भारत के व्यापार से ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार कब समाप्त हो गया।
- 1819 में
- 1881 में
- 1897 में
- 1813 में
बिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने चाय के व्यापारिक एकाधिकार को खो दिया [UPPCS (P) 2015]
- 1793 के चार्टर एक्ट द्वारा
- 1813 के चार्टर एक्ट द्वारा
- 1833 के चार्टर एक्ट द्वारा
- 1853 के चार्टर एक्ट द्वारा
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? UPSC 2012
- 1.दादाभाई नौरोजी की भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को सर्वाधिक प्रभावी देन थी किउन्होंने इस बात को अभिव्यक्त किया कि ब्रिटेन, भारत का आर्थिक शोषण कर रहा है।
- 2.उन्होंने प्राचीन भारतीय ग्रंथों की व्याख्या की और भारतीयों में आत्म-विश्वास जगाया।
- 3.उन्होंने सभी सामाजिक बुराइयों के निराकरण की आवश्यकता पर सर्वोपरि जोर दिया।
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
रैयतवाड़ी बंदोबस्त के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए , उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? [UPSC 2012]
- 1.किसानों द्वारा लगान सीधे सरकार को दिया जाता था।
- 2.सरकार रैयत को पट्टे देती थी।
- 3.कर लगाने के पूर्व भूमि का सर्वेक्षण और मूल्य निर्धारण किया जाता था।
- केवल 1
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
किस कंपनी ने सर्वप्रथम भारत में रेल सेवा प्रारंभ की ? [CgPSC (Pre) 2012]
- ईस्टर्न रेलवे
- मद्रास रेलवे
- अवध-तिरहुत रेलवे
- ग्रेट इंडियन पेनिनसुलर रेलवे
भारत में उपनिवेशी शासनकाल में ‘होम चार्जेज’ (Home charges) भारत से संबंधित दोहन का महत्वपूर्ण अंग था। निम्नलिखित में से कौन-सी निधि/ निधियाँ होम चार्जेज की संघटक थी/थीं ?
- 1.लंदन में इण्डिया ऑफिस के भरण-पोषण के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली निधि
- 2.भारत में कार्यरत अंग्रेज कर्मचारियों के वेतन तथा पेंशन देने हेतु प्रयोग में लाई जाने वाली निधि
- 3.भारत के बाहर हुए युद्धों को लड़ने में अंग्रेजों द्वारा प्रयोग में लाई जाने वाली निधि
- निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए [UPSC 2011]
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
दादाभाई नौरोजी द्वारा उनकी कृति ‘पावर्टी’ एण्ड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया’ में प्रस्तुत किये गये ‘अपवहन सिद्धांत’ (drain theory) शब्द को निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक समुचित रूप से परिभाषित करता है ? [CDS 2011]
- कि भारत की राष्ट्रीय संपत्ति या कुल वार्षिक उत्पाद का एक हिस्सा ब्रिटेन को निर्यात किया जा रहा था जिसके लिए भारत को कोई महत्वपूर्ण प्रतिफल या नहीं मिलता था
- कि भारत के संसाधनों का ब्रिटेन के हित में उपयोग किया जा रहा था
- कि ब्रिटिश उद्योगपतियों का साम्राज्यिक शक्ति के संरक्षण के अधीन भारत में निवेश करने के अवसर दिये जा रहे थे
