निम्नलिखित में से कौन, भक्ति आंदोलन का प्रस्तावक नहीं था ? [UPSC 2010]
- नागार्जुन
- तुकाराम
- त्यागराज
- वल्लभाचार्य
‘असम का चैतन्य’ किसे कहा जाता है ?
- नागार्जुन
- शंकर देव
- त्यागराज
- वल्लभाचार्य
मुगल शासक मुहम्मद शाह ‘रंगीला’ किस संप्रदाय का अनुयायी था?
- नागार्जुन
- शंकर देव
- त्यागराज
- शिव नारायण
सची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कुट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए [UPSC 2001)]
- सूची-I (संत) सूची-II (पेशा / व्यवसाय)
- A. नामदेव 1. नाई
- B. कबीर 2. जुलाहा
- C. रैदास / रविदास 3. दर्जी
- D. सेना 4. मोची
- ABCD – 3241
- ABCD – 2341
- ABCD – 2314
- ABCD – 3412
निम्नलिखित में किस भक्ति संत ने अपने संदेश के प्रचार के लिए सबसे पहलेहिन्दी का प्रयोग किया ? [UPSC 2002)
- दादू
- कबीर
- रामानंद
- तुलसीदास
निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही कालानुक्रम है ? [UPSC 2004, JPSC 2010]
- शंकराचार्य-रामानुज-चैतन्य,
- रामानुज-शंकराचार्य-चैतन्य
- रामानुज-चैतन्य-शंकराचार्य
- शंकराचार्य-चैतन्य-रामानुज
भक्त तुकाराम कौन-से मुगल सम्राट् के समकालीन थे? [UPSC 2006]
- बाबर
- अकबर
- जहाँगीर
- औरंगजेब
बुद्ध और मीराबाई के जीवन दर्शन में मुख्य साम्य था [RAS/RTS 1992]
- अहिंसा व्रत का पालन
- निर्वाण के लिए तपस्या
- संसार दुखपूर्ण है
- सत्य बोलना
प्रसिद्ध भक्त कवयित्री मीराबाई के पति का नाम था [RAS/RTS 1998]
- राणा रतन सिंह
- राजकुमार भोजराज
- राणा उदय सिंह
- राणा सांगा
भक्ति रस कवयित्री मीराबाई थी [RAS/RTS 2003]
- एक कुलीन नारी जिसने कभी विवाह नहीं किया की
- गुजराती शाही परिवार से संबंधित, जिनका विवाह राजपूत से हआ
- मध्य प्रदेश के एक पुजारी की पुत्री
- एक राजपूत शासक की पत्नी
‘बीजक’ का रचयिता कौन है ? [MPPSC 2000]
- सूरदास
- कबीर
- रैदास
- पीपा
आदिशंकर, जो बाद में शंकराचार्य बने, उनका जन्म हुआ था [UPPCS 1999]
- कश्मीर में
- पश्चिमी बंगाल में
- आन्ध्र प्रदेश में
- केरल में
रामानुज के अनुयायियों को कहा जाता है [UPPCS 1999]
- शैव
- वैष्णव
- अद्वैतवाद
- अवधूत
भक्ति आंदोलन का प्रारंभ किया गया [UPPCS 2003]
- आलवार-नयनार संतों द्वारा
- सूफी-संतों द्वारा
- सूरदास द्वारा
- तुलसीदास द्वारा
सभी भक्ति संतों के मध्य एक समान विशेषता थी कि उन्होंने [47वीं BPSC 2005]
- अपनी वाणी को उसी भाषा में लिखे, जिसे उनके भक्त समझते थे ।
- पुरोहित वर्ग की सत्ता को नकारा ।
- स्त्रियों को मंदिर जाने को प्रोत्साहित किए।
- मूर्ति पूजा को प्रोत्साहित किए।
सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट .का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए [SSC CPO AC 2003]
- सूची-I (संत कवि) सूची-II
- (उनकी रचनाओं की भाषा)
- A. मीराबाई 1. बंगला
- B. त्यागराज 2. हिन्दी
- C . चण्डीदास 3. तेलुगू
- D. पुरंदरदास 4. कन्नड़
- ABCD – 3241
- ABCD – 2341
- ABCD – 2314
- ABCD – 3412
गुरु नानक का धर्म उपदेश है [RRB Tech. 2005]
- मानव बंधुत्व का
- सिखों को लड़ाकू संगठन बनाने का
- धर्म के रूप में सिखत्व का
- सिखों की एकता का
भक्ति आंदोलन के दौरान असम में किसने इस आंदोलन का प्रतिनिधित्व किया? [RRB Tech. 2005]
- शंकरदेव
- तुकाराम महाराज
- नरसिंह मेहता
- इनमें से कोई नहीं
‘गीत गोविंद’ के रचयिता हैं [RRB ASM/GG 2002]
- शंकरदेव
- तुकाराम महाराज
- नरसिंह मेहता
- जयदेव
निम्न संतों का कालक्रमानुसार व्यवस्थित कर कूट में उत्तर दें [RRB ASM/GG 2003]
- 1.कबीर 2. नानक 3. चैतन्य 4. तुलसीदास
- 1,2,3,4
- 2, 3, 4, 1
- 3, 1, 2,4
- 3,2,4,1
