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सात भाय एक बहिन
सातों भउजाई सुंगा के की ले असंभव काम करेले कहो हलथी
लुइर सीखावेलें
परेशान करे ले
नफरत करेक चलते
ई सभे खातिर
चंमंटू घारे कोन आइग लगाइ देल-
गांवेक लोके
बांदरे
चोरे
आपने लागल रहे
सोना लेखे चुल केकर हेल रहे-
छागइर गोरखियाक
गरू गोरखियाक
बुढ़ीक नाती के
भईस गोरखिया
टेपा केतकी फूल कहां पावल-
पहिल बिहाहल बहु ठीन
दूसर बिहाहल बहु ठीन
राकसीन बेटी पास
साधुक परी पास
‘गुदुपुचु रानी’ कर रंग कइसन रहे
टेपा कर कइगो बहु हेल रहथी-
तीन गो
दु गो
चाइर गो
एक गो
लोककथाक मूल घटना सबके कहल जाहे-
मोटिव
कथानक रूढ़ि
अभिप्राय तत्व
ई. सभे
‘केतकी फूल’ लोककथा के कोन रकमेक कहनी रहल जाइ पारे-
फेयरी टेल
बैलैड
लीजेंड
मिथ
‘धनेक धधइनि’ लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
ए. के झा
डॉ. बी. एन ओहदार
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
शांति भारत
सात भाय एक बहिन कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
डॉ. बी. एन ओहदार
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
शांति भारत
बुढा बुढी आर सात पीठा लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
दिनेश दिनमणि
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
शांति भारत
खुंटा भीतर चिंया गोटा लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
दिनेश दिनमणि
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
शांति भारत
लुइरगर बेटी छउआ लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
दिनेश दिनमणि
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
शांति भारत
दू बिहाक दुरति लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
दिनेश दिनमणि
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
शांति भारत
गोहाइल परब लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
दिनेश दिनमणि
डॉ. गजाधर महतो प्रभाकर
शांति भारत
गुदपुचु रानी आर कउआ लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
दिनेश दिनमणि
बंशीलाल बंशी
शांति भारत
बुढी आर ओकर नाती लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
ए. के झा
अरविन्द कुमार
बंशीलाल बंशी
शांति भारत
केतकी फूल लोककथा कर जोगाड़ी के करल हथ ?
सावित्री देवी
अरविन्द कुमार
बंशीलाल बंशी
शांति भारत
‘चमटु’ कोन लोककथा कर पात्र लागे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
सात भाइ एक बहिन
केतकी फूल
धनेक धधइनि
कोइ नांइ
‘गुदुपुचु रानी आर कोआ’ कोन किताबे सामिल हइ ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
खोरठा लोक साहित्य
तातल आर हेमाल
छांहइर
नावाँ बिहान
‘सुगा’ कोन लोककथाक पात्र लागी ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
गोहाइल परब
धनेक धधइनि
केतकी फूल
सात भाइ एक बहिन
‘गुदुपुचु रानी आर कोआ’ लोककथा में ‘गुदुपुचु रानी’ केकरा कहल हे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
चरक रंगेक पोका के
हरिहर रंगेक पोका
करिया रंगेक पोका
लाल रंगेक पोका के
‘धनेक धधइनि ́ लोककथा में बुढ़ी चमटु के किनाक एगो टाका देल हली ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
रुपाक टाका
चांदीक टाका
सोनाक टाका
जारमनिक टाका
‘बनिजे’ कर माने की हेवत ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
काम करेक
बेपार करे
मेला जायेक
बानी आनेक
बुढ़ी आर ओकर नाती कथाञ संकलन कर्त्ता के सही नाम छांटा:-
अरविन्द कुमार
भांति भारत
डा० बी०एस० ओहदार
गिरधारी गोस्वामी
बुढ़ी आर ओकर नाती लोककथा कोन किताबे छपल हइ ?
खोरठा लोक सहित – कल्याण विभाग
खोरठा लोक सहित – वनाथ प्रमाणि
खोरठा लोक साहित – भोला नाथ माहतो
खोरठा लोक कथा
बुढ़ी आर ओकर नाती कथाञ नाती सबदेक पर्यावाची सबदे बतावा:-
साब मूंड उठाइ उपर ताके हथ तो देखो हा मानुस के चेंगो कांदे लागल हे । ई वाइक कोन लोक कथा से लेल गेल हइ ।
सात भाइ आर एक बहिन
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
एकर में कोई नाञ
“बुढ़ी तो फेरा में फांइस गेली । ने हां कहे पारी ने ना । ऊ सोचली एखन हां कही देहिअइ फिन मटियाइ देबइ ।” ई वाइके कोन कहनी से लेल गेल हइ ।
सात भाइ आर एक बहिन
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
एकर में कोई नाञ
राजा आपन बेटी संग ओकर बियह कइर देलइ आर घोड़ा-हॉथी में बारात के सजाइ के ढोल ढाक के साथ आपन बेटी आर दामाद के बिदाइ करलइन । ई पंक्ति कोन लोक कथा से लेल गेल हइ ?
सात भाइ आर एक बहिन
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
एकर में कोई नाञ
हामनिक पिटिया बड़ी कडुआ हे से खाली ओतने करिहें ज़खन हामिन दह – तह मे बइठन तखन पिठिया रगइड दिहें। ई वाइके ‘कॅडुआइक’ सबदेक सही माने छांटा:-
खजुवाइक
नोचेक
खखोरेक
लहरेक
बुढ़ी आर ओकर नाती कहनित्र राजा के बेटी नाती से बिहइ करे खोजो हइ तो राजा की करोहइ ?
नाती के जेल में डाल दे हइ ।
नाती के मार पीट करो हई |
नाती के जान मार दे हइ
आपन नाती के बियाह कर दे ह ।
बुढ़ी आर ओकर नाती कहनित्र राजा के बेटी की देख के बुढ़ी के नाती से मोहित हो जा हइ ।
चेहरा
हठा कठा सरिर
सुनहला बाल
सुन्दर रंग रूप
लड़का आपन आजी के अंकवाइर के पकड़ हइ आर कांइद-कांइद कह- हे हामें तोर नाती लागीयो आजी। उपरेक वाइके के अधारे नाती सबदेक सही माने छांटा बेटी के जनमल
सही उतर छांटा :-
लड़का आपन आजी के अंकवाइर के पकड़ हइ आर कांइद-कांइद कह- हे हामें तोर नाती लागीयो आजी। उपरेक देल पंक्ति में ‘आजी’ सबदेक सही माने छांटा:-
लड़का आपन आजी के अंकवाइर के पकड़ हइ आर कांइद-कांइद कह- हे हामें तोर नाती लागीयो आजी। उपरेक पंक्ति में ‘काइन्द – काइन्द सबद बेयाकरन के कोन रूप कहई ?
क्रिया
क्रिया विसेसन
विसेसन
समास
“ऊ केस लड़के आपन बाप जगुन गेली आर केस देखाइ के कहली- बाप ई केस जकर हतइ हामें ओकरे से बिहा करबइ ।’ ई पंक्ति कोन लोक कथा से लेल गेल हइ ?
लुरगर बेटी छउवा
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
धनेक धधइनी
लड़का आपन आजी के अंकवाइर के पकड़ हइ आर कांइद-कांइद कह- हे हामें तोर नाती लागीयो आजी । ई पंक्ति कोन लोककथा से लेल गेल हइ ?
लुरगर बेटी छउवा
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
धनेक धधइनी
बुढ़ी आपन नाती आर नातिन पुतोउ दुइयो के अकवाइर ले ही।” ई पक्ति कोन लोककथा से लेल गेल हइ ?
लुरगर बेटी छउवा
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
धनेक धधइनी
बुढ़ी आपन नाती आर नातिन पुतोउ दुइयो के अकवाइर ले ही।” उपरेक देल पंक्ति में अकवाइर’ के सही माने छांटा-
गले लगना
गोद में उठाना
अंकुरित होना
बोझा उठान
“ओकरो बेटीक बियाह के चिंता रहे आर ऊ कतना जगह आपन ठाकुर के लड़का सबसे भेजबो करले हला।” ई पक्तिर्य कोन लोककथा से लेल गेल हइ ?
लुइगर बेटी छउवा
धनेक धधइनि
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
“ओकरो बेटीक बियाह के चिंता रहे आर ऊ कतना जगह आपन ठाकुर के लड़का सबसे भेजबो करले हला।” उपरेक देल पंक्ति में ‘ठाकूर के सही माने छांटा:-
जमींदार
नउवा
ठाकुर जी भगवान
एकर में सभे ।
“समइ बितते चेंगाक रोवा- पॉइव झारे लागलइ अँइस के दूध पी-पी चेंगा लाल भइ गेलइ ।” ई पंक्ति कोन लोककथा से लेल गले हइ ?
गोहाइल पोराब
दू बीहॉइ दुरगंती
सात भाइ एक बहिन
बुढ़ी आर ओकर नाती
“बीरी बोहते – बोहते नदीक दोसर ६इर चइल गेलइ ” जहों एगो राजाक बेटी नहा हली । ” ई पंक्ति कोन कहनी से लेल गेल हइ ?
गोहाइल पोराब
दू बीहॉइ दुरगंती
सात भाइ एक बहिन
बुढ़ी आर ओकर नाती
“बाघ आइल आर चेंगाक खाटीये संग उठाय बोन दने भागल। भागते-भागते खुब गाजार बोन घुइस गेला|” ई वाइक कोन लोक कथा से लेल गेल हइ?
