निम्नलिखित में से किसे राज्यों में विधानमण्डल का भाग नहीं माना जाता [UPPCS 2018 ]
- राज्यपाल
- विधान सभा
- विधान परिषद्
- मुख्यमंत्री
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में मुख्यमंत्री के कार्यों को परिभाषित किया गया है ? SSC 2012
- अनुच्छेद-164
- अनुच्छेद-166
- अनुच्छेद-167
- अनुच्छेद-163
भारत के किस राज्य में महिला मुख्यमंत्री कभी नहीं बनी? SSC 2017
- तमिलनाडु
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- महाराष्ट्र
भारत के किसी राज्य में मुख्यमंत्री पद पर नियुक्त होने वाली प्रथम दलित महिला है?
- सुश्री जयललिता
- सुश्री मायावती
- नन्दिनी सत्पथी
- सुश्री उमा भारती
ओडिशा की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी–
- नन्दनी सत्पथी
- विजयालक्ष्मी पंडित
- वसुन्धरा राजे
- शीला दीक्षित
उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी–
- नन्दनी सत्पथी
- विजयालक्ष्मी पंडित
- वसुन्धरा राजे
- सुचेता कृपलानी
बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी–
- नन्दनी सत्पथी
- विजयालक्ष्मी पंडित
- राबड़ी देवी
- सुचेता कृपलानी
मध्य प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी–
- नन्दनी सत्पथी
- उमा भारती
- राबड़ी देवी
- सुचेता कृपलानी
राजस्थान की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी–
- वसुन्धरा राजे सिन्धिया
- उमा भारती
- राबड़ी देवी
- सुचेता कृपलानी
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री थे
- डॉ. श्रीकृष्ण सिंह
- दीपनारायण सिंह
- जयरामदास दौलतराम
- सतीश कुमार सिंह
किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री पद पर सर्वाधिक दिनों तक आसीन रहने वाले व्यक्ति हैं
- गेगांग अपांग
- ज्योति बसु
- बीजू पटनायक
- पवन कुमार चामलिंग
मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री थे MPPSC 2003
- श्यामाचरण शुक्ल
- कैलाशनाथ काटजू
- रविशंकर शुक्ल
- भगवन्त राव मंडलोई
किसी भारतीय राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी [RRB 2005 ]
- सुचेता कृपलानी
- विजयालक्ष्मी पंडित
- नन्दिनी सत्पथी
- सरोजिनी नायडू
1. भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में मुख्यमंत्री की नियुक्ति का प्रावधान है?
- अनुच्छेद 163
- अनुच्छेद 164
- अनुच्छेद 165
- अनुच्छेद 166
स्पष्टीकरण: – अनुच्छेद 164 में राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की नियुक्ति का प्रावधान है। – अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद के गठन से संबंधित है। – अनुच्छेद 165 महाधिवक्ता से संबंधित है। – अनुच्छेद 166 राज्य सरकार के कार्य संचालन से संबंधित है।
2. राज्य की मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
- राज्यपाल
- राष्ट्रपति
- विधान सभा
- उच्च न्यायालय
स्पष्टीकरण: – विधान सभा के प्रति, क्योंकि मंत्रिपरिषद अपनी शक्तियों का प्रयोग विधानसभा के बहुमत के आधार पर करती है। – राज्यपाल के प्रति नहीं, क्योंकि राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख है। – राष्ट्रपति केंद्र सरकार का प्रमुख है। – उच्च न्यायालय न्यायिक प्रणाली का हिस्सा है।
3. मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?
- राष्ट्रपति
- राज्यपाल
- उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
- विधान सभा अध्यक्ष
स्पष्टीकरण: – राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है, जो आमतौर पर विधानसभा में बहुमत दल के नेता होते हैं। – राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है। – उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश न्यायिक कार्यों के लिए जिम्मेदार है। – विधान सभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही चलाता है।
4. राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ कौन दिलाता है?
