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आइंस्टीन का “विशेष सापेक्षता का सिद्धान्त” सबसे पहले किस साल में प्रस्तावित किया गया था ? RRB NTPC 31-03-2016 (Shift-III)
- 1915
- 1947
- 1905
- 1906
निम्नलिखित में से किस प्रकार की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश नही कर पाती है ? RRB NTPC Stage 1st 02-04-2016
- दृश्य प्रकाश
- एक्स-किरणें
- रेडियो तरंगे
- पराबैंगनी किरणें
सूरज की रोशनी को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए सौर ऊर्जा …… का उपयोग करती है। RRB NTPC Stage 1st 05-04-2016
- फोटोवोल्टिक सेल्स
- पृथ्वी का गुरूत्वाकर्षण खिंचाव
- पराबैंगनी किरण
- परमाणु विखंडन
निम्न में से किस वैज्ञानिक ने यह दिखाया कि द्रव्य को ऊर्जा में और ऊर्जा को द्रव्य में स्थानांतरित किया जा सकता है ? RRB Group-D 03- 10-2018 (Shift-III)
- रॉबर्ट बॉयल
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- जोसेफ प्राउस्ट
- जैक्स चार्ल्स
‘सिटी स्कैन’ ( CT Scan) में ‘CT’ का अर्थ है RRB NTPC Stage 1st 19-04-2016
- कैथोड रे ट्यूब
- कम्प्यूटरीकृत टेस्टिंग
- कम्प्यूटेड टोमोग्राफी
- कंपार्टमेंटल ट्रैकिंग
एक्स-रे जो अब चिकित्सा के क्षेत्र में दैनिक रूप से रोग निदान के लिए उपयोग किया जाता है, उसकी खोज किसके द्वारा की गई थी ? RRB NTPC 11-04-2016 (Shift-I)
- विल्हेम रॉन्टजन
- नील्स बोहर
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- मैक्स बोन
2. फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव की खोज किसने की थी?
- आइजैक न्यूटन
- हेनरिक हर्ट्ज
- माइकल फैराडे
- जे.जे. थॉमसन
व्याख्या:
- हेनरिक हर्ट्ज ने 1887 में फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव की खोज की थी।
- आइजैक न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के नियम दिए।
- माइकल फैराडे विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के लिए प्रसिद्ध हैं।
- जे.जे. थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की खोज की।
3. परमाणु के नाभिक की खोज किसने की?
- जॉन डाल्टन
- नील्स बोहर
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- जेम्स चैडविक
व्याख्या:
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने 1911 में सोने की पन्नी के प्रयोग से परमाणु नाभिक की खोज की।
- जॉन डाल्टन ने परमाणु सिद्धांत दिया।
- नील्स बोहर ने परमाणु की क्वांटम संरचना प्रस्तावित की।
- जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की।
4. निम्नलिखित में से किस कण का द्रव्यमान सबसे अधिक है?
- इलेक्ट्रॉन
- प्रोटॉन
- अल्फा कण
- न्यूट्रॉन
व्याख्या:
- अल्फा कण (हीलियम नाभिक) का द्रव्यमान सबसे अधिक (~4 u) होता है क्योंकि इसमें दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन होते हैं।
- इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान नगण्य होता है।
- प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का द्रव्यमान लगभग समान (~1 u) होता है।
5. रडार (RADAR) तकनीक किस सिद्धांत पर कार्य करती है?
- कॉम्पटन प्रभाव
- फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव
- डॉप्लर प्रभाव
- पाउली का अपवर्जन सिद्धांत
व्याख्या:
- डॉप्लर प्रभाव के कारण वस्तु की गति के अनुसार परावर्तित रेडियो तरंगों की आवृत्ति में परिवर्तन होता है, जिसका उपयोग रडार में किया जाता है।
- कॉम्पटन प्रभाव फोटॉन-इलेक्ट्रॉन प्रकीर्णन से संबंधित है।
- फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव प्रकाश द्वारा इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन से संबंधित है।
- पाउली का सिद्धांत क्वांटम यांत्रिकी से संबंधित है।
6. परमाणु बम किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
- नाभिकीय संलयन
- नाभिकीय विखंडन
- रेडियोएक्टिव क्षय
- फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव
व्याख्या:
- नाभिकीय विखंडन एक भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम-235) के टूटने पर आधारित है जिससे विशाल मात्रा में ऊर्जा निकलती है।
- नाभिकीय संलयन हाइड्रोजन बम का आधार है, जहाँ हल्के नाभिक मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं।
- रेडियोएक्टिव क्षय एक स्वत: प्रक्रिया है जिसका उपयोग बम में नहीं किया जाता।
7. एक रेडियोएक्टिव तत्व की अर्ध-आयु (Half-Life) क्या दर्शाती है?