- कि ब्रिटिश वस्तुएँ भारत में आयातित की जा रही थीं जिससे देश दिनोंदिन अधिकाधिक गरीब होता जा रहा था
1813 से पहले ब्रिटिश द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय भारतीयों का आर्थिक रूप से शोषण करने के लिए नहीं अपनाया गया ? [CDS 2010]
- जहाँ भी संभव हो कच्चे माल के व्यापार पर एकाधिकार करना और उन्हें ऊँची दरों पर बेचना
- भारतीय कारीगरों को नियत मात्रा में और नियत कीमत पर गुणवत्ता केउत्पाद उत्पादित करने के लिए बाध्य करना
- भारतीय व्यापारियों का किसी भी तरीके से प्रतियोगिता से निष्कासन
- मुक्त व्यापार नीति (Free Trade Policy)
आर्थिक तौर पर, 19वीं शताब्दी में भारत पर अंग्रेजी शासन का एक परिणाम था [UPSC CS 2018]
- भारतीय हस्तशिल्पों के निर्यात में वृद्धि
- भारतीयों के स्वामित्व वाले कारखानों की संख्या में वृद्धि
- भारतीय कृषि का वाणिज्यीकरण
- नगरीय जनसंख्या में तीव्र वृद्धि
भारत में प्रथम रेलवे लाईन किस ब्रिटिश गवर्नर जनरल के समय बिछाई गई थी? [BPSC 2008]
- लार्ड डलहौजी
- लार्ड कर्जन
- लार्ड वेलेस्ली
- लार्ड लिटन
निम्नलिखित में से किसने भारत के अंग्रेजी उपनिवेश नियंत्रण की आलोचना में ‘अनब्रिटिश’ (Un-British) पदावली का उपयोग किया था ? [UPSC 2008]
- आनंद मोहन बोस
- बदरुद्दीन तैयबजी
- दादा भाई नौरोजी
- फिरोजशाह मेहता
1925 में सरकार द्वारा गठित भारतीय आर्थिक जाँच समिति के अध्यक्ष कौन थे?
- आनंद मोहन बोस
- बदरुद्दीन तैयबजी
- दादा भाई नौरोजी
- एम. विश्वेश्वरैया
पहला औद्योगिक सम्मेलन किस वर्ष आयोजित किया गया?
- 1903 ई. में
- 1905 ई. में
- 1907 ई. में
- 1909 ई. में
सर थामस हालैण्ड के सभापतित्व में ‘भारतीय औद्योगिक आयोग’ का गठन कब हुआ?
- 1916 ई. में
- 1905 ई. में
- 1907 ई. में
- 1909 ई. में
ब्रिटिश नागरिकों को सर्वप्रथम किस वर्ष भारत में भमि खरीदने एवं बसने कीअनुमति मिली?
- 1836 ई. में
- 1833 ई. में
- 1837 ई. में
- 1839 ई. में
रेल विभाग के लिए पृथक रूप से रेलवे बजट कब आरंभ हुआ?
- 1925 में
- 1929 में
- 1858 में
- 1935 में
अकालों को रोकने तथा अकाल पीड़ितों की सहायता हेतु भारत सरकार ने‘अकाल संहिता’ (Famine Code) कब प्रचारित किया?
- 1836 ई. में
- 1863 ई. में
- 1883 ई. में
- 1839 ई. में
स्थायी बंदोबस्त, 1793 के अंतर्गत जमींदारों से अपेक्षा की गई थी कि वे खेतिहरों को पट्टा जारी करेंगे। अनेक जमींदारों ने पट्टा जारी नहीं किए । इसका कारण था [UPSC 2001]
- जमींदारों के ऊपर किसानों का विश्वास था
- जमीदारों के ऊपर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं था
- यह ब्रिटिश सरकार की जिम्मेदारी थी
- खेतिहरों की दिलचस्पी प्राप्त करने की नहीं थी
ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में उद्योगों का कोई स्वतंत्र विकास नहीं हुआ। इसका कारण था [UPSC 1999]
- भारी उद्योगों का अभाव
- विदेशी पूँजी की कमी
- प्राकृतिक संसाधनों की कमी