- मुख्यमंत्री
- विधानसभा अध्यक्ष
- राज्यपाल
- उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
स्पष्टीकरण: – राज्यपाल मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाता है। – मुख्यमंत्री स्वयं शपथ लेते हैं और मंत्रिपरिषद के प्रमुख होते हैं। – विधानसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही संचालित करता है। – उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश न्यायिक शपथ दिलाता है।
5. मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार समूह कौन सा है?
- राज्य विधानमंडल
- राज्य निर्वाचन आयोग
- राज्य मंत्रिपरिषद
- राज्य लोक सेवा आयोग
स्पष्टीकरण: – राज्य मंत्रिपरिषद मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार समूह है जो शासन संबंधी निर्णयों में सहायता करती है। – राज्य विधानमंडल कानून निर्माण करता है। – राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकायों के चुनाव करवाता है। – राज्य लोक सेवा आयोग भर्ती प्रक्रिया से संबंधित है।
6. किसी राज्य में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की अधिकतम संख्या किस पर निर्भर करती है?
- राष्ट्रपति के विवेक पर
- मुख्यमंत्री के विवेक पर
- विधान सभा की कुल सदस्य संख्या
- राज्यपाल के विवेक पर
स्पष्टीकरण: – विधान सभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक मंत्री नहीं हो सकते (91वां संविधान संशोधन)। – राष्ट्रपति और राज्यपाल का इस पर सीमित विवेक है। – मुख्यमंत्री सिफारिश करते हैं लेकिन संवैधानिक सीमा का पालन करना होता है।
7. मुख्यमंत्री की position राज्य स्तर पर किसके समतुल्य है?
- राष्ट्रपति
- उपराष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री
- लोकसभा अध्यक्ष
स्पष्टीकरण: – प्रधानमंत्री के समतुल्य, क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य सरकार का वास्तविक प्रमुख होता है जैसे प्रधानमंत्री केंद्र सरकार का। – राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति केंद्र स्तर के संवैधानिक पद हैं। – लोकसभा अध्यक्ष संसद की कार्यवाही संचालित करता है।
8. राज्य मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव कहाँ लाया जा सकता है?
- राज्यपाल के समक्ष
- उच्च न्यायालय में
- विधान सभा में
- राष्ट्रपति के समक्ष
स्पष्टीकरण: – विधान सभा में अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है, जिसके पारित होने पर मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है। – राज्यपाल और राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख हैं, वे अविश्वास प्रस्ताव नहीं देखते। – उच्च न्यायालय न्यायिक मामलों के लिए जिम्मेदार है।
9. मुख्यमंत्री के कर्तव्यों और शक्तियों का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है?
- अनुच्छेद 167
- अनुच्छेद 167
- अनुच्छेद 168
- अनुच्छेद 169
स्पष्टीकरण: – अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्यों को परिभाषित करता है, जिसमें राज्यपाल को सूचना देना शामिल है। – अनुच्छेद 164 मुख्यमंत्री की नियुक्ति से संबंधित है। – अनुच्छेद 168 राज्य विधानमंडल के गठन से संबंधित है। – अनुच्छेद 169 विधान परिषद के सृजन और उन्मूलन से संबंधित है।
10. राज्य स्तर पर सरकार की वास्तविक कार्यपालिका शक्ति किसमें निहित होती है?
- राज्यपाल
- उच्च न्यायालय
- मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद
- महाधिवक्ता
स्पष्टीकरण: – मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद में वास्तविक कार्यपालिका शक्ति निहित होती है, जबकि राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख होता है। – उच्च न्यायालय न्यायिक शक्ति रखता है। – महाधिवक्ता कानूनी मामलों में सलाह देता है।
11. किसी राज्य में मंत्रिपरिषद का गठन कब भंग हो जाता है?
- राज्यपाल के इस्तीफे पर
- मुख्यमंत्री की मृत्यु पर
- विधानसभा के विघटन पर
- उच्च न्यायालय के आदेश पर
स्पष्टीकरण: – विधानसभा के विघटन पर मंत्रिपरिषद स्वतः भंग हो जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद तब तक कार्य करती रहती है जब तक नई सरकार नहीं बन जाती। – राज्यपाल के इस्तीफे से मंत्रिपरिषद प्रभावित नहीं होती। – मुख्यमंत्री की मृत्यु पर मंत्रिपरिषद भंग नहीं होती, नया मुख्यमंत्री चुना जाता है।
12. मुख्यमंत्री की सलाह पर कौन राज्य मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन करता है?