- तत्व के परमाणु क्रमांक की आधी संख्या
- वह समय जिसमें रेडियोएक्टिव पदार्थ की मात्रा आधी रह जाती है
- तत्व के द्रव्यमान संख्या का आधा हिस्सा
- रेडियोएक्टिव क्षय की औसत दर
व्याख्या:
- अर्ध-आयु वह समय अंतराल है जिसमें किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ की मात्रा अपने प्रारंभिक मान की आधी रह जाती है।
- यह पदार्थ के गुणों पर निर्भर करती है और परमाणु क्रमांक या द्रव्यमान संख्या से सीधे संबंधित नहीं है।
- यह क्षय की दर का एक माप है, औसत दर नहीं।
8. पदार्थ की तरंग प्रकृति की कल्पना सबसे पहले किसने की?
- अल्बर्ट आइंस्टीन
- वर्नर हाइजेनबर्ग
- लुई डी ब्रॉग्ली
- एर्विन श्रोडिंगर
व्याख्या:
- लुई डी ब्रॉग्ली ने 1924 में अपने शोध प्रबंध में पहली बार यह प्रस्तावित किया कि इलेक्ट्रॉन जैसे पदार्थ कणों में तरंग गुण होते हैं।
- आइंस्टीन ने फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव की व्याख्या की।
- हाइजेनबर्ग और श्रोडिंगर ने क्वांटम यांत्रिकी के विकास में योगदान दिया।
9. हाइड्रोजन बम किस सिद्धांत पर आधारित है?
- नाभिकीय संलयन
- नाभिकीय विखंडन
- रेडियोएक्टिव क्षय
- विखंडन श्रृंखला अभिक्रिया
व्याख्या:
- नाभिकीय संलयन वह प्रक्रिया है जहाँ हल्के नाभिक (जैसे ड्यूटीरियम और ट्रिटियम) उच्च ताप और दाब पर मिलकर एक भारी नाभिक (हीलियम) बनाते हैं और ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
- नाभिकीय विखंडन परमाणु बम का आधार है।
10. किस वैज्ञानिक ने इलेक्ट्रॉन की खोज की?
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- जे.जे. थॉमसन
- जेम्स चैडविक
- नील्स बोहर
व्याख्या:
- जे.जे. थॉमसन ने 1897 में कैथोड किरणों के प्रयोग से इलेक्ट्रॉन की खोज की।
- रदरफोर्ड ने प्रोटॉन और नाभिक की खोज की।
- चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की।
- बोहर ने परमाणु मॉडल प्रस्तावित किया।
11. एक्स-किरणों (X-Rays) की खोज किसने की?
- मैरी क्यूरी
- विल्हेम कॉनरॅड रॉन्टजन
- हेनरी बेकरेरल
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
व्याख्या:
- विल्हेम कॉनरॅड रॉन्टजन ने 1895 में एक्स-किरणों की खोज की।
- मैरी क्यूरी और हेनरी बेकरेरल रेडियोएक्टिविटी के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध हैं।
- रदरफोर्ड नाभिक की खोज के लिए जाने जाते हैं।
12. प्रकाश विद्युत प्रभाव के प्रयोग में, प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने पर क्या होता है?
- उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है
- उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा घट जाती है
- उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है
- उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या घट जाती है
व्याख्या:
- प्रकाश की तीव्रता फोटॉनों की संख्या के समानुपाती होती है। अधिक फोटॉन अधिक इलेक्ट्रॉनों को उत्सर्जित करते हैं, इसलिए उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है।
- इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करती है, तीव्रता पर नहीं।
13. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत किससे संबंधित है?
