हाम जियब कइसे कहनि में उगरवाद के समसइया के की समाधान बतवल गेल हइ?
उगरवादी सब सरेंडर करेक
उगरवादी के माइर के सिरावेक
उगरवादी के ई छेतर से भगावेक
कोई समाधान नायं
महेसर के भतीजा रघु के बहु (पत्नी) की नाम हलइ ? हाम जियब कइसे कहनि के आधारें बतावा-
पानेसरी
फुलेसरी
तिलेसरी
महेसरी
बड़ी देरी में अवघा चीन्ही के रघु कर बहु बाहर बहराल्थी | ई वाइके ‘अउघा’ सबदेक सही माने बतावा
चेहरा
आवाज (बोली भाखा)
पिंधन-ओढ़न
ई सभे
रघुनाथ के बहु महेसर आर पार्वती के कोन देवता-देवी रुपें सवागत करलइ?
बिष्णु-लक्ष्मीक रुपें
ब्रह्मा सरस्वती रुपें
सिव-पार्वाती रुपें
निज (सगा) काका-काकी रुपें
रघु के बहु महेसर के खातिर कोन चीज के खाएक व्यवस्था करो हलइ ?
बकरा
मुर्गी
दारू
साग-सब्जी
रघु कोन गाँव ले आए के मुरपा गाँवे माडल हलइ?
महेसर के गाँव ले
महेसर के गांव पड़ोस के गांव ले
महेसर के मामा के गांव ले
कोई दोस्सर गाँव ले नायं आइल हलइ
प्रायः दुइयो के बीच में टकराव होते रहो हलन । हाम जियब कइसे कहनि के लेताइरें सही बात छांटा
उगरवादी आर पुलिस के
गाँवइया आर पुलिस
उगरवादी आर गाँवइया के
ई सभे के
महेसर आर रघु हेंठ टोला की करे गेल हला?
गाँव भुले
चुनिया से भेंट करे
दारू पिये
एम. सी. सी. के हाल लिए
चुनिया के पति के की नाम हलइ ?
डमरू
झबरू
मंगरू
महेसर
महेसर के कइसन रिश्तेदार हलइ रगुनाथ ?
गोतिया घरेक भतीजा
फूफा घरेक भतीजा
मामा घरेक भतीजा
गांवेक घरेक रिसताइ भतीजा
चुनिया के गुजारा कइसे हवो हइ । हाम जियब कइसे कहनि के लेतारें बतावा-
दारु बेंच के
पतइ-दंतुन बेइच के
छगरी-पठरु बेइच के
ई सभे
महेसर के देख के गांवेक लोग की ले घर समाई के दरवाजा बंद कर देला?
पुलिस के डर से
उगरवादी डर से
बोनेक सिपाही के डर से
चोर के डर से
हाम जियब कइसे कहनि में ककर पति मारल गेल हइ ?
पार्वती के
चुनिया के
भदुरवा मायं के
केकरो नायं
कोन कहनि के जइर भाव उग्रवाद हकइ ?
जिनगीक ड़ोआनी
बिनेक लोर
हॉम जियब कइसे
हुब
गांवेक आखारायं कोन कोन काम हवो हलइ ? नावा छोट जिमीदार कहनि के आधारें बतावा
गांवेक पंचायइती
करम परब / सोहराई परब
फुरसइतेक बेरा लोकेक बइठकिक रुपे
सभे
आखारायं कइसन- कइसन चरचा हवो हलइ ?
देस – दुनियाँ के समाचार के
सामाजेक पसरल भ्रष्टाचार के
राज तंत्र, प्रजा तंत्र के शासन ब्यवस्था के
ई सभे के
अंग्रेज सरकार के सरकारी कामें मदद करवइया गांवेक लोक के की पदवी रहो हलइ ?