- राष्ट्रपति
- राज्यपाल
- विधानसभा अध्यक्ष
- उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
स्पष्टीकरण: – राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन करता है। – राष्ट्रपति केंद्र स्तर पर ऐसा करता है। – विधानसभा अध्यक्ष और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का इस प्रक्रिया में कोई role नहीं होता।
13. राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है?
- 21 वर्ष
- 25 वर्ष
- 30 वर्ष
- 35 वर्ष
स्पष्टीकरण: – 25 वर्ष आयु सीमा है, क्योंकि मंत्री विधानसभा के सदस्य होते हैं और विधानसभा सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष है। – 21 वर्ष लोकसभा सदस्य के लिए न्यूनतम आयु है। – 30 और 35 वर्ष क्रमशः राज्यसभा और राष्ट्रपति पद के लिए न्यूनतम आयु हैं।
14. मुख्यमंत्री का प्राथमिक कर्तव्य क्या है?
- न्यायपालिका को नियंत्रित करना
- राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच संपर्क स्थापित करना
- राज्य की सुरक्षा करना
- केंद्र सरकार को सलाह देना
स्पष्टीकरण: – राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच संपर्क स्थापित करना मुख्यमंत्री का प्राथमिक कर्तव्य है (अनुच्छेद 167)। – न्यायपालिका स्वतंत्र होती है, मुख्यमंत्री उसे नियंत्रित नहीं कर सकता। – राज्य की सुरक्षा मुख्य रूप से केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। – केंद्र सरकार को सलाह देना मुख्यमंत्री का प्राथमिक कर्तव्य नहीं है।
15. किसी राज्य में मंत्रिपरिषद के सदस्यों को किसके द्वारा हटाया जा सकता है?
- राष्ट्रपति
- उच्च न्यायालय
- विधानसभा
- राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर
स्पष्टीकरण: – राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर मंत्रियों को हटा सकता है। – राष्ट्रपति केंद्र के मंत्रियों को हटा सकता है। – उच्च न्यायालय और विधानसभा के पास मंत्रियों को हटाने की direct power नहीं है।
16. मुख्यमंत्री के पद के लिए योग्यता आवश्यकताएँ क्या हैं?
- राज्य का मूल निवासी होना
- कम से कम 35 वर्ष की आयु
- विधानसभा का सदस्य होना
- उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो
स्पष्टीकरण: – विधानसभा का सदस्य होना आवश्यक है, हालांकि गैर-सदस्य भी 6 महीने के लिए मंत्री बन सकता है लेकिन उसे सदस्य बनना होगा। – राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य नहीं है। – 25 वर्ष की आयु पर्याप्त है (विधानसभा सदस्य के लिए)। – न्यायाधीश का अनुभव आवश्यक नहीं है।
17. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता कौन करता है?
- राज्यपाल
- विधानसभा अध्यक्ष
- मुख्यमंत्री
- वरिष्ठतम मंत्री
स्पष्टीकरण: – मुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करता है और नीतिगत निर्णय लेता है। – राज्यपाल मंत्रिपरिषद की बैठकों में भाग नहीं लेता। – विधानसभा अध्यक्ष का मंत्रिपरिषद की बैठकों में कोई role नहीं होता।
18. मुख्यमंत्री की नियुक्ति के संदर्भ में राज्यपाल की शक्ति कैसी है?
- निरंकुश
- सीमित
- विवेकाधीन
- अनुपस्थित
स्पष्टीकरण: – विवेकाधीन शक्ति, जब किसी दल के पास स्पष्ट बहुमत न हो, तो राज्यपाल अपने विवेक से मुख्यमंत्री की नियुक्ति कर सकता है। – निरंकुश नहीं, क्योंकि राज्यपाल को संवैधानिक परंपराओं का पालन करना होता है। – सीमित शक्ति, जब स्पष्ट बहुमत हो तो राज्यपाल के पास कोई विकल्प नहीं होता।
19. राज्य मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
- राज्यपाल
- राष्ट्रपति
- विधान सभा
- उच्च न्यायालय
स्पष्टीकरण: – विधान सभा के प्रति, क्योंकि मंत्रिपरिषद अपनी शक्तियों का प्रयोग विधानसभा के बहुमत के आधार पर करती है। – राज्यपाल के प्रति नहीं, क्योंकि राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख है। – राष्ट्रपति केंद्र सरकार का प्रमुख है। – उच्च न्यायालय न्यायिक प्रणाली का हिस्सा है।
20. मुख्यमंत्री के पद की शपथ में क्या शामिल होता है?