अद्वैतवाद सिद्धांत के प्रतिपादक कौन थे? [RRB ASM/GG 2004]
- शंकरदेव
- शंकराचार्य
- मध्वाचार्य
- रामानुज
किस संत ने ईश्वर को अपने पास अनुभव करने के लिए नृत्य एवं गीतों (कीर्तन)को माध्यम बनाया ? [RRB ASM/GG 2004]
- शंकरदेव
- चंडी दास
- ज्ञानदेव
- चैतन्य महाप्रभु
पुष्टि मार्ग के दर्शन की स्थापना किसने की? [RRB ASM/GG 2005)
- शंकरदेव ने
- शंकराचार्य ने
- मध्वाचार्य ने
- वल्लभाचार्य ने
चैतन्य महाप्रभु किस संप्रदाय से जुड़े थे? (RRB ASM/GG 2005]
- श्री संप्रदाय
- वारकरी संप्रदाय
- गौड़ीय संप्रदाय
- इनमें से कोई नहीं
कौन-सा / से वाक्य दक्षिण भारत के भक्ति आंदोलन के संदर्भ में सत्य हैं? [RRB CC 2006]
- 1.इसका नेतृत्व कई लोकप्रिय संतों द्वारा किया गया था है
- 2.इसके समर्थक संस्कृत में बोलते एवं लिखते थे
- 3.इसने जाति व्यवस्था का विरोध किया था से
- 4.इसके प्रचार-प्रसार में महिलाएँ सक्रिय रूप से भाग नहीं लेती थी
- 1 और 2
- 1 और 3
- केवल 1
- केवल 4
संत कबीर का जन्म कहाँ हुआ था ? [SSC 2002]
- दिल्ली
- मगहर / वाराणसी
- मथुरा
- हैदराबाद
कबीर के गुरु कौन थे? [SSC 1999; RRB TC 2005; UPPCS 2004]
- रामानुज
- रामानंद
- वल्लभाचार्य
- नामदेव
महाराष्ट्र में भक्ति संप्रदाय निम्नलिखित में से किसकी शिक्षाओं द्वारा फैला था? [SSC 2002]
- संत तुकाराम
- संत ज्ञानेश्वर
- समर्थ गुरु रामदास
- चैतन्य महाप्रभु
निम्न में से किसे ‘हिन्दी खड़ी बोली का जनक’ कहा जाता है ? [UPPCS (M), 2012]
- अमीर खुसरो
- जायसी
- कबीर
- रहीम
वह सूफी संत कौन था जो यह मानता था कि भक्ति संगीत ईश्वर के निकट पहुँचने का मार्ग है ?[SSC 2002]
- मुइनुद्दीन चिश्ती
- बाबा फरीद
- सैयद मुहम्मद
- शाह आलम बुखारी
भारत में चिश्ती सिलसिले को किसने स्थापित किया ? [SSC 2000; UPPCS 2002]
- शेख मुइनुद्दीन चिश्ती
- बाबा फरीद
- सैयद मुहम्मद
- शाह आलम बुखारी
सूफी सिलसिला (संप्रदाय) मूलतः संबंधित है [RRB CC 2003]
- हिन्दूवाद
- सिक्खवाद
- इस्लाम
- बौद्धवाद
सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए CDS 2002
- सूची-I (सूफी सिलसिला) सूची-II (संस्थापक भारत में)
- A.सुहरावर्दी 1. शेख बहाउद्दीन जकारिया
- B. फिरदौसी 2. बद्रुद्दीन समरकन्दी
- C. कादिरी 3. मुहम्मद गौस गिलानी
- D. नक्शबंदी 4.ख्वाजा बकी विल्लाह
- ABCD – 2143
- ABCD – 1432
- ABCD – 1234
- ABCD – 2134
निम्न को सुमेलित करें [CDS 2002]
- सूची-I सूची-II
- A. पीर / शेख / मुर्शिद 1. शिष्य
- B. मुरीद 2. गुरु या मार्गदर्शक
- C. खलीफा 3.सूफी संतों का निवास-स्थल
- D. खानकाह 4.सूफी मत का अनुपालक
- ABCD – 2143
- ABCD – 1432
- ABCD – 2431
- ABCD – 2134
निम्नलिखित में से किस सुल्तान से निजामुद्दीन औलिया ने भेंट करने से इंकार कर दिया था ? [BPSC 2001]
- जलालुद्दीन फिरोज खल्जी
- अलाउद्दीन खल्जी
- गयासुद्दीन तुगलक
- मुहम्मद-बिन-तुगलक
निम्नलिखित सूफी सिलसिलों (संप्रदायों) में कौन संगीत के विरुद्ध था? [UPPCS 2001]
- चिश्ती
- सुहरावर्दी
- कादिरी
- नक्शबंदी
दारा शिकोह ने किस शीर्षक से उपनिषदों का फारसी में अनुवाद किया था ? [UPPCS 2000]
- अल-फिहरिश्त
- किताब-उल-ब्याँ
- मज्म-उल-बहरीन
- सिर्र-ए-अकबर
निम्नलिखित में से कौन-कौन सूफी थे? [UPPCS (LS) 1998]—— 1.रहीम 2. निजामुद्दीन औलिया 3. मुईनुद्दीन चिश्ती 4. रसखान
- 1 और 3
- 1, 2 और 3
- 2 और 3
- 2 और 4
‘सूफिया कलाम’ जो एक प्रकार का भक्ति संगीत है,संबंधित है ?[Utt. PSC 2002]
- गुजरात से
- कश्मीर से
- राजस्थान से
- इनमें से कोई नहीं
सूफी संत ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती किसके शासनकाल में राजस्थान आए थे? [RAS/RTS 2003]
