Overall
‘सोहान लागे रे’ किताब कर दूसरा संस्करण कर प्रकाशक लागे-
- झारखंड झरोखा
- पृथ्वी प्रकाशन
- शिवांगन पब्लिकेशन
- धारा पब्लिकेशन
बाघा-हुडारा धनी,बोना गाजारे, ‘हुंडार’ के कर समानार्थी सबद लागे-
- लकड़बघा
- लकरा
- भेड़िया
- ई सभे
‘सांझे हांस झींगा फूल’ कइसन गीत लागे
- प्रकृति चित्रण
- श्रृंगार रस पूर्ण
- यथार्थवादी चित्रण
- ई सभे
पर्यावरण समस्या पर लिखल गीत लागे-
- वोन रक्षा जीवन रक्षा
- सेंवातिक बांउडी मेला
- सांझे हांसइ हींगा फूल
- सोहान लागे रे
‘निमुहियाक धार नाञ उजार’ में निमुहिया कर मान हेवत-
- जकर मुँह नाञ
- जे बोले नाञ (गुंगा)
- जे बोले नाञ जनो हे
- एकर में कोइ नाञ
‘सइया कोइर’ कहां पावल जाहे-
- गांव में
- संहर में
- बोन में
- हर जगह
‘मिली के रहिहा कोन भावेक गीत हवे पारे? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- बिहा गीतेक
- देसपरेम / राष्ट्रीय भाव
- समाजवादी भाव
- सभे भावेक
‘कते सुन्दर छोटानागपुर गीत केकर लिखल लागे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- सुकुमार
- दीपक सवाल
- दिनेश दिनमणि
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे गीत केकर लिखल लागे ?
- सुकुमार
- शांति भारत
- दिनेश दिनमणि
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
बोने पाकलइ सोन्या कोइर गीत केकर लिखल लागे ?
- सुकुमार
- शांति भारत
- दिनेश दिनमणि
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
सोहान लागे रे गीत केकर लिखल लागे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- सुकुमार
- शांति भारत
- दिनेश दिनमणि
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
हामर भारत महान गीत केकर लिखल लागे ?
- सुकुमार
- शांति भारत
- अम्बुज कुमार
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
मिली के रहिहा गीत केकर लिखल लागे ?
- सुकुमार
- शांति भारत
- अम्बुज कुमार
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
साँझे हॉसइ झीगा फूल गीत केकर लिखल लागे ?
- सुकुमार
- महेन्द्र नाथ गोस्वामी
- अम्बुज कुमार
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
वोन रक्षा जीवन रक्षा गीत केकर लिखल लागे ?
- अनीता कुमारी
- महेन्द्र नाथ गोस्वामी
- अम्बुज कुमार
- प्रदीप कुमार ‘दीपक’
‘सेंवांतिक बॉउड़ी मेला’ गीत केकर लिखल लागइ ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- अनीता कुमारी
- महेन्द्र नाथ गोस्वामी
- अम्बुज कुमार
- सुभद्रा कुमारी
जय माँय जननी गीत केकर लिखल लागे ?
- अनीता कुमारी
- महेन्द्र नाथ गोस्वामी
- शिवनाथ प्रमाणिक
- सुभद्रा कुमारी
‘मेढ़ आर मानुस कोन भावेक कविता लागे ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- छायावादी
- रहस्यवादी
- जनवादी
- प्रयोगवादी
‘जय मांय जननी’ कविता में जननी कर माने की हेवत ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- पालन करवइया मांय
- जनम देवइया मांय
- दूइयो
- कोइ नाञ
‘हामर भारत महान रे’ गीत कोन किताबे सामिल हइ ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- झींगा फूल
- कोरइया फूल
- सोहान लागे रे
- रांगा लाठी
अनिता कुमारी जी हेठेंक कोन गीत लिखल हथ ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- जय मांय जननी
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
- मिली के रहिहा
- सोहन लागे रे
‘सांझे हांसइ झींगा फूल’ गीतेक गीतकार के हथ ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- महेन्द्र नाथ गोस्वामी
- अनिता कुमारी सुधाकर
- सुभद्रा कुमारी
- शिवनाथ प्रमाणिक
करमा – सोहराइ, टुसु, सरहुल परबेक चरचा हेंठेक कोन गीते हेल हइ ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- सोहान लागे रे
- मिली के रहिहा
- मांदइर बाजे रे, बांसी बाजे रे
- हामर भारत महान रे
दिनेश दिनमणि जीक लिखल गीत के पछान करा ? JSSC Nagarpalika 29/10/2023
- मांदइर बाजे रे, बांसी
- सोहान लागे रे बाजे रे
- हामर भारत महान रे
- बोने पाकलइ सइयां कोइर
मांदइर बाजे रहे, बाँसी बाजे रे कोन किताब के रचना हक ?
- सोहन लागे रे
- खोरठा काठें पइदेक खण्डी
- एक पथिया डोगल महुआ
- एक मउनी फूल
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे गीत में कोन परबे के चरचा नाञ हइ छांटा:-
- करम
- सोहराइ
- सरहुल
- दसइ
बाउंडी परब कोन गीत के सुर में झुमो हइ ?
- चांइचर
- झुमर
- डोहा, टूसू
- केकरो में नाञ
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे गीत आधारे गलत जोडा छांटा:-
- कोयल – सरहुल
- सोहराय – धान पके
- डोहा – बाउंडी
- टूसू – करम
चिउर गुर, लाइ पीठा कोन परबे पकाइ के खाइल जा हे?
- बांउंडी
- सोहराइ
- करमा
- सरहुल
झारखंड में अखड़ा में कइसन काम होवो हइ गलत उतर छांटा:-
- सांसकिरतिक कार्याक्रम होवो ह
- पहलवानी कुस्ति होवो ह
- गहदम झुमर लगो हइ
- गरू डांगर नचवल जा हइ
गोरू- डांगर मलक मारे, सिंधे सिंदुर मारवे बरदा के भिखे परीछे ढोले – ढाके । ” ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ.
- बोने पाकलइ सायं कोइर
- मांदइर बाजे रे बाँसी बाजे रे
- हमर भारत महान
- सेवातिक बांउडी मेला
“चिउरा – गुड, लाइ- पीठा अछल- गदल धरें दामुदरें डोहा के जे हॉको हइ मिनसरें । ” ई गीत के टुकड़ा कोन गीत से लेल हइ?
- बोने पाकलइ सायं कोइर
- मांदइर बाजे रे बाँसी बाजे रे
- हमर भारत महान
- सेवातिक बांउडी मेला
मांदर बाजे रे, बाँसी बाजे रे गीत में कोन परबे डोहा आर टुसू लोक गीत गावेक चरचा हइ?
- करमा
- सोहराइ
- बउडी
- सरहुल
मांदर बाजे रे, बाँसी बाजे रे गीत में कोन परबे गरू डांगर के सिंग में तेल सेंदुर माखल जा हइ?
