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‘आधे-अधूरे’ नाटक के रचनाकार कौन हैं?
- धर्मवीर भारती
- जयशंकर प्रसाद
- मोहन राकेश
- लक्ष्मीनारायण लाल
Explanation:
- ‘आधे-अधूरे’ के रचनाकार मोहन राकेश हैं।
- यह आधुनिक हिंदी रंगमंच का प्रसिद्ध नाटक है।
‘आधे-अधूरे’ का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?
- 1965 ई.
- 1967 ई.
- 1969 ई.
- 1972 ई.
Explanation:
- ‘आधे-अधूरे’ का प्रकाशन 1969 ई. में हुआ।
- नाटक में समकालीन मध्यमवर्गीय परिवार के जीवन-संघर्ष को केंद्र में रखा गया है।
‘आधे-अधूरे’ किस विधा की रचना है?
- उपन्यास
- कहानी
- नाटक
- निबंध
Explanation:
- ‘आधे-अधूरे’ एक नाटक है।
- इसमें मध्यमवर्गीय पारिवारिक जीवन की समस्याओं और संबंधों के तनाव का चित्रण किया गया है।
‘आधे-अधूरे’ का मूल विषय क्या है?
- ऐतिहासिक युद्ध
- ग्रामीण जीवन
- मध्यमवर्गीय परिवार का बिखराव और ‘पूर्णता’ की तलाश
- पौराणिक कथा
Explanation:
- नाटक में समकालीन मध्यमवर्गीय परिवार के टूटते संबंधों और मानसिक घुटन को दिखाया गया है।
- ‘पूर्णता’ की तलाश नाटक का एक महत्वपूर्ण केंद्रीय प्रश्न है।
‘आधे-अधूरे’ में किस वर्ग के जीवन का चित्रण प्रमुखता से किया गया है?
- ग्रामीण किसान वर्ग
- उच्च राजघराना
- मध्यमवर्गीय परिवार
- औद्योगिक मजदूर वर्ग
Explanation:
- नाटक की कथा एक समकालीन मध्यमवर्गीय परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है।
- आर्थिक-सामाजिक तनाव और पारिवारिक असंतोष इसके प्रमुख पक्ष हैं।
‘आधे-अधूरे’ की केंद्रीय स्त्री पात्र कौन है?
- बिन्नी
- किन्नी
- सावित्री
- मनोज
Explanation:
- सावित्री नाटक की केंद्रीय स्त्री पात्र है।
- वह कामकाजी महिला है और अपने जीवन में ‘पूर्ण पुरुष’ की तलाश करती रहती है।
सावित्री का पति कौन है?
- जगमोहन
- जूनेजा
- महेंद्रनाथ
- सिंहानिया
Explanation:
- महेंद्रनाथ सावित्री का पति है।
- उसे असफल और अकर्मण्य पुरुष के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसने अपनी पहचान और आत्मविश्वास खो दिया है।
महेंद्रनाथ के चरित्र की प्रमुख विशेषता क्या है?
- अत्यंत सफल और प्रभावशाली होना
- वीर और साहसी होना
- असफल और अकर्मण्य होना
- राजनीतिक रूप से सक्रिय होना
Explanation:
- महेंद्रनाथ आर्थिक और व्यक्तिगत स्तर पर असफल व्यक्ति के रूप में सामने आता है।
- उसके चरित्र में आत्मविश्वास की कमी और अपनी पहचान खो देने की स्थिति दिखाई देती है।
सावित्री किस प्रकार की महिला है?
- गृहस्थ जीवन से पूर्णतः संतुष्ट महिला
- राजनीतिक कार्यकर्ता
- कामकाजी महिला
- ग्रामीण किसान महिला
Explanation:
- सावित्री एक कामकाजी महिला है।
- वह अपने पारिवारिक जीवन से संतुष्ट नहीं है और अपने जीवन में पूर्णता की तलाश करती है।
‘आधे-अधूरे’ में काले कपड़ों वाला पुरुष किस रूप में प्रस्तुत होता है?
- सिर्फ सावित्री का बॉस
- केवल महेंद्रनाथ का मित्र
- सूत्रधार के रूप में
- सावित्री का भाई
Explanation:
- काले कपड़ों वाला पुरुष नाटक के आरंभ में आता है और अंत में भी वही चरित्र प्रस्तुत होता है।
- वह नाटक की संरचना में सूत्रधार जैसी भूमिका निभाता है।
‘आधे-अधूरे’ में सिंहानिया कौन है?