गोहाइल पोराब
दू बीहॉइ दुरगंती
सात भाइ एक बहिन
बुढ़ी आर ओकर नाती
काहे गोड लाग – हा हाम गरीब आदमी आर तोयं राजा ? ई वाइक कोन लोक कथा से लेल गेल हइ ?
गोहाइल पोराब
दू बीहॉइ दुरगंती
सात भाइ एक बहिन
बुढ़ी आर ओकर नाती
बुढ़ी आर ओकर नाती कहनी के सेंस की होवो हइ ?
बुढ़ी मर जा हइ
ओकर नाती के बाघ खा जा हइ ।
ओकर नाती के राजकुमारी से बिहा होवो हइ ।
नाती आर बुढ़ीया के मिलन होवोह ।
बुढ़ी आर ओकर नाती कथाञ बाघ बुढ़ीया के नाती के की ले खाइय खोगो हइ ?
a.मदद के बदले
b.बुढ़ी के जान के बदले
c.भुख के चलते
d.a-b
“बाघ आइल आर चेंगाक खाटीये संग उठाय बोन दने भागल। भागते-भागते खुब गाजार बोन घुइस गेला|” उपरे के वाइके ‘गाजार’ सबदेक माने बतावा-
गाजरा – गाजर
कचड़ा – सखुआ
घना – सघन
पातर
“बीरी बोहते – बोहते नदीक दोसर ६इर चइल गेलइ ” जहों एगो राजाक बेटी नहा हली ।उपरेक पंक्तिञ ‘बीरी’ सबदेक सही माने छांटा:-
बिड़ी
बिड़ा
बेंरा-बेला
ढकन
“बीरी बोहते – बोहते नदीक दोसर ६इर चइल गेलइ ” जहों एगो राजाक बेटी नहा हली । उपरेक पंक्तित्र धाइर’ सबदेक सही माने छांटा-
पकडेक
स्रोत
किनारा
एकर में कोई नाञ
“समइ बितते चेंगाक रोवा- पॉइव झारे लागलइ अँइस के दूध पी-पी चेंगा लाल भइ गेलइ ।” उपरोक्त देल पंक्ति में ‘चेंगाक’ सबदेक परियावाची सबद छांटा-
“समइ बितते चेंगाक रोवा- पॉइव झारे लागलइ अँइस के दूध पी-पी चेंगा लाल भइ गेलइ ।” उपरेक वाइकेक ‘चेंगांक’ सबदेक सही माने छांटा:-
चंगना
सवसथ होवेक
साखा फूटेक
गिदर
“समइ बितते चेंगाक रोवा- पॉइव झारे लागलइ अँइस के दूध पी-पी चेंगा लाल भइ गेलइ ।” उपरेक पंक्ति में ‘रोवा-पाईंख झारे’ की हकइ-
लोकितपटतइर
मुहावरा अहना
बुझवेल – पहेली
बाल झडेक
खूंटा भितर चियां गोटा कथाञ बढ़ी खूंटा फाइर के कि करलइ | चियां गोटा निकालइ
फाटल फूटल घर ले अइलइ
फाटल फूटल फेक देलइ
चियां गोटा आपने ले अइलइ
सही उत्तर छांटा-
ई वाइके ‘राग मुधे चढेक’ के हिन्दी अरथ बतावा? एड़ी के गुस्सा चोटी चढ़ना
बहुत तेज गुस्सा होना
गुस्सा ना होना
समझना
सही उतर छांटा:-
भाला हांथी कउआक बात कीले सुनत लइ, कउआक ओहोव खेंकइर देल । ई वाइके ‘खेंकर/खेंकइट’ सबक सही माने छांटा:- डाटेक
सही उत्तर छांटा
ई धरि काउअक राग मुंधे चढ़ गेल । ई वाइक “राग मुंधे चढेक” की कहइ ?
लोकक्ति (पटतइर)
अहना (मुहावरा )
बुझवेल (पहेली)
काभइथ
भाला हांथी कउआक बात कीले सुनत लइ, कउआक ओहोव खेंकइर देल । उपरेक वाइके ‘खेंकइर’ सबदेक पर्यावाची सबद के छांटा:-
रवरवुवाइक
उपटेक
डाटेक
सभे
भाला हांथी कउआक बात कीले सुनत लइ, कउआक ओहोव खेंकइर देल । उपरेक वाइके ‘कउआक’ सबदे कोन कारक के परतइ लागल हइ ?
संबंध कारक
कर्मकारक
अधिकरण कारक
करन कारक
“सब मामला बुझल बाद कउआक संग सोझाइ गेल डांगे जुगुन । ” ई वाइक कोन काहनी से लेल गेल हइ ।
सात भाइ आर एक बहिन
लुरगर बेटी छउवा
खूंटा भितर चियाँ गोटा
बूढ़ बूढ़ी आर सात पिठा
“सब मामला बुझल बाद कउआक संग सोझाइ गेल डांगे जुगुन । उपरेक वाइके ‘जुगुन’ सबदेक गलत माने छांटा:-
“सब मामला बुझल बाद कउआक संग सोझाइ गेल डांगे जुगुन । उपरेक वाइके ‘जुगुन’ सबदेक सही माने छांटा:-
खुटाँ भितर चियां गोटा लोककथा बढ़ई कोन अउजार से खूटा के फाइर देहइ ।
आरी से
टांगा से
धाना घुटा से
बसुला से
लोककथा खूंटा भितर चियाँ गोटा के संकलनकर्त्ता के सही नाम छांटा?
भांति भारत
डॉ० बी० एन ओहदर
दिनेश दिनमणि
महेन्द्र गोस्वामी
खूंटा भितर चियाँ गोटा कहनी से की सिकछा मिलो हइ ?
मेंहनत के फल मिठा होवो हइ
जिद करले सब काम हवो हइ
असफलता सफलता के जननी हकइ
ई सभे
खूंटा भितर चियाँ गोटा में ‘चियाँ’ सबदेक सही माने छांटा:-
तेतर के गोटा
केयोन्द के गोटा
आम के गोटा
भेलवा के गोटा
खूंटा भितर चियाँ गोटा में गोटा सबदेक सही माने छांटा :
पुरा (सम्पूर्ण)
बीज
गोटा गोटी ( छिट पूट)
ई सभे
खूंटा समाइल चियां गोटा निकाले खातिर कउवा केकर- केकर ठीन जा हइ ?
खूंटा समाइल चियां गोटा निकाले खातिर कउवा केकर पास नायं जा हइ ?
“लुदी – लुती हाथी मार, हॉथी नहीं पानी घाटें पानी नाही आइग निंझावे …….” ई पंक्ति में लुती सबदेक सही माने छांटा?
गिरगिट
चिंटी
माछी
मखरी / मछड़
खूंटा भितर चियाँ गोटा कहनिञ मानवतर जींव कोन टा नाञ लागें ।
खुटाँ भितर चियाँ गोटा कहनिञ कोन मानवतर जीव लागे? राजा
बढ़ी
सांप
लुंती
सही उतर छांटा:-
1, 3
1, 2
3, 4
2,4
खुटाँ भितर चियाँ गोटा कहनिञ आवल मानवतर प्राणि के सही क्रम बतावा?
राजा, बढ़ी, सांप, हाथी, लुती
लुती हाथी बढ़ी सांप राजा
बढ़ी, राजा, हाथी, सांप, राजा
सांप, हाथी, लुती
खुटाँ भितर चियाँ कथाञ कउवा के मददगार निजिव जिनिस के सही क्रम छांटा:-
आग, लाठी, पानी
पानी, आग, लाठी
लाठी, आग, पानी
लाठी, पानी, आग
खुटाँ भितर चियां गोटा कहनिञ कउवा के कोन जीव मददत खतिर सबले आगु के आवो हइ ?
खुटाँ भितर चियाँ गोटा कहनिञ लुती, कउवा के मदद करे खातिर कइसे तइयार होवो हइ ?
डर से
सहायता के भावना से
लोभ से
एक में कोइ नाञ
खुटा भितर चियाँ गोटा कहनिञ लुती की रकम हाथी के मारतलइ?
आँख में घुस के
मुहं में घुइस
डंक मादर के के
सुढ़ में घुस के
खुटाँ भितर चियाँ गोटा कहनिञ आवल सबद ‘डांग’ के सही माने छांटा:-
कते साधेक चियां गोटा फॉटी चइल गेल । मुदा कउवाइ हाइर नाञ मानलइ | ई वाइके “साधेक” सबदेक सही माने छांटा:-
परेसान करेक
इछित जिनिस / मनेक जुकुर
साधना करेक
एकर में कोई नाञ
कते साधेक चियां गोटा फॉटी चइल गेल । मुदा कउवाइ हाइर नाञ मानलइ | उपरेक वाइके ‘फॉटी’ सबदे कारक के कोन परतइ लागल हइ?
करन कारक
संबंध कारक
अधिकरन कारक
कर्त्ता कारक
कते साधेक चियां गोटा फॉटी चइल गेल । मुदा कउवाइ हाइर नाञ मानलइ | उपरेक वाइके ‘मुदा’ सबदेक सही अरथ छांटा:- किन्तु
मगर
जदि
चाहे
सही उतर छांटा:-
1, 3
2, 3
3, 4
1, 2
कते साधेक चियां गोटा फॉटी चइल गेल । मुदा कउवाइ हाइर नाञ मानलइ | उपरेक वाइके ‘मुदा’ सबदेक गलत माने छांटा:-
कते साधेक चियां गोटा फॉटी चइल गेल । मुदा कउवाइ हाइर नाञ मानलइ | उपरेक वाइके कंउवाञ सबदे कारक के कोन परतइ लागल हइ ?
