पुष्यमित्र शुंग का उत्तराधिकारी कौन हुआ?
- अग्निमित्र
- सुज्येष्ठ
- वज्रमित्र
- देवभूति
अंतिम मौर्य सम्राट वृहद्रथ की हत्या कर किसने शुंग वंश की स्थापना 185 ई०पू० में की?
- पुष्यमित्र
- अग्निमित्र
- वसुमित्र
- भागभट्ट
पुष्यमित्र शुंग मौर्य सम्राट वृहद्रथ की राजकीय सेना में किस पद पर आसीन था ?
- सेनापति
- प्रधानमंत्री
- गवर्नर
- इनमें कोई नहीं
कण्व / काण्व वंश का संस्थापक कौन था?
- वसुदेव
- भूमिमित्र
- नारायण
- सुशर्मा
सातवाहन / आन्ध्र सातवाहन वंश का संस्थापक कौन था ?
- वसुदेव
- सिमुक
- गौतमीपुत्र शातकर्णी
- वशिष्ठीपुत्र श्रीपुलमावि
सातवाहनों ने पहले स्थानीय अधिकारियों के रूप में काम किया था ?
- नंदों के अधीन
- मौर्यों के अधीन
- चोलों के अधीन
- चेरों के अधीन
निम्नलिखित में से वह महानतम कुषाण नेता कौन था, जो बौद्ध बन गया था ?
- कुजुल कडफिसस
- विम कडफिसस
- कनिष्क
- वशिष्क
कषाण काल के दौरान मूर्तिकला की गांधार शैली निम्नलिखित में से किसका मिश्रण है ?
- भारत-इस्लाम शैली
- भारत-ईरानी शैली
- भारत-चीन शैली
- भारत-ग्रीक शैली
कनिष्क की राजाधानी थी
- पुरुषपुर
- बनारस
- इलाहाबाद
- सारनाथ
परुषपूर निम्नलिखित में से किसका दूसरा नाम है ?
- पटना
- पाटलिपुत्र
- पेशावर
- पंजाब
चरक किसके राज-चिकित्सक थे?
- हर्ष
- चन्द्रगुप्त मौर्य
- अशोक
- कनिष्क
तक्षशिला के प्रसिद्ध स्थल होने का कारण था ?
- प्राचीन वैदिक कला
- मौर्यकालीन कला
- गांधार कला
- गुप्त कला
भारत में सर्वप्रथम स्वर्ण मुद्राएँ किसने चलाई ?
- कुषाण
- इण्डो-बैक्ट्रियन
- शक
- गुप्त
किस संग्रहालय में कुषाणकालीन मूर्तियों का संग्रह अधिक मात्रा में है ?
- मथुरा संग्रहालय
- मुंबई संग्रहालय
- मद्रास संग्रहालय
- दिल्ली संग्रहालय
निम्नलिखित में किसने सोने के सर्वाधिक शुद्ध सिक्के जारी किए ?
- कुषाण
- इण्डो-बैक्ट्रियन
- शक
- गुप्त
सातवाहनों के समय में मुद्रा सर्वाधिक किस धातु के बने ?
- सीसा
- पोटीन
- ताँबा
- स्वर्ण
निम्नलिखित में से कनिष्क के समकालीन कौन थे?
- निम्नलिखित में से कनिष्क के समकालीन कौन थे?
- नागार्जुन, अश्वघोष, वसुमित्र
- अश्वघोष, कालिदास, बाणभट्ट
- कालिदास, कंबन, वसुमित्र
किस वंश के शासकों ने ब्राह्मणों एवं बौद्ध भिक्षुओं को करमुक्त भूमि या गांव (भूमि अनुदान) देने की प्रथा आरंभ की?
- सातवाहन
- मौर्य
- गुप्त
- चोल
भारतीय रंगमंच में यवनिका (पर्दा) का शुभारंभ किसने किया?
- शकों ने
- पार्थियनों ने
- यूनानियों ने
- कुषाणों ने
भारतीयों के महान रेशम मार्ग (Silk route) किसने आरंभ कराया ?