- करमा
- सोहराइ
- बउडी
- सरहुल
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे, गीत में कोन परबे बहिन भाइ के असिरबाद देवो हइ ?
- करमा
- सोहराइ
- बउडी
- राखी परब
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे जावा डाली धान पति बेलन दरी कोन परबे परजोग करल जा हइ ?
- करमा
- सोहराइ
- बउडी
- टूसू
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे गीत में झारखंडेक कोन कोन परब के चर्चा भेल हइ?
- करम, सोहराइ
- बउडी-टूसू
- सरहुल
- सभे परब
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे कइसन रचना हकइ ?
- लोक गीत
- शिष्ट गीत
- लोक गाथा गीत
- कोई नाञ
मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे गीत के रचनाकार/जोरवइया के सही नाम छांटा:-
- दिनेश दीन मणी
- बासू बिहारी
- सुकुमार
- शांति भारत
मांदइर बाजे रहे, बाँसी बाजे रे कोन विधा के रचना हक ?
- कविता
- गीत
- गइध
- कहनी
अखरे आँकुर फुटी गीत बइन जाहे । बोली फुइट मधुर-मधुर पिरित बझ जाहे। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- सोहान लागे रे.
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन पाकलइ सयां कोइर
- मांदर बाजे रे, बांसी बाजे रे
सरइ फूल केकर खोपा (जुड़ा) में खोसेक बात कहल गेल हइ ?
- सुंदर नारी के खोपा में
- परकिरति रूपी नारी के खोंपा में
- नचनी के खोपा में
- ई सभे के खोपा में
उपरे देल पंक्ति में ‘सरइ फूल’ के सही माने छांटा:-
- सरगुजा फूल
- कोरइया फूल
- सखुआ फूल
- चमेली फूल
खोसें खोंसल सरइ फूल रूप साजे रे धरती केर ॲचरा सोहान लागे रे… । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
- सोहान लागे र
- सांझे हाँसइ झींगा फूल
सोहान लागे गीत में धरती के अंचरा केकरा कहल गेल हइ ?
- हरियर बोन के
- हरियर खेती बारी
- नाना रकम जीव जन्तु के
- नदी नाला के
सोहान लागे रे गीत में आधरतिया में कोन चिरइ के बोले के बात करल गेल हइ ?
- पंडकी
- पेरवा
- कोइल
- भेंगराज
सोहान लागे रे गीत में कखन कोयल कुके के बात कहल गेल हइ। सही उतर छांटा:-
- संझीयारी
- आधरतिया
- भिनसरिया
- बिहान
सोहान लागे रे गीत में कखन कोयल कुके के बात करल गेल हइ?
- संझीयारी
- आधरतिया
- भिनसरिया
- बिहान
कते सुंदर छोटानागपुर शिष्ट गीत कोन किताब से लेल गेल हइ ?
- एक माउनी फूल
- एक पथिया डोगल मडुआ
- सोहान लागे रे
- खोरठा काइठे पइद खंड़ी
कते सुंदर छोटानागपुर गीत के जोरवइया के सही नाम छांटा?
- दीपक सवाल
- शिवनाथ प्रमाणिक
- दिनेश दिनमणि
- अम्बुज कुमार
दीपक सवाल के गांव के सही नाम छांटा?
- चौफांद
- बाराडीह
- खैराचातर
- मोरपा
हियाँ कर बोली भासा, सुनी के माते हावा, बहिन सब झूमे लागथ जखन आवे टूसू जावा । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- सोहान लागे रे
- मिली के रहिहा
- मांदर बाजे रे, बाँसी बाजे रे
- कते सुंदर छोटानागपुर
कते सुंदर छोटानागपुर गीते बहिन सब कब झुमे लागथ?
- टूसू जावा परबे गीत
- सोहराइ
- करमा परब
- सरहुल
हियां कर बोना – झारे, नाना रकम फूल-फल एक डारी सुगा मइना एक डारी कुके कोयल । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- सोहान लागे रे
- साँझे हाँसइ झींगा फूल
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन पाकलइ सयां कोइर
कते सुंदर छोटानागपुर गीते ‘जोहार’ के करो हइ ?
- छोटानागपुर के लोक
- झारखंड के लोक
- छोटानागपुर के माटी
- गोटा भारत के लोक
कते सुंदर छोटानागपुर गीते हियाँ कर माटी की लागे ?
- चाँदी
- हीरा
- सोना
- सभे
हियाँ कर माटी लागे, चाँदी हीरा और सोना, हिया हुलास उठे देखि के हियाँक बोना। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- सोहान लागे रे
- साँझे हाँसइ झींगा फूल
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन पाकलइ सयां कोइर
कते सुंदर छोटानागपुर गीते हियां कर माटी की नाञ लागे ?
- चाँदी
- सोना
- हीरा
- कोइला
कते सुंदर छोटानागपुर गीतें छोटानागपुर केकरा कहल गेल हइ ?
- झारखंड के
- दखनी छोटानागपुर के
- उतरी छोटानागपुर के
- नागपुर के
कते सुंदर छोटानागपुर में केकर बडाइ करल गेल
- झारखंड के
- दखनी छोटानागपुर के
- भारत के
- नागपुर के
कते सुंदर छोटानागपुर सिरसक गीत में गीतकार झारखंडेक लोकेक कि ले बाहर नायं जाइ कहो हइ ?
- हियां के परकिरति वातावरण बड़ी सुंदर ह ।
- हियां के धरती में चांदी, हीरा, सोना सभे पवाइ।
- हियां रोजी रोजगार के साधन दमे हइ ।
- सभे कारण से।
झारखंड ई देसवा के रूर, ओर दादा रे । ई पंक्ति में ‘रूर’ सबदेक सही माने छांटा:-
- भारत के रूह – आतमा
- भारत के गुरूर – गौरव
- जर्मनी के औद्योगिक नगर
- सभे
हामर भारत महान रे’ गीते आपन स्वाभिमान के केकर नियर ऊँचा राखेक बात करल गेल हइ ?
- हिमालय नियर
- गाँधी नियर
- तिरंगा नियर
- आकास नियर
हामर भारत महान रे गीतकार के गांवेक सही नाम छांटा:-
- बाराडीह
- नावाडीह
- खैराचातर
- बिसुनगढ़
तिरंगा नियर ऊँचा राखब आपन स्वाभिमान रे। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
हामर भारत महान रे गीते लेखक के की बात के गुमान हइ?
- अइसन देसें जनम लेल
- अइसन देस में नायं जनम लेल से
- अइसन देश के दरसन से
- एकर में कोई सही नाञ
अइसन देसें जनम हामर कहें नाँइ करों गुमान रे, हाइरे… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
‘हामर भारत महान रे’ गीते कोन चीज देख के चैकाइ जा हइ ?