कर्म कारक
कर्ता कारक
अधिकरन कारक
करन कारक
सात भाई आर एक बहिन के संकलनकर्ता के सही नाम छांटा:-
शांति भारत
देबुलाल गोस्वामी
अरविन्द कुमार
दिनेश दिनमणि
सात भाई आर एक बहिन कहनित्र बहिन के की नाम हलइ ?
सात भाई आर एक बहिन कहनित्र के सुगा बहिन के ओकर भउजी की नामे डाका हलथिन ?
सात भाई आर एक बहिन कहनिज एहलो सुगिया, बांध से भइर धइला पानी लइआन । एकर में “एहलो” कइसन सबद लागे?
पेयर के संबोधन
दुलार के संबोधन
गाली के संबोधन
ई सभे
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ सातो भाई के की नाम हलइ ?
सात दिनेक सब के नाम हलइ
सात ग्रह के नाम हलइ
सात महिना के नाम सातो के नाम हलइ ।
पता नञ चलो हइ
सात भाई आर एक बहिन कहनित्र सातो भाई बहिन के की करो हथिन ?
बड़ी सतावो हलथीन
सभे बड़ी पेयार करे हलथिन
छुछे बड़का भाई पेयार करे हलइ
छुछे छोटका भाई पेयार करो हलइ
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ ओकर भउजी सब आपन ननद सुगा के की करो हलथिन ?
a. बड़ी पेया करो हलथिन
b. बड़ी डाह करो लहथिन
c. बड़ी सतावो हलथिन
d. b आर c
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ सातो गोतनी में कोन गोतनी बहुत “परसिनाही” हलइ ?
सात भाई आर बहिन कहनिञ मझली गोतनी बड़ी परसिनाही हलइ कि लेकी
a.ओकर नेहर बड़ी धन दाउलत हलइ
b.बेस चास बास हलइ
c.ओकर नइहहर गरिब धर हलइ
d.a आर b
सात भाई आर बहिन कहनीञ सब गोतनी के सुगा के विरोध में के बहकावो हलइ ?
सात भाई आर बहिन कहनीञ सतो भाई की करे परदेस गेल हथिन ?
नउकरी करे
खेती बारी करके
वाणिज्य व्यापार करे
सिकार करे
सात भाई आर एक बहिन कहनीञ सातो भाई के व्यापार करे गेल के पीछे गोतनी सब सूगा के की करो हथिन ?
बेसी परेसान
भारी-भारी काम करावो हथिन
गारी देवो हलथिन
ई सभे
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ कोन बात झुठा हइ
सातो भाई बड़ी सतातो हथिन
सातो गोतनी बड़ी सतावो हथिन
मझली गोतनी सबले बेसी सतावोह इ
छोटकी गोतनी कटी कम सतावो हइ
सात भाई आर एक बहिन कइनिञ सातो गोतनी फूटल घइला देइके कहाँ से पानी भरे भेजलथिन ?
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ सातो गोतनी कइसन घइला दइके पानी भोइर आने कहलथिनः-
कचा घइला
फुटल घइला
पाकल घइला
गगरा
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ बाँध ठिन सुगा के मदद करलइ?
धामना सॉप
एक पाल पेरवा
बेंग
सातो भाइ
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ फूटल घइलाञ पानी भरल देख के भोजाइ सब सुगा के की करो हथिन ?
मार-पिट करो हथिन
बढ़ीया – बढ़ीया खाना देवो हथिन
पइसा देवो हथिन
खुदी चुनी के माड़ देवो हथिन
सात भाई आर एक बहिन कहनिय सुगा के बेंग सब की करो हथिन ?
फूटल घइला छेदे बेंग बेठ जा हथिन
कोई मदद ना करो हथिन
आधा बेंग मदद करो हथिन आधा नाञ
नया घइला ला के देवो हथिन
सात भाई आर एक बहिन कहनिञ दोसर बेर सुगा कइसन काम मिलो हइ ?
फूटल घइला से पानी भर के लावेला
जोतल बारी से सेरसा दान बिछे कहो हथिन
जंगल से बिना बाधले लकड़ी के बोझा लावे कहथिन
एकर में कोई नाञ
सात भाई आर एक कहनिञ सुगिया बहिन के तीसरका बेर की काम देल जा हइ ?
फूटल घइला से पानी भर के लावेला
जोतल बारी से सेरसा दान बिछे कहो हथिन
जंगल से बिना बाधले लकड़ी के बोझा लावे कहथिन
एकर में कोई नाञ
सुन गे सुन चरँइयों हमर बड़ी दुख सातो भाउजी बड़ी दूख देला । ई गीत कोन कहनी के हिस्सा हकइ ?
सात भाइ आर एक बहिन
लुरगर बेटी छउवा
गुदुपुचु रानी आर कउवा
केतकी फूल
सात भाई आर एक बहिन कहनिय बेगर बाँधना काठ लाने में सुगा के मदद करो हइ?
सांप
सुगा चरँइय
मेना चरइय
कउवा
सात भाई आर एक बहिन कहनित्र सुगिया बहिन के जोतल खेत से कितना सरसों बिछे के कहल हलथिन ?
एक पइला
आधा पइला
दू पइला
तीन पइला
सात भाई एक बहिन कहनित्र सरसों बिछे में सुगियाके के मदद करो हइ ?
पेरवा चरइय
सुगा चरँइय
मेना चरइय
कउवा
सात भाई एक बहिन कहनित्र सुगिया के भउजी सब कोन गाछें चढ़ के कांटा घोर देवो हथिन ?
आम गाछ
केन्द गाछ
डूमर गाछ
महुआ गाछ
सात भाई एक बहिन कहनिञ मुख पात्र के हक ?
सुगिया
सुगिया के भाइ
सुगिया के भउजाई
मानव
“हमिन सोचलो जे सुगा घर जिता सेले उनखर लुरे के परीछा कर हलिए” ई पंक्ति कोन कहनी से लेल गेल हइ ?
लुरगर बेटी छउवा
दुबिहाइ दुरगती
बुढ़ी आर ओकर नाती
सात भाई आर एक बहिन
सात भाई एक बहिन कहनिञ आपन बहिन के दुख देख के सातो भाई कि करोहथिन ?
आपन जनी के साबसी देवो हथिन
आपन जनी के भाग देवो हथिन
आपन जनी के मार पिट करो हथिन
सुगिया के भगाइ देवो हाथिन
सात भाई बहिन कहनित्र जखन सुगिया के भाइ आपन जनी के मार पिट करो हथिन तखन सुगिया की करो हइ ?
खुशी मनावो ह
दमे मार पिट करे कहो हइ
सुगिया भाइ सब के मना करो हइ
एकर में सर्भे सही
सात भाई और एक बहिन कहनिञ सुगिया के जखन बिदाइ होवो हइ तखन भउजी सब की करो हथिन ?
खुसी मनावों हथिन
राहत के सांस लेवो हथिन
कांदो हथिन
सभे सही
धनेक धधइनि कथा बुढ़ी के केइगो बेटा हल?
एको नाञ
एगो
दुगो
एगो बेटी आर नाती
धनेक धधइनि कथाक बुढ़ी के बेटा की नाम हलइ ?
धनेक धधइनि कथाञ बुढ़ी चमटू के कतना टाका बेपार करेले देले हलइ ?
एक सउव
एगो टाका
ग्यारागो टाका
एको टाका नाञ्
धनेक धधइनि कथा बुढ़ी चमटू के एगो टाका काहे देल ?
कोन्हो बेपार करे खातिर
घर चलवे खातिर
साग – मोड़ खारिदे खातिर
मेला घुमेले
धनेक धधइनि कथायं चमटू के हाटें दोकानदारी देइख के ओकरा की पसंद आवो हइ ?
एगो बन्दर
सुन्दर कपड़ा
पुरी कचाउड़ी
कुछो पसंद नाञ
धनेक धधइनी कथाञ चमटू हाट से छूछे हाथ घर धुरले मायेक डांट सुने से बचे खातिर की करो हइ ?
धरे नाञ जा हइ
एगो बन्दर खरिद ले हइ
मायेक खातिर लुगा ले हइ
कुछो नाञ कर हइ
धनेक धधइनी कथाजं कोन काम देइखकें बुढ़ी रागे चमटू के धमकावे लागलइ ?
एगो बन्दर किनल खातिर
कुछो काम ना करे खातिर
बिहा करेक खातिर
एकर में कुछो नाञ
धनेक धधइनी कथानं चमटू कांदू-मांदू देख के बुढ़ी ठिने के गेलइ?
चमटू के बहु
चमटू के बाप
बन्दर
कोई नाञ
धनेक धधइनी कथा “तोहूँ सइये डहर धरलें” ई बात बुढ़ी केकरा कहो हइ ?
बन्दर के
चमटू के
चमटू के बाप के
चमटू के जेनी के
धनेक धधइनी कथाञ चमटू कहाँ से सारा दिन भुखें – पियासे थइक मोइर के आवो हइ?
हाट से
खेत से
बन्दर नाच दिखा के
मजदूरी कर के
धनेक धधइनी कथाञ “हामे खुभे सोना- रूपा आइन देबोअ” ई बात के केकरा से कहलइ ?
चमटू आपन माई से
बन्दर चमटू से
बन्दर चमटू के माई से
चमटू के बाप ओकर माई से
धनेक धधइनि कथाञ बन्दर भोरे झलफले उठ के कहाँ गेलइ ?
मदारी काम करे
जंगल से फललावे
खेत में काम करे
राजा घर
धनेक धधइनि कथाञ राजाक महले से बंदर की लावो हइ?
राजकुमारी के
सोना- रूपा
फल, पकवान
कुछो नाञ
धनेक धधइनि कथाञ राजाक महले सोना- रूपा ला के बन्दर केकरा देवो हइ ?