- कनिष्क
- अशोक
- हर्ष
- फाह्यान
निम्नलिखित में से किसने बड़े पैमाने पर स्वर्ण मुद्राएँ (सोने की मुहर) चलाई थी?
- ग्रीक वासियों ने
- मौर्यों ने
- कुषाण शासकों ने
- शुंगों ने
चरक और नागार्जुन किसके दरबार की शोभा थे?
- कनिष्क
- चन्द्रगुप्त मौर्य
- अशोक
- समुद्रगुप्त
शक् संवत् का प्रारंभ किस सम्राट् के शासनकाल में 78 ई० से हुआ था ?
- कनिष्क
- चन्द्रगुप्त मौर्य
- अशोक
- समुद्रगुप्त
तक्षशिला विश्वविद्यालय स्थित था?
- पाकिस्तान में
- भारत में
- बांग्लादेश में
- बर्मा में
प्राचीन काल में कलिंग का महान शासक कौन था?
- अजातशत्रु
- बिन्दुसार
- खारवेल
- मयूरशर्मन
कुषाण काल में सबसे अधिक विकास किस क्षेत्र में हुआ था?
- धर्म
- कला
- साहित्य
- वास्तुकला
सातवाहनों ने आरंभिक दिनों में अपना शासन कहाँ शरु किया?
- महाराष्ट्र
- सौराष्ट्र
- प्रतिष्ठान
- आन्ध्
सातवाहन राज्य की राजधानी कहाँ थी?
- औरंगाबाद
- पैठन / प्रतिष्ठान
- मदुरा
- इनमें से कोई नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलेख कलिंग नरेश खारवेल से संबंधित है ?
- हाथीगुम्फा
- जूनागढ़
- नानाघाट
- नासिक
किस सातवाहन नरेश ने ‘गाथासप्तशती’ नामक महत्त्वपूर्ण कृति की रचना की?
- गौतमीपुत्र शातकर्णी
- वशिष्ठीपुत्र पुलुमावी
- हाल
- सिमुक
सातवाहन शासकों की राजकीय भाषा थी?
- पालि
- प्राकृत
- संस्कृत
- इनमें से कोई नहीं
मौर्योत्तर काल में सबसे प्रसिद्ध शक शासक कौन था?
- अजेस द्वितीय
- रुद्रदामन प्रथम
- वासिष्ठपुत्र पुलुमावी
- मोगा
व्याख्या:
- रुद्रदामन प्रथम (130-150 ई.) सबसे प्रसिद्ध शक शासक था, जिसने जूनागढ़ अभिलेख जारी किया था।
- अजेस द्वितीय एक इंडो-ग्रीक शासक था।
- वासिष्ठपुत्र पुलुमावी सातवाहन शासक था।
- मोगा प्रारंभिक शक शासक था।
गिरनार पर्वत पर जूनागढ़ अभिलेख किस शासक से संबंधित है?
- कनिष्क
- गौतमीपुत्र शातकर्णी
- रुद्रदामन
- मिनांडर
व्याख्या:
- रुद्रदामन के जूनागढ़ अभिलेख में सुदर्शन झील की मरम्मत का उल्लेख है।
- कनिष्क का संबंध रबातक अभिलेख से है।
- गौतमीपुत्र शातकर्णी का नासिक अभिलेख में उल्लेख है।
- मिनांडर एक इंडो-ग्रीक शासक था।
निम्नलिखित में से किस राजवंश ने मौर्योत्तर काल में उत्तर-पश्चिम भारत पर शासन किया?
- चोल
- चेर
- कुषाण
- पांड्य
व्याख्या:
- कुषाण वंश ने उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों पर शासन किया।
- चोल, चेर और पांड्य दक्षिण भारत के राजवंश थे।
किस शक शासक ने ‘महाक्षत्रप’ की उपाधि धारण की?