- सोना
- मोती
- हीरा
- हरियर धरती
हियाहारी हरियर धरती देख के चोकाइ जहान रे… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
‘हामर भारत महान रे’ गीते हिंया कोन चीज के खान हकइ ? सोना
- हीरा
- मोती
- युरेनियम
- सही उतर छांटा:-
- 1, 2
- 2, 3
- 2, 4
- ई सभे।
हामर भारत महान रे गीते हिंया के माटी से कोन चीज झरे हइ ?
- सोना
- मोति
- हीरा
- ई सभे ।
हामर माटी सोना झरे हीरा मोतिक हियां खान रे, हाइरे… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
‘हामर भारत महान रे’ गीते कोन बीर नारी के बखान करल गेल हइ ?
- कस्तुरबा
- सरोजिनी नायडू
- कोयली देइ
- ई सभे ।
‘हामर भारत महान रे’ गीते कोन बीर नारी के बखान करल गेल हइ ?
- लक्ष्मीबाई
- आरूणा आसफअली
- इंदिरा
- ई सभे ।
कस्तुरबा – कोयली – सरोजनी कतेक करिये बखान रे || ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
‘ हामर भारत महान रे’ गीते देसे नावां बिहान के लेके अइलइ?
- गौतम – गाँधी
- भगत- बिरसा
- नेहरू- अंबेदकर
- आजाद- सुभाष
नेहरू- अंबेदकर लइके अइला देसे नावां बिहान रे । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
‘हामर भारत महान रे’ गीते देसेक खातिर कोन जान देलइ। गलत उतर छांटा:-
- आजाद
- अम्बेदकर
- सुभाष
- बिरसा
‘हामर भारत महान रे’ गीते देसेक खातिर कोन जान देल ?
- गाँधी
- अम्बेदकर
- गौतम
- आजाद
आजाद – सुभास – भगत- बिरसा देसेक खातिर देलइ जान रे, हाइरे… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
गौतम- गाँधी हामर पुरखा दुनियाँइ पइला सम्मान रे- हाइरे… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
दुनियाँक गुरू रूपें जानाइल हामर हिन्दुस्तान रे। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
‘ हामर भारत महान रे’ गीत कोन किताब से लेल हइ ?
- एक पथिया डोंगल महुआ
- सोहान लागे रे
- खोरठक काठें पइदेक खंडी
- एक मउनी फूल
हामर भारत महान रे गीत के जोरवइया के सही नाम छांटा?
- दीपक सवाल
- अनिल कुमार गोस्वामी
- अम्बुज कुमार
- अनीता कुमारी
‘ हामर भारत महान रे’ गीते के कर महानता के बात करल गेल हइ ?
- हियां के सभयता के
- हियां के लोक के
- हियां के संसकिरति के
- आपन देस के
‘ हामर भारत महान रे’ गीते दुनियाँ गुरू रूपें कोन जानल गेल हइ ?
- a. गौतम
- b. भारत
- c. हिन्दुस्तान
- d. b, c
‘हामर भारत महान रे’ गीते दुनियांइ में सम्मान पइलइ?
- गौतम – गाँधी
- भगत – बिरसा
- जय माँय जननी
- सोहान लागे रे
‘हामर भारत महान रे’ गीत में केकरा पुरखा मानल गेल हइ?
- भगत – बिरसा
- गौतम – गाँधी
- नेहरू- अंबेदकर
- लक्ष्मीबाई
कते सुंदर छोटानागपुर गीते कोन चीज सुनी के हावा माते जा हइ ?
- बोली भाषा
- टुसू गीत
- जावा गीत
- एकर में कोई नायं
हियां कर बोना – झारे, नाना रकम फूल-फल एक डारी सुगा मइना एक डारी कुके कोयल । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- सोहान लागे रे
- साँझे हाँसइ झींगा फूल
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन पाकलइ सयां कोइर
कते सुंदर छोटानागपुर गीते बहिन सब कब झुमे लागथ?
- टूसू जावा परबे गीत
- सोहराइ
- करमा परब
- सरहुल
हियाँ कर बोली भासा, सुनी के माते हावा, बहिन सब झूमे लागथ जखन आवे टूसू जावा । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- सोहान लागे रे
- मिली के रहिहा
- मांदर बाजे रे, बाँसी बाजे रे
- कते सुंदर छोटानागपुर
दीपक सवाल के गांव के सही नाम छांटा?
- चौफांद
- खैराचातर
- बाराडीह
- मोरपा
कते सुंदर छोटानागपुर गीत के जोरवइया के सही नाम छांटा?
- दीपक सवाल
- शिवनाथ प्रमाणिक
- दिनेश दिनमणि
- अम्बुज कुमार
अखरे आँकुर फुटी गीत बइन जाहे । बोली फुइट मधुर-मधुर पिरित बझ जाहे। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- सोहान लागे रे.
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन पाकलइ सयां कोइर
- मांदर बाजे रे, बांसी बाजे रे
सोहान लागे रे गीते अखरा में कोन चीज फुटी से गीत बइन जा हइ?
- सखुआ फूल
- परेम के अंकुर
- परास फूल
- कुसुम फल
सोहान लागे रे गीते कहाँ आँकुर फुटी गीत बइन जाहे?
- जंगल
- अखरा
- खेत
- गमला में
सरगम बरसे सोलहो सिंगारे रिमझिम रस चुवइ बागे – बहारें । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मांदइर बाजे रे, बाँसी बाजे रे
- सांझे हांसइ झींगा फूल
- बोने पाकलइ सायं कोइर
- सोहान लागे रे
सोहान लागे रे गीत के मूल / जइड़ भाव बतावा?
- प्रकृतिक सुंदरइ मन हर लेहइ
- प्रकृति के सुंदरइ बसंत रितु में बाइड़ जाह
- प्रकृतिक सुंदरइ मन आकर्षित करइ हइ
- ई सभे
सोहान लागे रे गीत में कोन चेरंइ के बोली से रसिक जन के जागेक बात कहल गेल हइ ?
- परेवा
- भेंगराज
- कोयल
- मयना
सोहान लागे रे किताब के नाम केकर गीत के आधारे रखल गेल हइ?
- दिनेश दिनमणि
- शांति भारत
- शिवनाथ प्रमाणिक
- दिपक कुमार दीपक
सोहान लागे रे गीत में कइसन बोली से पिरित बने के बात कहल गेल हइ?
- कोयली के बोली
- मधुर बोली
- करकस बोली
- आँखिक बोली
गाछे पाते जिनगी हाँसइ के सही माने छांटा:-
- हर जगह जीवंतता हइ
- घर आंगना जिनगी हाँसो हड़
- बोन झारे जिनगी हाँसो हइ
- हर जगह जिनगी हाँसो हइ
गाछे पाते जिनगी मांदर बाजे रे कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मांदइर बाजे रे !