चउधरी
गंझू
महतो / ओहदार
ई सभे
टैक्स माने फ़ीस बिना चुकावल तोर काम केतनों ज़रूरी हउ नायं हतउ । चाहें तोर मरन -जियन के काम हउ की आर कोन्हो दोसर । ई पंक्ति कोन कहनि से पंइचल गेल हइ –
उबार
हुब
नावा छोट जिमीदार
छाँहइर
बफादार, चउकीदार, गोड़ाइत से काम करवे ले खुश नामा की रहो हलइ ?
a.पइसा- कोउड़ी
b.सर-सब्जी
c.कपड़ा-लता
d.एक गिलास दारु
सही उत्तर के बतावा
a आर b
a आर c
b आर c
a आर d
दस-पांच रूपइया सलामी के बदले जमींदार सब रैयत के कइसन जमीन बन्दोबस्त कर दे हलथिन ?
गैर- मजुरवा
बकास्त
जिरात
ई सभे
नावा छोट जिमीदार कहनि में कहनि कहवइया बुढा के की नाम हइ ?
गंगाराम
सहदेव चौधरी
जगरनाथ चौधरी
गंगला आजा
नावा छोट जिमीदार कहनि थानाक दारोगा के की नाम हलइ ?
बलराम सिंह
सहदेव चौधरी
जगरनाथ चौधरी
जगरनाथ सिंह
थानाक दरोगा बलराम सिंह कइसन दरोगा हल? सही उत्तर के छांटा –
a.दबंग
b.गरीब- गुरबा के मददगार
c.सीधा-साधा
d.घुसखोर
a आर b
a आर d
b आर c
a आर c
भ्रष्टाचार, कुशासन कोन कहनि के जइर भाव हकइ?
छाँहइर
हाम जियब कइसे
उबार
नांवा जिमीदार
बलराम सिंह के बेटा-पुतो कइसे मरल हलथि ?
बिमारी से
दुरघटना से
उगरवादी मारले हलथि
आत्महत्या करले हलइ
पहिले एखन के शासन ब्यवस्था के तुलनायं हेंठे देल सही जोड़ी के छांटा –
राजा = मंतरी
बोड़ जिमीदार = डीसी
छोट जिमीदार = एसडीओ
पेटी जिमीदार = सीओ करमचारी
सही उत्तर छांटा –
a आर b
b आर c
b आर d
a, b, c, आर d
पहिले एखन के शासन ब्यवस्था के तुलनायं हेंठे देल सही जोड़ी के छांटा –
राजा = डीसी
बोड़ जिमीदार = डीसी
छोट जिमीदार = मंतरी
पेटी जिमीदार = एसडीओ
पहिले एखन के शासन ब्यवस्था के तुलनायं हेंठे देल सही जोड़ी के छांटा –
राजा = मंतरी
बोड़ जिमीदार = सीओ करमचारी
छोट जिमीदार = डीसी
पेटी जिमीदार = एसडीओ
पहिले एखन के शासन ब्यवस्था के तुलनायं हेंठे देल गलत जोड़ी के छांटा –
राजा = मंतरी
बोड़ जिमीदार = डीसी
छोट जिमीदार = एसडीओ
पेटी जिमीदार = मंतरी
पढ़ेक ऊपर ओकर सुरुवे से साध हलइ सेले कोन्हो रकम कॉलेजों में नामों लिखाई लेलइ । ई कोन कहनि से लेल गेल हइ
उबार
ओद दीदा
छाँहइर
हुब
जाइत से कोई छोट-बोड़ नायं हवे सबले परधान करम हइ । ई बात के केकर से कहले हइ
गुनेसर बाबु दामोदर से
दामोदर गुनेसर से
गुनेसर बाबु आपन पत्नी से
गुनेसर बाबु आपन मने मन
जाइत से कोई छोट-बोड़ नायं हवे सबले प्रधान कर्म हइ । ई बात कोन कहनि से लेल गेल हइ
ओदा दीदा
जिनगीक ड़ो आनी
हुब
उबार
गंगा सागर ले तिरिथ कइर के घुरेक बेरा गुनेसर बाबुक के बीमार पडल हलइ?
