बिन अल-खत्ताब
  • वलीद बिन अब्दुल मलिक
  • सुलेमान बिन अब्दुल मलिक

Explanation:

  • वलीद बिन अब्दुल मलिक सही उत्तर है, उसने ही मुहम्मद बिन कासिम को सिंध पर आक्रमण का आदेश दिया।
  • अबू बक्र गलत है, वह पहले खलीफा थे।
  • उमर बिन अल-खत्ताब गलत है, वह दूसरे खलीफा थे।
  • सुलेमान बिन अब्दुल मलिक गलत है, वह बाद का खलीफा था।

8. सिंध विजय के बाद मुहम्मद बिन कासिम ने किस शहर को अपनी राजधानी बनाया?

  • डेबल
  • मंसूरा
  • अलोर
  • मुल्तान

Explanation:

  • मंसूरा सही उत्तर है, इसे अरबों ने नई राजधानी के रूप में स्थापित किया।
  • डेबल गलत है, यह एक बंदरगाह शहर था।
  • अलोर गलत है, यह दाहिर की राजधानी थी लेकिन अरबों ने इसे नहीं अपनाया।
  • मुल्तान गलत है, यह एक अलग प्रांत था।

9. अरबों ने सिंध विजय के बाद किस नई शासन प्रणाली की शुरुआत की?

  • मनसबदारी प्रणाली
  • जागीरदारी प्रणाली
  • इक्ता प्रणाली
  • बेगार प्रणाली

Explanation:

  • इक्ता प्रणाली सही उत्तर है, अरबों ने भू-राजस्व प्रबंधन के लिए इसकी शुरुआत की।
  • मनसबदारी प्रणाली गलत है, यह मुगल काल में शुरू हुई।
  • जागीरदारी प्रणाली गलत है, यह दिल्ली सल्तनत काल में थी।
  • बेगार प्रणाली गलत है, यह बलपूर्वक श्रम की प्रणाली थी।

10. सिंध विजय के बाद अरबों ने भारत की किस विद्या से परिचय प्राप्त किया?

  • वास्तुकला
  • नृत्य
  • गणित और खगोलशास्त्र
  • चिकित्सा

Explanation:

  • गणित और खगोलशास्त्र सही उत्तर है, अरबों ने भारतीय अंक प्रणाली और शून्य की अवधारणा सीखी।
  • वास्तुकला गलत है, हालाँकि कुछ प्रभाव था लेकिन यह मुख्य नहीं था।
  • नृत्य गलत है, यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रमुख क्षेत्र नहीं था।
  • चिकित्सा गलत है, आयुर्वेद से परिचय बाद में हुआ।

11. चचनामा क्या है?

  • एक धार्मिक ग्रंथ
  • सिंध के इतिहास का फारसी अनुवाद
  • एक कविता संग्रह
  • युद्ध रणनीति की पुस्तक

Explanation:

  • सिंध के इतिहास का फारसी अनुवाद सही उत्तर है, यह अरबों द्वारा सिंध विजय का मुख्य स्रोत है।
  • एक धार्मिक ग्रंथ गलत है, यह ऐतिहासिक दस्तावेज है।
  • एक कविता संग्रह गलत है, इसमें ऐतिहासिक विवरण हैं।
  • युद्ध रणनीति की पुस्तक गलत है, हालाँकि इसमें युद्धों का वर्णन है।

12. मुहम्मद बिन कासिम का अंत कैसे हुआ?

  • युद्ध में मारे गए
  • प्राकृतिक मृत्यु
  • खलीफा द्वारा दंडित कर मार डाला गया
  • उम्र के कारण सेवानिवृत्त हुए

Explanation:

  • खलीफा द्वारा दंडित कर मार डाला गया सही उत्तर है, नए खलीफा सुलेमान ने उसे दंडित किया।
  • युद्ध में मारे गए गलत है, वह युद्ध में नहीं मारा गया।
  • प्राकृतिक मृत्यु गलत है, उसे जेल में यातनाएं दी गईं।
  • उम्र के कारण सेवानिवृत्त हुए गलत है, वह युवा अवस्था में मारा गया।

13. सिंध विजय के बाद अरबों ने भारत में किस धर्म का प्रसार किया?

