आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) मुख्यमंत्री – N. Chandrababu Naidu (TDP)
Deputy chief minister : Pawan Kalyan (JNP)
राज्यपाल –एस अब्दुल नज़ीर
आंध्र प्रदेश HC (2019),मुख्य न्यायाधीश – धीरज सिंह ठाकुर
आंध्र प्रदेश विधानसभा – 175 सीटें
आंध्र प्रदेश परिषद – 58 सीटें
राज्यसभा 11 सीटें
लोकसभा 25 सीटें
आंध्र प्रदेश विधानसभा Election Result 2024 :
TDP- 135
JNP 21
YSRCP- 11
BJP- 8
राजकीय पक्षी – गुलाब-छल्ले वाला तोता (Rose-ringed parakeet)
फूल – चमेली (Jasmine)
फल : बंगिनापल्ले आम
स्तनपायी – ब्लैकबक
वृक्ष – Azadirachta indica
आंध्र प्रदेश – 28 जिले
(2026 के नए पुनर्गठन के बाद – पोलावरम और मार्कपुरम् नवीनतम हैं)।
सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल): YSR कडप्पा
सबसे छोटा जिला (क्षेत्रफल): विशाखापत्तनम
तटरेखा: 972 किमी (भारत की दूसरी सबसे लंबी तटरेखा, गुजरात के बाद)।
National Parks :
श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान (चित्तूर)
राजीव गांधी (रामेश्वरम) राष्ट्रीय उद्यान (कडपा)
पापिकोंडा राष्ट्रीय उद्यान (पश्चिम गोदावरी)
Wildlife Sancturay (WLS) :
कोरिंगा WLS
कोलेरु WLS
कृष्णा WLS
राजीव गांधी WLS (टाइगर रिजर्व)
रोलापाडु WLS
गुंडला ब्रह्मेश्वर WLS (विस्तारित कोर),
श्रीलंकामल्लेश्वर WLS
नेलापट्टू WLS
पुलिकट WLS
कौंडिन्य WLS
श्री वेंकटेश्वर WLS
कंबलाकोंडा WLS
पेनुसिला नरसिम्हा WLS
Tiger reserve :
नागार्जुनसागर श्रीशैलम टाइगर रिजर्व
प्रमुख नदियाँ: गोदावरी और कृष्णा (इन्हें आंध्र प्रदेश की जीवन रेखा कहा जाता है)।
प्रमुख झीलें:
कोल्लेरू झील (मीठे पानी की)
पुलिकट झील (खारे पानी की – श्रीहरिकोटा यहीं स्थित है)।
सर्वोच्च शिखर: अरमा कोंडा (Arma Konda) या सितम्मा कोंडा (1680 मीटर)।
मिट्टी: लाल मिट्टी की प्रधानता, डेल्टा क्षेत्रों में जलोढ़ (Alluvial) मिट्टी।
उपनाम:
“एशिया के अंडे का कटोरा” (Egg Bowl of Asia)
“भारत का धान का कटोरा” (Rice Bowl of India)।
शास्त्रीय नृत्य: कुचिपुड़ी (Kuchipudi) – उद्गम: कृष्णा जिला।
लोक नृत्य:
वीरनाट्यम, बुट्टा बोम्मलु, धीम्सा (अराकू घाटी की जनजातियों द्वारा), लाम्बाडी।
प्रमुख त्यौहार:
उगादी (तेलुगु नव वर्ष),
संक्रांति
विनायक चतुर्थी
दक्कन महोत्सव
जीआई टैग (GI Tags):
कोंडापल्ली खिलौने
तिरुपति लड्डू
श्रीकालहस्ती कलमकारी।
प्रमुख बांध:
नागार्जुन सागर (कृष्णा नदी)
श्रीशैलम (कृष्णा नदी)
पोलावरम परियोजना (गोदावरी)।
प्रसिद्ध मंदिर:
तिरुमालावेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति)
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (श्रीशैलम)
लेपाक्षी मंदिर।
अंतरिक्ष केंद्र: सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा।
श्रीकाकुलम
आंध्र प्रदेश का सबसे उत्तरी जिला।
इसे “श्री सिटी” के नाम से भी जाना जाता है।