मायं
बहु / पत्नी
बेटा
पुतो
“दुःख-सुख आदमीक जिनगी में बराबर लगले रहो हइ कखनो दुःख तो कखनो सुख दुःख में जे आदमी काम आवे ओकर ले बड़ कोई नायं ।” ई बात कोन केकरा से कहो हइ –
दामोदर गुनेसर बाबु से
गुनेसर बाबू दामोदर से
दामोदर के मायं दामोदर से
कहनिक लेखक के कथन
“दुःख-सुख आदमीक जिनगी में बराबइर लगले रहो हइ कखनो दुःख तो कखनो सुख दुःख में जे आदमी काम आवे ओकर ले बड़ कोई नायं ।” ई पंक्ति कोन कहनि से लेल गेल हइ
ओद दीदा
हुब
उबार
जिनगीक ड़ोआनी
दामोदर हजारीबागें जे काम करो हइ तकर लेताइरें गलत बात छांटा –
कॉलेज में पढ़ो हइ
राइत के रिक्सा चलावो हइ
ट्यूशन पढ़ावो ह
नशा-पान करो हइ
दामोदर हजारीबाग जाइके की काम करो हइ?
कॉलेज में पढ़ो हइ
राइत के रिक्सा चलावो हइ
ट्यूशन पढ़ावो हइ
सभे
हुब कहनि के लेताइरें कोन बात सच नायं हइ ।
दामोदर गुनेसर बाबु से बदला लेवो हइ ।
दामोदर गुनेसर बाबु के पूरा सम्मान दे हइ
गुनेसर बाबू दामोदर पर करल बेबहार से अफसोस करो हइ
गुनेसर बाबु दामोदर के बेबहार से तारीफ़ करो हइ
हुब कहनि के लेताइरें कोन बात सच नायं हइ?
मेहनइत के फल मीठा हवो हइ
दृढ निश्चय के आगू सब खोंचा फेल
विरोधी के उंच पिंडा/आसन
पढाई-लिखाई गरीब के बस के बात नायं हइ
हुब कहनि के लेताइरें कोन बात सच हइ ?
मेहनइत के फल मीठा हवो हइ
दृढ निश्चय के आगू सब खोंचा फेल
विरोधी के उंच पिंडा/ आसन
सभे
“असल भुइंया हें तो हाड़ कुइट के कमाव- धमाव आर अजवाइर दिनें मछली खोखरा मार ।” इ बात कोन कहनि से पंइचल गेल हइ
उबार
ओद दीदा
हुब
जिनगीक ड़ोआनी
‘हुब’ कहनि के नायक के की नाम हइ ?
दामोदर
गुनेसर बाबु
महेसर
बिरु
विरोधी के उंच आसन दिएक चाही। ई बात कोन कहनि के जइर भाव हकइ-
उबार
हुब
जिनगीक ड़ोआनी
छाँहइर
‘हुब’ शीर्षक के सही माने छांटा
उत्साह
उमंग
ताकत जांगर
ई सभे
चानो वालिक बेटाक की नाम हलइ ?
निर्मल
कोल्हा
सुकर
मंगरा
चानो वाली मामा के कोन बात पर ठेस लगल हलइ? जखन ओकर से जाइत पाइतेक भेद-भाव करो हलथिन
छोट- बड़ के भेद-भाव करो हलथिन
कोनो मांगले नायं मिलो हलइ तखन
कोनो कटु/तित बात कहो हलथि तखन
सही उत्तर छांटा
c आर d
b आर c
b आर d
a आर b
ओद दीदा कहनि में कोन रस प्रधान भइ गेल हइ?
वात्सल्य रस
शांत रस
करुण रस
भक्ति रस
ओद दीदा कइसन कहनि हकइ ?
दुखांत
सुखांत
दुखांत-सुखांत दुइओ
एकर में कोई नायं
आपन छातिक दूध दोसर छउवाक नावें दान कइर देल रहे तखन कहाँ छोट जाइत के बात उठल रहे एक लोह काठी दे के ओकर उपगार से मुक्ति मिले पारे ? ई कोन कहनि से लेल गेल हइ
उबार
हुब
जिनगीक ड़ोआनी
ओद दीदा
जखन कोन्हो आदमी के काम लियेक रहो हे तखन लउ आर अपनउतिक नाता गोता हइ जा हइ ….. मुदा बतर सिरे परीछा हो जा हइ । ई डंडील कोन कहनि से लेल गेल हइ
उबार
हुब
जिनगीक ड़ोआनी
ओद दीदा
चानो वाली के बेटी के की नाम हलइ ?