- कनिष्क
- विम कादफिसेस
- शक शासकों द्वारा प्रयुक्त एक सामान्य उपाधि
- अशोक
व्याख्या:
- शक शासक ‘क्षत्रप’ या ‘महाक्षत्रप’ (गवर्नर) की उपाधि का प्रयोग करते थे।
- कनिष्क और विम कादफिसेस कुषाण शासक थे।
- अशोक मौर्य शासक था।
किस मौर्योत्तर कालीन शासक ने सर्वप्रथम स्वर्ण मुद्राएं जारी कीं?
- शक
- सातवाहन
- इंडो-ग्रीक
- कुषाण
व्याख्या:
- इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत में सर्वप्रथम शुद्ध स्वर्ण मुद्राएं जारी कीं।
- कुषाणों ने भी स्वर्ण मुद्राएं जारी कीं लेकिन बाद में।
- शक और सातवाहन मुख्यतः चांदी की मुद्राएं जारी करते थे।
मौर्योत्तर काल में ‘दिनार’ नामक सिक्के किसने जारी किए?
- सातवाहन
- शुंग
- कुषाण
- गुप्त
व्याख्या:
- कुषाण शासकों ने स्वर्ण ‘दिनार’ सिक्के जारी किए, जिन पर शासकों की छवियां होती थीं।
- सातवाहनों ने सीसे और चांदी के सिक्के जारी किए।
- शुंग और गुप्तों ने भी सिक्के जारी किए लेकिन उन्हें दिनार नहीं कहा जाता था।
निम्नलिखित में से किस शासक का संबंध तक्षशिला से था?
- गौतमीपुत्र शातकर्णी
- अशोक
- इंडो-ग्रीक शासक
- समुद्रगुप्त
व्याख्या:
- इंडो-ग्रीक शासकों की एक महत्वपूर्ण राजधानी तक्षशिला थी।
- गौतमीपुत्र शातकर्णी सातवाहन वंश से था जिसकी राजधानी प्रतिष्ठान थी।
- अशोक की राजधानी पाटलिपुत्र थी।
- समुद्रगुप्त की राजधानी भी पाटलिपुत्र थी।
किस कुषाण शासक ने ‘द्वितीय अशोक’ की उपाधि धारण की?
- विम कादफिसेस
- कनिष्क
- कुजुला कडफिसेस
- हुविष्क
व्याख्या:
- कनिष्क को बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के कारण ‘द्वितीय अशोक’ कहा जाता है।
- विम कादफिसेस और कुजुला कडफिसेस कनिष्क के पूर्ववर्ती थे।
- हुविष्क कनिष्क का उत्तराधिकारी था।
मौर्योत्तर काल में निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले भारत पर आक्रमण किया?
- कुषाण
- शक
- यूनानी (ग्रीक)
- पहलव
व्याख्या:
- यूनानी (ग्रीक) सबसे पहले भारत पर आक्रमण करने वाले थे, जिनका नेतृत्व सिकंदर महान ने किया।
- शक, कुषाण और पहलव बाद में आए।
सातवाहन वंश की स्थापना किसने की?
- गौतमीपुत्र शातकर्णी
- हाल
- सिमुक
- वशिष्ठिपुत्र पुलुमावी
व्याख्या:
- सिमुक ने सातवाहन वंश की स्थापना की और मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद दक्कन में शासन स्थापित किया।
- गौतमीपुत्र शातकर्णी सबसे प्रसिद्ध सातवाहन शासक था।
- हाल और वशिष्ठिपुत्र पुलुमावी बाद के शासक थे।
गौतमीपुत्र शातकर्णी ने किसे पराजित कर अपना वर्चस्व स्थापित किया?
- कुषाण
- गुप्त
- शक
- नंद
व्याख्या:
- गौतमीपुत्र शातकर्णी ने शकों, यवनों (ग्रीक) और पहलवों को पराजित किया, जैसा कि नासिक अभिलेख में उल्लेखित है।
- कुषाण उत्तर भारत में शासन कर रहे थे।
- गुप्त और नंद क्रमशः बाद और पहले के वंश थे।
किस मौर्योत्तर कालीन राजवंश ने ‘नाविक’ (नौसैनिक) शक्ति के लिए प्रसिद्धि प्राप्त की?
