कच्चा तेल | Crude Oil | Refinery | रिफाइनरी
- भारत सबसे ज्यादा कच्चा तेल (Crude Oil) रूस (Russia) से खरीदता है। रूस-यूक्रेन विवाद के बाद, रूस ने भारत को भारी छूट (Discounts) पर कच्चा तेल देना शुरू किया, जिससे भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल का आयात तेजी से बढ़ा दिया।
- भारत को तेल सप्लाई करने वाले मुख्य देशों की सूची दी गई है:
- रूस (Russia) – वर्तमान में सबसे बड़ा सप्लायर (कुल आयात का लगभग 35-40%)
- इराक (Iraq) – दूसरे स्थान पर
- सऊदी अरब (Saudi Arabia) – तीसरे स्थान पर
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- अमेरिका (USA)
- भारत आयात किए गए कच्चे तेल (Crude Oil) को तुरंत रिफाइनरियों में भेजने के अलावा, भविष्य के किसी संकट या आपातकालीन स्थिति (जैसे युद्ध या प्राकृतिक आपदा) से निपटने के लिए विशेष रूप से बनाए गए भूमिगत (Underground) स्टोरेज में रखता है।
- इन्हें स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserves – SPR) कहा जाता है।
- तीन बड़े शहरों में कच्चे तेल को स्टोर करने के लिए विशाल भूमिगत गुफाएं (Underground Rock Caverns) बनाई गई हैं, जिन्हें ISPRL (Indian Strategic Petroleum Reserves Limited) संभालती है:
- वर्तमान में भारत के पास लगभग 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT – लगभग 1.18 अरब लीटर ) कच्चा तेल स्टोर करने की क्षमता है, जो देश की लगभग 9.5 दिनों की तेल आवश्यकता को पूरा कर सकती है:
- विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश): क्षमता – 1.33 MMT
- मंगलोर (कर्नाटक): क्षमता – 1.50 MMT
- पादुर (उडुपी, कर्नाटक): क्षमता – 2.50 MMT
- भारत अपनी स्टोरेज क्षमता को बढ़ाने के लिए दो और जगहों पर नए रिजर्व बना रहा है, जिससे देश की सुरक्षा क्षमता और मजबूत होगी (लगभग 6.5 MMT अतिरिक्त क्षमता):
- चंडीखोल (ओडिशा)
- पादुर (कर्नाटक – विस्तार)
- वर्तमान में भारत के पास लगभग 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT – लगभग 1.18 अरब लीटर ) कच्चा तेल स्टोर करने की क्षमता है, जो देश की लगभग 9.5 दिनों की तेल आवश्यकता को पूरा कर सकती है:
- भूमिगत चट्टानी गुफाएं (Underground Rock Caverns): यह तेल जमीन के ऊपर सामान्य टैंकों में नहीं, बल्कि जमीन से बहुत नीचे, पहाड़ों या ठोस चट्टानों को काटकर बनाई गई विशाल गुफाओं में रखा जाता है।
- सुरक्षा: ये गुफाएं पूरी तरह से सील और ब्लास्ट-प्रूफ होती हैं। जमीन के नीचे होने के कारण इन पर हवाई हमले या आग लगने का खतरा नहीं होता और यह तेल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सबसे सस्ता और सुरक्षित तरीका है।
- इसके अलावा, भारत का बाकी तेल देश की विभिन्न ऑयल रिफाइनरियों के अपने बड़े-बड़े स्टोरेज टैंकों और पाइपलाइनों में रहता है, जो लगभग 64 दिनों की खपत के बराबर होता है।
- भारत में वर्तमान में कुल 23 कार्यात्मक (Operational) ऑयल रिफाइनरियां हैं, जिनकी कुल वार्षिक क्षमता (Refining Capacity) लगभग 258 MMTPA (Million Metric Tonnes Per Annum) है।
- Private
- जामनगर रिफाइनरी (RIL – SEZ): गुजरात | क्षमता: 35.2 MMTPA (दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स)
- जामनगर रिफाइनरी (RIL – DTA): गुजरात | क्षमता: 33.0 MMTPA
- वाडीनार रिफाइनरी (Nayara Energy): गुजरात | क्षमता: 20.0 MMTPA
- PSU – सरकारी
- कोच्चि रिफाइनरी (BPCL): केरल | क्षमता: 15.5 MMTPA
- पानीपत रिफाइनरी (IOCL): हरियाणा | क्षमता: 15.0 MMTPA
- पारादीप रिफाइनरी (IOCL): ओडिशा | क्षमता: 15.0 MMTPA
- मंगलूर रिफाइनरी (MRPL/ONGC): कर्नाटक | क्षमता: 15.0 MMTPA
- कोयली (गुजरात) रिफाइनरी (IOCL): गुजरात | क्षमता: 13.7 MMTPA
- विशाखापट्टनम रिफाइनरी (HPCL): आंध्र प्रदेश | क्षमता: 15.0 MMTPA (हाल ही में अपग्रेड हुई)
- तातीपाका रिफाइनरी (ONGC): आंध्र प्रदेश | क्षमता: 0.066 MMTPA
- मुंबई रिफाइनरी (BPCL): महाराष्ट्र | क्षमता: 12.0 MMTPA
- मुंबई रिफाइनरी (HPCL): महाराष्ट्र | क्षमता: 9.5 MMTPA
- मनाली रिफाइनरी (CPCL): तमिलनाडु | क्षमता: 10.5 MMTPA
- मथुरा रिफाइनरी (IOCL): उत्तर प्रदेश | क्षमता: 8.0 MMTPA
- हल्दिया रिफाइनरी (IOCL): पश्चिम बंगाल | क्षमता: 8.0 MMTPA
- बरौनी रिफाइनरी (IOCL): बिहार | क्षमता: 6.0 MMTPA
- नुमालीगढ़ रिफाइनरी (NRL): असम | क्षमता: 3.0 MMTPA (9 MMTPA तक विस्तार जारी)
- बोंगाईगाँव रिफाइनरी (IOCL): असम | क्षमता: 2.7 MMTPA
- गुवाहाटी रिफाइनरी (IOCL): असम | क्षमता: 1.2 MMTPA
- डिगबोई रिफाइनरी (IOCL): असम | क्षमता: 0.65 MMTPA (भारत की सबसे पुरानी रिफाइनरी – 1901)
- Joint Venture
- बठिंडा रिफाइनरी (HMEL – HPCL और मित्तल एनर्जी): पंजाब | क्षमता: 11.3 MMTPA
- बीना रिफाइनरी (BPCL): मध्य प्रदेश | क्षमता: 7.8 MMTPA
- राजस्थान के बाड़मेर (Barmer) में 9 MMTPA क्षमता की एक नई ग्रीनफील्ड रिफाइनरी (HRRL – HPCL और राजस्थान सरकार का JV) चालू होने के अंतिम चरण में है, जिससे भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता और अधिक बढ़ जाएगी।
- 1 मीट्रिक टन (Metric Tonne) = 7.33 बैरल
- 1 बैरल = 158.987 लीटर
- 1 मीट्रिक टन में: 7.33×158.987≈ 1165 लीटर होते हैं।
- MMT का मतलब Million Metric Tonne (10 लाख मीट्रिक टन) होता है:
- 1 MMT=10,00,000×1165 लीटर
- 1 MMT≈1,165,000,000 लीटर (यानी 1.16 से 1.18 अरब लीटर)
Pages: 1 2