- महाराणा प्रताप
- राणा सांगा
- राणा कुंभा
- पृथ्वीराज चौहान
प्रसिद्ध सूफी सलीम चिश्ती रहते थे [RAS/RTS 1999-2000]
- दिल्ली में
- अजमेर में
- फतेहपुर सिकरी में
- लाहौर में
काव्याभिव्यक्ति के रूप में उर्दू का प्रयोग करनेवाला पहला लेखक था ? [UPSC 1999]
- अमीर खुसरो
- मिर्जा गालिब
- बहादुर शाह जफर
- फैज
निम्नलिखित में किसे ‘शेख-उल-हिंद’ की पदवी प्रदान की गई थी? [BPSC 2008]
- बाबा फरीद्दुदीन
- ख्वाजा कुत्बुद्दीन बख्तियार काकी
- ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती
- शेख सलीम चिश्ती
निम्नलिखित युग्मों में से गलत युग्म को पहचानिए [JPSC 2010]
- चिश्ती – दिल्ली और दोआब
- सुहरावर्दी – सिन्ध
- औलिया – मध्य प्रदेश
- फिरदौसी – बिहार
मध्ययुगीन भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में सूफी संत निम्नलिखित में से किस तरह के आचरण का निर्वाह करते थे ? [UPSC 2012]
- 1.ध्यान साधना और श्वांस-नियमन
- 2.एकांत में कठोर यौगिक व्यायाम
- 3.श्रोताओं में आध्यात्मिक हर्षोन्माद उत्पन्न करने के लिए पवित्र गीतों का गायन
- निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए :
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 3
- 1, 2 और 3
भारत में सूफी मत के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- 1.सूफी संतों की मजारों(कब्र ) पर जियारत (दर्शन ) के नाम से की जानेवाली जियारत यात्रा एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
- 2.भारत में सूफियों के सर्वाधिक प्रभावशाली समूह चिश्ती थे।
- उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ? [NDA, 2016]
- केवल 1 और 2
- केवल 2
- केवल 3
- न तो 1, न ही 2
1. सूफी आंदोलन की उत्पत्ति कहाँ हुई थी?
- भारत
- ईरान
- अरब
- तुर्की
Explanation:
- ईरान – सूफी आंदोलन की उत्पत्ति 8वीं शताब्दी में ईरान में हुई थी।
- भारत – यह सूफीवाद का प्रसारण स्थल था, उत्पत्ति स्थल नहीं।
- अरब – सूफीवाद इस्लामिक दुनिया में फैला लेकिन इसकी उत्पत्ति ईरान में हुई।
- तुर्की – सूफीवाम बाद में तुर्की पहुँचा।
2. सूफी संतों द्वारा रचित गीतों को क्या कहा जाता है?
- दोहा
- कव्वाली
- खयाल
- गजल
Explanation:
- कव्वाली – सूफी संतों द्वारा ईश्वर की प्रशंसा में गाए जाने वाले भक्ति गीत।
- दोहा – यह कबीरदास जैसे संतों की रचना है।
- खयाल – शास्त्रीय संगीत की एक शैली है।
- गजल – प्रेम और दर्द पर आधारित कविता की शैली।
3. चिश्ती सिलसिला की स्थापना किसने की?
- निजामुद्दीन औलिया
- बख्तियार काकी
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- सलीम चिश्ती
Explanation:
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती – चिश्ती सिलसिला की स्थापना 12वीं शताब्दी में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने की थी।
- निजामुद्दीन औलिया – चिश्ती सिलसिला के प्रमुख संत थे, संस्थापक नहीं।
- बख्तियार काकी – चिश्ती सिलसिला के प्रारंभिक संत थे।
- सलीम चिश्ती – अकबर के समय के संत थे।
4. सूफीवाद का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- राजनीतिक शक्ति प्राप्त करना
- आर्थिक समृद्धि
- ईश्वर से सीधा संपर्क स्थापित करना
- सामाजिक सुधार
Explanation:
- ईश्वर से सीधा संपर्क स्थापित करना – सूफीवाद का मुख्य लक्ष्य प्रेम और भक्ति के माध्यम से ईश्वर से सीधा संबंध स्थापित करना था।
- राजनीतिक शक्ति – सूफी संत सांसारिक शक्ति से दूर रहते थे।
- आर्थिक समृद्धि – सूफी संत सादगीपूर्ण जीवन जीते थे।
- सामाजिक सुधार – यह सूफीवाद का प्रभाव था, मुख्य उद्देश्य नहीं।
5. सूफी संतों के आवास स्थल को क्या कहा जाता था?