चमटू के देवो ह
चमटू के बहुरी के देवो हइ
चमटू के माई के देवो हइ
केकरा नाञ देवो हइ
धनेक धधइनि कथाञ बुढ़ी कोन चीज देखके गदगदाइ उठली?
चमटू के देख के
चमटू के बहुरी के
बन्दर के देख के
सोना- रूपा देइखिके
धनेक धधइनि कथाञ बुढ़ी केकरा “बेटा-बेटा” कहे लगलइ ?
चमटू के
बन्दर के
दुइयो के देखके
केकरो नाञ्
धनेक धधइनि कथाञ केकर परतापे चमटू राजा बइन गेला?
भगवान परतापे
माई-बाप परतापे
महिनत परतापे
बन्दर के परतापे
हामगोड़ी माने की:-
बेर – बेर आवे गायेव
आगु पाछू होवेक
घर अंगना कादो करके
ई सभे
नाकादोड़ी माने की:-
भागा-भागी
आवाजाही
आगे-पाछू
ई सभे
धनेक धधइनि कथाञ गांवेक कते-कते लोक चमटूक घारें की करे खातिर हामागोड़ी दिये लागला ।
पूजा-पाठेक करे खातिर
मुनीस खटे खातिर
a आर b दुइयो करे खातिर
एकर में कोइ नाञ्
धनेक धधइनि कथाञ पुरोहित गुलइन चमटू घरें की करे खातिर नाकादोड़ी करे लागला?
मुनीस खटे खातिर
पूजा पाठेक करे खातिर
परेक खाइके पइरकल खातिर
b, c सही
धनेक धधइनि कथाञ “रसे-रंगे डुबल उदम सांढ रकम के धुरे लागल ?
चमटू के बाप
चमटू के माई
चमटू के बन्दर
चमटू
धनेक धधइनि कथाञ बुढ़ी केकर खातिर एगो रूपाक खाटी बनाइ देलइ?
आपन बेटा चमटू खातिर
आपन बहु खातिर
आपन बन्दर खातिर
आपने खातिर
धनेक धधइनि कथाअं की देख के आस-पासेक लोक मुड़े हाथ लइ लेला ?
बन्दर के सान सउकत
चमटू के बहुरिय के देख के
चमटू घरेक ताम-झाम देइख के
चमटू के फुटानी देइख के
धनेक धधइनि कथांत्र के चमटू के बिहा के केकर से बात करो हइ ?
बन्दर राजा से
बन्दर चमटू के माय से
बन्दर चमटू से
चमटू के माय बन्दर से
धनेक धधइनि कथाञ एगो राजे बंदर के खूब मान सम्मान काहे करलइ ?
बन्दर चमके बिहा के बात करे आइल हलइ ई खातिर
बन्दर खूब सुन्दर हलइ ई खातिर
बन्दर खूब अमिर हलइ ई खातिर
बन्दर अच्छा नाच दिखावो हलइ ई खातिर
धनेक धधइनि कथाञ राजाक खुसिक ठेकान काहे नाञ हलइ?
बरतु पातेक कथा सुइन के
बन्दर के चोरी पकड़ के
चमटू आर बन्दर के जोड़ी देख के
दोसर राइज जीत के
धनेक धधइनि कथाञ बुढ़ी की सुनली तो गरवे फुइल गेली ?
बन्दर के बिहा राजा घर हो रहलइ
चमटू राजा बन गेइलइ
चमटू के बिहा राजा घर हो रहलइ
बन्दर मर गेलइ
धनेक धधइनि कथाञ बुढ़ियाक हॉथे की आइ गेलइ ।
बन्दर नचवेक कला
सरगेक चॉद
राजा के धन दउलत
ई सभे
धनेक धधइनि कथाञ बांदरेक खोज – पूछाइर कब नाञ होवे लगलइ ?
चमटू के राजा बने के बाद
चमटू के बाप मरेक बाद
चमटू के बिहा होवेक बाद
बुढ़ीया मरे के बाद
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा लोक कथाञ बुढ़ा – बुढ़ी के केइगो छउआ हलइ ?
नाती पोता ढेर हलइ
नाती पोत नाञ हलइ
कोई बेटा-बेटी नाञ हलइ
कोई नाञ
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ बुढ़ा – बुढ़ी कई गो पीठा बनावो हइ ?
सात गो पीठा
पांच गो
तीन गो
नाञ बनावो हइ
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ पीठा के खायेक घरी कइसे बॉटो हइ ?
पांचगो आर दुगो
तीनगो आर आधा
चाइरगो आर तीनगो
दुगो आर पांचगो
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ बुढ़ा – बुढ़ी दुइयो झगड़ा काहे करो ह ?
तीनगो पीठा खाइ खातिर
चाइरगो पीठा खाइ खातिर
पीठा नाञ खाइक खातिर
दुइयो बराबर खाइ खातिर
बुढ़ा-बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ दुइयोक के की खायेक मन भेलइन?
दाल पीठा खायेक
पीठा खायेक
पकउंड़ी खायेक
मीठा खायेक
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ बेसी पीठा खाइक की सरत रखो हइ ?
दुइयो में जे पहले भोर उठतइ
जे देर तक सुतल रहतइइ
जे भोरे दरवाजा नाञ खोलतइ
जे सबले पीछ बोलतइ आर हिलतइ
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ जे आगु उठतइ आर बइजकत से कईगो पीठा पाइत?
पांचगो
चारगो
तीनगो
कुछ नाञ मिलतइ
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ गांवेक लोक की चरचा करे लागला ?
बुढ़ा – बुढ़ी आर दोसर गांव चल गेलइ
बुढ़ा बुढ़ी दुइयो मर गेलइ
बुढ़ा मर गेलइ
बुढ़ी मर गेलइ
बुढ़ा-बढ़ी आर सात पीठा कथाचं गांवके लोक हायचोक भइ गेल?
पीठा खाई खातिर लड़ाई करेक देईख
बेसी पीठा खाइक अजीब शर्त जाईन के
बुढा-बूढी बेवकूफ
सभे
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ गांवेक लोक काहे चंदा – पानी कइर लइ ?
बुढ़ – बुढ़ी के पीठा दिखाए खातीर
बुढ़- बुढ़ी के अंतिम किरया करे खातीर
बुढ़ – बुढ़ी के झोपड़ी बनावेक खातिर
ई सभे
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठ कथाञ गांवेक लोक दुइयो के केगो खाटी में सुतावो हइ ?
खाटी में नाञ सूतावो हइ
अलग-अलग खाटी में समसान लेगो हथि
एके खाटी में समसान लेगो हथि
एकर में कोई नाञ
बुढ़ा – बूढी आर सात पीठ कथाञ कईगो लोक बुढ़ बुढ़ी के सोसान ले गेलइ हलइ ?
तीनगो लोक
चारगोलोक
सात लोक
गाँवेक सभे लोक
बुढ़ा बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ कोन सबसे पहले उठलइ आर बोले लगलइ ?
पहले बुढ़ा उठलइ आर बोललइ
पहले बुढ़ी उठलइ आर बोललइ
दोनो एके संगे उठल हथ आर बोललइ
दोनो में कोई नाञ बोललइ
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाक संकलनकर्ता के कहइ ?
अरविन्द कुमार
दिनेश दिनमणि
भांति भारत
बंशी लाल बंशी
बुढ़ा – बुढ़ी आर सात पीठा कथाञ बुढ़ा बुढ़ी पीठा कखनी बनावा हइ ?
राइते बेरा
साझे बेरा
भोरे
कखनियो नाञ्
गुदुपुचु रानी आर कउआ लोककथा के संकलनकर्त्ता के सही नाम छांटा:-
अरविन्द कुमार
बंशी लाल बंशी
डॉ० ए० के० झा
भांति भारत
गुदुपुचु रानी आर कउआ लोककथा कोन किताबे छपल हइ ?
खोरठा लोक साहित – कल्याण विभाग
खोरठा लोक सहित – शिवनाथ प्रमाणिक
खोरठा लोक सहित – भोला नाथ महतो
खोरठा लोक कथा
“गुदुपुचु रानी आर कउआ ई लोककथा से की सिख मिलो हइ ?
मेहनत के फल मिठा
लालच बुरी बलाइ
बेसी चालाक नाञ बने के चाही
गरीब लोक के सतवे नाञ चाही
“गुदुपुचु रानी आर कउआ” कथाञ “गुदुपुचु” के पर्यायवाची सबद छांटा – रानी पोका
बिर बधुटी
गोबर पोका
जहर पोका
सही उतर छांटा:-
1, 3
2, 4
3, 4
1, 2
गुदुपुचु रानी आर कउआ कइसन लोककथा हकइ ?
गीत कथा
कथा गीत
गीत कथा मेसर कोसर
ई सभे
कउअआक बात सुइन घासें कहलइ – “कइसें देबउ ? ई वाइके ‘ घासें’ सबदेक कारक के कोन विभक्ति लागल हई ?
करन कारक
कर्त्ता करक
कर्म कारक
अधिकरन कारक
कउअआक बात सुइन घासें कहलइ – “कइसें देबउ ? ऊपर देल पंक्ति कोन लोककथा से लेल गेल हइ ?
केतकी फूल
गुदुपुचु रानी आर कउआ
धनेक धधइनी
बुढ़ी आर ओकर नाती
“ तखन घांसेक काथा सुइन के सइ कउआ कामार घार पोहूँचल आर कामार से कहलइ” – ई पक्तिञ ‘घांसेक’ सबक कारक के कोन विभाक्ति लागल हइ ?
करन कारक
कर्त्ता करक
संबंध कारक
अधिकरन कारक
“ तखन घांसेक काथा सुइन के सइ कउआ कामार घार पोहूँचल आर कामार से कहलइ” ऊपर देल पंक्ति कोन लोककथा से लेल गेल हइ ?
