1. सहकारी समितियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- लाभ कमाना
- सदस्यों के आर्थिक हितों की रक्षा करना
- सरकारी राजस्व बढ़ाना
- विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देना
Explanation:
- सदस्यों के आर्थिक हितों की रक्षा करना सहकारी समितियों का प्राथमिक उद्देश्य है।
- लाभ कमाना मुख्य उद्देश्य नहीं है बल्कि सदस्यों की सेवा करना है।
- सरकारी राजस्व बढ़ाना या विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देना इनका उद्देश्य नहीं है।
2. भारत में सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन द्वारा दिया गया?
- 42वां संविधान संशोधन
- 73वां संविधान संशोधन
- 97वां संविधान संशोधन
- 101वां संविधान संशोधन
Explanation:
- 97वां संविधान संशोधन (2011) द्वारा सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
- 42वां संशोधन (1976) मौलिक कर्तव्यों और अन्य बातों से संबंधित है।
- 73वां संशोधन (1992) पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित है।
- 101वां संशोधन (2016) GST लागू करने से संबंधित है।
3. सहकारी समितियों का सिद्धांत “एक व्यक्ति, एक वोट” किससे संबंधित है?
- पूंजी निवेश
- सदस्यता अधिकार
- लाभ वितरण
- प्रबंधन संरचना
Explanation:
- सदस्यता अधिकार – सहकारी समितियों में प्रत्येक सदस्य के पास एक वोट का अधिकार होता है, चाहे उसकी पूंजी में हिस्सेदारी कितनी भी हो।
- यह सिद्धांत लोकतांत्रिक नियंत्रण सुनिश्चित करता है और पूंजी के आधार पर शक्ति के केन्द्रीकरण को रोकता है।
4. भारत में सहकारी आंदोलन की शुरुआत किस वर्ष हुई?
- 1904
- 1904
- 1950
- 1912
Explanation:
- 1904 – भारत में सहकारी आंदोलन की शुरुआत 1904 में सहकारी साख समिति अधिनियम के साथ हुई।
- 1912 में इस अधिनियम में संशोधन किया गया था।
- 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था।
5. विश्व में सहकारिता आंदोलन के जनक कौन माने जाते हैं?
- महात्मा गांधी
- रॉबर्ट ओवेन
- रोशडेल के पायनियर्स
- विभूति भूषण बंद्योपाध्याय
Explanation:
- रोशडेल के पायनियर्स – इंग्लैंड के रोशडेल शहर के 28 बुनकरों ने 1844 में पहली आधुनिक सहकारी समिति की स्थापना की।
- रॉबर्ट ओवेन सहकारिता के प्रबल समर्थक थे लेकिन जनक नहीं माने जाते।
- महात्मा गांधी और विभूति भूषण बंद्योपाध्याय ने भारत में सहकारिता को प्रोत्साहन दिया।
6. नाबार्ड (NABARD) का पूरा नाम क्या है?
- नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट
- नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट
- नेशनल एग्रीकल्चरल बोर्ड ऑफ रूरल डेवलपमेंट
- नेशनल एसोसिएशन फॉर बैंकिंग एंड रूरल डेवलपमेंट
Explanation:
- नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट – NABARD की स्थापना 1982 में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए वित्तपोषण हेतु की गई थी।
- यह सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और ग्रामीण विकास संस्थानों के लिए प्रमुख पुनर्वित्त संस्था है।
7. भारत में सहकारी समितियों का सर्वोच्च संगठन कौन-सा है?
- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
- नाबार्ड
- राष्ट्रीय सहकारी संघ
- भारतीय स्टेट बैंक
Explanation:
- राष्ट्रीय सहकारी संघ भारत में सहकारी समितियों का शीर्ष संगठन है।
- रिजर्व बैंक और नाबार्ड वित्तीय नियमन और पुनर्वित्त से संबंधित हैं।
- भारतीय स्टेट बैंक एक सार्वजनिक क्षेत्र का वाणिज्यिक बैंक है।
8. AMUL दुग्ध सहकारी समिति की स्थापना किस वर्ष हुई?
- 1947
- 1946
- 1950
- 1965
Explanation:
- 1946 – AMUL (अनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड) की स्थापना 1946 में हुई थी।
- यह भारत की सबसे सफल दुग्ध सहकारी समिति है और श्वेत क्रांति का प्रतीक बनी।
- इसकी स्थापना वर्गीकरण कुरियन और त्रिभुवनदास पटेल ने की थी।
9. सहकारी समितियों के सिद्धांत किसने तैयार किए?
- संयुक्त राष्ट्र संघ
- विश्व बैंक
- अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (ICA)
- भारत सरकार
Explanation:
- अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (ICA) ने सहकारी समितियों के सिद्धांत तैयार किए।
- ICA की स्थापना 1895 में हुई थी और यह सहकारिता आंदोलन का वैश्विक संगठन है।
- संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक अलग उद्देश्यों वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हैं।
10. भारत में सहकारी समितियों का रजिस्ट्रार कौन होता है?
- रिजर्व बैंक गवर्नर
- वित्त मंत्री
- राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी
- केंद्रीय सहकारिता मंत्री
Explanation:
- राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी – सहकारी समितियों का पंजीकरण और विनियमन राज्य सरकारों के अधीन होता है।
- रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय का सहकारी बैंकों के वित्तीय पहलुओं पर नियंत्रण होता है।
11. सहकारी समितियों में लाभांश पर कितनी सीमा तक ब्याज दिया जा सकता है?
- कोई सीमा नहीं
- 20%
- राज्य सहकारी समिति अधिनियम द्वारा निर्धारित सीमा
- 12%
Explanation:
- राज्य सहकारी समिति अधिनियम द्वारा निर्धारित सीमा – सहकारी समितियों में लाभांश पर ब्याज की दर राज्य सरकारों के अधिनियमों द्वारा निर्धारित की जाती है।
- सामान्यतः यह सीमा 6-12% के बीच होती है ताकि सट्टेबाजी को रोका जा सके।
12. तीन-स्तरीय सहकारी ढांचा किससे संबंधित है?