- कुषाण
- शुंग
- सातवाहन
- शक
व्याख्या:
- सातवाहन वंश ने एक मजबूत नौसैनिक बल विकसित किया और समुद्री व्यापार में संलग्न रहा।
- कुषाण, शुंग और शक मुख्यतः स्थल आधारित शक्तियां थीं।
मौर्योत्तर काल में ‘स्ट्रैटो’ नामक सिक्के किसने जारी किए?
- शक
- इंडो-ग्रीक
- कुषाण
- सातवाहन
व्याख्या:
- इंडो-ग्रीक शासकों ने ‘स्ट्रैटो’ नामक चांदी के सिक्के जारी किए, जो उच्च गुणवत्ता वाले थे।
- शकों ने सीसे और तांबे के सिक्के जारी किए।
- कुषाणों ने स्वर्ण दिनार जारी किए।
- सातवाहनों ने मुख्यतः सीसे के सिक्के जारी किए।
कनिष्क ने किस वर्ष में शक संवत की शुरुआत की?
- 58 ई.पू.
- 320 ई.
- 78 ई.
- 273 ई.पू.
व्याख्या:
- 78 ई. में कनिष्क ने शक संवत की शुरुआत की, जो भारत में आधिकारिक तौर पर प्रयोग किया जाता है।
- 58 ई.पू. विक्रम संवत की शुरुआत है।
- 320 ई. गुप्त संवत की शुरुआत है।
- 273 ई.पू. अशोक का राज्याभिषेक वर्ष है।
निम्नलिखित में से किस शहर को कुषाणों की राजधानी के रूप में जाना जाता था?
- पाटलिपुत्र
- उज्जैन
- पुरुषपुर (पेशावर)
- तक्षशिला
व्याख्या:
- पुरुषपुर (आधुनिक पेशावर) कुषाणों की राजधानी थी।
- पाटलिपुत्र मौर्यों की राजधानी थी।
- उज्जैन गुप्त काल में एक महत्वपूर्ण शहर था।
- तक्षशिला इंडो-ग्रीकों की एक महत्वपूर्ण राजधानी थी।
मौर्योत्तर काल में ‘पेरिप्लस ऑफ द एरीथ्रियन सी’ नामक पुस्तक किस भाषा में लिखी गई थी?
- संस्कृत
- पालि
- यूनानी (ग्रीक)
- प्राकृत
व्याख्या:
- ‘पेरिप्लस ऑफ द एरीथ्रियन सी’ एक यूनानी (ग्रीक) भाषा का ग्रंथ है जिसमें भारत के बंदरगाहों और व्यापार का वर्णन है।
- यह मौर्योत्तर काल में भारत-रोम व्यापार का महत्वपूर्ण स्रोत है।
किस मौर्योत्तर कालीन शासक को ‘भारत का अगस्तस’ कहा जाता था?
- अशोक
- चंद्रगुप्त मौर्य
- कनिष्क
- समुद्रगुप्त
व्याख्या:
- कनिष्क की शक्ति और प्रतिष्ठा की तुलना रोमन सम्राट अगस्तस से की जाती थी, इसलिए उसे ‘भारत का अगस्तस’ कहा जाता था।
- अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य वंश से थे।
- समुद्रगुप्त गुप्त वंश से था।
सातवाहन शासकों द्वारा जारी सिक्कों पर किस देवी का चित्रण मिलता है?
- लक्ष्मी
- सरस्वती
- गजलक्ष्मी
- दुर्गा
व्याख्या:
- सातवाहन सिक्कों पर ‘गजलक्ष्मी’ (हाथियों द्वारा अभिषेक किए जा रही लक्ष्मी) का चित्रण प्रमुखता से मिलता है।
- यह उनकी समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक था।
कनिष्क के दरबार में निम्नलिखित में से कौन-से विद्वान थे?