केतकी फूल
गुदुपुचु रानी आर कउआ
धनेक धधइनी
बुढ़ी आर ओकर नाती
‘कामार’ सबदेक पर्यावाची सबद छांटा:-
उपरेक देल ‘कामार’ सबदेक गलत अरथ छांटा:- कामगार
कुम्हार
लोहार
करमाली
सही अरथ छांटा :-
1, 2
3,4
1, 3
2, 3
“सइ चुकरी पानी लइ जिबें आर आपन ठोरवा धोइके गुदुपुचु रानिक खइमी” एकर सही हिंदी अरथ बतावा
उसी चुके में पानी लेकर जाओ और अपने चोच को धो कर गुदुपुचु रानी को खाओ।
उसी चुके में पानी लेकर जाओगे और अपनी चोच धो कर गुदुपुचु रानी को खाओगे ।
उसी चुके में पानी लेकर जाते हो और अपनी चोच धोकर गुदुपुचु रानी को खाते हो ।
उसी चुके में पानी लेकर गया और अपनी चोच धोकर गुदुपुचु रानी को खाया |
“एतना सुनबाई आर कउआ दउड़ा-दउडी जाइके हॉसआञ ठोर मारल हइ तइसी ओर ठोर हदइक उठल हइ ।” ई वाइके ‘दउडी – दउडी’ सबद कइसन बेयाकरनिक सबद लागो-
क्रिया विसेसन
क्रिया
विसेसन
प्रविसेसन
“एतना सुनबाई आर कउआ दउड़ा-दउडी जाइके हॉसआञ ठोर मारल हइ तइसी ओर ठोर हदइक उठल हइ ।” ई वाइके ‘हँसुआञ’ सबदे कारक के कोन विभक्ति लगल:-
करन कारक
संबंध कारक
अधिकरण कारक
कर्त्ता कारक
“एतना सुनबाई आर कउआ दउड़ा-दउडी जाइके हाँसआज ठोर मारल हइ तइसी ओर ठोर हदड़क उठल हइ।” ई पंक्ति कोन लोककथा से लेल गेल हइ?
मुदुपुचु रानी आर कउआ
केतकी फूल
सात भाई एक बहिन
धनेक धधइनि
“जोउ कुकुरेक सींग के माटी कोइड़ के लइ आनबें ओकर बाद चुकरी बनाइ देबउ” कहनि के ई वाइके कुम्हार कुकुर के सिंघे की ले लाने कहलइ ?
कउआ के टाले खातिर
कउआ के भगावे खातिर
कउआक के बुध्दि परिखा लिए खातिर
ई सभे
“देहूँ पनियां धोवब ठोरवा खाइब गुदुपुचु रनियाँ” ई गीत कोन कहनि से लेल गेल हइ ?
सात भाई एक बहिन
केतकी फूल
गुदुपुचु रानी आर कउआ
लुइरगर बेटी छउवा
“देहूँ पनियां धोवब ठोरवा खाइब गुदुपुचु रनियाँ” ई गीत के सही हिंदी अरथ छांटा-
पानी दिया, चोंच धोया, गुदुपुचु रानी को खाया
पानी दो, चोंच धोयेंगे, गुदुपुचु रानी को खाऊंगा
पानी दिया, चोंच धोयेगे, गुदुपुचु रानी को खएंगा
पानी दिया था, चोंच धोया था, गुदुपुचु रानी को खाया था
“देहूँ पनियां धोवब ठोरवा खाइब गुदुपुचु रनियाँ” ई गीते “रनियाँ” सबदे ( पदे) कारक के कोन विभक्ति हइ मकिन लुकाइल हइ?
कर्ता कारक
कर्म कारक
करन कारक
संबंध कारक
“गुदुपुचु रानी आर कउआ” कहनियं सबले चतुर के हइ?
कउआ
कामरा
कुम्हार
गुदुपुचु रानी
गुदुपुचु रानी आर कउआ कहनित्र सबले मुरूख के हइ ?
गाय
कामरा
गुदुपुचु रानी
कउआ
“लाल-लाल परास फूल नियर गुदुपुचु रानिक खाइ खातिर कउआक तो छावॉइद भइ गेल हलइ ।” ई वाइक आंवल “परास फूल” के हिन्दी में पर्यायवाची सबद बतावा?
किसुक
ढाक फूल
पलास फूल
सभे
“लाल-लाल परास फूल नियर गुदुपुचु रानिक खाइ खातिर कउआक तो छावॉइद भइ गेल हलइ ।” ई वाइके ‘छावॉइद’ सबदेक सही माने छांटा:-
नाटक
चिंता
हड़बड़ी / जलदी
लालच
“ छावॉइद” माने की:-
चिंता.
हड़बड़ी / जलदी
नाटक
लालच
गोहाइल पोरब लोकथाञ केकर महतव बतवल गेल हेइ?
डांगर के
गोहाइल परब के
गोहाइल
केकरो नाञ
गोहाइल पोरब लोकथाञ कोन किताब से लेल गेल हइ?
खोरठा लोक साहित – कल्याण विभाग
खोरठा लोक साहित- शिवनाथ प्रमाणिक
खोरठा लोक साहित – भोला नाथ महतो
खोरठा लोक कथा
“डांगर गुलइन संग ‘लेरू आर फेटाइन हत्थीन सब भुसुरभुँड । गोड़ ले मुड तक आर बुकु ले बिसी तक धुरा माखल आर कावा लागल”। ई बाइक कोन कहनी से लेल गेल हइ ?
केतकी फूल आर छगर गोरखिया
लुरगर बेटी छउवा
गोहाइल पोरब
सोहराइ
“ डांगर गुलइन संग ‘लेरू आर फेटाइन हत्थीन सब भुसुरभुँड । गोड़ ले मुड तक आर बुकु ले बिसी तक धुरा माखल आर कावा लागल”। ई वाइके देल ‘फेटाइन’ सबदेक सही माने छांटा:-
“डांगर गुलइन संग ‘लेरू आर फेटाइन हत्थीन सब भुसुरभुँड । गोड़ ले मुड तक आर बुकु ले बिसी तक धुरा माखल आर कावा लागल”| हिंया देल ‘भुसुरभुइँ’ सबदेक अरध बतावा:-
a.गंदा
b.साफ – चिकन
c.धुर मिटी में सनाइल
d. a, c
“ डांगर गुलइन संग ‘लेरू आर फेटाइन हत्थीन सब भुसुरभुँड । गोड़ ले मुड तक आर बुकु ले बिसी तक धुरा माखल आर कावा लागल | हियां देल सबद “गोड़ ले मुड़ तक” सबदेक सही माने बतावा:-
a.गोड़ से मुह तक
b.ऐडी से चोटी
c.पइर से सिर तक
d. b, c दूइयों
” डांगर गुलइन संग ‘लेरू आर फेटाइन हत्थीन सब भुसुरभुँड । गोड़ ले मुड तक आर बुकु ले बिसी तक धुरा माखल आर कावा लागल”। हियां देल ‘बुकु बिसी” के सही माने छांटा:-
गरदन के सिर के पिछले हिसे का गढ़ा
गरदन आर पिठ
अच्छी गरदन
मोटी गरदन
डांगर गोरखिया रूसल गरू डांगर के कि रकम मनाओ हइ ?
खिर पिठा खियाइके के
डागर के मडूवइर बांध
धुप धुना जलाइके
ई सभे ।
गोहाइल पोरब कहनिञ “भडुवाइर” सबदेक सही माने छांटा:-
धान बाइल के माला
फूल के माला
डांगरे मुडे पगड़ी के
ई सभे ।
गोहाइल पोरब कहनिञ “गोहाइल पोरब” के पीछ कि होवो हइ ?
डागर बोनसमा जा हथिन
डागर घर घुर आवथ
गोरखिया के दुसे लगथ
एकर में कउनाञ
गोहाइल पोरब कहनिञ गोरखिया के की नाम हकइ ?
“एहे गुलहन भाइभ – गुइन के गोइरखिया गछवा ले- नांभलक| ओकरा देखइथी लेरू – तेरू गुलइन ओकराँ चारो धाइर ले खुसी मने बेहवे लागल्थिन ।” ई वाइस कोन लोक कथा से लेल गेल हइ ?
केतकी फुल आर छगर गोरखिया ।
लुइरगर बेटी छउवा
बुढ़ी आर ओकर नाती
गोहइल पोरब
एहे गुलहन भाइभ – गुइन के गोइरखवा ले – नांभलक ओकरा देखइथी लेरू – तेरू गुलइन ओकराँ चारो धाइर ले खुसी मने बेहवे लागल्थिन ।” ई वाइके देल ‘ गछवा ले नामलक’ में ‘ले’ कारके के कोन विभक्ति लागे ?