- शहरी सहकारी बैंक
- दुग्ध सहकारी समितियां
- ग्रामीण सहकारी साख संस्थाएं
- उपभोक्ता सहकारी समितियां
Explanation:
- ग्रामीण सहकारी साख संस्थाएं – तीन-स्तरीय ढांचा (प्राथमिक सहकारी समिति, जिला सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक) ग्रामीण सहकारी साख संस्थाओं के लिए है।
- शहरी सहकारी बैंकों, दुग्ध और उपभोक्ता सहकारी समितियों की संरचना अलग होती है।
13. सहकारी समितियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस कब मनाया जाता है?
- 15 अगस्त
- 26 जनवरी
- जुलाई का पहला शनिवार
- 2 अक्टूबर
Explanation:
- जुलाई का पहला शनिवार – सहकारी समितियों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस जुलाई महीने के पहले शनिवार को मनाया जाता है।
- इसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1995 में की गई थी।
14. भारत में सहकारी समितियों की सबसे बड़ी संख्या किस राज्य में है?
- उत्तर प्रदेश
- महाराष्ट्र
- महाराष्ट्र
- गुजरात
Explanation:
- महाराष्ट्र – सहकारी समितियों की संख्या और सदस्यता दोनों के मामले में महाराष्ट्र भारत का अग्रणी राज्य है।
- इसके बाद उत्तर प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु का स्थान आता है।
15. सहकारी समितियों के प्रकार के आधार पर कौन-सा युग्म सही है?
- क्रेडिट सोसाइटी – कृषि उपज विपणन
- हाउसिंग सोसाइटी – दुग्ध उत्पादन
- उपभोक्ता सोसाइटी – वस्तुओं का वितरण
- मार्केटिंग सोसाइटी – आवास निर्माण
Explanation:
- उपभोक्ता सोसाइटी – वस्तुओं का वितरण – उपभोक्ता सहकारी समितियों का मुख्य कार्य सदस्यों को उचित मूल्य पर वस्तुएं उपलब्ध कराना है।
- क्रेडिट सोसाइटी ऋण से, हाउसिंग सोसाइटी आवास से और मार्केटिंग सोसाइटी कृषि उपज के विपणन से संबंधित होती है।
16. सहकारी समितियों के संदर्भ में ‘बंद सदस्यता’ से क्या अभिप्राय है?
- सदस्यता सभी के लिए खुली
- सदस्यता कुछ विशेष लोगों तक सीमित
- सदस्यता बंद कर दी गई
- केवल सरकारी अधिकारी सदस्य बन सकते हैं
Explanation:
- सदस्यता कुछ विशेष लोगों तक सीमित – बंद सदस्यता का अर्थ है कि सहकारी समिति की सदस्यता एक विशेष समूह, व्यवसाय या क्षेत्र के लोगों तक सीमित है।
- उदाहरण: एक क्रेडिट सोसाइटी केवल एक विशेष कारखाने के कर्मचारियों के लिए हो सकती है।
17. सहकारी समिति अधिनियम, 1912 के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- इसने केवल साख समितियों को मान्यता दी
- इसने गैर-साख सहकारी समितियों को मान्यता दी
- इसने सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा दिया
- इसने सहकारी समितियों का राष्ट्रीयकरण किया
Explanation:
- इसने गैर-साख सहकारी समितियों को मान्यता दी – सहकारी समिति अधिनियम, 1912 ने गैर-साख सहकारी समितियों (जैसे उपभोक्ता, मार्केटिंग, उत्पादन समितियों) को मान्यता दी।
- 1904 का अधिनियम केवल साख समितियों तक सीमित था।
18. सहकारी समितियों की प्रमुख विशेषता क्या है?
- लाभ अधिकतमीकरण
- केंद्रीकृत नियंत्रण
- स्वैच्छिक सदस्यता और लोकतांत्रिक नियंत्रण
- सरकारी स्वामित्व
Explanation:
- स्वैच्छिक सदस्यता और लोकतांत्रिक नियंत्रण – सहकारी समितियों की प्रमुख विशेषता स्वैच्छिक सदस्यता, लोकतांत्रिक नियंत्रण (एक सदस्य-एक वोट) और सदस्यों की सेवा करना है।
- लाभ अधिकतमीकरण या केंद्रीकृत नियंत्रण सहकारी समितियों की विशेषता नहीं है।
19. भारत में सहकारी समितियों के विकास में किसकी भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण रही?
- निजी क्षेत्र
- विदेशी निवेशक
- सरकार
- बहुराष्ट्रीय कंपनियां
Explanation:
- सरकार – भारत में सहकारी समितियों के विकास में सरकार की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण रही है।
- सरकार ने कानूनी ढांचा तैय्यार किया, वित्तीय सहायता दी और सहकारिता को बढ़ावा दिया।
20. सहकारी समितियों के संदर्भ में ‘निःशुल्क सदस्यता’ से क्या अभिप्राय है?
- सदस्यता शुल्क नहीं लगता
- सदस्य बिना किसी भेदभाव के समिति की सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं
- सदस्यों को वेतन मिलता है
- सरकार सदस्यता शुल्क भरती है
Explanation:
- सदस्य बिना किसी भेदभाव के समिति की सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं – निःशुल्क सदस्यता का सिद्धांत means कि सहकारी समिति की सुविधाएं सभी सदस्यों के लिए बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध होनी चाहिए।
- इसका अर्थ यह नहीं है कि सदस्यता शुल्क नहीं लगता या सदस्यों को वेतन मिलता है।
21. सहकारी समितियों के लिए ‘सीमित देयता’ से क्या अभिप्राय है?