- पतंजलि और पाणिनि
- चाणक्य और विष्णुगुप्त
- अश्वघोष और वसुमित्र
- कालिदास और वराहमिहिर
व्याख्या:
- अश्वघोष (कवि) और वसुमित्र (बौद्ध विद्वान) कनिष्क के दरबार में थे। कनिष्क ने चौथी बौद्ध संगीति का आयोजन किया था, जिसकी अध्यक्षता वसुमित्र ने की थी।
- पतंजलि और पाणिनि मौर्य-पूर्व काल से थे।
- चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में थे।
- कालिदास और वराहमिहिर गुप्त काल से थे।
मौर्योत्तर काल में भारत और रोमन साम्राज्य के बीच व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण मद क्या था?
- रेशम
- हाथी दांत
- मसाले
- सोना
व्याख्या:
- मसाले (काली मिर्च, इलायची आदि) भारत से रोम को निर्यात किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण और मूल्यवान सामान थे।
- रेशम चीन से आता था।
- हाथी दांत और सोना भी निर्यात किए जाते थे लेकिन मसालों जितने महत्वपूर्ण नहीं थे।
निम्नलिखित में से किसने ‘श्री’ शब्द को अपने नाम के साथ जोड़ा?
- कनिष्क
- रुद्रदामन
- सातवाहन शासक
- इंडो-ग्रीक शासक
व्याख्या:
- सातवाहन शासक अक्सर अपने नाम के पहले ‘श्री’ शब्द का प्रयोग करते थे, जैसे श्री शातकर्णी। यह समृद्धि और सम्मान का सूचक था।
- कनिष्क और रुद्रदामन जैसे शासकों ने अन्य उपाधियों का प्रयोग किया।
मौर्योत्तर काल में निम्नलिखित में से कौन-सा बंदरगाह ‘सोपारा’ के नाम से जाना जाता था?
- ताम्रलिप्ति
- मुजिरिस
- कल्याण के निकट एक बंदरगाह
- अरिकामेडु
व्याख्या:
- सोपारा वर्तमान में महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित था और यह एक प्रमुख बंदरगाह था।
- ताम्रलिप्ति पश्चिम बंगाल में था।
- मुजिरिस और अरिकामेडु दक्षिण भारत में थे।
किस मौर्योत्तर कालीन शासक ने बौद्ध धर्म के महायान संप्रदाय को संरक्षण दिया?
- अशोक
- मेनांडर
- कनिष्क
- रुद्रदामन
व्याख्या:
- कनिष्क ने बौद्ध धर्म के महायान संप्रदाय को महत्वपूर्ण संरक्षण दिया और इसके विकास में योगदान दिया।
- अशोक ने थेरवाद बौद्ध धर्म को प्रोत्साहन दिया।
- मेनांडर (मिलिंद) भी बौद्ध धर्म से प्रभावित था।
- रुद्रदामन एक हिंदू शासक था।
मौर्योत्तर काल में ‘यवन’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?
- शक
- कुषाण
- यूनानी (ग्रीक)
- पहलव
व्याख्या:
- ‘यवन’ शब्द संस्कृत में यूनानियों (Greeks) के लिए प्रयुक्त होता था।
- शक, कुषाण और पहलव अन्य विदेशी समूह थे।
निम्नलिखित में से किस मौर्योत्तर कालीन शासक ने स्वर्ण मुद्राओं पर भगवान बुद्ध की छवि अंकित की?
- विम कादफिसेस
- कनिष्क
- कुजुला कडफिसेस
- हुविष्क
व्याख्या:
- कनिष्क के सिक्कों पर भगवान बुद्ध की छवि के साथ-साथ ग्रीक, ईरानी और हिंदू देवताओं की छवियां भी मिलती हैं।
- विम कादफिसेस और कुजुला कडफिसेस के सिक्कों पर मुख्यतः शासक की छवि होती थी।
