भारत में पहला तेल का कुआं, असम के डिगबोई शहर के पास 1889 में खोदा गया था. इसे एशिया का पहला औद्योगिक तेल कुआं माना जाता है
भूपेन हजारिका सेतु या ढोला – सादिया पुल (लोहित नदी) भारत में असम और अरुणाचल प्रदेश के पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने वाला एक बीम पुल है। इसकी लंबाई 9.15 किलोमीटर (5.69 मील) है और यह भारत का सबसे लंबा पुल है।
GI Tag – चोकुवा चावल (जादुई चावल), जुडिमा राइस वाइन, बोका चावल,तेजपुर लीची
मुख्यमंत्री लोक सेवा आरोग्य योजना
असम के गवर्नर गुलाबचंद कटारिया ने ‘सरपंच संवाद‘ मोबाइल ऐप लॉन्च
ईट-राइट स्टेशन प्रमाणन पत्र प्राप्त करने वाला उत्तरी पूर्व रेलवे का पहला रेलवे स्टेशन – गुवाहाटी रेलवे स्टेशन
Satellite फ़ोन से लेस होने वाला पहला NP- काजीरंगा NP
असम स्वच्छ जिले को पुरस्कृत करने के लिए MODI अवार्ड शुरू करेगा
डिजी यात्रा सुविधा प्राप्त करने वाला उत्तरी पूर्व का पहला हवाई अड्डा – गोपीनाथ बारँदोलाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
बैडमिंटन के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्ट केंद्र कहां स्थापित – गुवाहाटी
ऑनलाइन गेमिंग में भारत के पहले उत्कृष्ट केंद्र की स्थापना – शिलांग
भारत में पहली बार लुप्तप्राय हिमालय गिद्ध का सफल प्रजनन कहां किया गया – असम
भारत का पहला गिद्ध प्रजनन और संरक्षण केंद्र कहां स्थापित – UP
अमृत बृक्ष आंदोलन एप – असम
गजह कोथा अभियान – असम
असम में पहली पानी के नीचे सुरंग का निर्माण किया जाएगा – नुमालीगढ़ और गोहपुर के बीच , ब्रह्मपुत्र नदी पर
उत्तरी पूर्व राज्य की पहली वदै भारत ट्रेन असम में शुरू , असम के गुवाहाटी से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी
असमिया भाषा के कवि 56वां ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता – नीलमणी फूकन
एशिया की सबसे बड़ी अंडरवाटर हाइड्रोकॉर्बन पाइपलाइन कहां स्थापित हुई – असम, ब्रह्मपुत्र के नीचे
गज उत्सव – काजीरंगा नेशनल पार्क में
असम का एक NGO है ‘तपोबीन’ जिसे चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड से सम्मानित
भारत का पहला eFish मार्केट एप फिशवाले असम में लॉन्च किया था
अभी असम के गुवाहाटी में दुनिया का पहला आनुवंशिक रूप से संशोधित रबड़ का पौधा लगाया गया।
प्लास्टिक अपशिष्ट सड़क वाला पहला सैन्य स्टेशन असम के गुवाहाटी में नारंगी सैन्य स्टेशन था, जिसे 2019 में बनाया गया था।
कामरूप
असम की वाणिज्यिक राजधानी गुवाहाटी इसी जिले में स्थित है।
प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर यहाँ स्थित है।
असम का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला।
ब्रह्मपुत्र नदी इस जिले से होकर बहती है।
आईआईटी गुवाहाटी और गौहाटी विश्वविद्यालय यहाँ स्थित हैं।
नगांव
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा इस जिले में है।
प्रसिद्ध बटद्रवा मठ यहाँ स्थित है।
धान का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र।
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
शिवसागर
अहोम साम्राज्य की प्राचीन राजधानी थी।
शिवसागर टैंक (जलाशय) प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल है।
रंग घर (एशिया का सबसे पुराना अखाड़ा) यहाँ स्थित है।
तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार के लिए जाना जाता है।
जोरहाट
अहोम साम्राज्य की अंतिम राजधानी थी।
इसे “असम की सांस्कृतिक राजधानी” कहा जाता है।
चाय बागानों के लिए प्रसिद्ध है।
असम कृषि विश्वविद्यालय यहाँ स्थित है।
डिब्रूगढ़
असम का चाय उद्योग का केंद्र है।
डिब्रू-सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान यहाँ स्थित है।
ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित महत्वपूर्ण नगर।
तेल और प्राकृतिक गैस के लिए प्रसिद्ध।
तिनसुकिया
डिगबोई एशिया का सबसे पुराना तेल क्षेत्र है।
दिहिंग पटकाई वन्यजीव अभयारण्य यहाँ स्थित है।
अरुणाचल प्रदेश और असम की सीमा पर स्थित है।
कोल इंडिया लिमिटेड की महत्वपूर्ण इकाइयाँ यहाँ हैं।
धुबरी
ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित प्रमुख नगर।
बांग्लादेश और असम के बीच महत्वपूर्ण व्यापार केंद्र।
प्रसिद्ध धुबरी मठ यहाँ स्थित है।
मछली पालन का प्रमुख केंद्र।
करीमगंज
असम का सबसे पश्चिमी जिला है।