हेमियाँ
सुमियाँ
रेशमी
परबतिया
चानो वाली लेखक के गांवे घरें की की मदइत करो हलि? घर-दूरा निपन-बाढन
सादी बिआह के कामें उसास करो हलइ
बिदाई बेरा कनयाई संगे लोगदीन बनो हलइ
सवासिन के सोसराइर पहुंचावो हलइ
सही उत्तर छांटा –
a आर b
a आर d
b आर c
सभे सही ह
चानो वाली के गिदर सब कोन रिश्ते मानो हलथिन?
मामा (दादी)
मौसी
नानी
फूफू
चानो वाली कोन दूधकटु गिदर के दूध पियाइ के पोसल हलइ ?
निर्मल महतो
सुकर महतो
रेसमी
केकरो नायं
चानो वाली के नाम के बारे गलत बात छांटा
चानो गांव के रहो हइ
ओकर असली नाम के पता नायं हलइ
चानो कर असली नाम हलइ
चानो कर असली नाम नायं हलइ
लेखक के कोन बात के मने बेथा हइ ?
चानो वाली के दान के प्रतिदान नायं दिये पारलइ
चानो वाली के उचित मान नायं दिये पारलइ
जाइत के नामें केकरो छोट बुझेक टा बेस नाय
ई सभे
‘ओद दीदा’ के शीर्षक के गलत माने बतावा
लोरें भींजल आइंख
लोरें भरल आइंख
नरम आइंख
भींगी पलकें
‘ओद दीदा’ ई कोन ढ़ंग के कहनि हकइ ।
संस्मरनात्मक
ब्यंगात्मक
उपदेशात्मक
एकर में कोई नायं
करल उपकार के कृतग्य हवेक चाही । ई कोन कहनि के जइर भाव हकइ –
उबार
ओद दीदा
जिनगीक ड़ोआनी
हुब
भइया भउजी से बतआइ तखन मखमली बोली आर । हुंवे जंगली से बतआइ तखन मिरचाई बोली । ई डंडील कोन कहनि से पंइचल गेल हइ-
उबार
ओद दीदा
जिनगीक ड़ोआनी
हुब
भइया भउजी से बतआइ तखन मखमली बोली आर हुंवे जंगली से बतआइ तखन मिरचाई बोली । ई बात के केकर से कहो ह
जंगली मने मन बोलो हइ
जंगली मायं से कहो हइ
जंगली आपन दोस्त से कहो हइ
कहानी लेखक के नरेशन हकइ
पइसा – कोड़ी के दुनियाँ लागइ एगो हाम ही जे पास करला बादो नउकरी खातिर भटकल भूलो ही । ई बात के केकर से कहो हइ –
जंगली आपन दोस्त से
जंगली आपन मायं से
जंगली आपन भाई से
जंगली आपन मने मन सोंचो हइ
जंगली के बेरोजगार रहल पर सेबले बेसी फिकिर के करो हलइ ?
जंगली के भाई
जंगली के भउजाई
जंगली के बाप
जंगली के मायं
‘छूछा के कोई नायं पूछा’ ई पटतइर कोन कहनि परलागू हो हइ
हुब
उबार
जिनगीक ड्रोआनी
ओद दीदा
‘दूध के माछी हवेक’ आहना के सही माने बतावा
बेकार जीनिस
उपेक्षित जीनिस
अनोपेक्षित जीनिस
ई सभे
बेरोजगार जंगली भाई-भउजाई के नजरें दूध के माछी हो गेल । ई वाईके ‘दूध के माछी’ की हकइ ?