- सदस्यों की कोई देयता नहीं
- सदस्यों की देयता उनकी पूंजी योगदान तक सीमित
- समिति की असीमित देयता
- सरकार द्वारा देयता का भुगतान
Explanation:
- सदस्यों की देयता उनकी पूंजी योगदान तक सीमित – सीमित देयता means कि सहकारी समिति के नुकसान की स्थिति में सदस्यों की व्यक्तिगत देयता केवल उनके द्वारा लगाई गई पूंजी तक सीमित रहती है।
- यह सदस्यों की व्यक्तिगत संपत्ति को सुरक्षा प्रदान करता है।
22. भारत में सहकारी बैंकों का मुख्य नियामक कौन है?
- वित्त मंत्रालय
- नाबार्ड
- भारतीय रिजर्व बैंक
- भारतीय स्टेट बैंक
Explanation:
- भारतीय रिजर्व बैंक – सहकारी बैंकों का मुख्य नियामक भारतीय रिजर्व बैंक है जो बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत इन्हें नियंत्रित करता है।
- नाबार्ड पुनर्वित्त और विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार है।
23. सहकारी समितियों के संदर्भ में ‘वित्तीय संरक्षण’ से क्या अभिप्राय है?
- सरकारी अनुदान
- लाभ का एक हिस्सा आरक्षित निधि में जमा करना
- सदस्यों को मुफ्त सेवाएं
- कर छूट
Explanation:
- लाभ का एक हिस्सा आरक्षित निधि में जमा करना – वित्तीय संरक्षण का अर्थ है कि सहकारी समिति अपने लाभ का एक हिस्सा आरक्षित निधि में जमा करे ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के लिए वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध हो।
- यह समिति की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करता है।
24. सहकारी समितियों के सिद्धांतों में ‘सहकारिता के बीच सहकारिता’ से क्या अभिप्राय है?
- केवल एक प्रकार की समितियों का होना
- विभिन्न सहकारी समितियों का आपस में सहयोग
- सरकार के साथ सहयोग
- निजी कंपनियों के साथ सहयोग
Explanation:
- विभिन्न सहकारी समितियों का आपस में सहयोग – “सहकारिता के बीच सहकारिता” का अर्थ है कि विभिन्न सहकारी समितियां स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आपस में सहयोग करें।
- यह सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और सदस्यों के हितों को बेहतर ढंग से सेवा देने के लिए आवश्यक है।
25. सहकारी समितियों के संचालन का मुख्य स्रोत क्या है?
- सरकारी अनुदान
- विदेशी निवेश
- सदस्यों की पूंजी और जमा राशि
- निजी ऋण
Explanation:
- सदस्यों की पूंजी और जमा राशि – सहकारी समितियों के संचालन का मुख्य स्रोत सदस्यों की पूंजी, शेयर योगदान और जमा राशि है।
- हालांकि कुछ मामलों में सरकारी सहायता या बैंक ऋण भी लिए जा सकते हैं, लेकिन मुख्य स्रोत सदस्यों का योगदान ही होता है।
भारत के संविधान में किन राज्यों के लिए विशेष प्रावधान हैं?
- केवल जम्मू-कश्मीर
- महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड, असम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, गोवा और कर्नाटक
- उत्तर प्रदेश और बिहार
- सभी राज्य
व्याख्या:
- भारतीय संविधान के भाग XXI में अनुच्छेद 371 से 371-J तक विभिन्न राज्यों के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।
- ये प्रावधान ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बनाए गए हैं।
- इनका उद्देश्य इन राज्यों की विशिष्ट पहचान और हितों की रक्षा करना है।
- जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष दर्जा (अनुच्छेद 370) 2019 में हटा दिया गया था।
अनुच्छेद 371A किस राज्य से संबंधित है?
- असम
- नागालैंड
- मणिपुर
- सिक्किम
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371A नागालैंड राज्य के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
- यह धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं, customary कानून, नागा परंपराओं आदि के संरक्षण से संबंधित है।
- इसके तहत बिना राज्य सरकार की सहमति के संसद के कानून नागालैंड पर लागू नहीं होते।
- यह प्रावधान 1962 में 13वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
अनुच्छेद 371F किस राज्य के लिए है?
- मिजोरम
- अरुणाचल प्रदेश
- सिक्किम
- गोवा
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371F सिक्किम राज्य के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
- यह 1975 में सिक्किम के भारत में विलय के बाद 36वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
- यह सिक्किम विधानसभा में न्यूनतम सीटों की संख्या तय करता है और राज्य की पुरानी कानूनी व्यवस्था को संरक्षण देता है।
- राज्य के सामाजिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रावधान करता है।
अनुच्छेद 371B का संबंध किस राज्य से है?
- मणिपुर
- असम
- आंध्र प्रदेश
- गुजरात
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371B असम राज्य के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
- यह असम विधानसभा में अनुसूचित जनजाति और जनजातीय क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए है।
- राष्ट्रपति को राज्य की जनजातीय समुदायों के हितों की रक्षा के लिए समिति गठित करने का अधिकार देता है।
- इसे 1969 में 22वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
अनुच्छेद 371C किस राज्य पर लागू होता है?
- नागालैंड
- असम
- मणिपुर
- मिजोरम
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371C मणिपुर राज्य के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
- इसके तहत, राष्ट्रपति मणिपुर की पहाड़ी क्षेत्रों के प्रशासन के लिए एक समिति गठित कर सकते हैं।
- यह राज्य के पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने के लिए है।
- इसे 1971 में 27वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
अनुच्छेद 371G किस राज्य से संबंधित है?
- अरुणाचल प्रदेश
- सिक्किम
- मिजोरम
- गोवा
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371G मिजोरम राज्य के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
- यह मिजो समाज की धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं, customary कानून आदि को संरक्षण देता है।
- इसके तहत, बिना राज्य सरकार की सहमति के संसद के कानून मिजोरम की सामाजिक और धार्मिक प्रथाओं पर लागू नहीं होते।
- इसे 1986 में 53वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
अनुच्छेद 371H किस राज्य के लिए है?