  • ईसाई धर्म
  • यहूदी धर्म
  • इस्लाम धर्म
  • जोरोआस्ट्रियन धर्म

Explanation:

  • इस्लाम धर्म सही उत्तर है, अरबों ने सिंध में इस्लाम का प्रचार किया।
  • ईसाई धर्म गलत है, यह यूरोपीय लोगों द्वारा फैलाया गया।
  • यहूदी धर्म गलत है, इसका भारत में सीमित प्रसार था।
  • जोरोआस्ट्रियन धर्म गलत है, यह पारसी लोगों द्वारा लाया गया।

14. सिंध विजय के समय भारत में किस साम्राज्य का शासन था?

  • मौर्य साम्राज्य
  • गुप्त साम्राज्य
  • विखंडित राज्य (क्षेत्रीय शासक)
  • मुगल साम्राज्य

Explanation:

  • विखंडित राज्य (क्षेत्रीय शासक) सही उत्तर है, उस समय कोई केंद्रीय शक्ति नहीं थी।
  • मौर्य साम्राज्य गलत है, यह बहुत पहले समाप्त हो गया था।
  • गुप्त साम्राज्य गलत है, यह भी पहले ही समाप्त हो चुका था।
  • मुगल साम्राज्य गलत है, यह बहुत बाद में स्थापित हुआ।

15. अरबों ने सिंध विजय के बाद किसको “बुद्धिमानों का शहर” कहा?

  • डेबल
  • अलोर
  • मुल्तान
  • मंसूरा

Explanation:

  • मुल्तान सही उत्तर है, अरब इसे “बुद्धिमानों का शहर” कहते थे।
  • डेबल गलत है, यह एक बंदरगाह शहर था।
  • अलोर गलत है, यह दाहिर की राजधानी थी।
  • मंसूरा गलत है, यह अरबों की नई राजधानी थी।

16. सिंध विजय के बाद अरबों ने भारत से क्या लिया जो यूरोप पहुँचा?

  • रेशम
  • हाथी
  • दशमलव संख्या प्रणाली
  • मसाले

Explanation:

  • दशमलव संख्या प्रणाली सही उत्तर है, अरबों ने भारतीय अंक प्रणाली को यूरोप तक पहुँचाया।
  • रेशम गलत है, यह चीन से आया था।
  • हाथी गलत है, हालाँकि भारत से लेकिन यह मुख्य निर्यात नहीं था।
  • मसाले गलत है, यह बाद में यूरोपीयों द्वारा लिया गया।

17. सिंध में अरब शासन की स्थापना के बाद किस भाषा का प्रचार हुआ?

  • संस्कृत
  • उर्दू
  • अरबी
  • फारसी

Explanation:

  • अरबी सही उत्तर है, यह प्रशासन और धर्म की भाषा बनी।
  • संस्कृत गलत है, यह स्थानीय भाषा थी लेकिन प्रशासन में नहीं।
  • उर्दू गलत है, यह बाद में विकसित हुई।
  • फारसी गलत है, यह तुर्कों के आगमन के बाद आई।

18. सिंध विजय के बाद अरबों ने किस शहर को “सोने का शहर” कहा?

  • डेबल
  • मंसूरा
  • मुल्तान
  • अलोर

Explanation:

  • मुल्तान सही उत्तर है, अपने समृद्ध मंदिरों के कारण इसे “सोने का शहर” कहा जाता था।
  • डेबल गलत है, यह एक बंदरगाह शहर था।
  • मंसूरा गलत है, यह अरबों की राजधानी थी।
  • अलोर गलत है, यह दाहिर की राजधानी थी।

19. अरबों द्वारा सिंध विजय का मुख्य सैन्य लाभ क्या था?

  • नौसैनिक शक्ति में वृद्धि
  • भारत में इस्लामी शक्ति की स्थापना
  • यूरोप तक पहुँच
  • चीन के साथ व्यापार

Explanation:

  • भारत में इस्लामी शक्ति की स्थापना सही उत्तर है, यह भारत में पहली स्थायी इस्लामी शक्ति थी।
  • नौसैनिक शक्ति में वृद्धि गलत है, हालाँकि बंदरगाह मिले लेकिन यह मुख्य लाभ नहीं था।
  • यूरोप तक पहुँच गलत है, सिंध यूरोप से दूर था।
  • चीन के साथ व्यापार गलत है, यह अरबों के पास पहले से था।

20. सिंध विजय के बाद अरबों ने किसे “अल-हिंद” कहा?

  • सिर्फ सिंध
  • पंजाब
  • पूरा भारत
  • गुजरात

Explanation:

  • पूरा भारत सही उत्तर है, अरब भारत के लिए “अल-हिंद” शब्द का प्रयोग करते थे।
  • सिर्फ सिंध गलत है, यह भारत का एक हिस्सा था।
  • पंजाब गलत है, यह एक अन्य क्षेत्र था।
  • गुजरात गलत है, यह एक अन्य क्षेत्र था।

21. सिंध विजय के समय अरब किस खिलाफत के अधीन थे?