- मंदिर
- मस्जिद
- खानकाह
- मदरसा
Explanation:
- खानकाह – सूफी संतों के रहने, प्रार्थना करने और शिष्यों को शिक्षा देने का स्थान।
- मंदिर – हिंदू पूजा स्थल।
- मस्जिद – इस्लामिक प्रार्थना स्थल।
- मदरसा – इस्लामिक शिक्षा का केंद्र।
6. सूफीवाद की मुख्य विशेषता क्या थी?
- कर्मकांड
- जाति व्यवस्था
- सार्वभौमिक प्रेम और सहिष्णुता
- धार्मिक कट्टरता
Explanation:
- सार्वभौमिक प्रेम और सहिष्णुता – सूफीवाद सभी धर्मों के प्रति सम्मान और प्रेम का दृष्टिकोण रखता था।
- कर्मकांड – सूफी संत बाहरी आडंबरों में विश्वास नहीं रखते थे।
- जाति व्यवस्था – सूफीवाद जाति के भेदभाव के विरुद्ध था।
- धार्मिक कट्टरता – सूफीवाद उदारवादी और समन्वयवादी था।
7. भारत में सूफीवाद का प्रसार किस शताब्दी में हुआ?
- 9वीं शताब्दी
- 12वीं शताब्दी
- 15वीं शताब्दी
- 18वीं शताब्दी
Explanation:
- 12वीं शताब्दी – भारत में सूफीवाद का प्रसार 12वीं शताब्दी में मुख्य रूप से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के आगमन के साथ हुआ।
- 9वीं शताब्दी – इस समय तक भारत में सूफीवाद नहीं पहुँचा था।
- 15वीं शताब्दी – इस समय तक सूफीवाद पूरी तरह से स्थापित हो चुका था।
- 18वीं शताब्दी – यह सूफीवाद के प्रसार का समय नहीं था।
8. सूफी संतों के गुरु को क्या कहा जाता था?
- मौलवी
- इमाम
- पीर
- मुजाविर
Explanation:
- पीर – सूफी परंपरा में गुरु या आध्यात्मिक मार्गदर्शक को पीर कहा जाता था।
- मौलवी – इस्लामिक विद्वान।
- इमाम – नमाज का नेता।
- मुजाविर – तीर्थ स्थलों के रक्षक।
9. सूफीवाद की किस शाखा ने नृत्य और संगीत को महत्व दिया?
- नक्शबंदी
- कादिरी
- मेवलवी
- सुहरावर्दी
Explanation:
- मेवलवी – मेवलवी सिलसिला में भक्ति में नृत्य (विशेषकर समा) और संगीत को महत्वपूर्ण माना जाता था।
- नक्शबंदी – यह शाखा नृत्य-संगीत का विरोध करती थी।
- कादिरी – इस शाखा में भी नृत्य-संगीत को उतना महत्व नहीं दिया जाता था।
- सुहरावर्दी – यह शाखा भी मेवलवी की तरह नहीं थी।
10. सूफी संत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह कहाँ स्थित है?
- अजमेर
- फतेहपुर सीकरी
- मुल्तान
- दिल्ली
Explanation:
- दिल्ली – हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह दिल्ली में स्थित है।
- अजमेर – ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह अजमेर में है।
- फतेहपुर सीकरी – शेख सलीम चिश्ती की दरगाह यहाँ है।
- मुल्तान – बहाऊद्दीन जकारिया की दरगाह मुल्तान में है।
11. सूफीवाद में ‘फना’ शब्द का क्या अर्थ है?
- समृद्धि
- ज्ञान
- ईश्वर में लीन हो जाना
- प्रार्थना
Explanation:
- ईश्वर में लीन हो जाना – फना का अर्थ है आत्म का विलोपन और ईश्वर में पूर्णत: लीन हो जाना।
- समृद्धि – यह सूफीवाद का लक्ष्य नहीं था।
- ज्ञान – सूफीवाद ज्ञान से अधिक प्रेम पर बल देता था।
- प्रार्थना – प्रार्थना महत्वपूर्ण है लेकिन फना का अर्थ नहीं है।
12. सूफी काव्य की प्रसिद्ध रचना ‘मसनवी’ के रचयिता कौन हैं?
- अमीर खुसरो
- ओमर खय्याम
- जलालुद्दीन रूमी
- हाफिज
Explanation:
- जलालुद्दीन रूमी – मसनवी-ए-मानवी के रचयिता जलालुद्दीन रूमी थे, जो फारस के प्रसिद्ध सूफी कवि थे।
- अमीर खुसरो – भारत के प्रसिद्ध सूफी कवि थे लेकिन मसनवी के रचयिता नहीं।
- ओमर खय्याम – फारसी कवि थे लेकिन मुख्य रूप से रुबाईयों के लिए जाने जाते हैं।
- हाफिज – गजलों के लिए प्रसिद्ध फारसी कवि।
13. सूफीवाद के प्रसार में किस भाषा का महत्वपूर्ण योगदान था?
- संस्कृत
- अरबी
- फारसी
- उर्दू
Explanation:
- फारसी – सूफीवाद के विचारों के प्रसार में फारसी भाषा का महत्वपूर्ण योगदान था।
- संस्कृत – सूफी संतों ने स्थानीय भाषाओं का प्रयोग किया लेकिन फारसी मुख्य थी।
- अरबी – धार्मिक ग्रंथों की भाषा थी लेकिन सामान्य जनता में फारसी अधिक प्रचलित थी।
- उर्दू – सूफीवाद के प्रसार के समय उर्दू का विकास हो रहा था।
14. सूफी संतों ने भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए क्या किया?