- धनिक वर्ग द्वारा भूसंपत्ति में निवेश करने को तरजीह/प्राथमिकता
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए [UPSC 2000]
- सूची-I सूची-II
- A. बड़े सामंतों को आबंटित भूमि 1. जागीरदारी प्रणाली
- B. मालगुजारी के इजारेदारों अथवा
- तहसीलदारों को आबंटित भूमि 2. रैय्यतवाड़ी प्रणाली
- C.उपकिरायेदारी पर देने, गिरवी रखने
- हस्तांतरण करने, उपहार देने या विक्रय करने के अधिकार सहित
- प्रत्येक किसान को आबंटित भूमि 3. महालवाड़ी प्रणाली
- D. ग्राम्य स्तर पर की गई भू-राजस्व बंदोबस्ती 4. जमींदारी प्रणाली
- ABCD – 1423
- ABCD – 4321
- ABCD – 4231
- ABCD – 1234
भारत में उपनिवेशी शासन के संदर्भ में 1883 ई. में पारित ‘इल्बर्ट बिल’ का उद्देश्य था [UPSC 2003]
- जहाँ तक अदालतों की दांडिक अधिकारिता का संबंध था, भारतीय तथा यूरोपीय लोगों को बराबरी पर रोकना
- देशी प्रेस की स्वतंत्रता पर कड़ा अंकुश लगाना क्योंकि उसे उपनिवेशी शासकों का विरोधी समझा जाता था
- प्रशासनिक सेवा परीक्षाएँ भारत में करवाना ताकि देशी भारतीयों को उसमें बैठने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके
- आर्स ऐक्ट में संशोधन कर देशी भारतीयों को शस्त्र रखने की अनुमति देना
अंग्रेजों द्वारा रैय्यतवाड़ी बंदोबस्त लागू किया गया थ [UPSC 2003, JPSC 2010, UPPCS (M) 2016]
- बंगाल प्रेसीडेंसी
- मद्रास प्रेसीडेंसी
- बम्बई प्रेसीडेंसी
- मद्रास प्रेसीडेंसी एवं बम्बई प्रेसीडेंसी
भारत में भारतीयों द्वारा 1881 में स्थापित हआ तथा उनके प्रबंध में चलनेवाला सीमित देयता का प्रथम बैंक था [UPSC 2003]
- हिन्दुस्तान कॉमर्शियल बैंक
- अवध कॉमर्शियल बैक
- पंजाब नेशनल बैंक
- पंजाब एंड सिंध बैंक
भारत में उपनिवेशी काल में ‘विटली आयोग’ (1929) का उद्देश्य था [UPSC 2003]
- और आगे राजनीतिक सधारों के लिए भारत की क्षमता का परीक्षण
- श्रमिकों की मौजदा परिस्थितियों पर प्रतिवेदन पर सिफारिशें प्रस्तुत करना
- भारत में वित्तीय सुधारों के लिए परियोजना तैयार करना
- भारत में प्रशासनिक सेवाओं के लिए विस्तत पद्धति विकसित करना ।
स्वतंत्रता-पूर्व अवधि में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में आधुनिक शिक्षा के प्रसार का मुख्य उद्देश्य था [Utt.PSC 2005]
- छोटे प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति हेतु शिक्षित भारतीयों की आवश्यकता
- भारतीय संस्कृति को प्रोत्साहित करना
- भारतीय लोगों को आधुनिक बनाना, जिससे वे राजनीतिक जिम्मेदारी में भाग ले सकें
- उपर्युक्त में से कोई नहीं
भारत में प्रथम रेल लाईन का निर्माण 1853 ई. में किन नगरों के बीच हुआ ? [MPPSC 1994, UPPCS (LS) 2003-04]
- हावड़ा और श्रीरामपुर
- बम्बई और थाणे
- मद्रास और गुन्टूर
- दिल्ली और आगरा
सर टामस मुनरो किस भूराजस्व बंदोबस्त से संबंधित हैं UPPCS 2000]
- स्थायी बंदोबस्त
- महालवाड़ी बंदोबस्त
- रैय्यतवाड़ी बंदोबस्त
- इनमें से कोई नहीं
भारत में अंग्रेजों के समय में प्रथम जनगणना किसके कार्यकाल में हुई ? [UPPCS 2001]