  • अब्बासी खिलाफत
  • फातिमी खिलाफत
  • उमय्यद खिलाफत
  • ओटोमन खिलाफत

Explanation:

  • उमय्यद खिलाफत सही उत्तर है, यह खिलाफत दमिश्क से शासन करती थी।
  • अब्बासी खिलाफत गलत है, यह बाद में स्थापित हुई।
  • फातिमी खिलाफत गलत है, यह मिस्र से शासन करती थी।
  • ओटोमन खिलाफत गलत है, यह बहुत बाद में आई।

22. मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध में किस धर्म के प्रति सहिष्णुता की नीति अपनाई?

  • ईसाई धर्म
  • यहूदी धर्म
  • हिंदू धर्म
  • जैन धर्म

Explanation:

  • हिंदू धर्म सही उत्तर है, उसने हिंदुओं को जजिया देकर धार्मिक स्वतंत्रता दी।
  • ईसाई धर्म गलत है, सिंध में ईसाई कम थे।
  • यहूदी धर्म गलत है, सिंध में यहूदी कम थे।
  • जैन धर्म गलत है, हालाँकि कुछ जैन थे लेकिन मुख्य धर्म हिंदू था।

23. सिंध विजय के बाद अरबों ने भारत से क्या सीखा जो विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण था?

  • चिकित्सा विज्ञान
  • धातु विज्ञान
  • गणित और खगोल विज्ञान
  • रसायन विज्ञान

Explanation:

  • गणित और खगोल विज्ञान सही उत्तर है, भारतीय गणितज्ञों और खगोलविदों के ज्ञान से अरब लाभान्वित हुए।
  • चिकित्सा विज्ञान गलत है, हालाँकि आयुर्वेद का ज्ञान हुआ लेकिन यह मुख्य नहीं था।
  • धातु विज्ञान गलत है, भारत में उन्नत धातु विज्ञान था लेकिन अरबों ने मुख्यतः गणित सीखा।
  • रसायन विज्ञान गलत है, यह बाद में विकसित हुआ।

24. सिंध में अरब शासन की स्थापना का सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक प्रभाव क्या था?

  • आर्थिक समृद्धि
  • सांस्कृतिक एकीकरण
  • भारत में इस्लाम की स्थायी उपस्थिति
  • व्यापार मार्गों का विस्तार

Explanation:

  • भारत में इस्लाम की स्थायी उपस्थिति सही उत्तर है, इसने भारत में इस्लाम के भविष्य के प्रसार की नींव रखी।
  • आर्थिक समृद्धि गलत है, हालाँकि व्यापार बढ़ा लेकिन यह मुख्य प्रभाव नहीं था।
  • सांस्कृतिक एकीकरण गलत है, यह धीमी प्रक्रिया थी।
  • व्यापार मार्गों का विस्तार गलत है, यह पहले से मौजूद थे।

25. अरबों द्वारा सिंध विजय के बाद भारत और अरब दुनिया के बीच किसका आदान-प्रदान हुआ?

  • केवल धार्मिक विचार
  • केवल सैन्य तकनीक
  • वैज्ञानिक ज्ञान और सांस्कृतिक तत्व
  • केवल व्यापारिक सामान

Explanation:

  • वैज्ञानिक ज्ञान और सांस्कृतिक तत्व सही उत्तर है, इसने भारत और इस्लामी दुनिया के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का मार्ग प्रशस्त किया।
  • केवल धार्मिक विचार गलत है, यह एक पहलू था लेकिन केवल इतना ही नहीं।
  • केवल सैन्य तकनीक गलत है, हालाँकि कुछ आदान-प्रदान हुआ लेकिन यह मुख्य नहीं था।
  • केवल व्यापारिक सामान गलत है, व्यापार तो पहले से हो रहा था।

बौद्ध धर्म के अनुसार ‘अष्टांगिक मार्ग’ का प्रतिपादन किसने किया?

  • महावीर स्वामी
  • नागार्जुन
  • गौतम बुद्ध
  • अश्वघोष

व्याख्या:

  • गौतम बुद्ध ने अपने प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) में अष्टांगिक मार्ग का उपदेश दिया।
  • महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर हैं।
  • नागार्जुन माध्यमिक दर्शन के प्रवर्तक थे।
  • अश्वघोष एक कवि और दार्शनिक थे।

जैन धर्म में ‘केवल ज्ञान’ की प्राप्ति किसके द्वारा की जाती है?