बांग्लादेश और असम के बीच व्यापार का प्रवेश द्वार।
चाय और अनानास के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध।
बराक नदी इस जिले से होकर बहती है।
गोलाघाट
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ स्थित है।
गरमपानी गर्म पानी का झरना प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।
डीहिंग नदी के तट पर स्थित है।
चाय बागानों के लिए प्रसिद्ध।
लखीमपुर
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का उत्तरी हिस्सा यहाँ है।
प्रसिद्ध लीलाबाड़ी चाय बागान यहाँ स्थित है।
अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है।
दरंग
मानस राष्ट्रीय उद्यान यहाँ स्थित है।
भूटान की सीमा से लगा हुआ जिला।
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद का हिस्सा है।
कृषि प्रधान जिला, विशेष रूप से धान की खेती।
बारपेटा
प्रसिद्ध बारपेटा वैष्णव मठ यहाँ स्थित है।
मानस राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ है।
बांग्लादेश की सीमा के निकट स्थित है।
चाय और रेशम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध।
नलबाड़ी
असम का “दूध का कटोरा” कहा जाता है।
डेयरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
भूटान की सीमा से लगा हुआ जिला।
कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाला जिला।
कोकराझार
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद का मुख्यालय यहाँ स्थित है।
मानस राष्ट्रीय उद्यान यहाँ स्थित है।
भूटान की सीमा से लगा हुआ जिला।
बोडो संस्कृति और परंपराओं का केंद्र।
बक्सा
बक्सा टाइगर रिजर्व यहाँ स्थित है।
भूटान और अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगा हुआ।
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद का हिस्सा है।
कई आदिवासी समुदायों का निवास स्थान।
उदालगुरी
मानस राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ स्थित है।
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद का हिस्सा है।
भूटान की सीमा से लगा हुआ जिला।
वन्यजीवों और जैव विविधता से समृद्ध।
चराईदेव
असम का सबसे नया जिला (2022 में गठित)।
प्रसिद्ध श्री श्री मात्स्येन्द्रनाथ मंदिर यहाँ स्थित है।
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
कृषि और मछली पालन प्रमुख व्यवसाय।
माजुली
ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप।
वैष्णव संस्कृति और सत्र मठों के लिए प्रसिद्ध।
यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल।
असम की संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र।
हाजो
हाजो तीर्थ स्थल हिंदू, बौद्ध और मुस्लिम तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण।
हयाग्रीव माधव मंदिर यहाँ स्थित है।
पोआ-मक्का मस्जिद भी यहीं स्थित है।
ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक नगर।
दिमा हसाओ
असम का पहाड़ी जिला, बड़ी संख्या में झरने और नदियाँ।
हैफलोंग असम की एकमात्र हिल स्टेशन है।
जिरांग में प्रसिद्ध मछली फार्म स्थित है।
डिमासा जनजाति का प्रमुख निवास स्थान।
कर्बी आंगलोंग
असम का सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल में)।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ है।
कर्बी जनजाति का प्रमुख निवास स्थान।
खनिज संसाधनों से समृद्ध, विशेष रूप से कोयला।
दक्षिण सालमारा
ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित जिला।
बांग्लादेश की सीमा के निकट स्थित है।
कृषि और मछली पालन प्रमुख व्यवसाय।
असम का अपेक्षाकृत नया जिला।
चिरांग
मानस राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ स्थित है।
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद का हिस्सा है।
भूटान की सीमा से लगा हुआ जिला।
बोडो संस्कृति और परंपराओं का केंद्र।
बिस्वनाथ
प्रसिद्ध बिस्वनाथ मंदिर यहाँ स्थित है।
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
चाय बागानों के लिए प्रसिद्ध।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के निकट स्थित।
बोंगाईगांव
प्रसिद्ध चपरमुख शिव मंदिर यहाँ स्थित है।
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
तेल रिफाइनरी के लिए प्रसिद्ध।
कृषि और उद्योग दोनों के लिए महत्वपूर्ण।
शोणितपुर
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ है।