- लार्ड डफरिन के
- लार्ड लिटन के
- लार्ड मेयो के
- लार्ड रिपन के
अंग्रेजी शासनकाल में भारत शासनकाल में भारत का कौन-सा क्षेत्र अफीम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था ? [BPSC 2005]
- बिहार
- द. भारत
- गुजरात
- असम
नील कषकों की दुर्दशा पर लिखी गई पुस्तक ‘नील दर्पण’ के लेखक कौन थे? [BPSC 1998]
- बंकिमचन्द्र चटर्जी
- दीनबन्धु मित्र
- शिरतचन्द्र चटर्जी
- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
अंग्रेजों द्वारा सर्वप्रथम कहवा बागान लगाये गये थे [UPPCS 2004]
- चिकमंगलूर जनपद में
- कुर्ग जनपद में
- नीलगिरि जनपद में
- वायनाड जनपद में
अंग्रेजी शासन के दौरान भारत के ‘आर्थिक दोहन’ के विचार का प्रतिपादन किसने किया था? [UPPCS 2002]
- दादाभाई नौरोजी
- एम.एन. राय
- जयप्रकाश नारायण,
- राम मनोहर लोहिया
18वीं सदी में बंगाल में वस्त्र उधोग के पतन के लिए उत्तरदायी कारण था ? [BPSC 2004]
- उत्पादन की गुणवत्ता में कमी
- कच्चे माल की अनुपलब्धता
- ब्रिटेन को निर्यात करनेवाले माल पर उच्च तटकर
- कारीगरों की अनुपलब्धता
किसके द्वारा बंगाल और बिहार का स्थायी बंदोबस्त / इस्तमरारी बंदोबस्त (Permanent Settlement) शुरु किया गया था? [SSC 1999; Utt. PSC 2002, CPO SI 2003; CDS 2003]
- राबर्ट क्लाइव
- वारेन हेस्टिंग्स
- लर्ड वेलेस्ली
- लार्ड कार्नवालिस
अंग्रेजों द्वारा बनाई गई भूराजस्व व्यवस्था की निम्न प्रणालियों में से कौन-सी कृषकों के हितों को अधिक सुरक्षा प्रदान करती थी? [SSC 2002]
- बंगाल प्रांत की स्थायी भूव्यवस्था
- मद्रास प्रांत की रैय्यतवाड़ी भूव्यवस्था
- मध्यवर्ती प्रांत की जमींदारी भूव्यवस्था
- संयुक्त प्रांत की मालगुजारी भूव्यवस्था
भारत में सबसे पहला सूती वस्त्र मिल किस शहर में स्थापित किया गया था ? [SSC 2002, 2003]
- सूरत
- बंबई
- अहमदाबाद
- कोयम्बटूर
भारत में ब्रिटिश भूराजस्व प्रणाली का निम्नलिखित में से किसने अधिक लाभ प्राप्त किया? [SSC 2000]
- बटाईदार
- किसान
- जमींदार
- कृषि-मजदूर
1853 ई. में लार्ड डलहौजी ने जो पहली टेलीग्राफ लाइन शुरु की. वह किसके बीच थी? [SSC 2000]
- बंबई और थाणे
- कलकत्ता और मद्रास
- बंबई और आगरा
- कलकत्ता और आगरा
1. भारत में ब्रिटिश शासकों की आर्थिक नीति का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- भारतीय उद्योग को विकसित करना
- भारतीय किसानों की भलाई
- ब्रिटेन के आर्थिक हितों की पूर्ति
- स्वतंत्र भारत का निर्माण
Explanation:
- ब्रिटिश शासन का मुख्य उद्देश्य भारत को एक कच्चा माल उत्पादक और ब्रिटेन के लिए बाजार बनाना था।
- भारतीय उद्योगों की उपेक्षा की गई ताकि ब्रिटिश वस्त्र और सामान भारत में आसानी से बिक सके।
- किसानों और मजदूरों का शोषण करके ब्रिटेन में आयात और निर्यात को बढ़ावा दिया गया।
- भारतीय अर्थव्यवस्था को ब्रिटेन की जरूरतों के अनुसार ढाला गया।
2. ब्रिटिश भारत में कृषक पर बोझ का मुख्य कारण क्या था?
