छत्तीसगढ़ | Chhattisgarh
  • राजधानी: रायपुर (नया रायपुर/अटल नगर)
  • स्थापना दिवस: 1 नवम्बर 2000
    • (26वां राज्य, मध्य प्रदेश से अलग)
  • छत्तीसगढ़  मुख्यमंत्री – श्री विष्णुदेव साय;
  • राज्यपाल – श्री रमेन डेका
  • छत्तीसगढ़ HC (2000),मुख्य न्यायाधीश – Ramesh Sinha
    • बिलासपुर (देश का 19वां)
  • सदस्यों की संख्या
    • विधानसभा   –  91 
    • लोकसभा  – 11
    • राज्यसभा 5
  • 33 जिले 
  • राजकीय
    • पशु: जंगली भैंसा (Wild Buffalo)
    •  पक्षी: पहाड़ी मैना (Hill Maina)
    • वृक्ष: साल (Sorea Robusta)
  • सीमाएं: 7 राज्यों से स्पर्श
    • (UP, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, MP)
  • प्रमुख नदी:
    • महानदी (छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा)
    • शिवनाथ
    • इंद्रावती
      • चित्रकोट जलप्रपात: इंद्रावती नदी पर (भारत का ‘नियाग्रा’ कहा जाता है)
    • तीरथगढ़ जलप्रपात: कांगेर नदी पर
  • उच्चतम चोटी: गौरलाटा (सामरी पाठ)
  • प्रमुख बांध: हसदेव बांगो (मिनीमाता) बांध
  • राष्ट्रीय उद्यान:
    • इंद्रावती
    • कांगेर घाटी
    • गुरु घासीदास (संजय)
  • टाइगर रिजर्व:
    • अचानकमार
    • उदंती-सीतानदी, इंद्रावती
  • लोक नृत्य:
    • पंथी
    • राउत नाचा
    • पंडवानी (तीजन बाई प्रसिद्ध कलाकार)
    • सूआ
    • कर्मा
  • प्रमुख त्योहार:
    • हरेली (प्रथम त्योहार)
    • बस्तर दशहरा (75 दिनों तक चलने वाला)
    • मड़ई
  • खनिज:
    • टिन उत्पादन में भारत का एकमात्र राज्य
    • कोयला, लौह अयस्क और डोलोमाइट का प्रमुख उत्पादक
  • भिलाई इस्पात संयंत्र: रूस के सहयोग से स्थापित (दूसरी पंचवर्षीय योजना)
  • प्राचीन नाम: दक्षिण कोशल
  • प्रमुख जनजाति: गोंड (सबसे बड़ी), बैगा, मड़िया, उरांव
  • कर्क रेखा: राज्य के ऊपरी भाग (कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर) से गुजरती है
  • शिरपुर: प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर (लाल ईंटों से निर्मित) के लिए ज्ञात
  • भोरमदेव मंदिर: “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” (कवर्धा जिला)
  • राजिम: “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” (महानदी, पैरी और सोंढूर का संगम)

धन्तेवाड़ा
  • बस्तर संभाग में स्थित महत्वपूर्ण जिला
  • इंद्रावती नदी यहाँ बहती है
  • जनजातीय संस्कृति का प्रमुख केंद्र
  • वन संपदा से समृद्ध जिला
  • खनिज संसाधनों में समृद्ध
काँकेर
  • दक्षिणी छत्तीसगढ़ में स्थित जिला
  • कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा
  • दूध नदी यहाँ बहती है
  • जनजातीय हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध
  • प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण
बालोद
  • छत्तीसगढ़ का मध्यवर्ती जिला
  • कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था
  • खनिज संसाधनों से समृद्ध
  • वन संपदा का महत्वपूर्ण भंडार
  • पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है
बस्तर (दंतेवाड़ा)
  • जनजातीय संस्कृति का गढ़
  • चित्रकोट जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध
  • इंद्रावती नदी का बेसिन क्षेत्र
  • वन उत्पादों का प्रमुख स्रोत
  • पारंपरिक लोक कला के लिए विख्यात
गरियाबंद
  • महानदी का उद्गम स्थल
  • सिहावा पहाड़ी के लिए प्रसिद्ध
  • वन संपदा से समृद्ध
  • जैव विविधता का महत्वपूर्ण क्षेत्र
  • कृषि और मत्स्य पालन का प्रमुख केंद्र
बलौदाबाजार-भाटापारा
  • छत्तीसगढ़ का मध्यवर्ती जिला
  • तुरतुरिया जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध
  • कृषि उत्पादन का प्रमुख केंद्र
  • खनिज संपदा से समृद्ध
  • परिवहन का महत्वपूर्ण केंद्र
मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी
  • छत्तीसगढ़ का दक्षिणी जिला
  • जनजातीय बहुल क्षेत्र
  • वन संपदा से समृद्ध
  • प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध
  • पारंपरिक हस्तशिल्प का केंद्र
सक्ती
  • छत्तीसगढ़ का उत्तरी जिला
  • कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था
  • खनिज संसाधनों से समृद्ध
  • वनोपज का महत्वपूर्ण स्रोत
  • पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
  • उत्तरी छत्तीसगढ़ का जिला
  • कोयला खनन का प्रमुख केंद्र
  • औद्योगिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण
  • खनिज संपदा से समृद्ध
  • परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हब
खैरागढ़-राजनांदगाँव
  • कृषि प्रधान जिला
  • धान उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र
  • शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध
  • सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
  • पारंपरिक कला रूपों के लिए जाना जाता है
चुरा
  • दक्षिणी छत्तीसगढ़ का जिला
  • जनजातीय संस्कृति का केंद्र
  • वन संपदा से समृद्ध
  • प्राकृतिक संसाधनों का भंडार
  • पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध
पामगढ़-मुंगेली
  • मध्य छत्तीसगढ़ का जिला
  • कृषि उत्पादन का महत्वपूर्ण क्षेत्र
  • जल संसाधनों से समृद्ध
  • खनिज संपदा का भंडार
  • पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
रायपुर
  • छत्तीसगढ़ की राजधानी और सबसे बड़ा शहर।
  • इसे “धान का कटोरा” कहा जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध महंत घासीदास संग्रहालय स्थित है।
  • छत्तीसगढ़ का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला।
  • विवेकानंद सरोवर और उरजा पार्क प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
बिलासपुर
  • छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा शहर।
  • इसे “चावल का व्यावसायिक केंद्र” कहा जाता है।
  • यहाँ अरपा नदी बहती है।
  • दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय यहीं स्थित है।
  • केन्द्रीय कोकिंग कोल लिमिटेड का मुख्यालय यहाँ है।
दुर्ग
  • इसे “लोहा और इस्पात का शहर” कहा जाता है।
  • भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL) यहीं स्थित है।
  • दुर्ग जिले में प्रसिद्ध चाम्पा जलप्रपात स्थित है।
  • यहाँ की मुख्य नदी शिवनाथ है।
  • कृषि और उद्योग दोनों में विकसित जिला।
राजनांदगाँव
  • इसे “ब्रास सिटी” के नाम से जाना जाता है।
  • दोंगरगढ़ में प्रसिद्ध माँ बम्लेश्वरी मंदिर स्थित है।
  • यहाँ चावल मिलों की अधिकता है।
  • राजनांदगाँव फिल्म इंडस्ट्री का केंद्र है।
  • खनिज संपदा में समृद्ध जिला।
कोरबा
  • इसे “पावर हब ऑफ छत्तीसगढ़” कहा जाता है।
  • यहाँ कोरबा सुपर थर्मल पावर प्लांट स्थित है।
  • एशिया की सबसे बड़ी एल्युमिनियम स्मेल्टर प्लांट यहाँ है।
  • हसदो नदी पर बना कोरबा बांध यहीं है।
  • कोयला खनन का प्रमुख केंद्र।
रायगढ़
  • इसे “लौह अयस्क का जिला” कहा जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध छुरी की पहाड़ियाँ स्थित हैं।
  • गोंड जनजाति की प्रमुख आबादी यहाँ निवास करती है।
  • कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा इस जिले में है।
  • लौह अयस्क के विशाल भंडार यहाँ उपलब्ध हैं।
जशपुर
  • छत्तीसगढ़ का उत्तर-पूर्वी जिला।
  • झारखंड और ओडिशा की सीमा से लगा हुआ जिला।
  • यहाँ उराँव जनजाति की बहुलता है।
  • कृषि और वनोपज पर आधारित अर्थव्यवस्था।
  • जशपुर नगर को “गेटवे ऑफ नॉर्थ-ईस्ट” कहा जाता है।
कांकेर
  • इसे “छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा जिला” कहा जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
  • जिले में बस्तर क्षेत्र की संस्कृति देखने को मिलती है।
  • यहाँ की मुख्य नदी दूध नदी है।
  • जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध।
बस्तर
  • इसे “जनजातीय संस्कृति का गढ़” कहा जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात स्थित है।
  • कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान यहीं है।
  • दशहरा यहाँ का प्रमुख और विशिष्ट त्योहार है।
  • यहाँ की मुख्य जनजातियाँ गोंड, माड़िया, भतरा हैं।
धमतरी