- सांझे हाँस झींगा फूल
- सोहान लागे रे
- बोने पाकलह
बोली फुइट मधुर- मधुर पिरित बइन जाहे आधा रातीं कोयल कूके रसिक जागे रे । ई पंक्ति कहाँ से लेल गेल हइ?
- a. सोहान लागे गीत से
- b. सोहान लागे रे किताब से
- c. a, b दुइओ सही
- d. a, b दुइओ गलत
सोहान लागे रे गीत में कोन चीज देख के सोहान लागे के बात करल गेल हइ गलत उतर छांटा:-
- पराकिरति के सुन्दरइ
- नारी के सुन्दर के
- नदी झरना के सुन्दरइ के
- ई सभे सही
सोहान लागे रे गीत में कोन चीज देख के ‘सोहान लागे’ के बात करल गेल हइ?
- पराकिरतिक सुन्दइर के
- एक गो नारी सुन्दर के
- अखरायं झुमर नाच देइख के
- एकर में कोई सही नाञ
शांति भारत के गांव के सही नाम छांटा:-
- भतुआ
- चौफांद
- कसमार
- बइमारा
‘सोहान लागे रे’ सही माने छांटा :-
- सुन्दर लागे
- चुहिल लागे
- सुहाना लागे
- सभे सही
सोहान लागे रे गीत के जोरवइया के सही नाम छांटा:-
- शिवनाथ प्रमाणिक
- दीपक सवाल
- दिनेश दिनमणि
- शांति भारत
सोहान लागे रे गीत कोन किताब से लेल गेल हइ?
- आँखेक गीत
- खोरठा काठे पइदेक खंडी
- सोहान लागे रे
- एक मउनी फूल
उपरें गीते के टुकडाइ ‘सरइ पता’ के सही माने छांटा:-
- सुखल पतइ
- सखुआ पता
- सड़ल पता
- एकर में सभे सही
दोना टिपी पानी देबो सरइ पाता तोइर । ई कोन गीत के टुकड़ा हकइ ?
- कते सुंदर छोटानागपुर
- सांझे र्हास झींगा फूल
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
- बोने पाकल सायं कोइर
“बोने पकलइ सयां कोइर’ शिष्ट गीत के जोरवइय कोन हक ?
- दिनेश दिनमणि
- शांति भारत
- अनीता कुमारी
- ई सभे सही
पीटबइ कुरथीपीटा परास ठेंगा तोइर। ई पंक्ति में ‘परास ठेंगा’ के सही माने छांटा:-
- परास गाछेक डंटा
- परास गाछेक टुंगरू
- परास गाछेक लेबदा
- ई सभे सही
झरना केर हेमाल पानी मेटइबों पियास । ई डंडी में ‘हेमाल पानी’ सबदेक सही माने छांटा:-
- a. बरफ पानी
- b. कनकन पानी
- c. ठंड़ा पानी
- d. b, c
‘काढबें / काढबों सबदेक सही माने छांटा:-
- निकालबइ
- टानबइ
- खिचबइ
- सभे सही
बोन पाकलइ सइयां कोइर कोन किताब से लेल हकइ ?
- खोरठा काठे पइदेक खंडी
- तातल हेमाल
- एक मउनी फूल
- सोहन लागे रे
बोन पाकलइ सइयां कोइर ई गीतें’ सइयां कोइर’ के सही माने छांटा:-
- पति के कोइर (बेर)
- पति रकम पेयारा बेर
- झडबेरी
- बड़का – बेर
बोन पाकलइ सइयां कोइर ई गीते ‘कोइर’ माने के सही अरथ छांटा:-
- बेर
- बेल
- एगो जंगली फल
- कुसूम फल
सइयां चला, चला न हो बोने, पाकलइ सइयां कोइर हिंया ‘सइयाँ’ सबदे केन अलंकार हइ ?
- सलेस
- यमक
- अनुप्रास
- उपमा
“सइयां चला, चला न हो बोने, पाकलइ सइयां कोइर” , वाइके पहिल ‘सइयाँ’ सबद के सही माने छांटा:-
- मिता
- पति
- सहिया
- पत्नी
“सइयां चला, चला न हो बोने, पाकलइ सइयां कोइर” , वाइके दोसर सइयाँ सबदेक सही माने छांटा:-
- झडबेरी
- बेल
- भेलवा
- पियार
बोने पाकलइ सइयां कोइर कोन शैली/सइली में लिखल/ गावल गेल हइ ?
- a. सवाल-जवाल सइली
- b. संवाद सइली
- c. बसन / सहली
- d. a तथा b दोनों
बाछी- बाछी पाकल तोरब खोइछा भोइर ई पंक्ति/डांडी में ‘बाछी- बाछी’ सबदेक सही माने छांटा:-
- a. छांइट- छांइट के
- b. चुइन- चुइन के
- c. चख चख के
- d. a तथा b दोनों
ई डांड़ी में ‘खोइछा’ सबदेक सही माने छांटा:-
- इच्छा भर
- इच्छा के अनुसार
- साड़ी के अचरा से थइली रकम बनवल संरचना
- दोसर के इच्छा से बनल थोइली
“बड़ी कठिन थनी बोना के डहरा हांसते खेलइते संगी बिततइ डहरा” ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- बोने पाकलइ सइयां कोइर
- सोहान लागे रे
- मिली के रहिहा
- सांझे हांसइ झींग फूल
बोना माँझाइरे/सइयां, नाना लेखे फुला, तोर लगी गाँथव पिया, अति सुंदर माला । ई डांडी कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- बोने पाकलइ सइयां कोइर
- सोहान लागे रे
- मिली के रहिहा
- सांझे हांसइ झींग फूल
बाघा हूँड़ारा धानी/धनि बोना गाजारें ,घात करले सइयां बिंधबइ काँडे , पीटबइ कुरथीपीटा पारास ठेंगा तोइर । ई गीतेक टुकडा कोन गीत से पंइचल गेल हइ?
- बोने पाकलइ सइयां कोइर
- सोहान लागे रे
- मिली के रहिहा
- सांझे हांसइ झींग फूल
बोन माँझाइरे सइया नाना लेखे फूल । ई डाड़ी में ‘नाना लेखे फूल’ के माने छांटा:- नाना के फूल
- किसिम किसिम के फूल
- रकम रकम के फूल
- लाखो फूल
सही अरथ छांटा:-
- 1, 4
- 1, 3
- 1, 2
- 2, 3
बाघा हूँड़ारा धानी, बोना गाजारें घात करले सइयां बिंधबइ काँडे , पीटबइ कुरथीपीटा पारास ठेंगा तोइर । ई गीतकेक टुकडे ‘ बिंधबइ काँडे’ के सही अरथ छांटा:-
- लाठी के मारबइ
- तीर से मारवइ
- भाला से मारबइ
- ई सभे सही
ई गीतकेक टुकडे ‘पीटबइ कुरथीपीटा पारास ठेंगा तोइर। ई लाइन में कुरथीपीटा माइर’ माने फरिछ करा ।
- a. दमभर पिटाइ
- b. कुरथी दाना निकालेक
- c. दम दमाइके ठोकेक/पीटे/मारेक
- d. a, c दूइयो
ई गीतेक टुकड़ा ‘बोना गजारें’ के सही माने छांटा:-
- घना जंगल
- झाड़ झंखार
- बन के गाजर/जंगली गाजर
- एकर में से कोई नाञ
कोइरा खायलें धनी, लागतउ पियास झरना केर हेमाल पानी मेटइबो पियास। ई कोन गीत के टुकड़ा हकइ?