- कृषि सुधार
- भूमि कर प्रणाली
- जमींदारी और रैयतवाड़ी प्रणाली
- सिंचाई योजनाएँ
Explanation:
- जमींदारी और रैयतवाड़ी प्रणाली के माध्यम से ब्रिटिश सरकार ने किसानों से भारी कर वसूला।
- कृषकों की जमीन अक्सर जमींदारों के हाथ में चली गई।
- किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा और भूखमरी की स्थितियाँ उत्पन्न हुई।
- इसका उद्देश्य ब्रिटेन के लिए निर्यात योग्य कच्चा माल सुनिश्चित करना था।
3. ब्रिटिशों ने भारत में किस उद्योग को नष्ट किया?
- लोहार उद्योग
- हाथकरघा और कुटीर उद्योग
- मिट्टी के बर्तन उद्योग
- चमड़ा उद्योग
Explanation:
- हाथकरघा उद्योग को ब्रिटिश वस्त्र उद्योग के संरक्षण के लिए नष्ट किया गया।
- भारत में कपड़े बनाना महंगा पड़ता था, जबकि ब्रिटिश कपड़े सस्ते थे।
- कुटीर उद्योगों की उपेक्षा से लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई।
- ब्रिटेन में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए यह नीति अपनाई गई।
4. भारत से ब्रिटेन को निर्यात होने वाली मुख्य वस्तु क्या थी?
- सोना
- चाय
- लौह अयस्क
- कच्चा माल जैसे कपास, जूट और खनिज
Explanation:
- ब्रिटिश शासन भारत को कच्चा माल देने वाला क्षेत्र बनाना चाहता था।
- कपास और जूट ब्रिटेन में कपड़े बनाने के लिए भेजा जाता था।
- खनिज और अन्य संसाधन ब्रिटेन के औद्योगिक विकास में उपयोग किए गए।
- इस नीति से भारत के कुटीर और स्थानीय उद्योग प्रभावित हुए।
5. भारत में ब्रिटिशों द्वारा स्थापित बैंक कौन-सा था?
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
- नागपुर बैंक
- बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ कलकत्ता
- पंजाब नेशनल बैंक
Explanation:
- ब्रिटिश भारत में बैंक की स्थापना मुख्य रूप से व्यापार और कर वसूली के लिए की गई।
- बैंक ऑफ कलकत्ता (1806) और बैंक ऑफ इंडिया (1806) ब्रिटिशों द्वारा स्थापित किए गए।
- इससे भारतीय उद्योगों के लिए पूँजी की कमी रही।
- बैंक मुख्य रूप से ब्रिटिश व्यापारियों और सरकार की जरूरतों को पूरा करते थे।
6. भारत में ब्रिटिशों ने किस प्रणाली के माध्यम से कर वसूली की?
- समान भूमि कर प्रणाली
- भूमि सुधार नीति
- जमींदारी और रैयतवाड़ी प्रणाली
- सिंचाई कर प्रणाली
Explanation:
- जमींदारी प्रणाली में जमींदार किसानों से कर वसूलते और ब्रिटिश सरकार को देते थे।
- रैयतवाड़ी प्रणाली में सीधे किसानों से कर वसूला जाता था।
- कृषक अक्सर कर्ज में डूब गए और गरीबी बढ़ी।
- इस प्रणाली का उद्देश्य ब्रिटेन की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करना था।
7. ब्रिटिशों ने भारत में किस चीज़ को मुख्य निर्यात बाजार बनाया?