- इलेक्ट्रॉन की दोहरी प्रकृति
- परमाणु के नाभिक का आकार
- एक साथ किसी कण की स्थिति और संवेग की यथार्थ माप की सीमा
- फोटॉन की ऊर्जा की गणना
व्याख्या:
- हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत बताता है कि किसी कण का स्थिति और संवेग दोनों को एक साथ पूर्ण निश्चितता के साथ नहीं मापा जा सकता।
- यह क्वांटम यांत्रिकी का एक मौलिक सिद्धांत है।
- यह इलेक्ट्रॉन की दोहरी प्रकृति की पुष्टि करता है लेकिन सीधे उससे संबंधित नहीं है।
14. परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में ऊर्जा का उत्पादन किस प्रक्रिया द्वारा किया जाता है?
- दहन
- नाभिकीय संलयन
- नियंत्रित नाभिकीय विखंडन
- रेडियोएक्टिव क्षय
व्याख्या:
- परमाणु ऊर्जा संयंत्र नियंत्रित नाभिकीय विखंडन श्रृंखला अभिक्रिया का उपयोग करते हैं, जहाँ यूरेनियम-235 जैसे भारी नाभिकों को न्यूट्रॉन से तोड़ा जाता है।
- नाभिकीय संलयन अभी भी विकास के अधीन है और व्यावसायिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
- दहन जीवाश्म ईंधन में होता है।
15. किस कण की खोज जेम्स चैडविक ने की थी?
- प्रोटॉन
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूट्रॉन
- पॉजिट्रॉन
व्याख्या:
- जेम्स चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1935 में नोबेल पुरस्कार मिला।
- प्रोटॉन की खोज रदरफोर्ड ने की।
- इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन ने की।
- पॉजिट्रॉन (इलेक्ट्रॉन का प्रतिकण) कार्ल डी. एंडरसन ने खोजा।
16. किसी पदार्थ का work function (कार्य फलन) क्या है?
- वह अधिकतम ऊर्जा जो एक इलेक्ट्रॉन धारण कर सकता है
- वह न्यूनतम ऊर्जा जो एक इलेक्ट्रॉन को धातु की सतह से उत्सर्जित करने के लिए आवश्यक है
- फोटॉन की गतिज ऊर्जा
- परमाणु की आयनन ऊर्जा
व्याख्या:
- कार्य फलन किसी धातु का एक गुण है और यह वह न्यूनतम ऊर्जा है जो एक इलेक्ट्रॉन को धातु की सतह से बाहर निकालने के लिए आपूर्ति की जानी चाहिए।
- यह फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव की व्याख्या में एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है।
- यह आयनन ऊर्जा (एक परमाणु से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा) से अलग है।
17. कॉम्पटन प्रभाव (Compton Effect) किसकी पुष्टि करता है?
- इलेक्ट्रॉन की कण प्रकृति
- फोटॉन की कण प्रकृति
- नाभिक का आकार
- परमाणु का स्थिरता
व्याख्या:
- कॉम्पटन प्रभाव में, एक फोटॉन एक इलेक्ट्रॉन से टकराता है और ऊर्जा खो देता है, जिससे इसकी तरंगदैर्ध्य बढ़ जाती है।
- यह प्रभाव फोटॉन की कण-जैसी प्रकृति (एक निश्चित ऊर्जा और संवेग के साथ) को प्रदर्शित करता है, जिससे पता चलता है कि विकिरण ऊर्जा के पैकेट (क्वांटा) में व्यवहार करता है।
18. पॉजिट्रॉन (Positron) किसका प्रतिकण (Antiparticle) है?
- प्रोटॉन
- न्यूट्रॉन
- इलेक्ट्रॉन
- न्यूट्रिनो
व्याख्या:
- पॉजिट्रॉन इलेक्ट्रॉन का प्रतिकण है। इसका द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन के समान होता है लेकिन आवेश धनात्मक (+1e) होता है।
- प्रोटॉन का प्रतिकण एंटीप्रोटॉन है।
- न्यूट्रॉन का प्रतिकण एंटीन्यूट्रॉन है।
19. किस वैज्ञानिक ने रेडियोएक्टिविटी (Radioactivity) शब्द गढ़ा?
- हेनरी बेकरेरल
- अर्नेस्ट रदरफोर्ड
- मैरी क्यूरी
- नील्स बोहर
व्याख्या:
- मैरी क्यूरी ने रेडियोएक्टिविटी की खोज और अध्ययन में अग्रणी भूमिका निभाई और उन्होंने ही रेडियोएक्टिविटी शब्द गढ़ा।
- हेनरी बेकरेरल ने रेडियोएक्टिविटी की खोज की।
- रदरफोर्ड और बोहर ने परमाणु संरचना के मॉडल विकसित किए।
20. परमाणु के बोहर मॉडल में, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर किस तरह घूमते हैं?