  • चौदहपूर्वी
  • श्रुतज्ञान
  • मति ज्ञान
  • केवली

व्याख्या:

  • केवली (सर्वज्ञ) को ही केवल ज्ञान की प्राप्ति होती है, यह ज्ञान का सर्वोच्च स्तर है।
  • मति ज्ञान इंद्रियों द्वारा प्राप्त ज्ञान है।
  • श्रुतज्ञान शास्त्रों या आगमों से प्राप्त ज्ञान है।
  • चौदहपूर्वी जैन आगमों का एक समूह है।

बौद्ध धर्म के ‘त्रिपिटक’ हैं:

  • विनय पिटक, सूत्र पिटक, अभिधम्म पिटक
  • सुत्त पिटक, विनय पिटक, अभिधम्म पिटक
  • जातक, विनय, दीघ निकाय
  • अंग, उपांग, छूल्लवग्ग

व्याख्या:

  • त्रिपिटक बौद्ध धर्म के पालि भाषा में लिखे मूल ग्रंथ हैं: सुत्त पिटक (बुद्ध के उपदेश), विनय पिटक (विहार संबंधी नियम), और अभिधम्म पिटक (दार्शनिक विश्लेषण)।
  • जातक कथाएँ सुत्त पिटक का हिस्सा हैं।
  • अंग और उपांग जैन आगमों के वर्गीकरण हैं।

जैन धर्म में पहले तीर्थंकर कौन थे?

  • पार्श्वनाथ
  • महावीर स्वामी
  • ऋषभनाथ (आदिनाथ)
  • नेमिनाथ

व्याख्या:

  • ऋषभनाथ जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर माने जाते हैं, इन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है।
  • पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे।
  • महावीर स्वामी 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे।
  • नेमिनाथ 22वें तीर्थंकर थे।

बौद्ध धर्म की किस संगीति में हीनयान और महायान में विभाजन हुआ?

  • प्रथम संगीति
  • द्वितीय संगीति
  • चतुर्थ संगीति
  • तृतीय संगीति

व्याख्या:

  • चतुर्थ संगीति कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर में हुई थी, जहाँ हीनयान और महायान अलग हुए।
  • प्रथम संगीति राजगृह में आयोजित की गई थी।
  • द्वितीय संगीति वैशाली में हुई थी।
  • तृतीय संगीति अशोक के शासनकाल में पाटलिपुत्र में हुई थी।

जैन धर्म के प्रतीक चिन्ह में क्या दर्शाया गया है?

  • धर्मचक्र
  • कमल
  • हस्त रेखा के बीच चक्र (अहिंसा का प्रतीक)
  • त्रिशूल

व्याख्या:

  • जैन धर्म का प्रतीक हथेली के बीच एक चक्र (धर्मचक्र) और अंदर ‘अहिंसा’ लिखा होता है, जो जैनों के मुख्य सिद्धांत को दर्शाता है।
  • धर्मचक्र बौद्ध धर्म का प्रतीक है।
  • कमल और त्रिशूल हिंदू धर्म से संबंधित हैं।

बौद्ध धर्म में ‘निर्वाण’ का शाब्दिक अर्थ है:

  • ज्ञान की प्राप्ति
  • मोक्ष का मार्ग
  • दीपक का बुझना
  • पुनर्जन्म का चक्र

व्याख्या:

  • निर्वाण का शाब्दिक अर्थ है ‘बुझ जाना’ या ‘दीपक का निष्क्रिय हो जाना’। यह इच्छाओं के अंत और दुखों से मुक्ति की अवस्था है।
  • ज्ञान की प्राप्ति ‘बोधि’ कहलाती है।
  • मोक्ष का मार्ग अष्टांगिक मार्ग है।
  • पुनर्जन्म के चक्र को ‘संसार’ कहते हैं।

जैन धर्म के अनुसार, ‘स्याद्वाद’ सिद्धांत संबंधित है:

  • कर्मवाद से
  • अनेकांतवाद से
  • ज्ञान की सापेक्षता से
  • तपस्या से

व्याख्या:

  • स्याद्वाद या ‘सप्तभंगी नय’ जैन दर्शन का ज्ञानमीमांसीय सिद्धांत है जो कहता है कि किसी भी वस्तु को अनेक दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है, इसलिए कोई भी कथन सापेक्ष होता है।
  • अनेकांतवाद यह कि वस्तु में अनंत गुण होते हैं।
  • कर्मवाद पुनर्जन्म का सिद्धांत है।

बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश (महापरिनिर्वाण) कहाँ दिया?