करन कारक
अपदान कारक
सम्प्रदान कारक
एकर में कोई नाञ
“एहे गुलहन भाइभ – गुइन के गोइरखवा ले – नांभलक| ओकरा देखइथी लेरू – तेरू गुलइन ओकराँ चाइरो धाइर ले खुसी मने बेहवे लागल्थिन ।” ई वाइके आवल “भाइभ-गुइन” सबदेक सही माने छांटा :-
गोहाइ करते हुए पराइके
सोइच बिचार के
गुना भागा कर के
ई सभे
“एहे गुलहन भाइभ – गुइन के गोइरखवा ले – नांभलक| ओकरा देखइथी लेरू – तेरू गुलइन ओकराँ चाइरो धाइर ले खुसी मने बेहवे लागल्थिन ।” ई वाइके आवल सबद ‘गुलइन’ सबदेक सही मान छांटा-
गुन गआन
गुलइची फूल
गुल कइरइत
बहुबचन बोधक परतइय
“ तखने ऊ गोरखिया- किसान धान काइट के बीड़ा बाधलक तब आपन खरिहानें आइन के माड़ा धुराइ के आखइसे उटइक के माड़ा खिजवल” ई वाइके कोन लोक कथा से लेल गेल हई ।
गोहाइल पर
केतकी फूल
बुढ़ी आर ओकर नाती
लुइरगर बेटी छउवा
“तखने ऊ गोरखिया- किसान धान काइट के बीड़ा बाधलक तब आपन खरिहानें आइन के माड़ा धुराइ के आखइसे उटइक के माड़ा खिलवल ” ई वाइके आवल सबद “माड़ा धरवेक” के सही माने छांटा:-
धान मइसेक
धवरी खेदेक
दवनिक करके
ई सभे
“तखने ऊ गोरखिया- किसान धान काइट के बीड़ा के बाधलक तब आपन खरिहानें आइन के माड़ा धुराइ आखइसे उटइक के माड़ा खिलवल” ई पटतइरे आवल सदब ‘माड़ा’ सबदेक पर्यायवाची सबद बतावा ।
“तखने ऊ गोरखिया- किसान धान काइट के बीड़ा बाधलक तब आपन खरिहानें आइन के माड़ा धुराइ के आखइसे उटइक के माड़ा खिलवल” हिंया आवल “खिजवल” सबदेक सही माने छांटा-
खिस करेका
खियावल पिलावल
बाइल से अनाज
खियावल पिलावल
“तखन ले बराबर घाटवार के डाइक के गोरया गाइड नेग आर पोरोब मनवल जाहे ।” ई पंक्ति कोन लोक कथा से लेल गेल हइ?
खूंटा भितर चियाँ गोटा
गोहार पोंसेब
लुइरगर बेटी छउवा
गोहाइल पोसेब
“तखन ले बराबर घाटवार के डाइक के गोरया गाइड नेग आर पोरोब मनवल जाहे ।” ई वाइके “गोरया गाइड” सबदेक सही अरथ बतावा ?
डांगर के मानयता देवेक
देवता स्थापित करेक
खूंटा गाडोक
डांगरे देवता स्थापित करेक
“तखन ले बराबर घाटवार के डाइक के गोरया गाइड नेग आर पोरोब मनवल जाहे ।” ई वाइके आवल ” तखन ले” सबदे कारके के कोन विभक्ति लागल हइ ?
सम्पदान कारक
अपदान कारक
करन कारक
एकर में कोई नाञ
गोहइल पोरब कहनित्र ‘गोहाइल’ सबदेक माने छांटा:- गाय के हाल चाल
हल्ला गुल्ला
गाय गोउरू के घर
गउसाला
सही माने छांटा:-
नदी धाइरें सइये बोनवाँ ठिने माडल हला कुइछ लोक। ई वाइके सही अनुवाद छांटा:-
नदी किनारे उसी बन के निकट कुछ लोगो का निवास था ।
नदी किनारे उसी वन में कुछ लोगो ने डेरा डाला था।
नदी किनारे उसी बन में एक छोटा सा गांव था।
नदी किनारे उसी बन के निकट लोग रहते थे।
‘धोइ – धाइ के रगइद- हॅसइत के एकदम सफा कइर देलइन ।’ ई वाइके ‘रगइद हँसइत के’ आवल सबद सही माने छांटा:-
हाथ से रगइड के
हॉस- हॉस कर रगड़
आसानी से रगइड के
एकर में सभे
ई वाइके ‘हॅसतइक’ कइसन क्रिया रूप लागे ?
प्रेरणार्थक क्रिया
पूर्वकालिक क्रिया
नाम बोधक क्रिया
सहायक क्रिया
लुइरगर बेटी छउवा लोक कथाएं बेटी के की नाम हकइ ?
लुइरगर बेटी छउवा लोक कथांत्र “गीदर टी आधडेंरका उमरेक हलइ ।” हिंया आधडेंरका माने की हकइ?
पाकल उमर
अध पाकल उमर
मनमउजी
अध पाकल आधा
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ – “चापुक जुकुर पावल जीतइ हतइ मनसइदाउ बिहा “ । ई वाइके ‘मनसइदा’ सबदेक सही माने बतावा ।
a. मनपसंद
b. मनमुताबिक
c. मनमउजी
d. a-b
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ – “चापुक जुकुर पावल जीतइ हतइ मनसइदाउ बिहा “ । उपरेक वाइके ‘जुकुर’ सबदेक सही माने बतावा ?
लुइरगर बेटी छउवा कहनियं ‘लुरगर’ सबदेक सही माने बताव?
बुइधगर
गुनगर
अकिलगर
ई सभे
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ् चापु के बाप चापु के बिहा खातिर की सरत राखल हइल?
चापु के जे हराइतइ ओकर से बिहा होत
चापु के जे जिततइ ओकर से बिहा होत
चापु जेकर से हारतइ ओकर से बिहा
ई सभे
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ – “सोझ काठ के बेंकवेल” के माने की ?
हरेक बुटा बनवेक
हरेक चंदली बनवेक
हरेक हथा बनवेक
ई सभे
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ “सिंग पूंछवाला झांपरा काठ के घिसरवेक” मने की हइ ?
सरवुआ के झाक लानेक
लोदरा के घिसियाइक आनेक
सरवुआ के पतेइला काट के डांगर से घिसियाइक आनेक
ई सभे
लुइरगर बेटी छउवा कहानिञ “यदि अइतइ नाञ आइत आर न आयते तो आइतइ” एकर सही माने छांटा:-
a. नदी में पानी अइतइ तो चापु के बाप नाञ अइतइ
b. नदी में पानी न अइतइ तो चापु के बाप अइतइ
c. आंधि अइतइ तो नञ अइतइ आंधि न अइतइ तो
d. a, b दूइयों सही
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ कांट के बारी में कांटा के बाड लगवेक माने की हइ ?
बारी में उपजल कांटा घास के घेरे लइ
बारी में लगवल कटेला बाइगन के कांटा से घेरवल
बारी में कंटिला तार से घेरे ले
बारी में लगवल कटिला बइगन के कंटिला झाड़ी से घेरे ले
छागइर गोरखिया के सही माने छांटा-
छागरी चरावे वाला
छगरी पोसे वाला
छगरी काटे वाला
छगरी बेचे वाला
छागइर गोरखिया के सही नाम छांटा-
छागइर गोरखिया के कोन नाम ट परसिध हलइ ?
टेपा
बकरी गोरखिया
छागइर चरवा
छागइर गोरखिया
छागइर गोरखिया कोन राजा के राइजे रहो हलइ ?
कमल केतु
काल केतु
नील कमल
पुसप कमल
टेपा केतकी फुल कहाँ पइले हलइ ?
बोन भितरे
पोखरे
बगाने
नदी में बहइत
टेपा जे केतकी फूल पाइल हलइ, ओकर गुन टा बतावा?
साझे मलिन भइ जा हलइ
कखनु नायं मलिन भेलइ
सब पंखुडी झइर गेल हलइ
बड़ी बदबुदार हलइ
छागइर गोरखिया केकर गोबर डिंगे केतकी फुल गाइड देवो हलइ ?
आपन घरेक गोबर डिंगेक
गांवके गोबर डिंगेक
राजा के गोबर डिंगेक
माटीएं
छागइर गोरखिया केतकी फुल की करो हलइ ?
आपन संगे लेकर सुतो हलइ
गोबर डिंगेक गाइड़ देवो हलइ
आपन घरे रखो हलइ
एकर में कोई सही नायं
केतकी फूल के, के चोरी कर लेवो हइ ?
राजा के नोकर
राजा के नोकरानी
गांवेक के दोसर गोरखिया
राजा नीजें
फूल चोरी भेल पर टेपा की करो हइ ? सही उतर छांटा-
बेजाइ फिकिर करोहइ
एकदम फिकिर नायं करो ह
चोर पकड़े के उपाय करो हइ
चोर के पकड़ लेबो हइ
दू बीहॉइ दुरगति लोककथा के संकलनकर्ता के नाम छांटा-
डा० ए० के० झा
बंशी लाल बंशी
डा० बी० एन० ओहदार
दिनेश दिनमणि
दू बीहॉइ दुरगति लोककथा कोन किताबे छपल हइ |
खोरठा लोक साहित – कल्याण विभाग
खोरठा लोक साहित – शिवनाथ प्रमाणिक
खोरठा लोक गाथा
खोरठा परिषद् – रामगढ़
दू बीहॉइ दुरगति कहनिञ नायक के कईगो बहु हलथिन ?
दू बीहॉइ दुरगति कहनित्र छोटकी बहु के की नाम हलइ?
गुड्डी
गुड़िया
गुडकी
पता नाञ चलो हइ
“छोटकी गुडिया ! छोटकिक काम गुडिया । ओकर सब कुछ गुनगर आर गुड़िया ।” ई पंक्ति कोन लोककथा से लेल गेले हइ ?
सात भाई आर एक बहिन
लुरगर बेटी छउवा
दु बीहॉइ दुरगति
केतकी फूल
दू बीहॉइ दुरगति कहनिज के घर से भाइग जा हइ ?
बडकी
छोटकी
ओखनीक मरद
केउ नाञ
दू बीहॉइ दुरगति कहनिञ कोन बहु चनफन हलइ?
दू बीहाइ दुरगति एक लोक की ले दुसर बिहा करो हइ ?