- धर्म परिवर्तन को प्रोत्साहित किया
- राजनीतिक गठबंधन बनाए
- धार्मिक सहिष्णुता का प्रचार किया
- युद्ध किए
Explanation:
- धार्मिक सहिष्णुता का प्रचार किया – सूफी संतों ने सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सहिष्णुता का प्रचार कर हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया।
- धर्म परिवर्तन – सूफी संत जबरन धर्म परिवर्तन के विरोधी थे।
- राजनीतिक गठबंधन – सूफी संत राजनीति से दूर रहते थे।
- युद्ध – सूफीवाद अहिंसा और शांति का पाठ पढ़ाता था।
15. सूफीवाद में ‘सिलसिला’ शब्द का क्या अर्थ है?
- प्रार्थना
- दरगाह
- आध्यात्मिक वंशावली
- भक्ति गीत
Explanation:
- आध्यात्मिक वंशावली – सिलसिला का अर्थ है सूफी मार्ग की श्रृंखला या परंपरा जो गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से चलती है।
- प्रार्थना – प्रार्थना को नमाज या दुआ कहा जाता है।
- दरगाह – सूफी संतों की समाधि स्थल।
- भक्ति गीत – भक्ति गीतों को कव्वाली कहा जाता है।
16. किस सूफी संत को ‘महबूब-ए-इलाही’ (ईश्वर का प्रिय) कहा जाता है?
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- बख्तियार काकी
- शेख निजामुद्दीन औलिया
- शेख सलीम चिश्ती
Explanation:
- शेख निजामुद्दीन औलिया – निजामुद्दीन औलिया को ‘महबूब-ए-इलाही’ (ईश्वर का प्रिय) के नाम से जाना जाता था।
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती – उन्हें ‘गरीब नवाज’ कहा जाता था।
- बख्तियार काकी – उन्हें ‘कुतुब-उद-दीन’ कहा जाता था।
- शेख सलीम चिश्ती – अकबर के गुरु थे।
17. सूफीवाद में ‘वहदत-अल-वजूद’ का सिद्धांत किससे संबंधित है?
- ज्ञान प्राप्ति
- सामाजिक समानता
- ईश्वर और सृष्टि की एकता
- भक्ति संगीत
Explanation:
- ईश्वर और सृष्टि की एकता – ‘वहदत-अल-वजूद’ का अर्थ है ‘अस्तित्व की एकता’, यह सिद्धांत ईश्वर और सृष्टि के बीच एकता का दर्शन प्रस्तुत करता है।
- ज्ञान प्राप्ति – यह सिद्धांत ज्ञान से अधिक अनुभव पर आधारित है।
- सामाजिक समानता – यह सूफीवाद का प्रभाव था, सीधा सिद्धांत नहीं।
- भक्ति संगीत – यह साधना का माध्यम था, सिद्धांत नहीं।
18. सूफी संतों द्वारा प्रचलित ‘समा’ क्या है?
- व्रत
- दान
- भक्ति संगीत सभा
- प्रवचन
Explanation:
- भक्ति संगीत सभा – ‘समा’ सूफी परंपरा में ईश्वर की याद में आयोजित की जाने वाली संगीतमय सभा होती थी।
- व्रत – सूफी संत नियमित प्रार्थना करते थे लेकिन विशेष व्रत नहीं।
- दान – देना महत्वपूर्ण था लेकिन समा का अर्थ नहीं है।
- प्रवचन – सूफी संत उपदेश देते थे लेकिन समा विशेष रूप से संगीत सभा के लिए प्रयुक्त होता था।
19. सूफीवाद के प्रसार में किस मुगल बादशाह ने सबसे अधिक योगदान दिया?
- बाबर
- हुमायूँ
- अकबर
- औरंगजेब
Explanation:
- अकबर – अकबर ने सूफीवाद और उनके सिद्धांतों का समर्थन किया, विशेषकर शेख सलीम चिश्ती के माध्यम से।
- बाबर – उसने भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना की लेकिन सूफीवाम के प्रसार में विशेष योगदान नहीं दिया।
- हुमायूँ – उसके शासनकाल में सूफीवाद का प्रसार जारी रहा लेकिन अकबर जितना नहीं।
- औरंगजेब – वह धार्मिक रूप से कट्टर था और सूफीवाद के कुछ aspects का विरोध करता था।
20. सूफी संत अमीर खुसरो किसके शिष्य थे?
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- हजरत निजामुद्दीन औलिया
- शेख सलीम चिश्ती
- बख्तियार काकी
Explanation:
- हजरत निजामुद्दीन औलिया – अमीर खुसरो, निजामुद्दीन औलिया के प्रमुख शिष्यों में से एक थे।
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती – वह चिश्ती सिलसिला के संस्थापक थे, खुसरो उनके समकालीन नहीं थे।
- शेख सलीम चिश्ती – वह अकबर के समय में थे, खुसरो से बहुत बाद में।
- बख्तियार काकी – वह निजामुद्दीन औलिया के गुरु थे।
21. सूफीवाद में ‘मुरीद’ किसे कहा जाता है?