- न्यायपालिका की अवहेलना न करना
- संविधान के प्रति निष्ठा रखना
- केंद्र सरकार के प्रति वफादार रहना
- राज्यपाल के सभी आदेश मानना
स्पष्टीकरण: – संविधान के प्रति निष्ठा रखना मुख्य शपथ है जो सभी मंत्रियों को लेनी होती है। – न्यायपालिका की अवहेलना न करना अप्रत्यक्ष रूप से संविधान का हिस्सा है। – केंद्र सरकार के प्रति वफादारी specific रूप से शपथ में नहीं होती। – राज्यपाल के आदेशों का पालन संवैधानिक सीमाओं तक ही होता है।
21. मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यालय कहाँ स्थित होता है?
- राज्य विधानसभा भवन
- उच्च न्यायालय परिसर
- राज्य सचिवालय
- राज्यपाल भवन
स्पष्टीकरण: – राज्य सचिवालय मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यालय होता है जहाँ से शासन संचालित होता है। – राज्य विधानसभा भवन में विधायी कार्य होते हैं। – उच्च न्यायालय न्यायिक कार्यों के लिए है। – राज्यपाल भवन राज्यपाल का आधिकारिक निवास स्थान है।
22. किसी राज्य में मंत्रिपरिषद का कार्यकाल कितना होता है?
- 2 वर्ष
- 3 वर्ष
- 5 वर्ष (विधानसभा के कार्यकाल तक)
- 6 वर्ष
स्पष्टीकरण: – 5 वर्ष (विधानसभा के कार्यकाल तक), लेकिन यह विधानसभा के confidence पर निर्भर करता है, अगर बहुमत खो दे तो पहले भी भंग हो सकती है। – 2, 3, और 6 वर्ष का fixed कार्यकाल नहीं होता।
23. मुख्यमंत्री की सलाह के बिना राज्यपाल कौन सा कार्य कर सकता है?
- मंत्रियों की नियुक्ति
- विधेयकों पर सहमति
- कुछ विशेष परिस्थितियों में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश
- बजट पारित करना
स्पष्टीकरण: – कुछ विशेष परिस्थितियों में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह के बिना कर सकता है (अनुच्छेद 356)। – मंत्रियों की नियुक्ति और विधेयकों पर सहमति मुख्यमंत्री की सलाह से ही होती है। – बजट मंत्रिपरिषद द्वारा तैयार किया जाता है।
24. राज्य मंत्रिपरिषद में किस प्रकार के मंत्री होते हैं?
- केवल कैबिनेट मंत्री
- कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री
- केवल उपमंत्री
- केवल राज्य मंत्री
स्पष्टीकरण: – कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री तीनों प्रकार के मंत्री राज्य मंत्रिपरिषद का हिस्सा हो सकते हैं। – केवल एक प्रकार के मंत्री नहीं होते, संरचना राज्य के आकार पर निर्भर करती है।
25. मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारों में क्या शामिल है?
- न्यायाधीशों की नियुक्ति
- राज्यपाल को हटाने की सिफारिश
- मंत्रिपरिषद के agenda तय करना
- उच्च न्यायालय के आदेशों को रद्द करना
स्पष्टीकरण: – मंत्रिपरिषद के agenda तय करना मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण अधिकार है। – न्यायाधीशों की नियुक्ति का अधिकार मुख्यमंत्री के पास नहीं है। – राज्यपाल को हटाने की सिफारिश मुख्यमंत्री नहीं कर सकता। – उच्च न्यायालय के आदेशों को रद्द करना न्यायपालिका का कार्य है।