बेटा जनमे के चलते
ऐस मउज करे खातिर
खेती बारी समहारे खातिर
एकर में से कोइ नाञ
दू बीहॉइ दुरगति कहनिञ छोटकी गुदली चावुर की ले निकाले नाञ पारलइ ?
किलेकी गुदली कूटे नाञ जानो हलइ
धरे ढेकी नाञ हलइ
गोदली में तेल मेसवल हलइ
जाइन बुझ के गुदली चाउर नाञ निकालइ
दू बीहॉइ दुरगति कहनिञ मरद के टान केकर ओर बेसी रहो हलइ ?
छोटकी दने
बड़की दने
दुइओ दने एक समान
केकरो उपर नाञ
दू बीहॉइ दुरगति कहनित्र “अइसन बाद बदिक बात नॉइ कर के सुगमें रहेक चाही ।” के बोलो हइ?
बड़की आपन मरद के
बड़की छोटकी से कहो हइ
छोटकी बड़की से कहो हइ
छोटकी आपन मरद से कहो हइ
दू बीहॉइ दुरगति कहनित्र गुडली चाउर नाञ निकाल पारल पर छोटकी की करो हइ ?
खाना नाञ बनाओ हइ
पड़ोस से पचा लानो हइ
धान क चाउर से खाना बनाओ
दुकान से खरिद के लाओ हइ
दू बीहॉइ दुरगति कहनिञ बड़की छोटकी से की ले डाह करो हइ ?
मरद के टान छोटकी पर बेसी ह
छोटकी बड़ी मेहनती हइ
छोटकी जादूगरनी क
छोटकी बड़ी सुनदर हलइ
दू बीहॉइ दुरगति कहनिञ कइन तिअन मरद बेस लागलइ?
बड़की के राधल झोरगर सबजी
बड़की के राधल भुंजल तिअन
छोटकी के राधल भुंजल तिअन
छोटकी के राधल झोरगर तिअन
“बांधल चुइल खुइज के पाथाइर गेलइन, लुगा-फाटा फाटे – फेंकाइ लागलइन” ई वाइके सही हिन्दी अरथ बतावा:-
बाल खुल के फैलगया कपड़ा फट गया।
बाल खुल कर फेका गया लुगी फटने लगा
जुडा खुल गया बाल फैल गये कपड़े फट कर फेकाने लगे
इसमें से कोई सही नहीं
“अइसन बादा-बादिक बात नाई कइर के सुगुमे रहेक चाही।” ई बाइक “सुगुमे रहेक चाही” के माने बतावा-
बात नाञ करेक चाही
चुप रहेक चाही
जाबाव नाञ देवेक चाही
सभे
“राँधा – राँधिक सब काम निंघरल देख बड़की आरो लहइर उठलइ । तखन दोसर कुटचाइर चलेक बतर भांजे लागलइ ।” ई वाइके “बतर भांजे ” सबदेक सही माने बतावा-
उपाय ढूंढे लागलइ
अवसर खोजे लागलइ
जोगाड़ सोचे लागलइ
ई सभे ।
“राँधा – राँधिक सब काम निंघरल देइख बड़की आरो लहइर उठलइ । तखन दोसर कुटचाइल चलेक बतर भांजे लागलइ ।” ई वाइके ‘निघरल’ सबदेक सही माने बतावा- ‘
काम के सेस होवेक
काम सिराइ जाइ
काम खतम होवेक
ई सभे ।
“राँधा-राँधिक सब काम निंघरल देइख बड़की आरो लहइर उठलइ । तखन दोसर कुटचाइर चलेक बतर भांजे लागलइ ।” ई वाइके ‘कुटचाइल’ सबदेक सही माने बतावा | कुटिल चाल
कुचक्र
कुट के चालना
कुटना
सही उतर छांटे-
दू बीहॉइ दुरगति कहनित्र बड़की गोदली में तेल की लेइ मिलवल हलइ? आसनी से चाउर निकले खातिर
कठिनाई से चाउर निकले खातिर
छोटकी के परेसान करे खातिर
कोई नाञ
1, 2
2, 3
3, 4
1, 4
दू बीहॉइ दुरगति कहनित्र बड़की छोटकी के कोन अनाज रांदेक देल हलइ?
“एतना सुनबाई आर बड़किक तो एड़ीक लहइर चाँदी चाइघ गेलइ | उपरेक वाइके “एड़ीक लहर चाँदी चाइप ” सही अरथ छांटा।
देह जलन होवेक
भारी बेजाइ खीस होवेक
पाइर में चॉदी के पायल पहनेक
पसीना-पसीना होवेक ।
“एतना सुनबाई आर बड़किक तो एड़ीक लहइर चाँदी चाइघ गेलइ | ” ई वाइके ‘एड़ीक लहर चाँदी चाइप की हकइ ।
1.अहना – मुहावरा
2.पटताइर – लोकोक्ति
3. बुझवइल – पहेली
4. 1, 2 both
“नाके नुन कासेक’ सही माने बतावा ?
1. नाक नुन डालेक
2. परेसान करेक
3. बस में करेक
4. 1, 3 both
“ई बात सुइन के सभिन भाभला जे एके बिहाक परथा टा तोरल के दाएँ ई नाकें नुन आर नाना-थाना ।” हियां आवल ‘नाके नुन कासेक’ की कहइ?
मुहवरा (अहना)
लोकोक्ति (पटतइर)
पहेली (बुझवेल)
एकर से कोई नाञ
“तनी जिराइ के मरदवा ढोढा बाटे गेलक नाहइले । छोटकी गेलिक डाडी बाटे ले पानी आने ।” उपरेक वाइके आवल सबद “ढोढा” सबदेक माने बतावा
a.पतला पखाना
b.नदी नाला
c.गढ़ा डोढ़ा
d. b & c
“तनी जिराइ के मरदवा ढोढा बाटे गेलक नाहइले । छोटकी गेलिक डाडी बाटे ले पानी आने ।” ऊपर देल पंक्ति में ‘जिराइ’ सबदेक के की माने होवो हइ ?
जिरा लगाइ के
आराम कर के
थोडे देरी में
एकर में सभे सही
“तनी जिराइ के मरदवा ढोढा बाटे गेलक नाहइले । छोटकी गेलिक डाडी बाटेले पानी आने । ” ई पंक्ति कोन कहनी से लेल गेल हइ ?
लुइरगर बेटी छउवा
सात भाइ एक बहिन
दू बीहॉइ दुरगति
धनेक धधइनि
दू बीहॉइ दुरगति कहनित्र छोटकी कइसन चाउर के भात दू बनलइ?
गुदली चाउर के
बोड़ा चाउर के
जोडरा चाउर के
बासमति चाउर के
दू बीहॉइ दुरगति कहनित्र ‘तिअन’ आवल सबद के माने बतावा ?
तीन किसिम के अन
तीन जन
सबजी – तरकारी
तीन दिन
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ “जुनजुनात हराइ छोडबइ” वाइके जुनजुनांत के सही माने छांटा:-
लुइरगर बेटी छउवा कहनित्र “सरगेक पानी टेकाइ / रोकेक” माने की हइ ?
छपर छारेक
घर मिर ढुकेक
छाता लगवेक
बरसाती पहनेवेक
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ “माँइ एगो माँइ से तकर गिदरवइन के सिझवे लगल हइ” तकर सही माने छांटा:-
माँइ बाटले आपन छउवा पुता के तंग करेक
माँइ बाटले आपन छउवा पुता धुप में सेकेक
माँइ बाटले आपन छउवा पुता के आग में सेकेक
लाहइर झटनी (पउधा) से लाहइर दाल सिझवेक
लुइरगर बेटी छउवा कहनित्र “चरका के करिया करेक” सही माने छांटा:-
सफेद दिवाल के करिया रंग से पोतेक
करिया दिवाल के सफेद रंग से पोतेक
सफेद कागजे करिया सिहाही से लिखेक
ई तीनो में कोई सही नञ्
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ “बेजरियाक धात (नाड़ी) देखेक” सही माने छांटा:-
बिमार लोग के नाड़ी देखेक
बिमार लोक के पथ (पथ्य) देवेक
बिमरिया के दवाइ दियेक
भात रांधेक/ बनाना
लुइरगर बेटी छउवा कहनित्र “बेन्दकढी बिहा” के सही माने छांटा:-
बेद के अनुसार बिहा करेक
मन पसंद बिहा करेक
जे बिहाए कनिया दूलहा घर जा के बिहा करो हइ
ई तीनो मे से कोई नाञ
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ एगो बेस पटतइर हकइ?
कथातमक बुझवेल के
गीतातम बुझवेल के
कथातमक आर गीतातम बुझवेल के
ई तीनो में से कोइ नाञ
चापू तनी गिजेर के कहइलइ-ई वाइके ‘गिजरेक’ सही माने छांटा:-
खिसाइ के
मुसकुराइ के
जोर-जोर हाइस के
घमंड से
लुइरगर बेटी छउवा कहनित्र चापु संगे बिहा करे खातिर बारी-बारी कइगो लड़का पहूचल हला ?
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ के नाइका के बापेक के की नाम हलइ ?
सोमर
सनिचरवा
बुद्ध भगत
नामेक पता न चलो हड़
लुइरगर बेटी छउवा कहनिय नाइका के माइ के की नाम हइ ?
सोमरी
सनिचरिया
सवितरि
नामेक टवान नाञ
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ संकलनकर्ता के सही नाम छांटा:-
ए० के० झा.
श्री निवास पानुरी
बंशीधर बंशी
बी० एन० ओहदार
लुइरगर बेटी छउवा कहनित्र “छोट कर बोड़ करेक” सही माने छांटे:-
दुगो छोट (कपड़ा) सिकर बड़ करेक
दुगो काठ के जोइड के बड़ करेक
दुगो छोट-छोट खेत के मिलाइ के एगो बनावेक
चपतल रूइ के धुन के फूल फूलार करेक
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ चापु के लुइरगर की ले कहल गेल हइ ?