यहाँ प्रसिद्ध अरसवल्ली सूर्य मंदिर स्थित है।
जिले में महेन्द्रगिरी पहाड़ी स्थित है।
विजयनगरम
पूर्वी घाट की पहाड़ियों से घिरा एक सुरम्य जिला।
बोर्रा गुफाएं, जो प्राकृतिक स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट के लिए प्रसिद्ध हैं, यहाँ स्थित हैं।
थोटापल्ली बाँध जो नागावली नदी पर बना है।
कॉफ़ी और काजू के बागानों के लिए प्रसिद्ध।
विशाखापत्तनम
आंध्र प्रदेश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला।
इसे “सिटी ऑफ डेस्टिनी” के नाम से जाना जाता है।
भारत का एक प्रमुख बंदरगाहशहर और नौसेना का base।
अराकू घाटी और कैलाशगिरीयहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
अनंतपुर
आंध्र प्रदेश का सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल की दृष्टि से)।
इसे “धर्मावरम का रेशम शहर” भी कहा जाता है।
तिरुपति के पास स्थित तलाकोना, आंध्र प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी है।
यहाँ प्रसिद्ध लेपाक्षी मंदिर स्थित है।
श्री सत्य साई
पूर्व में अनंतपुर जिले का हिस्सा था।
प्रसिद्ध पुट्टपर्थी मंदिर यहाँ स्थित है, जो सत्य साई बाबा का आश्रम है।
पेन्ना नदी जिले से होकर बहती है।
कुरनूल
आंध्र प्रदेश की वस्तुतः राजधानी (डी-फैक्टो कैपिटल)।
जिले में प्रसिद्ध बेलुम गुफाएं स्थित हैं।
कृष्णा नदी पर बना विशाल नागार्जुन सागर बांधयहाँ स्थित है।
इतिहास में विजयनगर साम्राज्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र था।
नंद्याल
कुरनूल जिले से अलग होकर बना एक नया जिला।
यह एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है।
कृषि उत्पादों, विशेष रूप से तंबाकू के लिए प्रसिद्ध।
कडपा
इसे “कडपा पत्थर” (स्लेट स्टोन) के लिए जाना जाता है।
प्रसिद्ध गांधीकर्णिका बांध यहाँ स्थित है।
जिले में पुष्पगिरी और सिद्धवटम जैसे प्राचीन मंदिर हैं।
पेन्ना नदीका उद्गम नल्लमलाई पहाड़ियों से होता है।
अन्नमय्या
यह जिला कडपा से विभाजित होकर बना था।
राजमपेट में प्रसिद्धचौंसठ योगिनी मंदिर स्थित है।
चेरुवू जलाशय यहाँ का एक प्रमुख स्थल है।
चित्तूर
तिरुमला में प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति बालाजी) यहाँ स्थित है।
भारत की “तहलका नट” (रेड सैंडर्स) लकड़ी का प्रमुख स्रोत।
स्वर्णमुखी और पापाग्नि जैसी नदियाँ यहाँ बहती हैं।
कल्लूर सुब्बम्मा मंदिर एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है।
तिरुपति
चित्तूर जिले से विभाजित होकर बना एक नया जिला।
तिरुपति शहर विश्व प्रसिद्ध तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है।
श्री City (श्रीकालहस्ती) का प्रसिद्ध शिव मंदिर यहाँ स्थित है।
नेल्लोर
आंध्र प्रदेश का सबसे दक्षिणी जिला जो तमिलनाडु की सीमा से लगा हुआ है।
पेन्ना नदी का डेल्टा क्षेत्र उपजाऊ कृषि भूमि प्रदान करता है।
पुलिकट झील, जो एक प्रमुख ब्रैकिश वाटर लैगून है, यहाँ स्थित है।