- गुरु
- दरगाह के रक्षक
- शिष्य
- भक्ति गायक
Explanation:
- शिष्य – सूफी परंपरा में गुरु (पीर) के शिष्य को ‘मुरीद’ कहा जाता है।
- गुरु – गुरु को ‘पीर’ या ‘शेख’ कहा जाता है।
- दरगाह के रक्षक – उन्हें ‘मुजाविर’ कहा जाता है।
- भक्ति गायक – उन्हें ‘कव्वाल’ कहा जाता है।
22. किस सूफी सिलसिला ने भारत में सबसे अधिक प्रसार प्राप्त किया?
- कादिरी
- चिश्ती
- सुहरावर्दी
- नक्शबंदी
Explanation:
- चिश्ती – चिश्ती सिलसिला भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय और व्यापक रूप से फैला हुआ सूफी सिलसिला था।
- कादिरी – यह सिलसिला भी प्रसिद्ध था लेकिन चिश्ती जितना नहीं।
- सुहरावर्दी – इस सिलसिला का प्रसार सीमित था।
- नक्शबंदी – यह सिलसिला बाद में आया और कट्टरपंथी दृष्टिकोण रखता था।
23. सूफी संतों की मज़ारों पर क्या बनाया जाता था?
- मंदिर
- मस्जिद
- दरगाह
- गुरुद्वारा
Explanation:
- दरगाह – सूफी संतों के समाधि स्थलों पर दरगाहें बनाई जाती थीं जो तीर्थ स्थल बन गए।
- मंदिर – हिंदू पूजा स्थल।
- मस्जिद – इस्लामिक प्रार्थना स्थल।
- गुरुद्वारा – सिख पूजा स्थल।
24. सूफीवाद ने भारतीय समाज को किस प्रकार प्रभावित किया?
- राजनीतिक एकता स्थापित की
- आर्थिक विकास किया
- सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा दिया
- सैन्य शक्ति बढ़ाई
Explanation:
- सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा दिया – सूफीवाद ने हिंदू और इस्लामिक संस्कृतियों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- राजनीतिक एकता – सूफी संत सीधे तौर पर राजनीति में भाग नहीं लेते थे।
- आर्थिक विकास – सूफीवाद का मुख्य Focus आध्यात्मिकता था, आर्थिक विकास नहीं।
- सैन्य शक्ति – सूफीवाद शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाता था।
25. सूफी संत बाबा फरीद किस सिलसिले से संबंधित थे?
- सुहरावर्दी
- कादिरी
- चिश्ती
- नक्शबंदी
Explanation:
- चिश्ती – बाबा फरीद चिश्ती सिलसिला के प्रमुख सूफी संत थे।
- सुहरावर्दी – यह अलग सूफी सिलसिला था।
- कादिरी – यह भी अलग सूफी सिलसिला था।
- नक्शबंदी – यह सिलसिला बाद में भारत आया।
भक्ति आंदोलन की शुरुआत किसने की मानी जाती है?
- गुरु नानक
- आलवार और नयनार संत
- मीराबाई
- संत कबीर
व्याख्या:
- आलवार (वैष्णव) और नयनार (शैव) संतों ने दक्षिण भारत में 6वीं-9वीं शताब्दी में भक्ति आंदोलन की नींव रखी।
- गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक थे, जो बाद में हुए।
- मीराबाई और कबीर दास भक्ति आंदोलन के बाद के प्रमुख संत थे।
निम्नलिखित में से कौन सा ‘अष्टछाप’ के कवियों से संबंधित है?
- सूरदास
- उपरोक्त सभी
- कुम्भनदास
- परमानंद दास
व्याख्या:
- अष्टछाप वल्लभाचार्य के आठ शिष्यों का समूह था जिन्होंने कृष्ण भक्ति में पद लिखे। इनमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानंद दास, कृष्णदास, नन्ददास, गोविन्दस्वामी, चतुर्भुज दास और चितस्वामी शामिल थे।
किस भक्ति संत को ‘भक्ति आंदोलन का मसीहा’ कहा जाता है?
- रैदास
- तुलसीदास
- शंकरदेव
- नामदेव
व्याख्या:
- शंकरदेव ने असम और पूर्वोत्तर भारत में भक्ति आंदोलन का प्रसार किया और वैष्णव धर्म को लोकप्रिय बनाया, इसलिए उन्हें यह उपाधि दी जाती है।
- तुलसीदास रामभक्ति शाखा के प्रमुख कवि थे।
- नामदेव और रैदास महाराष्ट्र और उत्तर भारत के प्रसिद्ध संत थे।
भक्ति आंदोलन की मुख्य विशेषता क्या नहीं थी?
- जाति-पाति की समानता
- गुरु का महत्व
- कर्मकांडों का पालन
- भक्ति मार्ग पर बल
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन बाह्य आडंबर और कर्मकांडों के विरोध पर आधारित था। यह आंतरिक भक्ति और सीधे ईश्वर से जुड़ने पर केंद्रित था।
- जाति व्यवस्था की आलोचना, गुरु की central role और भक्ति मार्ग इसकी प्रमुख विशेषताएं थीं।
‘दोहावली’ और ‘कवितावली’ के रचनाकार कौन हैं?