किलेकी सब बात सिधा सिधा कहो ह
किलेकी सब बतिया बुझउवल में कहा ह
किलेकी सब बात गीत मे कहो ह
किलेकी सब के मरूख बनावो ह
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ ‘बेटी छउवा’ सबदेक सही माने छांटा:-
बेटी के गिदर
बेटी के छउवा
लड़की
नातिन
लुइरगर बेटी छउवा कइसन लोककथा हकइ?
a. जान कहनी
b. सून कहनी
c. बुझ कहनी
d. a तथा c
लुइरगर बेटी छउवा कइसन लोककथा एकइ :-
बुझवल लोक कथा
फांकी लोक कथा
हियाली लोक कथा
ई सभे
“बाप गेल हलइ कचरा आर झांक काटेले बोना” ई वाइके ‘कचरा’ सबदेक सही माने छांटा:-
कच्चा
कचड़
सखुआ के लकड़ी
सागवान के लकड़ी
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ – “मेनेक बापे भाभलइ जे जइसन लुइरगर बेटी, तइसने लुइरगर जमाई हवे के चाही” । ई वाइके बापे सबदे कारक के कोन परतइ लागल हइ?
कर्त्ता कारक
कर्म कारक
करण कारक
अधिकरण कारक
लुइरगर बेटी छउवा कहनिञ – “मेनेक बापे भाभलइ जे जइसन लुइरगर बेटी, तइसने लुइरगर जमाई हवे के चाही” । उपरेक वाइके ‘ भाभलइ” सबदेक सही माने छांटा:-
बिचार करलइ
करलइ सोचलइ
निसचइ करलइ
ई सभे सही
छागइर गोरखिया केतिकी फुलेक जोड़ा कहाँ पइले हलइ?
राकसिन बेटी ठिन
बाग़ में
बोन में
नदी में बोहइत
छागइर गोरखिया, राकसिन के की ले कान काइट लेलइ ?
खीस के मारे
खेल – खेल में
राकसीन मारल के प्रमाण खातिर
एकर में कोई नायं
सावित्री देवी के जनम बछर बतावा-
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल कहनिञ टेपा के कइगो बहु हलइ ?
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल कहनिञ से की सिकछा मिलो हइ ?
मेहनत के फल मिठा होवो हइ
सफलता पावेक खातिर जिद करना जरूरी हइ
मरे के डर से काम नाञ रोकेक चाही
ई सभे
छांगइर गोरखिया आर केतकी फूल कहनित्र राजा केतकी फूल के जोड़ा मिलल टेपा के की करो हइ ?
जान से मार देवो हइ
आधा राइज देवो हइ
आधा राइज आर आपन बेटी बिहा देवो हइ
टेपा के देस निकाला के सजा दे देवो हइ |
छागइर गोरखिया कहनिञ टेपा बड़ हथनी कोन राजा ! से मांगो हइ ?
जे राजा के राजकुमार मरल हलइ तर से
जे राजेक राकसिन मारलइ से राजा से
टेपा जे राइजे रहो हलइ से राजा से
कोई राजा से नाञ मांगले हलइ
छागइर गोरखिया आर केतकी कहनित्र टेपा कोन राजा से बिदाई बेरा सोना के मुंगरा मांगो हइ ?
टेपा जे राइजे रहो हलई से राजा से
जे राइजेक राकसिने मारलइ से राजा से
जे राजा के राजकुमार के जीयाइ लइ से राजा से
कोई राजा से नाञ ।
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल कहनित्र राकसिन बेटी:-
छागइर गोरखिया संगे भाइग जा हइ
छागइर गोरखिया संगे बिहा कर लेवो ह
जान से मरवा देवो हइ
एकर में कोन्हो नाञ करो हइ
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल कहनिञ गोरखिया केतकी फूल कर हाथे देखो ह ?
राजकुमारी ठीन
राकसिन बेटी ठीन
राकसीन ठीन
नदी में बोहइत
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल कहनिञ मरल राजकुमार के जियावल पर छागइर गोरखिया के राजा की करो हइ ?
जान से मार देवो हइ
आधा राइज दे देवो हइ
आधा राइज आर राजकुमारी दे देवो ह
राजकुमारी संग बिहा कर देवो हइ
छागइर गोरखिया आर केतकी कहनिएं छागइर गोरखिया की ले कांसा के डुभा बजाओ हइ ?
डाकिन- किचिन – किचिन भगवे ले
आझा – बाइद भगवे ले
आपन डर भगगावे ले
मुरदार के जीयाइ ले
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल कहनिएं मरल राजकुमार के गढ़ा से बहराइ के जड़ी सुंघाई के, के जियावो हइ ?
डाकिन- किचिन
छागइर गोरखिया
ओझा गुनी
a, b दूइयो सही
टेपा एगो कांसाक डुभा आर एगो ठूठना लइ नुकाइ रहे हे। ई वइके ‘डुभा’ सबदेक सही माने छांटा:-
बडका कटोरा
छोट कटोरा
छिपा
छिपी
टेपा एगो कांसाक डुभा आर एगो ठूठना लइ नुकाइ रहे हे। ई वाइके ‘ठूठना’ सबदेक सही माने छांटा :-
नवा बदनी (झाडू)
ठेंगा
घिसल टूटल बढनी
छोटेगो डूंगरू
“ हामरा तो मोरेके हे, हिंया मोरो चाहे आपन राजा मोरवे! फेर परयास करले नुकसान की । ” ई बात के, के कर से कहो हइ ?
छागइर गोरखिया राजा से कहो ह
छागइर गोरखिया रानी से कहो हइ
टेपा अपने आप से कहो हइ
टेपा गांवेक लोक से कहो हइ
छागइर गोरखिया आर केतकी कहनिएँ एगो राजाक बेटा मोरल पर की ढिढोरा पिटले हलइ ?
जे हमर बेटाक जीयतइ ओकरा एक हिस्सा राइज देबइ
आपन बेटी संग बिहा कर देबइ
बचावे नाञ पारतइ तो ओकरा जाइन मार देब
ई सभे
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल कोन किताबे संकलित हइ ?
खोरठा लोक साहित (कल्याण विभाग)
खोरठा लोककथा
खोरठा लोक साहित (प्रमाणिक)
एकर में से केकरो नाञ
छागइर गोरखिया आर केतकी फूल के संकलनकर्ता के हकइ ?
ए० के० झा
डॉ० बी० एन० ओरदार
दिनेश दिनमणि
सावित्री देवी
छागइर गोरखिया आर केतकी फुल कइसन कहनी हकइ ?
लोक कथा
कथा – शिष्ट
दंत कथा
धरम कथा
राकसिन के मारल पर हूवां के राजा टेपा के की इनाम देवो हइ ?
अन धन
चॉदी सोना
आधा राइज
बेटी से बिहा
राकसिन के मारल के बाद टेपा राकसिन के कोन अंग काइट लेवो हइ ?
टेपा राकसिन के कोन हथियार से मारो हइ ?
पाखन से
तलवार से
फरसा से
टांगा से
टेपा राकसिन बुढ़ी के कि तइर मारो हइ ?
धोखा से
आमने सामने लड़ाई करके ।
जहर देके
एकर मे कोई सही ना
“नाय चिन्हो पारलों बेटा हामें तो तोरा चुम्मा लिये जा हलियउ” ई बात के केकरा से कहो हइ ?
टेपा के माइ टेपा से
टेपा के मउसी टेपा से
राकसिन बुढ़ी टेपा से
रानी टेपा से
टेपा राखसिन के की देवो हइ ?
चुड़ा
पाक पकवान
रोटी
कुछ नाज
छागइर गोरखिया राखसिन से कइसन नाता जोड़ो हइ ?
नानी के
मामी के
मउसी के
दीदी के
“हामरॉ मोरेक डर नखे। घुरब तो राजा नॉयं छोडत एकर से बेस, कामेक आगुक परयासें मोरों” ई बात के, के केकर से कहो हइ ?
छागइर गोरखिया – बानेक पहरेदार से
छागइर गोरखिया – राजा से
राजा के नोकरानी – रानी से
छागइर गोरखिया अपने मने – मने ।
केतकी फूल के जोड़ा खोजइते टेपा के सबले आगु केकेर से भेट होवो हइ ?
राकसिन से
राजकुमारी से
बन सुंदरी से
बाघिन से
राजा टेपा के केतकी फुल खोजे खातिर डहर खरचा की देवो हइ ?
चुड़ा
चावल
रूपया – पइसा
सोना-चाँदी
केतकी फूले जोड़ा लालन पर राजा टेपा के की इनाम दिये खोजो हइ ?
a.आपन बेटी से बिहा करेक
b.आधा राइज दियेक
c.दू पइला चुड़ा दियेक
d.a आर b दुइयो
केतकी फूले जोड़ा नायं लालन पर राजा टेपा के कइसन सजा दिये के बात कहलइ ?
देस से निकाइल दिएक
फासी दियेक
जेल घुसाइ दियेक
कोड़ा से पिटेक
राजा केतकी फूल देइख के टेपा से की कहलइ?
केतकी फूले गाछ देखवे कहले
केतकी फूले जोड़ा लाने कहलइ
नदी में बहाइ दिये कहलइ
बोने फेक दिये कहलइ
राजा के नोकरानी केतकी फुल चोराइ के की करो हइ ?
आपन खोपाइ (जुड़ाई) खोस ले ह
रानी के दे देवो ह
आपन पुरूस के देवो हइ
राजा के देवो ह
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