- सोहान लागे रे
- मिली के रहिहा
- बाने पाकल सयाँ कोइर
- एकर में कोई नाञ
बोने तोरबई सइयाँ कोइरा । ई डंडी के माने फरिछ करा । जंगल में तोर लागिन बेर तोडबइ
- जंगल में सइयाँ कोइरा तोडब
- जंगल में झडबेरी तोडबइ
- तोर खातिर बोन में सइयाँ कोइर तोडबइ
- सही उतर छांटा:-
- 1, 2
- 1, 3
- 2, 3
- 2, 4
कोइरा तोरइतें जोदि काँटा गड़ा/गडतइ हाथे काँटा काढबे सइयाँ हामें धरी दांते । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- बोने पाकल सयां कोइरा
- मिली के रहिहा
- सोहान लागे रे
- एकर में कोई नाञ
उपरेक गीतेक टुकड़ा/ खेचा गीत में हाथें आर दांते सबद में कारक के कोन विभक्ति लागल हइ ।
- हाथें- दांते – अधिकरण कारक
- हाथें- दांते – अधिकरण कारक, करन कारक
- हाथें- दांते – करन कारक, अधिकरण कारक
- हाथें- दांते – कर्त्ता कारक, करन कारक
जय मायं जननी गीत कोन किताब से लेल गेल हइ?
- एक पथिया डोंगल मडुआ
- सोहान लागे रे…
- एक मउनी फूल
- खोरठा कांठे पइद खंड़ी
‘जय मायं जननी’ गीतेक जोरवइया के सही नाम छांटा:-
- शिवनाथ प्रमाणिक
- शांति भारत
- दिनेश दिनमणि
- सुकुमार
हिमालयेक मुकुट साजे बिस्वमोहिनी जय-जय माँ भारत, जय माँ जननी! रंग। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
- सोहान लागे
गोड़ धोवे समुदरें, विंध मेखला कमअरे, कच्छ- कामरूप सोभे माँयेक हांथेक किंकिनी। ई पंक्ति कोन किताब से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
- सोहान लागे
गंगा-काबेरिक धारा, उतर – दखिन चहूँ ओरा कसमीर साजे माँयेक नाकेक नथुनी। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
- सोहान लागे
सीधा-साधा परिपाटी, जन गनेक मनेक माटी महिमा अपार माँयेक सुबदनी । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
- सोहान लागे
बन- परिधान साजे, नाना रंगेक पइंखी राजे लहर-लहर उड़े तिरंगा निसानी | ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- मिली के रहिहा
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
- सोहान लागे
जय-जय माँ भारत, जय माँ जननी रंग। ई पंक्ति केकर संबंध नाञ हइ ?
- शिवनाथ प्रमाणिक
- सोहान लागे रे
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
कच्छ आर कामरूप भारतेक कोन राइज में हइ ?
- गुजरात- आसाम
- गुजरात- बंगाल
- सिंध आसाम
- राजस्थान- अरुणाचल
जननी सबदेक परियावाची सबद बतावा-
- माँय
- माता
- मातरी
- ई सभे सही
गोड़ धोवे समुदरें, विंध मेखला कमअरें | ई पंक्ति में मेखला सबदेक सही माने छांटा:-
- कमर बंध/बंद
- कमर धनी /कमधनी
- कटिबंध
- ई सभे सही
कच्छ-कामरूप सोभे माँयेक हाँथेक किंकिनी । हिंया “किंकिनी” सबदेक सही अरथ छांटा:-
- कंगन
- पायल
- पंजेब
- बाजू बंध
भारतेक जन – गण के परिपाटी परमपरा कइसन हइ ? जय माँय जननी गीत के आधारे सही उतर छांटा –
- सिधा-साधा
- टेढ़ा-मेढ़ा
- धोधचल
- ढांगा ओसार
भारतेक दखिन दिसाज कोन नदी कहो हइ? जय माँय जननी गीते के आधारे सही उतर लिखा?
- कावेरी
- गंगा
- गोदावरी
- कृष्णा
भारतेक उत्तर दिसात्र कोन नदी बहो हइ? जय माँय जननी के आधारे सही उतर लिखा?
- कावेरी
- गंगा
- गोदावरी
- कृष्णा
जय माँय जननी गीते गीतकार केकरा माँय कहल हइ ?
- a. आपन जनम देवइया माँय के
- b. भारत माता के
- c. भारतेक धरती के
- d. b, c
जय माँय जननी की गीते गीतकार केकर बड़ाइ करल हद?
- भारत देस के
- हिमालय के
- कसमीर के
- कन्याकुमारी के
जय माँय जननी गीते लहर-लहर कोन चीज उड़े हइ ?
- नाना रंगेक पाईखी
- तिरंगा
- खेते फसल
- गंगा के पानी
जय माँय जननी गीते माँय के परिधान केकरा मानल गेल हइ?
- पहाड़ सब के
- खेत खलिहान के
- बन/जंगल के
- ई सभे के
जय माँय जननी गीते मयेिक नाकेक नथुनी केकरा कहल गेल हइ?
- हिमालय
- कसमीर
- उतराखंड
- जम्मू
जय माँय जननी गीते भारत के उतर – दखिनें कोन नदी के चरचा हुई ?
- गंगा गोदावरी
- गंगा काबेरिक
- गंगा कृष्णा
- एकर में कोई नाम
जय माँय जननी गीते भारत माँय के कमअर के भेखल केकरा कहल गेल हइ ?
- अरावली पर्वत श्रृंखला
- विंध परबत के
- निलगिरी
- ई सभे के
जय मायं जननी गीते मांयेक हायेक किंकिनी केकरा कहल गेल हइ?
- a.कच्छ
- b.कामरूप
- c. a, b सही
- d. a, b गलत
जय माँय जननी गीते माँय के गोड के धोवे हइ ?
- कन्याकुमारी
- समुदर
- कृष्णा
- ई सभे ।
जय माम्य जननी गीते बिस्वमोहिनी केकरा कहल गेल हइ?