- सूरदास
- मीराबाई
- तुलसीदास
- कबीरदास
व्याख्या:
- गोस्वामी तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ के अलावा ‘दोहावली’, ‘कवितावली’, ‘विनय पत्रिका’ जैसे कई अन्य ग्रंथों की रचना की।
- सूरदास की प्रमुख रचना ‘सूरसागर’ है।
- कबीर के ‘दोहे’ और ‘साखी’ प्रसिद्ध हैं।
किस संत ने ‘पुष्टिमार्ग’ की स्थापना की?
- रामानंद
- वल्लभाचार्य
- चैतन्य महाप्रभु
- निम्बार्क
व्याख्या:
- वल्लभाचार्य ने कृष्ण भक्ति के ‘पुष्टिमार्ग’ (विशिष्टाद्वैत) की स्थापना की।
- रामानंद रामानुज के शिष्य थे और रामभक्ति का प्रचार किया।
- चैतन्य महाप्रभु ने अचिंत्य भेदाभेद वाद और संकीर्तन movement शुरू की।
‘संत’ शब्द मुख्यतः किससे संबंधित है?
- शैव मत के अनुयायी
- निर्गुण भक्ति धारा के कवि
- वैष्णव मत के अनुयायी
- सूफी मत के अनुयायी
व्याख्या:
- संत शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से निर्गुण भक्ति धारा (जैसे कबीर, रैदास, दादू दयाल) के कवियों के लिए किया जाता है जो निराकार ईश्वर की उपासना करते थे।
- सगुण भक्ति धारा के कवियों को अक्सर ‘भक्त’ कहा जाता था।
किस भक्ति संत ने ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ कहा?
- नामदेव
- तुलसीदास
- कबीर दास
- गुरु नानक
व्याख्या:
- यह प्रसिद्ध उक्ति संत कबीर दास की है, जो आंतरिक पवित्रता पर जोर देती है।
- इसका अर्थ है कि यदि मन शुद्ध है तो ईश्वर की प्राप्ति कहीं भी हो सकती है, बाहरी तीर्थयात्रा की आवश्यकता नहीं है।
भक्ति आंदोलन का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक प्रभाव क्या था?
- राजनीतिक एकीकरण
- आर्थिक विकास
- सामाजिक समानता की भावना
- विदेशी व्यापार में वृद्धि
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन ने जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव को चुनौती देकर सामाजिक समानता की भावना को बढ़ावा दिया।
- इसने सभी वर्गों के लोगों को एक साथ लाया और एक सामूहिक सांस्कृतिक पहचान बनाने में मदद की।
किसने ‘रामचरितमानस’ की रचना की?
- वेद व्यास
- सूरदास
- तुलसीदास
- वाल्मीकि
व्याख्या:
- गोस्वामी तुलसीदास ने अवधी भाषा में ‘रामचरितमानस’ की रचना की, जो रामभक्ति का महाकाव्य है।
- वाल्मीकि ने संस्कृत में ‘रामायण’ लिखी थी।
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है?
- मीराबाई – मराठी
- चैतन्य – तमिल
- ज्ञानेश्वर – मराठी
- शंकरदेव – पंजाबी
व्याख्या:
- ज्ञानेश्वर (ज्ञानदेव) महाराष्ट्र के संत थे और उन्होंने मराठी में ‘ज्ञानेश्वरी’ (भगवद्गीता की टीका) लिखी।
- मीराबाई राजस्थान/ब्रज क्षेत्र से थीं और उन्होंने ब्रजभाषा में पद लिखे।
- चैतन्य महाप्रभु बंगाल से थे और शंकरदेव असम से।
‘वारी’ परंपरा का संबंध किससे है?
- गुरु नानक
- ज्ञानेश्वर-तुकाराम
- नाथपंथ
- सूफी संत
व्याख्या:
- वारी महाराष्ट्र में विट्ठल (विष्णु) भक्तों की एक तीर्थयात्रा परंपरा है, जो ज्ञानेश्वर के समय से शुरू हुई और तुकाराम जैसे संतों द्वारा इसे आगे बढ़ाया गया।
- यह पंढरपुर की यात्रा है।
किस संत ने ‘एक दोहा’ द्वारा कबीर को शिष्य बनाया?
- वल्लभाचार्य
- निम्बार्क
- रामानंद
- रामानुज
व्याख्या:
- किंवदंती के अनुसार, कबीर ने रामानंद को गुरु बनाना चाहा। एक दिन उन्होंने रामानंद के पैरों के नीचे आकर पड़ने का रास्ता बनाया। रामानंद के मुख से निकला ‘राम-राम’ शब्द कबीर को दीक्षा मंत्र बन गया।
भक्ति आंदोलन का प्रसार किस काल में हुआ?
- वैदिक काल
- मौर्य काल
- मध्यकालीन भारत (7वीं से 17वीं शताब्दी)
- आधुनिक काल
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन का उदय और प्रसार मध्यकालीन भारत (लगभग 7वीं से 17वीं शताब्दी) में हुआ।
- यह दक्षिण भारत में आलवार-नयनार संतों से शुरू हुआ और बाद में उत्तर भारत तक फैला।
किस भाषा को ‘भक्ति आंदोलन की भाषा’ कहा जा सकता है?