तेजपुर शहर असम की सांस्कृतिक राजधानी कहलाता है।
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
चाय और कृषि उत्पादों के लिए प्रसिद्ध।
मोरीगांव
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य हिस्सा यहाँ स्थित है।
एक सींग वाले गैंडे के लिए विश्व प्रसिद्ध।
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
वन्यजीव पर्यटन का प्रमुख केंद्र।
होजाई
असम का अपेक्षाकृत नया जिला (2016 में गठित)।
राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर स्थित महत्वपूर्ण नगर।
कृषि उत्पादों का प्रमुख व्यापार केंद्र।
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित।
छोटा उदयपुर
असम का सबसे छोटा जिला (क्षेत्रफल में)।
भूटान की सीमा के निकट स्थित है।
वन्यजीव और जैव विविधता से समृद्ध।
कई आदिवासी समुदायों का निवास स्थान।
पश्चिम कार्बी आंगलोंग
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ है।
कर्बी जनजाति का प्रमुख निवास स्थान।
खनिज संसाधनों से समृद्ध।
पहाड़ी और मैदानी दोनों प्रकार की भूगोल वाला जिला।
सिबसागर
अहोम साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी रह चुका है।
शिवसागर टैंक यहाँ का प्रमुख पर्यटन स्थल है।
रंग घर – एशिया का सबसे पुराना अम्फीथिएटर यहाँ स्थित है।
तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार के लिए प्रसिद्ध।
डेमाजी
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
मिशिंग और अन्य आदिवासी समुदायों का निवास स्थान।
कृषि प्रधान जिला, विशेष रूप से धान की खेती।
सिमेन चापोरी वन्यजीव अभयारण्य यहाँ स्थित है।
धेमाजी
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
मिशिंग जनजाति का प्रमुख निवास स्थान।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का उत्तरी हिस्सा यहाँ है।
हथकरघा और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध।
गोआलपाड़ा
मानस राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ स्थित है।
भूटान की सीमा से लगा हुआ जिला।
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद का हिस्सा है।
चाय बागानों और कृषि के लिए प्रसिद्ध।
हैलाकांडी
बांग्लादेश की सीमा से लगा हुआ जिला।
बराक नदी घाटी में स्थित है।
चाय और रबड़ के बागानों के लिए प्रसिद्ध।
श्रीनगर में प्रसिद्ध शिव मंदिर स्थित है।
चराली
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
मिशिंग जनजाति का प्रमुख निवास स्थान।
कृषि और मछली पालन प्रमुख व्यवसाय।
असम का अपेक्षाकृत नया जिला।
तामुलपुर
मानस राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा यहाँ स्थित है।
भूटान की सीमा से लगा हुआ जिला।
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद का हिस्सा है।
वन्यजीव और जैव विविधता से समृद्ध।
बजाली
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
पटाचारकुई विहंगम देखने का प्रसिद्ध स्थान।
चाय बागानों और कृषि के लिए प्रसिद्ध।
मछली पालन का प्रमुख केंद्र।
सरूपेटार
असम का नवगठित जिला (2022 में)।
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाला जिला।
बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित।
लहरघाट
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
ऐतिहासिक महत्व का स्थान।
कृषि और मछली पालन प्रमुख व्यवसाय।
असम का अपेक्षाकृत छोटा जिला।
माझुली
ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप।
वैष्णव संस्कृति और सत्र मठों के लिए प्रसिद्ध।
यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल।
असम की संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र।
मारिगांव
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य हिस्सा यहाँ स्थित है।
एक सींग वाले गैंडे के लिए विश्व प्रसिद्ध।
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
वन्यजीव पर्यटन का प्रमुख केंद्र।
उत्तर लखीमपुर
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है।
अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगा हुआ।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का उत्तरी हिस्सा यहाँ है।
चाय बागानों और कृषि के लिए प्रसिद्ध।
दक्षिण लखीमपुर
ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दक्षिणी हिस्सा यहाँ है।