- नागालैंड
- अरुणाचल प्रदेश
- आंध्र प्रदेश
- गोवा
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371H अरुणाचल प्रदेश राज्य के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
- यह राज्यपाल को कानून और व्यवस्था के विशेष अधिकार देता है।
- राज्य की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर देता है।
- इसे 1986 में 55वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए कौन सा अनुच्छेद विशेष प्रावधान देता है?
- अनुच्छेद 371C
- अनुच्छेद 371F
- अनुच्छेद 371D और 371E (आंध्र प्रदेश), और अब विभाजन के बाद तेलंगाना के लिए भी प्रावधान
- अनुच्छेद 371A
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371D आंध्र प्रदेश में सार्वजनिक रोजगार और शिक्षा में अवसर की समानता सुनिश्चित करने के लिए है।
- अनुच्छेद 371E आंध्र प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित है।
- 2014 में राज्य के विभाजन के बाद, तेलंगाना के लिए भी विशेष प्रावधान बनाए गए हैं।
- ये प्रावधान क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के लिए हैं।
अनुच्छेद 371J किन राज्यों के लिए लागू है?
- महाराष्ट्र और गुजरात
- कर्नाटक (हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए)
- गोवा और असम
- मणिपुर और मिजोरम
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371J कर्नाटक राज्य के हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
- इसका उद्देश्य क्षेत्र में शैक्षिक और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है।
- यह स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान करता है।
- इसे 2012 में 98वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
गोवा के लिए कौन सा अनुच्छेद विशेष प्रावधान देता है?
- अनुच्छेद 371C
- अनुच्छेद 371F
- अनुच्छेद 371I (हालांकि यह बहुत संक्षिप्त है), लेकिन गोवा को अपनी विधानसभा का आकार बनाए रखने का अधिकार है।
- अनुच्छेद 371A
व्याख्या:
- गोवा के लिए मुख्य प्रावधान अनुच्छेद 371I के तहत है, जो यह निर्धारित करता है कि गोवा विधानसभा के सदस्यों की न्यूनतम संख्या 30 होगी।
- यह छोटे राज्य की विधायी क्षमता को बनाए रखने के लिए है।
- इसे 1987 में गोवा को राज्य का दर्जा दिए जाने के समय जोड़ा गया था।
- अन्य राज्यों की तुलना में गोवा के प्रावधान相对 रूप से सरल हैं।
महाराष्ट्र और गुजरात के लिए किस अनुच्छेद में प्रावधान है?
- अनुच्छेद 371A और 371B
- अनुच्छेद 371 (विभिन्न उप-बिंदु) जो विशेष जिम्मेदारियाँ राज्यपाल को देता है, विशेष रूप से विदर्भ और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्रों के विकास के लिए।
- अनुच्छेद 371F और 371G
- अनुच्छेद 371J और 371H
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371 के तहत, महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपालों को विशेष जिम्मेदारियाँ दी गई हैं।
- महाराष्ट्र में, राज्यपाल विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों के विकास की निगरानी के लिए एक समिति नियुक्त करता है।
- गुजरात में, राज्यपाल सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के विकास के लिए एक समिति नियुक्त करता है।
- इन प्रावधानों का उद्देश्य राज्य के पिछड़े क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित करना है।
किस अनुच्छेद के तहत आंध्र प्रदेश के राज्यपाल को क्षेत्रीय समितियों की स्थापना का अधिकार है?
- अनुच्छेद 371A
- अनुच्छेद 371F
- अनुच्छेद 371D
- अनुच्छेद 371H
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371D के तहत, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल को राज्य में सार्वजनिक रोजगार और शिक्षा में अवसर की समानता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय समितियाँ गठित करने का अधिकार है।
- इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के बीच असमानता को दूर करना है।
- यह प्रावधान 1973 में 32वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
- तेलंगाना गठन के बाद भी यह प्रावधान प्रासंगिक बना हुआ है।
किस राज्य के लिए अनुच्छेद 371E विशेष प्रावधान देता है?
- असम
- आंध्र प्रदेश
- नागालैंड
- सिक्किम
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371E आंध्र प्रदेश राज्य के लिए एक विशेष प्रावधान है।
- यह संसद को आंध्र प्रदेश में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का अधिकार देता है।
- यह प्रावधान शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के विकास से संबंधित है।
- इसे 1982 में 27वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
अनुच्छेद 371B, 371C, और 371F किस वर्ष जोड़े गए थे?
- 1950 में
- 1960, 1962, 1965
- 1969, 1971, 1975
- 1985, 1986, 1987
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371B: 1969 में 22वें संविधान संशोधन द्वारा (असम के लिए)।
- अनुच्छेद 371C: 1971 में 27वें संविधान संशोधन द्वारा (मणिपुर के लिए)।
- अनुच्छेद 371F: 1975 में 36वें संविधान संशोधन द्वारा (सिक्किम के लिए)।
- ये संशोधन विभिन्न राज्यों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए थे।
किस राज्य के लिए विशेष प्रावधान “इनर लाइन परमिट” प्रणाली से संबंधित हैं?
- सिक्किम
- गोवा
- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम (अनुच्छेद 371系列 के तहत संरक्षण)
- महाराष्ट्र
व्याख्या:
- इनर लाइन परमिट (ILP) प्रणाली अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम में लागू है।
- यह बंगाल Eastern Frontier Regulation, 1873 के तहत एक औपनिवेशिक कानून है जिसे संविधान के विशेष प्रावधानों द्वारा जारी रखा गया है।
- इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों के जनजातीय समुदायों की संस्कृति और पहचान को बाहरी लोगों के प्रवेश से सुरक्षित रखना है।
- भारतीय नागरिकों को भी इन राज्यों में प्रवेश के लिए ILP की आवश्यकता होती है।
किस अनुच्छेद के तहत सिक्किम विधानसभा की न्यूनतम सदस्य संख्या निर्धारित है?
