Khortha
संस्मरन साहितेक बिकासे कोन पत्रिकाक सबले बेसी जोगदान हइ ?
- लुआठी
- इंजोर
- तितकी
- इ सभे
Explanation:
खोरठाक सबसे पहिल ‘संस्मकरण’ रचना लागे-
- बोरवा अड्डाक अखय बोर
- उजड़ल खोंद्या
- हामर छोट बेरा
- सरल – सहज संतोष बाबू
Explanation:
एकर में संस्मरण रचना कोन टा लागे-
- बोरवा अड्डाक अखय बोर
- उइउड़ गेलइ फुलवा रइह गेलक बास
- बड़का बुजरूक बिरसा + उइउड़ गेलइ फुलवा रइह गेलक बास
- बोरवा अड्डाक अखय बोर + उइउड़ गेलइ फुलवा रइह गेलक बास
Explanation:
एकर में कोन टा ‘संस्मरण’ रचना नाञ लागे ?
- बोरवा अड्डाक अखय बोर
- उइउड़ गेलक फुलवा रइह गेलक बास
- सँकरी नदिक कछार
- उजड़ल खोंधा
Explanation:
शांतिभारत के जनम तारीख बतावा ?
- 06 अप्रैल 1965
- 08 अप्रैल 1980
- 07 अप्रैल 1965
- 10 अप्रैल 1960
Explanation:
शांति भारत के माय-बापेक नाम की हकई ?
- रतनी देवी आर कुंजू महतो
- दुखनी देवी आर शालिग्राम महतो
- रूपा देवी आर अर्जुन पानुरी
- रतनी देवी आर रघुनाथ महतो
Explanation:
‘शांति भारत’ के साहित लिखेक नावाँ हुइब ककर संपरके आइके जागलइन ?
- शिवनाथ प्रमाणिक
- डॉ० ए० के० झा
- श्री निवास पानुरी
- डॉ० बी० एन० ओहदार
Explanation:
‘शांति भारत’, शिवनाथ प्रमाणिक आर बंशीलाल बंशी के खोरठा जगत कोन नाम से जानों हे ?
- खोरठाक त्रिमूर्ति
- खोरठाक रखवाला
- खोरठाक देवता
- ई तीनों
Explanation:
श्री निवास पानुरी कोन-कोन खोरठा पत्रिकाक संपादन – परकासन करल ?
- ‘सहिया’ आर ‘इंजोर’
- ‘तितकी’ आर ‘सहिया’
- ‘तितकी’ आर ‘लुआठी ‘
- ‘खोरठा’ आर मातृभाषा
Explanation:
श्री निवास पानुरी के जनम दिन के खोरठा समाज कोन दिवस रूपे मनवो हइ ?
- खोरठा दिवस
- पानुरी दिवस
- साहितकार दिवस
- झारखंड दिवस
Explanation:
पानुरी जंयती शताब्दी समारोह हाले कहाँ मनवल गेल ह ?
- 07 अक्टूबर, 2020 राँची प्रेस क्लब में
- 25 दिसम्बर, 2020 राँची प्रेस क्लब में
- 07 दिसम्बर, 2021 हजारीबाग प्रेस क्लब
- 8 जनवरी 2022 हजारीबाग प्रेस क्लब
Explanation:
पानुरी जंयती शताब्दी समारोह में कोन कोन खोरठा साहितकार के ‘श्री निवास पानुरी स्मृति साहित्य सम्मान से सम्मानित करल गेलइ ?
- शिवनाथ प्रमाणिक आर पंचम महतो
- पंचम महतो आर निरंजन महतो
- दिनेश दिनमणि आर डॉ० बी० एन० ओहदार
- गिरिधारी गोस्वामी आर काजल कुमार दास
Explanation:
बोरवा अड्डाक अखय बोर के लेखक शांति भारत कहाँक रहवइया लागथ ?
- चौफाद गाँव, बोकारो
- बाराडीह गाँव, बोकारो
- बारू गाँव, बोकारो
- चेटर, रामगढ़
Explanation:
बोरवाअड्डाक अखय बोर किनखर लिखल संस्मरण लागइ ?
- शांति भारत
- पंचम महतो
- गोविंद झा
- डॉ० ए० के झा महतो जंगली
Explanation:
संस्मरण साहित के अइन नाम लागइ-
- जातरा विरतांत
- मनपरवा
- कहानी
- शब्द चित्र
Explanation:
संस्मरण साहित विधा के खोरठाक साहितेक ठांव बतवा
- नावा विधा
- पुराना विधा
- कोन्हों नाञ
- तितकी
Explanation:
सबले पहिले संसमरन कोन किताब में इंजराइल हलइ ?