उडुतूरु और मूलकलमुकुला जैसे प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध।
प्रकासम
इसकी तटरेखा बंगाल की खाड़ी से लगी हुई है।
प्रसिद्ध कोनासीमा क्षेत्र का हिस्सा, जो गोदावरी और कृष्णा नदियों के डेल्टा के बीच स्थित है।
चीराला और वेटापलेम जैसे तटीय शहर यहाँ स्थित हैं।
धान की खेती के लिए एक प्रमुख क्षेत्र।
श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर
यह जिला मूल रूप से नेल्लोर जिले के रूप में जाना जाता था।
स्वतंत्रता सेनानी पोट्टी श्रीरामुलु, जिन्होंने आंध्र राज्य के गठन के लिए आमरण अनशन किया, का जन्मस्थान।
यहाँ स्थित उदयगिरि किला एक ऐतिहासिक स्थल है।
कोथा पल्ली झील एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
बापटला
यह जिला गुन्टूर से अलग होकर बना है।
यह एक तटीय जिला है और बंगाल की खाड़ी से लगा हुआ है।
कृषि और मछली पकड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र।
पल्नाडु
यह जिला गुन्टूर से विभाजित होकर बना था।
इतिहास में प्रसिद्ध पल्नाडु युद्ध (पलनाटी युद्ध) यहीं लड़ा गया था।
मैकेनाइज्ड फूड प्रोसेसिंग पार्क यहाँ स्थित है।
गुन्टूर | गुंटूर | Guntur
आंध्र प्रदेश का गुंटूर (Guntur) शहर भारत की ‘रेड चिली कैपिटल’ (मिर्च राजधानी) के रूप में प्रसिद्ध है। यह एशिया का सबसे बड़ा मिर्च उत्पादक और निर्यातक केंद्र है, जो दुनिया भर में अपनी तीखी ‘गुंटूर सन्नम’ मिर्च के लिए जाना जाता है।
मुख्यालय:
भारत के Tobacco Board का मुख्यालय गुंटूर में ही स्थित है।
यहाँ निम्न श्रेणी का मैग्नेटाइट (Magnetite) लौह अयस्क पाया जाता है।
हीलियम (Helium) की खोज: 18 अगस्त 1868 को गुंटूर में पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान फ्रांसीसी खगोलशास्त्री पियरे जानसेन ने हीलियम की खोज की थी।
संस्कृत ग्रंथों में इसे गर्तपुरी (Garthapuri) कहा गया है।
प्राचीन काल में यह बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र था। आचार्य नागार्जुन ने यहीं शिक्षण कार्य किया था।
‘आंध्र कुरुक्षेत्र/आंध्र का महाभारत‘ के नाम से प्रसिद्ध पलनाडु का युद्ध (1180 ई.) इसी क्षेत्र में हुआ था। यह युद्ध हैहय वंश के राजा नलगामाराजू और उनके सौतेले भाई मालीदेवराजू के बीच सत्ता संघर्ष था।
1780 में गुंटूर के युद्ध में भारतीय सेना ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ पहली बार रॉकेट का उपयोग किया था।
प्रसिद्ध अमरावती स्तूप (बौद्ध स्मारक) के अवशेष यहाँ स्थित हैं।
कृष्णा नदी का उपजाऊ डेल्टा क्षेत्र।
भारविहारऔर उंडवल्ली जैसे गुफा मंदिर यहाँ स्थित हैं।
आंध्र प्रदेश के गुंटूर में स्थित लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में मध्यकालीन गजपति काल (गजपति राजा पुरुषोत्तम देव) का एक शिलालेख मिला है।
कौंडविडु किला (Kondaveedu Fort): 14वीं शताब्दी में रेड्डी राजाओं द्वारा निर्मित।
उंदावल्ली गुफाएं(Undavalli Caves):