- अनुच्छेद 371A
- अनुच्छेद 371I
- अनुच्छेद 371F
- अनुच्छेद 371D
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371F(f) के तहत, सिक्किम विधानसभा में कम से कम 30 सदस्य होने चाहिए।
- यह प्रावधान छोटे राज्य की विधायी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए है।
- यह सिक्किम के भारत में विलय की शर्तों के अनुरूप है।
- इसके अलावा, यह अनुच्छेद सिक्किम की पुरानी कानूनी व्यवस्था को भी मान्यता देता है।
हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए कौन सा प्रावधान है?
- अनुच्छेद 371A
- अनुच्छेद 371H
- अनुच्छेद 371J
- अनुच्छेद 371C
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371J विशेष रूप से कर्नाटक के हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास से संबंधित है।
- इसका उद्देश्य क्षेत्र में शैक्षिक संस्थानों और रोजगार के अवसरों का विकास करना है।
- इसके तहत, स्थानीय लोगों के लिए शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान है।
- क्षेत्र के विकास की निगरानी के लिए एक विकास बोर्ड का गठन किया गया है।
किस राज्य के लिए विशेष प्रावधानों में भूमि हस्तांतरण पर प्रतिबंध का उल्लेख है?
- गोवा
- महाराष्ट्र
- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश आदि (हालाँकि यह मुख्य रूप से अनुसूचित क्षेत्रों के अधीन आता है, विशेष प्रावधानों द्वारा समर्थित)
- कर्नाटक
व्याख्या:
- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में, भूमि हस्तांतरण पर प्रतिबंध है जो अनुसूचित क्षेत्रों के अधीन है।
- यह प्रावधान जनजातीय समुदायों की जमीन को बाहरी लोगों के अधिग्रहण से बचाने के लिए है।
- इन राज्यों के विशेष दर्जे ने इन प्रतिबंधों को लागू करने में मदद की है।
- उदाहरण के लिए, हिमाचल प्रदेश में, राज्य के बाहर के लोगों को agricultural भूमि खरीदने की अनुमति नहीं है।
अनुच्छेद 371系列 के प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केंद्र सरकार की शक्ति बढ़ाना
- सभी राज्यों के लिए एकसमान कानून बनाना
- विशिष्ट राज्यों/क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को सुनिश्चित करना
- राज्यपाल की शक्तियाँ कम करना
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371系列 के प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य देश के विशिष्ट राज्यों या क्षेत्रों के हितों की रक्षा करना और उनका विकास सुनिश्चित करना है।
- यह उनकी विशिष्ट सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने में मदद करता है।
- यह क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने और संतुलित विकास को बढ़ावा देने का काम करता है।
- यह संविधान की ‘एकता में अनेकता’ की भावना को दर्शाता है।
किस राज्य के विशेष प्रावधानों में अंग्रेजी के साथ-साथ एक स्थानीय भाषा का उपयोग शामिल है?
- गुजरात
- आंध्र प्रदेश
- नागालैंड, मिजोरम (जहाँ अंग्रेजी आधिकारिक भाषा है)
- गोवा
व्याख्या:
- नागालैंड और मिजोरम जैसे राज्यों में, अंग्रेजी आधिकारिक भाषा है, जो उनके विशेष दर्जे का हिस्सा है।
- यह प्रावधान बहुभाषी और बहु-जनजातीय समाज में संचार और प्रशासन को सुगम बनाने के लिए है।
- यह इन राज्यों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।
- अनुच्छेद 371A नागालैंड को अपनी भाषा और परंपराओं को बनाए रखने का अधिकार देता है।
कर्नाटक के हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के लिए विकास बोर्ड के गठन का प्रावधान किसमें है?
- अनुच्छेद 371A
- अनुच्छेद 371H
- अनुच्छेद 371J
- अनुच्छेद 371C
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371J(3) के तहत, कर्नाटक सरकार हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के एकीकृत विकास के लिए एक विकास बोर्ड गठित करेगी।
- इस बोर्ड का कार्य क्षेत्र के विकास की योजनाएँ बनाना और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करना है।
- बोर्ड में स्थानीय जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ सदस्य होते हैं।
- इसका उद्देश्य क्षेत्र की ऐतिहासिक पिछड़ेपन को दूर करना है।
अनुच्छेद 371系列 के प्रावधानों को संशोधित करने की शक्ति किसके पास है?
- राज्य विधानसभा
- राज्यपाल
- भारतीय संसद
- उच्चतम न्यायालय
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371系列 के प्रावधान संविधान का हिस्सा हैं, और इनमें कोई भी संशोधन केवल भारतीय संसद द्वारा ही किया जा सकता है।
- ऐसा संशोधन संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से किया जाता है, जिसके लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।
- राज्य सरकारें इन प्रावधानों में सीधे तौर पर परिवर्तन नहीं कर सकतीं।
- यह शक्ति संविधान की सर्वोच्चता और केंद्र की एकता को बनाए रखने के लिए है।
किस राज्य के विशेष प्रावधानों में धार्मिक या सामाजिक प्रथाओं, customary कानून, और परंपराओं की सुरक्षा शामिल है?
- गुजरात और महाराष्ट्र
- गोवा और कर्नाटक
- नागालैंड (371A), मिजोरम (371G), और अरुणाचल प्रदेश (371H)
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
व्याख्या:
- अनुच्छेद 371A नागालैंड की धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं, customary कानून, और परंपराओं की रक्षा करता है।
- अनुच्छेद 371G मिजोरम के मिजो समाज की समान विशेषताओं की रक्षा करता है।
- अनुच्छेद 371H अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए प्रावधान करता है।
- इन प्रावधानों का उद्देश्य इन समुदायों की विशिष्ट पहचान को बनाए रखना और उन्हें आधुनिकीकरण के प्रभाव से बचाना है।
विशेष प्रावधानों वाले राज्य मुख्यतः देश के किस भाग में स्थित हैं?