- महेंद्रनाथ का मित्र
- बिन्नी का पति
- सावित्री का बॉस
- अशोक का शिक्षक
Explanation:
- सिंहानिया सावित्री का बॉस है।
- वह नाटक के उन पुरुष पात्रों में से एक है जिनकी भूमिका एक ही अभिनेता निभाता है।
‘आधे-अधूरे’ में जगमोहन का सावित्री से क्या संबंध है?
- भाई
- पुत्र
- पुराना प्रेमी/मित्र
- बॉस
Explanation:
- जगमोहन सावित्री का पुराना प्रेमी/मित्र है।
- उसका पात्र सावित्री के जीवन में ‘पूर्णता’ की तलाश को समझने में महत्वपूर्ण है।
जूनेजा का महेंद्रनाथ से क्या संबंध है?
- भाई
- पिता
- दोस्त और साझेदार
- बॉस
Explanation:
- जूनेजा महेंद्रनाथ का दोस्त और साझेदार है।
- वह भी उन पुरुष पात्रों में शामिल है जिनकी भूमिका एक ही अभिनेता द्वारा निभाई जाती है।
‘आधे-अधूरे’ में महेंद्रनाथ, सिंहानिया, जगमोहन और जूनेजा की भूमिका किस विशेषता से जुड़ी है?
- चारों पात्र महिलाएँ हैं
- चारों पात्र एक ही परिवार के सदस्य हैं
- चारों की भूमिका एक ही अभिनेता निभाता है
- चारों पात्र मंच पर एक साथ उपस्थित रहते हैं
Explanation:
- महेंद्रनाथ, सिंहानिया, जगमोहन और जूनेजा की भूमिकाएँ एक ही अभिनेता निभाता है।
- यह नाटकीय तकनीक सावित्री के जीवन में पुरुषों की समानता और उसकी अधूरी ‘पूर्णता’ की तलाश को प्रतीकात्मक रूप से सामने लाती है।
बिन्नी ‘आधे-अधूरे’ में सावित्री की कौन है?
- बहन
- छोटी बेटी
- बड़ी बेटी
- मित्र
Explanation:
- बिन्नी सावित्री की बड़ी बेटी है।
- वह मनोज से प्रेम विवाह करती है, लेकिन अपने माता-पिता के घर के तनावपूर्ण वातावरण का प्रभाव उसके वैवाहिक जीवन में भी दिखाई देता है।
बिन्नी का विवाह किससे होता है?
- अशोक
- जूनेजा
- मनोज
- जगमोहन
Explanation:
- बिन्नी मनोज से प्रेम विवाह करती है।
- बाद में उसके वैवाहिक जीवन में भी घुटन और असंतोष दिखाई देता है।
किन्नी का सावित्री से क्या संबंध है?
- बड़ी बेटी
- छोटी बेटी
- बहन
- भतीजी
Explanation:
- किन्नी सावित्री की छोटी बेटी है।
- घर के अशांत वातावरण के कारण उसके स्वभाव में विद्रोह और जिद दिखाई देती है।
अशोक ‘आधे-अधूरे’ में कौन है?
- सावित्री का बॉस
- महेंद्रनाथ का दोस्त
- बड़ा बेटा
- बिन्नी का पति
Explanation:
- अशोक सावित्री और महेंद्रनाथ का बड़ा बेटा है।
- वह बेरोजगार युवक है और ताश के पत्ते काटकर तथा पत्रिकाओं से तस्वीरें काटकर समय बिताता है।
‘आधे-अधूरे’ में मनोज का पात्र किस प्रकार का है?
- मुख्य पुरुष पात्र
- सूत्रधार
- बिन्नी का पति और अदृश्य पात्र
- सावित्री का बॉस
Explanation:
- मनोज बिन्नी का पति है।
- वह नाटक में अदृश्य पात्र के रूप में उपस्थित है।
‘आधे-अधूरे’ में एक ही अभिनेता द्वारा चार पुरुष पात्रों की भूमिका निभाने का प्रमुख प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
- चार अलग-अलग परिवारों का चित्रण
- चार राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व
- सावित्री की दृष्टि में पुरुषों के अधूरेपन और समानता को दर्शाना
- नाटक को हास्यपूर्ण बनाना
Explanation:
- महेंद्रनाथ, सिंहानिया, जगमोहन और जूनेजा की भूमिका एक ही अभिनेता निभाता है।
- यह नाटकीय तकनीक सावित्री की ‘पूर्ण पुरुष’ की तलाश और बार-बार मिलने वाले अधूरे पुरुषों की स्थिति को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त करती है।
- इसी कारण नाटक का शीर्षक ‘आधे-अधूरे’ भी अपने व्यापक अर्थ को प्राप्त करता है।