  • लुम्बिनी
  • बोधगया
  • सारनाथ
  • कुशीनगर

व्याख्या:

  • कुशीनगर में बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश दिया और महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
  • लुम्बिनी बुद्ध का जन्म स्थान है।
  • बोधगया में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ।
  • सारनाथ (ऋषिपत्तन) में उन्होंने प्रथम उपदेश दिया।

जैन मुनियों द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुखपट (मुंह पर कपड़ा) क्यों पहना जाता है?

  • वेशभूषा के लिए
  • गोपनीयता के लिए
  • सूक्ष्म जीवों (निगोदिया) को निगलने से बचने के लिए
  • धूप से बचने के लिए

व्याख्या:

  • मुखपट (मuhपत्ती) अहिंसा के सिद्धांत का पालन करने के लिए पहना जाता है ताकि सांस लेते समय हवा के सूक्ष्म जीवों की हत्या न हो।
  • यह जैन धर्म की अतिशय अहिंसा को दर्शाता है।

बौद्ध धर्म में ‘धम्म’ शब्द का अर्थ है:

  • देवता
  • यज्ञ
  • कॉस्मिक नियम और नैतिकता
  • मंत्र

व्याख्या:

  • धम्म (धर्म) बुद्ध का उपदेश, कॉस्मिक नियम, और सही आचरण का मार्ग है।
  • यह ब्राह्मणवादी यज्ञों या देवताओं की पूजा से अलग है।

जैन धर्म में ‘सम्यक दर्शन’ का अर्थ है:

  • सही आचरण
  • सही ज्ञान
  • तीर्थंकरों और सिद्धांतों में सही विश्वास
  • सही तपस्या

व्याख्या:

  • सम्यक दर्शन त्रिरत्न का पहला भाग है, जो जैन सिद्धांतों में अटूट विश्वास है।
  • सम्यक ज्ञान सही जानकारी है।
  • सम्यक चारित्र सही आचरण है।

बौद्ध भिक्षुणियों की संस्था की शुरुआत किसने की?

  • अनाथपिंडिक
  • बिंबिसार
  • गौतम बुद्ध (आनंद के अनुरोध पर)
  • महापजापति गोतमी

व्याख्या:

  • गौतम बुद्ध ने अपनी सौतली माँ महापजापति गोतमी के अनुरोध और आनंद के समर्थन के बाद भिक्षुणी संघ की स्थापना की अनुमति दी।
  • अनाथपिंडिक और बिंबिसार बुद्ध के श्रावक (अनुयायी) थे।

जैन धर्म के अनुसार, ‘तप’ के कितने प्रकार हैं?

  • तीन
  • बारह
  • छह
  • पांच

व्याख्या:

  • जैन धर्म में तप को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: बाह्य तप (6 प्रकार) और आंतरिक तप (6 प्रकार), कुल 12 प्रकार
  • इसमें उपवास, संयम, ध्यान आदि शामिल हैं।

बौद्ध ग्रंथ ‘मिलिंदपन्हो’ किस शासक और किस भिक्षु के बीच संवाद है?

  • अशोक और उपगुप्त
  • कनिष्क और वसुमित्र
  • मेनेंडर (मिलिंद) और नागसेन
  • बिंबिसार और सारिपुत्त

व्याख्या:

  • मिलिंदपन्हो में यूनानी शासक मेनेंडर (मिलिंद) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के दार्शनिक प्रश्नोत्तर हैं।
  • अशोक और उपगुप्त की कथा अशोकावदान में है।
  • कनिष्क ने चतुर्थ संगीति का आयोजन करवाया था।

जैन धर्म में ‘अणुव्रत’ हैं:

  • मुनियों के लिए महाव्रत
  • गृहस्थों के लिए छोटे व्रत
  • तीर्थंकरों के व्रत
  • त्याग के व्रत

व्याख्या:

  • अणुव्रत जैन गृहस्थों (श्रावकों) के लिए पांच नैतिक नियम हैं, जो मुनियों के पंच महाव्रत के कम सख्त रूप हैं।
  • इनमें अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह शामिल हैं।

बौद्ध धर्म का ‘पालि साहित्य’ किस भाषा में है?