- संस्कृत
- फारसी
- अवधी/ब्रजभाषा
- पालि
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन ने जनभाषाओं को बढ़ावा दिया। उत्तर भारत में अवधी (तुलसीदास), ब्रजभाषा (सूरदास, मीरा) और अन्य क्षेत्रीय भाषाएं साहित्य की मुख्य भाषा बनीं, संस्कृत नहीं।
निम्नलिखित में से कौन सगुण भक्ति धारा का कवि नहीं था?
- तुलसीदास
- मीराबाई
- सूरदास
- दादू दयाल
व्याख्या:
- दादू दयाल निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख संत थे, जो निराकार ईश्वर की उपासना करते थे।
- तुलसीदास (राम), मीराबाई (कृष्ण), और सूरदास (कृष्ण) सगुण भक्ति धारा के कवि थे, जो साकार ईश्वर की उपासना करते थे।
‘अद्वैत वेदांत’ का सिद्धांत किसने भक्ति आंदोलन से जोड़ा?
- माधवाचार्य
- रामानुज
- शंकराचार्य
- वल्लभाचार्य
व्याख्या:
- हालाँकि शंकराचार्य (8वीं-9वीं शताब्दी) का अद्वैत दर्शन ज्ञानमार्ग पर केंद्रित था, बाद के भक्ति आचार्यों ने इसके तत्वों को भक्ति के साथ जोड़ा।
- रामानुज (विशिष्टाद्वैत), माधव (द्वैत), और वल्लभ (शुद्धाद्वैत) ने भक्ति-केंद्रित दर्शन दिए।
किस संत ने ‘वणी’ (वाणी) लिखी?
- संत एकनाथ
- संत तुकाराम
- संत ज्ञानेश्वर
- संत नामदेव
व्याख्या:
- संत तुकाराम महाराष्ट्र के अभंग कवि थे। उनकी रचनाओं को ‘तुकाराम की वाणी’ या ‘गाथा’ कहा जाता है।
- उन्होंने विट्ठल भक्ति में हज़ारों अभंग लिखे।
भक्ति आंदोलन के प्रसार में किसका योगदान था?
- केवल ब्राह्मण
- केवल निम्न जातियाँ
- विभिन्न जाति और पृष्ठभूमि के संत
- केवल राजा-महाराजा
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत इसकी समावेशिता थी। इसमें विभिन्न जातियों (रामानंद-ब्राह्मण, कबीर-जुलाहे, रैदास-चमार, तुकाराम-शूद्र) और लिंग (मीराबाई, अंडाल, अक्क महादेवी) के संतों ने योगदान दिया।
‘कीर्तन’ परंपरा को सबसे अधिक किसने लोकप्रिय बनाया?
- तुलसीदास
- सूरदास
- चैतन्य महाप्रभु
- नामदेव
व्याख्या:
- चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल और उड़ीसा में संकीर्तन (सामूहिक भजन-गायन और नृत्य) की परंपरा को अपार लोकप्रियता दी।
- यह कृष्ण भक्ति का एक सामूहिक और उल्लासपूर्ण रूप था।
निम्नलिखित में से कौन सा ग्रंथ तुलसीदास द्वारा रचित नहीं है?
- विनय पत्रिका
- कवितावली
- सूरसागर
- गीतावली
व्याख्या:
- सूरसागर की रचना सूरदास ने की थी, जो कृष्ण भक्ति पर आधारित है।
- विनय पत्रिका, कवितावली, और गीतावली तुलसीदास द्वारा रचित राम भक्ति से संबंधित ग्रंथ हैं।
भक्ति आंदोलन ने किसके प्रसार में बाधा डाली?
- बौद्ध धर्म
- इस्लामी कट्टरपंथ
- जैन धर्म
- सिक्ख धर्म
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन ने हिंदू धर्म को पुनर्जीवित करके और लोगों की धार्मिक भावनाओं को एक नया रूप देकर इस्लामी कट्टरपंथ के प्रसार को रोकने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद की।
- इसने सूफीवाद के साथ सहयोग भी किया।
किस संत ने ‘बेईज की बानी’ लिखी?
- संत पीपा
- संत धन्ना
- संत सेना
- संत रैदास
व्याख्या:
- संत सेना (या सेन नाई) निर्गुण संत परंपरा के संत थे। उन्हें नाई जाति का माना जाता है। उनकी वाणी ‘बेईज की बानी’ के नाम से जानी जाती है।
- वे रामानंद के शिष्यों में से एक थे।
भक्ति आंदोलन का साहित्य पर क्या प्रभाव पड़ा?
- संस्कृत साहित्य का विकास
- फारसी साहित्य का पतन
- क्षेत्रीय भाषाओं का विकास
- अंग्रेजी साहित्य का उदय
व्याख्या:
- भक्ति आंदोलन का सबसे बड़ा साहित्यिक योगदान विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं (जैसे हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु आदि) के साहित्यिक विकास को गति देना था।
- संत कवियों ने जनसामान्य की भाषा में रचना करके साहित्य को सर्वसुलभ बनाया।