मंगलागिरी (Mangalagiri): यह स्थान अपने प्रसिद्ध नृसिंह स्वामी मंदिर और मंगलागिरी साड़ियों (हथकरघा) के लिए जाना जाता है।
उप्पलापाडू पक्षी अभयारण्य: यह लुप्तप्राय पेलिकन (Pelicans) और पेंटेड स्टॉर्क के लिए प्रसिद्ध है।
जिन्ना टावर: दक्षिण एशिया में अपनी तरह का एकमात्र टावर, जो मोहम्मद अली जिन्ना की याद में बना है।
नत्रवती
यह जिला कुरनूल से अलग होकर बना है।
जिले का नाम नत्रवती नदी के नाम पर रखा गया है।
यह क्षेत्र ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।
एलुरु
पश्चिम गोदावरी जिले से विभाजित होकर बना जिला।
गोदावरी नदी के डेल्टा क्षेत्र में स्थित है।
काजू प्रसंस्करण और हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता है।
कोना सीमा
यह जिला भी पश्चिम गोदावरी से अलग होकर बना है।
इसका नाम गोदावरी और कृष्णा नदियों के डेल्टा के बीच के क्षेत्र “कोनासीमा” पर पड़ा है।
धान की खेती के लिए एक अत्यंत उपजाऊ क्षेत्र।
पूर्व गोदावरी
गोदावरी नदी के पूर्वी हिस्से में स्थित है।
प्रसिद्ध कोरिंगा वन्यजीव अभयारण्य, जो मैंग्रोव वनों के लिए जाना जाता है, यहाँ स्थित है।
राजमहेंद्रवरमशहर जिला मुख्यालय है।
अन्नवरम और द्राक्षारामजैसे प्रसिद्ध मंदिर यहाँ स्थित हैं।
काकीनाडा
पूर्व गोदावरी जिले से विभाजित होकर बना जिला।
काकीनाडा बंदरगाह भारत के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है।
कोरिंगा अभयारण्य का एक हिस्सा यहाँ भी फैला हुआ है।
कॉर्पोरेट शहर “समरलकोट” यहाँ स्थित है।
अल्लूरी सीताराम राजू
पूर्व गोदावरी जिले से अलग होकर बना एक जिला।
इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है।
यह क्षेत्र सघन वनों और आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।
रामपा बांध (गोदावरी बांध)यहाँ स्थित है।
पश्चिम गोदावरी
गोदावरी नदी के पश्चिमी हिस्से में स्थित है।
इसे आंध्र प्रदेश का “धान का कटोरा” (Rice Bowl) कहा जाता है।
पापी पहाड़ियाँ यहाँ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
भीमावरम में प्रसिद्ध सोमेश्वर मंदिर स्थित है।
कृष्णा
कृष्णा नदी के डेल्टा पर स्थित एक उपजाऊ जिला।
विजयवाड़ा जिला मुख्यालय है, जिसे “आंध्र प्रदेश का व्यावसायिक केंद्र” कहा जाता है।
प्रसिद्ध कनक दुर्गा मंदिर(विजयवाड़ा), अमरावती और घंटशाला यहाँ स्थित हैं।
माचिलीपट्टनमएक ऐतिहासिक बंदरगाह शहर है।
कोल्लेरु झील, भारत की सबसे बड़ी ताजे पानी की झीलों में से एक, यहाँ स्थित है।
नांदीगाम
यह जिला कृष्णा जिले से अलग होकर बना है।
यह एक महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र है।
जिले का नाम स्थानीय देवी “नांदी” के नाम पर रखा गया है।
एलुरु
पश्चिम गोदावरी जिले से विभाजित होकर बना जिला।
गोदावरी नदी के डेल्टा क्षेत्र में स्थित है।
काजू प्रसंस्करण और हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता है।