जंगलीक पढ़ावे खातिर ओकर मायं की करले हलइ । सही उत्तर छांटा –
हंसली बेचले हल
दू-भइर सोना के सिकरी बेचलइ हलइ
हंसली आर सोनाक सिकरी बेचलइ हलइ
हंसली आर सोनाक सिकरी बांधा धरले हलइ
मायो- बाप कमासु बेटा के कते दुलार करो हथि सगरे ओकर माइन। हमर ठीन की हड़, अब तो पेंसन भोगइयो भे गलि । ई बात के केकरा से कहो हड़-
जंगली आपन माय से
जंगली आपन मने-मन
जंगली आपन भउजाई से
जंगली एगो गाँव के लोक से
मायो- बाप कमासु बेटा के कते दुलार करो हथि सगरे ओकर माइन। हमर ठीन की हड़, अब तो पेंसन भोगियो भे गेलि। ई बात कोन कहनि से लेल गेल हड़
उबार
हुब
जिनगीक डोआंनी
नावा छोट जिमीदार
जिनगीक ड़ोआंनी कहनि के नायक के की नाम हइ ?
जंगली
अशोक
महेस
दिनेस
‘ बेरोजगारी’ कोन कहनि के जइर भाव हकइ?
उबार
जिनगीक ड़ोआनी
हुब
ओद दीदा
‘जिनगीक ड़ोआंनी ‘ शीर्षक कर सही माने छांटा
a.जिनगीक कांदना
b.जिनगीक भटकाव
c.जिनगीक खुशहाली
d.जिनगीक भेउ
सही उत्तर के बतावा
a आर c
c आर d
a आर b
a आर d
उबार कहनि में ‘उबार’ सबदेक सही माने छांटा
तारेक
कल्यान करेक
संकट ले बाहर करेक
ई सभे
झबरू केतना रूपइया में बिहारी के नाम कॉलेजें लिखाई देल हलइ ?
200
300
400
500
झबरू केतना में घरबारी बेचलइ हलइ ?
200
300
400
500
झबरू दू-सौ रूपइया नगद कहाँ से पइल ?
उधार लेलइ
खेत बेचलइ
घरबारी बेचलइ
कमाई के घरे रखले हलड़
झबरू के पंचायत में की ले गेल हलइ ? सही बात छांटा
महेस बाबुक गेहूं खेत चराई देल हलड़
गनेस बाबु के गेंहूँ खेत चाराइ देल हल
बिरु के खेत चराई देल हलइ
बुधन के खेत चराई देल हलइ
हमरीन जाइन रहली की तोर छौंडा साइंस में बेसी घियान लागवो हइ । मुदा साइंस आगू जाइ के आर सकत हो जा हइ …… टूट पुंजिया खातिर साइंस नखें। ई बात के के केकरा से कहो हड़ –
गनेस बाबु, झबरू से
महेस बाबु, झबरू से
बुधन, झबरू से
गनेस, झबरूक मायं से
पुलिस निसपिटर बनेक आशीर्वाद बिहारी के के दले हलइ?
गनेस बाबु,
बिहारीक मायं
झवरू मायं
पंडित जी
बिहारी के कइगो बहिन हलथि
1
2
3
4
बिहारी के कइगो बहिन हलथि आर की की नाम हलइ? सही उत्तर छांटा –
दूगो
पार्वती
सुमिया
ई सभे
का सहर? का गाँव ? आइझ इरसा, दोस, कलहा, कुविचार तनी बेसी बाइट गेलक इंसानी जिंदगी देइब रहल हई। ई डंडील कोन कहनि से लेल गेल हइ-
जिनगीक ड्रोआनी
हुब
उबार
केकरो से नायं
ई धंधा रहलें तोयं भीखमंगा होइ जइबे गोइठा में घीव सुखवउले की हतउ आरो पढ़लइ खपरा सुइख जइतउ । ई बात के के केकरा से कहले हइ
महेस बाबु, झबरू से
गणेश बाबू, झबरू से
महेस बाबू, झबरु के मायं से
गनेस बाबु बिहारी से
ई धंधा रहलें तोयं भीखमंगा होइ जइबे गोइठा में बीव सुखवउले की हतउ आरो पढ़लइ खपरा बिक जइतङ । ई डंडी कोन कहनि ले पंड़चल गेल हड़
हुब
उबार
जिनगीक डोआनी
हाम जीयब कइसे
कोरसिस करवइया के कयो हार ना हवे। ई बात कोन कहनि के जहर भाव हकद?