- फर्नीचर
- सुई और धागा
- ब्रिटिश तैयार वस्त्र
- जूट के बर्तन
Explanation:
- ब्रिटिश वस्त्र भारत में सस्ते में बेचे जाते थे ताकि स्थानीय उद्योग नष्ट हो जाए।
- भारत का हाथकरघा उद्योग कमजोर हुआ।
- ब्रिटेन के वस्त्र उद्योग को बढ़ावा मिला।
- भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ब्रिटेन के नियंत्रण में रही।
8. भारत में ब्रिटिश शासन का कृषि पर प्रभाव क्या था?
- कृषि विकास हुआ
- किसानों पर कर और भूखमरी बढ़ी
- सिंचाई में सुधार हुआ
- जमीन की कीमतें घटीं
Explanation:
- ब्रिटिशों ने कृषि को केवल कर वसूली और निर्यात के लिए इस्तेमाल किया।
- किसानों को भारी कर देना पड़ता था।
- फसल खराब होने पर भूखमरी और गरीबी फैल गई।
- किसानों के हित की कोई नीति नहीं बनाई गई।
9. भारत में ब्रिटिशों द्वारा भूमि कर वसूली का उद्देश्य क्या था?
- कृषि सुधार करना
- किसानों को सहायता देना
- ब्रिटेन के राजस्व बढ़ाना
- स्थानीय उद्योगों को विकसित करना
Explanation:
- भूमि कर का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार का राजस्व बढ़ाना था।
- किसानों को भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया।
- स्थानीय उद्योगों और बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
- ब्रिटिश शासन का ध्यान केवल आर्थिक लाभ पर था।
10. ब्रिटिशों ने भारत में किस वस्तु का उत्पादन बढ़ाया?
- धान
- गेहूं
- सोडियम
- कपास और जूट
Explanation:
- कपास और जूट को ब्रिटेन में कपड़ा उद्योग के लिए निर्यात किया गया।
- ब्रिटिश नीति केवल निर्यात केंद्रित थी।
- स्थानीय जरूरतों के लिए उत्पादन कम हुआ।
- किसानों पर भारी दबाव पड़ा और गरीबी बढ़ी।
11. ब्रिटिशों ने भारत में किस प्रणाली से कृषि उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की?
- सिंचाई योजना
- जैविक खेती
- फसल और कर प्रणाली नियंत्रण
- स्थानीय बाजार सुधार
Explanation:
- ब्रिटिश सरकार ने फसल और कर प्रणाली के माध्यम से कृषि को नियंत्रित किया।
- किसानों को तय फसल उगाने के लिए मजबूर किया गया।
- इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन के उद्योग के लिए निर्यात बढ़ाना था।
- स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त भोजन नहीं बचता था।
12. भारत में ब्रिटिश शासकों की रेल नीति का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- स्थानीय व्यापार को बढ़ाना
- किसानों के लिए सुविधाएँ देना
- ब्रिटेन के निर्यात और सेना के लिए परिवहन सुविधा
- सभी के लिए रेल सेवा मुफ्त करना
Explanation:
- रेल नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य कच्चे माल को जल्दी से ब्रिटेन के बंदरगाहों तक पहुँचाना था।
- सेना और प्रशासनिक नियंत्रण में मदद मिली।
- स्थानीय उद्योगों और किसानों को कोई प्राथमिकता नहीं दी गई।
- रेल विकास ब्रिटिश आर्थिक हितों के अनुरूप था।
13. भारत में ब्रिटिशों ने कौन-सी नीति अपनाई जिससे विदेशी वस्त्र आयात बढ़े?