- भारत माँ के
- कसमिर
- देवी के
- ई सभे
सेवाँतिक बाउँड़ी मेला गीत कोन किताबे छपल हइ ?
- एक पथिया डोंगल महुआ
- खोरठा कांठे पइदेक खंडी
- सोहान लागे रे !
- एक मउनी फूल
सेवाँतिक बाउँड़ी मेला गीतेक जोरवइया के सही नाम छांटा:-
- अनीता कुमारी
- अम्बुज कुमार
- सुभद्रा कुमारी
- सुकुमार
‘सेवाँतिक बांउड़ी मेला’ गीतकार के गाँव के सही नाम छांटा:-
- नारायणपुर
- बिसुनगढ़
- बइदमारा
- गुनघसा
चढ़इते नाभइते भाला। माझे-माझे बहइ नाला। ई पंक्ति कोन गीत से लेल हइ ?
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
- सेवाँतिक बाउँड़ी मेला
- कते सुंदर छोटानागपुर
- मिली के रहिहा
माझे-माझे बहइ नाला ,नाला देखी पियास लागी गेला । ई पंक्ति कोन गीत से लेल हइ ?
- बोने पाकलइ सर्या कोइर
- माँदइर बाजे रे, बांसी बाजे रे
- सेवाँतिक बाउँड़ी मेला
- कते सुंदर छोटानागपुर
सेवाँतिक बाउँड़ी मेला गीते की देख के पियास लागी गेलइ ?
- कुआँ
- नदी
- झरना
- नाला
ठोनगी उठाइ पानी पिला। चढ़इते गाड़ी ठेला। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- मिली के रहिहा
- हामर भारत महान रे
- सेवाँतिक बाउँड़ी मेला
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
सेवाँतिक बाउँड़ी मेला गीते सिरसक ‘सेवाँतिक’ माने छांटा:-
- नछतर
- सेवाति नाला
- सेवाति पहाड़
- सेवाति गांव
हाइरे हामर सेवाँतिक मेला चाइरो दनेक लोक कुधाइ गेला। हियां आवल ‘कुधाइ’ सबदेक सही माने छांटा:-
- भीड़
- जमाउ
- ढेर
- ई सभे
माझे – माझे गाड़ी रेइक देला हायरे हामर सेवाँतिक मेला…। ई पगइत आवल माझे- माझे सबदेक सही अरथ बतावा?
- बीच-बीच में
- समय-समय पर
- रह-रह कर
- ई सभे
सेवाँतिक बाउँड़ी मेला गीतेक जेकर से संबंध नाञ ओकरा छांटा:-
- सोहान लागे रे
- अनीता कुमारी
- एक पथिक डोगल मडुआ
- दिनेश दिनमणि
सेवाँतिक बाउँड़ी मेला गीते केकर से संबंध हइ ?
- दिनेश दिनमणि
- सोहान लागे रे
- अनीता कुमारी
- ई सभे
सेवाँतिक बांउड़ी मेला गीते बाउँड़ी सबदेक के परिचावाची सबद बतावा:-
- पुस- परब
- मकर सकराइत
- बांडू / बोड़ी परब
- ई सभे
सेवाँतिक बाउँडी मेला गीतें बाउँड़ी सबद के गलत माने छांटा:-
- मकर परब
- पीठा परब
- पुस परब
- गोहाइल पूजा
चाइरो दनेक लोग कुधाइ गेला, पंक्ति में आवल सबद कुधा सही माने छांटा:-
- ढेर
- भीड़
- जमा होक
- ई सभे।
‘मिली के रहिहा’ गीत कोन किताब से लेल गेल हइ?
- सोहन लागे रे
- एक पोथिया डोंगल मडुआ
- एक मउनी फूल
- दू डाइर परास फूल
‘मिली के रहिहा’ गीत के जेकर से संबंध नाञ हइ ओकरा छांटा:-
- सोहान लागे रे
- प्रदीप कुमार दीपक
- एक मउनी फूल
- दिनेश दिनमणि
‘मिली के रहिहा’ गीत के केकर से संबंध हइ ?
- दिनेश दिनमणि
- प्रदीप कुमार दीपक
- सोहान लागे रे
- सभे
‘ काशमीरेक माटी आपन मुडे लगवा चंदन रकम’ ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- हामर भारत महान
- जय माँय जननी
- सोहान लागे रे !
मिली के रहिहा गीते माटी के चंदन रकम लगावे के कोन बात करल गेल हइ ?
- गंगा के माटी
- दामोदर के माटी
- काशमीरक माटी
- बंगाल के माटी
कन्याकुमारिक पानी अंजुरी भइर खा तोयं कसम धरम-जाति के नामें ना लडिहा रे, भारतवासी… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- हामर भारत महान
- सोहान लागे रे
- जय माँय जननी
- मिली के रहिहा
एक माँय केर कोरें तोंय बुझिहा रे भारतवासी…। ई पंक्ति में ‘कोरे’ सबदेक सही माने बतावा?
- कोरा में
- गोद में
- आंचल की छांव में
- ई सभे
कांधा जोरी सुख- दूख मिली के सहिया रे भारतवासी… ई कविताएं कांधा जोरी सबदेक सही माने छांटा:-
- एक साथ मिल के
- कंधे से कंधा मिला के
- मिल जुल के
- ई सभे
काते फूले सोभ हइ रे बगिया भारतवासी… ई पंक्ति में बगिया केकर प्रतीक हकइ । उतर छांटा:-
- फूल के बगान के
- भारत देश के
- भिनु-भिनु फुलेक बगान
- फूल से भरल बगान
मिली के रहिहा गीत के शिर्षक के सही हिन्दी बतावा?
- मिल के रहते है
- मिल कर रहना
- मिलकर रहेंगे
- मिलकर रहते थे
भिनु- भिनु लुगा- फटा, भिनु- भिनु भासा बोली । ई पंक्ति में ‘लुगा फाट’ के सही माने छांटा:-
- फटा-कपड़ा
- कपड़ा लता
- फटी लुंगी
- ई सभे सही
उपरेक गीतेक टुकडाइ ‘माइड लिहा’ के सही हिन्दी माने बतावा?
- बस जाना
- निवास करना
- रहना
- ई सभे।
उपरेक गीतेक टुकड़ा में खातिर सबदेक के बदल कोन सबदेक परजोग करल जाय पारे।
- लाइ
- लागिन
- ले
- ई सभे।
उपरे देल पंक्ति में परेदेसेक टोना-टोना के सही माने छांटा:-
- भिनु- भिनु प्रांत
- अलग- अलग प्रदेश
- अलग- अलग राज्य
- ई सभे।
देस केर आंगने सोभे परदेसेक टोना- टोना, रोजी-रोटी पेट खातिर माइड़ लिहा कोन्हो कोना । ई पंक्ति के सही हिन्दी अरथ बतावा ।
- ई देस के अलग- अलग प्रांत में रोजी रोटी के लिए कही भी जाना।
- देस के अलग- अलग प्रांत में रोजी रोटी के लिए बस जाना।
- देस के किसी भी प्रांत में जा सकते है।
- देस के किसी भी प्रांत में रोजी-रोटी के लिए मत जाना ।
देस के अंगने सोभे परदेसेक टोना टोना, रोजी- रोटी के खातिर माइड लिहा कोने कोना । ई कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- हामर भारत महान रे
- मिली के रहिहा
- सोहन लागे रे
- जय माँय जननी
मिली के रहिहा गीते कोन परब के चर्चा नाञ करल गेल हइ ?