  • संस्कृत
  • प्राकृत
  • पालि (मागधी प्राकृत का एक रूप)
  • अर्धमागधी

व्याख्या:

  • पालि भाषा थेरवाद बौद्ध धर्म की मुख्य भाषा है और त्रिपिटक इसी में लिखे गए हैं। यह मागधी प्राकृत के निकट है।
  • महायान ग्रंथ मुख्यतः संस्कृत में हैं।
  • जैन आगम अर्धमागधी में हैं।

जैन धर्म के किस तीर्थंकर का प्रतीक ‘सर्प’ है?

  • ऋषभनाथ
  • महावीर
  • पार्श्वनाथ
  • नेमिनाथ

व्याख्या:

  • पार्श्वनाथ, 23वें तीर्थंकर, का चिह्न सर्प (नाग) है।
  • ऋषभनाथ का चिह्न बैल है।
  • महावीर का चिह्न सिंह है।
  • नेमिनाथ का चिह्न शंख है।

बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए ‘धर्ममहामात्र’ नियुक्त करने वाला शासक कौन था?

  • चंद्रगुप्त मौर्य
  • बिंबिसार
  • अशोक
  • कनिष्क

व्याख्या:

  • सम्राट अशोक ने धर्म प्रचार के लिए ‘धर्ममहामात्र’ नामक अधिकारी नियुक्त किए थे।
  • उन्होंने ही बौद्ध धर्म को विदेशों में फैलाने का कार्य किया।

जैन साहित्य के मूल ग्रंथों को क्या कहा जाता है?

  • निकाय
  • पिटक
  • आगम
  • सूत्र

व्याख्या:

  • आगम जैन धर्म के मूल और सबसे प्रामाणिक ग्रंथ हैं, जिनमें तीर्थंकरों के उपदेश संकलित हैं।
  • निकाय और पिटक बौद्ध साहित्य के भाग हैं।
  • सूत्र एक सामान्य शब्द है जिसका प्रयोग कई धर्मों में होता है।

बौद्ध धर्म में ‘मध्यम मार्ग’ का अर्थ है:

  • राजा का मार्ग
  • योग का मार्ग
  • भोग और कठोर तपस्या के बीच का रास्ता
  • ज्ञान का मार्ग

व्याख्या:

  • मध्यम मार्ग या मज्झिमा पतिपदा बुद्ध का मुख्य सिद्धांत है, जो अत्यधिक भोगवाद और अत्यधिक कठोर तपस्या के बीच का संतुलित मार्ग है।
  • बुद्ध ने स्वयं इसका अनुभव किया था।

जैन धर्म में ‘कालचक्र’ के अनुसार, वर्तमान समय किस युग में है?

  • सुस्म-सुस्म दुस्मा
  • सुस्म दुस्मा
  • दुस्म-सुस्म दुस्मा (अवसर्पिणी का पांचवा युग)
  • दुस्म-दुस्म दुस्मा

व्याख्या:

  • जैन कालचक्र के अनुसार, अवसर्पिणी (अवनति का काल) के 6 युग होते हैं। वर्तमान समय पंचम युग (दुस्म-सुस्म दुस्मा) में चल रहा है, जो दुःख और सुख का मिश्रण है।
  • अगला युग छठा युग (पूर्ण दुःख का) होगा।

बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में किस भारतीय शासक का सबसे महत्वपूर्ण योगदान था?

  • हर्षवर्धन
  • कनिष्क
  • अशोक
  • चंद्रगुप्त विक्रमादित्य

व्याख्या:

  • अशोक ने बौद्ध धर्म को राज्याश्रय दिया और दूतों के माध्यम से इसे श्रीलंका, मध्य एशिया आदि देशों में फैलाया।
  • कनिष्क ने महायान बौद्ध धर्म को प्रोत्साहन दिया।
  • हर्षवर्धन ने later period में बौद्ध धर्म का समर्थन किया।

जैन धर्म में ‘सल्लेखना’ क्या है?

  • ध्यान की एक विधि
  • एक प्रकार का उपवास
  • आमरण अनशन द्वारा शरीर का त्याग
  • प्रार्थना

व्याख्या:

  • सल्लेखना (या संथारा) जैन धर्म की एक विशिष्ट प्रथा है जिसमें एक व्यक्ति आध्यात्मिक शुद्धि के लिए स्वेच्छा से भोजन-जल का त्याग करते हुए शांतिपूर्वक शरीर छोड़ता है।
  • इसे मोक्ष प्राप्ति का एक मार्ग माना जाता है।
history-Conquest of Sindh by Arabs