  • इसे “धान का कटोरा” कहा जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध सिहावा पहाड़ी स्थित है।
  • महानदी और शिवनाथ नदी का संगम यहीं है।
  • कृषि प्रधान जिला होने के कारण धान का बड़ा उत्पादक।
  • यहाँ कई प्राकृतिक जलप्रपात और झरने हैं।
महासमुन्द
  • इसे “सिरपुर का पुरातात्विक स्थल” वाला जिला कहा जाता है।
  • सिरपुर बौद्ध विहार और लक्ष्मण मंदिर के लिए प्रसिद्ध।
  • यहाँ महानदी बहती है।
  • कृषि और पशुपालन मुख्य व्यवसाय है।
  • छत्तीसगढ़ के मध्य भाग में स्थित जिला।
कवर्धा
  • इसे “कबीरधाम” के नाम से भी जाना जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध मदकू महादेव गुफा स्थित है।
  • जिले में बाबा खेड़ापति धाम मंदिर है।
  • कृषि उत्पादों के लिए प्रसिद्ध जिला।
  • यहाँ की मुख्य नदी शिवनाथ है।
जांजगीर-चाम्पा
  • इसे “थर्मल पावर का केंद्र” कहा जाता है।
  • यहाँ एनटीपीसी का सुपर थर्मल पावर प्लांट स्थित है।
  • प्रसिद्ध शिवरीनारायण मंदिर यहीं स्थित है।
  • महानदी, शिवनाथ और हसदो नदी का त्रिवेणी संगम यहाँ है।
  • खनिज संपदा से समृद्ध जिला।
सुरजपुर
  • छत्तीसगढ़ का उत्तरी जिला।
  • यहाँ प्रसिद्ध रामगढ़ की पहाड़ियाँ स्थित हैं।
  • जिले में मैनपाट का पठार स्थित है।
  • कोयला खनन का प्रमुख केंद्र।
  • जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध।
बलरामपुर
  • उत्तर-पूर्वी छत्तीसगढ़ में स्थित जिला।
  • यहाँ प्रसिद्ध देवपहाड़ी जलप्रपात स्थित है।
  • जिले में रीछ और बाघ अभयारण्य स्थित है।
  • कृषि और वनोपज मुख्य आय का स्रोत।
  • जनजातीय बहुल जिला।
कोण्डागाँव
  • बस्तर संभाग में स्थित जिला।
  • इसे “जनजातीय कला और संस्कृति का केंद्र” कहा जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध भोगी मुड़िया जनजाति निवास करती है।
  • जिले में प्राकृतिक सुंदरता के कई स्थल हैं।
  • लकड़ी की कलाकृतियों और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध।
नारायणपुर
  • बस्तर क्षेत्र का सबसे नया जिला।
  • इंद्रावती नदी यहाँ बहती है।
  • जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का केंद्र।
  • यहाँ माड़िया जनजाति की बहुलता है।
  • प्राकृतिक सौंदर्य और वन संपदा से समृद्ध।
बीजापुर
  • दक्षिणी छत्तीसगढ़ में स्थित जिला।
  • इंद्रावती नदी यहाँ बहती है।
  • जिले में प्रसिद्ध भैरमगढ़ बांध स्थित है।
  • जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का केंद्र।
  • वन संपदा और खनिज संसाधनों से समृद्ध।
सुकमा
  • छत्तीसगढ़ का दक्षिणी जिला।
  • इंद्रावती नदी यहाँ बहती है।
  • जनजातीय बहुल जिला।
  • वन संपदा और खनिज संसाधनों से समृद्ध।
  • प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध।
गरियाबंद
  • छत्तीसगढ़ का मध्यवर्ती जिला।
  • यहाँ प्रसिद्ध सिहावा पहाड़ी स्थित है।
  • महानदी का उद्गम स्थल यहीं है।
  • कृषि और पशुपालन मुख्य व्यवसाय।
  • वन संपदा और जल संसाधनों से समृद्ध।
बलौदाबाजार
  • छत्तीसगढ़ का मध्यवर्ती जिला।
  • यहाँ प्रसिद्ध तुरतुरिया जलप्रपात स्थित है।
  • कृषि प्रधान जिला।
  • खनिज संसाधनों से समृद्ध।
  • वन संपदा और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध।
मुंगेली
  • छत्तीसगढ़ का मध्यवर्ती जिला।
  • यहाँ प्रसिद्ध खारंग नदी बहती है।
  • कृषि प्रधान जिला।
  • खनिज संसाधनों से समृद्ध।
  • वन संपदा और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध।
सरगुजा
  • उत्तरी छत्तीसगढ़ में स्थित जिला।
  • इसे “प्राकृतिक संसाधनों का भंडार” कहा जाता है।
  • यहाँ प्रसिद्ध रामगढ़ की पहाड़ियाँ स्थित हैं।
  • कोयला, बॉक्साइट और अन्य खनिजों से समृद्ध।
  • जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का केंद्र।
बेमेतरा
  • छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला।
  • कृषि प्रधान जिला।
  • खनिज संसाधनों से समृद्ध।
  • वन संपदा और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध।
  • यहाँ की मुख्य नदी अरपा है।
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