- ईद
- क्रिसमस
- दिवाली
- करमा
मिली के रहिहा गीत कोन कोन परब के चर्चा करल गेल हइ ?
- दिवाली
- फागुआ होली
- गुरू परब
- ई सभे ।
भिनु – भिनु लुगा फाटा, भिनु- भिनु भासा बोली दिवाली, गुरू परब, ईद क्रिसमस फागुवा – होली । इकोन गीतेक पंक्ति हकइ
- मिली के रहिहा
- कते सुंदर छोटानागपुर
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
रकतेक नदी डेंगी आजादी के चरंइ पइला, ई चरंइ के बचाय के राखिहा रे, भारतवासी… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- कते सुंदर छोटानागपुर
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
भारत माँय के रक्षा खातिर कते बीर शहीद भेला कतेक नदी डेंगी आजादी के चरंइ पइला… ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- कते सुंदर छोटानागपुर
- जय माँय जननी
- हामर भारत महान रे
‘मिली के रहिहा’ गीते कोन के चरंइ बचा कर रखे के बात करल हइ ?
- मोर के
- कोयल के
- गौरइया
- आजादी रूपी चरयं के
‘मिली के रहिहा’ गीते कोन चीज में कन्याकुमारी पानी भइर के कसम खायेक बात कहल गेल हइ ?
- अंजुरी
- कमंडल
- कटोरी
- आंखेक पानी
‘मिली के रहिहा’ गीते कोन आधारे नाञ लडे के बात करल गेल हइ ?
- a. धरम
- b. जाति
- c. 1, 2 सही
- d. 1. 2 गलत
‘मिली के रहिहा’ गीते कहाँ के पानी अंजुरी भइर कर कसम खाये के बात कहल गेल हइ ?
- गंगा
- कन्याकुमारी
- गोदावरी
- जमुना के
साँझे हाँस झींगा फूल गीत कोन किताब से लेल गेल हइ ?
- सोहान लागे रे..
- खोरठा कांठे पाइदे खंडी
- एक मउनी फूल
- एक पथिया डोंगल मडुआ
साँझे हाँसइ झींगा फूल गीत के जोरवइया के सही नाम छांटा:-
- अनिल कुमार गोस्वामी
- महेन्द्रनाथ गोस्वामी
- दीपक सवाल
- दिनेश दिनमणि
‘सुधाकर’ कोन गीतकार के उपनाम हकइ ?
- अनिल कुमार गोस्वामी
- महेन्द्रनाथ गोस्वामी
- दीपक सवाल
- दिनेश दिनमणि
गाथबइ फूलवा, खोसबइ खोपवात्र, भादर मासें । खोपा सबदेक सही माने छांटा:-
- जूड़ा
- बाल
- चुइल
- कोई नाञ
पिया परदेसवा, कुहकय करेजवा भादर मासें। हिंया केकर करेजा कुहकय हइ ?
- पति के
- पत्नी के
- पति-पत्नी दुइयो के
- केकरो नाञ
जीयें होवइ हुलुसथुल रे ! भादर मासें । ई पंक्ति में ‘हुलुसथुल’ के गलत अरथ छांटा:-
- उलगुलान
- अंनादेक तरंग
- मन में उथल-पुथल
- मन में व्याकुलता
रीझे हिया बेयाकुल रे भादर मासें। ई पंक्ति में ‘हिया’ सबदेक सही माने छांटा:-
- हृदय
- यहां
- तन
- एकर में सभे सही
रीझे हियां बेयाकुल रे, भादर मासें । ई पंक्ति में रीझे सबदेक सही माने बतावा।
- a. आननद से
- b. परेसानी से
- c. खुसी से
- d. a, c
मयुर आर भादो महिझ, झइर बदरी के मांझे की रिसता हइ। साँझे हाँसइ झींगा फूल के आधारे सही उतर दा ।
- a. भादइ महिनाइ बदरी देख के मंजूर नाचो ह ।
- b. भादर महिनाइ बदरी देख के मंजूर लुका जा ह ।
- c. भादर महिना बदरी देख के आनंद विभोर हो जा ह ।
- d. a, c
साँझे हाँस झींगा फूल के हिन्दी सही माने बतावा ।
- शाम में झींगा फूल खिलता है।
- शाम में झींगा फूल खिलेगा।
- संध्या समय झींगा फूल खिला था।
- शाम में झींगा फूल नहीं खिलेगा।
साँझे हाँसइ झींगा फूल गीते सिरसक में सांझे सबदेक में कारक के कोन विभक्ति लागल हइ ।
- कर्त्ता कारक
- करम कारक
- करण कारक
- अधिकरण कारक
साँझे हाँसइ झींगा फूल गीते सिरसक में “साँझे हाँस ” माने की हइ ? सही उतर छांटा :-
- साँझ के बेरा हाँसइ हई
- साँझ बेरा फूलो ह
- साँझ बेरा मुरझा हइ
- एकर में कोई सही नाञ
हाय रहे, भादर मासें। जीयें होवइ हुलुसधुल रे! भादर मासें। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- बोन पाकलइ सयाँ कोइर
- साँझे हाँस झींगा फूल
- सेवातिक बाउँड़ी मेला
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
रीझें हियां बेयाकुल रे, भादर मासें । पिया परदेसवा, कुहकय करेजवा, भादर मासें। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- बोन पाकलइ सयाँ कोइर
- साँझे हाँस झींगा फूल
- सेवातिक बाउँड़ी मेला
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
गाँथ – बइ फूलवा, खोसबइ खोपवाञ, भादर मासें । हाय रे, भादर मासें । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- बोन पाकलइ सयाँ कोइर
- साँझे हाँस झींगा फूल
- सेवातिक बाउँड़ी मेला
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
साँझे हाँसइ झींगा फूल गीते ‘मेंजुरवा’ माने की ?
- a. मयुर
- b. मोर
- c. परेवा
- d. a, b सही
साँझे हाँसइ झींगा फूल गीते अखरवा कब साजइ हइ ?
- सावन मासें
- भादार मासें
- असाड़ मासें
- एकर में कोई नाञ
नदीया उमड़ह दुइयो कूल रे, भादर मासें । साजइ अखरवा, बाजइ माँदरवा भादर मासें। ई गीत के टुकडा कोन गीत से लेल गेल हइ?
