हीरा | Diamond

  • अपररूप (Allotrope): यह कार्बन (C) का शुद्धतम और क्रिस्टलीय अपररूप है।
  • कठोरता: प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला पृथ्वी का सबसे कठोर पदार्थ (Mohs Scale पर मान: 10)।
  • संरचना: इसमें कार्बन परमाणु ‘चतुष्फलकीय‘ (Tetrahedral) संरचना में व्यवस्थित होते हैं।
  • संकरण (Hybridization): हीरे में कार्बन का sp3संकरण होता है।
  • आबंध (Bonding): कार्बन परमाणुओं के बीच मजबूत ‘सहसंयोजक बंध’ (Covalent Bonds) होते हैं।
  • चालकता: यह विद्युत का कुचालक (Bad Conductor) है (मुक्त इलेक्ट्रॉन की अनुपस्थिति के कारण), लेकिन ऊष्मा का अच्छा चालक है।
  • अपवर्तनांक (Refractive Index): इसका अपवर्तनांक बहुत उच्च (≈2.42) होता है।
  • चमक का कारण: हीरे की अत्यधिक चमक ‘पूर्ण आंतरिक परावर्तन’ (Total Internal Reflection – TIR) के कारण होती है।
  • उपयोग 
    • कांच काटना: काले हीरे (बोर्ग/कार्बोनेडो) का उपयोग कांच काटने और चट्टानों में छेद करने के लिए किया जाता है।
  • इकाई: हीरे का भार ‘कैरेट’ (Carat) में मापा जाता है (1 कैरेट = 200 मिलीग्राम)।
  • काले हीरे का नाम: इसे ‘कार्बोनेडो‘ (Carbonado) भी कहा जाता है।
  • हीरा मुख्य रूप से ‘किम्बरलाइट’ नामक आग्नेय चट्टानों में पाया जाता है।
  • प्रसिद्ध हीरा: ‘कोहिनूर’ हीरा गोलकुंडा (आंध्र प्रदेश) की खान से प्राप्त हुआ था।
  • प्रमुख उत्पादक:
    • विश्व में रूस (परिमाण में) और अफ्रीका प्रमुख हैं;
    • भारत में मध्य प्रदेश का पन्ना (Panna) क्षेत्र प्रसिद्ध है।

ग्रेफाइट | Graphite

  • अपररूप (Allotrope): यह कार्बन का एक शुद्ध क्रिस्टलीय अपररूप है।
  • संरचना: इसकी परतदार (Layered) और षट्कोणीय (Hexagonal) जालीदार संरचना होती है।
  • संकरण (Hybridization): इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित अवस्था में होते हैं।
  • बंधन: परतों के बीच कमजोर वांडर वाल्स बल (Van der Waals forces) कार्य करता है।
  • चालकता: यह विद्युत और ऊष्मा का सुचालक (Good Conductor) है (मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण)।
  • उपयोग
    • लुब्रिकेंट: उच्च तापमान वाली मशीनों में ‘शुष्क स्नेहक’ (Dry Lubricant) के रूप में उपयोग।
    • पेंसिल: इसे ‘काला सीसा‘ (Black Lead) या ‘प्लम्बागो‘ (Plumbago) भी कहा जाता है; पेंसिल की लीड बनाने में प्रयुक्त।
    • इलेक्ट्रोड: शुष्क सेल (Dry Cells) और इलेक्ट्रिक आर्क भट्टियों में इलेक्ट्रोड बनाने में।
    • परमाणु रिएक्टर: न्यूट्रॉन की गति को धीमा करने के लिए मंदक (Moderator) के रूप में।
    • ग्रेफीन: ग्रेफाइट की एक एकल परत को ‘ग्रेफीन’ कहा जाता है, जो अत्यंत मजबूत और सुचालक है।
  • घनत्व: इसका घनत्व हीरे (Diamond) से कम होता है।
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