- खोरठा गइद-पइद संगरह
- तितकी
- खोरठा
- तितकी + खोरठा दोनों
Explanation:
बोरवा अड्डाक ‘अखय बोर’ कोन साहितकारेक इयाद में लिखल संसमरन हकइ ?
- श्रीनिवास पानुरी
- शांति भारत
- पंचम महतो
- शिवनाथ प्रमाणिक
Explanation:
बोरवा अड्डाक अखय बोर कोन विधाक रचना हके ?
- संस्मरन
- शब्द चित्र
- जीवनी
- यात्रा-वृत्तान्त
Explanation:
शांतिभारत के पानुरीजीक बारे सबसे पहिले कहाँ से पता चलल हलइन ?
- तितकी
- लुआठी
- ए. के. झा.
- तितकी + ए. के. झा.
Explanation:
श्री निवास पानुरी के कोन महान विद्वान संगे चिठी पतरी हवो हलइ ?
- राहुल सांस्कृत्यायन से
- रामधारी सिंह दिनकर
- रविन्द्र नाथ टैगोर
- राम विलास शर्मा
Explanation:
बोरवा अड्डाक अखय बोर किनखर से भेंट वार्ता के बरनन करल गेल हइ ?
- श्री निवास पानुरी
- राहुल सांकृत्यायन
- ए० के झा
- राम विलास शर्मा
Explanation:
बोरवा अड्डाक यात्रा पानुरी जी से भेंट करे ले कोन नांञ गेल रहो हय ?
- गोविंद महतो जंगली
- शांति भारत
- शिवनाथ प्रमाणिक
- वंशीलाल ‘वंशी’
Explanation:
शांतिभारत पहिल बेइर बोरवा अड्डा कहिया गेल रहथ ?
- 1985 दिसम्बर
- 1986 दिसम्बर
- 1984 जनवरी
- 1987 फरवरी
Explanation:
लेखक शांतिभारत केकर संग बोरवा अड्डा गेल रहथ
- गजाधर महतो + बंशीलाल ‘बंशी’
- शिवनाथ प्रमाणिक + गजाधर महतो
- बंशीलाल ‘बंशी’
- शिवनाथ प्रमाणिक + बंशीलाल ‘बंशी’
Explanation:
खोरठा शिष्ट साहित्य के जनक ककरा कहल जा हे ?
- श्री निवास पानुरी
- बंशीलाल ‘बंशी’
- शिवनाथ प्रमाणिक
- ए. के. झा
Explanation:
‘बोरवा अड्डा’ एक ठांव हके, इ कहा हइ ?
- धनबाद
- बोकारो
- देवघर
- गढ़वा
Explanation:
बोरवा अड्डा शांति भारत की ले गेल रहथ ?
- रूसल पुटुस कर पांडुलिपि लइके
- शादी में
- पानुरी जीक मोरल पहर
- पानुरी जीक घरे सादी में
Explanation:
पानुरी जीक सिराइल तारीख हे ?
- 07 अक्टूबर 1986
- 09 सितम्बर 1984
- 06 नवम्बर 1984
- 07 सितम्बर 1985
Explanation:
बोरवा अड्डाक यात्रा शांति भारत पानुरी जी से मिले ले कोन बछर गेल रहो हथ ?
- 1985 दिसम्बर
- 1982 जनवरी
- 1963 दिसम्बर
- 1986 अक्टूबर
Explanation:
खोरठा संस्मरण साहित सबले पहिले कहिया छपलइ ?
- 1989
- 1986
- 1983
- 1963
Explanation:
‘हमराँ बुझाइल जइसें तीस बछरेक खोरठाक अतीत आइझ मानुस रूपें हामनिक नजीकें परगट भेल हड़ ।’ ई टा केकर लेल कहल गेल हइ ?
- श्री निवास पानुरी
- डॉ० ए० के झा
- बंशी लाल बंशी
- पंचम महतो
Explanation:
” आइज नाय तो काइल माने हतो गोड़ेक काँटा दाँते धइर टाने हतो ? ककर कथन लागे ?
- श्रीनिवास पानुरी
- चितरंजन महतो चित्रा
- डॉ० विनोद कुमार
- डॉ० बी० एन० ओहदार
Explanation:
“हा राम ! दिये नाय पारल्हे दू बूंद पानी आर चलल्हे जगत पिपासा मेटवेले ।” ककर पंगइत लागे ?
- शिवनाथ प्रमाणिक
- बंशीलाल बंशी
- श्री निवास पानुरी
- शांतिभारत
Explanation:
शांति भारत जी के ककर से पता चललइ रांची विश्वविद्यालये खोरठा पढ़वल जाहे ?
- डॉ० ए० के झा.
- आकाश खूँटी
- श्री निवास पानुरी
- वी० एन० ओहदार
Explanation:
लेखक शांति भारत कोन पत्रिकाञ श्री निवास पानुरी जी के बारे में जाने पइला ?