- मध्य भारत
- पश्चिमी भारत
- पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत
- उत्तरी भारत
व्याख्या:
- विशेष प्रावधानों वाले अधिकांश राज्य (जैसे असम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम) पूर्वोत्तर भारत में स्थित हैं।
- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और गोवा दक्षिण भारत/पश्चिम भारत में स्थित हैं।
- इसका कारण इन क्षेत्रों की विशिष्ट भौगोलिक, सांस्कृतिक और जनजातीय संरचना है।
- महाराष्ट्र और गुजरात (पश्चिम भारत) भी इन प्रावधानों के दायरे में आते हैं।
किस राज्य के विशेष प्रावधान सीधे तौर पर उसके भारत में विलय से संबंधित हैं?
- नागालैंड
- मिजोरम
- सिक्किम
- गोवा
व्याख्या:
- सिक्किम के विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 371F) सीधे तौर पर 1975 में उसके भारत में विलय की शर्तों से उत्पन्न हुए हैं।
- यह अनुच्छेद सिक्किम की संवैधानिक स्थिति और उसकी पुरानी institutions को मान्यता देता है।
- विलय के समय हुए समझौते के तहत, सिक्किम की जनता की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा की गई।
- गोवा का विलय 1961 में हुआ था, लेकिन उसे राज्य का दर्जा 1987 में मिला, जिसके बाद अनुच्छेद 371I लागू हुआ।
1. भारत के संविधान में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए कितने प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है?
- 25%
- 30%
- 15% और 7.5%
- 20% और 10%
Explanation:
- 15% और 7.5% – संविधान में अनुसूचित जाति के लिए 15% और अनुसूचित जनजाति के लिए 7.5% आरक्षण का प्रावधान है।
- 25% – यह आरक्षण का सही प्रतिशत नहीं है।
- 30% – यह महिलाओं के लिए आरक्षण से संबंधित हो सकता है।
- 20% और 10% – यह कुछ राज्यों में OBC आरक्षण से मेल खा सकता है।
2. अनुच्छेद 330 का संबंध किससे है?
- राज्य विधानसभाओं में आरक्षण
- शिक्षण संस्थानों में आरक्षण
- लोकसभा में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण
- पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण
Explanation:
- लोकसभा में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण – अनुच्छेद 330 लोकसभा में SC/ST के लिए सीटों के आरक्षण से संबंधित है।
- राज्य विधानसभाओं में आरक्षण – यह अनुच्छेद 332 के अंतर्गत आता है।
- शिक्षण संस्थानों में आरक्षण – यह अनुच्छेद 15(4) और 15(5) के अंतर्गत आता है।
- पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण – यह अनुच्छेद 243D के अंतर्गत आता है।
3. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अनुसूचित जनजातियों के लिए एक राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान करता है?
- अनुच्छेद 338
- अनुच्छेद 338A
- अनुच्छेद 340
- अनुच्छेद 342
Explanation:
- अनुच्छेद 338A – यह अनुसूचित जनजातियों के लिए एक राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान करता है।
- अनुच्छेद 338 – यह अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग से संबंधित है।
- अनुच्छेद 340 – यह पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच के लिए आयोग नियुक्त करने से संबंधित है।
- अनुच्छेद 342 – यह अनुसूचित जनजातियों की पहचान और अधिसूचना से संबंधित है।
4. अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए कौन-सी अनुसूची है?
- पाँचवीं अनुसूची
- छठी अनुसूची
- सातवीं अनुसूची
- आठवीं अनुसूची
Explanation:
- छठी अनुसूची – यह असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए है।
- पाँचवीं अनुसूची – यह अन्य राज्यों के अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए है।
- सातवीं अनुसूची – यह केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के बंटवारे से संबंधित है।
- आठवीं अनुसूची – यह भारत की 22 मान्यता प्राप्त भाषाओं से संबंधित है।
5. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राज्यों को अनुसूचित जनजातियों के लिए समाज के अन्य सदस्यों से अलग समुदायों का प्रशासन करने की शक्ति देता है?
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 244
- अनुच्छेद 370
Explanation:
- अनुच्छेद 244 – यह अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।
- अनुच्छेद 19 – यह स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है।
- अनुच्छेद 21 – यह जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण से संबंधित है।
- अनुच्छेद 370 – यह जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था (अब निरस्त)।
6. अनुच्छेद 335 किससे संबंधित है?
- अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग
- SC/ST को सेवाओं और पदों में आरक्षण
- राज्यों में अनुसूचित जनजातियों की सूची
- अनुसूचित क्षेत्र
Explanation:
- SC/ST को सेवाओं और पदों में आरक्षण – अनुच्छेद 335 संघ और राज्य सेवाओं में पदों पर नियुक्ति के लिए SC/ST के दावों का प्रावधान करता है।
- अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग – यह अनुच्छेद 338 और 338A से संबंधित है।
- राज्यों में अनुसूचित जनजातियों की सूची – यह अनुच्छेद 342 से संबंधित है।
- अनुसूचित क्षेत्र – यह अनुच्छेद 244 और पाँचवीं/छठी अनुसूची से संबंधित है।
7. संविधान की पाँचवीं अनुसूची किससे संबंधित है?