- अणुवृत्तीय (Elliptical) पथ पर
- यादृच्छिक (Random) पथ पर
- निश्चित कक्षाओं (Stationary Orbits) में
- सर्पिल (Spiral) पथ पर
व्याख्या:
- बोहर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर कुछ निश्चित, असतत (discrete) कक्षाओं (stationary orbits) में ही घूम सकते हैं, जिनमें कोई ऊर्जा विकिरण नहीं होता है।
- यह मॉडल केवल हाइड्रोजन परमाणु के लिए सफल रहा।
21. किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ का ‘सक्रियता (Activity)’ किस इकाई में मापी जाती है?
- न्यूटन
- वाट
- बेकरेल
- कूलॉम
व्याख्या:
- रेडियोएक्टिव सक्रियता, जो प्रति सेकंड होने वाले क्षय की संख्या है, की SI इकाई बेकरेल (Bq) है।
- 1 बेकरेल = 1 क्षय प्रति सेकंड।
- न्यूटन बल की इकाई है, वाट शक्ति की और कूलॉम आवेश की इकाई है।
22. पाउली का अपवर्जन सिद्धांत (Exclusion Principle) क्या बताता है?
- ऊर्जा संरक्षण
- एक परमाणु में कोई भी दो इलेक्ट्रॉन चारों क्वांटम संख्याओं के समान मान नहीं रख सकते
- द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता
- आवेश संरक्षण
व्याख्या:
- पाउली का अपवर्जन सिद्धांत क्वांटम यांत्रिकी का एक मौलिक नियम है जो बताता है कि एक ही परमाणु में किसी भी दो इलेक्ट्रॉन की सभी चार क्वांटम संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं।
- यह सिद्धांत परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था और आवर्त सारणी की संरचना को समझाने में मदद करता है।
23. गामा किरणें (Gamma Rays)本质上是什么?
- उच्च गति वाले इलेक्ट्रॉन
- उच्च गति वाले न्यूट्रॉन
- हीलियम नाभिक
- उच्च आवृत्ति वाली विद्युत चुम्बकीय तरंगें
व्याख्या:
- गामा किरणें बहुत उच्च आवृत्ति (और इसलिए उच्च ऊर्जा) वाली विद्युत चुम्बकीय तरंगें हैं।
- ये रेडियोएक्टिव नाभिक के उत्तेजित अवस्था से निम्नतर ऊर्जा स्तर में संक्रमण के दौरान उत्सर्जित होती हैं।
- उच्च गति वाले इलेक्ट्रॉन बीटा किरणें हैं और हीलियम नाभिक अल्फा किरणें हैं।
24. किसी परमाणु की ‘द्रव्यमान संख्या (Mass Number)’ क्या दर्शाती है?
- नाभिक में केवल प्रोटॉनों की संख्या
- नाभिक में केवल न्यूट्रॉनों की संख्या
- नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या
- परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या
व्याख्या:
- किसी परमाणु की द्रव्यमान संख्या (A) उसके नाभिक में प्रोटॉनों (Z) और न्यूट्रॉनों (N) की कुल संख्या के योग के बराबर होती है, अर्थात A = Z + N।
- यह परमाणु के द्रव्यमान का एक अच्छा अनुमान देती है क्योंकि इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान नगण्य होता है।
25. आइंस्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता सूत्र (E=mc²) किससे संबंधित है?
- गुरुत्वाकर्षण बल
- विद्युत चुम्बकीय प्रेरण
- नाभिकीय अभिक्रियाओं में उत्पन्न ऊर्जा
- तरंग-कण द्वैत
व्याख्या:
- E=mc² सूत्र बताता है कि द्रव्यमान (m) को ऊर्जा (E) में और ऊर्जा को द्रव्यमान में परिवर्तित किया जा सकता है, जहाँ c प्रकाश की गति है।
- यह सूत्र नाभिकीय अभिक्रियाओं (जैसे विखंडन और संलयन) में उत्सर्जित विशाल ऊर्जा की व्याख्या करने का आधार है, जहाँ उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान से कम होता है और यह द्रव्यमान अंतर ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है।