- उद्योग संरक्षण नीति
- कृषि सुधार नीति
- उच्च आयात शुल्क हटाना
- कर-मुक्त बाजार
Explanation:
- ब्रिटिश वस्त्रों पर आयात शुल्क बहुत कम रखा गया।
- स्थानीय वस्त्र उद्योग को नुकसान हुआ।
- भारत ब्रिटिश वस्त्रों का बाजार बन गया।
- ब्रिटेन का उद्योग सुरक्षित और लाभकारी रहा।
14. भारत में ब्रिटिश आर्थिक नीति का परिणाम क्या हुआ?
- स्थानीय उद्योग विकसित हुए
- किसानों और कुटीर उद्योगों का विनाश
- कृषि सुधार हुआ
- भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई
Explanation:
- स्थानीय कुटीर उद्योग और हाथकरघा खत्म हो गए।
- किसानों पर भारी कर और शोषण हुआ।
- ब्रिटेन के उद्योग को लाभ हुआ और भारत उपभोक्ता बन गया।
- गरीबी और भूखमरी बढ़ी।
15. ब्रिटिश शासन ने भारत में किस कारण से वन नीति लागू की?
- कृषि वृद्धि के लिए
- वन संसाधनों का ब्रिटेन के लिए नियंत्रण
- स्थानीय लकड़हारे के लिए
- पर्यावरण संरक्षण के लिए
Explanation:
- वन नीति के जरिए ब्रिटिश सरकार ने लकड़ी और खनिजों पर पूर्ण नियंत्रण किया।
- स्थानीय आदिवासी और लकड़हारे प्रभावित हुए।
- ब्रिटेन के उद्योग और नौसैनिक जहाजों के लिए संसाधन सुनिश्चित किए।
- स्थानीय उपयोग की स्वतंत्रता समाप्त हो गई।
16. भारत में ब्रिटिशों ने किस वस्तु पर विशेष ध्यान दिया?
- धान और गेहूं
- सोने और चांदी
- कपास, जूट और चाय
- मिट्टी के बर्तन
Explanation:
- कपास और जूट ब्रिटेन में कपड़ा उद्योग के लिए भेजे गए।
- चाय बागान स्थापित कर चाय का निर्यात बढ़ाया गया।
- भारतीय किसान मुख्य रूप से निर्यात केंद्रित उत्पादन में लगे रहे।
- स्थानीय जरूरतें पीछे रह गईं।
17. भारत में ब्रिटिशों ने कर वसूली की कौन-सी प्रणाली अपनाई?
- भूमि सुधार
- समान कर प्रणाली
- जमींदारी और रैयतवाड़ी प्रणाली
- सिंचाई कर प्रणाली
Explanation:
- जमींदारी और रैयतवाड़ी प्रणाली के माध्यम से किसानों से सीधे कर वसूला गया।
- जमींदार और ब्रिटिश सरकार लाभान्वित हुए।
- कृषक अक्सर कर्ज में फंस गए और गरीबी बढ़ी।
- इसका उद्देश्य ब्रिटेन के आर्थिक हितों को सुनिश्चित करना था।
18. भारत में ब्रिटिशों की औद्योगिक नीति का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- स्थानीय उद्योगों का विकास
- किसानों की भलाई
- ब्रिटिश उद्योगों को भारत का बाजार बनाना
- भारत में रोजगार बढ़ाना
Explanation:
- ब्रिटिश उद्योगों का निर्यात भारत में आसान होना चाहिए था।
- स्थानीय कुटीर उद्योग और हाथकरघा नष्ट कर दिए गए।
- भारत के संसाधनों का उपयोग ब्रिटेन के लिए किया गया।
- भारत केवल उपभोक्ता और कच्चा माल उत्पादक बना।
19. भारत में ब्रिटिश शासन ने किस वस्तु पर निर्यात आधारित कृषि को बढ़ावा दिया?
- धान
- गेहूं
- कपास और जूट
- मसाले
Explanation:
- कपास और जूट ब्रिटेन में कपड़ा उद्योग के लिए निर्यात किए गए।
- स्थानीय फसलों की प्राथमिकता कम हुई।
- कृषकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
- ब्रिटिश शासन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ था।
20. भारत में ब्रिटिशों ने किसका नियंत्रण मजबूत किया?