- अनुसूचित जाति
- अनुसूचित जनजाति (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को छोड़कर)
- अनुसूचित भाषाएँ
- राज्य सूची के विषय
Explanation:
- अनुसूचित जनजाति (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को छोड़कर) – पाँचवीं अनुसूची उन राज्यों में अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण से संबंधित है जहाँ छठी अनुसूची लागू नहीं होती।
- अनुसूचित जाति – यह विभिन्न अनुच्छेदों जैसे 341, 15, 16, आदि से संबंधित है।
- अनुसूचित भाषाएँ – यह आठवीं अनुसूची से संबंधित है।
- राज्य सूची के विषय – यह सातवीं अनुसूची से संबंधित है।
8. अनुच्छेद 341 किससे संबंधित है?
- अनुसूचित जनजाति की पहचान
- अनुसूचित जाति की पहचान
- पिछड़ा वर्ग आयोग
- आदिवासी advisory council
Explanation:
- अनुसूचित जाति की पहचान – अनुच्छेद 341 राष्ट्रपति को किसी जाति, नस्ल या जनजाति को अनुसूचित जाति के रूप में अधिसूचित करने की शक्ति देता है।
- अनुसूचित जनजाति की पहचान – यह अनुच्छेद 342 से संबंधित है।
- पिछड़ा वर्ग आयोग – यह अनुच्छेद 340 से संबंधित है।
- आदिवासी advisory council – यह पाँचवीं अनुसूची से संबंधित है।
9. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की अनुमति देता है?
- अनुच्छेद 15(3)
- अनुच्छेद 15(4)
- अनुच्छेद 16(4)
- अनुच्छेद 29(2)
Explanation:
- अनुच्छेद 15(4) – यह राज्य को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों या अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देता है।
- अनुच्छेद 15(3) – यह महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान करने की बात करता है।
- अनुच्छेद 16(4) – यह सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से संबंधित है।
- अनुच्छेद 29(2) – यह भाषा, धर्म आदि के आधार पर प्रवेश से मनाही से संबंधित है।
10. अनुच्छेद 342 किससे संबंधित है?
- अनुसूचित जाति
- अनुसूचित जनजाति
- अन्य पिछड़ा वर्ग
- अल्पसंख्यक
Explanation:
- अनुसूचित जनजाति – अनुच्छेद 342 राष्ट्रपति को किसी जनजाति या जनजातीय समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में अधिसूचित करने की शक्ति देता है।
- अनुसूचित जाति – यह अनुच्छेद 341 से संबंधित है।
- अन्य पिछड़ा वर्ग – यह अनुच्छेद 340 और 15(4), 16(4) आदि से संबंधित है।
- अल्पसंख्यक – यह अनुच्छेद 29 और 30 से संबंधित है।
11. किस संवैधानिक संशोधन ने पंचायतों में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण का प्रावधान किया?
- 42वाँ संशोधन
- 61वाँ संशोधन
- 73वाँ संशोधन
- 86वाँ संशोधन
Explanation:
- 73वाँ संशोधन – इसने संविधान में भाग IX जोड़ा, जिसमें अनुच्छेद 243D के तहत पंचायतों में SC/ST के लिए आरक्षण का प्रावधान है।
- 42वाँ संशोधन – इसे ‘लघु संविधान’ कहा जाता है, इसने मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा।
- 61वाँ संशोधन – इसने लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों में मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी।
- 86वाँ संशोधन – इसने शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया (अनुच्छेद 21A)।
12. किस अनुच्छेद के तहत राज्य सरकारें अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और उन्नति के लिए विशेष प्रावधान कर सकती हैं?
- अनुच्छेद 15
- अनुच्छेद 16
- अनुच्छेद 275(1)
- अनुच्छेद 301
Explanation:
- अनुच्छेद 275(1) – यह अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और उन क्षेत्रों के प्रशासन में सुधार के लिए राज्यों को सहायता अनुदान देने का प्रावधान करता है।
- अनुच्छेद 15 – यह धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है।
- अनुच्छेद 16 – यह सरकारी नौकरियों में अवसर की समानता से संबंधित है।
- अनुच्छेद 301 – यह व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता से संबंधित है।
13. अनुसूचित जनजाति (असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम) के प्रशासन के लिए स्वायत्त जिला परिषदों का गठन किस अनुसूची के तहत किया गया है?
- चौथी अनुसूची
- पाँचवीं अनुसूची
- छठी अनुसूची
- सातवीं अनुसूची
Explanation:
- छठी अनुसूची – यह असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए स्वायत्त जिला परिषदों के गठन का प्रावधान करती है।
- चौथी अनुसूची – यह राज्यसभा में सीटों के आवंटन से संबंधित है।
- पाँचवीं अनुसूची – यह अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से संबंधित है।
- सातवीं अनुसूची – यह केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के बंटवारे (संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची) से संबंधित है।
14. अनुच्छेद 339 किससे संबंधित है?
- अनुसूचित जाति आयोग
- अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन पर नियंत्रण
- पिछड़ा वर्ग आयोग
- अनुसूचित क्षेत्र
Explanation:
- अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन पर नियंत्रण – अनुच्छेद 339 राष्ट्रपति को अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और कल्याण से संबंधित मामलों की जांच करने के लिए एक आयोग नियुक्त करने का अधिकार देता है।
- अनुसूचित जाति आयोग – यह अनुच्छेद 338 से संबंधित है।
- पिछड़ा वर्ग आयोग – यह अनुच्छेद 340 से संबंधित है।
- अनुसूचित क्षेत्र – यह अनुच्छेद 244 और पाँचवीं/छठी अनुसूची से संबंधित है।
15. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राज्यों को सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण देने की अनुमति देता है?
- अनुच्छेद 15(4)
- अनुच्छेद 16(4)
- अनुच्छेद 335
- अनुच्छेद 338
Explanation:
- अनुच्छेद 16(4) – यह राज्य को सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्ग के नागरिकों के लिए, जो राज्य की राय में पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, आरक्षण का प्रावधान करने का अधिकार देता है।
- अनुच्छेद 15(4) – यह शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के लिए है।
- अनुच्छेद 335 – यह SC/ST के दावों को बनाए रखते हुए प्रशासन की दक्षता सुनिश्चित करने की बात करता है।
- अनुच्छेद 338 – यह अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग से संबंधित है।
16. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था?