- बोन पाकलइ सयाँ कोइर
- साँझे हाँस झींगा फूल
- सेवातिक बाउँड़ी मेला
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
महेन्द्र नाथ गोस्वामी के गांवेक सही नाम छांटा?
- गुनधसा
- भेंडरा
- बाराडीह
- खैराचतर
साँझे हाँसइ झींगा फूल गीते के केकर-केकर से संबंध हइ ?
- सोहान लागे रे किताब
- महेन्द्र नाथ गोस्वामी
- दिनेश दिनमणि
- ई सभे से
साँझे हाँसइ झींगा फूल गीते बदरवा कब गरजइ हइ ?
- भादर मासें
- सावन मासें
- आषाढ़ मासें
- ई सभे सही
गरजे बदरवा, नाचइ मेंजुरवा, भादर मासें । हाय रे, भादर मासें। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- बोन पाकलइ सयाँ कोइर
- साँझे हाँस झींगा फूल
- सेवातिक बाउँड़ी मेला
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
‘साँझे हाँसइ झींगा फूल’ गीते कोन मासे के बरनन करल गेल हइ ?
- आसिन
- सावन
- फागुन
- भादर
‘साँझे हाँसइ झींगा फूल’ कइसन रचना हकइ?
- लोक गीत
- लोकगाथा
- शिष्ट गीत
- एकर में कोई नाञ
‘साँझे हाँसइ झींगा फूल’ कोन विद्या के रचना हकइ ?
- कविता
- गीत
- गइद
- कहनी
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीत के जोरवइया के सही नाम छांटा :-
- अनीता कुमारी
- सुभद्रा कुमारी
- दीपक सवाल
- अम्बुज कुमार
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीत कोन किताबे छपल हइ ?
- खोरठा कांठे पइद खंड़ी
- एक पथिया डोंगल मडुआ
- एक मउनी फूल
- सोहान लागे रे
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीत साभिन मिली कर केकर बांचवे के बात करल गेल हइ?
- खेत-खलिहान
- जंगली जानवर
- बोन झार के
- जीवन के
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीते गाँवे-गाँवे केकरा परचार करेक दरकार हइ ?
- जीवन रक्षा के
- बोन झार रक्षा के
- जानवर रक्षा के
- ई सभे के
तीख रउद झोला अपार… ए भाइ । ई पंगइत में आवल ‘रउद’ सबदेक सही माने छांटा:-
- धूप
- गर्मी
- धोंका
- ई सभे
पानी के सोवा हेठ गेलइ, माघ मासे ही जेठ भेलइ । ई पंगइते आवल सबद ‘जेठ’ सबदेक सही माने छांटा:-
- बड़ा
- पति का बड़ा भाइ
- जेठ महिना
- ई सभे
पानी के सोवा हेठ गेलइ, माघ मासे ही जेठ भेलइ। ई पंगड़ते आवल ‘सोवा’ सबदेक सही माने छांटा:-
- स्रोत
- जल स्तर
- जल तल
- ई सभे
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीतकार के गांवेक नाम छांटा:-
- बिसुनगढ़
- टाटी झरिया
- अमलो
- डुमरी
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीत कोन कोन जानवर के नाम पावल जा हइ? हाथी
- बांदर
- सियार
- खेरहा
सही उत्तर छांटा:-
- 1, 2
- b, c
- 2, 4
- इ सभे
निमुहाँक घार नाव उजार… ए भाइ। ई पंगइत में निमुहाँक केकरा कहल गेल हइ?
- a. जेकर मुहॅ नाञ हइ
- b. जानवर
- c. चरइ चुनगुन
- d. b, c सही
निमुहाँक घार नाव उजार… ए भाइ। हिया ‘निमुहाँक’ सबदेक सही माने छांटा:-
- जेकर मुह नाब
- निमुंही निरदइ
- जे बोले नाव पारे
- एकर मे सभे
बिरिछ खोजइत लेता जान माइर… ए भाइ! निमुहाँक घार नाम उजार… ए भाइ। ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- मांदइर बाजे रे
- सोहान लागे रे
- जय मायं जननी
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
निमुहाँक घार नाञ उजार… ए भाइ ! कइसे बांचतइ बोन झार… ए भाइ| ई गीतेक केकर से संबंध नाम हह ।
- अनीता कुमारी
- एक पथिक डोंगल मडुआ
- सोहान लागे रे
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
पंछी कहाँ खोंधा करता, कहाँ उड़ता पाईख पसाइर । खोंधा सबदेक के परियावाची सबद छांटा:-
- खोता
- घोसला
- असियाना
- इ सभे सही
किना खइता हाँथी – बांदर, कहाँ जइता खेरहा सियार । ई पंगती में / पगइत में ‘किना’ सबदेक परियावाची सबद छांटा:-
- a.की
- b.का
- c. a, b सही
- d. a, b गलत
माँञ के घुघा नाञ उधार … ए भाइ ! कइसे बांचतइ बोन झार… ए भाइ! ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- हामर भारत महान रे
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
झूर-झार गाछ-पात, धरतीक सिंगार हइ, गाछेक हवा रहल से, जीवन अपार हइ । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हई |
- मिली के रहिहा
- हामर भारत महान रे
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
तीख रउद झोला अपार… ए भाई ! सब मिली करा अब बिचार… ए भाई ! ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ ?
- मिली के रहिहा
- हामर भारत महान रे
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
बदरी आब नाञ मॅडराइ, आदरो अब हेराइ गेलइ । तीख रउद झोला अपार….. एक भाई । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- मिली के रहिहा
- हामर भारत महान रे
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
पानी के सोवा हेठ गेलइ, माघ मास’ की जेठा भेल । ई पंक्ति कोन गीत से लेल गेल हइ?
- मिली के रहिहा
- हामर भारत महान रे
- कते सुंदर छोटानागपुर
- बोन रक्षा जीवन रक्षा
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीते कोन मासे पानी सुख गेलइ ?
- जेठ
- असाढ़
- माघ
- पुस
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीतेक आधारे कोन मासे जेठ भेल ?
- जेठ
- असाढ़
- माघ
- पुस
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीतेक आधारें की हेराइ गेल ।
- आदरा नवछतर
- बदरी
- बोन
- ई सभे
बोन रक्षा जीवन रक्षा, गीते गीतकार सब के मिली कर केकर रक्षा/बचाइ के बात करले हइ?
- जीवन के रक्षा
- बोन के रक्षा
- पानी के रक्षा
- हवा के रक्षा
बोन रक्षा जीवन रक्षा गीते धरती के सिंगार केकरा कहल गेल हइ ?
- झूर-झार
- गाछं-पात
- जंगल
- सभे के