- स्थानीय व्यवसाय
- कृषि उत्पादन
- कर वसूली और उद्योगों पर ब्रिटिश नियंत्रण
- शिक्षा प्रणाली
Explanation:
- ब्रिटिशों ने कर वसूली और उद्योगों पर पूर्ण नियंत्रण रखा।
- स्थानीय उद्योगों और कुटीरों को नुकसान हुआ।
- भारत का बाजार ब्रिटिश उत्पादों के लिए खुला रखा गया।
- कृषकों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ा।
21. भारत में ब्रिटिश आर्थिक नीति का किसानों पर क्या प्रभाव पड़ा?
- कृषि में सुधार हुआ
- कर्ज, भूखमरी और गरीबी बढ़ी
- स्थानीय उद्योग बढ़े
- किसानों का जीवन आसान हुआ
Explanation:
- किसानों को भारी कर देना पड़ता था।
- फसल खराब होने पर भूखमरी फैल गई।
- कर्ज और कर्जदारों का बोझ बढ़ा।
- ब्रिटिश आर्थिक नीति केवल राजस्व और निर्यात के लिए थी।
22. भारत में ब्रिटिश आर्थिक नीति का मुख्य परिणाम क्या था?
- स्थानीय उद्योगों का विकास
- कृषि में सुधार
- गरीबी और निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था
- किसानों की समृद्धि
Explanation:
- स्थानीय उद्योग नष्ट हुए और कुटीर उद्योग कमजोर हुआ।
- कृषक निर्यात केंद्रित उत्पादन के लिए दबाव में रहे।
- भारत की अर्थव्यवस्था ब्रिटेन के हितों के अनुसार ढाली गई।
- गरीबी और भूखमरी आम हो गई।
23. भारत में ब्रिटिशों ने किस नीति से उद्योगों को कमजोर किया?
- सिंचाई नीति
- कृषि सुधार नीति
- उच्च आयात वस्त्र और कर प्रणाली
- शिक्षा नीति
Explanation:
- ब्रिटिश वस्त्रों को सस्ते में आयात किया गया।
- स्थानीय उद्योग प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाए।
- कर प्रणाली स्थानीय उद्योगों को कमजोर करती थी।
- इससे ब्रिटिश उद्योग सुरक्षित और लाभकारी बना।
24. भारत में ब्रिटिशों की रेल नीति का मुख्य लाभ किसे हुआ?
- स्थानीय किसानों
- भारतीय उद्योग
- ब्रिटिश व्यापार और सेना
- शिक्षक वर्ग
Explanation:
- रेल नेटवर्क का उद्देश्य कच्चे माल को तेजी से ब्रिटेन भेजना था।
- सेना और प्रशासन के लिए सुविधाएँ बढ़ीं।
- स्थानीय उद्योगों और किसानों को कोई फायदा नहीं मिला।
- ब्रिटिश व्यापार और औद्योगिक हित सुरक्षित रहे।
25. ब्रिटिश आर्थिक नीति का भारत पर दीर्घकालिक प्रभाव क्या है?
- स्थानीय उद्योगों का विकास
- कृषि में सुधार
- गरीबी, निर्यात पर निर्भर अर्थव्यवस्था और कुटीर उद्योगों का विनाश
- संपन्न किसानों की संख्या बढ़ी
Explanation:
- ब्रिटिश नीति से भारत का उद्योग और कृषि केवल ब्रिटेन की जरूरतों के अनुरूप हुआ।
- किसानों और कुटीर उद्योगों की स्थिति बिगड़ी।
- गरीबी और आर्थिक असमानता बढ़ी।
- भारत लंबे समय तक उपभोक्ता और कच्चा माल उत्पादक बना रहा।