- 1950
- 1976
- 1989
- 2005
Explanation:
- 1989 – अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 में पारित किया गया था।
- 1950 – यह वर्ष संविधान के लागू होने का है।
- 1976 – इस वर्ष 42वाँ संवैधानिक संशोधन हुआ था।
- 2005 – इस वर्ष सूचना का अधिकार अधिनियम पारित हुआ था।
17. अनुच्छेद 46 किससे संबंधित है?
- न्यायपालिका
- चुनाव
- अनुसूचित जाति/जनजाति के शैक्षिक और आर्थिक हितों का संवर्धन
- संपत्ति का अधिकार
Explanation:
- अनुसूचित जाति/जनजाति के शैक्षिक और आर्थिक हितों का संवर्धन – अनुच्छेद 46 (राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत) राज्य से अनुसूचित जाति/जनजाति के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देने और सामाजिक अन्याय से उनकी रक्षा करने का आग्रह करता है।
- न्यायपालिका – यह भाग V (अनुच्छेद 124-147) और भाग VI (अनुच्छेद 214-237) से संबंधित है।
- चुनाव – यह भाग XV (अनुच्छेद 324-329) से संबंधित है।
- संपत्ति का अधिकार – यह अब एक मौलिक अधिकार नहीं है, यह अनुच्छेद 300A के तहत एक कानूनी अधिकार है।
18. किस अनुच्छेद के तहत, संसद किसी अनुसूचित जनजाति या जनजातीय समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर कर सकती है या शामिल कर सकती है?
- अनुच्छेद 341
- अनुच्छेद 342
- अनुच्छेद 343
- अनुच्छेद 344
Explanation:
- अनुच्छेद 342 – खंड (2) के तहत, संसद कानून द्वारा किसी जनजाति या जनजातीय समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल या बाहर कर सकती है।
- अनुच्छेद 341 – यह अनुसूचित जाति की सूची में परिवर्तन के लिए एक समान प्रावधान करता है।
- अनुच्छेद 343 – यह संघ की आधिकारिक भाषा से संबंधित है।
- अनुच्छेद 344 – यह आयोग और संसद की एक समिति के गठन से संबंधित है।
19. पंचायतों (अनुच्छेद 243D) और नगरपालिकाओं (अनुच्छेद 243T) में महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है?
- 25%
- 33% (एक-तिहाई)
- 50%
- 15%
Explanation:
- 33% (एक-तिहाई) – संविधान के अनुच्छेद 243D (पंचायतों) और 243T (नगरपालिकाओं) में SC/ST महिलाओं सहित सभी महिलाओं के लिए कुल सीटों और अध्यक्ष पदों के 33% आरक्षण का प्रावधान है।
- 25% – यह आरक्षण का सही प्रतिशत नहीं है।
- 50% – कुछ राज्यों ने इसे बढ़ाकर 50% कर दिया है, लेकिन संवैधानिक न्यूनतम 33% है।
- 15% – यह केंद्र सरकार की नौकरियों में SC के लिए आरक्षण का प्रतिशत है।
20. अनुच्छेद 164 के तहत, किस राज्य में एक अलग अनुसूचित जनजाति मंत्री होना अनिवार्य है?
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश
- असम
Explanation:
- झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश – अनुच्छेद 164(1) के अनुसार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में एक अलग अनुसूचित जनजाति मंत्री होना चाहिए। बाद में इसे संशोधित करके महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक को भी शामिल किया गया।
- मध्य प्रदेश – यह सही है लेकिन अकेला नहीं है।
- राजस्थान – यह मूल सूची में नहीं था लेकिन बाद में जोड़ा गया।
- असम – यह मूल सूची में नहीं है।
21. अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय आयोग की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
- 1990
- 2004
- 1992
- 2010
Explanation:
- 2004 – 89वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अनुच्छेद 338-A को सम्मिलित करके अनुसूचित जनजातियों के लिए एक अलग राष्ट्रीय आयोग की स्थापना की गई थी। यह 19 फरवरी, 2004 से लागू हुआ।
- 1990 – इस वर्ष मंडल आयोग की सिफारिशें लागू हुईं।
- 1992 – इस वर्ष 73वाँ और 74वाँ संशोधन पारित हुआ।
- 2010 – इस वर्ष महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पारित हुआ।
22. अनुच्छेद 244A किससे संबंधित है?
- जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा
- असम के कुछ जनजातीय क्षेत्रों का स्वायत्त राज्य बनाने का प्रावधान
- अनुसूचित क्षेत्र
- अनुसूचित जनजाति आयोग
Explanation:
- असम के कुछ जनजातीय क्षेत्रों का स्वायत्त राज्य बनाने का प्रावधान – अनुच्छेद 244A संसद को असम के कुछ जनजातीय क्षेत्रों से मिलकर बने एक स्वायत्त राज्य के गठन का प्रावधान करने वाला कानून बनाने का अधिकार देता है।
- जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा – यह अनुच्छेद 370 (अब निरस्त) से संबंधित था।
- अनुसूचित क्षेत्र – यह अनुच्छेद 244 से संबंधित है।
- अनुसूचित जनजाति आयोग – यह अनुच्छेद 338A से संबंधित है।
23. किस अनुच्छेद के तहत, संसद ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया?
- 65वाँ संशोधन, 1990
- 89वाँ संशोधन, 2003
- 103वाँ संशोधन, 2019
- 102वाँ संशोधन, 2018
Explanation:
- संसद ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और अनुच्छेद 338A के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) को संवैधानिक दर्जा दिया है। यह दर्जा 2003 में 89वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के माध्यम से प्रदान किया गया था, जिसने पहले के संयुक्त आयोग को दो अलग-अलग निकायों में विभाजित किया था
