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‘अभिशप्त’ कहानी के कहानीकार कौन हैं?
- प्रेमचंद
- फणीश्वर नाथ ‘रेणु’
- यशपाल
- जैनेन्द्र कुमार
Explanation:
- ‘अभिशप्त’ के कहानीकार यशपाल हैं।
- यशपाल हिंदी के प्रमुख प्रगतिवादी और मार्क्सवादी चेतना से जुड़े कथाकार हैं।
‘अभिशप्त’ कहानी का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?
- 1939 ई.
- 1943 ई.
- 1946 ई.
- 1950 ई.
Explanation:
- ‘अभिशप्त’ का प्रकाशन 1943 ई. से संबंधित है।
- यह कहानी यशपाल की प्रगतिवादी विचारधारा को अभिव्यक्त करती है।
‘अभिशप्त’ कहानी की मूल संवेदना क्या है?
- प्रकृति-सौंदर्य
- रोमांटिक प्रेम
- सामाजिक-आर्थिक विषमता
- ऐतिहासिक गौरव
Explanation:
- कहानी में गरीब और शोषित वर्ग की आर्थिक तथा सामाजिक स्थिति को केंद्र में रखा गया है।
- यशपाल सामाजिक विषमता और शोषण के कारण उत्पन्न पीड़ा को उजागर करते हैं।
‘अभिशप्त’ कहानी का केंद्रीय पात्र कौन है?
- साहूकार
- जमींदार
- रघुआ
- धर्मगुरु
Explanation:
- रघुआ कहानी का केंद्रीय और शोषित पात्र है।
- वह अत्यंत निर्धन और असहाय वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है।
रघुआ किस सामाजिक वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है?
- धनी पूंजीपति वर्ग
- उच्च प्रशासनिक वर्ग
- गरीब और शोषित वर्ग
- सामंती वर्ग
Explanation:
- रघुआ समाज के सबसे निचले और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का प्रतिनिधि है।
- उसका जीवन आर्थिक विषमता और सामाजिक शोषण की वास्तविकता को सामने लाता है।
रघुआ के चरित्र की प्रमुख विशेषता क्या है?
- आलस्य
- कुटिलता
- ईमानदारी और मेहनत
- धन-संग्रह की प्रवृत्ति
Explanation:
- रघुआ ईमानदार और मेहनती व्यक्ति है।
- इसके बावजूद सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां उसे गरीबी से बाहर नहीं निकलने देतीं।
यशपाल की ‘अभिशप्त’ कहानी किस विचारधारा से प्रभावित है?
- छायावादी विचारधारा
- रहस्यवादी विचारधारा
- मार्क्सवादी/प्रगतिवादी विचारधारा
- आध्यात्मिक विचारधारा
Explanation:
- यशपाल प्रगतिवादी कहानी आंदोलन के प्रमुख प्रतिनिधि कथाकार हैं।
- उनकी रचनाओं में वर्ग-संघर्ष, आर्थिक विषमता और सामाजिक न्याय जैसे विषय प्रमुखता से आते हैं।
‘अभिशप्त’ कहानी में गरीबी को किस रूप में देखने का विरोध किया गया है?
- सामाजिक समस्या के रूप में
- आर्थिक समस्या के रूप में
- भाग्य का परिणाम मानने के रूप में
- व्यवस्था की समस्या के रूप में
Explanation:
- कहानी का केंद्रीय विचार भाग्यवाद पर प्रश्न उठाता है।
- गरीबी को किसी दैवीय श्राप के बजाय सामाजिक-आर्थिक विषमता से जोड़कर देखा गया है।
‘अभिशप्त’ कहानी में किस सामाजिक समस्या पर व्यंग्य किया गया है?
- वैज्ञानिक प्रगति
- शिक्षा का प्रसार
- सामाजिक विषमता
- राष्ट्रीय आंदोलन
Explanation:
- कहानी गरीब की दुर्दशा को भाग्य का परिणाम बताने वाली मानसिकता पर व्यंग्य करती है।
- साथ ही वर्ग-विभाजित समाज और आर्थिक शोषण की आलोचना करती है।
यशपाल के प्रमुख कहानी-संग्रहों में से कौन-सा है?
- गुनाहों का देवता
- आषाढ़ का एक दिन
- पिंजड़े की उड़ान
- आधे-अधूरे
Explanation:
- ‘पिंजड़े की उड़ान’ यशपाल का प्रमुख कहानी-संग्रह है।
- यशपाल के अन्य कहानी-संग्रहों में ‘ज्ञानदान’, ‘तर्क का तूफान’, ‘भस्मावृत चिंगारी’ आदि शामिल हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा यशपाल का कहानी-संग्रह है?
- राग दरबारी
- मैला आँचल
- तर्क का तूफान
- गबन
Explanation:
- ‘तर्क का तूफान’ यशपाल का कहानी-संग्रह है।
- यशपाल की कहानियों में सामाजिक यथार्थ और प्रगतिवादी चेतना का प्रभाव मिलता है।
‘अभिशप्त’ कहानी का दुखांत निष्कर्ष किस बात को उजागर करता है?
- गरीब व्यक्ति की आर्थिक सफलता
- साहूकारों के सुधार
- शोषण-चक्र से बाहर निकलने में गरीब की कठिनाई
- सामाजिक समानता की स्थापना
Explanation:
- रघुआ लगातार संघर्ष करने के बावजूद गरीबी और शोषण के चक्र से मुक्त नहीं हो पाता।
- उसकी दुखद स्थिति सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था की कठोरता को उजागर करती है।
‘अभिशप्त’ कहानी का केंद्रीय संदेश क्या है?
- गरीबी केवल भाग्य का परिणाम है
- धन ही जीवन का उद्देश्य है
- गरीबी और शोषण सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था से जुड़े प्रश्न हैं, केवल भाग्य का परिणाम नहीं
- गरीब व्यक्ति को परिस्थितियों को स्वीकार कर लेना चाहिए
Explanation:
- यशपाल कहानी के माध्यम से भाग्यवाद की धारणा पर प्रश्न उठाते हैं।
- कहानी सामाजिक-आर्थिक विषमता, वर्ग-संघर्ष और शोषण की ओर ध्यान आकर्षित करती है।
- इसका मूल संदेश सामाजिक न्याय और शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध चेतना से जुड़ा है।