- तितकी
- लुआठी
- खोरठा
- मातृभासा
Explanation:
श्री निवास पानुरी जी ने ककर से कहला- “तोहनियो खोरठा साहितेक सेवा कराहा, इटा जाइनके बडी बेस लागल। हाम तो आपन जिनगी खोरठा भासा खातिर समरपित कर देलहिए । हामर रोपल खोरठाक पोहा के जेइसें आपन कलम-करी पाटाइकें गाछ बनइहाक एहटाइ हामर निबेदन ।”
- प्रमाणिक जी, बंशी जी, आर शांति भारत से
- बी० एन० ओहदार, दिनेश दिनमणि, आर गजाधर महतो
- प्रमाणिक जी, डॉ० बी० एन० ओहदार
- डॉo बिनोद कुमार, चितरंजन महतो चित्रा
Explanation:
श्री निवास पानुरी जी कोन किताब के छपल बाद मोरेक बचन देल हला ?
- दामुदरेक कोराज
- अजगर
- मेघदूत
- कर्ण
Explanation:
खोरठाक साहित्य भाँडार बढ़वे खातिर पानूरीजी कोन कोन किताब के खोरठा में उल्था करला ?
- बाल किरण और किसान
- झींगा फूल आर तितकी
- कुसमी आर मालाक फूल
- मेघदूत आर उदभासाल कर्ण
Explanation:
पानुरी जी आपन साहितेक मूल विचारधारा की बतवल हथ ?
- कम्युनिस्टवादी
- पंरपरावादी
- धार्मिक
- मानवतावादी
Explanation:
‘कवि जी’ नाम से ककरा संबोधन करल जा हलइ ?
- श्री निवास पानुरी
- डॉ० ए० के झा
- डॉ० बी० एन० ओहदार
- चतुर्भुज साहू
Explanation:
हरिबंश राय ‘बच्चन’ जानकी बल्लभ शास्त्री, हंस कुमार तिवारी रखम कबि कबिक मंचे कउन खोरठा कबिता पाठ करला ?
- श्री निवास पानुरी
- डॉ० ए० के झा
- बंशी लाल बंशी
- शिवनाथ प्रमाणिक
Explanation:
पानुरी जीक निधन के खोरठा समाज की भेल बतवल हथ ?
- आबाद भेल
- टुअर भेल
- आबाद + टुअर दूइयो
- कोन्हों नाञ
Explanation:
नोहनियो झाजीक डहरे डहरल हा ” ई के आर ककरा कलहइ ?
- पानुरी जी, ए० के झा के
- पानुरी जी शांति भारत के
- पानुरी जी, चितरंजन महतो चित्रा के
- शांति भारत, पानुरी जी के
Explanation:
“तोहनियों खोरठाक सेवा कराहा, इटा जाइन के बडी बेस लागल” अइसन के कहला ?
- चितरंजन महतो चित्रा
- बंशी लाल बंशी
- श्री निवास पानुरी
- चतुर्भुज साहू
Explanation:
श्री निवास पानुरी कखन ले खोरठे कविता लिखो हला ?
- 1926 से
- 1986 से
- देसेक आजादी के आगुवे ले
- 1990 से
Explanation:
पानुरी जीक अंगने कोन गाछ हलइ ?
- बोर गाछ
- नीम गाछ
- आम गाछ
- जामून गाछ
Explanation:
खोरठा भासाक सुरूज ककरा कहल गेल हइ ?
- डॉ० ए० के झा
- श्री निवास पानुरी
- रामदयाल मुंडा
- बंशी लाल बंशी
Explanation:
‘कवि जी ! धरमेक बोट तोहर एते टान काहे ? ई ककर सवाल आर ककर खातिर ?
- शांति भारत के पानुरी जी खातिर
- शांति भारत के डॉ० ए० के झा खातिर
- पानुरी जी के शांति भारत खातिर
- डॉ० बी० एन० ओहदार के शांति भारत खातिर
Explanation:
देखा हाम तो खोरठा में तखने से साहित लिख हो जखन इगला केउ सोंचलो नाँइ हला’ । इटा ककर कथन हके ।
- डॉ० ए० के झा
- रामदयाल मुंडा
- श्री निवास पानुरी
- शिवनाथ प्रमाणिक
Explanation:
झारखण्डी भासा करमी मइधे श्री निवास पानुरी ककर नाम करल हला ?
- डॉ० ए० के झा
- रामदयाल मुंडा
- डॉ० बी० एन० ओहदार
- चतुर्भुज साहू
Explanation:
श्री निवास पानुरी जीक सिराइक खभर शांति भारत के कोन बतलव हलइ ?
- अखबार
- समाचार चैनल
- बंशी लाल बंशी
- चितरंजन महतो
Explanation:
