Updated on 18/04/26 by Mananjay MahatoShare on WhatsApp
संशोधन | Amendment | संशोधन
  • 131वां संशोधन विधेयक: लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करता है ।
  • 1वाँ संशोधन (1951):  9वीं अनुसूची जोड़ी गई ताकि भूमि सुधार कानूनों को न्यायिक समीक्षा से बचाया जा सके।
    • भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर “उचित प्रतिबंध” लगाए गए।
  • 7वाँ संशोधन (1956):  भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन।
    • राज्यों के ‘A, B, C, D’ वर्गीकरण को समाप्त कर 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए।
  • 10वाँ संशोधन (1961): दादरा और नगर हवेली को भारत संघ में शामिल किया गया।
  • 12वाँ संशोधन (1962): गोवा, दमन और दीव को भारत संघ में शामिल किया गया।
  • 21वाँ संशोधन (1967): सिंधी भाषा को 8वीं अनुसूची में 15वीं भाषा के रूप में जोड़ा गया।
  • 24वाँ संशोधन (1971): संसद को मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति दी गई।
  • 36वाँ संशोधन (1975): सिक्किम को भारतीय संघ का पूर्ण राज्य बनाया गया।
  • 42वाँ संशोधन (1976): इसे “लघु संविधान” (Mini Constitution) कहा जाता है।
    • प्रस्तावना में तीन शब्द जोड़े गए: समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और अखंडता।
    • मौलिक कर्तव्य (भाग IV-A, अनुच्छेद 51A) जोड़े गए।
    • राष्ट्रपति को कैबिनेट की सलाह मानने के लिए बाध्य किया गया।
  • 44वाँ संशोधन (1978): 42वें संशोधन के कई विवादित बदलावों को पलटा गया।
    • संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार (अनुच्छेद 300A) बनाया गया।
    • ‘आंतरिक अशांति’ शब्द को ‘सशस्त्र विद्रोह’ से बदला गया।
  • 52वाँ संशोधन (1985): दलबदल विरोधी कानून। 10वीं अनुसूची जोड़ी गई।
  • 61वाँ संशोधन (1989): मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई।
  • 73वाँ संशोधन (1992): पंचायती राज संस्थानों को संवैधानिक दर्जा (11वीं अनुसूची)।
  • 74वाँ संशोधन (1992): नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा (12वीं अनुसूची)।
  • 86वाँ संशोधन (2002): शिक्षा का अधिकार। अनुच्छेद 21A जोड़ा गया (6-14 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा)।
  • 92वाँ संशोधन (2003): 8वीं अनुसूची में 4 भाषाएँ जोड़ी गईं: बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली (BDMS)।
  • 101वाँ संशोधन (2016): GST (वस्तु एवं सेवा कर) लागू किया गया।
  • 102वाँ संशोधन (2018): राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा।
  • 103वाँ संशोधन (2019): आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10% आरक्षण।
  • 104वाँ संशोधन (2020): लोकसभा/विधानसभाओं में SC/ST सीटों का आरक्षण 10 साल बढ़ाया गया, लेकिन एंग्लो-इंडियन कोटा समाप्त कर दिया गया।
  • 106वाँ संशोधन (2023): नारी शक्ति वंदन अधिनियम।
    • लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण।
Indian Constitution Amendments | संविधान संशोधनों की सूची |